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                <title>तेलंगाना में तेज हवा से ढहा 8 साल से बन रहा पुल</title>
                                    <description><![CDATA[ तेलंगाना में 8 साल से बन रहा पुल तेज हवा से ढह गया। पुल का निर्माण कार्य 2016 में शुरू हो गया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bridge-being-built-for-8-years-collapsed-due-to-strong/article-75763"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/trer-(5)6.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना में 8 साल से बन रहा पुल तेज हवा से ढह गया। पुल का निर्माण कार्य 2016 में शुरू हो गया था। यह पुल तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले के ओडेडु को गार्मिलपल्ली गांव से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। </p>
<p>इस पुल के निर्माण पूरा होने पर मंथनी और परकल तथा भूपालपल्ली और जम्मीकुंटा कस्बों के बीच की दूरी 50 किलोमीटर कम होने की उम्मीद थी। लेकिन 1 किमी लंबा पुल तेज हवा के कारण ही गिर गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Apr 2024 17:57:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कोटा की पहली मस्जिद है चंद्रघटा की शाही जामा मस्जिद</title>
                                    <description><![CDATA[इतिहासकार फिरोज अहमद बताते हैं जामा मस्जिद का निर्माण 18वीं शताब्दी में महाराव उम्मेद सिंह प्रथम के शासन काल में हुआ था।उस समय फौज में पठानों का बाहुल्य था और कोटा के मुख्य सेनापति दलेल खां पठान थे। ऐसे में मुस्लिम सैनिकों के इबादत के लिए तत्कालीन महाराव उम्मेद सिंह प्रथम ने चंबल किनारे मस्जिद का निर्माण करवाया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-s-first-mosque-is-shahi-jama-masjid-of-chandraghata/article-43439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/kota-ki-pehli-masjid-hai-chandraghata-ki-shaahi-jama-masjid..kota-news..21.4.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शाही जामा मस्जिद चंद्रघटा किसी परिचय की मोहताज नहीं है। चंबल किनारे बसी मस्जिद अपनी खूबसूरती के लिए जानी जाती है। अपनी कलात्मक बनावट के कारण शहर ही नहीं बल्कि पूरे जिले में अलग पहचान रखती है। मेहराब जैसे प्रवेश द्वार के आर्च पर खूबसुरत दो बुलंद मीनारें खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। इस मस्जिद को कोटा शहर की पहली जामा मस्जिद होने का गौरव भी हासिल है। इसका निर्माण 18वीं शताब्दी में रियासतकाल में हुआ था। इतिहासकार फिरोज अहमद बताते हैं जामा मस्जिद का निर्माण 18वीं शताब्दी में महाराव उम्मेद सिंह प्रथम के शासन काल में हुआ था। उनका शासनकाल सन् 1770 ई. से 1819 ई. तक था। उस समय कोटा राज्य की फौज में मुस्लिम वर्ग के लोगों की संख्या अधिक थी। फौज में पठानों का बाहुल्य था और कोटा के मुख्य सेनापति दलेल खां पठान थे। ऐसे में मुस्लिम सैनिकों के इबादत के लिए तत्कालीन महाराव उम्मेद सिंह प्रथम ने चंबल किनारे मस्जिद का निर्माण करवाया था। </p>
<p><strong>शहर की पहली मस्जिद का खिताब</strong><br />इतिहासकार अहमद बताते हैं, चंद्रघटा स्थित शाही जामा मस्जिद करीब ढाई सौ साल पुरानी है। यह कोटा शहर की पहली मस्जिद है। इसकी सबसे बड़ी खूबी चंबल किनारे बसा होना है। मस्जिद के ठीक सामने कोटा बैराज है। यहां चंबल की लहरे मस्जिद की खूबसूरती बयां करती है। 18वीं शताब्दी से शहर में और भी मस्जिदों के निर्माण हुए हैं। </p>
<p><strong>17वीं शताब्दी में बनी थी कोटा ईदगाह</strong><br />कोटा की ईदगाह मध्यकालीन है। 17वीं शताब्दी में निर्मित हुई थी। उस समय राव माधोसिंह कोटा राज्य के प्रथम शासक थे। उनका शासनकाल सन् 1631 से 1649 ई. तक रहा। इसी दरमियान ही कोटा की पहली ईदगाह बनी थी। </p>
<p><strong>ये मस्जिदें भी रियासतकालीन</strong><br />इतिहासकार फिरोज के मुताबिक, महाराव उम्मेद सिंह प्रथम के मुख्य सेनापति दलेल खां पठान ने मौखापाड़ा स्थित अपनी हवेली में भी मस्जिद का निर्माण करवाया था, जो आज भी मौजूद है। वर्तमान में यह शाही मस्जिद के नाम से जानी जाती है। मस्जिद के दर काफी बड़े-बड़े आकार के हैं। दलेल खां की पत्नी बाबी जौहरा ने भी चंद्रघटा में मस्जिद का निर्माण करवाया था जो वर्तमान में बीबी जौहरा की मस्जिद के नाम से जानी जाती है। वहीं, पाटनपोल के चंद्रघटा वार्ड में निचला पाड़ा क्षेत्र में सिपाहियों की मस्जिद है, जो 19वीं शताब्दी की है। इसके अलावा चंद्रघटा में कई रिसायतकालीन मस्जिदें हैं। इनमें भिश्तियों की मस्जिद, कसाइयों की मस्जिद, गुले-गुलजार मस्जिद है। इस मस्जिद का निर्माण सूफी संत हजरत दूल्हे शाह ने करवाया था। इसके अलावा 19वीं शताब्दी में महाराव रामसिंह द्वितीय के शासन काल सन् 1827 से 1865 ई. तक कई मस्जिदों के निर्माण हुए। </p>
<p><strong>जामा मस्जिद की खासियत</strong><br />स्थानीय निवासी अब्दुल अजिज व असद भाई बताते हैं, चंद्रघटा की शाही मस्जिद चंबल नदी के किनारे बनी है। सामने कोटा बैराज का विहंगम नजारा देखने को मिलता है। वहीं, चंबल हैंगिंग ब्रिज भी नजर आता है। मस्जिद का धार्मिक व रूहानी महत्व भी है। वर्तमान में यह मस्जिद दो मंजिला है। जिसमें करीब 4 से 5 हजार नमाजी एक साथ नमाज अदा कर सकते हैं। यहां रमजान का चांद दिखने के साथ ही एतकाफ शुरू हो जाता है, जो पूरे एक महीने तक जारी रहता है। यहां रोजे, नमाज के तरीके और शरीअत व सुन्नतों के आधार पर जीवन जीने की तालिम दी जाती है। मस्जिद के सामने चंबल होने से नमाजियों को सूकुन मिलता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Apr 2023 14:33:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आजादी के बाद भी सीसी सड़क न होने से ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा</title>
                                    <description><![CDATA[पंचायत जनप्रतिनिधियों से जब भी उक्त कार्य संबंधी चर्चा की जाती है तो एक ही बात कही जाती है कि प्रस्ताव लिया हुआ है लेकिन अब तक भी प्रस्ताव पर अमल नहीं हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/even-after-independence--due-to-lack-of-cc-road--the-villagers-have-to-bear-the-brunt/article-33732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/aazadi-k-baad-bhi-cc-sadak-na-hone-se-gramino-ko-bhugatna-par-raha-khamiyaja...dablana-news..bundi..30.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p> दबलाना। कस्बे में पंचायत की अनदेखी से चारभुजा मंदिर से बाल्मीकि बस्ती तक आजादी के बाद अब  तक भी सीसी सड़क निर्माण नहीं हुआ। ऐसे में ग्रामीणों को आवाजाही में मुश्किल हो रही है। क्षतिग्रस्त नालियां भी टूटी फूटी होने गंदगी फैली रहती है। पूर्व पंच सीताबाई राठौर व जगदीश राठौर ने बताया कि राज्य सरकार के 3 नवंबर 21 को प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत आयोजित शिविर में जिला प्रमुख चंद्रावती कंवर की मौजूदगी में शिविर प्रभारी से उक्त  स्थान पर सीसी सड़क व क्षतिग्रस्त नाली की पुनर्निर्माण की समस्या से लिखित में अवगत कराया गया था। तत्कालीन तहसीलदार ने मौके पर ही ग्राम विकास अधिकारी को बुलाकर ऐसे कार्यों को प्राथमिकता से करने की बात कही थी। 1 वर्ष 3 माह गुजरने के बाद भी शिविर में बताई गई समस्या का समाधान नहीं हुआ। 11 नवंबर 21 को भवानीपुरा पंचायत मुख्यालय पर आयोजित शिविर में शिविर प्रभारी व जिला प्रमुख की मौजूदगी में तत्कालीन विकास अधिकारी को बताने  पर उन्होंने कहा कि मामला प्रोसीडिंग में चल रहा है जबकि 3 वर्ष पहले बाल्मीकि बस्ती के समीप सीसी सड़क निर्माण के लिए गिट्टी फैलाई गई थी उसे आधे घंटे बाद ही वापस उठा लिया गया । चारभुजा मंदिर के समीप भी 3 वर्ष पहले तीन बार सीसी सड़क निर्माण के लिए खुदाई शुरू हुई और हाथों हाथ बंद हो गई।</p>
<p> इसी स्थान के निवासी हेमराज राठौर और नंदकिशोर राठौर ने बताया कि जब भी मौका आया। तब ही अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से सीसी सड़क निर्माण कार्य की मांग की जा रही है। शिविर में समस्या बताई जाने के बाद भी पंचायत की अनदेखी से सीसी  सड़क निर्माण कार्य की बात तो दूर है लेकिन क्षतिग्रस्त नालियों का पुनर्निर्माण भी नहीं हुआ। यह जगह प्रमुख मार्ग में शामिल होने से चौमुखा बाजार से जुड़ी हुई है। इस स्थान के चारों ओर सीसी सड़क बनी हुई है हालांकि कई जगह वह क्षतिग्रस्त हो रही है  तो कई जगह  नालियां भी टूटी फूटी है। पंचायत जनप्रतिनिधियों से जब भी उक्त कार्य संबंधी चर्चा की जाती है तो एक ही बात कही जाती है कि प्रस्ताव लिया हुआ है लेकिन अब तक भी प्रस्ताव पर अमल नहीं हुआ।</p>
<p> मौजूदा वार्ड पंच नसीम बानो ने कहा कि उक्त कार्य के लिए वार्ड सभा, ग्राम सभा, पंचायत कोरम  की बैठक में प्रस्ताव लिखवाने के साथ ही मौखिक रूप से भी कई बार सरपंच,ग्राम विकास अधिकारी से संबंधित कार्य को करने के लिए कहा गया है।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />सीसी सड़क निर्माण और क्षतिग्रस्त नाली के पुनर्निर्माण कार्य को भी करवाएंगे। <br /><strong>- हरिओम शर्मा, ग्राम विकास अधिकारी, दबलाना ग्राम पंचायत</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Dec 2022 15:19:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रावण के पुतले बनवाने पर सोने से महंगी पड़ेगी घड़ाई  </title>
                                    <description><![CDATA[सोने से महंगी पड़ेगी गढ़ाई। यह कहावत कोटा के दशहरा मेले में बनने वाले रावण के पुतलों पर सही साबित हो रही है। पुतले बनाने पर जहां मात्र 5.25  लाख रुपए खर्च होंगे। वहीं उन पुतलों को खड़ा करने पर ही  8.70 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/making-an-effigy-of-ravana-will-costly-to-be-built/article-21257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/ravan-k-putle..kota-news-1.9.2022-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । सोने से महंगी पड़ेगी गढ़ाई। यह कहावत कोटा के दशहरा मेले में बनने वाले रावण के पुतलों पर सही साबित हो रही है। पुतले बनाने पर जहां मात्र 5.25 लाख रुपए खर्च होंगे। वहीं उन पुतलों को खड़ा करने पर ही 8.70 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण की ओर से राष्ट्रीय दशहरा मेले का संयुक्त आयोजन किया जाएगा। दशहरा मेला तो 26 सितम्बर को दुर्गा पूजा के साथ शुरू हो जाएगा। जबकि रावण दहन दशहरे के दिन 5 अक्टूबर को होगा। दशहरे के लिए नगर निगम की ओर से हर साल रावण, कुम्भकरण व मेघनाद के पुतले बनवाए जाते हैं। कोरोना काल के दो साल में पुतलों की लम्बाई कम रखी गई थी। लेकिन इस बार दो साल बाद आयोजित हो रहे मेले में एक बार फिर से पुतलों की लम्बाई 72 से 75 फीट तक रखी जाएगी। नगर निगम द्वारा रावण, कुम्भकरण व मेघनाद के पुतले बनाने का टेंडर जारीे किया गया था। निगम ने इसके लिए 7.12 लाख की राशि निर्धारित की थी। पुतले बनाने के लिए दिल्ली व फतहपुर सीकरी के कारीगरों ने टेंडर में भाग लिया। निगम द्वारा खोली गई वित्तीय बिड में दिल्ली कीे फर्म मैसर्स अनीश की दर कम होने से नगर निगम ने उन्हें कार्यादेश जारी किया है। निगम अधिकारियों के अनुसार फतहपुर सीकरी की फर्म ने 6.50 लाख रुपए और दिल्ली की फर्म ने 5.50 लाख रुपए की दर दी थी। दिल्ली की फर्म की दर कम होने और नेगोशिएशन के बाद 5.25 लाख रुपए की राशि तय होने पर दिल्ली की फर्म को कार्यादेश जारी किया गया है। अब शीघ्र ही पुतले बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि दिल्ली के कारीगरों द्वारा दशहरा मेले में दूसरी बार रावण के पुतले बनाए जाएंगे। इससे पहले कोटा में 100 फीट से अधिक का पुतला भी दिल्ली की फर्म ने ही बनाया था। हालांकि उस समय जलने के दौरान ही पुतला ढहने से विवाद हो गया था। पुतले खड़े करने पर होंगे 8.70 लाख खर्च इधर रावण, मेघनाद व कुम्भकरण के पुतलों को खड़ा करने पर ही 8.70 लाख रुपए खर्च होंगे। निगम की ओर से तीनों पुतलों को खड़ा करने के लिए पेड़ा बनाने का टेंडर 4.40 लाख रुपए का जारी किया गया था। जिसे मैसर्स ए टू जेड फर्म द्वारा 4 लाख 44 हजार 900 रुपए में किया जाएगा। वहीं तीनों पुतलों को खड़ा करने के लिए लोहे की सीढ़ियां बनाने का टेंडर 5.10 लाख रुपए का जारी किया था। जिसे 14.89 फीसदी कम दर पर दिया गया है। इस तरह से ये दोनों काम 8.70 लाख रुपए में होंगे। जबकि पुतले बनाने का काम 5.25 लाख रुपए में होगा। नगर निगम कोटा दक्षिण के मेला प्रभारी ए.क्यू कुरैशी ने बताया कि रावण के पुतले बनाने के लिए दो फर्मो ने टेंडर डाला था। लेकिन दिल्ली की फर्म की दर कम होने से उसे कार्यादेश जारी किया है। अब एक-दो दिन में पुतले बनाने का काम शुरू हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Sep 2022 14:57:37 +0530</pubDate>
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                <title>अयोध्या की तर्ज पर चाकसू में बनेगा भव्य राम मंदिर : सोलंकी</title>
                                    <description><![CDATA[विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा कि चाकसू में भी शीघ्र ही अयोध्या की तर्ज पर राम मंदिर बनवाया जाएगा। इसके लिए 251 लोगों की कमेटी बनाकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-ram-temple-to-be-built---says-solanki/article-14214"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/4564654651.jpg" alt=""></a><br /><p>चाकसू। विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा कि चाकसू में भी शीघ्र ही अयोध्या की तर्ज पर राम मंदिर बनवाया जाएगा। इसके लिए 251 लोगों की कमेटी बनाकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए चाकसू से 1100 लोगों को अयोध्या भेजा जाएगा, जो वहां राम मंदिर की डिजाइन अध्ययन कर वैसा ही मंदिर चाकसू में बनाने में मदद करेंगे। विधायक ने क्षेत्र के विकास कार्यो पर कहा कि ये सब पालिका के पार्षदों के सहयोग से संभव हुआ है। हमने पार्टी बाजी और गुटबाजी से ऊपर उठकर चाकसू में अभूतपूर्व विकास कार्य करवाए हैं। उन्होंने क्षेत्र में निर्माणाधीन महाराणा प्रताप पार्क के बारे में भी  बताया। उन्होंने चाकसू में 201 विकास कार्यों के लिए करीब 45 करोड़ के विकास कार्य शुरू कराने की जानकारी भी दी। विधायक ने प्रदेश सरकार की कैबिनेट में एक भी एससी मंत्री नहीं होने के मामले पर कहा कि यह मुद्दा भी हमने चाकसू में हुए एक कार्यक्रम में उठाया था।</p>
<p> अब एससी विधायक को कैबिनेट में मौका दिया गया है। सोलंकी ने कहा कि मैं भाजपा वालों के कार्य भी कर रहा हूं, क्योंकि आमजन का कार्य होना चाहिए। इससे पहले कार्यकर्ता विधायक सोलंकी को फागी मोड़ से डीजे की धुन पर नाचते गाते कार्यक्रम स्थल लेकर पहुंचे। वहीं चाकसू पालिका चेयरमैन कमलेश बैरवा और वाइस चेयरमैन सीताराम गुर्जर सहित पार्षदों ने विधायक सोलंकी, विशिष्ट अतिथि पूर्व पालिका अध्यक्ष हमीद खोखर, राजेन्द्र गुर्जर, जयकिशन नारोलिया, जिप सदस्य जयनारायण अमावता, पूर्व जिप सदस्य मदन चौधरी, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष शहजाद नागौरी, एसडीएम अशोक कुमार, तहसीलदार अजीत बुंदेला, रमेश राडोली और भरत रलावता के स्वागत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।</p>
<p><strong>विकास कार्यो का हुआ लोकार्पण</strong><br />पालिका चेयरमैन कमलेश बैरवा ने कहा कि विधायक की इच्छा शक्ति के कारण ही चाकसू में 101 विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ है, जो एक रिकॉर्ड है। विधायक ने विकास से चाकसू क्षेत्र का नक्शा ही बदल दिया है। क्षेत्र के सभी 35 वार्डों में दो-दो हैंडपंप लगाने की मांग की, जिसे विधायक ने कराने की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन रणजीत सैनी ने किया।</p>
<p><strong>ये रहे मौजूद</strong><br />कार्यक्रम में एमडी सोलंकी, चाकसू मंडी के पूर्व उपाध्यक्ष अवध शर्मा, युवक कांग्रेस सचिव लालाराम धाकड़, पार्षद विक्रम सांवरिया, तौसिफ अहमद, ब्लॉक उपाध्यक्ष जगदीश मूंडिया, सुरेश कोटखावदा, पूर्व पार्षद धन्नालाल वाल्मीकि, पूर्व पालिका उपाध्यक्ष त्रिवेणी श्याम शर्मा व सीताराम मंडावरिया सहित पालिका के अन्य पार्षद, कांग्रेस पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 10:09:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नालों में मकान बने, पानी बहाव में हुआ अवरोध</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के विकास व विस्तार के साथ ही जहां दूरदराज तक बस्तियां व कॉलोनियां बन गई हैं। वहीं दूसरी तरफ कई लोग नालों तक में मकान बनाकर रहने लगे हैं। जिससे वहां पानी के बहाव में अवरोध होने लगा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/houses-built-in-drains--obstruction-in-water-flow/article-13106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/naaloo-mei-makan-bane-pani-bahav-mei-avrodh.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के विकास व विस्तार के साथ ही जहां दूरदराज तक बस्तियां व कॉलोनियां बन गई हैं। वहीं दूसरी तरफ कई लोग नालों तक में मकान बनाकर रहने लगे हैं। जिससे वहां पानी के बहाव में अवरोध होने लगा है। मानसून सत्र शुरु होने वाला है। ऐसे में चार महीने तक होने वाली बरसात में उन नालों में पानी भरने से वहां रहने वालों को समस्या का सामना करना पड़ेगा। शहर में रहने के लिए लोगों ने एक ओर जहां कृषि भूमियों तक पर भूखंड काटकर मकान बना लिए है। वहीं दूसरी तरफ लोगों को जहां जगह मिल रही है। वहीं मकान बनाकर रहने लग रहे हैं। शहर में कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां हर साल बरसात में पानी भरता है। उसके बावजूद भी लोग वहां सस्ते के लालच में जगह लेकर मकान बनाकर रहने लगे हैं। <br /><br /><strong>बढ़ती जा रही नाले में मकानों की संख्या</strong><br />झालावाड़ रोड पर अनंतपुरा तालाब हो या पुराने थाने के पीछे का नाला। गोबरिया बावड़ी क्षेत्र का नाला हो या नदी पार नांता क्षेत्र का। हर जगह पर नालों में जहां बस्तियों के और बरसात में बरसाती पानी के निकास की जगह बनी हुई थी। वहां लोग मकान बनाकर रहने लगे हैं। ये मकान भी एक दो साल में नहीं वरन् पिछले कई सालों से बन रहे हैं। एक दूसरे को देखकर उनकी संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। डूब क्षेत्र में होने से वहां हर साल आस-पास के क्षेत्रों का पानी बहकर आता है। जिससे वहां रहने वालों के मकान भी बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। उसके बाद भी लोग वहां से जाने को तैयार नहीं हैं। पिछले कई सालों से बरसात के समय में अनंतपुरा हो या देवली अरब रोड की कॉलोनियां वहां पानी भरने पर नावें चलाई जा रही हैं। जिससे रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाने की मशक्कत करनी पड़ रही है। बरसात खत्म होते ही फिर से लोग वहां जा बसे। इस बार कुछ ही दिन में फिर से बरसात आने वाली है। तेज बरसात होने से इस साल एक बार फिर से पुरानी स्थिति होने की संभावना है। <br /><br /><strong>हर साल नए मकान बन रहे</strong><br />नगर निगम के गोताखोर विष्णु श्रृंगी ने बताया कि शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां हर साल बरसात में पानी भरता ही है। कुछ इलाकों में तो वर्ष 2006 से ही हर साल नाव चलाकर लोगों को रेस्क्यू किया जाता है। जब भी टीम रेस्क्यू के लिए जाती है। उस समय वहां उन्हें नए मकान बनते हुए ही नजर आते हैं। लोगों को उन जगह पर मकान नहीं बनाने के लिए समझाइश भी की जाती है। लेकिन उन लोगों का कहना है कि बरसात के समय कुछ दिन परेशानी आती है। उसके बाद पूरे साल उन्हें कोई परेशानी नहीं है। सस्ती जगह मिलने से गरीबों के लिए वही उचित जगह है। <br /><br /><strong>निगम ने किए नाले साफ, पानी नहीं भरेगा</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण द्वारा बरसात से पहले सभी छोटे-बड़े बरसाती नालों की सफाई का अभियान चलाया। करीब दो माह से जेसीबी व चैन माउंटेंड मशीनों से नालों की सफाई करवाई जा रहा है। महापौर राजीव अग्रवाल का कहना है कि अधिकतर नालों की गहराई तक सफाई करवाई गई है। जिससे शहर में तो पानी भरने की समस्या नहीं होगी। फिर भी यदि कहीं परेशानी आई तो टीमें तैयार रहेंगी। लेकिन यदि कोई नालों में ही बस गया है तो वहां डूब क्षेत्र होने से पानी भरेगा है। उसका कोई समाधान नहीं है। लोगों को ही समझकर अपनी जान-माल की सुरक्षा करनी होगी। बरसात से पहले सुरक्षित स्थानों पर चले जाना चाहिए। <br /><br /><strong>बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम स्थापित</strong><br />बरसात के समय में हर साल होने वाली समस्या को देखते हुए इस बार भी जिला प्रशासन ने 15 जून से ही बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। गोताखोर से लेकर रेस्क्यू टीम तक तैतार कर दी है। लेकिन इसकी जरूरत पानी अधिक भरने पर लोगों को राहत पहुंचाने के समय पड़ेगी। जबकि उससे पहले ही इस तरह की नौबत नही आए उसके लिए प्रशासन द्वारा कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। डूब क्षेत्र में या नालों में मकान बनाकर अवरोध करने वालों को समझाइश कर पहले से ही वहां से पुनर्वास करने जैसे कोई कदम अभी तक नहीं उठाए हैं। जिससे बरसात के समय में एक बार फिर से लोगों को मकानों में  पानी भरने जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />गत दिनों जिला कलक्टर कीे अध्यक्षतरा में सभी विभागों की बैठक हुई थी। जिसमें बरसात से पहले नालों में अवरोध पैदा करने वालों को वहां से हटाने के न्यास अधिकारियों को निर्देश दिए थे। साथ ही डूब क्षेत्र के लोगों को वहां से हटाने को भी कहा था। बरसात में होने वाली समस्या से बचने के लिए लोगों को स्वयं ही उन जगहों से हटकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाना चाहिए। <br /><strong>राजपाल सिंह, आयुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jun 2022 16:07:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सांगानेरी गेट महिला अस्पताल में बनेगा 500 बैड का आईपीडी टावर</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। महिला अस्पताल सांगानेरी गेट में सुविधाएं बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुल 117 करोड़ रुपए खर्च प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अस्पताल में करीब 85.57 करोड़ रुपए लागत से 500 बैड का आईपीडी टावर और 21.43 करोड़ रुपए से 100 कमरों का नवीन पीजी हॉस्टल बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/500-bed-ipd-tower-to-be-built-in-sanganeri-gate/article-13080"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ww10.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। महिला अस्पताल सांगानेरी गेट में सुविधाएं बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुल 117 करोड़ रुपए खर्च प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अस्पताल में करीब 85.57 करोड़ रुपए लागत से 500 बैड का आईपीडी टावर और 21.43 करोड़ रुपए से 100 कमरों का नवीन पीजी हॉस्टल बनेगा। यहां करीब 10 करोड़ रुपए के उपकरण खरीदे जाएंगे। प्रस्ताव के अनुसार आईपीडी टावर में 50 बैड का आईसीयू, 6 मॉडयूलर ओटी तथा भूमिगत पार्किंग का निर्माण भी कराया जाएगा।</p>
<p>गहलोत ने अतिरिक्त बजट प्रावधान के संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की इमरजेंसी कोविड रेस्पांस पैकेज (ईसीआरपी)-2 में स्वीकृत राशि का उपयोग करने की भी मंजूरी दी है। गौरतलब है कि एसएमएस अस्पताल परिसर में करीब 588 करोड़ की लागत से 116 मीटर ऊंचा विश्वस्तरीय आईपीडी टावर व अन्य चिकित्सा सुविधाएं भी निर्माणाधीन है। इसके बनने से एक साथ 1200 बैड की सुविधा बढ़ेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jun 2022 12:58:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेकेलोन रोड पर न्यास द्वारा बनाई गई दुकानों का मामला : मकसद पूरा नहीं, दुकानों के आगे अतिक्रमण हुआ </title>
                                    <description><![CDATA[नगर विकास न्यास द्वारा जे.के. लोन रोड पर बनाई गई दुकानों के शटर अभी तक भी नहीं खुले हैं और ना ही उनके पीछे बनी पार्किंग का उपयोग हुआ है। दुकानें बनाने का मकसद तो पूरा नहीं हुआ जबकि दुकानों के आगे अतिक्रमण हो गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-issue-of-shops-built-by-the-nyas-on-jk-lone-road--the-purpose-was-not-fulfilled---encroachment-in-front-of-shops/article-12040"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/rojgar-ki-yojna-dhadaam.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर विकास न्यास द्वारा जे.के. लोन रोड पर बनाई गई दुकानों के शटर अभी तक भी नहीं खुले हैं और ना ही उनके पीछे बनी पार्किंग का उपयोग हुआ है। दुकानें बनाने का मकसद तो पूरा नहीं हुआ जबकि दुकानों के आगे अतिक्रमण हो गया है। जे.के. लोन अस्पताल के सामने कई सालों से थड़ी लगाकर रोजगार करने वालों को नगर विकास न्यास द्वारा पक्की दुकानें बनाकर देने की योजना है। उस योजना के तहत न्यास ने  वहां रोजगार करने वालों का सर्वे किया। उनकी पूरी जानकारी जुटाई।  उसके बाद अस्पताल के सामने वोकेशनल स्कूल की चार दीवारी के पास 27 दुकानों का निर्माण भी करवाया है। उन दुकानों को आवंटन के लिए न्यास कार्यालय में लॉटरी भी निकाली जा चुकी है। लेकिन उसके बाद भी अभी तक न तो वे दुकानें आवंटित की गई हैं और न ही उन्हें शुरू किया गया है। हालत यह है कि दुकानें बने एक साल से भी अधिक का समय हो गया है। उसके बाद भी अभी तक उनके शटर बंद हैं। दुकानों पर ताले लटके हुए हैं।  उन नई बनी दुकानों के आगे अतिक्रमण हो गया है। पंचर सुधारने वाले से लेकर कबाड़ी तक ने वहां अपने सामान रखकर रोगजार शुरू कर दिया है। जिससे जे.के. लोन अस्पताल रोड की दशा ही बिगड़ गई है। <br /> <br /><strong>थड़ी वाले अभी भी पुरानी स्थिति में</strong><br />जिन थड़ी वालों के लिए ये दुकानें बनाई गई थी वे अभी भी पुरानी स्थिति में ही हैं। कोई जे.के. लोन अस्पताल गेट के पास ठेले पर चाय बेच रहा है तो कोई अस्पताल के सामने। दुकानदारों का कहना है कि सर्वे में उनका नाम होने के बाद भी कई दुकानदारों के नाम काट दिए हैं। उनके स्थान पर अन्य लोगों के नाम जोड़ दिए हैं। इस मामले को लेकर विवाद चल रहा है। जिससे अभी तक वे दुकानें किसी को आवंटित नहीं हुई हैं। दुकानें बनने के बाद भी न्यास अधिकारियों का मकसद पूरा नहीं हो सका है। <br /><br /><strong>दुकानों के सामने होगा अस्पताल का मुख्य द्वार</strong><br />जे.के. लोन व एमबीएस अस्पताल में नए ओपीडी ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। उनके बनने के साथ ही जे.के. अस्पताल का नया मुख्य प्रवेश  द्वार भी बनाया जा रहा है। वह द्वार इन दुकानों के सामने होगा। जहां से दोनों अस्पतालों में वाहन आसानी से प्रवेश कर सकेंगे। साथ ही रास्ता भी सीधा हो जाएगा। जबकि वर्तमान गेट को छोटे गेट के रूप में काम में लिया जा सकेगा। साथ ही वर्तमान में जे.के. लोन अस्पताल के अंदर जो वाहन सटैंड बना हुआ है वह भी वहां से शिफ्ट हो जाएगा। न्यास द्वारा दोनों अस्पतालों की अंडरग्राउंड पार्किंग बनाई गई है।<br /><br /><strong>पार्किंग भी खाली</strong><br />दुकानों के पीछे ही इंटर लॉकिंग कर पार्किंग बनाई गई है। जहां दुकानदारों व अन्य लोगों के साथ ही सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों को पार्क किया जाएगा। लेकिन हालत यह है कि अभी तक दुकानें ही चालू नहीं होने से उस पार्किंग का भी उपयोग नहीं हो पा <br />रहा है। <br /><br /><strong>न्यास अधिकारी बोलने को तैयार नहीं</strong><br />दुकानों के बनने के बाद भी उनका आवंटन शभी तक नहीं होने के बारे में न्यास का कोई भी अधिकारी जवाब देने को तैयार नहीं है। संबंधित अधिकारियों से जानकारी चाहने पर सभी का यही कहना है कि यह बड़े स्तर का मामला है। इसमें वे कुछ नहीं कह सकते। जबकि न्यास सचिव राजेश जोशी को फोन करने उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 15:56:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मजदूरी कर अपने खर्चें से खेत में बनाई मिनी नर्सरी </title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्र के  पीपरवाला गांव के पर्यावरण प्रेमी व किसान हेमराज मीणा खेती के साथ मजदूरी कर वर्ष भर पर्यावरण और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में लगे रहते हैं। हेमराज मीणा अपने खर्चे से खेत पर मिनी नर्सरी में अलग-अलग किस्म के पौधे तैयार कर उन पौधों को सार्वजनिक स्थानों, सरकारी ,अर्धसरकारी कार्यालयों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा को हरा भरा बनाने में जुटे रहते हैं।  
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/mini-nursery-built-in-the-farm-at-your-own-expense-by-doing-wages/article-11452"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/apne-kharche-se-banai-mini-nursery-karwar.jpg" alt=""></a><br /><p>करवर। क्षेत्र के  पीपरवाला गांव के पर्यावरण प्रेमी व किसान हेमराज मीणा खेती के साथ मजदूरी कर वर्ष भर पर्यावरण और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में लगे रहते हैं। हेमराज मीणा अपने खर्चे से खेत पर मिनी नर्सरी में अलग-अलग किस्म के पौधे तैयार कर उन पौधों को सार्वजनिक स्थानों, सरकारी ,अर्धसरकारी कार्यालयों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा को हरा भरा बनाने में जुटे रहते हैं।  बरसात के दिनों में पर्यावरण प्रेमी मीणा सूचना पाकर अकेले पौधे लेकर चिन्हित जगह पहुंच जाते हैं और खुद पौधारोपण कर उन पौधों की सुरक्षा व देखरेख का इंतजाम करते हैं। उन्होंने अपने खेत पर  करीब 40 वर्षों  मे 75 प्रजातियों के  दो लाख से अधिक पौधे तैयार कर उन पौधों को नि:शुल्क जरूरतमंदों को उपलब्ध करवाएं। इसके साथ ही क्षेत्र मे करवर,आंतरदा,माणी,खजूरी, खेडी, तलवास,देई, जरखोदा,गम्भीरा ग्राम पंचायत सहित दूरदराज के ग्राम पंचायतों में नि:शुल्क पौधे उपलब्ध करवाकर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दिया। <br /><br /><strong> 40 वर्षों से सामाजिक सरोकार से जुड़े हैं मीणा</strong><br />हेमराज मीणा ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है। सिर्फ साक्षर है। उसके बावजूद भी उनका पर्यावरण से प्रेम शुरू से ही है नर्सरी मैं पौधे तैयार करने में पत्नी कमलाबाई बड़े पुत्र राजेश मीणा  भी खेती में उनका हाथ बटा कर पूरी मदद की छोटा बेटा आचार्य पिंकूराम भी अपने पिता की रूचि को देखते हुए पर्यावरण,समाज सेवा सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में पूरा सहयोग करते आ रहें है। साथ ही गांव के युवा भी मीणा के पर्यावरण प्रेम को देखते हुए हर स्तर पर उनकी मदद वह हौसला अपजाई करते हैं। <br /><br /><strong> परिवार की जिम्मेदारी भी बखूबी से निभाई मीणा ने</strong><br />उनका वन्यजीवों ,बेसहारा मवेशियों ,पक्षियों से विशेष प्रेम के साथ -साथ पर्यावरण संरक्षण मे रिश्ता शुरू से ही है, उसके बाद भी खुद साक्षर होकर अपने परिवार की जिम्मेदारियां भी बखूबी से निभाकर बड़े पुत्र राजेश मीणा ने खेती के काम में हाथ बटाया, मजला बेटा राजेंद्र मीणा रेलवे में नौकरी ,छोटा बेटा आचार्य पिंकू राम संस्कृत शिक्षक हे अपने तीनों बेटों को उनके पैरों पर खड़ा कर लायक बनाया। <br /><br /><strong>कई बार सम्मानित भी हुए</strong><br />हेमराज मीणा को अपने सामाजिक सरोकार व उत्कृष्ट कार्य के लिए 22 अप्रैल 2020 को सजग वन प्रहरी अभिनंदन पत्र से नवाजा गया इसके अलावा 15 अगस्त 1987, 15 अगस्त 2009  को बूंदी जिला कलक्टर, दो बार डीएफओ बूंदी व 5 बार उपखंड अधिकारी नैनवा ग्राम पंचायत करवर द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किये जा चुके हैं। <br /><br /><strong>पर्यावरण के साथ-साथ पक्षियों मवेशियों से भी लगाव</strong><br />किसान मीणा खेती के साथ-साथ सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य में लगे रहते हैं मौजूदा समय में भीषण गर्मी में प्यास से भटकते बेसहारा जानवरों की प्यास बुझाने के लिए करवर- पीपरवाला मुख्य सड़क के पास अपने निजी ट्यूबवेल से छोटी तलाई मैं पानी का इंतजाम कर जानवरों की प्यास बुझा रहे हैं। रोजाना ट्यूबवेल चला कर इस तलाई को भरते हैं ताकि पशु पक्षियों को आसानी से पानी उपलब्ध हो सके नीलगाय ,वन्यजीवों, जंगली जानवरों, राष्ट्रीय पक्षी मोर अन्य पक्षियों की देखभाल आवारा कुत्तों से उनकी सुरक्षा व उपचार करवा कर वन्यजीवों  व पक्षियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते हैं।<br /><br />आज जलवायु परिवर्तन बड़ा मुद्दा है। बिगड़ते जलवायु परिवर्तन और गहराते पर्यावरण संकट के दुष्परिणाम हमारे सामने आ रहें है। अत: हमें लोगों को पर्यावरण परिवर्तन के बारे में जागरूक करना होगा। पेड़-पौधें लगाने होंगे,पेड़ों की कटाई रोकने को प्रेरित करना होगा। हम सभी पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आना होगा अन्यथा आने वाला समय बहुत कष्टकारी होगा।<br /><strong>- आचार्य पिंकुराम मीणा, पर्यावरण प्रेमी।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 15:28:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>35 लाख रुपए की लागत से बनेगा स्टेडियम व पुस्तकालय</title>
                                    <description><![CDATA[निकट गांव रामसरा में देश की युवा पीढ़ी को खेलों से जोड़ने के लिए स्टेडियम व शिक्षा से जोड़ने के लिए लाईब्रेरी का नींव पत्थर सरपंच रमनदीप कौर, सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप, रोडी कपूरा ग्राम पंचायत सचिव कृष्ण गोदारा, पूर्व सचिव विमला स्वामी सहित समस्त ग्रामवासियों द्वारा रखी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/hanumangarh/stadium-and-library-to-be-built-at-a-cost-of/article-11439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ramsara.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हनुमानगढ़।</strong> निकट गांव रामसरा में देश की युवा पीढ़ी को खेलों से जोड़ने के लिए स्टेडियम व शिक्षा से जोड़ने के लिए लाईब्रेरी का नींव पत्थर सरपंच रमनदीप कौर, सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप, रोडी कपूरा ग्राम पंचायत सचिव कृष्ण गोदारा, पूर्व सचिव विमला स्वामी सहित समस्त ग्रामवासियों द्वारा रखी गई। गुरूद्वारा साहिब से पाठी बाबा प्रेम सिंह द्वारा क्षेत्र की सुख स्मृद्धि व खुशहाली की कामना को लेकर अरदास की गई, जिसके पश्चात नींव पत्थर रखा गया। सरपंच रमनदीप कौर ने बताया कि गांव की प्रतिभाओं को अभ्यास के लिए शहर जाना पड़ता था और अब गांव में उक्त स्टेडियम बनने से गांव की अनेकों प्रतिभाओं को उचित मार्गदर्शन तो मिलेगा साथ ही अनेकों प्रतिभाएं राष्ट्रीय व अर्न्तराष्ट्रीय<strong> </strong>स्तर पर अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर गांव, जिला व राज्य का नाम रोशन करेंगे। उन्होने बताया कि 2 बीघा भूमि पर चार खेल मैदान जिसमें बॉस्केट बॉल, कबडडी, खोखो, टेनिस, बालीबॉल के खेल मैदान आधुनिक सुख सुविधाओं के साथ 35 लाख रूपये की लागत से तैयार होंगे व साथ ही विद्यार्थियों के लिए आधुनिक पुस्तकालय का निर्माण भी करवाया जा रहा है जिससे कि विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए कहीं दूर न जाना पड़े। उन्होंने बताया कि खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य इस 2 बीघा भूमि पर लाखों रूपये खर्च कर इसे देश की युवा पीढ़ी के लिए तैयार किया गया है। इस मौके पर सरदार महेन्द्र सिंह लम्बडदार, वार्ड पंच धर्म सिंह, जगमोहन सिंह, मलकीत राम बाजीगर, उपसरंपच रघुवीर, हरभजन सिंह रोडीकपूरा, हरभगवान सिंह, रसपिन्द्र सिंह, गुरलाल सिंह, जोरा सिंह चन्दभान वाला, रामसिंह भुल्लर, मनीराम मंगलाव, रत्तीराम सूडा, तेज सिंह ढिल्लो, लाभ सिंह भुल्लर, हरनेक सिंह भुल्लर आदी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हनुमानगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 14:34:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटपूतली में बनेंगी सात करोड़ की नई सड़कें, निर्माण के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट में की गई घोषणा के अनुरूप कोटपूतली नगर परिषद् क्षेत्र में 6 करोड़ 99 लाख 61 हजार 900 रुपयों की लागत से नवीन सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--new-roads--worth--seven-crores--built---kotputli--financial--approval--issued--construction/article-11201"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/tt1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोटपूतली।</strong> मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट में की गई घोषणा के अनुरूप कोटपूतली नगर परिषद् क्षेत्र में 6 करोड़ 99 लाख 61 हजार 900 रुपयों की लागत से नवीन सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। ज्ञात रहे कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही के बजट में क्षेत्रीय विधायक, उच्च शिक्षा व गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह यादव के प्रयासों से कोटपूतली नगर पालिका को नगर परिषद् में क्रमोन्नत किया था। जिसके तहत कोटपूतली नगर परिषद् में 25 किमी. लम्बी नवीन सड़कों का निर्माण करवाया जा सकेगा। विभिन्न सड़कों के निर्माण हेतु नगर परिषद् सभापति पुष्पा सैनी द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर गृह राज्यमंत्री यादव ने स्वायत्त शासन विभाग को स्वीकृति जारी किए जाने की अनुशंषा की थी। जिस पर सरकार द्वारा लगभग 7 करोड़ रूपयों के सड़क निर्माण कार्यो की वित्तीय, प्रशासनिक व तकनीकी स्वीकृति जारी कर दी गई है। इसके क्षेत्रीय विधायक यादव ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल का आभार व्यक्त किया है। यादव ने कहा कि सड़कों के निर्माण से आमजन को आवागमन में सहूलियत होगी और विभिन्न क्षतिग्रस्त सड़कों पर जल भराव की समस्या से निजात मिल सकेगी।</p>
<p><strong>इन सड़कों का होगा निर्माण</strong></p>
<p>सभापति पुष्पा सैनी ने बताया कि राजमार्ग की सर्विस लेन से फौजावाली स्कूल होते हुए डम्पिंग यार्ड तक 3 किमी लम्बी सड़क के लिए 3 करोड़ 32 लाख 58 हजार, सर्विस लेन से बीएसएनएल एक्सचेंज आॅफिस होते हुए पटेलों वाले रास्ते तक 1670 मीटर सड़क के लिए 1 करोड़ 58 लाख 28 हजार 650 रुपए, सर्विस लेन से श्याम मंदिर होते हुए रावतों वाली ढ़ाणी तक 300 मीटर सड़क के लिए 26 लाख 15 हजार 250 रुपए, राजमार्ग से मुख्यमंत्री जन आवास योजना (मोलाहेड़ा) 900 मीटर सड़क के लिए 85 लाख 59 हजार रुपए व डाबला रोड़ से छेपट प्लाजा होते हुए मानसी विहार रोड़ तक 550 मीटर सड़क के लिए 69 लाख 74 हजार रुपए के प्रस्तावों की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी हुई है। जल्द ही उक्त सड़कों के निर्माण कार्यो के लिए टेंंडर आमंत्रित कर वर्क आॅर्डर जारी किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 15:02:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> चावंड में 5 करोड़ की लागत से बनेगा महाराणा प्रताप पैनोरमा</title>
                                    <description><![CDATA[ उदयपुर। महाराणा प्रताप की जयंती पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को मेवाड़ को एक और अनूठी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप की संकटकालीन राजधानी और समाधि स्थल रहे चावंड में लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से महाराणा प्रताप पैनोरमा बनाने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/maharana-pratap-panorama-to-be-built-in-chavand-at-a/article-11119"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/6.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर। महाराणा प्रताप की जयंती पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को मेवाड़ को एक और अनूठी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप की संकटकालीन राजधानी और समाधि स्थल रहे चावंड में लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से महाराणा प्रताप पैनोरमा बनाने की घोषणा की है।इस पैनोरमा में महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष तथा तत्कालीन मेवाड़ की सभ्यता व संस्कृति का चित्रण किया जाएगा एवं आसपास के स्थलों को विकसित किया जाएगा।</p>
<p><br /><strong>प्रताप की संकटकालीन राजधानी रहा है चावंड</strong><br />संकटकालीन राजधानी रहे चावंड में महाराणा प्रताप ने अपना लंबा समय व्यतीत किया था। उन्होंने अपने महलों का विकास न करते हुए इस स्थान को आखेट, पहाड़ अधिवास, जल संचय, ज्ञान विज्ञान, कला व वाटिका निर्माण की दृष्टि से विकसित किया। चावंड में ही वर्ष 1597 में माघ शुक्ल एकादशी के दिन महाराणा प्रताप का निधन हुआ था। वर्तमान में चावंड में महाराणा प्रताप के महल, बंडोली चावंड में उनका समाधि स्थल और महाराणा प्रताप स्मारक बना हुआ है। मेवाड़ के लिए इन दो दिनों में सरकार ने अनूठी सौगात दी है, महाराणा प्रताप जयंती से एक दिन पूर्व 1 जून को जिले के गोगुंदा में स्थित महाराणा प्रताप से संबंधित प्रमुख ऐतिहासिक स्थल मायरा की गुफा प्रताप शस्त्रागार के लिए 5 करोड़ 40 लाख 44 हजार रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/maharana-pratap-panorama-to-be-built-in-chavand-at-a/article-11119</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 14:04:06 +0530</pubDate>
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