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                <title>applicants - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>लम्बी कतार, इंतजार और हम लाचार</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में आधार सेवा केन्द्रों की कमी के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/long-queue--waiting-and-we-are-helpless/article-51680"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/lambi-kataar,-intezar-or-hm-lachaar...kota-news-13-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाथों में दस्तावेज लेकर अपनी बारी का इंतजार करते महिला-पुरुष, गर्मी से बेहाल होने पर प्यास बुझाने के लिए पानी की तलाश करती निगाहें, काफी देर तक खड़े रहने के कारण दीवार का सहारा तलाश करते वृद्धजन। यह हालात किसी के शिविर के नहीं हैं बल्कि शहर के एरोड्राम सर्किल स्थित आधार सेवा केन्द्र के हैं। जहां पर आधार कार्ड से सम्बंधित कार्य करवाने के लिए पहुंच रहे महिला व पुरुषों को कुछ इस तरह की पीड़ा भुगतनी पड़ रही है। इस केन्द्र पर रोजाना इस तरह के हालात नजर आ रहे हैं। हमारा आधार कार्ड एक ऐसा दस्तावेज है जिसके बिना कोई भी नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं कर सकता है। केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से अधिकांश योजनाओं एवं अन्य कार्यों के लिए अनिवार्य किए गए आधार कार्ड को लेकर लोग परेशान हैं। शहर में आधार सेवा केन्द्रों की कमी के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>पंखें भी नहीं, पानी का भी संकट</strong><br />एरोड्राम स्थित आधार सेवा केन्द्र पर प्रतिदिन काफी संख्या में आवेदक पहुंच रहे हैं। आवेदकों की संख्या की तुलना में आधार सेवा केन्द्र पर व्यवस्थाएं नाकाफी हैं। बुधवार को जब दैनिक नवज्योति की टीम यहां पहुंची तो आधार कार्ड से सम्बंधित कार्य को लेकर यहां पहुंचे आवेदक काफी परेशान नजर आए। आधार सेवा केन्द्र के बाहर महिला-पुरुष आवेदकों की कतार लगी हुई। यहां पर पंखे की सुविधा नहीं होने से सभी गर्मी से बेहाल थे। पेयजल की भी व्यवस्था नहीं होने से लोगों की निगाहें पानी को तलाश कर रही थीं। </p>
<p><strong>काफी देर में आ रहा था नम्बर</strong><br />आधार सेवा केन्द्र के बाहर मौजूद सुरेश व महेश ने बताया कि ई-मित्र से टोकन कटवाने के बाद यहां पर समय लेकर आया था। इसके बावजूद आधार कार्ड से सम्बंधित कार्य के लिए नम्बर नहीं आ रहा है। ऐसे में टोकन कटवाने का कोई फायदा नहीं है। इसी तरह की पीड़ा वहां खडेÞ अन्य लोगों ने भी जाहिर की। उन्होंने बताया कि यहां पर समय काफी लग रहा है। इसके बावजूद कोई उनकी पीड़ा कोई नहीं देख रहा है। इतनी आवश्यक सेवा बाधित होने के बावजूद प्रशासन उदासीन बना हुआ है। लोगों को आधार कार्ड की जरूरत बैंक खाता खुलवाने, पेनकार्ड बनवाने सहित अन्य आवश्यक कामों के लिए पड़ रही है। आधार कार्ड अपडेट नहीं होने के कारण शासकीय योजनाओं से भी वंचित हो रहे हैं। </p>
<p><strong>10 बजे टोकन, फिर लम्बा इंतजार</strong><br />10 बजे से टोकन के रूप में फॉर्म बांटे जा रहे हैं, लेकिन फॉर्म के बाद भी कई लोग बैरंग लौट रहे हैं। दिन भर में एक सेंटर में मात्र 25-30 आधार कार्ड का काम ही हो पा रहा है और कई आवेदकों को दूसरे दिन बुलाया जा रहा है जबकि हर रोज सैकड़ों लोग कतार में लग रहते हैं। अपडेशन के साथ नया आधार कार्ड बनाने वाले आवेदक परेशान हो रहे हैं क्योंकि जिले में काफी कम सेंटर हैं। उनमें से भी कई सेंटर बंद पड़े हैं। ग्रामीण इलाकों से लोग सुबह से ही शहरी इलाकों में जाकर अपना नंबर लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन इनके लिए चिंतित नहीं है। पोस्ट आॅफिस खुलने के पहले लोग आॅफिस के सामने अपना नंबर लगा रहे हैं।</p>
<p><strong>एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा रहे </strong><br />कहने को तो सरकार ने आधार कार्ड की योजना जमीनी स्तर पर लगाकर लोगों के किए अच्छा काम किया, लेकिन उनके जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इनकी जिम्मेदारी ना समझते हुए आवेदकों को एक जगह से दूसरी जगह घुमाया जा रहा है। जिला मुख्यालय पर ही कई आवेदकों को बैंकों के कर्मचारियों द्वारा पोस्ट आॅफिस भेजा जा रहा है, जिससे पोस्ट आॅफिस में ज्यादा भीड़ हो रही है और समय पर आधार का काम नहीं हो रहा है। आवेदकों को यहां से वहां जाकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पोस्ट आॅफिस के कर्मचारियों ने बताया कि बैंक के कर्मचारी हमारे यहां अधिकांश आवेदकों को भेज रहे हैं और कह रहे हैं कि पोस्ट आॅफिस में आधार बनेगा।</p>
<p>एरोड्राम चौराहे पर स्थित आधार सेवा केन्द्र केन्द्र सरकार हैं। इसकी सारी व्यवस्थाएं यूआईडीएआई की ओर से संचालित की जाती है। पूर्व में इस केन्द्र पर अव्यवस्थाओं की शिकायत आने पर जिला कलक्टर के माध्यम से नोटिस देकर जवाब तलब भी किया गया था। अब भी यदि किसी को कोई शिकायत है तो वह केन्द्र के मैनेजर को बता सकता है। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर हमसे शिकायत कर सकता है। वैसे पूरे जिले में 100 से अधिक आधार सेवा केन्द्र हैं। बैंकों और डाकघरों में आधार कार्ड सम्बंधित कार्य किए जा रहे हैं। <br /><strong>- मुकेश विजय, उपनिदेशक, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग कोटा</strong></p>
<p><strong>आवेदकों की पीड़ा</strong><br />मैं और मेरे बेटा आधार कार्ड बनवाने के लिए 4 दिन से भटक रहे हैं। कई दिन से नंबर लगाने आ रही हूं और आज नंबर आया है। स्कूलों में एडमिशन शुरू हो गए हैं। बिना आधार कार्ड के एडमिशन नहीं दिया जा रहा है। यहां पर सुविधाएं नहीं होने से काफी परेशानी हो रही है।  <br /><strong>- हेमलता गुप्ता,  आवेदक</strong></p>
<p>मेरे आधार कार्ड में मोबाइल नम्बर नहीं हैं। मोबाइल नम्बर जुड़वाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। ईमित्र से टोकन कटवा कर समय व तारीख लेकर आया था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सुबह 10 बजे से कतार में लगा हुआ हंू पता नहीं कब नम्बर आएगा।<br /><strong>- विवेक परमार, आवेदक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Jul 2023 15:55:02 +0530</pubDate>
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                <title>खरीदे करोड़ों के वाहन, खर्चा निगम का, कमाई संवेदकों की</title>
                                    <description><![CDATA[शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा निभाने वाले नगर निगम ने करोड़ों रुपए के सफाई संसाधन  खरीदकर रख तो लिए। लेकिन उन्हें चलाने के लिए न तो चालक हैं और न ही मरम्मत करने की सुविधा। ऐसे में अधिकतर वाहनों को ठेके पर दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/buy-crores-of-vehicles--expenses-of-corporation--earning-of-applicants/article-19976"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/kharide-karoro-ke-vahan,-kharcha-nigam-ka...kota-news-22.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा निभाने वाले नगर निगम ने करोड़ों रुपए के सफाई संसाधन खरीदकर रख तो लिए। लेकिन उन्हें चलाने के लिए न तो चालक हैं और न ही मरम्मत करने की सुविधा। ऐसे में अधिकतर वाहनों को ठेके पर दिया गया है। जिससे खर्चा तो नगर निगम का हुआ है और कमाई संवेदकों की हो रही है। कोटा में पहले एक ही नगर निगम था। जिसे कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण में बांट दिया गया है। इसका कारण शहर को छोटे-छोटे वार्डों में बांटकर बेहतर सफाई का दावा किया जा रहा था। वार्डों और गली मौहल्लों में सफाई के नाम पर नगर निगम ने स्मार्ट सिटी, निगम बजट व राज्य सरकार के बजट से करोड़ों रुपए के सफाई के वाहन व संसाधन खरीदे हैं। अधिकतर वाहन ऐसे हैं जिन्हें खरीदने के बाद से अभी तक उनका उपयोग तक नहीं किया गया है। निगम ने जो वाहन व मशीनरी खरीदी है उनकी मरम्मत व चलाने तक की व्यवस्था निगम के पास नहीं है। ऐसे में नगर निगम ने जितने भी वाहन क्रय किए हैं। उनमें से अधिकतर संवेदकों को मरम्मत व संचालन(ओ एण्ड एम) के नाम पर ठेके पर दे दिया है। जिस पर भी लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। रोड स्वीेपर का ही ठेका करोड़ों में,नहीं हो सका उपयोग नगर निगम में शहर की सफाई के नाम पर चार रोड स्वीेपर मशीनें राज्य सरकार द्वारा क्रय कर भेजी गई हैं। जिनमें से दो-दो मशीनें दोनों निगमों को दी गई है। जानकारी के अनुसार करीब 50 लाख रुपए की एक मशीन है। करीब दो करोड़ रुपए की इन मशीनों का आने के बाद से अभी तक ट्रायल के अलावा अधिक उपयोग तक नहीं हो सका है। जिससे ये मशीनें निगम के गैराज व दशहरा मैदान में धूल खा रही हैं। सूत्रों के अनुसार ये मशीनें दिल्ली की फर्म से क्रय की गई हैं। इन मशीनों के संचालन व मरम्मत का ठेका भी निगम ने संबंधित फर्म को ही दे दिया है। यह ठेका तीन साल के लिए दिया गया है। जिसमें प्रत्येक मशीन का तीन साल का ठेका 53 लाख रुपए का है। यानि 18 लाख रुपए सालाना और करीब डेढ़ लाख रुपए महीना। इस तरह से एक रोड स्वीपर मशीन को एक मशीने चलाने पर उसका खर्चा करीब डेढ़ लाख रुपए आएगा। जिसमें डीजल नगर निगम का होगा। जबकि मशीन के खराब होने पर उसकी मरम्मत व चालक संवेदक फर्म का होगा। सूत्रों के अनुसार दिल्ली की फर्म होने से इन मशीनों को चलाने के लिए चालक व मरम्मत की जरूरत होने पर मैकेनिकों की व्यवस्था कैसे होगी। यह बड़ा सवाल है।इसी तरह से नगर निगम कोटा उत्तर में सलपर सकर मशीन को भी ओ एण्ड एम पर लाखों रुपए महीने का ठेका किया गया है। लेकिन अभी तक भी उन मशीनों का उपयोग नहीं हुआ। जबकि निगम इन वाहनों पर करोड़ों रुपए खर्च कर चुका है। कई अन्य वाहन भी उसी तरह से ठेके पर चलवाए जा रहे हैं। इसके बावजूद ये वाहन निगम की जमीन पर ही खड़े हो रहे हैं। उनकी न तो मरम्मत हो रही है और न ही उनका संचालन हो पा रहा है। सीवरेज मशीनें भी ठेके पर देने की योजना नगर निगम में अभी तक सीवरेज सफाई का काम मेनुअल हो रहा है। लेकिन अब डीएलवी व स्मार्ट सिटी के बजट से निगम में सीवरेज की मशीनें आ चुकी हैं। कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण में करीब 20 से अधिक मशीनें हैं जिनकी क्षमता भी अलग-अलग है। सूत्रों के अनुसार अब इन मशीनों को भी ओ एण्ड एम के आधार पर चलाने की योजना है। जिसका भी टेंडर किया गया है। जिससे सीवरेज की सफाई मेनुअल की जगह इन मशीनों से होगी। कोटा दक्षिण में टिपर भी ठेके पर नगर निगम की हालत यह है कि घर-घर कचरा संग्रहण में लगे टिपरों को चलाने के लिए उनके पास चालक तक नहीं हैं। इस कारण से कोटा दक्षिण निगम के 80 वार्डों में दो-दो टिपरों के हिसाब से 160 टिपरों को ठेके पर चलाया जा रहा है। जिसमें टिपर निगम के हैं। जबकि उसके अलावा डीजल, मरम्मत व चालक संवेदकों के हैं। जिसकी एवज में निगम द्वारा संवेदकों को हजारों रुपए महीना संवेदक को भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं कोटा उत्तर निगम में टिपर संचालक का ठेका नहीं होने से उन्हें’ होमगार्ड व सिविल डिफेंस के जवानों से चलवाया जा रहा है। लेकिन ये टिपर दशहरा मैदान में खड़े हो रहे हैं। यूं हो रहा निगम को घाट मशीनें क्रय तो कर ली गई लेकिन इन्हें काम नहीं लिया जा रहा। ऐसे में प्रतिवर्ष इनका डेप्रिशियशन हो रहा है। इसके साथ इन्हें रखने को जगह नहीं होने से निगम की जमीन पर ही यह खड़ी हुई धीरे-धीरे कंडम हो जाएंगी। दशहरा मैदान में इन्हें रखा गया था । अब दशहरा मैदान के सुधार पर ही लाखों रुपए खर्च होंगे। यदि यह संवेदक के स्थान पर होती तो निगम को यह खर्चा वहन नहीं करना पड़ता। दूसरा जब मशीनें काम ली जाएंगी तो एमओयू ज्यादातर बाहर की फर्मों के साथ है उस स्थिति में उसके चालक और आॅपरेटर आएंगे तभी वह चल सकेगी। खड़ी हुई मशीन की नियमित देखभाल भी संवेदक कंपनी नहीं कर रही है। वह तो ठेका लेकर चली गई है। ऐसे में कुल मिलाकर सारा घाटा निगम के हिस्से में आएगा। इनका कहना है निगम के वाहनों को ओ एण्ड एम पर देने का मकसद है कि वाहनों का संचालन व मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित संवेदक की होगी। जिसकी एवज में निगम उसे भुगतान करेगा। लेकिन वह भुगतान तभी होगा जब वाहन चलेगा। बिना वाहन चले कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। नगर निगम कोटा दक्षिण में पानी के टैंकर, जेटिंग मशीन व ट्रेैक्टर ट्रॉलियों की जरूरत है। जिन्हे क्रय करने का प्रयास किया जा रहा है। - राजीव अग्रवाल, महापौर नगर निगम कोटा दक्षिण</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Aug 2022 16:43:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : पांच साल बाद जागी आवेदकों में आशियाने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[पार्थ अपार्टमेंट योजना में आवेदन कर आशियाने का इंतजार कर रहे लोगों की पीड़ा को दैनिक नवज्योति ने उठाया था। 15 मई को पेज 5 पर पांच साल से आशियाने का इंतजार कर रहे 300 परिवार’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। उसके बाद न्यास अधिकारी और बिल्डर दोनों हरकत में आए व  सक्रिय हुए। न्यास अधिकारियों ने बिल्डर को निर्माण कार्य जल्दी शुरू करने के निर्देश दिए। बिल्डर ने भी मौके पर काम शुरू कर दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka--after-five-years-there-is-hope-of-housing-among-the-applicants/article-11612"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/asar-khaber-ka--5-saal-baad-jaagi.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास की पार्थ अपार्टमेंट आवासीय योजना में पांच साल बाद आखिरकार निर्माण कार्य शुरू हो गया है। जिससे आवेदकों को एक  आशियाने मिलने की उम्मीद जगी है। तत्कालीन भाजपा सरकार में नगर विकास न्यास की ओर से देवली अरब रोड पर पार्थ अपार्टमेंट योजना लॉंच की गई थी। जी प्लस थ्री योजना में अल्प आय वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए 296 फ्लैट बनाए जाने हैं। लेकिन हालत यह है कि वर्ष 2017 में लांच की गई इस योजना में पांच साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। जिससे योजना में आवेदन कर आशियाने का इंतजार कर रहे लोग परेशान हो रहे थे। <br /><br /><strong>नवज्योति ने करवा दिया हमारा काम</strong><br />इधर पार्थ अपार्टमेंट का काम शुरू होने के साथ ही योजना में आवेदन करने वालों को एक बार फिर से आशियाना मिलने की उम्मीद जगी है। आवेदक अमित जैन ने बताया कि वे पिछले कई सालों से मौके पर जाकर देख रहे थे। लेकिन वहां सिर्फ खाली जमीन ही दिख रही थी। लेकिन जैसे ही नवज्योति ने इस मामले को उजागर किया। वैसे ही योजना में काम शुरू हो गया है। जैन ने बताया कि दो दिन पहले वे मौके पर गए तो वहां काम होता दिखा। इससे उन्हें लगा कि अब उन्हें फ्लैट मिल जाएगा। <br /><br /><strong>दैनिक  नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />पार्थ अपार्टमेंट योजना में आवेदन कर आशियाने का इंतजार कर रहे लोगों की पीड़ा को दैनिक नवज्योति ने उठाया था। 15 मई को पेज 5 पर  ‘पांच साल से आशियाने का इंतजार कर रहे 300 परिवार’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। उसके बाद न्यास अधिकारी और बिल्डर दोनों ंहरकत में आए व  सक्रिय हुए। न्यास अधिकारियों ने बिल्डर को निर्माण कार्य जल्दी शुरू करने के निर्देश दिए। बिल्डर ने भी मौके पर काम शुरू कर दिया है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />पार्थ अपार्टमेंट में निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। पूर्व में जमीन का विवाद होने से काम में देरी हुई है। लेकिन आवेदकों से राशि भी अभी ही जमा करवाना शुरू किया है। वैसे तो इस योजना को बनाने का तीन साल का समय है। लेकिन प्रयास रहेगा कि काम दो साल में ही पूरा हो जाए। काम पूरा होते ही आवेदकों को आवंटन व कब्जा पत्र सौंप दिए जाएंगे। <br /><strong>-आर.के. राठौर, अधीक्षण अभियंता, नगर विकास न्यास</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 14:27:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हज के लिए 22 अप्रैल तक होंगे ऑनलाइन आवेदन : कागजी</title>
                                    <description><![CDATA[नई गाइडलाइन के अनुसार 65 वर्ष से अधिक आयु के आवेदक होंगे अपात्र]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--online-applications-for-haj-will-be-done-till-april-22--amin-kagzi--according-to-the-new-guideline--applicants-above-65-years-of-age-will-be-ineligible/article-7790"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/h.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान स्टेट हज कमेटी के चेयरमैन अमीन कागजी का कहना है कि हज यात्रा के लिए इच्छुक व्यक्ति 22 अप्रैल तक निर्धारित शर्तों के अनुसार नए आवेदन कर सकते हैं। केन्द्रीय हज कमेटी की जारी गाइडलाइन के अनुसार 30 अप्रैल, 2022 को आयु 65 वर्ष से अधिक होने पर आवेदक हज यात्रा के लिए अपात्र होंगे। कागजी सोमवार को सचिवालय में हज यात्रा के संबंध में अपनी बात रख रहे थे।  जिन महिला हज यात्रियों के महरम उम्र सीमा के कारण अपात्र हो रहे है वे 65 वर्ष से कम आयु के महरम के लिए दोबारा आवेदन कर सकती हैं।  कागजी ने बताया कि इस वर्ष हज यात्रा होगी और प्रदेश के लोग भी जा सकेंगे।</p>
<p><br />कमेटी इसे संबंधित सभी तैयारियां कर रही है। हज यात्रा 2022 के लिए अभी तक करीब 2883 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन नई गाइडलाइन के अनुसार अभी 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के आवेदकों को यात्रा पर नहीं भेजा जा सकेगा। नए निर्देशानुसार हज उन लोगों के लिए खुला है जो 65 वर्ष से कम उम्र के हैं और सऊदी अरब सरकार द्वारा अनुमोदित कोविड 19 टीका लगवा चुके हैं। हज के दौरान रवानगी से 72 घंटे के भीतर किए गए कोविड 19 आरटीपीसीआर की टेस्ट रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। साथ ही सऊदी हज और उमराह मंत्रालय द्वारा कोविड 19 के संबंध में समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों की भी पालना करना आवश्यक होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Apr 2022 13:19:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>चार आवासीय योजनाओं में बनेंगे विभिन्न श्रेणियों के 2668 बहुमंजिला आवास</title>
                                    <description><![CDATA[आवासन मंडल की योजनाओं में आवेदकों का उत्साह : अंतिम तिथि से पूर्व ही 11 हजार से अधिक आए आवेदन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-2668-%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8/article-1764"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/awasan-madal-rhb1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। आम लोगों को सस्ती दरों पर आवास उपलब्ध कराने के लिए लांच की गई चार आवासीय योजनाओं मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत सेक्टर 8 व 26 प्रताप नगर जयपुर, अरावली विहार आवासीय योजना भिवाड़ी और स्टूडियो अपार्टमेंट प्रताप नगर जयपुर में 2668 बहुमंजिला आवासों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 11 हजार से अधिक आवेदकों ने अभी तक आवेदन कर दिया है, जबकि 25 अक्टूबर इसकी अंतिम तिथि है। राजस्थान आवासन मंडल आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि आम लोगों को सस्ती दरों पर आवास की सुविधा उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप बहुमंजिला आवासों का निर्माण करने के लिए जयपुर एवं भिवाड़ी में चार आवासीय योजनाओं में आवेदन मांगे जा रहे हैं। इसमें आवेदक नकद भुगतान पद्धति एवं किश्तों पर आवेदन कर सकेंगे। <br /> <br /> <strong>फ्लैटों की ये होगी कीमत </strong><br /> जयपुर की प्रतिष्ठित आवासीय योजना प्रताप नगर में मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत सेक्टर 8 व सेक्टर 26 में दो प्रोजेक्टों में आवास निर्मित किए जाएंगे। इनमें सेक्टर 26 में निर्मित योजना में ईडब्ल्यूएस के लिए 726 आवास बनेंगे। इनमें एक फ्लैट का सुपर बिल्टअप एरिया 378.42 वर्ग फीट एवं कीमत 7.65 लाख रुपए रखी है। इसी योजना में एलआईजी के 620 फ्लैट बनाए जाएंगे, इनका सुपर बिल्टअप एरिया 548.12 वर्ग फीट और कीमत 11.10 लाख रुपए है। इसी तरह मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत ही सेक्टर 8 प्रताप नगर में ईडब्ल्यूएस के 130 आवास बनाए जाएंगे। एक फ्लैट का सुपर बिल्टअप एरिया 352 वर्ग फीट और इसकी कीमत 7.11 लाख रुपए होगी। इसी तरह एलआईजी के 114 फ्लैट बनेंगे। इसका सुपर बिल्टअप एरिया 550 वर्ग फीट व इसकी कीमत 11.11 लाख रुपए होगी। अरावली विहार भिवाड़ी में 808 फ्लैट बनाए जाएंगे। इनमें आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग के लिए 536 और अल्प आय वर्ग के लिए 272 फ्लैट बनेंगे।<br /> <strong><br /> स्टूडियो अपार्टमेंट में बनेंगे 270 आवास</strong><br /> जयपुर के प्रताप नगर में 60 से 70 हजार विद्यार्थियों की क्षमता वाला प्रदेश का पहला कोचिंग हब बन रहा है। इस कोचिंग हब का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके प्रथम चरण का कार्य सितंबर 2022 तक पूरा होगा। हब के पास ही मंडल द्वारा स्ववित्त पोषित योजना (एसएफएस) के आधार पर 270 बहुमंजिलें स्टूडियो अपार्टमेंट बनाए जाएंगे। एक अपार्टमेंट का सुपर बिल्टअप एरिया 415 वर्गफीट होगा। इसकी कीमत 8.97 लाख रुपए रखी है। <br /> <br /> <strong>ये आए आवेदन</strong><br /> भिवाड़ी आवासीय योजना में ईब्ल्यूएस के लिए 126, एलआईजी के 403, मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत ही सेक्टर 8 प्रताप नगर में ईडब्ल्यूएस के 1405 व एलआईजी के 3900, सेक्टर 26 प्रताप नगर में ईडब्ल्यूएस के 1295 व एलआईजी 3608 एवं स्टूडियो अर्पाटमेंट में 701 आवेदकों सहित कुल 2668 आवासों के लिए 11 हजार 438 आवेदक अब तक आवेदन कर चुके है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Oct 2021 11:45:19 +0530</pubDate>
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