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                <title>agreement - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बाजार में हरियाली ही हरियाली: सेंसेक्स-निफ्टी ने भरी उड़ान, निवेशकों की झोली में करोड़ों का मुनाफा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान शांति समझौते और होर्मूज जलडमरूमध्य खुलने से घरेलू शेयर बाजारों में जबरदस्त रिकवरी हुई। बुधवार को सेंसेक्स 790.54 अंक चढ़कर 76,991.22 और निफ्टी 197.55 अंक की बढ़त के साथ 24,021.65 पर बंद हुआ। आईटी, बैंकिंग और तेल सेक्टरों में मजबूत लिवाली से निवेशकों की धारणा को बल मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/greenery-in-the-market-sensex-nifty-soar-profits-worth-crores-in/article-157967"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/share-market.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। होर्मूज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही के गति पकड़ने से उत्साहित निवेशकों की लिवाली से बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों में तेजी लौट आयी। बीएसई का सेंसेक्स 790.54 अंक (1.04 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 76,991.22 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 197.55 अंक यानी 0.83 प्रतिशत ऊपर 24,021.65 अंक पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख सूचकांक पिछले कारोबारी दिवस पर एक प्रतिशत से अधिक टूट गये थे।अमेरिका और ईरान के बीच हुए आरंभिक शांति समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही शुरू होने की खबर आने के बाद बाजार में निवेश धारणा मजबूत हुई है। इससे वृहत बाजार में भी तेजी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.30 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.33 प्रतिशत की बढ़त में रहा।</p>
<p>आईटी, बैंकिंग, वित्त, रियल्टी और तेल एवं सेक्टरों के सूचकांक सबसे अधिक चढ़े। ऑटो और धातु सेक्टरों पर बिकवाली का दबाव रहा। सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो का शेयर सवा चार प्रतिशत, ट्रेंट का साढ़े तीन प्रतिशत और टेक महिंद्रा का सवा तीन प्रतिशत चढ़ा। बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक और टीसीएस के शेयर दो से तीन प्रतिशत मजबूत हुए। अडानी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारतीय स्टेट बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर एक से दो प्रतिशत तक बढ़त में रहे। बजाज फिनसर्व, टाइटन, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी हरे निशान में रहे।</p>
<p>एनटीपीसी में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, बीईएल और भारती एयरटेल के शेयर एक से दो प्रतिशत टूट गये। इटरनल और पावरग्रिड में भी गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 0.88 प्रतिशत लुढ़क गया। हांगकांग का हैंग सेंग 0.33 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.11 प्रतिशत की बढ़त में रहा। यूरोप में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.85 फीसदी नीचे है जबकि ब्रिटेन का एफटीएसई अभी सपाट है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 17:17:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान पाकिस्तान दौरे पर: पीएम शहबाज शरीफ से करेंगे मुलाकात ; भारत की बढ़ सकती है मुश्किलें, जानें कैसे ?</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने पाक पीएम शहबाज शरीफ के आमंत्रण पर इस्लामाबाद का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ईरान-अमेरिका वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता के लिए आभार जताना है। दोनों देश अंतिम समझौते के लिए 60 दिवसीय रोडमैप पर सहमत हुए हैं, जिससे कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-pezeshkian-will-meet-pm-shahbaz-sharif-during-pakistan/article-157858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/pm1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापार तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष आमंत्रण पर इस्लामाबाद का एक दिवसीय दौरा कर रहे हैं। यह दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों की दिशा में एक और बड़ा कदम है। ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय के जनसंपर्क प्रमुख हबीबुल्लाह अब्बासी ने पुष्टि की, कि वार्ता को सुगम बनाने में पाकिस्तान के नेतृत्व की भूमिका के लिए उनका आभार व्यक्त करना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य होगा।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, अब्बासी ने कहा कि इस यात्रा के उद्देश्यों में 'ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता' के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रति आभार व्यक्त करना शामिल है। पेज़ेशकियान की यह यात्रा मुख्य रूप से शरीफ को व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद देने के लिए है, क्योंकि पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका को बातचीत की मेज पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। पेज़ेशकियान पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ-साथ शरीफ, पाकिस्तान के विदेश मंत्री और 'नेशनल असेंबली' के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा स्विट्जरलैंड में ईरान-अमेरिका उच्च स्तरीय वार्ता के पहले दौर के संपन्न होने के तुरंत बाद हो रही है, जहां दोनों पक्षों ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त 'प्रगति' की है। पेज़ेशकियान ने यात्रा से पहले कहा, "वार्ता की प्रभावशीलता जिम्मेदारियों के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता और उनके सटीक कार्यान्वयन पर निर्भर करती है। इस रास्ते पर प्रगति को जिम्मेदारियों के प्रति व्यावहारिक पालन से मापा जाएगा। </p>
<p>इस वार्ता में पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभायी, जो आखिरकार दोनों पक्षों को स्विट्जरलैंड में एक साथ लाये। यह वार्ता ब्युर्गनस्टॉक रिसॉर्ट में हुई, जहां वरिष्ठ ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों ने मुलाकात की, जिसे पिछले कई वर्षों में दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर राजनयिक आदान-प्रदान में से एक बताया जा रहा है। वार्ता के बाद पाकिस्तान और कतर दोनों ने घोषणा की, कि ईरान और अमेरिका एक अंतिम समझौते की दिशा में रोडमैप पर सहमत हो गए हैं, जिसके तहत अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है। अन्य मसलों को तय करने के लिए इस सप्ताह स्विट्जरलैंड में तकनीकी चर्चाएं जारी हैं।</p>
<p>पाकिस्तान यात्रा के अलावा, ईरान एक और राजनयिक रास्ते पर भी आगे बढ़ रहा है। मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन और जहाजरानी के ईरानी प्रबंधन को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करने के लिए ओमान की यात्रा कर रहे हैं। उनके कार्यालय ने सोमवार को अपने टेलीग्राम चैनल के माध्यम से इस यात्रा की घोषणा की। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के भी इस व्यापक राजनयिक प्रयास में शामिल होने की उम्मीद है, हालांकि उनके विशिष्ट कार्यक्रमों का विवरण अभी सामने नहीं आया है।</p>
<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति के रूप में पेज़ेशकियन की यह दूसरी इस्लामाबाद यात्रा होगी। जून 2025 में 12 दिनों तक चले ईरान-इजरायल युद्ध के बाद, उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए पाकिस्तान को चुना था और लाहौर तथा इस्लामाबाद का दौरा किया था। उस यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे और द्विपक्षीय व्यापार को लगभग तीन अरब डॉलर से बढ़ाकर सालाना 10 अरब डॉलर करने का संकल्प लिया था। इससे पहले जनवरी 2024 में दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी, जब ईरान ने सशस्त्र समूह जैश अल-अदल के खिलाफ पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मिसाइल हमले किए थे। पाकिस्तान ने भी 48 घंटों के भीतर ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में जवाबी हमले किए थे, जिसके बाद दोनों देशों को अपने राजदूतों को वापस बुलाना पड़ा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 17:30:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान वार्ता में बड़ी प्रगति: 60 दिन में अंतिम समझौते का रोडमैप, होर्मुज पर तनाव कम करने की पहल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई पहले दौर की बातचीत सकारात्मक रही। मध्यस्थ देश कतर और पाकिस्तान के अनुसार, 60 दिनों में अंतिम समझौते के लिए उच्च-स्तरीय समिति और होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए संचार व्यवस्था बनाने पर सहमति बनी है। ईरान के प्रतिबंध हटने और लेबनान में संघर्ष-निवारण सेल स्थापित करने से शांति की उम्मीदें बढ़ी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/major-progress-in-us-iran-talks-roadmap-for-final-agreement-in/article-157771"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/america-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>बर्गेनस्टॉक। अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौते तक पहुँचने के मकसद से हुई बातचीत का पहला दौर "सकारात्मक" रहा है और मध्यस्थ देशों कतर और पाकिस्तान ने कहा है कि बातचीत में "उत्साहजनक प्रगति" हुई है। पिछले सप्ताह वाशिंगटन और तेहरान के बीच शुरुआती समझौते के बाद रविवार को स्विट्जरलैंड में बातचीत शुरू हुई। तकनीकी स्तर की बातचीत पूरे सप्ताह जारी रहेगी। कतर और पाकिस्तान ने सोमवार सुबह जारी एक संयुक्त बयान में घोषणा की "उच्च-स्तरीय समिति" बनाने पर सहमति बनी है, जो 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुँचने के लिए एक रोडमैप तैयार करेगी। मध्यस्थों ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए "संचार व्यवस्था" और मध्यस्थता प्रयासों की देखरेख के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई जा रही है।</p>
<p>ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि इस बातचीत से लेबनान में संघर्ष को खत्म करने की दिशा में "बड़ी प्रगति" हुई है। बयान के अनुसार ईरान फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक और इसके विपरीत दिशा में वाणिज्यिक जहाजों की "बिना किसी शुल्क के सुरक्षित आवाजाही" सुनिश्चित करने के लिए "पूरी कोशिश" करेगा। बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के लिए दबाव बनाने का एक अहम जरिया रहा है। शनिवार को ईरान की मिलिट्री कमांड ने घोषणा की कि वह इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद कर देगी। यह कदम लेबनान में इज़रायल के लगातार हमलों और अमेरिका द्वारा युद्ध खत्म करने के समझौते को "लागू न कर पाने" के जवाब में उठाया गया।</p>
<p>मध्यस्थों के संयुक्त बयान में कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन के उद्देश्य से "घटनाओं और गलतफहमियों से बचने" के लिए एक "संचार लाइन" स्थापित की गई है। दोनों पक्षों ने लेबनान में सैन्य अभियानों को समाप्त करने में सहायता के लिए कतर और पाकिस्तान की सहायता से अमेरिका, ईरान और लेबनान को शामिल करते हुए एक "संघर्ष-निवारण सेल" स्थापित करने पर भी सहमति व्यक्त की।</p>
<p>स्विट्जरलैंड में वार्ता के समापन के बाद अराघची ने कहा कि ईरान के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटा दिए गए हैं और विदेशों में फ्रीज हुई कुछ ईरानी परिसंपत्तियों को जारी कर दिया गया है। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि "ईरान के लिए एक बड़ी पुनर्निर्माण और विकास योजना शुरू की गई है"। इस पोस्ट में फ्रीज हुई परिसंपत्तियों या पुनर्निर्माण कार्यक्रम के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करने वाली मीडिया समिति ने एक अलग बयान में कहा कि ईरान और कतर ने तेहरान की फ्रीज हुइ्र परिसंपत्तियों को छोड़ने से संबंधित एक नए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद से दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह और इज़रायल सेना के बीच लड़ाई तेज़ हो गई है और इज़रायली हवाई हमलों में दर्जनों लेबनानी नागरिक मारे गए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 18:38:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान ने होर्मुज फिर बंद किया; चेतावनी भी दी हमले जारी रहे तो और कड़े कदम उठाए जाएंगे</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने अमेरिका द्वारा समझौते के उल्लंघन और इजरायली हमलों के विरोध में होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की घोषणा की। हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस दावे को खारिज किया है। लेबनान में नए हमलों से शांति समझौते पर संकट गहरा गया है, जिसे सुलझाने के लिए अमेरिकी दूत स्विट्जरलैंड रवाना हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-closed-hormuz-again-and-warned-that-if-the-attacks/article-157620"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगंटन। लेबनान पर इजरायली हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की घोषणा की है। ईरान की संयुक्त मिलिट्री कमांड ने इसके पीछे युद्ध खत्म करने वाले समझौते का अमेरिका द्वारा उल्लंघन, दक्षिणी लेबनान से सेना नहीं हटाने और इजरायल की ओर से लगातार युद्धविराम का उल्लंघन करने का कारण बताया है। ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि अगर उल्लंघन जारी रहा, तो और भी कदम उठाए जाएंगे।</p>
<p><strong>उधर अमेरिका का दावा, होर्मुज बंद नहीं हुआ: वेंस</strong></p>
<p>दूसरी तरफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि तेहरान के साथ वॉशिंगटन के 14-सूत्रीय समझौते में तय किया गया संघर्ष विराम बना रहेगा। अमेरिका को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे पता चले कि होर्मुज समुद्री यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।</p>
<p><strong>हमने वादों का पालन किया: ईरान</strong></p>
<p>ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि हमने अपने वादों का पालन किया है और अमेरिका की यह जिम्मेदारी है कि वह इजरायल को लेबनान पर हमले रोकने के लिए मजबूर करे।</p>
<p><strong>इजरायल ने फिर किए हमले</strong></p>
<p>उधर, अमेरिका और ईरान के समझौते की खबरों के कुछ ही घंटों बाद शनिवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गईए जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं।</p>
<p><strong>डील पर मंडराया खतरा</strong></p>
<p>अब ईरानी सेना द्वारा दोबारा होर्मुज स्ट्रेट पर प्रतिबंध लगाने से समझौते पर संकट गहरा गया है। इस बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी शनिवार को ईरान पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि मोहसिन नकवी ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत पर नजर रखेंगे। </p>
<p><strong>ईरान से वार्ता के लिए अमेरिकी दूत विटकॉफ रवाना</strong></p>
<p>अमेरिका-ईरान के बीच उच्च स्तरीय वार्ता बहाल करने के उद्देश्य से अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ईरानी अधिकारियों से बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हो गए हैं। दक्षिणी लेबनान में हालांकि नए इजरायली हमलों ने उस नाजुक संघर्ष विराम के लिए खतरा पैदा कर दिया है, जिसे व्यापक कूटनीतिक प्रक्रिया के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 11:17:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>रुपया में मजबूती, 20 पैसे की बढ़त के साथ 94.20 प्रति डॉलर पर खुला</title>
                                    <description><![CDATA[यूएस-ईरान शांति समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट से भारतीय रुपया लगातार तीसरे दिन मजबूत हुआ है। शुक्रवार को रुपया 20 पैसे चढ़कर 94.20 प्रति डॉलर पर खुला। हालांकि, डॉलर इंडेक्स में 0.5% की तेजी ने रुपये की बढ़त को थोड़ा सीमित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-strengthened-by-20-paise-and-opened-at-9420-per/article-157421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/dollar-vs-rupee2.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। कच्चे तेल में जारी गिरावट के कारण रुपया शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन मजबूत हुआ। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया आज 20 पैसे चढ़कर 94.20 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। इससे पहले पिछले कारोबारी दिवस पर भी भारतीय मुद्रा 10 पैसे की बढ़त में 94.50 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। रुपये की शुरुआत आज 20 पैसे की मजबूती के साथ हुई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद से ही कच्चा तेल दबाव में है।</p>
<p>आज लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा ढाई फीसदी टूटकर 77.50 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे भारतीय मुद्रा को मजबूती मिली है। दुनिया की अन्य छह प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में 0.5 प्रतिशत की बड़ी तेजी से रुपये की बढ़त सीमित रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 12:55:17 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका-ईरान समझौता: 60 दिनों में अंतिम डील पर सहमति, पीएम शरीफ ने बतौर मध्यस्थ 'इस्लामाबाद एमओयू' पर किए दस्तख़त</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता समझौते पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मसूद पेजेशकियन की सहमति वाले इस समझौते के तहत दोनों देश दुश्मनी खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर राजी हुए हैं। इसके तहत ईरान को $300 बिलियन का पुनर्निर्माण कोष मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-iran-agreement-final-deal-agreed-in-60-days-pm-sharif/article-157379"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/pm.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बतौर मध्यस्थ ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए। पाकिस्तानी मीडिया ने प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की तरफ से मध्यस्थता के अंतिम समर्थन दस्तावेज पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के दस्तखत पहले से ही मौजूद थे। बयान के मुताबिक शांति समझौते को तय समय से पहले पूरा हुआ बताया गया, जिसमें दोनों पक्ष दुश्मनी खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर राजी हुए। इसमें आगे दावा किया गया कि समझौता पहले ही लागू हो चुका था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में पैलेस ऑफ वर्सेल्स में अमेरिका-ईरान समझौता की एक कॉपी पर दस्तखत करके अपनी जी-7 यात्रा पूरी की।</p>
<p>एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इसके बाद अमेरिका ने दस्तखत किए गए समझौते की एक फोटो ईरानियों को भेजी। इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दस्तावेज पर दस्तखत किए। यह समझौता अमेरिका और ईरान को 60 दिनों के अंदर एक अंतिम समझौता करने का वायदा करता है। इसमें यह भी कहा गया है कि अमेरिका छूट देगा ताकि ईरान तेल निर्यात कर सके और इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रावधान बताए गए हैं। यह अमेरिका और क्षेत्रीय साझेदारों को ईरान के लिए 300 बिलियन डॉलर का पुनर्निर्माण कोष बनाने का भी वायदा करता है। अधिकारियों ने समझौते को दुश्मनी खत्म करने और क्षेत्रीय स्थिरता वापस लाने के मकसद से एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी बताया।</p>
<p>बयान में कहा गया कि समझौता में खास समुद्री रास्तों को फिर से खोलने के प्रावधान शामिल हैं और इसमें बड़े आर्थिक पुनर्निर्माण और प्रतिबंध से जुड़े प्रतिबद्धता की रूपरेखा है। विवरण हालांकि अभी साफ नहीं हैं और स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। इसमें कहा गया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत 60 दिनों के लिए जारी रहेगी, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 18:32:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शेयर बाजारों में लगातार पांचवें दिन तेजी, सेंसेक्स 254 अंक की बढ़त के साथ 77,409.98 पर बंद</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान शांति समझौते की मुख्य बातें सामने आने से घरेलू शेयर बाजार गुरुवार को लगातार पांचवें दिन तेजी के साथ बंद हुआ। होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर से उत्साहित सेंसेक्स 254 अंक चढ़कर 77,409.98 और निफ्टी 82 अंक मजबूत होकर 24,168 पर पहुंच गया। इंडिगो और ट्रेंट के शेयरों में शानदार बढ़त रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/stock-markets-rose-for-the-fifth-consecutive-day-sensex-closed/article-157384"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/share-market.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की मुख्य बातें सामने आने के बाद घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार पांचवें दिन तेजी देखी गयी। अमेरिका ने ईरान के साथ सहमति पत्र की मुख्य बातें सार्वजनिक की हैं। इसमें 60 दिन के भीतर प्रस्तावित अंतिम समझौते से पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोलने की बात भी शामिल है। इससे निवेशकों में उत्साह दिखा। बीएसई का सेंसेक्स 254.36 अंक (0.33 प्रतिशत) चढ़कर कारोबार की समाप्ति पर 77,409.98 अंक पर पहुंच गया। यह 07 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है।नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 82.30 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,168 अंक पर बंद हुआ। यह 08 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है।</p>
<p>वृहत बाजार में भी तेजी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.32 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.44 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। आईटी सेक्टर दबाव में रहा। निफ्टी आईटी सूचकांक 1.19 प्रतिशत टूट गया। स्वास्थ्य, फार्मा, वित्त, बैंकिंग, रियल्टी, मीडिया और रसायन समूहों में लिवाली का जोर रहा।सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो का शेयर पौने तीन फीसदी, ट्रेंट का ढाई फीसदी और बीईएल का दो फीसदी ऊपर बंद हुआ। एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत तक चढ़े।</p>
<p>हिंदुस्तान यूनीलिवर, अडानी पोर्ट्स, पावरग्रिड, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा और बजाज फिनसर्व के शेयर भी ऊपर बंद हुए। इंफोसिस का शेयर ढाई प्रतिशत से अधिक टूट गया। टेक महिंद्रा और मारुति सुजुकी में एक फीसदी से अधिक की गिरावट रही। टीसीएस एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी लाल निशान में रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:27:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लगातार चौथे दिन हरे निशान में बदं हुए बाजार, सेंसेक्स 347 अंक की बढ़त के साथ 77,155 पर बंद </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदों से घरेलू शेयर बाजार बुधवार को लगातार चौथे दिन बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 347 अंक चढ़कर 77,155.62 और निफ्टी 96 अंक मजबूत होकर 24,085.70 पर पहुंच गया। यह दोनों सूचकांकों का मई के बाद का उच्चतम स्तर है। दिग्गज कंपनी ट्रेंट का शेयर 7% उछला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/markets-closed-in-the-green-for-the-second-consecutive-day/article-157281"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/share-market.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद से शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार चौथे दिन तेजी बनी रही और बीएसई का सेंसेक्स 77 हजार अंक के पार पहुंचने में सफल रहा। सुबह बढ़त में खुलने के बाद सेंसेक्स 347.14 अंक (0.45 प्रतिशत) चढ़कर 77,155.62 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 96.55 अंक यानी 0.40 प्रतिशत ऊपर 24,085.70 अंक रहा। यह दोनों का 08 मई के बाद का उच्चतम स्तर है। अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून को शांति समझौते पर हस्ताक्षर से पहले निवेशक बाजार में लिवाल बने हुए हैं।</p>
<p>वृहत बाजार में भी तेजी है। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.30 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.79 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। आईटी, धातु, सार्वजनिक बैंकों और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों के सूचकांक मजबूत रहे। वहीं, ऑटो और रियल्टी समूहों में गिरावट देखी गयी। सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट में सात प्रतिशत का जबरदस्त उछाल देखा गया। बीईएल का शेयर भी तीन फीसदी चढ़ा। इटरनल, टाटा स्टील, इंफोसिस, टाइटन, भारती एयरटेल, टीसीएस, सन फार्मा और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत के बीच चढ़े। इंडिगो, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एलएंडटी, पावरग्रिड, अडानी पोर्ट्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी ऊपर बंद हुए। बजाज फिनसर्व और एक्सिस बैंक में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट दर्ज की गयी। कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स और आईटीसी में गिरावट रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 17:55:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>तुर्की की हवाई सुरक्षा होगी मजबूत, कोन्या में तैनात होगी इटली की एसएएमपी-टी (SAMP-T) मिसाइल रक्षा प्रणाली</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की ने नाटो की रक्षा योजना के तहत कोन्या में इटली की एसएएमपी-टी मिसाइल प्रणाली तैनात करने की घोषणा की है। फ्रांस और इटली द्वारा विकसित यह सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली बैलिस्टिक मिसाइल खतरों से रक्षा करेगी। इसका उद्देश्य गठबंधन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/t%C3%BCrkiyes-big-announcement-samp-t-missile-defense-system-will-be-deployed/article-157252"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/023.png" alt=""></a><br /><p>अंकारा। तुर्की ने घोषणा की है कि देश की हवाई क्षेत्र सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कोन्या प्रांत में इटली की एसएएमपी-टी मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात करेगा। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि यह कदम उत्तरी अटलांटिक संधि (नाटो) की स्थायी रक्षा योजनाओं  के तहत उठाया जा रहा है और इसका उद्देश्य गठबंधन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करना है। इटली द्वारा संचालित इस प्रणाली को कोन्या में तीसरे मुख्य जेट बेस कमांड पर तैनात किया जाएगा।</p>
<p>रिपोर्टों के मुताबिक, फ्रांस और इटली द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एसएएमपी-टी एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है, जिसे बैलिस्टिक मिसाइलों सहित कई तरह के खतरों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। नाटो ने पहले ही अदाना प्रांत के इंसिलिक एयर बेस पर एक अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरी तैनात कर दक्षिण-पूर्वी तुर्की में अपनी उपस्थिति को मजबूत किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 17:25:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 77,000 और निफ्टी 24,000 के पार, इन शेयरों में दिखेगी तेजी </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान शांति समझौते और रुपये की मजबूती से घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेजी रही। सेंसेक्स 245 अंक चढ़कर 77,054.40 पर और निफ्टी 68 अंक मजबूत होकर 24,057.30 पर पहुंच गया। बाजार में ट्रेंट और इटरनल के शेयर 3% से अधिक उछले।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/market-opened-in-green-sensex-reached-7708009-points-these-stocks/article-157209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/share-market.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका-ईरान शांति समझौते से उत्साहित निवेशकों की इस सप्ताह की शुरुआत से जारी लिवाली के दम पर घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेजी रही। बीएसई का सेंसेक्स 271.61 अंक की बढ़त में 77,080.09 अंक पर खुला। बीच में कुछ देर के लिए यह थोड़ी गिरावट में जरूर गया, लेकिन फिर वापसी करने में कामयाब रहा। खबर लिखे जाते समय यह 245.92 अंक (0.32 प्रतिशत) ऊपर 77,054.40 अंक पर रहा।</p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून को शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने हैं। समझौते की शर्तें अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना भी शामिल है। इससे निवेशकों में उत्साह देखा जा रहा है। इसके साथ ही रुपये में जारी तेजी से भी शेयर बाजार में निवेश धारणा मजबूत हुई है। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में भारतीय मुद्रा 22 पैसे की बढ़त में 94.38 रुपये प्रति डॉलर पर है।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 74.80 अंक चढ़कर 24,044.50 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 68.15 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,057.30 अंक पर था। आईटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, एफएमसीजी, फार्मा और स्वास्थ्य सेक्टरों में तेजी रही। धातु और रियल्टी सेक्टर गिरावट में रहे।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में इटरनल और ट्रेंट के शेयर तीन प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुए। टेक महिंद्रा, इंफोसिस और सनफार्मा के शेयर भी फिलहाल एक से दो प्रतिशत तक मजबूत हैं। टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बीईएल, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक और हिंदुस्तान यूनीलिवर के शेयर भी ऊपर चल रहे हैं। एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, अडानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व और एलएंडटी में अभी निवेशक बिकवाल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 11:18:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद में हरे निशान में खुला बाजार: सेंसेक्स 1,000 अंक उछला, इन शेयरों पर रखें नज़र</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से घरेलू शेयर बाजारों में शानदार तेजी देखी गई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,000 से अधिक अंक उछलकर 74,859 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 250 अंक चढ़ा। वैश्विक बाजारों में मजबूती और कच्चे तेल के दो महीने के निचले स्तर पर आने से चौतरफा लिवाली रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/market-opened-in-green-on-the-hope-of-peace-agreement/article-156729"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/share-market1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद में शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में अच्छी तेजी देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 1,000 अंक से अधिक उछल गया। सेंसेक्स 876.72 अंक की बढ़त के साथ 74,709.27 अंक पर खुला। और देखते ही देखते 1,026 अंक ऊपर 74,859 अंक पर पहुंच गया। खबर लिखे जाते समय यह 860.02 अंक (1.16 प्रतिशत) की मजबूती के साथ 74,692.57 अंक पर था।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ इसी सप्ताहांत पर शांति समझौता संभव है। उनके इस बयान के बाद दुनिया भर में शेयर बाजारों में तेजी देखी जा रही है जबकि कच्चा तेल दो महीने के निचले स्तर पर चला गया है। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा एक प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे उतर गया है। कच्चे तेल में नरमी से घरेलू स्तर पर रुपया अभी 64 पैसे मजबूत है।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 250.95 अंक की तेजी के साथ 23,412.55 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 236.85 अंक यानी 1.02 प्रतिशत ऊपर 23,398.45 अंक पर रहा। बाजार में चौतरफा तेजी देखी जा रही है। सभी सेक्टरों में लिवाली चल रही है। ऑटो, बैंकिंग, वित्त, मीडिया, रियल्टी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, तेल एवं गैस और रसायन समूहों के सूचकांक एक प्रतिशत से ज्यादा ऊपर चल रहे हैं।</p>
<p>विमान सेवा कंपनी इंडिगो का शेयर फिलहाल साढ़े तीन प्रतिशत ऊपर है। एलएंडटी, बजाज फाइनेंस और इटरनल में दो प्रतिशत से अधिक की बढ़त है। ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी, हिंदुस्तान यूनीलिवर, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, बीईएल, बजाज फिनसर्व, अडानी पोर्ट्स और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर भी एक प्रतिशत से अधिक चढ़े हुए हैं। टेक महिंद्रा पर दबाव है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 11:11:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत-बांग्लादेश संबंधों के नए अध्याय की शुरुआत: ढाका में दिनेश त्रिवेदी की तैनाती, जल बंटवारे से सुरक्षा तक कई मुद्दे अहम</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी शुक्रवार को ढाका के लिए उड़ान भरेंगे। उनकी यह रवानगी गंगा जल संधि के नवीनीकरण, तीस्ता नदी परियोजना में चीन की दखल और बदलते रणनीतिक समीकरणों के बीच हो रही है। त्रिवेदी का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच व्यापारिक और भू-राजनीतिक मतभेदों को संभालना होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/beginning-of-a-new-chapter-in-india-bangladesh-relations-dinesh-trivedi/article-156663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/dinesh-trivedi.png" alt=""></a><br /><p>ढाका। बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी शुक्रवार को यहां से बांग्लादेश के लिए उड़ान भरेंगे और उनकी यह रवानगी एक ऐसे संवेदनशील मोड़ पर हो रही है, जब दोनों पक्ष राजनीतिक बदलावों, उभरते रणनीतिक तनाव तथा आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों को आकार देने वाली कई महत्वपूर्ण वार्ताओं के बीच अपने रिश्तों को नए सिरे से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। त्रिवेदी ने ढाका रवाना होने से पहले मीडिया से कहा कि दोनों देशों पर लगभग 160 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी है। उन्होंने भारत एवं बांग्लादेश के रिश्ते को 'विशेष' बताया और कहा कि इसने राजनीतिक बदलावों तथा समय-समय पर पैदा होने वाले तनावों को झेला है। यह मजबूत एवं सुरक्षित नींव पर टिका है।</p>
<p>केंद्र सरकार में रेल मंत्री रह चुके त्रिवेदी ऐसे समय में ढाका पहुंचेंगे जब द्विपक्षीय संबंधों के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों (जल बंटवारे और व्यापार) पर नए सिरे से बातचीत शुरू होने वाली है। गंगा के जल बंटवारे की 1996 संधि का नवीनीकरण होना है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में व्यापक स्तर पर फिर से बातचीत करना मुश्किल साबित हो सकता है, जिससे अल्पावधि के लिए इस संधि को कुछ समय के लिए आगे बढ़ा देना ही सबसे संभावित परिणाम दिखाई देता है। विदेश मंत्रालय में पूर्व सचिव पिनाक आर चक्रवर्ती और अन्य रणनीतिक पर्यवेक्षकों ने तर्क दिया है कि पानी को व्यापक संबंधों से अलग करके नहीं देखा जा सकता।</p>
<p>भारतीय नीति निर्माता अब बदलती परिस्थितियों को देखते हुए इस संधि पर दोबारा विचार करना जरूरी समझ रहे हैं। हिमालय में ग्लेशियरों के कम पिघलने से नदियों के प्रवाह पर असर पड़ा है, जबकि जनसंख्या वृद्धि और कृषि मांग ने सीमा के दोनों ओर पानी की आवश्यकताओं को नाटकीय रूप से बढ़ा दिया है। जल बंटवारे पर वार्ता व्यापक आर्थिक चर्चाओं से भी जुड़ी हुई है। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था, जो अब 510 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर चुकी है, लगातार मध्यम आय वाले देश के दर्जे की ओर बढ़ रही है।</p>
<p>चूंकि बांग्लादेश सबसे कम विकसित देशों की श्रेणी से बाहर निकल रहा है, इसलिए भारत द्वारा पिछले कुछ वर्षों में एकतरफा रूप से दी गई कई व्यापारिक रियायतों और तरजीही व्यवस्थाओं में अनिवार्य रूप से संशोधन की आवश्यकता होगी। इसलिए, दोनों देशों के अधिकारी एक अधिक संतुलित रिश्ते के लिए डिज़ाइन किए गए एक नए व्यापार ढांचे की तलाश कर रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में दोनों पक्षों को राजनीतिक रूप से परेशान करने वाले मुद्दों को संभालने की आवश्यकता होगी। जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजंस पार्टी के कुछ धड़ों की भारत-विरोधी बयानबाजी ने भारत में चिंता पैदा की है। इसके बावजूद भारतीय अधिकारी इस बात को स्वीकार करते हैं कि समय-समय पर आने वाले राजनीतिक बयानों को भूगोल, अर्थशास्त्र और लोगों के आपसी रिश्तों पर बने इस रिश्ते को पटरी से उतारने की अनुमति नहीं दी जा सकती। त्रिवेदी के लिए यह चुनौती होगी कि वह दोनों देशों के रिश्तों को राजनीतिक उतार-चढ़ाव से बचाकर रखें।</p>
<p>भारत बांग्लादेश के चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ते रिश्तों को लेकर भी लगातार सावधान है। यह चिंता सबसे ज्यादा नदी से जुड़े मुद्दों में दिख रही है। गंगा नदी के जल बंटवारे पर बातचीत चल रही है, लेकिन बांग्लादेश ने तीस्ता नदी के प्रबंधन और परियोजनाओं में चीन की मदद मांगी है। इस प्रस्ताव से भारत चिंतित है, क्योंकि यह परियोजना सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के बहुत पास है। सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं सिर्फ चीन तक ही सीमित नहीं हैं। हाल ही में बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य संपर्क—जैसे पायलट प्रशिक्षण पर बातचीत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों में बांग्लादेश की रुचि—ने भारत को सतर्क कर दिया है। साथ ही, खुफिया एजेंसियां बांग्लादेश में पाकिस्तान की आईएसआई की बढ़ती गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं।</p>
<p>ये चिंताएं पुराने अनुभवों से भी जुड़ी हैं। भारतीय एजेंसियां लंबे समय से मानती हैं कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने पहले पूर्वोत्तर भारत के उग्रवादी समूहों की मदद की थी। 2002 में कोलकाता के अमेरिकन सेंटर पर हुए हमले जैसी घटनाओं की जांच में भी पाकिस्तान और बांग्लादेश के कुछ चरमपंथी संगठनों के संबंध सामने आए थे। फिर भी, इन चिंताओं के बावजूद दोनों देश लंबे समय तक खराब रिश्ते नहीं रख सकते। बांग्लादेश, दक्षिण एशिया में भारत का एक बड़ा व्यापारिक साझेदार है और बंगाल की खाड़ी तक पहुंच का एक महत्वपूर्ण रास्ता भी है। वहीं, भारत भी बांग्लादेश के लिए संपर्क, ऊर्जा और क्षेत्रीय बाजारों तक पहुंच के लिहाज से बहुत जरूरी है। इसलिए त्रिवेदी के लिए असली काम मतभेद खत्म करना नहीं, बल्कि उन्हें संभालकर रिश्तों को आगे बढ़ाना होगा।</p>
<p>आखिर में, इस बातचीत की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि क्या भारत और बांग्लादेश राजनीतिक तनाव से ऊपर उठकर बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपने रिश्तों को नया रूप दे पाते हैं। दोनों देशों के करोड़ों लोगों की तरक्की एक-दूसरे से जुड़ी हुई है, इसलिए सहयोग बनाए रखना बहुत जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 15:58:56 +0530</pubDate>
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