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                <title>अराघची की ट्रंप को चेतावनी, कहा- लेबनान समेत किसी भी मोर्चे पर उल्लंघन माना जाएगा पूरे युद्धविराम का खात्मा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि लेबनान समेत किसी भी मोर्चे पर युद्धविराम का उल्लंघन पूरे समझौते का उल्लंघन होगा। इजरायल द्वारा दक्षिणी लेबनान में किए गए हालिया हमलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी विफलता की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका और इजरायल की होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/araghchis-warning-to-trump-violation-of-ceasefire-on-even-one/article-155725"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/abbas-araghchi.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम का किसी भी एक मोर्चे पर उल्लंघन पूरे युद्धविराम समझौते का उल्लंघन माना जाएगा, जिसमें लेबनान भी शामिल है। अराघची ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह युद्धविराम "बिना किसी अस्पष्टता के सभी मोर्चों पर लागू एक व्यापक युद्धविराम है, जिसमें लेबनान भी शामिल है।" उन्होंने लिखा, "इस युद्धविराम का किसी एक मोर्चे पर किया गया कोई भी उल्लंघन सभी मोर्चों पर युद्धविराम के उल्लंघन के रूप में माना जाएगा।"</p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा कि युद्धविराम के किसी भी उल्लंघन के परिणामों की जिम्मेदारी अमेरिका और इजरायल पर होगी। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब लेबनान में युद्धविराम लागू होने के बावजूद इजरायल की ओर से हमले जारी हैं। ईरानी समाचार एजेंसी इरना की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल रक्षा बलों ने दक्षिणी लेबनान के कस्बों और गांवों पर हमले जारी रखे हैं, जिनमें घरों और नागरिकों को निशाना बनाया गया। इसे युद्धविराम का बार-बार उल्लंघन बताया गया है। रविवार रात से सोमवार तक दक्षिणी लेबनान में 36 से अधिक स्थानों पर हमले किये गये, जिनमें 12 लोगों की मौत हो गई और 35 अन्य लोग घायल हुये हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 14:13:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डोनाल्ड ट्रंप का दावा : नेतन्याहू, हिज्बुल्ला से बातचीत के बाद युद्धविराम पर सहमति, सैनिकों को वापस बुलाने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और हिज्बुल्ला प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद दोनों पक्ष हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। समझौते के तहत बेरूत में नया सैन्य अभियान नहीं होगा, जिससे क्षेत्रीय तनाव कम करने में बड़ी सफलता मिली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-claims-netanyahu-agreed-to-ceasefire-after-talks-with/article-155697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और हिज्बुल्ला के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने हमले रोकने पर सहमति जतायी है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जारी बयान में कहा कि उनकी नेतन्याहू के साथ बेहद सकारात्मक और उपयोगी बातचीत हुई, जिसके बाद बेरूत में किसी भी नये सैन्य अभियान के लिए सैनिक नहीं भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो सैनिक वहां जाने की तैयारी में थे, उन्हें भी वापस बुला लिया गया है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि हिज्बुल्ला के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ उनकी अच्छी बातचीत हुई और संगठन ने भी गोलीबारी रोकने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, समझौते के तहत इजरायल हिज्बुल्ला पर हमला नहीं करेगा और हिज्बुल्ला भी इजरायल के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। उन्होंने इसे क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति बताते हुए उम्मीद जतायी कि दोनों पक्ष युद्धविराम का पालन करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 11:34:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जनहित में बड़ा कदम: EHCC हॉस्पिटल से हुआ MoU, जरूरतमंदों को मिलेगा बेहतर उपचार</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं द्वारा निःशुल्क हृदय एवं मस्तिष्क रोग परिचर्चा शिविर आयोजित किया गया। पूर्व राज्यमंत्री राजीव अरोड़ा के निर्देशन में EHCC हॉस्पिटल के साथ जनहित में एमओयू किया गया। विशेषज्ञों ने बदलती जीवनशैली में गंभीर बीमारियों से बचाव और समय पर जांच के महत्व की जानकारी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-step-in-public-interest-needy-will-get-better-treatment/article-155636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jaipur.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। समाजसेवी संस्थान यूनिराज एल्युमिनी फेडरेशन, सद्भावना के सिपाही संगठन, एस टी टी फाउंडेशन और साईनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में एक स्वास्थ्य परिचर्चा शिविर का सफल आयोजन किया गया। जनहित को समर्पित इस शिविर का उद्देश्य आमजन को हृदय एवं मस्तिष्क संबंधी रोगों के प्रति जागरूक करना था। शिविर में प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल कासलीवाल और मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग सिहाग ने व्याख्यान दिए। दोनों विशेषज्ञों ने बदलती जीवनशैली में बढ़ते रोगों के कारण, बचाव और समय पर जांच के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उपस्थित लोगों को निःशुल्क परामर्श भी प्रदान किया गया। </p>
<p>संस्थाओं के मार्गदर्शक संरक्षक एवं पूर्व राज्यमंत्री राजीव अरोड़ा के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी जुड़ी। संस्थाओं के प्रतिनिधि नितिन शारदा भगेरिया, के. विक्रम रस्तोगी, कैलाश शर्मा और अक्षय जैन मोदी ने EHCC हॉस्पिटल के साथ जनहित में MoU पर हस्ताक्षर किए, जिससे भविष्य में जरूरतमंदों को बेहतर उपचार सुलभ होगा। इस अवसर पर राजीव अरोड़ा ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ उपलब्धता सरकार की प्राथमिकता रही है। ऐसे शिविर समाज और संस्थाओं के सहयोग से स्वस्थ राजस्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान समझौता पत्र पर सहमत: दोनों ओर से मंजूरी अभी बाकी, मौजूदा युद्धविराम 60 दिन बढ़ेगा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के समझौता पत्र (MoU) पर सहमति बन गई है। इस अवधि में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने के लिए आगे बातचीत होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता की अंतिम आधिकारिक मंजूरी और हस्ताक्षर होना अभी बाकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-mou-agreed-upon-approval-from-both-sides-still-pending/article-155457"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/america-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका-ईरान के वार्ताकारों के बीच एक समझौता पत्र (एमओयू) पर सहमति बन गई है। रिपोर्टों के अनुसार, लेकिन दोनों ओर से अभी अंतिम सहमति मिलनी बाकी है। ट्रम्प प्रशासन ने इस बात की पुष्टि की है कि इस समझौते से मौजूदा युद्धविराम 60 दिन के लिए और बढ़ जाएगा। इस दौरान दोनों पक्ष ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने को लेकर बातचीत करेंगे। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अभी एमओयू पर हस्ताक्षर करने बाकी है। रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि  ट्रंप एमओयू को मंजूरी देने से पहले इस पर विचार करने के लिए कुछ दिनों का समय चाहते है। </p>
<p><strong>मसौदे को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा: ईरान</strong></p>
<p>ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने तेहरान की वार्ताकार टीम के करीबी सूत्र के हवाले से इस बात से इनकार किया है कि ईरान की तरफ इसे अंतिम मंजूरी मिली है। सूत्र ने दावा किया है कि समझौते के मसौदे को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है और मंजूरी मिलने की स्थिति में ईरान इसकी सार्वजनिक रूप से घोषणा करेगा। </p>
<p><strong>इजरायल ने साधी चुप्पी</strong></p>
<p>इजरायल ने गुरुवार के इन घटनाक्रमों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की, लेकिन चैनल 12 ने वरिष् इजरायली सूत्रों के हवाले से कहा कि उसे ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इन शर्तों को मंजूरी दे दी है। इसलिए अभी ट्रंप के पास मंजूरी देने के लिए कुछ नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 13:21:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का दावा : अमेरिका हटाएगा होर्मुज जलडमरूमध्य से नाकेबंदी, ईरान के साथ कई मुद्दों पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते के बाद नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी। समझौते के तहत ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। वैश्विक कच्चे तेल की 20% आपूर्ति वाले इस मार्ग से समुद्री बारूदी सुरंगें भी नष्ट की जाएंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-claims-america-will-remove-the-blockade-from-the-strait/article-155448"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ एक प्रस्तावित समझौते पर सहमति बनने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जायेगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा कि प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान को अमेरिका की शर्तें स्वीकार करनी होंगी, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी समुद्री जहाजों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने कहा, “ईरान को इस बात पर सहमत होना होगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार या परमाणु बम हासिल नहीं करेगा।”</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के कारण जलडमरूमध्य में फंसे जहाज अब अपने गंतव्य की ओर लौटने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमारी अभूतपूर्व नौसैनिक नाकेबंदी, जिसे अब हटाया जाएगा, के कारण जो जहाज जलडमरूमध्य में फंसे हुए थे, वे अब घर लौटने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि जलडमरूमध्य में कोई समुद्री बारूदी सुरंगें मौजूद हैं तो उन्हें तत्काल हटाया या नष्ट किया जाएगा। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी नौसेना पहले ही कई सुरंगों को अपने विशेष माइन-स्वीपर जहाजों की मदद से नष्ट कर चुकी है और शेष सुरंगों को हटाने या विस्फोट से नष्ट करने का काम ईरान करेगा।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भूमिगत दबे संवर्धित परमाणु पदार्थ को अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के समन्वय से बाहर निकाला जायेगा और नष्ट कर दिया जायेगा। उन्होंने दावा किया कि यह सामग्री 11 महीने पहले अमेरिकी बी-2 बमवर्षक विमानों द्वारा किए गए हमलों के बाद पहाड़ों के नीचे दब गयी थी। ट्रंप ने कहा कि इस प्रक्रिया में कोई धनराशि का आदान-प्रदान नहीं किया जाएगा और अन्य कम महत्व के मुद्दों पर भी सहमति बन गयी है। उन्होंने बताया कि वह अंतिम निर्णय लेने के लिए व्हाइट हाउस के 'सिचुएशन रूम' में बैठक करने जा रहे हैं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि फरवरी के अंत में शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्रीय तनाव का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। वैश्विक कच्चे तेल की लगभग 20 प्रतिशत आपूर्ति इसी सामरिक समुद्री मार्ग से होकर गुजरती है। इसके अलावा प्राकृतिक गैस, उर्वरक और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की वैश्विक आपूर्ति के लिए भी यह जलमार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 11:39:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रूस-कजाकिस्तान परमाणु समझौता: इस दशक में शुरू होगा पहला न्यूक्लियर प्लांट, वीवीईआर-1200 रिएक्टरों से बनेगी बिजली</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी परमाणु कंपनी रोसाटॉम ने इस दशक (2030) के भीतर कजाकिस्तान में अपना पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने का लक्ष्य रखा है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अस्ताना यात्रा के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस प्लांट में रूस निर्मित दो वीवीईआर-1200 रिएक्टर इकाइयां लगाई जाएंगी, जिससे ईंधन आपूर्ति और रखरखाव में सहयोग बढ़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-kazakhstan-nuclear-agreement-first-nuclear-plant-will-start-in-this/article-155374"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nuclear-fusion-16x9.webp" alt=""></a><br /><p>अस्ताना। रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम का इस दशक के भीतर कजाकिस्तान में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण का लक्ष्य है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्सी लिखाचेव ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पत्रकारों ने लिखाचेव से पूछा कि कजाकिस्तान में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए पहली कंक्रीट डालने की समयसीमा क्या होगी। तब उन्होंने कहा, "हम कोशिश करेंगे कि यह काम मौजूदा दशक के भीतर शुरू हो जाए।"</p>
<p>रोसाटॉम ने एक बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि रूस और कजाकिस्तान के बीच परमाणु ऊर्जा संयंत्र निर्माण पर हुए अंतर-सरकारी समझौते में परियोजना के दौरान सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें रखरखाव और परमाणु ईंधन की आपूर्ति भी शामिल है।</p>
<p>कजाकिस्तान में परमाणु ऊर्जा संयंत्र निर्माण के लिए सहयोग के मूल सिद्धांतों और शर्तों से संबंधित समझौते पर कल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अस्ताना यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए। कजाकिस्तान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने 14 जून 2025 को कहा था कि रोसाटॉम देश के पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सहयोगात्मक समूह का नेतृत्व करेगा। इस संयंत्र में दो बिजली इकाइयां होंगी, जिनमें रूस में निर्मित वीवीईआर-1200 रिएक्टर लगाए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 17:57:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर: डी.के. शिवकुमार के हाथों में होगी राज्य की कमान, सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को सौंपा इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक की राजनीतिक रार खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिसके बाद डी.के. शिवकुमार का सीएम बनना तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने इस्तीफे के बदले अपने बेटे को कैबिनेट मंत्री बनाने की शर्त रखी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-command-of-karnataka-will-be-in-the-hands-of/article-155280"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/siddaramaiah.png" alt=""></a><br /><p>कर्नाटक। कर्नाटक की राजनीतिक रार​ अब खत्म होती नजर आ रही है क्योकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और अब इसके साथ ही डी.के. शिवकुमार का सीएम बनना लगभग तय हो चुका है। कनार्टक गृह मंत्री ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि सीएम सिद्धारमैया ने आज सुबह सभी मंत्रियों को धन्यवाद देने के लिए नाश्ते पर बुलाया था। सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे के साथ ही सिद्दारमैया ने कांग्रेस आलाकमान से अपने बेटे को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की शर्त रखी है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि कांग्रेस हाईकमान ने उनसे पद छोड़ने को कहा था जिसके अनुरूप उन्होंने इस्तीफा दिया है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि राज्यपाल उनके इस्तीफे को स्वीकार करके अगले मुख्यमंत्री के लिए मार्ग प्रशस्त करेंगे, जो उनका संवैधानिक दायित्व भी है। सिद्दारमैया ने कहा कि कांग्रेस के पास सदन में पूरा बहुमत है। उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का आभार जताया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दो बार मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें कर्नाटक के सात करोड़ लोगों की सेवा करने का मौका मिला और दो बार विपक्ष के नेता के तौर पर भी काम किया। इस दौरान पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं से जो सहयोग मिला, उसके लिए वह उन्हें धन्यवाद देते हैं। संवादादाता सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री और नए मुख्यमंत्री पद के दावेदार डीके शिवकुमार भी उपस्थित थे। काफी समय से राज्य में यह नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगायी जा रहीं थीं और माना जा रहा था कि श्री शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 15:22:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की ओर : अमेरिका-ईरान में बनी सहमति; वैश्विक तेल बाजार को बड़ी राहत मिलने के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक ढांचागत समझौता 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके तहत दोनों पक्ष 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने और 30 दिनों के भीतर रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने पर सहमत हुए हैं। फिलहाल परमाणु वार्ता को स्थगित रखा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/strait-of-hormuz-will-open-soon-america-and-iran-agreed/article-154910"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran2.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। अमेरिका और ईरान ने एक प्रारंभिक समझौते के तहत 30 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने पर सहमति जताई है। ‘वाशिंगटन’ पोस्ट ने एक अज्ञात राजनयिक के हवाले से यह जानकारी दी। मीडिया ने एक अज्ञात ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिका-ईरान के प्रारंभिक शांति समझौते में परमाणु वार्ता को बाद की तारीख तक स्थगित करने का भी प्रावधान है। अखबार ने एक अज्ञात राजनयिक के हवाले से बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच प्रारंभिक ढांचागत समझौते को अभी तक ईरानी पक्ष द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया है।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए दोनों पक्ष 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका-ईरान ढांचागत समझौता "95 प्रतिशत पूरा हो चुका है", हालांकि वार्ताकार अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य और तेहरान के परमाणु भंडार से संबंधित शब्दों पर बहस कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान के साथ समझौते पर काफी हद तक सहमति बन चुकी है और अंतिम पहलुओं और विवरणों पर चर्चा चल रही है, जिनकी घोषणा जल्द ही की जाएगी। नाम न बताने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारियों ने चैनल को पुष्टि की, कि ईरान ने सैद्धांतिक रूप से समझौते के ढांचे पर सहमति दे दी है।</p>
<p>एक अधिकारी ने ब्रॉडकास्टर को बताया, "हम 95 प्रतिशत तक पहुँच चुके हैं। परमाणु भंडार और होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा समझौता हो चुका है, लेकिन हम भाषा पर बातचीत कर रहे हैं।" 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में ठिकानों पर हमले शुरू किए, जिनमें 3,000 से अधिक लोग मारे गए। 8 अप्रैल को वाशिंगटन और तेहरान ने दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की। इस्लामाबाद में हुई बाद की बातचीत बेनतीजा रही। हालांकि शत्रुता की पुनः शुरुआत की कोई घोषणा नहीं की गई, लेकिन अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 12:14:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने पर अमेरिका- ईरान के बीच बन सकती है सहमति, होर्मुज जलडमरूमध्य से हटेंगी बारूदी सुरंगें : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के युद्धविराम समझौते का मसौदा तैयार हो गया है। इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य शुल्क मुक्त खुलेगा और ईरान वहां से बारूदी सुरंगें हटाएगा। बदले में अमेरिका तेल बिक्री पर नाकेबंदी हटाएगा। समझौते में परमाणु कार्यक्रम रोकने और हिजबुल्लाह-इजरायल संघर्ष विराम भी शामिल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/an-agreement-can-be-reached-between-america-and-iran-on/article-154856"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/america-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। अमेरिका और ईरान 60 दिनों के युद्धविराम विस्तार के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सकते हैं और इस अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य बिना किसी शुल्क के खुला रहेगा। एक्सियोस ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है। इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ समझौता लगभग अंतिम रूप ले चुका है और इसके अंतिम पहलुओं तथा विवरणों पर चर्चा चल रही है, जिसकी जल्द घोषणा की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन का मसौदा साझा किया है।</p>
<p>इसके तहत दोनों पक्ष 60 दिनों के लिए वैध समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। इस अवधि में होर्मुज जलडमरूमध्य बिना किसी शुल्क के खुला रहेगा तथा ईरान वहां बिछाई गयी बारूदी सुरंगों को हटाने पर सहमत होगा, ताकि जहाजों की आवाजाही निर्बाध रूप से जारी रह सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाएगा और ईरान को तेल की स्वतंत्र बिक्री की अनुमति देने के लिए कुछ रियायतें देगा। रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया कि ईरान जितनी जल्दी होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें हटाकर जहाजरानी बहाल करेगा, उतनी ही जल्दी नाकेबंदी समाप्त कर दी जाएगी। एक्सियोस ने बताया कि प्रस्तावित समझौता ज्ञापन में ईरान की ओर से कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं करने की प्रतिबद्धता, यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को निलंबित करने तथा उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडार को हटाने पर बातचीत करने का प्रावधान मिल है।</p>
<p>स्थिति के जानकार दो सूत्रों के हवाले से कहा गया कि ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को संवर्धन कार्यक्रम निलंबित करने और परमाणु सामग्री छोड़ने को लेकर रियायतों के दायरे पर ‘मौखिक आश्वासन’ दिये हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सैन्य बल अगले 60 दिनों तक वहीं बने रहेंगे और यदि तेहरान अंतिम रूप से समझौता स्वीकार कर लेता है तो क्षेत्र से हट जाएंगे। एक्सियोस ने यह भी कहा कि अंतिम समझौता होने की स्थिति में अमेरिका 60 दिनों के भीतर ईरान की जमी हुई संपत्तियों को मुक्त करने पर चर्चा के लिए तैयार है। प्रस्तावित समझौता ज्ञापन में हिज्बुल्ला और इजरायल के बीच सशस्त्र संघर्ष समाप्त करने का प्रावधान भी शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/an-agreement-can-be-reached-between-america-and-iran-on/article-154856</link>
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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:52:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजनाथ सिंह ने की वियतनाम के राष्ट्रपति से मुलाकात, हिन्द-प्रशांत में स्थिरता और नौवहन की स्वतंत्रता की जताई प्रतिबद्धता</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ हनोई में द्विपक्षीय बैठक की। दोनों देशों ने AI और क्वांटम प्रौद्योगिकी पर समझौते किए। साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, सैन्य प्रशिक्षण और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/rajnath-singh-met-the-president-of-vietnam-expressed-commitment-to/article-154357"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajnath-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और वियतनाम ने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को वियतनाम की राजधानी हनोई में उप प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों मंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से वियतनाम के वायु सेना अधिकारी महाविद्यालय में भाषा प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। भारत एवं वियतनाम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्री ने न्हा त्रांग स्थित दूरसंचार विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला की स्थापना की घोषणा की।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, प्रशिक्षण एवं क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने पारस्परिक हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा, संरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना, साइबर सुरक्षा तथा उच्च स्तरीय आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने नियमित संवाद, संयुक्त अभ्यासों और विनिमय कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों देशों की रक्षा सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने वियतनाम के साथ भारत की उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के ढांचे के अंतर्गत वियतनाम के रक्षा आधुनिकीकरण और क्षमता वृद्धि पहलों के समर्थन में भारत के संकल्प को पुनः व्यक्त किया।जनरल फान वान जियांग ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक मित्रता तथा बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 16:04:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत और नॉर्वे के बीच ‘ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ की नई शुरुआत: 9 समझौतों पर हुए हस्ताक्षर, तीन महत्वपूर्ण पहलों की भी घोषणा </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नॉर्वे के पीएम जोनास गाहर स्टोरे के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद 9 समझौतों और 3 पहलों की घोषणा की गई। दोनों देशों ने 'ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' को अपनाया है, जिसके तहत अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, डिजिटल विकास, समुद्री सहयोग और हरित प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/new-beginning-of-green-strategic-partnership-between-india-and-norway/article-154320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modii.png" alt=""></a><br /><p>ओस्लो। भारत और नॉर्वे ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देते हुए अपने संबंधों को "ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप" के स्तर तक उन्नत करने के साथ-साथ समुद्री सहयोग, हरित प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, डिजिटल विकास और वैज्ञानिक अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से नौ समझौतों और तीन पहलों की घोषणा की है। दोनों देशों ने "ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप" के संबंध में एक संयुक्त वक्तव्य को अपनाया।</p>
<p>नार्वे की दो दिन की यात्रा पर गये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे के बीच सोमवार को द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने समुद्री सहयोग, हरित प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, डिजिटल विकास और वैज्ञानिक अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से अनेक समझौतों और पहलों की घोषणा की। नार्वे ने भारत की हिन्द प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने की घोषणा की, जबकि भारत वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले "नॉर शिपिंग" कार्यक्रम में भारतीय मंडप के साथ भाग लेगा।</p>
<p>दोनों देशों के बीच सरकार-से-सरकार के स्तर पर तीन प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और नार्वें की अंतरिक्ष एजेंसी के बीच बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग और अन्वेषण में सहयोग के लिए रूपरेखा समझौता, भारत और नॉर्वे के विदेश मंत्रालयों के बीच डिजिटल विकास साझेदारी पर समझौता ज्ञापन तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग के लिए नॉर्वे के स्वास्थ्य एवं देखभाल सेवा मंत्रालय और भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच समझौता शामिल है।</p>
<p>व्यापार और संस्थागत सहयोग के तहत भी कई महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नॉर्वेजियन जियोटेक्निकल संस्थान के बीच सुरंग निर्माण, ढलान स्थिरता और क्षमता निर्माण से संबंधित विशेष परामर्श सेवाओं के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा भारत के वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग और नॉर्वे की अनुसंधान परिषद के बीच प्रौद्योगिकी सहयोग पर समझौता हुआ।</p>
<p>वैज्ञानिक अनुसंधान और हरित प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत की वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद और नॉर्वे की सिंटेफ संस्था के बीच वर्ष 2026 से 2029 तक की गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए सहयोग समझौता किया गया। दोनों पक्षों ने समुद्री ऊर्जा, जिसमें अपतटीय पवन ऊर्जा भी शामिल है, पर संयुक्त कार्य कार्यक्रम के लिए एक परियोजना-विशिष्ट कार्यान्वयन समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।</p>
<p>इसके अलावा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद तथा वैज्ञानिक एवं नवाचार अनुसंधान अकादमी ने नॉर्वे के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ हरित परिवर्तन के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोग पर संयुक्त आशय घोषणा को अपनाया। हैदराबाद स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान और नॉर्वे की एमराल्ड जियोमॉडलिंग एएस के बीच वैज्ञानिक और व्यावसायिक सहयोग के लिए भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इन घोषणाओं और समझौतों को भारत और नॉर्वे के बीच हरित विकास, समुद्री सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान आधारित साझेदारी को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 14:31:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नार्वे और भारत के बीच सहयोग की अपार संभावना,नार्वे की कंपनियों के लिए खुले हैं दरवाजे: पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में भारत-नॉर्वे व्यापार शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने नॉर्वे की कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण और समुद्री उद्योगों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। पीएम मोदी ने TEPA समझौते के तहत $100 अरब के निवेश और भारत में 10 लाख रोजगार सृजन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-immense-potential-for-cooperation-between-norway-and-india/article-154317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi8.png" alt=""></a><br /><p>ओस्लो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और नार्वे के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा है कि नॉर्वे की कंपनियों के लिए भारत के दरवाजे खुले हैं और उन्हें स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण, समुद्री उद्योगों और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी में निवेश के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के उत्कृष्ट अवसर हैं। नार्वे की दो दिन की यात्रा पर गये पीएम मोदी ने सोमवार रात भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि व्यापार क्षेत्र और अनुसंधान जगत से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद करना एक सुखद अवसर था।</p>
<p>उन्होंने कहा, "ओस्लो सिटी हॉल में प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे और मैंने एक व्यापार एवं अनुसंधान शिखर सम्मेलन में भाग लिया। व्यापार क्षेत्र और अनुसंधान जगत से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद करना एक सुखद अवसर था। हमारे देशों के पास खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के उत्कृष्ट अवसर हैं। मैंने नॉर्वे को भारत की स्वच्छ ऊर्जा पहलों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मैंने भारत के सुधार एजेंडा के समर्थन में भी अपने विचार रखे। जहाज निर्माण एक ऐसा क्षेत्र है जो व्यापक और असीम संभावनाएं प्रदान करता है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने भारत और नॉर्वे के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग का आह्वान करते हुए नॉर्वे की कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण, समुद्री उद्योगों और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी में निवेश बढ़ाने के लिए कहा। शिखर सम्मेलन में नॉर्वे के क्राउन प्रिंस हाकोन के अलावा 50 से अधिक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ-साथ दोनों देशों के व्यापार और अनुसंधान क्षेत्रों के 250 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। यह आयोजन भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के लागू होने के बाद भारत-नॉर्वे संबंधों में बढ़ती गति को दर्शाता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डाला और दोनों देशों के हितधारकों से व्यापार समझौते के तहत निर्धारित महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "दोनों पक्षों के हितधारकों को टीईपीए के तहत 100 अरब डॉलर के निवेश लक्ष्य तथा भारत में 10 लाख रोजगार सृजन के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास करने चाहिए।" प्रधानमंत्री ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, अनुकूल जनसांख्यिकी और निवेशक-अनुकूल नीतियों पर जोर देते हुए देश को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बताया। उन्होंने नॉर्वे को समुद्री अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित परिवर्तन, महत्वपूर्ण खनिज, नवप्रवर्तन उद्यमों और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में अधिक भागीदारी के लिए आमंत्रित किया, साथ ही सतत विकास और जलवायु कार्रवाई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, "भारत का विशाल आकार, बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताएं और जलवायु प्रतिबद्धताएं नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना के तीव्र विस्तार को बढ़ावा दे रही हैं।" उन्होंने समुद्री क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन में कमी, महासागर स्थिरता और जलवायु वित्त में नॉर्वे की विशेषज्ञता की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के व्यवसायों को नई साझेदारी बनाने और आर्थिक संबंधों को गहरा करने के लिए उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय और नार्वे की कंपनियों तथा संस्थानों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए गए। इससे पहले दिन में, ओस्लो में चार गोलमेज चर्चाएंआयोजित की गईं, जिनमें स्वास्थ्य सेवा नवाचार, समुद्री सहयोग, बैटरी और ऊर्जा भंडारण प्रणाली, डिजिटलीकरण और विद्युतीकरण तथा पवन ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 12:35:34 +0530</pubDate>
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