<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/agreement/tag-6823" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>agreement - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6823/rss</link>
                <description>agreement RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नार्वे और भारत के बीच सहयोग की अपार संभावना,नार्वे की कंपनियों के लिए खुले हैं दरवाजे: पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में भारत-नॉर्वे व्यापार शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने नॉर्वे की कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण और समुद्री उद्योगों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। पीएम मोदी ने TEPA समझौते के तहत $100 अरब के निवेश और भारत में 10 लाख रोजगार सृजन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-immense-potential-for-cooperation-between-norway-and-india/article-154317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi8.png" alt=""></a><br /><p>ओस्लो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और नार्वे के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा है कि नॉर्वे की कंपनियों के लिए भारत के दरवाजे खुले हैं और उन्हें स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण, समुद्री उद्योगों और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी में निवेश के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के उत्कृष्ट अवसर हैं। नार्वे की दो दिन की यात्रा पर गये पीएम मोदी ने सोमवार रात भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि व्यापार क्षेत्र और अनुसंधान जगत से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद करना एक सुखद अवसर था।</p>
<p>उन्होंने कहा, "ओस्लो सिटी हॉल में प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे और मैंने एक व्यापार एवं अनुसंधान शिखर सम्मेलन में भाग लिया। व्यापार क्षेत्र और अनुसंधान जगत से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद करना एक सुखद अवसर था। हमारे देशों के पास खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के उत्कृष्ट अवसर हैं। मैंने नॉर्वे को भारत की स्वच्छ ऊर्जा पहलों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मैंने भारत के सुधार एजेंडा के समर्थन में भी अपने विचार रखे। जहाज निर्माण एक ऐसा क्षेत्र है जो व्यापक और असीम संभावनाएं प्रदान करता है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने भारत और नॉर्वे के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग का आह्वान करते हुए नॉर्वे की कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण, समुद्री उद्योगों और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी में निवेश बढ़ाने के लिए कहा। शिखर सम्मेलन में नॉर्वे के क्राउन प्रिंस हाकोन के अलावा 50 से अधिक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ-साथ दोनों देशों के व्यापार और अनुसंधान क्षेत्रों के 250 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। यह आयोजन भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के लागू होने के बाद भारत-नॉर्वे संबंधों में बढ़ती गति को दर्शाता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डाला और दोनों देशों के हितधारकों से व्यापार समझौते के तहत निर्धारित महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "दोनों पक्षों के हितधारकों को टीईपीए के तहत 100 अरब डॉलर के निवेश लक्ष्य तथा भारत में 10 लाख रोजगार सृजन के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास करने चाहिए।" प्रधानमंत्री ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, अनुकूल जनसांख्यिकी और निवेशक-अनुकूल नीतियों पर जोर देते हुए देश को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बताया। उन्होंने नॉर्वे को समुद्री अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित परिवर्तन, महत्वपूर्ण खनिज, नवप्रवर्तन उद्यमों और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में अधिक भागीदारी के लिए आमंत्रित किया, साथ ही सतत विकास और जलवायु कार्रवाई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, "भारत का विशाल आकार, बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताएं और जलवायु प्रतिबद्धताएं नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना के तीव्र विस्तार को बढ़ावा दे रही हैं।" उन्होंने समुद्री क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन में कमी, महासागर स्थिरता और जलवायु वित्त में नॉर्वे की विशेषज्ञता की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के व्यवसायों को नई साझेदारी बनाने और आर्थिक संबंधों को गहरा करने के लिए उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय और नार्वे की कंपनियों तथा संस्थानों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए गए। इससे पहले दिन में, ओस्लो में चार गोलमेज चर्चाएंआयोजित की गईं, जिनमें स्वास्थ्य सेवा नवाचार, समुद्री सहयोग, बैटरी और ऊर्जा भंडारण प्रणाली, डिजिटलीकरण और विद्युतीकरण तथा पवन ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-immense-potential-for-cooperation-between-norway-and-india/article-154317</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-immense-potential-for-cooperation-between-norway-and-india/article-154317</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 12:35:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/modi8.png"                         length="1321189"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का चीन के साथ 17 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद खरीद का वादा, समझौते पर हस्ताक्षर </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और चीन ने 2017 के बाद का सबसे बड़ा ऐतिहासिक समझौता किया है। इसके तहत चीन अगले तीन वर्षों में प्रतिवर्ष $17 अरब के अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदेगा और 200 बोइंग विमानों को मंजूरी देगा। आर्थिक समन्वय के लिए दो नए बोर्ड स्थापित किए गए हैं और दोनों देशों ने महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी सहमति जताई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-signs-agreement-with-china-promising-to-purchase-agricultural-products/article-154253"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china4.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और चीन ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत चीन ने अगले तीन वर्षों तक प्रतिवर्ष कम से कम 17 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। यह अक्टूबर 2025 में की गयी सोयाबीन संबंधी पूर्व प्रतिबद्धताओं के अतिरिक्त है। व्यापार के अलावा यह समझौता दो नए द्विपक्षीय तंत्रों, अमेरिका-चीन व्यापार बोर्ड और अमेरिका-चीन निवेश बोर्ड की स्थापना भी करता है, जिनका उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा के बाद आर्थिक समन्वय को मजबूत करना है। दोनों पक्षों ने ईरान, उत्तर कोरिया और होर्मुज जलडमरूमध्य सहित प्रमुख भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी सहमति के संकेत दिए हैं।</p>
<p>द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने के व्यापक प्रयास के तहत प्रस्तुत इस समझौते में चीन द्वारा 200 बोइंग विमानों के प्रारंभिक ऑर्डर की मंजूरी भी शामिल है, जो 2017 के बाद बीजिंग की पहली ऐसी प्रतिबद्धता है। व्हाइट हाउस ने कहा कि यह समझौता अमेरिका में उच्च-कुशल विनिर्माण नौकरियों को बढ़ावा देगा और दीर्घकालिक वाणिज्यिक विमानन संबंधों को मजबूत करेगा। यह घोषणा उन वार्ताओं के बाद हुई जिनमें दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक आर्थिक स्थिरता में सुधार लाने के उद्देश्य से उपायों पर सहमति व्यक्त की। वाशिंगटन ने चर्चाओं को कई रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों को शामिल करने वाला बताया। व्हाइट हाउस इसे 2017 के बाद का सबसे महत्वपूर्ण अमेरिका-चीन समझौता मानता है।</p>
<p>इस ऐतिहासिक समझौते की आधारशिला के रूप में, राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति शी ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए दो नए संस्थान अमेरिका-चीन व्यापार बोर्ड और अमेरिका-चीन निवेश बोर्ड की स्थापना की है। इनका उद्देश्य गैर-संवेदनशील वस्तुओं के द्विपक्षीय व्यापार के प्रबंधन और निवेश संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए संस्थागत ढांचा प्रदान करना है। व्हाइट हाउस ने कहा कि चीन ने यट्रियम, स्कैंडियम, नियोडिमियम और इंडियम जैसी दुर्लभ पृथ्वी धातुओं की आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर अमेरिका की चिंताओं को दूर करने और उत्पादन एवं प्रसंस्करण उपकरणों और प्रौद्योगिकियों पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने की प्रतिबद्धता जताई है। चीन दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के उत्पादन और प्रसंस्करण उपकरणों और प्रौद्योगिकियों की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों या सीमाओं को लेकर अमेरिका की चिंताओं का भी समाधान करेगा।</p>
<p>कृषि क्षेत्र में, चीन ने 400 से अधिक अमेरिकी गोमांस उत्पादन इकाइयों की समाप्त हो चुकी सूचियों का नवीनीकरण करके और नए अनुमोदन जोड़कर अमेरिकी गोमांस के लिए बाजार पहुंच बहाल करने पर सहमति व्यक्त की है। इसके साथ ही अमेरिकी कृषि विभाग ने अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा से मुक्त प्रमाणित अमेरिकी राज्यों से मुर्गी पालन का आयात फिर से शुरू करने पर भी सहमति जताई है व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों पक्षों ने व्यापक भू-राजनीतिक चिंताओं पर सहयोग की पुष्टि की, जिनमें ईरान द्वारा परमाणु हथियार प्राप्त करने का विरोध और उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण का समर्थन शामिल है।</p>
<p>दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि किसी भी देश या संगठन को टोल वसूलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति शी ने उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के अपने साझा लक्ष्यों की पुष्टि की। राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्रपति शी को 24 सितंबर को वाशिंगटन आने का निमंत्रण दिया है। दोनों देश इस वर्ष के अंत में होने वाले जी20 और एपेक शिखर सम्मेलनों के मेजबान के रूप में एक-दूसरे का समर्थन करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-signs-agreement-with-china-promising-to-purchase-agricultural-products/article-154253</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-signs-agreement-with-china-promising-to-purchase-agricultural-products/article-154253</guid>
                <pubDate>Mon, 18 May 2026 17:41:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/china4.png"                         length="622324"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी नीदरलैंड दौरा: भारत-नीदरलैंड ने आपसी संबंधों को मजबूत करने पर जताई सहमति, कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड्स के पीएम रोब जेटेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को "रणनीतिक साझेदारी" स्तर पर ले जाने के लिए उच्च स्तरीय वार्ता हुई। व्यापार, रक्षा, एआई और हरित ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 14 समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को जल्द लागू करने पर भी जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-visits-netherlands-india-netherlands-agreed-to-strengthen-mutual-relations/article-154149"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रोब जेटेन के साथ आधिकारिक वार्ता में दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की। साझा मूल्यों और आपसी विश्वास के साथ-साथ दोनों देशों के बीच बढ़ते सामंजस्य और सहयोग को देखते हुए, नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को "रणनीतिक साझेदारी" के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया। उन्होंने व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, उभरती और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, समुद्री क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए एक महत्वाकांक्षी सामरिक साझेदारी रोडमैप अपनाने पर भी सहमति व्यक्त की। बढ़ते व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार साझेदारी पर ध्यान देते हुए, नेताओं ने कहा कि भारत की विकास गाथा द्वारा प्रस्तुत अवसर डच कंपनियों के लिए बेहतर व्यावसायिक संभावनाएं प्रदान करते हैं।</p>
<p>दोनों नेताओं ने निरंतर उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान के माध्यम से द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। जल, कृषि और स्वास्थ्य] में सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने बड़े पैमाने की जल परियोजनाओं पर सहयोग के माध्यम से 'जल पर रणनीतिक साझेदारी' को और अधिक सुदृढ़ करने पर करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य सेवा अनुसंधान, डिजिटल स्वास्थ्य, कृषि और खाद्य सुरक्षा सहित प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का भी स्वागत किया।</p>
<p>पीएम मोदी और जेटेन ने बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों के विस्तार को महत्वपूर्ण बताया। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (भारत-ईयू एफटीए) की परिवर्तनकारी क्षमता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने इस पर जल्द हस्ताक्षर करने और इसे लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड सहयोग सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन प्रदान करेगा।</p>
<p>दोनों नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) और सेमीकंडक्टर सहित उभरती प्रौद्योगिकियों में अधिक सहयोग का भी आह्वान किया। उन्होंने दोनों देशों के युवाओं की भागीदारी वाले शामिल हैकाथॉन आयोजित करने को भी प्रोत्साहित किया। नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताते हुए, उन्होंने एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने के लिए हरित हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, हरित शिपिंग और समुद्री लॉजिस्टिक्स में सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। दोनों प्रधानमंत्रियों ने 'मोबिलिटी पार्टनरशिप' (प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी) और उच्च शिक्षा में सहयोग को मजबूत करने के लिए की गई नयी पहलों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। इस संबंध में, उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय और ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय के बीच संपन्न हुए समझौते पर विशेष रूप से उल्लेख किया।</p>
<p>दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए, पीएम मोदी ने 11वीं शताब्दी की चोल कालीन ताम्रपत्रों की वापसी में सहायता करने के लिए डच सरकार का आभार व्यक्त किया। इस संबंध में, दोनों नेताओं ने लीडेन विश्वविद्यालय पुस्तकालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण(एएसआई) के बीच सहयोग का भी स्वागत किया, जो इन ऐतिहासिक कलाकृतियों के ज्ञान को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। आधिकारिक वार्ता के बाद, प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, व्यापार, मोबिलिटी, जल, कृषि और स्वास्थ्य,शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में 14 समझौता ज्ञापनों(एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री जेटेन को भारत आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। भारत और नीदरलैंड्स के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों तथा विभिन्न क्षेत्रों में बहुआयामी सहयोग पर आधारित मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-visits-netherlands-india-netherlands-agreed-to-strengthen-mutual-relations/article-154149</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-visits-netherlands-india-netherlands-agreed-to-strengthen-mutual-relations/article-154149</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 17:09:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/modi5.png"                         length="729141"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप-जिंनपिग समिट: बीजिंग शिखर सम्मेलन के बाद बनी सहमति, चीन-अमेरिका के बीच विमान खरीद पर समझौता, 200 विमानों की डील</title>
                                    <description><![CDATA[चीन और अमेरिका के बीच विमानों, इंजनों और कलपुर्जों की खरीद को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बीजिंग शिखर सम्मेलन के बाद इस डील पर मुहर लगी। चीन 200 बोइंग विमान खरीदेगा, जिसे भविष्य में 750 तक बढ़ाया जा सकता है, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया मोड़ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-jinpig-summit-agreement-reached-after-beijing-summit-agreement-on-aircraft/article-154108"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china5.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि चीन और अमेरिका के बीच विमानों, विमान इंजनों और अन्य कलपुर्जों की खरीद को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ है। मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने चीन द्वारा अमेरिकी विमानों की खरीद के साथ-साथ चीन को अमेरिकी विमान इंजनों और अन्य घटकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर सहमति व्यक्त की है। इसके साथ ही दोनों देश संबंधित क्षेत्रों में सहयोग को और विकसित करना जारी रखने पर भी सहमत हुए हैं। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया था कि चीन 200 बोइंग विमान खरीदने पर सहमत हुआ है और इस ऑर्डर को भविष्य में 750 विमानों तक बढ़ाने की भी संभावना है। यह महत्वपूर्ण सौदा राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ट्रंप के बीच बीजिंग में हुए शिखर सम्मेलन के तत्काल बाद हुआ है, जिसे चीन ने ह्यऐतिहासिकह्य करार दिया है।</p>
<p><strong>चीन-अमेरिका संबंधों में नया अध्याय </strong></p>
<p>इस शिखर सम्मेलन को दोनों देशों के बीच संबंधों को फिर से परिभाषित करने वाले एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जहां दोनों नेता रणनीतिक स्थिरता के रचनात्मक संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इस वार्ता को द्विपक्षीय संबंधों का एक नया शुरूआती बिंदु करार दिया है जो एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाने के सही रास्ते को खोजने के प्रयासों को दशार्ता है।</p>
<p><strong>चीन-अमेरिका सहयोग पर वांग यी का बयान, एक साथ चल सकते हैं दोनों लक्ष्य</strong></p>
<p>विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग शिखर सम्मेलन को एक महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए कहा कि इस बैठक ने दुनिया को संदेश दिया है कि चीनी राष्ट्र का पुनरुद्धार और ह्यअमेरिका को फिर से महान बनानाह्ण(मागा) एक साथ चल सकते हैं और दोनों देश एक-दूसरे की सफलता में सहायक होकर पूरी दुनिया का कल्याण कर सकते हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-jinpig-summit-agreement-reached-after-beijing-summit-agreement-on-aircraft/article-154108</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-jinpig-summit-agreement-reached-after-beijing-summit-agreement-on-aircraft/article-154108</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 13:11:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/china5.png"                         length="773765"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी का यूएई का दौरा: राष्ट्रपति मोदम्मद बिन जायेद से की बात, पांच अरब डॉलर का होगा निवेश</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी की अबू धाबी यात्रा ऐतिहासिक रही, जहाँ यूएई ने भारत में $5 बिलियन के निवेश की घोषणा की। ऊर्जा, रक्षा, शिपिंग और सुपर कंप्यूटर समेत 6 प्रमुख क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते हुए। यह निवेश भारतीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा और ऊर्जा सुरक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-visit-to-uae-president-mohammed-bin-zayeds-talk/article-153956"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi4.png" alt=""></a><br /><p>अबू धाबी। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारत में पांच अरब डालर के निवेश की घोषणा की है इसके अलावा दोनों देशों ने ऊर्जा, रक्षा, जहाजरानी और सुपर कंप्यूटर सहित छह क्षेत्रों में सहयोग के समझौते किये हैं। शुक्रवार सुबह अमीरात की संक्षिप्त यात्रा पर पहुंचे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति मोदम्मद बिन जायेद अल नहयान के साथ शिष्टमंडल स्तर की और द्विपक्षीय वार्ता की जिसके बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये ।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने ऊर्जा, व्यापार और निवेश, समुद्री अर्थव्यवस्था, तकनीकी क्षेत्र जिसमें फिनटेक शामिल है, रक्षा और लोगों के बीच परस्पर संबंधों पर विस्तार से बात की। उन्होंने पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी अपने दृष्टिकोण साझा किए। प्रधान मंत्री मोदी ने यूएई पर हाल के हमलों और इसकी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करने के प्रयासों की कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।</p>
<p>दोनों पक्षों ने ऊर्जा, रक्षा, अवसंरचना जिसमें जहाजरानी भी शामिल है, और उन्नत तकनीक जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों का भी आदान-प्रदान किया। इससे भारत-यूएई समग्र रणनीतिक साझेदारी को और गति मिलेगी। एक महत्वपूर्ण कदम में यूएई ने भारत में 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है जिससे भारतीय बाजारों और अवसंरचना को मजबूती मिलेगी तथा देश में रोजगार के अवसर बढेंगे। पीएम मोदी की इस यात्रा से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-visit-to-uae-president-mohammed-bin-zayeds-talk/article-153956</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-visit-to-uae-president-mohammed-bin-zayeds-talk/article-153956</guid>
                <pubDate>Fri, 15 May 2026 16:55:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/modi4.png"                         length="557739"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अगले हफ्ते इस्लामाबाद में बातचीत शुरू कर सकते हैं अमेरिका और ईरान : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्रीय शांति समझौते पर अगले सप्ताह इस्लामाबाद में वार्ता फिर शुरू हो सकती है। मसौदे में परमाणु कार्यक्रम, यूरिनियम स्थानांतरण और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम करने जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। राष्ट्रपति ट्रंप अब ईरान के औपचारिक जवाब का इंतजार कर रहे हैं, जो क्षेत्र में शांति का भविष्य तय करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-and-iran-may-start-talks-in-islamabad-next-week/article-153264"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran-casefire.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। व्हाइट हाउस द्वारा ईरान से संघर्ष समाप्ति संबंधी प्रस्ताव पर जवाब की प्रतीक्षा के बीच खबरें सामने आई हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता अगले सप्ताह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में फिर शुरू हो सकती है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मामले से परिचित सूत्रों के हवाले से बताया कि दोनों पक्ष मध्यस्थों के साथ मिलकर एक पृष्ठ के 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन का मसौदा तैयार कर रहे हैं। प्रस्तावित रूपरेखा के तहत एक महीने की वार्ता प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसका उद्देश्य जारी संघर्ष को समाप्त करना है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार मसौदे में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम करने और ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को किसी तीसरे देश में स्थानांतरित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। कई अहम मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बन सकी है। ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत का मुद्दा सबसे बड़ी अड़चन बना हुआ है और माना जा रहा है कि यही वार्ता में देरी या विफलता का कारण बन सकता है। ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आए हैं जब 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किये गये हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया था। ईरान ने जवाबी हमले किए थे और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन प्रभावित हुआ था।</p>
<p>पाकिस्तान की मध्यस्थता में आठ अप्रैल को युद्धविराम हुआ था। इसके बाद 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई वार्ता का पहला दौर किसी स्थायी समझौते तक नहीं पहुंच सका था। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को बिना किसी समय सीमा के आगे बढ़ा दिया था। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि प्रशासन को संघर्ष समाप्ति के प्रस्ताव पर ईरान के जवाब का इंतजार है। उन्होंने सीएनएन से कहा, "हमें आज रात तक जवाब मिलने की उम्मीद है", हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि तेहरान जानबूझकर जवाब में देरी कर रहा है या नहीं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि वॉशिंगटन को शुक्रवार तक ईरान के जवाब की उम्मीद है, हालांकि शनिवार सुबह तक यह स्पष्ट नहीं हो सका था कि ईरान ने औपचारिक रूप से कोई जवाब दिया है या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/america-and-iran-may-start-talks-in-islamabad-next-week/article-153264</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/america-and-iran-may-start-talks-in-islamabad-next-week/article-153264</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2026 17:32:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/iran-casefire.png"                         length="832854"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का बड़ा फैसला : 1,000 कैदियों के अदला-बदली की घोषणा,  रूस-यूक्रेन के बीच 3 दिवसीय युद्धविराम</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'विजय दिवस' पर रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिवसीय युद्धविराम और 1,000 कैदियों की अदला-बदली की ऐतिहासिक घोषणा की। 9 से 11 मई तक प्रभावी इस समझौते का पुतिन और ज़ेलेंस्की दोनों ने समर्थन किया है। यह कदम चार साल से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-decision-of-trump-government-3-day-ceasefire-between-russia-and/article-153217"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों दौरान रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन के युद्धविराम और 1,000 कैदियों की अदला-बदली की घोषणा की है। यह समारोह द्वितीय विश्व युद्ध में नाज़ी जर्मनी पर सोवियत संघ की विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से न केवल सैन्य अभियान रुकेंगे बल्कि युद्ध शुरू होने के बाद से कैदियों की सबसे बड़ी अदला-बदली भी होगी। रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के साथ नौ से 11 मई तक युद्धविराम करने और इस अवधि के दौरान यूक्रेन के साथ "हजार के बदले हजार" कैदियों की अदला-बदली करने की श्री ट्रम्प की पहल पर सहमति व्यक्त की है।</p>
<p>यह अस्थायी युद्धविराम नौ मई से 11 मई तक रहेगा और यह चार साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में जारी राजनयिक प्रयासों के बीच हुआ है। ट्रंप की घोषणा के कुछ ही समय बाद, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पुष्टि किया कि यूक्रेन युद्धविराम में शामिल होगा। रूसी सरकारी मीडिया ने भी कहा कि रूस ने प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है। ज़ेलेंस्की ने एक्स पर पुष्टि किया कि युद्धविराम की व्यवस्था अमेरिका के नेतृत्व में युद्ध को समाप्त करने के लिए किए जा रहे वार्ता प्रयासों के अंतर्गत की गई है जो अब चार साल से अधिक समय से चल रहा है।</p>
<p>उशाकोव ने बाद में कहा कि "अमेरिकी प्रशासन के साथ हमारी टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान इस मामले पर एक समझौता हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि यूक्रेन के संपर्क में भी थे।" उशाकोव के अनुसार, यह समझौता रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ट्रंप के बीच हाल ही में हुई फोन कॉल के बाद हुआ, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हमारे देश सहयोगी थे और विजय दिवस समारोह के दौरान युद्धविराम की संभावना पर भी चर्चा की। यह घोषणा कई दिनों से बढ़ते तनाव के बाद हुई है,जिसमें रूस और यूक्रेन दोनों एक-दूसरे पर रूस के विजय दिवस समारोह से जुड़े अलग-अलग युद्धविरामों के बावजूद हमले जारी रखने का आरोप लगा रहे हैं।</p>
<p>रूस ने इससे पहले नौ मई के विजय दिवस समारोह से जुड़ा एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी, जबकि यूक्रेन ने कहा कि उसने पहले ही छह मई से व्यापक युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था, लेकिन दावा किया कि रूस ने इस प्रस्ताव को नजरअंदाज कर दिया। लगभग दो दशकों में पहली बार, रूस में विजय दिवस परेड में सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा क्योंकि यूक्रेन द्वारा समारोहों को बाधित करने के प्रयास की आशंकाओं के कारण अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं। अधिकारियों ने मास्को और सेंट पीटर्सबर्ग दोनों शहरों के निवासियों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा कारणों से आयोजनों के दौरान मोबाइल इंटरनेट की सुविधा प्रतिबंधित हो सकती है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि रूस का वार्षिक रेड स्क्वायर सैन्य परेड, जो वैश्विक नेताओं और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को आकर्षित करने वाले अंतर्राष्ट्रीय जमावड़े के रूप में जाना जाता है, इस वर्ष बहुत छोटे पैमाने पर आयोजित होने की उम्मीद है। केवल बेलारूस, मलेशिया और लाओस के नेताओं के साथ-साथ कुछ अन्य गणमान्य व्यक्तियों के ही शामिल होने की उम्मीद है। इसी बीच, ट्रम्प ने यूक्रेन संघर्ष के समाधान में सहायता के लिए रूस में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भेजने की इच्छा व्यक्त की है। यूक्रेन पर बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को रूस भेजने की तत्परता के बारे में पूछे जाने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "अगर मुझे लगता है कि इससे मदद मिलेगी तो मैं ऐसा जरूर करूंगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/big-decision-of-trump-government-3-day-ceasefire-between-russia-and/article-153217</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/big-decision-of-trump-government-3-day-ceasefire-between-russia-and/article-153217</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2026 12:08:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/donald-trump.jpg"                         length="56364"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है ईरान: ट्रंप ने युद्ध 'जल्द' खत्म होने ​का किया दावा, बोले-ईरान समझौता अस्वीकार करता है तो  फिर शुरू होगी बमबारी</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम हेतु 14 बिंदुओं वाले समझौते पर चर्चा तेज हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने सकारात्मक संकेत दिए हैं, जबकि ईरान पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। इसमें परमाणु सुविधाओं को बंद करने और ईंधन आपूर्ति जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। वैश्विक शांति के लिए यह वार्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-is-reviewing-the-american-proposal-trump-claimed-that-the/article-153039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि युद्ध समाप्त करने संबंधी अमेरिकी प्रस्ताव अभी "समीक्षाधीन" है और ईरान अपने रुख को अंतिम रूप देने के बाद पाकिस्तानी मध्यस्थों को जवाब देगा। ईरान की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध जल्द समाप्त होने की संभावना जताई है। ट्रंप ने जॉर्जिया में रिपब्लिकन समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, "पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है और समझौते की संभावना है। मुझे लगता है कि हम जीत गये।" उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के उनके प्रयासों के कारण यदि अमेरिकियों को ईंधन कीमतों जैसी अल्पकालिक आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो वह अस्थायी होगा।</p>
<p>अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस ईरान के साथ 14 बिंदुओं वाले एक समझौता ज्ञापन के करीब पहुंच सकता है, जो आगे परमाणु वार्ता के लिए रूपरेखा का काम करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान एक ऐसे समझौते पर काम कर रहे हैं, जिससे युद्धविराम लागू हो सके और 30 दिनों के भीतर परमाणु मुद्दे, ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता जैसे विवादित मुद्दों पर समाधान निकाला जा सके।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि किसी भी समझौते के तहत ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका भेजना होगा और भूमिगत परमाणु सुविधाएं बंद करनी होंगी। दूसरी ओर, ईरान में इस प्रस्ताव को लेकर मतभेद दिखाई दे रहे हैं। ईरानी संसद के एक वरिष्ठ सदस्य ने प्रस्ताव को "अमेरिका की इच्छाओं की सूची" बताया, जबकि एक अन्य अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका आवश्यक रियायतें नहीं देता है तो ईरान "कठोर जवाब" देगा जिससे अमेरिका को पछतावा होगा।</p>
<p>ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने कहा, "अमेरिका युद्ध में वह हासिल नहीं कर पाएगा जो वह प्रत्यक्ष वार्ता में नहीं पा सका।" उन्होंने कहा कि ईरान "पूरी तरह तैयार" है। दूसरी ओर ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर चेतावनी दी कि यदि ईरान समझौता अस्वीकार करता है तो "बमबारी फिर शुरू होगी और पहले से कहीं अधिक तीव्र होगी।" इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के साथ वार्ता कर बातचीत की प्रगति की जानकारी ली।</p>
<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते के संकेतों का स्वागत करता है, लेकिन मध्यस्थ होने के नाते वह बातचीत का विवरण सार्वजनिक नहीं करेगा। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने के प्रयास कर रहा है और यदि अगले दौर की वार्ता इस्लामाबाद में होती है तो यह उसके लिए "सम्मान की बात" होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-is-reviewing-the-american-proposal-trump-claimed-that-the/article-153039</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-is-reviewing-the-american-proposal-trump-claimed-that-the/article-153039</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:20:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/trumpp1.png"                         length="1607955"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप की बड़ी घोषणा: जल्द खत्म हो सकता है युद्ध, समझौते को लेकर ईरान के साथ बातचीत सफल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने पर सकारात्मक चर्चा हुई है। व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा कि ईरान अब समझौता करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप के अनुसार, पिछले दो महीनों से जारी तनाव के बाद अब एक स्थायी शांति संधि की प्रबल संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-may-end-soon-talks-with-iran-regarding/article-152967"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्ध समाप्त करने को लेकर ईरान के साथ अच्छी बातचीत हुई है। ट्रंप ने बुधवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में अमेरिका की ईरान के साथ उस युद्ध को खत्म करने को लेकर बहुत अच्छी बातचीत हुई है, जो दो महीने से ज़्यादा समय से चल रहा है। उन्होंने व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ईरान किसी भी कीमत पर समझौता करना चाहता है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं। पिछले 24 घंटों में हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई है और यह पूरी तरह मुमकिन है कि हम कोई समझौता कर लें।" ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका अभी ईरान को छोड़ देता है, तो देश को फिर से खड़ा होने में 20 साल लग जाएँगे, क्योंकि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल के हमलों से उसे भारी नुकसान पहुँचा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-may-end-soon-talks-with-iran-regarding/article-152967</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-may-end-soon-talks-with-iran-regarding/article-152967</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 11:06:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/trumpp.png"                         length="1153283"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप का यूटर्न : ''प्रोजेक्ट फ्रीडम'' पर लगाई रोक, बोले-होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते में बड़ी प्रगति का दावा किया है। ट्रंप ने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन के लिए शुरू किए गए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को फिलहाल रोक दिया गया है। यह निर्णय आपसी सहमति और पाकिस्तान सहित अन्य देशों के अनुरोध पर समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trumps-ban-on-u-turn-project-freedom-said-a/article-152837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने यह भी घोषणा किया कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रोजेक्ट फ्रीडम को स्थगित करने का निर्णय लिया है ताकि यह आकलन किया जा सके कि शांति समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है या नहीं।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध, ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान मिली जबरदस्त सैन्य सफलता और इसके अलावा, ईरान के प्रतिनिधियों के साथ पूर्ण एवं अंतिम समझौते की दिशा में हुई महत्वपूर्ण प्रगति के आधार पर, हमने पारस्परिक रूप से सहमति व्यक्त की है कि नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी लेकिन प्रोजेक्ट फ्रीडम को थोड़े समय के लिए रोक दिया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि समझौता अंतिम रूप दिया जा सकता है या नहीं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trumps-ban-on-u-turn-project-freedom-said-a/article-152837</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trumps-ban-on-u-turn-project-freedom-said-a/article-152837</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 12:31:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/trump.png"                         length="790718"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त : ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने हमारी शर्तों को किया अस्वीकार, वैंस ने कहा- हम बिना किसी समझौते के लौट रहे वापस</title>
                                    <description><![CDATA[वार्ता बेनतीजा रही। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता से इनकार कर दिया। अमेरिका का ‘अंतिम प्रस्ताव’ भी ठुकरा दिया गया। वैंस के मुताबिक, बिना समझौते लौटना ईरान के लिए ज्यादा नुकसानदेह है, जबकि वॉशिंगटन अब भी ठोस गारंटी की मांग पर कायम है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-iran-talks-ended-without-any-agreement-iranian-delegation-rejected-our/article-150071"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/6622-copy42.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इस्लामाबाद। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने इस्लामाबाद में हुई बातचीत के बाद कहा कि ईरान ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित समझौते की शर्तों को खारिज कर दिया है और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बिना किसी समझौते के वापस लौट रहा है। वैंस ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने हमारी शर्तों को अस्वीकार करने का फैसला किया है। <span> </span>उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए मुख्य मुद्दा यह है कि क्या ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दिखाने को तैयार है। उन्होंने कहा, सवाल सीधा है कि क्या हम ईरानियों की ओर से परमाणु हथियार विकसित न करने की कोई ठोस प्रतिबद्धता देख पा रहे हैं, न सिर्फ अभी, न सिर्फ दो साल बाद, बल्कि दीर्घकालिक रूप से। अभी तक तो ऐसा नहीं हुआ है। हमें उम्मीद है कि ऐसा होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वैंस ने इसे अमेरिकी राष्ट्रपति का मुख्य लक्ष्य करार दिया। उन्होंने कहा कि हालांकि ईरान का परमाणु कार्यक्रम नष्ट हो चुका है, फिर भी भविष्य में परमाणु हथियारों के विकास को रोकने के लिए एक स्पष्ट एवं स्थायी प्रतिबद्धता की आवश्यकता है। वैंस ने कहा कि हालांकि कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई लेकिन समझौते तक पहुंचने में विफल रहना ईरान के लिए अमेरिका से कहीं अधिक बुरी खबर है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव उसका अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वैंस ने कहा कि हमने अपनी सीमाएं स्पष्ट कर दी हैं कि हम किन बातों पर समझौता करने को तैयार हैं और किन पर नहीं और आगे बताया कि ईरानी पक्ष ने उन शर्तों को स्वीकार नहीं किया। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल अब बिना किसी समझौते के वापस लौट रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/us-iran-talks-ended-without-any-agreement-iranian-delegation-rejected-our/article-150071</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/us-iran-talks-ended-without-any-agreement-iranian-delegation-rejected-our/article-150071</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 12:11:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/6622-copy42.jpg"                         length="317003"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान के साथ समझौता अमेरिका की बड़ी जीत : ट्रंप और हमारी सेना ने बनाया संभव, लेविट ने कहा- 38 दिनों में ही मुख्य सैन्य उद्देश्यों को किया हासिल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम को ट्रंप प्रशासन ने बड़ी जीत बताया। व्हाइट हाउस के अनुसार ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में 38 दिनों में ही प्रमुख सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए गए। इस सफलता से अमेरिका को कूटनीतिक बढ़त मिली और होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुला। ट्रंप ने इसे शांति की दिशा में अहम कदम बताया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-agreement-with-iran-was-a-big-victory-for-america/article-149556"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/6622-copy32.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यालय ने अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो सप्ताह के युद्धविराम को अमेरिका की बड़ी जीत बताया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने आज एक बयान में कहा, यह अमेरिका की जीत है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और हमारी शानदार सेना ने संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत से ही राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे चार से छह सप्ताह का अभियान बताया था, लेकिन अमेरिकी सैन्य क्षमताओं के चलते 38 दिनों में ही मुख्य सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर लिया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लेविट ने कहा, हमारे सैनिकों की अछ्वुत क्षमताओं की बदौलत, हमने 38 दिनों में अपने प्रमुख सैन्य लक्ष्यों को हासिल किया है और उनसे भी आगे बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि सैन्य सफलता के कारण अमेरिका को बातचीत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में बढ़त मिली, जिससे कड़े संवाद के जरिए कूटनीतिक समाधान और दीर्घकालिक शांति की संभावना बनी। उन्होंने यह भी दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में सफलता हासिल की। ईरान का कहना है कि जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही उसकी सेनाओं के समन्वय से ही संभव होगी। लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की क्षमता को कम नहीं आंकना चाहिए, क्योंकि उन्होंने अमेरिका के हितों को आगे बढ़ाते हुए शांति स्थापित करने की दिशा में कदम उठाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/the-agreement-with-iran-was-a-big-victory-for-america/article-149556</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/the-agreement-with-iran-was-a-big-victory-for-america/article-149556</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 18:19:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/6622-copy32.jpg"                         length="248291"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        