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                <title>ambassador - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>एर्दोगन और रूसी राजदूत वर्शिनिन ने की मुलाकात : तुर्किये-रूस सहयोग के वर्तमान मुद्दों पर हुई चर्चा, लोगों की समृद्धि और कल्याण की कामना की</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन ने रूसी राजदूत सर्गेई वर्शिनिन से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में दोनों देशों ने आपसी संबंधों को मजबूत करने और साझा हितों के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। एर्दोगन ने राजदूत को नई नियुक्ति पर बधाई भी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/erdogan-and-russian-ambassador-vershinin-met-discussed-current-issues-of/article-152285"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/turkey.png" alt=""></a><br /><p>अंकारा। तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने गुरुवार को रूसी राजदूत सर्गेई वर्शिनिन से मुलाकात की और रूस और तुर्किये के बीच सहयोग के वर्तमान मुद्दों पर चर्चा की। यह जानकारी तुर्किये में रूसी दूतावास ने गुरुवार को दी। दूतावास ने टेलीग्राम पर कहा- एर्दोगन ने वर्शिनिन को तुर्किये में रूसी राजदूत के रूप में नियुक्ति पर बधाई दी और उनके काम में सफलता की कामना की।</p>
<p>"बातचीत के दौरान, रूस-तुर्किये सहयोग के वर्तमान मुद्दों पर चर्चा की गई और रूस तथा तुर्किये के लोगों की समृद्धि और कल्याण के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों को मजबूत करने के प्रति रूस और तुर्किये की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 13:03:45 +0530</pubDate>
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                <title>लॉर्ड मैंडेलसन ने जेफरी एपस्टीन से संबंधों को लेकर सत्तारुढ़ पार्टी से दिया इस्तीफा, सामने आई ये बड़ी वजह</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन के पूर्व मंत्री लॉर्ड पीटर मैंडेलसन ने जेफरी एपस्टीन से संबंधों पर नए खुलासों के बाद लेबर पार्टी से इस्तीफा दिया, पार्टी को शर्मिंदगी से बचाने की बात कही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/lord-mandelson-resigned-from-the-ruling-party-over-his-relations/article-141702"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(12)1.png" alt=""></a><br /><p>लंदन। ब्रिटेन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अमेरिका में पूर्व राजदूत लॉर्ड पीटर मैंडेलसन ने दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ अपने पिछले संबंधों के बारे में नए खुलासे के बाद सत्तारुढ़ लेबर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टस में यह जानकारी दी गयी है।      </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, मैंडेलसन कहा कि उन्होंने लेबर सरकार को और शर्मिंदगी से बचाने के लिए पार्टी छोडऩे का फैसला किया। उन्होंने एपस्टीन के साथ अपने संबंधों की जानकारी देने वाले ईमेल सामने आने के बाद पिछले साल अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत के पद से इस्तीफा दे दिया था।</p>
<p>मैंडेलसन ने पार्टी के महासचिव को लिखे एक पत्र में लिखा, इस सप्ताहांत जेफरी एपस्टीन को लेकर हो रहे हंगामे से मेरा नाम और जोड़ा गया है और मुझे इस पर अफसोस है। पत्र के कुछ हिस्से मीडिया में भी छपे। रिपोर्टस में बताए गए दस्तावेजों के मुताबिक एपस्टीन ने 2003 में 25,000 डॉलर के तीन अलग-अलग लेन देन के जरिए लॉर्ड मैंडेलसन को कुल 75,000 डॉलर का भुगतान किया था। लेबर पार्टी के सूत्रों ने कहा कि इस कदम का मकसद विवाद से होने वाले राजनीतिक असर को रोकना था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 15:21:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पूर्व यूके राजदूत बोले : भारत के 11 एयरबेस पर हमले से घबराया पाकिस्तान, सहारे के लिए सऊदी से समझौता</title>
                                    <description><![CDATA[संघर्ष की दिशा को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया। दक्षिण एशिया में पहले से ही अस्थिर वातावरण में रहा है कि लेकिन भारत के मिसाइलों हमलों ने स्थिति को तेजी से बदल दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/former-uk-ambassador-spoke-in-islamabad-to-saudis-compromise-for/article-128569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>लंदन। पाकिस्तान में काम कर चुके ब्रिटेन के पूर्व राजदूत टिम विलेसि-विल्सी ने कहा है कि पाकिस्तान ने सऊदी अरब सैन्य समझौता हड़बड़ा कर किया है। उन्होंने कहा कि मई महीने में भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस पर मिसाइल हमले किए थे, जिसके बाद पाकिस्तान अपने लिए सुरक्षा चाहता है। पूर्व ब्रिटिश राजनयिक और किंग्स कॉलेज लंदन में विजिटिंग प्रोफेसर, टिम विलेसि-विल्सी ने खुलासा किया कि 10 मई को भारत ने 11 पाकिस्तानी एयरबेस पर मिसाइल हमले किए थे, जिससे इस्लामाबाद को अपनी रक्षा रणनीति को तुरंत और जल्दबाजी में बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। टिम विलेसि-विल्सी ने कहा कि मई महीने की घटना ने दक्षिण एशिया के हालात को पूरी तरह बदल दिया और संघर्ष की दिशा को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया। दक्षिण एशिया में पहले से ही अस्थिर वातावरण में रहा है कि लेकिन भारत के मिसाइलों हमलों ने स्थिति को तेजी से बदल दिया है।</p>
<p><strong>भारत ने पाकिस्तान पर दागी मिसाइलें</strong><br />सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते को लेकर एक इंटरव्यू में बात करते हुए टिम विलेसि-विल्सी ने कहा कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते की टाइमिंग बहुत दिलचस्प है। उन्होंने कहा कि इस समझौते की टाइमिंग दो बातों पर निर्भर हुई है। पहला, कतर में हमास के नेताओं पर इजरायल का हमला, जिसने हर किसी को एक साथ आने का रास्ता तैयार किया और इसने सऊदी और पाकिस्तान को एक गुप्त समझौता करने के लिए मजबूर किया। लेकिन दूसरी बात, जो काफी महत्वपूर्ण है, वो ये कि जो 10 मई को भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान हुआ था। उन्होंने कहा कि भारत ने नाटकीय अंदाज में संघर्ष को काफी बढ़ा दिया था। भारत ने पाकिस्तान वायुसेना के 11 एयरबेस पर मिसाइल हमले किए, जिसने पाकिस्तान को अचानक से और जल्दबाजी में समझौता करने के लिए मजबूर कर दिया। और पाकिस्तान जितने तरह के रक्षा समझौते कर सकता है, वो करने लगा।</p>
<p><strong>भारत और सऊदी के संबंध काफी ज्यादा अच्छे </strong><br />पाक में रह चुके ब्रिटिश राजदूत ने भारत-सऊदी अरब समझौते को लेकर कहा कि मुझे लगता है कि भारत के साथ संबंध को लेकर सऊदी अरब काफी ज्यादा सतर्क रहेंगे, ताकि भारत के साथ उनके संबंध पर इस समझौते का असर ना हो। भारत और सऊदी के संबंध काफी ज्यादा अच्छे हैं। भारत एक उभरती हुई महाशक्ति है और सऊदी अरब खुद को भारत से दूर नहीं रखना चाहेगा। इसीलिए पाकिस्तान के लिए अच्छी बात यही होगी कि वो इस रक्षा समझौते पर ज्यादा निर्भर ना हो। लेकिन पाकिस्तान को ये समझौता सांस लेने की जगह जरूर देता है। लेकिन मुझे नहीं लगता है कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष में सऊदी अरब पाकिस्तान की मदद के लिए अपने फाइटर जेट और सेना को लेकर पाकिस्तान की मदद के लिए जाएगा। <br />ये कतई नहीं होने वाला है। टिम विलेसि-विल्सी का कहना है कि इस अप्रत्याशित दबाव ने पाकिस्तानी नेतृत्व को यह एहसास करा दिया कि उसकी मौजूदा सैन्य तैयारी पर्याप्त नहीं है और उसे नई वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए अपने योजनाओं को ढालना होगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Fri, 03 Oct 2025 11:18:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सऊदी अरब 12 वर्ष बाद सीरिया में नियुक्त कर रहा है राजदूत </title>
                                    <description><![CDATA[राजनयिक संबंध दोबारा बहाल हो गए हैं, सीरिया की सरकारी मीडिया या फिर अधिकारियों ने फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/saudi-arabia-is-appointing-ambassador-to-syria-after-12-years%C2%A0/article-79601"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(18)1.png" alt=""></a><br /><p>सीरिया। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कभी दुश्मन देश रहे सीरिया के साथ अपने संबंधों को फिर से बहाल करने की घोषणा कर दी है। सूचना आई कि सऊदी अरब 12 सालों तक सीरिया के साथ अपने संबंधों को निलंबित रखने के बाद राजधानी दमिश्क में अपने राजदूत की नियुक्ति कर रहा है। संबंधों को सुधारने के मकसद से एक साल पहले ही सीरिया को अरब लीग में भी शामिल किया गया था। सऊदी अरब की सरकारी न्यूज एजेंसी सऊदी प्रेस एजेंसी ने 2012 के बाद से सीरिया में सऊदी के पहले राजदूत के रूप में फैसल अल-मुजफेल की नियुक्ति की घोषणा की है। सऊदी ने राजदूत की नियुक्ति की घोषणा 22 देशों के समूह अरब लीग में सीरिया के दोबारा शामिल होने के एक साल से अधिक समय बाद की है। साल 2011 में सीरिया में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए थे जिसे राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार ने क्रूरता से दबा दिया था। इसके विरोध में सऊदी अरब ने सीरिया के साथ अपने संबंधों को निलंबित कर दिया था। सऊदी ने साल 2012 में सीरिया के साथ अपने संबंध तोड़े थे। अब जबकि राजनयिक संबंध दोबारा बहाल हो गए हैं, सीरिया की सरकारी मीडिया या फिर अधिकारियों ने फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।</p>
<p><strong>14 सालों से गृहयुद्ध की चपेट में है सीरिया</strong><br />सीरिया का विद्रोह समय के साथ गृहयुद्ध में बदल चुका है और 14 सालों बाद इस गृहयुद्ध ने पांच लाख लोगों की जान ले ली है। गृहयुद्ध के कारण 2.3 करोड़ लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। युद्ध लंबे समय से काफी हद तक रुका हुआ है और इसे खत्म करने के लिए राजनीतिक समाधान तलाशे जा रहे हैं। फरवरी 2023 में तुर्की और उत्तरी सीरिया विनाशकारी भूकंप की चपेट में आए. 7.8 तीव्रता के इस भूकंप ने दोनों देशों में भयंकर तबाही मचाई। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 May 2024 11:17:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत के विरोध के बाद थाईलैंड ने डब्ल्यूटीओ से राजदूत को हटाया</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने औपचारिक रूप से थाईलैंड सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराया और डब्ल्यूटीओ प्रमुख, कृषि समिति के प्रमुख केन्या और यूएई के प्रति नाराजगी भी जताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/thailand-removes-ambassador-from-wto-after-indias-protest/article-71588"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/ph-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>अबूधाबी। भारत के चावल खरीद कार्यक्रम को लेकर डब्ल्यूटीओ में थाईलैंड की राजदूत ने विवादास्पद टिप्पणी की थी। इस पर भारत ने विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद थाईलैंड ने उन्हें हटा दिया है। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि थाईलैंड की राजदूत पिमचानोक वॉनकोर्पोन पिटफील्ड को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) 13वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी-13) से हटाकर वापस थाईलैंड आने के लिए कहा गया है। बताया जा रहा है कि थाईलैंड के विदेश सचिव ने उनका स्थान लिया है। मंत्रिस्तरीय वार्ता पांचवें दिन प्रवेश कर गई है।<br />अधिकारी ने कहा कि भारत ने मंगलवार को एक परामर्श बैठक के दौरान पिटफील्ड की टिप्पणियों पर गहरी निराशा जताई थी। उन्होंने भारत पर आरोप लगाया था कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चावल खरीद का कार्यक्रम लोगों के लिए नहीं, बल्कि निर्यात बाजार पर कब्जा करने के लिए है। इसके बाद भारत ने औपचारिक रूप से थाईलैंड सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराया और डब्ल्यूटीओ प्रमुख, कृषि समिति के प्रमुख केन्या और यूएई के प्रति नाराजगी भी जताई।</p>
<p>अधिकारी ने कहा कि थाईलैंड की राजदूत को बदल दिया गया है। उन्होंने भारत के पीएसएच (सार्वजनिक भंडारण) कार्यक्रम का मजाक उड़ाया है। उन्होंने कहा कि थाई राजदूत की भाषा और व्यवहार अच्छा नहीं था। इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने के बाद भारतीय वातार्कारों ने उन समूहों में भाग लेने से भी इनकार कर दिया था, जहां थाई प्रतिनिधि मौजूद थीं।</p>
<p><strong>दुनिया के सामने रखे गलत तथ्य</strong><br />सरकारी अधिकारी ने कहा कि उनके तथ्य गलत थे क्योंकि सरकार खाद्य सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए धान की उपज का केवल 40 फीसदी ही खरीदती है। उन्होंने बताया कि बाकी हिस्से को सरकारी स्वामित्व वाली एजेंसियां नहीं खरीदती हैं और इसे भारत से बाजार कीमतों पर निर्यात किया जाता है। भारत की तरह थाईलैंड भी एक प्रमुख चावल निर्यात देश है। विभिन्न मंचों पर कुछ विकसित और विकासशील देशों ने आरोप लगाया है कि भारत की ओर से चावल जैसी जिंसों का सार्वजनिक भंडारण वैश्विक बाजार में कीमतों को विकृत करता है। भारत 2018 से 2022 तक दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश था। उसके बाद थाईलैंड और वियतनाम थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Sat, 02 Mar 2024 11:11:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी राजदूत ने देखा जंतर-मंतर</title>
                                    <description><![CDATA[राजदूत एरिक गार्सेटी ने विजिट के अनुभवों को विजिटर बुक में साझा भी किया। इस दौरान जंतर-मंतर स्मारक के राकेश गुर्जर भी उपस्थित रहे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/american-ambassador-visited-the-jantar-mantar/article-69261"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo-(17).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने परिवार सहित जंतर-मंतर स्मारक देखा। इस दौरान उन्होंने स्मारक के विभिन्न यंत्रों को देखने के साथ ही उनकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। राजदूत एरिक गार्सेटी ने विजिट के अनुभवों को विजिटर बुक में साझा भी किया। इस दौरान जंतर-मंतर स्मारक के राकेश गुर्जर भी उपस्थित रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Feb 2024 10:36:21 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान ने तेहरान के खिलाफ आरोपों को लेकर जर्मनी के राजदूत को किया तलब </title>
                                    <description><![CDATA[बैठक के दौरान जर्मन दूत को याद दिलाया गया कि ईरान का सह-अस्तित्व के सिद्धांत को बढ़ावा देने में एक शानदार रिकॉर्ड है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-summon-german-ambassador-over-allegations-against-tehran/article-64709"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/iran-flag.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्रालय ने जर्मन अदालत में तेहरान के खिलाफ लगाए गए निराधार आरोप पर तेहरान में जर्मन राजदूत हंस-उडो मुजोल को तलब किया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि मंत्रालय पश्चिमी यूरोप विभाग के प्रमुख निली अहमदाबादी ने जर्मनी में एक यहूदी उपासनागृह पर आगजनी की कथित साजिश को लेकर बर्लिन में ईरानी प्रभारी को तलब किए जाने का भी विरोध किया।</p>
<p>बैठक के दौरान जर्मन दूत को याद दिलाया गया कि ईरान का सह-अस्तित्व के सिद्धांत को बढ़ावा देने में एक शानदार रिकॉर्ड है, क्योंकि इस्लाम और ईरानी संस्कृति में अब्राहमिक धर्मों का सम्मान करने का एक मूल्यवान श्रेणी है। मुजेल ने कहा कि वह ईरान के विरोध को जल्द से जल्द बर्लिन तक पहुंचाएंगे। एक बयान में जर्मन विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने कथित आगजनी की साजिश को लेकर ईरानी प्रभारी को तलब किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Dec 2023 12:49:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>यूनेस्को की शान्ति दूत साक्षी बंसल को डायना पुरस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। जब दिलों में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और हौसलों से उड़ने की ताकत, तो कोई राह मुश्किल नहीं रहती। हौसले से उड़ान भरने वाली ऐसी ही शख्सियत हैं साक्षी बंसल। जो अपने कार्यों से युवाओं के लिए प्रेरणा बनती रही हैं। यूनेस्को की शान्ति दूत साक्षी बंसल को हाल ही अपने उल्लेखनीय सामाजिक कार्यों के लिए प्रतिष्ठित डायना अवार्ड से सम्मानित किया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/diana-award-to-unesco-peace-ambassador-sakshi-bansal/article-13887"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/d-31.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जब दिलों में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और हौसलों से उड़ने की ताकत, तो कोई राह मुश्किल नहीं रहती। हौसले से उड़ान भरने वाली ऐसी ही शख्सियत हैं साक्षी बंसल। जो अपने कार्यों से युवाओं के लिए प्रेरणा बनती रही हैं। यूनेस्को की शान्ति दूत साक्षी बंसल को हाल ही अपने उल्लेखनीय सामाजिक कार्यों के लिए प्रतिष्ठित डायना अवार्ड से सम्मानित किया गया है। मात्र 24 वर्ष की छोटी सी उम्र की साक्षी के कामों की फेहरिस्त बहुत लम्बी है। अपने कार्यों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का चेहरा बनने वाली यह महिला फिलहाल लंदन में रहती है। उल्लेखनीय है कि दिवंगत राजकुमारी डायना की स्मृति में द डायना अवार्ड संस्था द्वारा यह पुरस्कार राजकुमारी के पुत्रों के सहयोग से दिया जाता है। सकारात्मक सामाजिक बदलाव के लिए अपनी सीमाओं और क्षमताओं से परे जाकर कार्य करने वाली उत्साही युवा शक्ति को दिया जाने वाला यह पुरस्कार विश्व भर में प्रतिष्ठित है।  पुरस्कार पाने वाली साक्षी बंसल मूल रूप से राजस्थान के माउंट आबू की निवासी हैं और सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ साथ एक प्रतिष्ठित एवं प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक, रचनाधर्मी एवं सलाहकार हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नवीनतम क्षेत्र में अपनी सलाह से वे कई स्टार्टअप्स को राह दिखा रही हैं। एसोसिएशन ऑफ बिजनेस साइकोलॉजी (यू के) एवं यूरोपीयन एसोसिएशन ऑफ वर्क एंड ओर्गनइजेशनल साइकोलॉजी से मान्यता प्राप्त साक्षी के लेख विश्व भर में प्रकाशित होते रहे हैं। मात्र 19 वर्ष की उम्र में प्रोजेक्ट लीप की स्थापना कर साक्षी ने अपने जीवन की दिशा तय कर ली थी, जब अपने दिल्ली निवास के दिनों में उन्होंने अपने आसपास हजारों लोगों को गरीबी और अशिक्षा से घिरा पाया। उसी समय उन्होंने सोच लिया था कि अशिक्षा के इस कुचक्र से लोगों को निकालने का भरसक प्रयास करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 13:21:25 +0530</pubDate>
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                <title>CM गहलोत से मिले स्विट्जरलैंड के राजदूत</title>
                                    <description><![CDATA[हैकनर ने जनवरी में होने वाली इंवेस्ट समिट में दिखाई रूचि]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cm-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%A4/article-1768"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/cm.met-haknor-jpg.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर। </strong>मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सोमवार शाम को मुख्यमंत्री निवास पर भारत में स्विट्जरलैंड के राजदूत डॉ. रॉफ  हैकनर ने मुलाकात की। गहलोत से हैकनर की यह शिष्टाचार भेंट थी। हैकनर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि निवेश की वृहद् संभावनाओं और ईज ऑफ  डूइंग बिजनेस के लिए राजस्थान सरकार की ओर से लगातार लिए जा रहे फैसलों से स्विस कम्पनियों एवं निवेशकों में भी सकारात्मक संदेश गया है और वे राजस्थान में जनवरी में होने वाली इन्वेस्ट समिट में भागीदारी के लिए दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हैकनर ने बताया कि टूरिज्म के क्षेत्र में स्विट्जरलैंड दुनिया का एक अग्रणी देश है। इसी प्रकार राजस्थान भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र है। इस दिशा में राजस्थान और स्विट्जरलैंड एक-दूसरे की विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए और भी आगे बढ़ सकते हैं। इस दौरान दोनों के बीच सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग पर भी चर्चा हुई। हैकनर ने राज्य में ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों एवं सुधारों की सराहना की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए 20 एवं 21 जनवरी, 2022 को जयपुर में स्टेट इन्वेस्टर समिट ‘इन्वेस्ट राजस्थान-2022’ का आयोजन करने जा रही है। जिसमें स्विस निवेशकों की भी भागीदारी अपेक्षित है। राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहन देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Oct 2021 12:46:42 +0530</pubDate>
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