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                <title>despite - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>despite RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पाबंदी के बावजूद कैसे हो रही है ई- सिगरेट की बिक्री</title>
                                    <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में कानून लाकर ई सिगरेट के निर्माण, आयात, बेचान और वितरण आदि पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद प्रदेश में ई सिगरेट आसानी से मिल रही है। राज्य सरकार कानून के क्रियान्वयन में पूरी तरह फेल हो गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/--despite-the-ban--how-is-the-sale-of-e-cigarettes-happening/article-14646"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/high-court.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> राजस्थान हाइकोर्ट ने प्रतिबंध के बावजूद ई-सिगरेट की बिक्री होने पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सीजे एसएस शिंदे और जस्टिस अनूप ढंड की खंडपीठ ने यह आदेश प्रियांशा गुप्ता की जनहित याचिका पर दिए।</p>
<p>याचिका में कहा गया की केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में कानून लाकर ई सिगरेट के निर्माण, आयात, बेचान और वितरण आदि पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद प्रदेश में ई सिगरेट आसानी से मिल रही है। राज्य सरकार कानून के क्रियान्वयन में पूरी तरह फेल हो गई है।</p>
<p>याचिका में कहा गया की केंद्र सरकार ने आमजन के स्वास्थ्य और ई सिगरेट से होने वाले नुकसान को देखते हुए यह कानून बनाया था, लेकिन कानून को लागू करने के लिए नियम नहीं बनाने से यह कानून उद्देश्य पाने में विफल हो गया है। याचिका में गुहार की गई है की कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकार को दिशा निर्देश दिए जाए। इसके अलावा कानून को लागू करने के लिए संबंधित नियम बनाए जाए। इसके अलावा मामले में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Jul 2022 14:16:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> शिक्षक भर्ती-2021 में सफल होने के बावजूद नियुक्ति नहीं देने का मामला, प्रमुख शिक्षा सचिव और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सहित अन्य से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2021 में सफल होने के बावजूद नियुक्ति नहीं देने पर प्रमुख शिक्षा सचिव और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सहित अन्य से जवाब मांगा है। वहीं अदालत ने एक पद याचिकाकर्ता के लिए रिक्त रखने को कहा है। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह ने यह आदेश कन्हैया लाल पाटीदार की याचिका पर दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-rajasthan-high-court--despite-being-successful-in-teacher-recruitment-2021--has-sought-a-reply-from-the-principal-secretary-and-director-of-elementary-education-including-others-for-not-giving-appointment/article-14367"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/hc1.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p class="MsoNormal">जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2021 में सफल होने के बावजूद नियुक्ति नहीं देने पर प्रमुख शिक्षा सचिव और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सहित अन्य से जवाब मांगा है। वहीं अदालत ने एक पद याचिकाकर्ता के लिए रिक्त रखने को कहा है। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह ने यह आदेश कन्हैया लाल पाटीदार की याचिका पर दिए।<br /><br />याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि विभाग ने गत 31 दिसंबर 2021 को तृतीय श्रेणी शिक्षक पद के लिए भर्ती निकाली थी। याचिकाकर्ता 12वीं के साथ बीएसटीसी योग्यता रखता है। वहीं रीट के अंकों के आधार पर उसका चयन इस भर्ती में हो गया था, लेकिन विभाग ने यह कहते हुए उसे नियुक्ति से इनकार कर दिया कि उसने बीएसटीसी के अंतिम वर्ष के साथ स्नातक की परीक्षा भी दी है। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने शिक्षक भर्ती के आवेदन में अपनी योग्यता बीएसटीसी और 12वीं दिखाई है। ऐसे में उसे स्नातक की परीक्षा के आधार पर नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगते हुए एक पद याचिकाकर्ता के लिए रिक्त रखने को कहा है।<br /><br /> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><br style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" /></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 16:23:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली के जहांगीरपुरी में हिंसा मामला; सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अतिक्रमण विरोधी अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली के जहांगीरपुरी में अवैध अतिक्रमण ढहाने की कार्रवाई को मध्य प्रदेश से जोड़कर देखा जा रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/-violence-case-in-delhi-s-jahangirpuri--anti-encroachment-campaign-despite-supreme-court-order--mcd-s-yellow-paw-lasted-for-about-2-hours/article-8215"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/delhi-jahangispuri.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में बढ़ते तनाव के बीच उत्तरी दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बुधवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने की घोषणा की, जिसे देखते हुए क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई। आम तौर पर इस तरह की कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की जाती है लेकिन इस बार एनडीएमसी ने कई घंटों पहले एक पत्र जारी कर घोषणा कर दी कि क्षेत्र में 20 और 21 अप्रैल को अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। चौकाने वाली बात है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद जहांगीरपुरी में MCD की कार्रवाई कुछ जगहों पर जारी थी।</p>
<p>दिल्ली के जहांगीरपुरी में अवैध अतिक्रमण ढहाने की कार्रवाई को मध्य प्रदेश से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां रामनवमी जुलूस के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद राज्य सरकार ने 45 दुकानों और मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया। जहांगीरपुरी में बुधवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई शुरू की। एक घंटे के भीतर ही सुप्रीम कोर्ट ने इस ऑपरेशन पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है, जिसमें दंगे के आरोपियों के घर गिराने का विरोध किया गया है। अदालत ने कहा कि कल गुरूवार तक सुनवाई तक जहांगीरपुरी में यथास्थिति बरकरार रखी जाए।</p>
<p>बता दे कि क्षेत्र के ज्यादातर लोगों ने आदेश आने के बाद बीती रात अपना सामान समेटकर इलाका खाली करने की कोशिश की। इनमें से ज्यादातर कबाड़ी वाले या ऐसे लोग हैं जो थोक विक्रेताओं से सामान खरीदकर उसे रेहड़ी-पटरी पर बेचते हैं। इलाके के एक निवासी ने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई कोई नई बात नहीं है लेकिन हिंसा जरूर नई थी। उन्होंने कहा कि हम इस क्षेत्र में पीढिय़ों से हमेशा सद्भावना के साथ रहे हैं। यह एक बार की घटना है जिसे शरारती तत्वों द्वारा गलत मंशा से अंजाम दिया गया है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने एनडीएमसी के महापौर को पत्र लिखकर जहांगीरपुरी हिंसा में गिरफ्तार लोगों द्वारा 'अवैध अतिक्रमण' और निर्माण की पहचान कर उनका विध्वंस करने की मांग की थी। उन्होंने एक पत्र में लिखा, था कि जैसा कि आप जानते हैं, हनुमान जयंती के अवसर पर जहांगीरपुरी में शोभा यात्रा निकाली गई थी। कुछ असामाजिक तत्वों और दंगाइयों ने उस पर पथराव किया। इन असामाजिक तत्वों और दंगाइयों को स्थानीय आम आदमी पार्टी विधायक और पार्षद का समर्थन प्राप्त है। इसके परिणामस्वरूप इन लोगों ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया है इसलिए, इन दंगाइयों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण की पहचान की जानी चाहिए और इसके ऊपर बुलडोजर चलाए जाने चाहिए।<br /><br />इलाके में 16 अप्रैल की सांप्रदायिक हिंसा के बाद घटनास्थल की जांच के दौरान सोमवार को अपराध शाखा के अधिकारियों को पथराव की स्थिति का सामना करना पड़ा था, जिसके मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी शासित नागरिक निकाय ने दिल्ली पुलिस से कानून व्यवस्था संभालने के लिए 400 सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने का अनुरोध किया। उल्लेखनीय है कि 16 अप्रैल को जहांगीरपुरी में हनुमान शोभायात्रा के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हुए थे और एक पुलिस उप-निरीक्षक को गोली भी लगी थी। <br /><br /><br /><br /><br /></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Apr 2022 14:44:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पर्याप्त भोजन के बावजूद भुखमरी के कगार पर?</title>
                                    <description><![CDATA[ स्थिति गंभीर है और देश व्यापक भूख से जूझ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/on-the-verge-of-starvation-despite-having-enough-food/article-6943"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/anaj_bhukhmari.jpg" alt=""></a><br /><p>ग्लोबल हंगर इंडेक्स वैश्विक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर भूख को ट्रैक करता है। यह अपने स्कोर की गणना करने के लिए चार मापदंडों का उपयोग करता है जैसे कि अल्पपोषण, बच्चों की कम वृद्धि दर और बाल मृत्यु दर। जीएचआई 2021 की रिपोर्ट ने भारत को बांग्लादेश, पाकिस्तान और नेपाल से नीचे 101वें स्थान पर रखा है। स्थिति गंभीर है और देश व्यापक भूख से जूझ रहा है।</p>
<p><br />भारत वैश्विक भूख सूचकांक में खराब प्रदर्शन पर है यद्यपि हमारे पास अतिरिक्त भोजन है, अधिकांश छोटे और सीमांत कृषक परिवार अपने साल भर के उपभोग के लिए पर्याप्त खाद्यान्न का उत्पादन नहीं करते हैं। लोगों के एक वर्ग की सापेक्ष आय में गिरावट आई है। इसका पर्याप्त भोजन खरीदने की उनकी क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, खासकर जब खाद्य कीमतों में वृद्धि हो रही है।</p>
<p><br />छोटी और सीमांत जोत से कृषि उत्पादन या तो स्थिर है या मिट्टी की उर्वरता में कमी, खंडित भूमि या कृषि उपज के बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव जैसे कारणों से घट रहा है। भारत के बच्चों की कम वृद्धि दर  54.2% (1998-99) से घटकर 34.7% (2016-18) हो गई  हैं, हालांकि अभी भी वैश्विक स्तर की तुलना में इसे उच्च माना जाता है। जीएचआई में शामिल सभी देशों की तुलना में भारत में बच्चों की कम पोषण की दर सबसे अधिक है, जो कि 17.3% है (1998-99 में यह 17.1% थी)।<br />भारत में कुपोषण के कई आयाम हैं जैसे कि कैलोरीफिक कमी, प्रोटीन की भूख, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी (जिसे छिपी हुई भूख भी कहा जाता है), सुरक्षित पेयजल की खराब पहुंच और स्वच्छता की खराब पहुंच (विशेषकर शौचालय), टीकाकरण के निम्न स्तर और शिक्षा विशेषकर महिलाओं की। कोविड के बाद ग्रामीण आजीविका के नुकसान और कृषि क्षेत्र के अलावा आय के अवसरों की कमी ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी में भारी योगदान दिया है। जिसके विपरीत प्रभाव ने भुखमरी को जन्म दिया है।</p>
<p><br />इन सबसे निपटने के लिए हमें सबसे पहले फसलें उगानी होंगी और साथ ही खासकर छोटे और सीमांत किसानों को केंद्र सरकार के समर्थन से लघु और सीमांत जोत पर नए सिरे से ध्यान देना अनिवार्य है। दूसरा, सरकार समाज के कमजोर वर्ग को पका हुआ पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रावधान कर सकती है। फूड फोर्टिफिकेशन या फूड एनरिचमेंट प्रमुख विटामिन और खनिज जैसे आयरन, आयोडीन, जिंक, विटामिन ए और डी को चावल, दूध और नमक जैसे मुख्य खाद्य पदार्थों में शामिल करना है ताकि उनकी पोषण सामग्री में सुधार हो सके। कृषि-पोषण लिंकेज योजनाओं में कुपोषण से निपटने में अधिक प्रभाव की संभावना है और इन पर अधिक जोर देने की आवश्यकता है। पोषण अभियान के प्रत्येक राज्य के मेनू में दूध और अंडे को शामिल करके जलवायु परिस्थितियों, स्थानीय खाद्य पदार्थों आदि के आधार पर एक मेनू तैयार करने से विभिन्न राज्यों में बच्चों को सही पोषण प्रदान करने में मदद मिल सकती है।<br />सरकारों, निजी और गैर सरकारी संगठनों को अतिव्यापी भोजन और स्वास्थ्य संकटों के प्रति अपनी प्रतिक्रियाओं का सावधानीपूर्वक समन्वय करना चाहिए और यह सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक संगठनों के साथ काम करना चाहिए कि हस्तक्षेप सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य हैं, सबसे कमजोर तक पहुंचें और स्थानीय पारिस्थितिक तंत्र को संरक्षित करें।<br />भोजन की कीमत न केवल उसके वजन या मात्रा के आधार पर होनी चाहिए, बल्कि उसके पोषक तत्व घनत्व, संदूषण से उसकी स्वतंत्रता और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं और सामाजिक न्याय में उसके योगदान से भी होनी चाहिए। सरकारों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच का विस्तार करना चाहिए, साथ ही स्वस्थ आहार और बच्चों को खिलाने के तरीकों पर शिक्षा देनी चाहिए।</p>
<p><br />छोटे जोत वाले किसानों को टिकाऊ और विविध उत्पादक बनने में सहायता करना, सरकारों और गैर सरकारी संगठनों को नई तकनीकों के साथ स्थानीय और स्वदेशी कृषि ज्ञान को जोड़कर कृषि आदानों और विस्तार सेवाओं तक उन किसानों की पहुंच में सुधार करना चाहिए। मौजूदा मानवाधिकार-आधारित बहुपक्षीय तंत्र और अंतरराष्ट्रीय मानकों- जैसे विश्व खाद्य सुरक्षा पर समिति- को समावेशी नीति निर्माण और टिकाऊ खाद्य प्रणालियों का समर्थन करने के लिए मजबूत किया जाना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड  महामारी भूख और गरीबी को कम करने की दिशा में हुई प्रगति को प्रभावित कर सकती थी। रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक दुनिया दूसरे सतत विकास लक्ष्य - जिसे जीरो हंगर फॉर शॉर्ट के रूप में जाना जाता है - को प्राप्त करने के लिए ट्रैक पर नहीं है। वर्तमान गति से, लगभग 37 देश कम भूख तक पहुंचने में भी विफल होंगे, जैसा कि ग्लोबल द्वारा परिभाषित किया गया है।इस रैंकिंग से हमें अपने नीतिगत फोकस और हस्तक्षेपों को देखने के लिए प्रेरित करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे जीएचआई द्वारा उठाई गई चिंताओं को विशेष रूप से महामारी से प्रेरित पोषण असुरक्षा के खिलाफ प्रभावी ढंग से निपट सके।<br /> - <strong>सत्यवान 'सौरभ'</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong><br /><br /><strong>प्रसंगवश</strong><br />भारत वैश्विक भूख सूचकांक में खराब प्रदर्शन पर है यद्यपि हमारे पास अतिरिक्त भोजन है, अधिकांश छोटे और सीमांत कृषक परिवार अपने साल भर के उपभोग के लिए पर्याप्त खाद्यान्न का उत्पादन नहीं करते हैं। लोगों के एक वर्ग की सापेक्ष आय में गिरावट आई है। इसका पर्याप्त भोजन खरीदने की उनकी क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, खासकर जब खाद्य कीमतों में वृद्धि हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/on-the-verge-of-starvation-despite-having-enough-food/article-6943</link>
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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 14:35:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>खाद्य तेलों में उबाल</title>
                                    <description><![CDATA[ बीते सप्ताह खाद्य तेलों में 1538 रुपए प्रति क्विंटल की उबाल के साथ ही दाल-दलहन और मीठे के बाजार में भी तेजी रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/despite-the-firmness-in-the-global-market--there-was-a-rise-in-the-market-of-pulses--pulses-and-sweets--with-the-rise-in-edible-oils-by-rs-1538-per-quintal-last-week-due-to-off-take-at-the-local-level/article-6100"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/oil.jpg" alt=""></a><br /><p> नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में टिकाव के बावजूद स्थानीय स्तर पर उठाव होने से बीते सप्ताह खाद्य तेलों में 1538 रुपए प्रति क्विंटल की उबाल के साथ ही दाल-दलहन और मीठे के बाजार में भी तेजी रही। तेल तिलहन : वैश्विक स्तर पर मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम ऑयल का मार्च वायदा समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 7093 रिंगिट प्रति टन पर स्थिर रहा। इसी तरह मार्च का अमेरिकी सोया तेल वायदा भी सप्ताहांत पर 74.72 सेंट प्रति पाउंड पर टिका रहा। सप्ताहांत पर पाम ऑयल 1538 रुपए, वनस्पति तेल 1465 रुपए, सूरजमुखी तेल 1319 रुपए, मूंगफली तेल 1172 रुपए और सोया रिफाइंड 880 रुपए प्रति क्विंटल उबल गया। वहीं, सरसों तेल के भाव पिछले स्तर पर पड़े रहे। सप्ताहांत पर सरसों तेल 19341 रुपए प्रति क्विंटल, मूंगफली तेल 18974 रुपए प्रति क्विंटल, सूरजमुखी तेल 18754 रुपए प्रति क्विंटल, सोया रिफाइंड 17729 रुपए प्रति क्विंटल, पाम आॅयल 16116 रुपए प्रति क्विंटल और वनस्पति तेल 17435 रुपए प्रति क्विंटल पर रहा।</p>
<p><br /><strong>दाल-दलहन</strong> : बीते सप्ताह उठाव मजबूत रहने से दाल-दलहन के बाजार में तेजी रही। सप्ताहांत पर उड़द दाल 350 रुपए, मूंग दाल 150 रुपए, चना 100 रुपए और दाल चना 100 रुपए प्रति क्विंटल चढ़ गई। वहीं मसूर दाल और अरहर दाल में टिकाव रहा। सप्ताहांत पर चना 4700-4800, दाल चना 5800-5900, मसूर  काली 8700-8800, मूंग दाल 8750-8850, उड़द दाल 9250-9350, अरहर दाल 8000-8100 रुपए प्रति क्विंटल रही। अनाज : बीते सप्ताह अनाज के बाजार में मिश्रित रुझान रहा। सप्ताहांत पर गेहूं 90 रुपए प्रति क्विंटल महंगा हो गया जबकि चावल में स्थिरता रही।  सप्ताहांत पर अनाज (भाव प्रति क्विंटल) : गेहूं दड़ा 2350-2450 रुपए और चावल : 2500-2600 रुपए प्रति क्विंटल पर रहा। चीनी-गुड़ : आलोच्य सप्ताह मीठे के बाजार में तेजी रही। सप्ताहांत पर चीनी 20 रुपए और गुड़ 50 रुपए प्रति क्विंटल चढ़ गया। सप्ताहांत पर चीनी एस. 3360-3460, चीनी एम. 3720-3820, मिल डिलीवरी 3310-3410 और गुड़ 3100-3200 रुपए प्रति क्विंटल पर रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 12:02:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अशोक गहलोत 3.0 : कोरोना के बावजूद नहीं रुकी रफ्तार विकास की</title>
                                    <description><![CDATA[1.0 (1998 से 2003)अकाल के दौरान बेहतर प्रबंधन अकाल के दौरान बेहतर प्रबंधन, 2.0 (2008 से 2013) फ्री दवा-जांच, पेंशन, 3.0 (2018 से अब तक) कोरोना में कुशल प्रबंधन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-3-0---%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%A6-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80/article-3281"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/gehlot2.jpg" alt=""></a><br /><div>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार के शुक्रवार को तीन साल पूरे हो रहे हैं। इन तीन साल में सरकार में कई उतार-चढ़ाव भी आए, लेकिन कोरोना काल में कई चुनौतियों के बावजूद प्रदेश में विकास की रफ्तार नहीं रुकी। गहलोत ने तीन साल में चिकित्सा इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ ही रिफाइनरी जैसे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को नई गति प्रदान की। कोरोनाकाल में कुशल प्रबंधन कर अपने अनुभव और सूझबूझ का देश-दुनिया में लोहा मनवाया, लेकिन सियासी संकट का भी सामना किया, जिसके चलते 34 दिन सरकार बाड़ाबंदी में रही। गहलोत के प्रभावी नेतृत्व के चलते सरकार पर कोई संकट नहीं आया। तीसरी वर्षगांठ के नजदीक आते-आते मंत्रिमण्डल का भी विस्तार भी हुआ। अब राजनीतिक नियुक्तियां भी जल्द होने की उम्मीद है।<br /> <strong><br /> 501 में से करीब 70 फीसदी वादे पूरे</strong><br /> कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र को सरकार बनते ही उसे सरकारी दस्तावेज बनाकर जनघोषणा पत्र का नाम दिया। सरकार ने तीन साल में जन घोषणा पत्र के 501 वादों में से करीब 70 फीसदी वादे पूरे कर दिए हैं, जबकि अन्य पर काम जारी है।<br /> <br /> <strong>तीन साल में ये महत्वपूर्ण फैसले किए</strong></div>
<p>    मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ<br />     आर्थिक आधार पर सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण<br />     लघु एवं मध्यम उद्योग इकाइयों को रजिस्ट्रेशन में छूट<br />     प्रशासन शहरों एवं गांवों के संग अभियान<br />     किसानों के लिए अगले वित्तीय वर्ष से अलग बजट पेश करने की घोषणा<br />     इंदिरा प्रियदर्शनी योजना के लिए फण्ड का गठन<br />     थानों में अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज करने की सुविधा<br />     24 दिसंबर को कैबिनेट की पहली बैठक में ही पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कई फैसले बदले<br />     राहुल गांधी के किसानों की कर्जमाफी का पूरा किया वादा<br />     पंचायतीराज चुनावों में शैक्षणिक योग्यता और निकाय प्रमुख के सीधे चुनाव का फैसला बदला<br />     राज्य की सभी 144 मंडियों को इनाम पोर्टल से जोड़ा गया<br />     हस्तशिल्प और हथकरघा निदेशालय का गठन<br />     राजीव गांधी सेवा केन्द्रों को ई-लाइब्रेरी से जोड़ा<br />     प्रदेश में नई शिक्षा नीति बनाने की दिशा में काम हुआ<br />     बंद किए गए 20000 स्कूलों की समीक्षा कर नए सिरे से खोले गए<br />     महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले<br />     राज्य की सभी पंचायत समितियों में बालिका छात्रावास बनाए गए<br />     मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना में कैंसर, ह्दय, सांस, गुर्दा रोग की दवा को शामिल<br />     राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 28 लाख बीपीएल के 1.17 करोड़ स्टेट बीपीएल के 29 लाख यानी कुल 1 करोड़ 74 लाख लाभार्थियों को एक मार्च 2019 से एक रुपए प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं वितरण<br />     राज्य की नई राजस्थान पर्यटन नीति बनीं, 100 करोड़ रुपए के पर्यटन विकास कोष का गठन<br />     महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य में 24 घंटे महिला हेल्पलाइन<br />     पांच श्रेणी में ट्यूबवैल खोदने के लिए एनओसी लेने की बाध्यता खत्म<br />     पंचायतों का नए सिरे से पुनर्गठन का काम पूरा किया।<br />     हरिदेव जोशी पत्रकारिता और डॉ. अम्बेडकर लॉ विश्वविद्यालय फिर से शुरू किया</p>
<p><br /> <strong>36 कौम मुझे प्यार नहीं करती तो तीसरी बार सीएम नहीं बनता: मेरी जाति का मैं खुद एक ही एमएलए हूं-गहलोत</strong><br />  सियासी संकट से उबरकर सरकार चला रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विरोधियों का नाम लिए बिना कहा कि ‘36 कौम उन्हें प्यार करती हंै और उन पर विश्वास करती हैं, जिसके चलते वो आज तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं।’ सीएम ने कहा कि वे जिस जाति से आते हैं, उसके तो वो एकमात्र ही विधायक हैं और जाति-पाति के हिसाब से वह मुख्यमंत्री नहीं बन पाते।</p>
<p><br /> गहलोत ने गुरुवार को बिड़ला सभागार में डॉ. भीमराव अंबेडकर लॉ विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कहीं। सीएम ने कहा कि मुझे खुशी है कि मैंने जो सपना देखा था अंबेडकर विश्वविद्यालय का, वह आखिरकार पूरा हुआ। मुझे तो ऐसा लगता है कि मेरे सपनों को पूरा करने के लिए ही प्रदेश की जनता ने मुझे तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाया है, क्योंकि और कोई कारण ही नहीं है कि जाति-पाति के हिसाब से मैं तीसरी बार मुख्यमंत्री बन पाता। गहलोत ने कहा कि मुझे 36 कौम का प्यार मिला, इसी कारण मैं आज आपके सामने खड़े होकर दो बात कह पाने की स्थिति में हूं।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Dec 2021 11:11:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>भरतपुर में गैंगरेप होने के बावजूद भी एसएचओ का मुकदमा दर्ज नहीं करना गहलोत सरकार पर भारी : रामलाल शर्मा ने कहा, </title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने प्रदेश में बढ़ रहे अपराधों पर सरकार को लिया आड़े हाथों कहा- यदि प्रदेश में इसी तरीके से ही अपराध बढ़ते रहे तो आने वाले समय मे इन पर अंकुश लगाना होगा मुश्किल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61ab03bc7ac93/article-2919"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/ramlal-sharma1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की सरकार दावा इस बात का करती है कि मुकदमों की संख्या इसलिए बढ़ रही है कि जो भी परिवादी थाने के अंदर जाता है उसकी एफ.आई.आर. दर्ज होती है, लेकिन आज जिस तरीके का मामला सामने आया है कि भरतपुर जिले में गैंगरेप होने के बावजूद भी एसएचओ ने मुकदमा दर्ज करने की हिम्मत नहीं की और परिवादी जब पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचे तब जाकर एफआईआर दर्ज की गई। इसलिए सरकार के यह दावे की जो भी परिवादी थाने में जाता है उसके एफआईआर दर्ज होती है, इसलिए मुकदमे अधिक हो रहे हैं कारण यह नहीं है कि राजस्थान के अंदर अपराध अपने चरम सीमा के ऊपर है। राजस्थान की सरकार अपराधों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हुई है। और राजस्थान की सरकार आने वाले समय में अगर अपराध इसी तरीके से बढ़ते चले गए तो इन पर अंकुश लगा पाना मुश्किल होगा और वह दिन इस प्रदेश के लिए सबके लिए दुखदाई होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Dec 2021 12:07:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समय पर जवाब पेश नहीं करने पर चिकित्सा विभाग पर हर्जाना</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने नर्स ग्रेड सेकंड के पद पर कार्यरत कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन नहीं देने के मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE/article-2726"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/hc7.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने नर्स ग्रेड सेकंड के पद पर कार्यरत कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन नहीं देने के मामले में लंबित याचिका में बार-बार समय देने के बावजूद जवाब पेश नहीं करने पर चिकित्सा विभाग पर दस हजार रुपए का हर्जाना लगाया है। अदालत ने कहा है कि हर्जाना राशि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कराई जाए। वहीं अदालत ने प्रकरण की सुनवाई तीन दिसंबर को तय करते हुए कहा है स्पष्ट किया है कि यदि जवाब पेश नहीं किया गया तो प्रकरण को मेरिट पर सुनकर तय कर दिया जाएगा। जस्टिस महेन्द्र कुमार गोयल ने यह आदेश रामचरण शर्मा व अन्य की याचिका पर दिए।</p>
<p> सुनवाई के दौरान विभाग के अधिवक्ता ने जवाब पेश करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 14 दिसंबर 2020 को जवाब के लिए तीन सप्ताह  का समय दिया गया था। इसके बाद गत 14 अप्रैल 2021 को फिर से दो सप्ताह का समय देते हुए जवाब पेश करने का अंतिम मौका दिया गया था। वहीं विभाग ने 28 जुलाई को फिर से चार सप्ताह का समय मांग लिया। इसके बावजूद अब एक बार फिर से जवाब के लिए समय मांगा जा रहा है। ऐसे में राज्य सरकार पर दस हजार रुपए का हर्जाना लगाते हुए समय दिया जा रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्योजीराम शर्मा ने बताया कि याचिकाकर्ता टोंक जिले में नर्स ग्रेड सेकंड के पद पर कार्यरत हैं। विभाग ने करीब डेढ़ साल से उनका वेतन रोक रखा है। इस संबंध में कई बार लिखित में प्रार्थना पत्र देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Nov 2021 16:05:37 +0530</pubDate>
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                <title>HC ने RU और 5 ईयर लॉ कन्वीनर से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[5 ईयर विधि पाठ्यक्रम में प्रवेश से जुडे मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/619e1c889e557/article-2698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/hc6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने 5 ईयर विधि पाठ्यक्रम में प्रवेश से जुडे मामले में एमबीसी वर्ग के अभ्यर्थी के प्रवेश परीक्षा में ओबीसी वर्ग से अधिक अंक आने के बावजूद उसे एमबीसी में शामिल नहीं करने पर राजस्थान विवि और 5 ईयर लॉ कन्वीनर से जवाब मांगा है। न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह ने यह आदेश अनामिका सिंह गुर्जर की याचिका पर दिए। याचिका में कहा गया कि पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षा में एमबीसी वर्ग के कुछ अभ्यर्थियों ने ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों से अधिक अंक हासिल किए हैं। इसके बावजूद भी उन्हें एमबीसी वर्ग में ही प्रवेश दिया गया है। जबकि नियमानुसार ओबीसी वर्ग से अधिक अंक हासिल करने पर अभ्यर्थी को ओबीसी वर्ग में प्रवेश दिया जाना चाहिए था। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Nov 2021 17:18:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी ने किया पदभार ग्रहण : कहा, कोरोना काल के बावजूद 3 साल में सरकार ने बेहतर कार्य किए</title>
                                    <description><![CDATA[जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरेंगे जोशी?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AF-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A1%E0%A5%89-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%A6%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%A3---%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%A6-3-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%8F/article-2683"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/whatsapp-image-2021-11-24-at-11.35.43.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी ने बुधवार को सचिवालय स्थित मुख्य भवन में पदभार ग्रहण किया। डॉ जोशी ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री ने जो जिम्मेदारी दी है, उस पर तो खरा उतरना ही है, साथ ही जनता की उम्मीदों पर भी खरा उतरना है। जिस तरह से आज प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जनता कांग्रेस की तरफ देख रही है। आज देश में जो हालात बने हैं, उसका नतीजा अभी उपचुनाव में भी राजस्थान में देखने को मिला कि दोनों सीटों पर भाजपा की करारी हार हुई है। इससे साबित होता है कि प्रदेश और देश की जनता भाजपा से किस तरह से ऊब चुकी है। कांग्रेस के प्रति लोगों के  भाव और विचार अब और ज्यादा प्रगड़ हुए हैं, भाजपा केवल मुद्दों से भटकाने का काम करती है जिस से काम नहीं चलने वाला है बल्कि अब देश और प्रदेश की जनता समझ चुकी है। प्रदेश में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लीडिंग पोजीशन में है, जिस तरह से कोरोना काल में बेहतर प्रबंधन किया और प्रदेश की जनता का पूरा ख्याल रखा इसी का नतीजा यह रहा कि दोनों विधानसभा के उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार हुई और कांग्रेसमें लोगों ने विश्वास जताते हुए दोनों सीटों पर वह मत दिया  जोशी ने कहा कि मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है यह एक बहुत बड़ा महकमा है जिस तरह से पहले भी माननीय बीडी कल्ला जी ने विभाग में बेहतर काम किया है तो मैं भी कोशिश करूंगा कि अच्छा सा अच्छा काम किया जाए यह एक ऐसा विभाग है जो हर आदमी से जुड़ा हुआ है पानी हर चीज की जरूरत है पिछले 3 साल में जलदाय विभाग में बहुत अच्छे काम हुए हैं अकेले मेरे क्षेत्र में करीब 165 करोड़ की योजना मंजूर हुई, जहां तक विभाग की छवि का सवाल है तो मैं नहीं मानता कि पिछले 3 साल में ऐसी कोई बात सामने आई है और आना काल में भी विभाग में बहुत अच्छे काम किए हैं अब जल जीवन मिशन का काम भी प्रगति पकड़ने लगा है उम्मीद करेंगे कि विभाग की योजनाओं को निर्धारित समय में ही धरातल पर उतारा जाए विभाग की समीक्षा पर जानकारी दी जाएगी कि अभी किस तरह से कौन सा काम है जो चल रहे हैं उनकी क्या स्थिति है?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Nov 2021 12:33:05 +0530</pubDate>
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                <title>घोषणा के बावजूद किसानों की आशंका से मोदी सरकार की क्रेडिबिलिटी खत्म:गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों की जीत हुई,हम आगे भी किसानों के साथ खड़े रहेंगे:डोटासरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%98%E0%A5%8B%E0%A4%B7%E0%A4%A3%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4/article-2539"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/gehlot-dotasra.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तीन कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बावजूद किसानो के लिखित में कानून वापसी की मांग पर  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर जुबानी हमला बोला है।</p>
<p><br /> गहलोत ने पीसीसी में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब सरकार की क्रेडिबिलिटी खत्म हो जाती है,तब यह आशंका पैदा हो जाती है। क्रेडिबिलिटी का संकट पैदा हो गया है। इस सरकार के सामने घोषणा के बाद भी लोगों में शक है कि यह क्या करेंगे प्रधानमंत्री। अगर घोषणा कर दी उसके बाद भी अगर लोगों के मन में शंका है तो यह क्रेडिबिलिटी का संकट है। इसको भी इन्हें समझना चाहिए। इसलिए हम बार-बार कह रहे हैं कि देश किस दिशा में जाएगा इसके लिए ज्यादा कोई नहीं जानता। इनकम टैक्स ई डी सीबीआई पर जो दबाव है, वह दबाव में पूरा देश है। तीन कृषि कानून वापसी के फैसले को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसानों की जीत बताते हुए कहा कि 1 साल तक चले आंदोलन में किसानों ने इतिहास रचा है। गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के बावजूद भी किसानों के मन में शंका है कि यह सरकार सिर्फ घोषणा कर सकती है, इसलिए किसान लिखित में कृषि कानून रद्द होने की बात कर रहे हैं।</p>
<p><strong><br /> किसानों के लंबे संघर्ष के बाद केन्द्र को झुकना पड़ा:</strong><br />  गहलोत ने कहा कि किसानों के लंबे संघर्ष के बाद केंद्र की मोदी सरकार को झुकना पड़ा और मोदी को आज इसकी घोषणा करनी पड़ी। हमारी सरकार ने तो 3 कृषि कानून पहले ही खारिज कर दिए थे।  गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा लगातार यूपी में कैंप किए हुए हैं और बूथ मैनेजमेंट पर लगे हुए हैं। जहां उन्हें जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। यह लोग समझ गए हैं कि कृषि कानूनों को लेकर जनता में गहरी नाराजगी है और चुनाव जीतने के लिए अब इन लोगों ने कृषि कानून वापस लिए हैं। अगर यह लोग यूपी में चुनाव हार गए तो इनका 2024 में सरकार बनाने का सपना पूरा नहीं हो पाएगा।</p>
<p><br /> देशभर में हाल ही में हुए उपचुनाव में बीजेपी का सूपड़ा साफ हो गया। इनके प्रत्याशियों की जमानत जप्त हो गई। इनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में भाजपा पटखनी खा गई। जिसके बाद केंद्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम में कमी की। आज भी देश में महंगाई बहुत ज्यादा है देश में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है।</p>
<p><strong><br /> </strong></p>
<p><strong>किसानों की जीत हुई,हम आगे भी किसानों के साथ खड़े रहेंगे:डोटासरा</strong><br /> जयपुर: कृषि कानून वापस होने पर पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने इसे किसानों की जीत बताया है।डोटासरा ने कहा कि  किसानों के संघर्ष के आगे मोदी शाह का घमंड और षड्यंत्र हार गया।</p>
<p><br /> पीसीसी में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से तीन कृषि कानून वापस लेने की घोषणा करना किसानों की जीत है। आज अन्नदाता की जीत हुई है और मोदी शाह के घमंड और षड्यंत्र की हार हुई है। आंदोलन के दौरान 700 किसानों की मौत हो चुकी है। उसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और और भाजपा सरकार के मन में  बेईमानी है। इन लोगों ने केवल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह कदम उठाया है। मोदी सरकार को मालूम था कि कोर्ट में फैसला उनके खिलाफ आने वाला है, इसलिए सरकार को आगे आकर कानून वापस लेने पड़े। हमारी अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी किसानों के संघर्ष के साथ खड़े हैं। कांग्रेस और किसानों का चोली दामन का साथ है। जब भी किसानों पर परेशानी आई है कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी रही है।  जो वादे किसानों से मोदी सरकार ने किए थे उन्हें पूरा करना चाहिए,उन्होंने कहा कि आगे भी किसान कृषि कानूनों को लेकर जो भी फैसला लेंगे कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 19 Nov 2021 13:07:32 +0530</pubDate>
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                <title>जारी है तेल में आग : पेट्रोल-डिजल में 35-35 पैसे प्रति लीटर बढ़े दाम</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नरमी के बावजूद घरेलू स्तर पर पेट्रोल डीजल में उबाल जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%86%E0%A4%97---%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B2-%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-35-35-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AE/article-1954"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/petrol-disal10.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गुरूवार को कच्चे तेल के उच्चतम स्तर से फिसलने के बावजूद घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन उबाल जारी रहा। इन दोंनों की कीमतों में 35-35 पैसे प्रति लीटर की बढोतरी की गयी जिसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 108.29 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.02 रुपये प्रति लीटर के सर्वकालिक रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया।</p>
<p><br /> मुंबई में पेट्रोल 114.14 रुपये और डीजल 105.12 रुपये प्रति लीटर पर, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल सबसे महंगा 116.98 रुपये प्रति लीटर पर और डीजल 106.38 रुपये प्रति लीटर पर, पटना में पेट्रोल 112.04 रुपये और डीजल 103.64 रुपये प्रति लीटर, बेंगलुरू में पेट्रोल 112.06 रुपये और डीजल 102.98 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है।</p>
<p>कोलकाता में भी पेट्रोल के 108.78 रुपये प्रति लीटर पर और डीजल भी 100.14 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच चुका है।राँची में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मात्र 18 पैसे का अंतर रह गया है। पेट्रोल 102.54 रुपये और डीजल 102.36 रूपये प्रति लीटर पर है। दिल्ली एनसीआर के नोएडा में पेट्रोल 105.44 रुपये और डीजल 97.28 रुपये प्रति लीटर पर है।</p>
<p><br /> अभी देश के सभी प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर को पार कर चुकी है। अधिकांश शहरों में डीजल भी शतक लगा रहा है। इस महीने में अब तक 28 दिनों में से 21 दिन इन दोनों की कीमतों में बढोतरी हुयी है। इस महीने में अब तक पेट्रोल 6.65 रुपये प्रति लीटर और डीजल 7.25 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।</p>
<p><br /> बाजार अध्ययन एवं साख निर्धारण करने वाली कंपनी गोल्डमैन सैक्स ने अगले साल तक ब्रेंट क्रूड के 110 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने की रिपोर्ट के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को अमेरिका में कच्चे तेल में भारी गिरावट रही। इसके साथ ही गुरूवार को सिंगापुर में कच्चे तेल में कारोबार नरमी के साथ शुरू हुआ। ब्रेंट क्रूड 2.09 डॉलर उतरकर 82.49 डॉलर प्रति बैरल पर और अमेरिकी क्रूड 1.79 डॉलर फिसलकर 80.87 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।</p>
<p><br /> तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल 108.29 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.02 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया।</p>
<p><br /> पेट्रोल-डीजल के मूल्यों की रोजाना समीक्षा होती है और उसके आधार पर हर दिन सुबह छह बजे से नयी कीमतें लागू की जाती हैं।देश के चार बड़े महानगरों में आज पेट्रोल और डीजल के दाम इस प्रकार रहे:<br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>शहर का नाम——पेट्रोल (रुपये/लीटर)——(डीजल रुपये/लीटर)</strong></span></span><br /> <strong>दिल्ली————— 108.29—————— 97.02<br /> मुंबई-—————114.14—————— 105.12<br /> चेन्नई—————105.13 -—————101.25<br /> कोलकाता————108.78—————-—100.14</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Oct 2021 12:19:38 +0530</pubDate>
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