<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/graveyard/tag-6856" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>graveyard - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6856/rss</link>
                <description>graveyard RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> जमीन के विवाद में अटकी श्मशान घाट की सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश में अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों को उठानी पड़ती है परेशानी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cremation-ground-facilities-stalled-due-to-land-dispute/article-162559"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>सांगोद। आजादी के 78 वर्ष बाद भी जिले के दूसरे सबसे बड़े उपखंड सांगोद के कई गांव बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। सांगोद पंचायत समिति के काशीपुरा गांव में स्थिति ऐसी है कि ग्रामीणों को अपने परिजनों का अंतिम संस्कार भी सम्मानजनक तरीके से कराने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गांव के श्मशान घाट पर न टीनशेड है, न बैठने की व्यवस्था और न ही बारिश से बचाव के लिए कोई स्थायी इंतजाम। बरसात के दिनों में अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार बारिश होने पर श्मशान घाट में रखी लकड़ियां भीग जाती हैं, जिससे चिता जलाने में काफी परेशानी होती है। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को खुले आसमान के नीचे बारिश में खड़े रहना पड़ता है। कई बार ग्रामीण तिरपाल बांधकर किसी तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करते हैं। ऐसे में जीवन के अंतिम पड़ाव पर भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों को खल रहा है।</p>
<p><strong>प्रशासन से कई बार लगा चुके हैं गुहार</strong><br />ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर टीनशेड सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कई बार ग्राम पंचायत एवं प्रशासन के समक्ष रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। बारिश के मौसम में हर बार यही स्थिति सामने आती है और किसी परिवार में मृत्यु होने पर परिजनों को दुख की घड़ी में अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग</strong><br />ग्रामीणों ने श्मशान घाट पर टीनशेड, पक्का चबूतरा, पानी की व्यवस्था और पहुंच मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी जरूरी व्यवस्था के लिए ग्रामीणों को मौसम की मार नहीं झेलनी पड़े, इसके लिए जरूरी है।</p>
<p>काशीपुरा में श्मशान घाट केलिएजिस भूमि का आवंटन किया गया था, वह वर्तमान में विवादित है। भूमि विवाद के चलते वहां विकास कार्य नहीं कराए जा सके हैं। राजस्व विभाग की ओर से वैकल्पिक भूमि आवंटित किए जाने के बाद श्मशान घाट का निर्माण एवं वहां आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- सूरज वर्मा, ग्राम विकास अधिकारी, काशीपुरा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cremation-ground-facilities-stalled-due-to-land-dispute/article-162559</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cremation-ground-facilities-stalled-due-to-land-dispute/article-162559</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 17:01:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/1200-x-60-px%29-%28youtube-thumbnail%29-%282%292.png"                         length="1838999"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 53: कब्रिस्तान में बैठने की नहीं व्यवस्था, मिट्टी की पड़ रही जरुरत </title>
                                    <description><![CDATA[इस वार्ड की सबसे बड़ी समस्या सार्वजनिक शौचालय और क्षेत्र का कब्रिस्तान है। शौचालय कई सालों पहले बना था उसके बाद इसकी ओर ध्यान नहीं दिया गया आज इसके हालात इतने खराब हो चुके है कि इसके बाहर से निकलना भी मुश्किल है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-53--there-is-no-arrangement-for-sitting-in-the-cemetery--there-is-a-need-for-soil/article-32832"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/ward-53---kabristaan-mei-baidhane-ki-nahi-vyavastha-mitti-ki-pad-rahi-zaroorat...kota-news..20.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्वच्छता सर्वेक्षण सूची में भले ही नगर निगम कोटा उत्तर को निचला पायदान मिला हो लेकिन उसी निगम के क्षेत्र में आने वाले वार्ड 53 के हालात बीते सालों की अपेक्षा काफी सुधरे हैं परन्तु अभी कुछ कार्य होने शेष है। यहां के निवासियों की माने तो कुछ समय पहले तक वे लोग मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भी तरसते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। कोटा नगर निगम उत्तर के वार्ड 53 में घन्टाघर, चश्मे की बावड़ी, मुसाफिर खाना, रघु पान वाले की गली, नारायण पान वाले की गली तथा शनि मन्दिर की गली आदि क्षेत्र आते हैं। इस वार्ड का प्रतिनिधित्व कोटा उत्तर के उप महापौर सोनू कुरैशी करते हैं। यहां रहने वालों की मानें तो कुछ सालों पहले तक इस वार्ड के कई इलाकों में सड़कों के हालात इतने बुरे थे कि वाहनों पर तो दूर पैदल तक चलना मुश्किल काम था। क्षेत्र के लोग पीने के पानी तक को मुंह ताकते थे। ना बिजली का पता ना पानी का। लेकिन वर्तमान पार्षद के अभी तक के कार्यकाल में कई ऐसे कार्य हुए है जिनसे लोगों को राहत मिली है। </p>
<p>जो सड़के सालों से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही थी उनको ठीक करवाया गया है। वार्ड की लगभग 70 से 80 प्रतिशत सड़कें या तो नई बना दी गई है या उनको ठीक करवा दिया गया है। वहीं फिलहाल घरों में पीने की पानी की पूरी आपूर्ति होती है। हां, बेशक अभी भी वार्ड में कुछ सुधारों की महत्ती आवश्यकता है। फिलहाल इस वार्ड की सबसे बड़ी समस्या सार्वजनिक शौचालय और क्षेत्र का कब्रिस्तान है। चश्मे की बावड़ी क्षेत्र में बने सार्वजनिक शौचालय के हालात बद से बदत्तर है। बताया जाता है कि ये शौचालय कई सालों पहले बना था लेकिन उसके बाद इसकी ओर ध्यान नहीं दिया गया और आज इसके हालात इतने खराब हो चुके है कि इसके बाहर से निकलना भी मुश्किल है। शौचालय के बाहर ही कचरे के ढेÞर लगे रहते है। गंदगी जमा रहती है। इसी प्रकार क्षेत्र में बने कब्रिस्तान में लोगों के बैठने की व्यवस्था नहीं है, कब्रिस्तान में मिट्टी डलवाये जाने की आवश्यकता है। </p>
<p><strong> इनका कहना है</strong><br />तीन चार सालों पहले तक हमारे वार्ड की सड़के खुदी पड़ी थी, कोई सुध लेने नहीं आता था लेकिन अब सड़कों के हालात काफी ठीक हो चुके हैं। पीने की पानी की समस्या भी पहले जितनी नहीं है। अब तो बस सार्वजनिक शौचालय को कैसे भी करके ठीक करवा दिया जाये तो लोगों को इस समस्या से भी निजात मिल जाये।<br /><strong>- मोहम्मद यूनुस अंसारी, वार्डवासी </strong></p>
<p>हमारी तरफ के इलाकों में सड़के नई बनी हैं। सफाई भी अब पहले से ठीक रहने लगी है। पीने का पानी आने लगा है। अब कब्रिस्तान को भी ठीक करवाना चाहिए। अभी हमारी तरफ और भी नालियों की भी जरूरत है। पार्षद ने अच्छे काम करवाये है।<br /> <strong> - मेहराज, निवासी वार्ड 53 </strong></p>
<p>वार्ड की सबसे बड़ी समस्या उधड़ी हुई सड़कें और पीने का पानी थी। इलाके की लगभग सभी सड़कों को ठीक करवा दिया गया है। अब तो क्षेत्र के मकानों की तीसरी मंजिल तब पानी पहुंच रहा है। मैं ख्ुाद देर रात तक लोगों की समस्याओं को सुनता हंू। निगम की ही नहीं अन्य समस्याओं को भी सुलझाने का प्रयास किया जाता है। सार्वजनिक शौचालय के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया विचाराधीन है। जल्द ही लोगों को इस समस्या से भी निजात दिलवा दी जाएगी। <br /> <strong>- फरीदुद्दीन कुरैशी, पार्षद व उप महापौर। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-53--there-is-no-arrangement-for-sitting-in-the-cemetery--there-is-a-need-for-soil/article-32832</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-53--there-is-no-arrangement-for-sitting-in-the-cemetery--there-is-a-need-for-soil/article-32832</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Dec 2022 16:45:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-12/ward-53---kabristaan-mei-baidhane-ki-nahi-vyavastha-mitti-ki-pad-rahi-zaroorat...kota-news..20.12.2022.jpg"                         length="175851"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सफेद बाघों की कब्रगाह बना नाहरगढ़ जैविक उद्यान</title>
                                    <description><![CDATA[नाहरगढ़ जैविक उद्यान सफेद बाघ-बाघिन के लिए कब्रगाह साबित हो रहा है। यहां अब तक तीन बाघ-बाघिन लाए गए, जिससे पर्यटकों की रुचि बढ़ी, लेकिन सभी की मौत हो गई। प्रदेश में एक मात्र सफेद बाघ चीनू ने रविवार को 12 बजकर, 18 मिनट पर दम तोड़ दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nahargarh-biological-park-became-the-graveyard-of-white-tigers/article-14059"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/white-tiger-new.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> नाहरगढ़ जैविक उद्यान सफेद बाघ-बाघिन के लिए कब्रगाह साबित हो रहा है। यहां अब तक तीन बाघ-बाघिन लाए गए, जिससे पर्यटकों की रुचि बढ़ी, लेकिन सभी की मौत हो गई। प्रदेश में एक मात्र सफेद बाघ चीनू ने रविवार को 12 बजकर, 18 मिनट पर दम तोड़ दिया। चीनू के शुरुआती लक्षण लेप्टोस्पायरोसिस के लगे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट से मौत होना आया है। वन विभाग ने मेडिकल बोर्ड बनाकर उसका पोस्टमार्टम कराया और बाद में उसका अन्तिम संस्कार किया।</p>
<p><strong>बीमार था चीनू</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सफेद बाघ चीनू दो जुलाई से बीमारी के चलते कभी आधा तो कभी एक किलो ही डाइट ले रहा था। 5 जुलाई से इनसे खाना बंद कर दिया था, केवल सूप और पानी पी रहा था।</p>
<p><br /><strong>मॉनिटरिंग की कमी से हो रही मौतें</strong><br />विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रशिक्षित वन्यजीव चिकित्सक, प्रशासनिक लापरवाही और मॉनिटरिंग की कमी ने नाहरगढ़ जैविक उद्यान में आए दुर्लभ सफेद बाघ जीवित नहीं बचे। जब सफेद बाघ राजा में लेप्टोस्पायरोसिस मिलने की बात सामने आई थी, उस समय भी उसे कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दिया। ऐसा ही सीता के समय हुआ था।</p>
<p><strong>पिंजरे में केवल हाइब्रीड शेरनी, प्योर एशियाटिक सफारी में   </strong><br />नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बिग कैट्स की बात करें तो अब बाघ नाहर, शिवाजी, बाघिन रंभा, महक और रानी बचे हैं। यहां एक हाइब्रीड शेरनी सुहासिनी पिंजरे में डिस्प्लेड है। इसके अतिरिक्त विजिटर्स को प्योर एशियाटिक लॉयन केवल लॉयन सफारी में ही देखने को मिलेंगे। यहां शेर त्रिपुर, शेरनी तारा और सृष्टि रहवास कर रहे हैं, जिन्हें रोटेशन के आधार पर सफारी में छोड़ा जाता है।</p>
<p>नाहरगढ़ जैविक उद्यान में इससे पूर्व भी दो सफेद बाघ-बाघिन की मौत हो चुकी है। दिल्ली जू एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत सफेद बाघिन सीता को 2013 में जयपुर चिड़ियाघर लाया गया था और इसका जोड़ा सफेद बाघ राजा के साथ बनाया गया। नाहरगढ़ जैविक उद्यान बनाए जाने के बाद सभी वन्यजीवों का यहां शिफ्ट कर दिया। इनकी वंश बढ़ोतरी होती, उससे पहले ही सफेद बाघिन सीता की 27 सितंबर, 2019 को केनाइन डिस्टेंपर से मौत हो गई। सफेद बाघ राजा ने भी 4 अगस्त, 2020 को लेप्टोस्पायरोसिस से दम तोड़ दिया।</p>
<p>19 सितम्बर, 2019 को शेरनी सुजैन की कैनाइन डिस्टेंपर से मृत्यु<br />21 सितम्बर, 2019 को नौ माह की शावक बाघिन रिद्धि की कैनाइन डिस्टेंपर से मृत्यु<br />9 जून, 2020 को 18 माह के शावक बाघ रुद्र की लेप्टोस्पायरोसिस से मृत्यु<br />11 जून, 2020 को लेप्टोस्पायरोसिस से शेर सिद्धार्थ की मृत्यु<br />18 अक्टूबर, 2020 को कॉर्डियक अरेस्ट से शेर कैलाश की मृत्यु<br />3 नवम्बर, 2020 को लेप्टोस्पायरोसिस से शेर तेजस की मृत्यु<br />12 दिसम्बर, 2020 को शेरनी तारा के शावक की कमजोरी से मृत्यु</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nahargarh-biological-park-became-the-graveyard-of-white-tigers/article-14059</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nahargarh-biological-park-became-the-graveyard-of-white-tigers/article-14059</guid>
                <pubDate>Mon, 11 Jul 2022 16:12:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/white-tiger-new.jpg"                         length="359167"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>HC ने मुख्य सचिव कलेक्टर, एसपी और वक्फ बोर्ड सहित अन्य से जवाब मांगा... जाने क्यों</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर के अंदर कोट इलाके में स्थित कब्रिस्तान भूमि पर अतिक्रमण के मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hc-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0--%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AB-%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE----%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82/article-1773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/hc4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाइकोर्ट ने अजमेर के अंदर कोट इलाके में स्थित कब्रिस्तान भूमि पर अतिक्रमण के मामले में मुख्य सचिव कलेक्टर, एसपी और वक्फ बोर्ड सहित अन्य से जवाब मांगा है। न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार और न्यायाधीश मनोज व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश नासिर खान की जनहित याचिका पर दिए।</p>
<p><br /> याचिका में कहा गया की इस कब्रिस्तान भूमि को वर्ष 1965 में अधिसूचना जारी कर वक्फ सम्पत्ति घोषित किया गया था। याचिका में कहा गया की कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों ने कब्रिस्तान की कुछ भूमि पर पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया है। इस संबंध में स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के आलाधिकारियों को भी शिकायत दी है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hc-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0--%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AB-%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE----%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82/article-1773</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hc-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0--%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AB-%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE----%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82/article-1773</guid>
                <pubDate>Tue, 19 Oct 2021 14:39:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/hc4.jpg"                         length="48408"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        