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                <title>Viksit Bharat 2047 - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Viksit Bharat 2047 RSS Feed</description>
                
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                <title>'सेवा तीर्थ' में पहली बार बैठा मोदी मंत्रिमंडल: नए कार्यालय को बताया देश के नवनिर्माण की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति, भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लिया संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नवनिर्मित कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में पहली केंद्रीय कैबिनेट बैठक आयोजित। 'सेवा संकल्प' प्रस्ताव पारित कर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-cabinet-sitting-in-seva-teerth-for-the-first-time/article-144463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(2)13.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फाल्गुन मास की शुक्ल अष्ठमी, मंगलवार को पहली बार यहां नवनिर्मित प्रधानमंत्री कार्यालय भवन सेवा तीर्थ में अपनी पहली बैठक में सेवा संकल्प प्रस्ताव पारित किया और इसे भारत की विकास यात्रा में एक नया आरंभ बताया।</p>
<p>इस प्रस्ताव में पिछले एक दशक की उपलब्धियों और सुधारों को गिनाते हुए संकल्प व्यक्त किया गया है कि यह सरकार सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाते हुए भारत को निकट भविष्य में विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम करेगी। प्रस्ताव में भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के प्रति मंत्रिमंडल की प्रतिबद्धता और समर्पण भी व्यक्त किया गया है।   </p>
<p>कैबिनेट द्वारा स्वीकृत सेवा संकल्प में कहा गया है, आज युगाब्द 5127, विक्रम संवत 2082, शक संवत् 1947, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष..अष्टमी के दिन...24 फरवरी, 2026 को, माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में, नए प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिमंडल की ऐतिहासिक प्रथम बैठक आयोजित हो रही है।</p>
<p>नए भवन को नये भारत के निर्माण की अभिव्यक्ति बताते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, यह बैठक एवं यह भवन नए भारत के नवनिर्माण की एक प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति है। इस शुभारंभ के साथ ही हम उस भविष्य का स्वागत कर रहे हैं, जिसके निर्माण में सदियों का श्रम लगा है। आजादी के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक में इतने दशकों तक सरकारों ने विरासत को संभाला और भविष्य के सपने देखे। हमने एक ऐसे भारत के सपने देखे, जिसकी सोच स्वदेशी हो, स्वरूप आधुनिक हो, और सामथ्र्य अनंत हो। आज यह सेवातीर्थ उसी संकल्पना का वह मूर्तिमान अवतार है जो लोकतन्त्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को बढ़ाएगा।</p>
<p>नए प्रधानमंत्री कार्यालय के स्थान के अंग्रेजों के राज के दौर के बैरक वाले इतिहास को याद करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, आज इस अवसर पर इस स्थान के इतिहास को भी स्मरण कर रहे हैं। सेवा तीर्थ उन अस्थायी बैरकों के स्थान पर बना है, जो ब्रिटिश काल के थे। उस स्थान पर राष्ट्र संचालन के सक्रिय संस्थान का निर्माण नये भारत के कायाकल्प का भी प्रतीक है।</p>
<p>प्रस्ताव में आगे कहा गया है, गुलामी के कालखंड से पहले भारत की पहचान एक ऐसे राष्ट्र के रूप में होती थी जो एक ओर अपनी भौतिक भव्यता के लिए भी जाना जाता था, और दूसरी ओर अपने मानवीय मूल्यों के लिए। सेवातीर्थ की संकल्पना इन दोनों ही आदर्शों से मिलकर बनी है। कर्तव्य, सेवा और समर्पण की त्रिवेणी से यह कार्यस्थल एक तीर्थ की भांति पवित्र हो, यह इसकी मूलभावना है।</p>
<p>इसमें कहा गया है, सेवा तीर्थ में हो रही इस पहली बैठक के साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल यह संकल्प दोहराता है कि यहां लिया गया हर निर्णय 140 करोड़ देशवासियों के प्रति सेवा-भाव से प्रेरित होगा और राष्ट्र-निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा होगा। भारत के संविधान को सरकार की नैतिक प्रतिबद्धता बताते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, हमारे लिए संवैधानिक मूल्य उस नैतिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति हैं, जो शासन को नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ती है। सेवा तीर्थ की कार्य-संस्कृति इसी आत्मा से संचालित होगी, जहां हर नीति संविधान की मूल भावना के अनुरूप होगी और हर निर्णय देशवासियों की आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी होगा।</p>
<p>केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह संकल्प दोहराया, इस परिसर में लिया गया प्रत्येक निर्णय नागरिक देवो भव की भावना से प्रेरित होगा। यह स्थान सत्ता के प्रदर्शन का नहीं, प्रत्येक भारतवासी के सशक्तिकरण का केंद्र बनेगा। सेवा तीर्थ से संचालित शासन का हर प्रयास देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को सरल बनाने की भावना से जुड़ा रहेगा। हम ये दोहराते हैं कि हम अपनी परिकल्पना के मुताबिक शासन के उस  मॉडल को और मजबूती देंगे, जो पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिक की संवेदनाओं के प्रति सजग हो    </p>
<p>इसमें कहा गया है, सेवा तीर्थ उस गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता का उत्तर है, जो जड़ता की जगह गतिशीलता को, उदासीनता की जगह निष्ठा को और संदेह की जगह समाधान को बढ़ावा देता है। इसी सोच के साथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते वर्षों में लिये गये निर्णयों ने शासन के उद्देश्य को नयी स्पष्टता दी है। करोड़ों नागरिकों के जीवन में आये बदलाव ने शासन के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत किया है।</p>
<p>मोदी सरकार की एक दशक की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, बीते एक दशक में 25 करोड़ से अधिक नागरिकों को गरीबी से बाहर निकालकर देश ने असंभव समझे जाने वाले काम को संभव करके दिखाया है। ऐसे अनेक कीर्तिमानों के पीछे सरकार की दूरगामी सोच, व्यापक परिकल्पना और अथक परिश्रम रहा है। आयुष्मान भारत के माध्यम से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोडऩे का गौरव देश ने हासिल किया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत करीब 80 करोड़ नागरिकों तक खाद्य सुरक्षा पहुंचाकर भुखमरी के अभिशाप का अंत किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण से करोड़ों परिवारों और महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन मिला है। ये सभी आंकड़े शासन की उस दिशा का संकेत हैं जहां नीति का अंतिम उद्देश्य नागरिक का जीवन सरल बनाना रहा है। इसी तरह चार करोड़ से अधिक घरों के निर्माण से करोड़ों परिवारों को सिर पर छत और सुरक्षा मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के माध्यम से लगभग 16 करोड़ नागरिकों तक पीने के पानी की पहुंच बनी है। </p>
<p>प्रस्ताव में कहा गया है,केंद्रीय मंत्रिमंडल भारत की अर्थव्यवस्था में आये व्यापक परिवर्तनों को एक सतत सुधार-यात्रा के रूप में देखता है। मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस के मंत्र के साथ जीएसटी, डीबीटी और डिजिटल इंडिया जैसे सुधारों ने शासन को अधिक पारदर्शी, अधिक सक्षम और अधिक नागरिक-केंद्रित बनाया है। टैक्स मामलों में फेसलेस जांच की प्रक्रिया से ईमानदारी को बढ़ावा मिला है, और आम नागरिकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत आज विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना सशक्त स्थान बना चुका है। मंत्रिमंडल यह दृढ़ संकल्प लेता है कि सेवा तीर्थ की नई ऊर्जा और रिफॉर्म एक्सप्रेस की तीव्र गति से, हम निकट भविष्य में विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में भारत का स्थान सुनिश्चित करने का संकल्प पूरा करेंगे।</p>
<p>प्रस्ताव में कहा गया है, आज केंद्रीय मंत्रिमंडल स्वयं को विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प के प्रति पुन: समर्पित करता है। यह एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय यात्रा है, जिसमें आज लिये गये निर्णय आने वाली पीढिय़ों के भविष्य का स्वरूप तय करेंगे। सेवा तीर्थ में हो रही यह पहली बैठक हमें यह स्मरण कराती है कि विकास का लक्ष्य जितना बड़ा है, उसके प्रति हमारी जिम्मेदारी उतनी ही गहरी होनी चाहिए।</p>
<p>नए प्रधानमंत्री कार्यालय के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, यह परिसर केवल एक आधुनिक कार्यस्थल नहीं है। यह शासन की नयी कार्य-संस्कृति का भी प्रतीक है। यहाँ की आधुनिक तकनीक और दक्ष कार्यप्रणाली के माध्यम से सरकार की कार्यक्षमता नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। यहां से चलने वाली प्रत्येक फाइल, और यहां कार्य करने वाला प्रत्येक कर्मयोगी, इस भाव से प्रेरित होगा कि उसका कार्य देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को सरल बनाने से जुड़ा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल यह संकल्प लेता है कि यह संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करेगा और सुधारों की उस निरंतर यात्रा को गति देगा, जिसे देश ने बीते वर्षों में अनुभव किया है। </p>
<p>सेवा संकल्प में कहा गया है, मंत्रिमंडल की यह पहली बैठक इस विश्वास को और सुदृढ़ करती है कि सही नीति, नेक नीयत और सही नेतृत्व से विकसित भारत के निर्माण का पथ निरंतर प्रकाशित होता रहेगा। सेवा तीर्थ से संचालित कार्य-संस्कृति भारत को एक समर्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाने का आधार बनेगी।</p>
<p>प्रस्ताव का समापन इस प्रतिबद्धता के साथ किया गया है केंद्रीय मंत्रिमंडल, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, सेवा तीर्थ को संवेदनशील, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित शासन का एक वैश्विक उदाहरण बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। मंत्रिमंडल यह संकल्प लेता है कि 2047 तक भारत को एक समृद्ध, समर्थ और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की यात्रा में यह परिसर राष्ट्रीय आकांक्षाओं का सशक्त केंद्र बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 18:25:02 +0530</pubDate>
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                <title>बजट 2026-27 : आम बजट से विकसित भारत को मिलेगी नई ऊर्जा और गति, जानें बजट 2026 पर क्या क्या बोलें पीएम मोदी ?</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने बजट 2026-27 को विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा, यह सुधारों, युवाओं, महिला शक्ति और उच्च विकास को नई गति देगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-developed-india-will-get-new-energy-and-momentum/article-141584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट को 2047 तक विकसित भारत की ओर हमारी उच्च उड़ान के लिए एक मजबूत आधार बताते हुए कहा कि भारत जिस सुधार की रफ्तार पर सवार है, उसे इस बजट से नई ऊर्जा और गति मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह बजट विश्वास आधारित शासन और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे की परिकल्पना को दर्शाता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के एक ट्रस्टेड डेमोक्रेटिक पार्टनर और ट्रस्टेड क्वालिटी सप्लायर के रूप में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है,  हाल ही में जो बड़ी-बड़ी ट्रेड डील्स भारत ने की हैं, 'मदर ऑफ ऑल डील' का अधिकतम लाभ भारत के युवाओं को मिले, भारत के लघु और मध्यम उद्योग वालों को मिले, इस दिशा में बजट में बड़े-बड़े कदम उठाए गए हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत जिस रिफाॅर्म एक्सप्रेस पर सवार है, इस बजट से उसे नई ऊर्जा, नई गति मिलेगी, जो पाथ ब्रेकिंग रिफॉर्म्स किए गए हैं, वो एस्पिरेशन से भरे हुए भारत के साहसिक, टैलेंटेड युवाओं को उड़ने के लिए खुला आसमान देते हैं। ये बजट भारत की वैश्विक भूमिका को नए सिरे से सशक्त करता है, भारत के 140 करोड़ नागरिक सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनकर ही संतुष्ट नहीं हैं, हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं, ये करोड़ों देशवासियों का संकल्प है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह एक विशिष्ट बजट है जो राजकोषीय घाटे को कम करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने को प्राथमिकता देता है। साथ ही उच्च पूंजीगत व्यय को मजबूत आर्थिक विकास के साथ संतुलित करता है। उन्होंने कहा, 'आज का बजट ऐतिहासिक है, यह देश की महिला शक्ति के सशक्त सशक्तिकरण को दर्शाता है, महिला वित्त मंत्री के रूप में निर्मला जी ने लगातार नौवीं बार देश का बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है,  यह बजट अपार अवसरों का द्वार है, यह आज की आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदलता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है।' पीएम मोदी ने कहा कि यह एक ऐसा यूनिक बजट है, जिसमें फिसकल डेफिसिट कम करने पर फोकस है, इसके साथ बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का समन्वय है, यह देश की ग्लोबल भूमिका को नए सिरे सशक्त करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:15:25 +0530</pubDate>
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                <title>केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी, मंत्रिमंडल की मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार, 21 जनवरी 2026 को अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सरकार ने योजना के प्रचार-प्रसार और विकासात्मक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त फंड के विस्तार को भी हरी झंडी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-union-cabinet-cabinet-approves-extension-of-atal/article-140379"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/atal-penson-yojna.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए शुरू की गयी अटल पेंशन योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने और इसके लिए जागरूकता बढ़ाने तथा विकासात्मक गतिविधियों को चलाने के लिए अंतर निधि आवंटन विस्तार को मंजूरी दे दी है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। </p>
<p>केंद्र सरकार ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है कि बैठक में अटल पेंशन योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के साथ-साथ इसको लेकर प्रचार और विकासात्मक गतिविधियों तथा अंतर निधि वित्त पोषण सहायता के विस्तार को भी मंजूरी दी गयी है। यह योजना सरकारी सहायता से 2030-31 तक जारी रहेगी और इसके लिए जागरूकता, क्षमता निर्माण सहित असंगठित श्रमिकों के बीच पहुंच के लिए प्रचार और विकासात्मक गतिविधियाँ चलाई जाएगी तथा इसमें अंतराल निधि को पूरा किया जाएगा।</p>
<p>अटल पेंशन योजना के तहत सरकार कम आय वाले और असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों के लिए वृद्धावस्था आय सुरक्षा सुनिश्चित करती है और वित्तीय समावेशन को बढ़ाने के साथ ही सबके लिए स्थायी सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को मजबूत करती है। </p>
<p>गौरतबल है कि, यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था आय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 9 मई 2015 को शुरु की गयी थी और इसके तहत 60 वर्ष की आयु से शुरू होकर 1,000 रुपये से 5,000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन की गारंटी प्रदान करती है। योजना में गत 19 जनवरी तक 8.66 करोड़ से अधिक नागरिक नामांकित हैं जिससे यह योजना देश  के समावेशी सामाजिक सुरक्षा ढांचे की आधारशिला बन गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 15:40:44 +0530</pubDate>
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