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                <title>उसके नयनों का पानी है खारा ,‘मां’ है गंगा की निर्मल धारा </title>
                                    <description><![CDATA[हर किसी के जीवन में मां का दर्जा सबसे ऊपर होता है। मां के बिना एक बच्चे की जिंदगी या यूं कहे कि दुनिया अधूरी है, मां है तो जहान है । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-water-of-his-eyes-is-salty---mother--is-the-clean-stream-of-ganga/article-77813"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/kota-photo.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । चाहे तेज धूप हो या हो काली अंधियारी, मां का आसरा धूप को छाया में अंधेरे को उजाले में बदल देता है।  गमों के साए हो या हो जिंदगी के तूफान, मां का आसरा गम को खुशी में और तूफानों में साहिल बन जाता है। आज 12 मई को दुनियाभर में मातृ दिवस  या मदर्स डे सेलिब्रेट किया जा रहा है । प्रत्येक वर्ष मई महीने में हर दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। हर मां को समर्पित होता है यह स्पेशल डे।  वैसे तो हर दिन ही मां का दिन होता है।  हर किसी के जीवन में मां का दर्जा सबसे ऊपर होता है। मां के बिना एक बच्चे की जिंदगी या यूं कहे कि दुनिया अधूरी है, मां है तो जहान है । <em> मदर्स डे के अवसर पर दैनिक नवज्योति ने शहर के कुछ प्रबुद्धजनों से उनकी मां के बारे में जाना कि किस तरह उन्होंने उनके जीवन में मार्ग दर्शन किया कि आज वो  कामयाबी की इबारत लिख समाज के लिए प्रेरणा की मिसाल बनें। जानते हैं उन्हीं की जुबानी।</em></p>
<p><strong>मेरी मां, मेरी ही नहीं मेरी बेटी की भी रोल मॉडल</strong><br />जीवन के अनमोल पाठ हमें हमारी मां ही सिखाती है। मेरी मां तपती सेनरॉय मेरे लिए शक्ति स्वरूपा है।  आज जिस मुकाम पर मैं पहुंची हूं उसमें मेरी मां का बहुत सहयोग  रहा है। वह हाउस वाइफ है  जॉब के कारण पिता का ट्रांसफर होता रहता था। मेरी कुछ स्कूलिंग दिल्ली से हुई। दिल्ली से ही लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से मेडिकल किया।  मेरी जॉब के लिए भी मां  न्यूज पेपर पढ़कर विज्ञापन बताती थी कि यहां-यहां अप्लाई करो। मां मेरे लिए सब कुछ हैं। नाइट ड्यूटी लगती थी तो वहीं बेटी को  संभालती । जब कुछ समय के लिए लंदन  गई तब भी बेटी मां के पास रही। बेटी के जन्म के बाद मैंने पोस्ट ग्रेजुएशन किया। मेरी वर्ष 2010 में दिल्ली में पोस्टिंग हुई तब नाइट ड्यूटी हर अल्टरनेट डेज पर होती थी । शहर से बाहर अन्य कई शहरों में भी जाना होता था । ऐसे में मेरी बेटी की देखभाल मेरी मां करती थी । बेटी की 12 वीं बोर्ड की पढ़ाई के दौरान भी उसका ध्यान रखा । आज भी हर दिन शाम को मां से बात करती हूं क्योंकि वह दिल्ली में हैं । मेरी मां मेरी ही नहीं मेरी बेटी की भी रोल मॉडल है। <br /><strong>-डॉ.सुपूर्णा सेनरॉय, चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेट, मेडिकल डिपार्टमेंट, कोटा डिविजन</strong><br /><strong> </strong><br /><strong>मां की कमी आज भी महसूस होती है </strong><br />दुर्भाग्यवश अब मेरी मां नहीं है। मेरी मां रूक्मणी देवी  स्वयं पढ़ी लिखी नहीं थी  पिताजी भी बहुत अधिक पढ़े लिखे नहीं थे। लेकिन हम सभी भाई बहनों को बहुत अच्छी शिक्षा दी। अब से 33 साल पहले जब बताया कि आरएएस कॉम्पटीशन देगें क्योंकि बहुत टफ कॉम्पटीशन होता है तो उनका सपोर्ट था कि जो प्रतियोगी परीक्षाओं में जाना चाहती हो जाओ। आरएएस में पहली बार में ही सलेक्शन हो गया था। शुरू से उनका कहना था कि आप जो करना चाहती हो वो करो कभी उन्होंने हमें पढ़ाई के लिए, आगे बढ़ने के लिए नहीं रोका । पिता राजस्थान से दिल्ली रोजगार के सिलसिले में माइग्रेट हो गए थे। उन्होंने काफी संघर्ष किया फिर वहां सैटल हो गए  मां का हमेशा  प्यार व सपोर्ट रहा। वह मेरी  प्रबल पक्षधर थी। जीवन के हर स्टेज पर मां का बहुत सपोर्ट रहा । मेरी मां बिल्कुल पढ़ी लिखी नहीं थी वह सिर्फ  साइन करना जानती थी । मां से मायका होता है। जब भी सालों बाद, 6 महीने बाद अगर  पेरेन्ट्स के घर जाती थी तो मां की मौजूदगी का बहुत सुखद अहसास होता था वो कमी अब बहुत लगती है। <br /><strong>-उर्मिला राजौरिया, संभागीय आयुक्त कोटा </strong></p>
<p><strong>आज भी मां मेरी प्रेरणास्त्रोत है</strong><br />मां बच्चे के जीवन की रीढ़ की हड्डी  होती हैं। आपको खड़ा रखने में मां की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है कि आप कितना मजबूती के साथ खड़ा रहती हैं। मेरी मां डॉ. सरला दुहन हरियाण में कॉलेज प्रोफेसर के पद से रिटायर्ड हुई है। पढ़ाई के मामले में मेरी मां  काफी सख्त रहती थी। उन्होंने मेहनत करने की आदत इस तरह हम में डाली कि एक-एक नंबर हमारे लिए मैटर करता था और उसी आदत की वजह से आज हम यहां है।  उन्होंने जीवन जीना सिखाया और हमारे नेचर में एक बात डाली  कि सही नीयत से मेहनत करने का  यह ऐसा मूल्यवान बीज दिया कि उसके कारण आज तक जीवन में मात नहीं खानी पड़ी। मां हमेशा से सपोर्टिव रहीं वही सबसे बड़ी स्ट्रेंथ रहा है। आज भी वह मेरे लिए प्रेरणास्त्रोत है। कभी भी मुझे लगता है कि मैं लो फील कर रही हूं  तो देखती हूं कि उन्होंने भी अपने जीवन में इतनी मेहनत की है। जीवन में किसे आसानी से सब मिलता है गांव से निकलकर उन्होंने अपने बच्चों को इतना आगे बढ़ाया मेरा छोटा भाई आईएएस और मैं आईपीएस अधिकारी हूं। पिताजी व माताजी की जब शादी हुई दोनों ने ही शादी के बाद पढ़ाई को जारी रखा और आगे पढ़े व आगे बढ़े। हमें उन्होंने एज्यूकेशन का महत्व समझाया। मां शादी के बाद पढ़ाई पूरी करके प्रोफेसर बनीं। माता पिता दोंनो ने मिलकर हमें मेहनत  व कामयाबी की राह दिखाई और काबिल बनाया।<br /><strong>-डॉ. अमृता दुहन, एसपी कोटा शहर</strong><br /><strong> </strong><br /><strong>कभी किसी का नुकसान करके आगे नहीं बढ़ना</strong><br />मां की सिखाई एक-एक चीज ऐसी होती है, जो व्यक्ति को व्यक्तित्व निर्माण में सहायता करती है। यही वजह है कि बचपन में सिखाए सबक, ताउम्र दिमाग और दिल में छप से जाते हैं। हम चार भाई है और चारों भाई अच्छे पदों पर पहुंचे और समाज में नाम किया। इसका श्रेय मां अंजौरा देवी  को  जाता है वह  हाउस वाइफ थी पर मां ने शुरू से हमें यही सिखाया कि शॉर्ट कट नहीं चलना है। हमेशा सही रास्ते पर चलना और सत्य के साथ रहना है। ऐसा कोई काम नहीं करना जिससे दूसरों को नुकसान हो। कभी किसी का नुकसान करके आगे नहीं बढ़ना है यह उनकी बात आज भी हम फॉलो करते हैं।  जीवन में कभी भी  हिम्मत नहीं हारना, हार नहीं माननी है। लाइफ में पास-फेल होते रहते है। दूसरों से अलग करने का जज्बा होना चाहिए।  वर्ष 2008 में मां  नहीं रहीं । वाइस चांसलर के पद पर तो वह हमें नहीं देख पाई  लेकिन जब आईआईटी की परीक्षा पास कर 1982 में  बीएचयू में एडमिशन मिला तो मुझे आज भी वह पल याद आता है कि वह बहुत खुश हुई थी और उन्होंने  मोहल्ले में सभी को बुलाकर मिठाइयां बांटी थी। हम सबको सफल बनाने का श्रेय मां को ही है क्योंकि उन्हीं की गाइडेंस व संरक्षण में रहे पिता का तो रहता ही है पर मां का ज्यादा योगदान रहता है।<br /><strong>-प्रो. एस के सिंह, वाइस चांसलर, राजस्थान टेक्नीकल यूनिवर्सिटी कोटा</strong><br /> <br /><strong>मां की प्रेरणा- जो काम करो उसमें टॉप लेवल तक जाओ </strong><br />मां को हर बच्चे का पहला गुरु कहा जाता है। मेरी मां मधुबाला सक्सेना गवर्नमेंट टीचर थी और प्रिंसिपल के पद से रिटायर्ड हुई। वह टीचर थी तो उनमें यह खूबी थी कि किस तरह बच्चों को गाइड करते हुए आगे ले जाना है। टीचिंग की बेसिक शुरूआत उन्होंने घर से ही देनी शुरू की थी। वह शिक्षा के क्षेत्र ही नहीं हर फील्ड में माहिर थी। उनका सपना था कि डॉक्टर बनकर अपना  हॉस्पिटल बनाए। मैं डॉक्टर भी बना, हॉस्पिटल भी बनाया  लेकिन मम्मी उस समय तक सर्वाइव ही नहीं कर पाई । दो साल पहले वह हमारे बीच नहीं रही। उन्होंने हॉस्पिटल बनते हुए  तो  देखा पर पूरा  बना हुआ नहीं देख पाई। यह मेरे मन में मलाल रहा। उनका ड्रीम यहीं था कि  डॉक्टर बनकर मरीज का बेहतरीन इलाज करना है। किसी का पैसों के कारण इलाज नहीं रूके अगर कोई मरीज अस्पताल में आया है तो उसको बेहतरीन चिकित्सा उपलब्ध हो और समय पर इलाज शुरू हो जाए ।  जो भी काम करो उसमें टॉप लेवल तक जाओ वह इस बात की प्रेरणा शुरू से देती थी। मैंने हॉस्पिटल का नाम मधुवन  पेरेन्ट्स के नाम पर ही रखा है । मां की पोस्टिंग दूर दराज गांवों में भी रही वह डेली अपडाउन करती थी पर कभी भी अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटीं। हम पांचो भाई बहनों को काबिल बनाया । <br /><strong>-डॉ. विवेक सक्सैना, डायरेक्टर, मधुवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, कोटा</strong></p>
<p><strong>मां ने सिखाया - कोई काम छोटा या बड़ा नहीं  </strong><br />मेरी मां पुरबी भट्टाचार्य का 59 की उम्र में देहांत हो गया था। वह बहुत क्वालीफाइड थीं हमेशा मेरे लिए प्रेरणा रहीं। उन्होंने हमें श्रम का महत्व समझाया, जीवन मूल्य, सामाजिक मूल्य सभी का सम्मान करने की शिक्षा दी। जब हम टीनऐज में थे तब बहुत अच्छे से साथ निभाया। मेरे पिताजी डॉक्टर थे आर्थिक रूप से सम्पन्न थे लेकिन कभी किसी दिन घर में काम करने वाली बाई नहीं आती थी तब मां हम तीनों भाइयों को एक-एक दिन करके बर्तन धोने को बोलती थी। इसके पीछे उनकी बहुत बड़ी सीख थी कि मन के अंदर कोई ईगो पैदा ना हो कि ये छोटा काम है या बड़ा काम । हर काम का अपना महत्व होता है।<br /><strong>- शांतनु भट्टाचार्य, सीओओ, केईडीएल कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 May 2024 14:22:21 +0530</pubDate>
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                <title>जर्जर भवनों में हर पल रहती है जान हथेली पर</title>
                                    <description><![CDATA[ पुराने शहर में कई जर्जर मकानों में लोग रह रहे हैं। साथ ही सरकारी कार्यालय तक जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं। बरसात के समय में उन कार्यालयों के कर्मचारी जान हथेली पर लेकर नौकरी कर रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/every-moment-lives-in-dilapidated-buildings--life-is-on-the-palm/article-16570"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/jarjar-bnawano-mei-jaan-hatheli...kota-news-28.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । भीलवाड़ा में एक दिन पहले तेज बरसात के चलते 4 मंजिला मकान की ऊपरी दो मंजिल गिरने से एक महिला उसके मलबे में दब गई। उसी तरह का हादसा कोटा में भी हो सकता है। इसका कारण यहां भी पुराने शहर में कई जर्जर मकानों में लोग रह रहे हैं। साथ ही सरकारी कार्यालय तक जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं। बरसात के समय में उन कार्यालयों के कर्मचारी जान हथेली पर लेकर नौकरी कर रहे हैं। बरसात का मौसम चल रहा है। ऐसे में कभी तेज तो कभी धीमी बरसात हो रही है।  बरसात के समय में नए मकान तक टपकने लगे हैं। ऐसे में सबसे अधिक खतरा पुराने व जर्जर मकानों को है। जिनकी नींव व ऊपरी हिस्सा पहले से ही कमजोर हो चुका है। बरसात में वह और कमजोर होने से कभी भी गिर सकता है। जानकारी के अनुसार हर साल बरसात में दो से चार मकान धराशाही होते ही हैं। गनीमत इतनी है कि उनमें कोई हताहत नहीं हुआ है। नगर निगम कोटा उत्तर व पुराने शहर में इस तरह  के कई मकान अधिक हैं जिनके जर्जर होने के बावजूद भी लोग उनमें रह रहे हैं। पुराने होने के बावजूद न तो मकान मालिक उन्हें ठीक करवा रहे हैं और न ही नगर निगम की ओर से ऐसे मकान मालिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है। लेकिन  बरसात में किसी भी जर्जर मकान के ढहने पर कभी भी कोई बड़ा हादसा होने पर कई लोगों की जान तक जा सकती है। नगर निगम द्वारा हर साल अनंत चतुर्दशी जुलूस से पहले जुलुूस मार्ग में जर्जर मकानों र क्रॉस का निशान लगाया जाता है। जिससे उन मकानों पर कोई नहीं चढ़ सके। <br /><br /><strong>यह है मकानों की स्थिति</strong><br />पुराने शहर में सूरजपोल से मोखापाड़ा तक के कई मकानों को बाहर से देखने पर ही उनकी स्थिति का पता चल रहा है। अधिकतर मकानों की दीवारों में दरारे हो गई हैं। उनका प्लास्तर निकल चुका है। अंदर के पत्थर नजर आने लगे हैं। अधिकतर छज्जे टूटकर गिर चुके हैं। किसी मकान का ऊपरी हिस्सा एक तरफ झुका हुआ है। बरसात में उन मकानों की छत व कमरे टपक रहे हैं। जिससे उनमें सीलन आ रही है। सीलन के कारण मकानों में दुर्गंध फेल रही है। जिससे उनमें रहना तक मुश्किल है। उसके बाद भी लग रह रहे हैं।  <br /><br /><strong>पुराने मकानों में किराएदारज्यादा</strong><br />सूत्रों के अनुसार पुराने शहर में जितने भी जर्जर मकान हैं उनके अधिकतर मालिकों ने तो दूसरी जगहों पर मकान बना लिए हैं। लेकिन उन मकानों में अधिकतर कई सालों से किराएदार रह रहे हैं। जिनके मकान का किराया भी बहुत कम है। कम किराए के लालच में लोग मकान खाली नहीं कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मकान मालिक मकान खाली करवाना चाहता है लेकिन किराएदार व मकान मालिक के बीच विवाद के चलते मामले अदालतों तक में विचाराधीन हैं। जिससे न तो मकान मालिक और न ही नगर निगम उनके खिलाफ कोई कार्रवाई कर पा रहा है। <br /><br /><strong>खतरे के बीच कर रहे नौकरी</strong><br />सूरजपोल स्थित झालाहाउस काफी पुरानी बिल्डिंग हैं जिसमें जलदाय विभाग का कार्यालय कई सालों से चल रहा है। यहां जेईएन व एईएन स्तर के अधिकारी बैठते हैं। करीब 30 से अधिक कर्मचारियों का स्टाफ काम करता है। उस भवन व कार्यालय की हालत इतनी अधिक जर्जर है कि बाहर से देखने पर लगता ही नहीं कि यहां कोई रहता होगा या कार्यालय होगा। लेकिन उसके बावजूद वहां कार्यालय में कर्मचारी काम कर रहे हैं। उस भवन में प्रवेश करने से लेकर आखिरी छोर तक एक भी हिस्सा सही नहीं है। सीढ़ियां तक जर्जर है। कमरों का प्लास्तर उखड़ा हुआ है। सभी कमरों में बरसात का पानी नल की तरह टपक रहा है। दीवारों में सीलन आ रही है। कार्यालय का पूरा रिकॉर्ड भीग चुका है। नए रिकॉर्ड को बचाने के लिए कर्मचारियों को उसे पॉलिथीन से ढककर रखना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वैसे तो पूरे साल ही यहां खतरा है। लेकिन बरसात के समय जान हथेली पर लेकर काम करते हैं। अधिक बरसात  होने पर कमरों में बैठकर काम करने में डर लगता है। इसी तरह से महिला थाना भी पुराने भवन में संचालित हो रहा है। उसके भवन का पिछला हिस्सा काफी जर्जर हो रहा है। वहीं कई अन्य भवनों में भी सरकारी कार्याुय कुछ इसी तरह की स्थिति में संचालित हो रहे हैं।  <br /><br /><strong>करीच चार दर्जन से अधिक मकान जर्जर</strong><br />पुराने शहर में सूरजपोल से मोखापाड़ा, कैथूनीपोल, पाटनपोल, लालबुर्ज, सब्जीमंडी, इंद्रा मार्केट,  बजाज खाना, रामपुरा, नयापुरा व स्टेशन क्षेत्र में करीब 4 दर्जन से अधिक ऐसे मकान हैं जो जर्जर हालत में हैं। उसके बाद भी अधिकतर मकानों में लोग रह रहे हैं। जिन्हें अपनी जान की परवाह तक नहीं है।  <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br /> नगर निगम कोटा उत्तर क्षेत्र में कई मकान जर्जर हालत में हैं। उनका निगम के स्तर पर सर्वे कराया गया। मौका रिपोर्ट मिलने पर ऐसे मकान मालिकों को नोटिस दिए जा रहे हैं। गत सप्ताह में करीब आधा दर्जन मकानों को नोटिस दिए हैं।  जिनमें एक नयापुरा व दो स्टेशन क्षेत्र के भी हैं। नोटिस के बाद भी मकान खाली नहीं करने पर उन्हें सीज तक किया जा रहा है। <br /><strong>- गजेन्द्र सिंह, उपायुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong> <br /><br />नगर निगम के इंजीनियर निजी भवनों का सर्वे करते हैं और सरकारी भवनों का सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता। उनकी रिपोर्ट में मकान जर्जर होने की स्थिति में उन्हें नोटिस देने व सीज करने तक की कार्रवाई की जा रही है। जिससे बरसात के समय में मकानों के ध्वस्त होने पर किसी भी तरह की जन हानि को रोका जा सके। <br /><strong>- वासुदेव मालावत, आयुक्त , नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Jul 2022 15:32:59 +0530</pubDate>
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                <title>देश में कोई युद्ध के हालात नहीं जो हर घर पर तिरंगा फहराया जाए: रामलाल जाट</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। पीसीसी कार्यालय में मंत्री रामलाल जाट ने मीडिया से बात करते हुए भाजपा नेताओं पर निशाना साधा।
उदयपुर घटना में विरोध कर रहे लोगों के हर घर मे तिरंगा लहराने के बयान पर जाट ने कहा कि तिरंगा हर छत पर तब फहराना चाहिए था, जब कोई युद्ध की स्थिति होती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/situation-in-the-country-where-the-tricolor-should-be-hoisted-at-every-house--ramlal-jat/article-13583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/na.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पीसीसी कार्यालय में मंत्री रामलाल जाट ने मीडिया से बात करते हुए भाजपा नेताओं पर निशाना साधा।<br />उदयपुर घटना में विरोध कर रहे लोगों के हर घर मे तिरंगा लहराने के बयान पर जाट ने कहा कि तिरंगा हर छत पर तब फहराना चाहिए था, जब कोई युद्ध की स्थिति होती। हिंदुस्तान पाकिस्तान या चीन के साथ युद्ध नही हो रहा कि भाजपा ऐसी बात कर रही है।</p>
<p>उदयपुर की घटना को लेकर रामलाल जाट ने कहा कि नुपुर शर्मा यह बयान नहीं देती तो कन्हैयालाल जिंदा होता। भाजपा के नेताओ के बयान भड़काने वाले आते है। ऐसा कानून बनना चाहिए ताकि धार्मिक भावनाऐ भड़काने वालो को फांसी पर लटकाए। केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र शेखावत को सीएम अशोक गहलोत के निकम्मा कहने पर जाट ने उनके बयान पर सहमति जताई। जाट ने कहा कि गहलोत ने सही कहा है,जो काम नहीं करता वो निकम्मा होता है। पीसीसी में आई फरियादो पर कहा कि पीसीसी में जनसुनवाई के माध्यम से लोगो की सुनवाई हो रही है। तबादले से सबंधित एप्लीकेशन भी सामने आई है। जिसमे शिक्षा विभाग की सर्वाधिक एप्लीकेशन है।</p>
<p><strong>निकम्मा पर मंत्री रामलाल जाट के बयान से सहमत नहीं विधायक सोलंकी,बोले: बोला हुआ सब कुछ सही हो,ये ठीक नहीं</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत को निकम्मा कहने पर राजस्व मंत्री रामलाल जाट के बयान पर चाकसू विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने असहमति जताई है। पीसीसी में मीडिया से बात करते हुए सोलंकी ने कहा कि मंत्री जाट में जो बयान दिया है, मैं उससे पूरी तरह सहमत नहीं हूं। जो उन्होंने कहा है वह सब कुछ सही कहा है, यह सच नहीं है। सबके अपने-अपने विचार हो सकते हैं। राजनीति में हर व्यक्ति की अपनी गरिमा होती है। इसमें कोई शक नहीं है कि हमारी जितनी उम्र है उतनी तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजनीति कर चुके। उदयपुर घटना हो या कोई अन्य घटना हो, राजस्थान की जनता सब देख रही है। पीसीसी में जनसुनवाई के दौरान कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर कहा कि जनसुनवाई में कई वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता भी अपनी समस्याओं को लेकर आए। वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए विधायक की डिजायर अनिवार्य नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस के जितने भी पुराने वरिष्ठ कार्यकर्ता है। चाहे वह पूर्व प्रधान हो या पूर्व पदाधिकारी हो या अन्य और कोई हो। मंत्री विधायकों को उनके सीधे काम करने चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Jul 2022 15:36:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>हर धागे में मिला मेहनत का रंग और प्रेम का बंधन</title>
                                    <description><![CDATA[  कोटा में निर्मित कोटा डोरिया साड़ियों ने देश-प्रदेश सहित विश्व में अपनी पहचान कायम की है। वर्तमान में हुनर के बाजीगर परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वजह है बाजार में साड़ियों के खरीदार नहीं होना और नकली साड़ियों का कम दामों में बिकना। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-color-of-hard-work-and-the-bond-of-love-found-in-every-thread/article-12135"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ii1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा में निर्मित कोटा डोरिया साड़ियों ने देश-प्रदेश सहित विश्व में अपनी पहचान कायम की है। कोटा डोरिया ने शिक्षा नगरी की ख्याति में चार चांद लगाए हैं। कोटा से 20 किलोमीटर दूर कैथून नगरपालिका के बुनकरों के हुनर के परदेशी भी कायल हैं, लेकिन वर्तमान में हुनर के बाजीगर परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वजह है बाजार में साड़ियों के खरीदार नहीं होना और नकली साड़ियों का कम दामों में बिकना। जिसके चलते कोटा डोरिया की चमक फीकी पड़ गई है। कैथून में लगभग 3 हजार से ज्यादा हथकरघे है। यहां हर घर में साड़ियां बनाने के लिए हथकरघे लगे हुए हैं जहां प्रसिद्ध कोटा डोरिया साड़ियां बुनी जाती हैं। लेकिन अब अधिकांश हथकरघे लुप्त होने होने की कगार पर है। कुछ हथकरघे जो अभी भी संचालित हो रहे हैं वह आने वाले दिनों में बंद होने के कगार पर है। कैथून के बुनकरों का कहना है केंद्र व राज्य सरकारें योजनाएं तो लागू करती है,लेकिन यह योजनाएं बुनकरों तक नहीं पहुंच पाती,ऐसे में कोटा डोरिया बनाने वाले बुनकर मायूस है।<br /><br /><strong>एक साड़ी बनने में लगते है 20 से 40 दिन</strong><br />कोटा डोरिया साड़ी की शुरूआती कीमत ढाई हजार रुपये है। कीमतें रेशम-कपास के मिश्रण,जरी के किनारों की चौड़ाई और रूपांकनों के मिश्रण पर निर्भर करती हैं। एक साड़ी को बुनने में लगभग 20 दिन लगते हैं, और जटिल रूपांकनों वाली साड़ी को पूरा होने में 40 दिन तक का समय लग सकता है। कैथून में लगभग हर घर में एक विशेष रूप से डिजाइन किया गया पिट लूम होता है, जिसमें पैडल होते हैं जो एक संकीर्ण आयताकार गड्ढे में लटके होते हैं। एक बुनकर फर्श पर बैठता है और करघे को चलाने के लिए पैडल का उपयोग करता है। कुछ घरों में दो करघे होते हैं।<br /><br /><strong>मशीनों से तैयार हो रहा नकली कोटा डोरिया</strong><br />बुनकर रुखसाना ने बताया है कि उत्तरप्रदेश, बिहार, गुजरात के सूरत व पश्चिम बंगाल में पावरलूम पर कोटा डोरिया ब्रांड की नकली साड़ी तैयार की जाती है। वहां मशीन से तैयार साड़ी को कम दामों में बेचा जा रहा है। कई बार असली व नकली की पहचान नहीं हो पाने के कारण लोग सस्ते दाम में नकली कोटा डोरिया खरीद लेते हैं। मोटे अनुमान से कोॉटा में कोटा डोरिया के नाम से 10 से 15 हजार साड़ीयां नकली बिक जाती है।<br /><br /><strong>नई बुनकर नीति को लागू करे सरकार</strong> <br />मास्टर बुनकर इसरार हुसैन का कहना है कि उन्होंने राजस्थान हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट जोधपुर से इस विषय में डिग्री ली हुई है। कोटा डोरिया बनाना उनका पुश्तैनी काम है। वह पिछले 7 वर्षों से कोटा डोरिया साड़ियों का व्यापार कर रहे हैं और वह बुनकर भी है। हुसैन का कहना है कि केंद्र व राज्य सरकार की बुनकरों के लिए बहुत सारे योजनाएं तो है लेकिन वह प्रचार-प्रसार के अभाव में बुनकरों तक नहीं पहुंच पाती। अभी भी ऐसे सैंकड़ो बुनकर है जिन्हें हैंडलूम या हैंडिक्राफ्ट राजस्थान की तरफ से कार्ड नहीं मिले। वहीं दूसरी और खादी ग्रामोंद्योग या हैंडीक्राफ्ट हैंडलूम की और से किसी प्रदर्शनी,कार्यक्रम में उन्हें जगह नहीं मिल पाती और वह अपना माल बेचने से वंचित रह जाते है। जितने भी मास्टर बुनकर है उन्हें खादी ग्रामोद्योग में आरक्षण दिया जाए ताकि उन्हें भी सरकारी नौकरी का लाभ मिले। इसके साथ ही जयपुर,जोधपुर,कोटा मुख्य बाजार में दुकानें उपलब्ध करवाई जाए जहां पर्यटक ज्यादा आते हों, क्योंकि कैथून में ज्यादा बड़ी मार्केट नहीं है। पालिका की तंग गलियों में  व्यापारी कोटा डोरिया बेचते हंै। साउथ इंडिया के ज्यादातर लोग कोटा डोरिया खरीदने के लिए कैथून आते हैं। कोटा डोरिया का 99 प्रतिशत निर्यात साउथ इंडिया में होता है। हुसैन ने कहा है कि सरकार को बुनकर पॉलिसी बनाकर लागू करनी चाहिए ताकि बुनकरों को लाभ मिल सके। इसके साथ ही सरकार को कोटा डोरिया की सरकारी खरीद भी करनी चाहिए। <br /><br /><strong>कोटा डोरिया से सालाना 5 करोड का कारोबार</strong><br />कोटा डोरिया से सलाना 5 करोड का कारोबार  होता है। 90 प्रतिशत कोटा डोरिया का निर्यात साउथ में होता है। कोटा शहर में 30 दुकानों पर कोटा डोरिया बेचा जाता है। कैथून की एक बुनकर फरीदन बताती है कि एक कोटा डोरिया,जटिल रूपांकनों के साथ बनने वाली साड़ी में लगभग 4 से 5 हजार रुपए का खर्च आता है,ऐसे में साड़ियां नहीं बिकने से परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है और गुजारा करना मुश्किल हो जाता है। सरकार द्वारा इन साड़ियों की सरकारी खरीद भी नहीं कि जाती। हैंडलूम और क्राफ्ट सेंटर सरकार ने सिर्फ दिखावे के लिए बनाए है।<br /><br /><strong>10 हजार लोगोें को मिला रोजगार</strong><br />कोटा डोरिया से 10 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। 5 हजार हैण्डलूम हाडौती अंचल में चल रहे हैं। 4 हजार हैण्डलूम कोटा के कैथून कस्बे में चल रहे है। कैथून में हर घर में लूम चल रही है। कैथून में रोजाना 800 साडियां तैयार होती है। जिसमें 70 प्रतिशत महिला बुनकर काम करती है। कैथून में 80 हजार से 1 लाख रूपए तक की साडी बनती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jun 2022 15:49:06 +0530</pubDate>
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                <title>पानी की एक-एक बूंद को तरस रही हैं खेतड़ी की जनता</title>
                                    <description><![CDATA[ उपखंड की ग्राम पंचायत गौरीर के श्री श्याम मंदिर परिसर में सरपंच प्रतिनिधि भागीरथ मान की अध्यक्षता में ग्रामीणों की एक आमसभा का आयोजन किया। सभा को संबोधित करते हुए घुमरिया ने कहा कि खेतड़ी में कुम्भाराम पेयजल योजना के माध्यम से 955 करोड़ रुपए खर्च होने के पश्चात भी खेतड़ी की जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रही है। शहर में 7 से 6 दिन में पानी की सप्लाई अपर्याप्त मात्रा में की जा रही है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/people-of-khetri-are-craving-every-drop-of-water/article-11866"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/pic-11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>खेतड़ी।</strong> उपखंड की ग्राम पंचायत गौरीर के श्री श्याम मंदिर परिसर में सरपंच प्रतिनिधि भागीरथ मान की अध्यक्षता में ग्रामीणों की एक आमसभा का आयोजन किया गया। श्री श्याम मंदिर प्रांगण में ग्रामीणों की आमसभा में समाज सेवी मनोज कुमार घुमरिया मुख्य अतिथि थे। ग्रामीणों ने समाज सेवी मनोज कुमार घुमरिया और साथ ही करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र फौजी का साफा व माला पहनाकर गांव में सम्मान किया। सभा को संबोधित करते हुए घुमरिया ने कहा कि खेतड़ी में कुम्भाराम पेयजल योजना के माध्यम से 955 करोड़ रुपए खर्च होने के पश्चात भी खेतड़ी की जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रही है। शहर में 7 से 6 दिन में पानी की सप्लाई अपर्याप्त मात्रा में की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव में भाईचारे और सामप्रदायिक सौहार्द बनाये रखेंगे तभी गांव का विकास होगा।</p>
<p>घुमरिया ने कहा कि वे खेतड़ी विधान सभा क्षेत्र में जिस गांव-ढ़ाणी में जा रहे है वहां पर महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या पानी की आ रही है। महिलाओं का कहना है कि हमें रात-रात भर जाग कर पानी भरना पड़ रहा है। महिलाओं की परेशानी को देखते हुए समाज सेवी मनोज कुमार घुमरिया ने गांव में टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाई शुरू करने का आश्वासन देते हुए पानी की सप्लाई शुरू भी करवा दी। साथ ही गांव की पाईप लाइन से स्थाई पेयजल समस्या का समाधान करने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर घीसाराम चौधरी, श्रीराम कुमावत, छोटेलाल मान, जगमाल सोनी, मुकेश जांगिड़, ओमप्रकाश, गुलाबसिंह, दिलसुख मान, धर्मपाल चौधरी, नानक राम पंडित, संजय मीणा, पंकज शर्मा, योगेश शर्मा, अनिल चौधरी, अशोक ओला, बन्नेसिंह, देवेन्द्र ओला, पतासो देवी, मनभरी देवी, संतोष देवी, सरोज देवी, सुनिता देवी सहित गांव के अनेक गण मान्य लोग उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झुंझुनूं</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 13:18:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हर कर्मचारी का सपना ऑफिस होतो गूगल जैसा: किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं है 'GOOGLE' का नया OFFICE</title>
                                    <description><![CDATA[आखिरकार एक लंबे इंतजार के बाद गूगल का बे व्यू कैंपस गूगल के कर्मचारियों के लिए आधिकारिक तौर पर खुल गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/every-employee-s-dream-is-to-have-an-office-like-google--the-new-office-of-google-is-no-less-than-a-five-star-hotel/article-10000"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/google_bay.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। आखिरकार एक लंबे इंतजार के बाद गूगल का बे व्यू कैंपस गूगल के कर्मचारियों के लिए आधिकारिक तौर पर खुल गया है। यह ऑफिस अमेरिका के कैलिफोर्निया में माउंटेन व्यू में बनाया गया है। गूगल का ये ऑफिस कितना आलीशान है, इसका शायद ही कोई व्यक्ति अंदाजा लगा सके। इसकी तस्वीरें आपको हैरान करने के लिए काफी हैं।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff6600;"><strong>खुल गया गूगल का नया ऑफिस</strong></span><br />आखिरकार एक लंबे इंतजार के बाद गूगल का बे व्यू कैंपस गूगल के कर्मचारियों के लिए आधिकारिक तौर पर खुल गया है। यह पहला ऐसा ऑफिस है, जिसे गूगल ने बनाया है। इसकी जानकारी गूगल ने खुद एक ब्लॉग के जरिए दी है। यह ऑफिस अमेरिका के कैलिफोर्निया में माउंटेन व्यू में बनाया गया है। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff6600;"><strong>हरियाली भी और नेचुरल डेलाइट भी</strong></span><br />इस कैंपस को बायोफिलिक डिजाइन प्रिंसिपल के आधार पर बनाया गया है। इसके तहत ऑफिस में हरियाली, नेचुरल डेलाइट और हर डेस्क से बाहर का नजारा भी देखा जा सकता है।इस कैंपस को बायोफिलिक डिजाइन प्रिंसिपल के आधार पर बनाया गया है। इसके तहत ऑफिस में हरियाली, नेचुरल डेलाइट और हर डेस्क से बाहर का नजारा भी देखा जा सकता है।</p>
<p><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff6600;"><strong>वेंटिलेशन के लिए 100 फीसदी बाहरी हवा</strong></span><br />आम तौर पर वेंटिलेशन सिस्टम सिर्फ 20-30 फीसदी ही बाहर की हवा का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन गूगल के इस ऑफिस में 100 फीसदी बाहर की हवा इस्तेमाल हो रही है। ऑफिस को शानदार बनाने के लिए तमाम तरह की पेंटिंग भी लगाई गई हैं।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff6600;"><strong>हर बारीकी पर दिया है ध्यान</strong></span><br />गूगल ने कहा है कि इस ऑफिस को ऐसे बनाया गया है ताकि तमाम टीमों को उनका स्पेस मिल सके और उन्हें दूसरी आवाजों से दिक्कत ना हो। इस तरह वह अपने काम में अच्छे से फोकस कर सकेंगे।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff6600;"><strong>प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी</strong></span><br />इससे ऑफिस में काम करने वालों को एक अलग एक्सपीरियंस भी मिलेगा और उनकी प्रोडक्टिविटी भी बढ़ने की उम्मीद है। इतना ही नहीं, अंदर के डिजाइन को भी बेहद शानदार बनाया गया है, जिससे ऑफिस में काम करने में मजा आए। गूगल का ये ऑफिस किसी आलीशान होटल से कम नहीं है।<br /><br /><strong><span style="background-color:#ffff99;color:#ff6600;">कर्मचारियों की राय लेने के बाद बनाया</span></strong><br />गूगल के अनुसार इस ऑफिस को बनाने से पहले कर्मचारियों से भी उनकी राय ली गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 May 2022 17:19:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>  पांच साल में हर तीसरी भर्ती का पेपर हुआ आउट </title>
                                    <description><![CDATA[अभ्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़: अभिभावक संघ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--every-third-recruitment-paper-out-in-five-years-constable-recruitment-paper-leak-case--demand-for-action-against-center-and-operators-as-soon-as-possible/article-9993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/diwakar-public.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की रीत बढ़ती जा रही है। ऐसे मामलों में कभी राज्य सरकार भर्ती परीक्षा की जांच करवाती है तो कभी बिना जांच के ही नियुक्ति दे दी जाती है। राजस्थान में पिछले 4-5 सालों में यह देखा गया है कि हर तीसरी भर्ती का पेपर आउट हो रहा है। वहीं राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की भर्तियों में तो हर दूसरी भर्ती परीक्षा का पेपर आउट हुआ है।</p>
<p><br /><strong>अभ्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़: अभिभावक संघ</strong><br />पेपर लीक मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में मंगलवार को संयुक्त अभिभावक संघ ने भी राज्य सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामला एक सोची समझी साजिश है। अभ्यार्थियों के भविष्य की उम्मीदों से खिलवाड़ किया गया है। संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष सर्वेश मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार पेपर लीक मामले पर गंभीरता दिखाते हुए मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए और आरोपी एएसआई रतनलाल को बर्खास्त कर सभी आरोपियों की समाप्ति जब्त करने की कार्रवाई करें। वहीं झोटवाड़ा के जिस निजी स्कूल से पेपर लीक हुआ उस स्कूल की मान्यता रद्द कर सख्त कार्रवाई की जाए। <br /><br /><strong>मोहन ने कर लिया मोबाइल बंद</strong><br />14 मई को द्वितीय पारी में प्रश्न पत्र प्राप्त कर खोलने वाले स्टाफ   की सूची केन्द्राधीक्षक से ली गई तो उसमें कमल वर्मा, रोशन कुमावत, सत्यनारायण और मोहन, एएसआई रतनलाल और टीसीएस से राकेश का नाम था। इसमें मोहन परीक्षा केन्द्र पर 15 मई को नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद था। <br /><br /><strong>बेरोजगारों का प्रदर्शन</strong><br />कांस्टेबल पेपर लीक मामले में बेरोजगार युवक दिवाकर स्कूल पहुंचे और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया। दिवाकर स्कूल की मान्यता रद्द करने और दोषियों के खिलाफ 10 साल की सजा की मांग की है। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव के नेतृत्व में रैली निकालकर बेरोजगार सेंटर के बाहर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन कर जल्द से जल्द सेंटर और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। <br /><br /><strong>भाजपा के समय भी हुए पेपर आउट</strong> <br />कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण पर सियासत शुरू हो गई है। भाजपा के इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के बाद कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा नेताओं पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में भी पेपर आउट हुए हैं। भाजपा तो खुद नकल करवाती आई है। इसलिए भाजपा को बयानबाजी का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस सरकार ने तो नकल विरोधी कानून बनाकर सख्त कदम उठाया है। कानून का उल्लघंन करने पर कानून में कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। <br /><br /><strong>नौजवानों के सपने टूटे</strong><br />पर्चे तभी लीक होते हैं जब सरकार वीक होती है। सरकार चिंतन में व्यस्त थी। वहीं दूसरी ओर नौजवानों के सपने टूट रहे थे। लाखों विद्यार्थियों के अरमानों पर पानी फिर गया। स्थितियां सरकार के नियंत्रण के बाहर है। खुद सीएम दोषी है। एसओजी की कार्रवाई में रीट के दौरान छोटी मछलियां पकड़ी गई। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन रहे डीपी जारौली ने भी तब स्वीकार किया है। प्रदेश में नकल, खनन, ड्रग, भू माफिया सक्रिय है। - <strong>सतीश पूनिया, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा।</strong><br /><br /><strong>सरकार की मंशा पर संदेह</strong><br />क के बाद एक धांधली सामने आने से सरकार की मंशा पर संदेह उपजता है। भर्ती परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं। पुख्ता प्रबंध के बाद परीक्षा प्रक्रिया को संचालित करना चाहिए। दिखावे के लिए परीक्षा कराई जाती है और पर्चा लीक करा दिया जाता है। परीक्षा अटकी रहेगी। भर्ती होगी नहीं।- <strong>गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री।</strong><br /><br /><strong>पेपर लीक अब पंरपरा सी बन गई</strong><br />सरकार इतनी वीक है कि पेपर लीक अब पंरपरा सी बन गई है। इतने पेपर लीक हो चुके हैं। साफ है कि नकल माफिया की सरकार में जड़े गहरी हो चुकी है। परीक्षाएं निष्पक्षता से होना संभव ही नहीं लग रहा है। पेपर लीक बिना प्रशासनिक गठजोड़ के संभव नहीं है। लीक के तार ऊंचे ओहदों तक जुड़े हो सकते हैं। - <strong>राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष, विधानसभा।</strong><br /><br /><strong>सीबीआई जांच हो तो उतरेगा नकाब</strong><br />एक भी परीक्षा निष्पक्षता से इस सरकार में नहीं हुई है। बड़े लोगों की भागीदारी से इनकार नहीं किया जा सकता है। पेपर लीक की सीबीआई जांच हो तो चेहरों से नकाब उतर जाए। - <strong>वासुदेव देवनानी, पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक</strong><br /><br /><span style="background-color:#00ccff;color:#ff0000;"><strong>कभी होती जांच तो कभी बिना जांच के मिल रही नियुक्ति</strong> </span><br /><strong>प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018</strong><br />1200 पदों पर तीन फरवरी 2019 को परीक्षा हुई, लेकिन आरोप लगा कि परीक्षा में पेपर छापने और ओएमआर जांचने वाली कंपनी ने सैकड़ों ओएमआर शीट को भरकर फर्जी अभ्यर्थियों का चयन कर लिया।</p>
<p><br /><strong>कृषि पर्यवेक्षक भर्ती- 2018</strong><br />1832 पदों पर निकली भर्ती की परीक्षा 3 मार्च 2019 को हुई, लेकिन परीक्षा में पेपर छापने एवं ओएमआर जांचने वाली कंपनी पर फिर आरोप लगे। यहां भी बिना जांच किए नियुक्तियां दे दी गई।</p>
<p><br /><strong>एनटीटी भर्ती 2018</strong><br />पूर्व प्राथमिक शिक्षा अध्यापक के 1310 पदों पर 24 फरवरी 2019 को परीक्षा हुई। आरोप लगा कि अभ्यर्थियों ने अपनी डिग्री अन्य राज्यों से फर्जी तरीके यानी बेक डेट से हासिल की थी, लेकिन भर्ती के परिणाम को दो साल बीत चुके हैं। फर्जी डिग्री वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p><br /><strong>पैरामेडिकल कैडर की परीक्षाएं</strong> <br />पैरामेडिकल कैडर की लैब टेक्नीशियन, सहायक रेडियोग्राफर एवं ईसीजी की 1119, 1058 और 195 पदों पर आॅनलाइन आवेदन मांगकर बिना परीक्षा लिए शैक्षणिक योग्यता के आधार पर चयन किया गया। आरोप लगा कि अभ्यर्थियों ने निजी विश्वविद्यालयों से बैक डेट में डिग्रियां ली, लेकिन ऐसी डिग्रियों का सत्यापन नहीं कराया गया। <br /><br /><strong>जेईन भर्ती-2020</strong><br />जेईन के सिविल ब्रांच के करीब 533 पदों पर 6 दिसंबर 2020 को हुई परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हुआ। 29 दिसंबर 2020 को बोर्ड ने परीक्षा को रद्द कर दिया। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने फिर से 12 सितम्बर 2021 को परीक्षा कराई, लेकिन पुन: पेपर लीक हुआ। 6 दिसम्बर 2020 को कराई परीक्षा का पेपर फिर आउट हुआ, लेकिन उसकी न तो जांच हुई और ना ही यह पता लगाया गया कि पेपर कहां से लीक हुआ।</p>
<p><br /><strong>पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती-2018</strong> <br />पुस्तकाल्याध्यक्ष के 700 पदों के लिए 29 दिसंबर 2019 को हुई परीक्षा का पेपर आउट होने पर इसे रदद् कर दिया गया। दोबारा से परीक्षा 19 सितंबर 2020 को हुई, लेकिन दूसरी बार भी पेपर आउट हुआ, जिसकी जांच एसओजी ने की।</p>
<p><br /><strong>पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती 2021</strong><br />आरपीएससी राजस्थान पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती 2021 की परीक्षा तीन चरणों में 13 से 15 सितंबर 2021 को कराई गई परीक्षा का पेपर आउट हुआ। यही नहीं डमी कैंडिडेट बैठकर परीक्षा कराने के कई मामले आए और 18 से ज्यादा आरोपी पकड़े भी गए।</p>
<p><br /><strong>आरएएस भर्ती 2018</strong><br />यह परीक्षा 2019 में हुई, जिसमें साक्षात्कार में अंक दिलवाने वाले आयोग के कनिष्ठ लेखाकार को एसीबी ने गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में आयोग की सदस्या का नाम भी था। वहीं तत्कालीन शिक्षा मंत्री पर भी सवाल खड़े हुए थे, लेकिन राज्य सरकार द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।</p>
<p><br /><strong>राजस्थान रीट परीक्षा 2021</strong><br />रीट भर्ती परीक्षा प्रकरण के सम्बन्ध में वर्तमान में राजस्थान एसओजी द्वारा जांच जारी है। रीट लेवल 2 को सरकार ने रद्द कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 May 2022 16:06:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पार्षदों के लिए खुशखबरी: हर महीने भत्ते के मिलेंगे 4500 रुपए, साधारण सभा में शामिल होने पर मिलेंगे 720 रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[ये बढ़ोतरी साल 2015 के बाद की है, जो 20 फीसदी तक की गई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news-good-news-for-councilors--4500-rupees-will-be-available-for-allowances-every-month--720-rupees-will-be-available-for-attending-the-general-meeting/article-9572"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/115.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की स्थानीय निकायों में नियुक्त पार्षदों को दिए जाने वाले भत्तों में बढ़ोतरी की है। तीन कैटेगरी में बनी इन नगरीय निकायों में पार्षदों को 2220 से लेकर 4500 रुपए तक हर महीने भत्ता मिलेगा। ये बढ़ोतरी साल 2015 के बाद की है, जो 20 फीसदी तक की गई है।<br /><br />स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक नगर निगम में चयनित पार्षदों को टेलीफोन, स्टेशनरी और वाहन भत्ता के तौर पर हर महीने अब 4500 रुपए मिलेगा, जबकि अभी तक इन तीनों मदों के लिए 3750 रुपए मिलते है। वहीं साधारण सभा की एक बैठक में शामिल होने पर अब 720 रुपए का भत्ता मिलेगा, जो एक महीने में अधिकतम 2160 रुपए मिलेगा। इसी तरह नगर परिषद में पार्षदों को 3120 रुपए महीने और बैठक भत्ता 600 रुपए प्रति बैठक मिलेगा। परिषद में बैठक भत्ता हर महीने का अधिकतम 1800 रुपए से ज्यादा नहीं मिलेगा। इसके अलावा नगर पालिका में पार्षदों को टेलीफोन, स्टेशनरी और वाहन भत्ता के तौर पर 2220 रुपए प्रति महीना मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 May 2022 17:16:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>केंद्र के कुशासन में हर सुबह नई कठिनाई:पायलट</title>
                                    <description><![CDATA[ आमदनी व बचत पर महंगाई का ग्रहण लगा कर भाजपा देशवासियों को ठगने का काम कर रही है: पायलट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--every-morning-a-new-difficulty-in-the-misgovernance-of-the-center--sachin-pilot/article-9306"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/sachin-pilot.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर: घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर फिर से निशाना साधा है। पायलट ने ट्वीट कर कहा है कि केंद्र सरकार के कुशासन में हर सुबह नई कठिनाइयां लेकर आती है। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा कर 1000 रुपए के पार पहुंचा दिए गए हैं, जो लोगों विशेषकर गरीब व मध्यम वर्ग के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। आमदनी व बचत पर महंगाई का ग्रहण लगा कर भाजपा देशवासियों को ठगने का काम कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 May 2022 17:40:47 +0530</pubDate>
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                <title>23,665 मुकदमों का बोझ है हाईकोर्ट के हर न्यायाधीश पर</title>
                                    <description><![CDATA[स्वीकृत 50 न्यायाधीशों में से 25 जज की मौजूद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--burden-of-23-665-cases-is-on-every-judge-of-the-high-court/article-9123"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/hammer-1707735__340.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश की न्यायपालिका के लंबित मुकदमों की संख्या घटाने के प्रयासों के बावजूद हाईकोर्ट में लंबित मुकदमों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। फिलहाल वर्तमान में हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जोधपुर और जयपुर पीठ में कुल पांच लाख 91 हजार 647 मुकदमे लंबित चल रहे हैं। वहीं हाईकोर्ट में एक न्यायाधीश के बीते सोमवार को सेवानिवृत्त होने के बाद अब जजों की संख्या घटकर 25 ही रह गई है। यानि हाईकोर्ट के हर जज पर 23 हजार 665 मुकदमे निस्तारण करने का बोझ है।<br /><br /><strong>आज तक नहीं भरे स्वीकृत पद</strong><br />हाईकोर्ट में वैसे तो जजों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या पचास है, लेकिन आज तक प्रदेश की इस सर्वोच्च अदालत के पूरे स्वीकृत पद कभी भरे ही नहीं गए हैं। वर्तमान में आधे पद खाली चल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि मुख्य न्यायाधीश का पद भी सीजे अकील कुरैशी के गत माह सेवानिवृत्त होने के बाद खाली पड़ा है। हालांकि व्यवस्था सुचारू रखने के लिए वरिष्ठतम जज एमएम श्रीवास्तव को बतौर एक्टिंग सीजेए सीजे का कार्यभार दे रखा है।<br /><br /><strong>759 मुकदमों को तीस साल से न्याय का इंतजार</strong><br />राजस्थान हाईकोर्ट में 759 मुकदमे ऐसे हैं, जो बीते तीस साल से भी अधिक अवधि से लंबित चले आ रहे हैं। इनमें 199 सिविल और शेष 560 केस आपराधिक प्रकृति के हैं।<br /><br />हाईकोर्ट खुद जता चुका है चिंता<br />लंबित मुकदमों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट भी कई बार चिंता जता चुका है। हाल ही में हाईकोर्ट के समक्ष 13 साल पुराने नरेगा कार्य में आठ हजार रुपए के गबन के मामले में आरोपियों पर आरोप तय नहीं होने का मामला आया था। हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि केस की सुनवाई जल्दी नहीं होनाए संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों का हनन है।<br /><br />न्यायपालिका में जजों की संख्या काफी कम है। ऐसे में एक जज को रोजाना सैकडों मुकदमों की सुनवाई करन पडती है। अदालतों में अवकाश भी काफी अधिक रहते हैं। जिसके चलते मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हो रही है।-<strong> राजकुमार गुप्ता, अधिवक्ता, राजस्थान हाईकोर्ट</strong>।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 16:38:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>हर भारतीय पांच विदेशी दोस्तों को भारत दर्शन के लिए भेजे: PM मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम ने चलो इंडिया का नारा दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/every-indian-should-send-five-foreign-friends-to-visit-india--pm-modi/article-9100"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/modi1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोपेनहेगन। तीन दिनों की यूरोप यात्रा के दूसरे दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डेनमार्क पहुंचे। डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडरिक्सन ने उनका स्वागत किया। मोदी और फ्रेडरिक्सन ने भारत-डेनमार्क के टॉप बिजनेस लीडर्स से मुलाकात की। मोदी ने विल्ला सेंटर में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए सभी भारतीयों का आभार व्यक्त किया और लोगों को चलो भारत का नारा भी दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया में रह रहा हर भारतवासी अगर पांच गैर-भारतीयों को घूमने के लिए भारत भेजने का काम करेगा तो भारत दुनिया का सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन बन जाएगा।<br /><br /><strong>आप बताएं भारत में क्या-क्या है</strong><br />उन्होंने कहा कि आप उन्हें बताएं कि हमारे यहां ये है। इससे हम ताकत बन सकते हैं। पीएम ने चुटिले अंदाज में कहा कि ऐसा मत कहना कि वहां डायरेक्ट फ्लाइट नहीं है। एक जमाने में लोग पैदल भारत देखने आते हैं। हमें फिर से वातावरण बनाना है। दुनिया के लिए एक ही डेस्टीनेशन बन जाएगा इंडिया। ये काम राजदूतों का नहीं आप जैस राष्टÑदूतों का है। आप ये करेंगे।<br /><br /><strong>हमने दुनिया को सस्ती वैक्सीन दी</strong><br />उन्होंने कहा कि हमने दुनिया को कोरोना की सस्ती वैक्सीन दी। अगर भारत मेड इन इंडिया, सस्ती और प्रभावी वैक्सीन पर काम ना करता, बड़े स्केल पर प्रोडक्शन ना करता, तो दुनिया के अनेक देशों की क्या स्थिति होती।<br /><br /><strong>हमारे संस्कार भारतीय</strong> <br />पीएम मोदी ने हॉल में मौजूद लोगों से कहा कि यहां कोई पंजाबी, कोई बंगाली, कोई गुजराती, कोई उड़िया और कोई किसी दूसरी भाषा का है। लेकिन भाषा कोई भी हो, लेकिन हम सभी के संस्कार भारतीय ही हैं। इस मौके पर हॉल मोदी-मोदी के नारे से गूंज उठा।<br /><br /><strong>भारत में निवेश के बहुत अवसर</strong><br />मोदी ने कहा कि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर और ग्रीन इंडस्ट्रीज में डेनिश कम्पनीज और डेनिश पेंशन फंड्स के लिए निवेश के बहुत अवसर हैं। हमने एक फ्री, ओपन, इंक्लूसिव और नियमों से चलने वाले इंडो-पसिफिक क्षेत्र को सुनिश्चित करने पर जोर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 12:09:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>CM गहलोत कल करेंगे बजट पेश, हर वर्ग को राहत की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसानों के लिए अलग से कृषि बजट पेश किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-gehlot-will-present-the-budget-tomorrow--hope-for-relief-to-every-section/article-4818"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/ashok-cm.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को बजट पेश करेंगे। इस बजट से हर वर्ग को काफी राहत की उम्मीदें है। गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर वित्तीय वर्ष 2022-23 के राज्य बजट को अन्तिम रूप दिया। इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, शासन सचिव वित्त (राजस्व) सुरेश चन्द गुप्ता, शासन सचिव वित्त (बजट) सुधीर कुमार शर्मा, शासन सचिव वित्त (व्यय) नरेश कुमार ठकराल एव निदेशक (बजट) ब्रजेश किशोर शर्मा उपस्थित थे। गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि मैं वर्ष 2022-23 का बजट विधानसभा में पेश करूंगा। मुझे आशा है कि यह बजट प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं तथा उम्मीदों पर खरा उतरेगा। प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसानों के लिए अलग से कृषि बजट पेश किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Feb 2022 14:08:49 +0530</pubDate>
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