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                <title>आरोपी रियाज एक साल पहले भी लोगों को भड़काने व उकसाने का काम कर चुका,  उदयपुर और भीलवाड़ा के साथ आसपास के कई क्षेत्रों में दंगाइयों का नेटवर्क तैयार किया</title>
                                    <description><![CDATA[ उदयपुर। शहर में दुकान में घुसकर व्यापारी की गला रेतकर हत्या करने के मामले में पकड़ा गया आरोपी रियाज एक साल पहले भी लोगों को भड़काने व उकसाने का काम कर चुका है। उसने पुलिस के खिलाफ लोगों को भड़काया था और एक एएसआई का पुतला भी फूंका था। 11 भाई-बहनों में सबसे छोटा रियाज 20 वर्ष पूर्व ही भीलवाड़ा के आसींद से उदयपुर आ गया था और यहां छोटा-मोटा धंधा कर परिवार का पेट पाल रहा था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/accused-riyaz-had-done-the-work-of-instigating-and-provoking-people-even-a-year-ago--created-a-network-of-rioters-in-udaipur-and-bhilwara-as-well-as-in-many-nearby-areas/article-13254"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/666.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर। शहर में दुकान में घुसकर व्यापारी की गला रेतकर हत्या करने के मामले में पकड़ा गया आरोपी रियाज एक साल पहले भी लोगों को भड़काने व उकसाने का काम कर चुका है। उसने पुलिस के खिलाफ लोगों को भड़काया था और एक एएसआई का पुतला भी फूंका था। 11 भाई-बहनों में सबसे छोटा रियाज 20 वर्ष पूर्व ही भीलवाड़ा के आसींद से उदयपुर आ गया था और यहां छोटा-मोटा धंधा कर परिवार का पेट पाल रहा था। दोनों आरोपियों के बैकग्राउंड को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इन्होंने उदयपुर और भीलवाड़ा के साथ आसपास के कई क्षेत्रों में दंगाइयों का नेटवर्क तैयार किया। इनमें से रियाज जब्बार उर्फ मोहम्मद रियाज अत्तारी ने करीब एक वर्ष पूर्व उदयपुर शहर में लोगों को उकसाने की कोशिश की थी। बताया जा रहा है कि यहां लोगों में मामूली कहासुनी हो गई थी। पुलिस जब मामले को शांत कराने पहुंची तो जब्बार एएसआई से उलझ गया। एएसआई ने जब जब्बार को पकड़ने की कोशिश की तो उसकी दाढ़ी पर हाथ लग गया। इस घटना के बाद जब्बार ने मौके पर काफी लोगों को जमा कर लिया और प्रदर्शन किया। उसने माहौल बिगाड़ने के प्रयास में एएसआई का पुतला भी फूंका।<br /><br /><strong>2002 में की शादी, दो बच्चों का पिता</strong><br />रियाज के भतीजे युनूस ने दैनिक नवज्योति से बातचीत में बताया कि रियाज के 10 भाई और एक बहन है। बहन अजमेर में रहती है, जबकि अन्य भाइयों में सात अभी जीवित हैं। युनूस का कहना है कि उसके चाचा रियाज ने वर्ष 2002 में निकाह किया था। निकाह के दो-तीन माह बाद ही वह बेगम को लेकर उदयपुर चला गया। पेशे से मोटर रिपेयर और कबाड़ी का काम करने वाले रियाज के एक लड़का व एक लड़की है। परिजनों को भी यह नहीं पता था कि वह उदयपुर में कहां और क्या करता है। रियाज जब्बार ने कब माहौल बिगाड़ने वाला बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया, किसी को नहीं पता। तीन वर्ष पूर्व बड़े पापा (ताऊ) के लड़के की शादी की दावत में शामिल होने वह अंतिम बार अपने गांव आसींद आया था। तब वह खाना खाकर वापस चला गया। इसके बाद उससे कोई संपर्क में नहीं है। मुझे रात को ही पता चला कि उसने बड़ा कांड कर दिया है। उसने गलत काम किया है। जब तक वह हमारे साथ था, तब तक ऐसा नहीं था। उदयपुर में किसके साथ संपर्क में आया, कैसे बदला नहीं पता। <br /><br /><strong>प्रोपर्टी का काम करता है गौस</strong><br />हत्याकांड में शामिल दूसरा आरोपी गौस मोहम्मद उदयपुर का रहने वाला है। वह खांजीपीर में किराया का मकान लेकर रहता है। गौस उदयपुर में ही वेल्डिंग का काम करता है। इसके साथ प्रॉपर्टी डीलर के साथ छोटा-मोटा काम करता था। वह पिछले लंबे समय से हर काम में रियाज के साथ रहता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jun 2022 13:43:31 +0530</pubDate>
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                <title>कर्मचारियों के दबाव में झुके मलिंगा, पहले माफी तक नहीं मांगी, आज किया सरेंडर</title>
                                    <description><![CDATA[पूछताछ के बाद मलिंगा को पुलिस टीम धौलपुर लेकर जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news-malinga-bowed-under-the-pressure-of-employees--did-not-even-apologize-earlier--surrendered-today/article-9554"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/girraj-singh-malinga.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने बिजली कर्मचारी से मारपीट प्रकरण में बुधवार को जयपुर पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। पुलिस मलिंगा को पकड़ कर कमिश्नरेट लेकर आई इस दौरान उनके साथ मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी मौजूद थे।यहां पर पूछताछ के बाद मलिंगा को पुलिस टीम धौलपुर लेकर जाएगी।</p>
<p>बता दे कि बाड़ी विद्युत निगम कार्यालय में एससी वर्ग के कर्मचारी जेईएन और एईएन से हुए मारपीट प्रकरण में कई दिनों से अदावत जारी थी। बिजली कर्मचारियों से मारपीट के बाद कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए लगातार विधायक की गिरफ्तारी की मांग उठा रखी थी, वही विधायक ने इस प्रकरण में खुद को निर्दोष बताते हुए माफी तक नहीं मांगी थी। एससी और एसटी वर्ग के कर्मचारियों ने जब राज्य सरकार तक इस मामले में दबाव बनाया तो विधायक मलिंगा ने भी इस मामले में अपने कुछ विरोधियों पर राजनीतिक द्वेषता के चलते आरोप लगाना बताए थे। विधायक मलिंगा ने डीजीपी एमएल लाठर पर भी पूर्व विधायक जसवंत गुर्जर के साथ मिलीभगत कर साजिश में फंसाने का आरोप लगाया था। लाठर ने विधायक के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि विधायक गिरफ्तारी के डर से मुझ पर आरोप लगा रहे हैं। विधायक के सभी आरोप निराधार हैं।</p>
<p><br /><strong>क्या था मामला:</strong><br />विधायक मलिंगा मार्च में बड़ी विद्युत निगम कार्यालय में स्थानीय लोगों के साथ पहुंचे थे लोगों की शिकायत के आधार पर मलिंगा की एईएन और जेईएन से बहस हो गई जिसके बाद विधायक और लाठी-डंडों से लैस समर्थकों ने बिजली कर्मचारियों के साथ मारपीट की। एक कर्मचारी के शरीर में तो 36 जगह हड्डियां टूटी थी। इस घटना के बाद कर्मचारियों ने रोष जताते हुए विधायक मलिंगा की गिरफ्तारी की मांग की थी। विधायक मलिंगा ने बचाव में अपने ऊपर लगाए सभी आरोपों को मनगढ़ंत और गलत करार दिया था। मामला तूल पकड़ने के बाद विधायक मलिंगा के खिलाफ केस दर्ज हो गया था। बिजली कर्मचारियों के लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए अब विधायक ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में खुद को सरेंडर कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 May 2022 15:44:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>किरोड़ी ने दी धमकी: सीएम से मिलूंगा चाहे पुलिस मुझ पर गोली चला दे, रोक सके तो रोक ले</title>
                                    <description><![CDATA[किरोड़ी ने कमिश्नर को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि वे मुख्यमंत्री से मिलेंगे पुलिस उन्हें रोककर दिखाएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--kirori-threatened--i-will-meet-cm-even-if-the-police-shoot-at-me--if-you-can-stop-it--stop/article-9111"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/kirodi-lal-meena.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने पुलिस प्रशासन को धमकी दि है कि वह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलेंगे, पुलिस चाहे तो उन्हें रोकने का प्रयास करके देख ले। यह पुलिस को मेरी चुनौती है, चाहे तो लाठीचार्ज कर दे या गोलिया चला दे। मैं उनसे मिलकर ही रहूंगा।</p>
<p>असल में किरोड़ी बुधवार को दौसा में पानी की समस्या को लेकर पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह से मिलने सिविल लाइन स्थित उनके निवास पर गए थे। लेकिन पुलिस ने किरोड़ी लाल को सिविल लाइन में जाने से रोक दिया।मंत्री विश्वेंद्र सिंह के घर के बाहर भी पुलिस का बड़ा जाब्ता तैनात कर दिया गया, ताकि किरोड़ी अंदर ना जा सके।  विश्वेंद्र को जब किरोड़ी के आने की सूचना लगी तो वह खुद बाहर गए और पुलिस के आला अधिकारियों को उन्हें रोकने पर फटकार लगाई। इसके बाद किरोड़ी उनसे मिलकर वापस लौटे।</p>
<p>लेकिन किरोड़ी पुलिस के द्वारा रोकने पर नाराज हो गए और उन्होंने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि वे मुख्यमंत्री से मिलेंगे पुलिस उन्हें रोककर दिखाएं। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि वह पहले भी सिविल लाइन विभिन्न मांगों को लेकर जाते रहे हैं और पुलिस उन्हें हर बार बैरिकेडिंग लगाकर रोक लेती है। विश्वेंद्र ने उन्हें कहा था कि अपने क्षेत्र की कोई भी समस्या हो तो वह पहले उन्हें बताएं। इसी के चलते दौसा में पानी की समस्या को लेकर विश्वेंद्र सिंह को बताने गए थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 15:15:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बिजली संकट : कटौती का समय भी फिक्स नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[बिजलीघरों में दो से छह दिन का कोयला ही बचा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--electricity-crisis--the-timing-of-the-cut-is-not-even-fixed/article-8819"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/el.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। भीषण गर्मी में बिजली संकट के बीच तय कटौती के साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती भी शुरू हो गई है। बिजली की मांग में 36 फीसदी बढ़ोतरी के साथ ही मांग और आपूर्ति व्यवस्था की चुनौती के बीच बिजलीघरों में दो से छह दिन का कोयला ही बचा है।</p>
<p><br />तीनों डिस्कॉम में कटौती का समय फिक्स नहीं होने से दिन और रात में अघोषित कटौती जारी है। इसने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के ज्यादा पसीने छुड़ा रखे हैं। कोयले की कमी से जूझ रहे थर्मल पावर प्लांट में कई यूनिटें अभी भी बंद हैं। हाड़ौती संभाग की थर्मल यूनिट्स में 65 से 70 फीसदी क्षमता से ही उत्पादन हो पा रहा है। कोटा थर्मल पावर, छबड़ा थर्मल, छबड़ा सुपर क्रिटिकल और कालीसिंध थर्मल में आगामी दो से छह दिन का कोयला ही बचा है। प्रदेश की कुछ इकाइयां तकनीकी कारणों से ठप पड़ी हैं।</p>
<p><br /><strong>जल्दी ही समस्या से उबर जाएंगे : भाटी</strong><br />ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने संकट को लेकर गुरुवार को भी अफसरों की बैठक ली। भाटी ने उपभोक्ताओं से संयमित उपभोग की अपील करते हुए कहा कि हम जल्दी ही इस संकट से उबर जाएंगे। हमने अघोषित बिजली कटौती रोकने और निर्माणाधीन ग्रिड सब स्टेशनों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। <br /><br /><strong>रात की शिफ्ट में बिजली से ज्यादा खुश नहीं किसान</strong> <br />ऊर्जा विभाग ने संभाग और जिला मुख्यालय, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घोषित कटौती का समय तय कर दिया है, लेकिन कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती का समय फिक्स नहीं होने से अघोषित कटौती भी हो रही है। किसान भी रात शिफ्ट की बिजली से ज्यादा खुश नहीं है। वार्षिक और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में व्यस्त विद्यार्थी भी खूब परेशान हो रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Apr 2022 12:50:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> भाजपा राज में भी टूटे मंदिर, तब चुप क्यों रहे-बेनीवाल</title>
                                    <description><![CDATA[ उदयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) प्रमुख व सांसद हनुमान बेनीवाल ने अलवर में गत दिनों हुई मंदिर तोड़ने के मुद्दे पर कहा कि मंदिर टूटने ही नहीं चाहिए, लेकिन वर्ष 2013 से 2018 तक भाजपा के शासन काल में भी कई मंदिर टूटे, तब ये नेता सवाल क्यों नहीं कर रहे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/temples-were-broken-even-under-bjp-rule--then-why-remain-silent---beniwal/article-8684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/hanuman-beniwal.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) प्रमुख व सांसद हनुमान बेनीवाल ने अलवर में गत दिनों हुई मंदिर तोड़ने के मुद्दे पर कहा कि मंदिर टूटने ही नहीं चाहिए, लेकिन वर्ष 2013 से 2018 तक भाजपा के शासन काल में भी कई मंदिर टूटे, तब ये नेता सवाल क्यों नहीं कर रहे थे। मैंने और घनश्याम तिवाड़ी ने ही विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था। भाजपा नेताओं को तब भी मंदिर तोड़ने के खिलाफ खड़े होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री यूनुस खान ने भी 18 सिविल लाइंस स्थित मकान में शिव मंदिर को तोड़कर दूसरा सिस्टम किया था।</p>
<p><br />आरएलपी प्रमुख बेनीवाल उदयपुर में उनके प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था चौपट है। दु:खी आदमी पुलिस के बजाय कुछ राशि देकर अपराधियों से सहायता लेने को विवश हो रहे है। महिला अपराध में राजस्थान एक नंबर पर आ गया है। सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं राजस्थान में सबसे ज्यादा हो रही हैं। पिछले 22 साल से  गहलोत-वसुंधरा का गठजोड़ है जिससे पुलिस का मनोबल घटा है। हम चाहते हैं कि पुलिस एक्ट में बदलाव हो और लोगों को टोल टैक्स नहीं देना पड़े। इसके लिए हम जल्द ही जोधपुर और फिर मेवाड़ में बड़ी रैली करेंगे।<br /><br />दम है तो कश्मीर को छुड़ाकर लाएं<br />बेनीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा आज धर्म के नाम पर दिल्ली की सत्ता में बैठी है। कांग्रेस का पाला खाली है, इसलिए गोल पर गोल कर रहे हैं। सरकार बेरोजगारी, कोरोना आदि में मामलों में विफल रही है। चीन ने दो बार आंखें दिखाई। उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री से पूछा कि हिंदुस्तान कश्मीर को छुड़ाने के लिए कब दम दिखाएगा। दम है तो पाक अधिकृत कश्मीर को छुड़ाकर लाएं।<br /><br />सभी 200 सीटों पर लड़ेंगी आरएलपी  <br />बेनीवाल ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी सभी 200 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी, चाहे परिणाम कुछ भी रहे। बेरोजगारी की समस्या पूरे राजस्थान में है। बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर राजसमंद के दरीबा में पार्टी धरना देगी।  <br /><br />प्रो. सिंह को बर्खास्तगी की करेंगे मांग <br />बेनीवाल ने सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह को भी बर्खास्त करने की मांग को लेकर राज्यपाल से बात करने का भरोसा दिया। वार्ता में आरपीएल के प्रदेश महामंत्री उदयलाल डांगी सहित अन्य जिलों के अध्यक्ष भी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Apr 2022 12:23:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[udaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मेरिट की कट ऑफ में आने पर भी चयन क्यों नहीं किया, एक पद खाली रखें: हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[रेलवे ने वर्ष 2018 में ग्रुप डी के लेवल वन में अजमेर रीजन में 4755 पदों की भर्ती निकाली थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--why-not-selected-even-after-coming-in-cut-off-of-merit--keep-one-post-vacant--high-court/article-8170"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/hc.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने उत्तर-पश्चिम रेलवे की ग्रुप -डी की लेवल वन भर्ती- 2018 की अंतिम कट ऑफ में आने के बाद भी अभ्यर्थी को तकनीकी आधार पर चयन से वंचित करने पर उत्तर पश्चिम रेलवे के जीएम रेलवे भर्ती बोर्ड व भर्ती सेल के चेयरमैन सहित अन्य से जवाब देने के लिए कहा है। वहीं याचिका के निर्णय के अधीन अभ्यर्थी के लिए एक पद खाली रखने का निर्देश दिया है। जस्टिस पंकज भंडारी व अनूप कुमार ढंड ने यह आदेश पप्पू राम बाजिया की याचिका पर दिया।</p>
<p><br />याचिका में कहा गया कि रेलवे ने वर्ष 2018 में ग्रुप डी के लेवल वन में अजमेर रीजन में 4755 पदों की भर्ती निकाली थी। इसमें याचिकाकर्ता ने भाग लिया और वह लिखित, फिजिकल व मेडिकल में पास होने के बाद अंतिम कट ऑफ में भी आ गया। वहीं रेलवे भर्ती बोर्ड ने उसे अंतिम चयन सूची में यह कहते हुए शामिल नहीं किया कि उसने परमिशन लैटर में कैपिटल लेटर भरे हैं, जबकि अंडरटेकिंग के अनुसार उसे स्मॉल लेटर भरने थे। भर्ती बोर्ड की इस कार्रवाई को याचिकाकर्ता ने केट में चुनौती दी, लेकिन केट ने उसका प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। इस पर उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी। जिस पर सुनवाई करते है खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगते हुए एक पद याचिकाकर्ता के लिए सुरक्षित रखने को कहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Apr 2022 18:44:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कम सैलरी, अधूरी ट्रेनिंग, कमजोर मनोबल, रूसी सैनिकों की बगावत का इतिहास पुराना, यूक्रेन में भी नहीं मान रहे ऑर्डर्स</title>
                                    <description><![CDATA[कमजोर मनोबल के साथ कब तक लड़ेंगे रूसी सैनिक?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/kyiv--moscow--low-salary--incomplete-training--weak-morale--history-of-uprising-of-russian-soldiers-is-old--orders-are-not-being-obeyed-even-in-ukraine/article-7319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/sainik.jpg" alt=""></a><br /><p>कीव/मॉस्को। हाल के दिनों में ऐसी खबरें आई हैं कि यूक्रेन में आगे बढ़ने से रोक दी गई और कई सैन्य नाकामियों का सामना कर रही रूसी सेना ने अपने खुद के उपकरण नष्ट कर दिए हैं और उसने युद्ध लड़ने और आदेशों का पालन करने से इनकार कर दिया है। एक खबर में यहां तक कहा गया है कि उन्होंने अपने ही कमांडर पर हमला कर दिया। नाटो का अनुमान है कि दो महीने से भी कम वक्त में इस संघर्ष के दौरान करीब 15,000 रूसी सैनिक मारे गए है, जो अफगानिस्तान में नौ वर्षों में मारे गए सोवियत संघ (अब विघटित हो चुके) के सैनिकों के बराबर है। ऐसा बताया जा रहा है कि सैनिकों का मनोबल गिर गया है। ऐसी स्थिति में रूसी सैनिकों के विद्रोह करने की संभावना है। लड़ाई छोड़कर भागने से सेना का शारीरिक और मनोवैज्ञानिक उत्साह कम हो जाएगा, जबकि पाला बदलने या दुश्मन की सेना में शामिल होने से यूक्रेन को मदद मिल सकती है। यह पहली बार नहीं है जब रूसी या सोवियत सैनिकों ने किसी संघर्ष में आदेशों को मानने से इनकार कर दिया है। रूस-जापान युद्ध के दौरान रूसी सैनिकों ने जून 1905 में विद्रोह कर दिया था जो इतिहास की प्रसिद्ध घटनाओं में से एक है।<br /><br /><strong>पहले भी बगावत कर चुके हैं रूसी सैनिक</strong><br />सुशिमा की लड़ाई में रूसी नौसेना का ज्यादातर बेड़ा नष्ट हो गया था और उसके पास कुछ गैर-अनुभव वाले लड़ाके बचे थे। बांसा मांस परोसे जाने समेत काम करने की खराब स्थितियों का सामना कर रहे 700 नाविकों ने अपने अधिकारियों के खिलाफ ही विद्रोह कर दिया था। द्वितीय विश्वयुद्ध में जोसेफ स्टालिन ने आत्मसमर्पण करने की ओर बिल्कुल बर्दाश्त न करने वाली नीति लागू करते हुए सैनिकों के बीच आज्ञाकारिता सुनिश्चित करने की कोशिश की थी। चेचन्या के साथ रूस के पहले संघर्ष (1994-96) में बड़ी संख्या में सैनिक जंग का मैदान छोड़कर भाग गए थे।<br /><br /><strong>कमजोर मनोबल के साथ कब तक लड़ेंगे रूसी सैनिक?</strong><br />युद्ध में पाला बदलना और मैदान छोड़कर भागना आम है। युद्ध की मुश्किलें, लड़ाई में खराब प्रदर्शन और युद्ध की वजह की वैचारिक प्रतिबद्धता के कम होने से सैनिक जंग का मैदान छोड़कर भाग सकते हैं। लेकिन रूसी सैनिक पहले ही मनोबल गिरने और सहयोग न मिलने की स्थिति को महसूस कर रहे हैं। अध्ययन से पता चलता है कि सैनिकों का मनोबल कम है, खासतौर से जिन्हें आधुनिक तकनीक नहीं आती हैं।<br /><br /><strong>अमेरिका की तुलना में 200 फीसदी कम वेतन पाते हैं रूसी सैनिक</strong><br />ऐसी खबरें हैं कि रूसी सेना अपनी संरचना में बदलाव लाने की कोशिश कर रही है लेकिन इसके बावजूद रूस की अपनी सेना ने 2014 में बताया कि उसके 25 प्रतिशत से अधिक कर्मी अपनी इंफेंट्री के उपकरण नहीं चला पाए। हालांकि, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बदलावों के नतीजन सेना का बजट बढ़ गया लेकिन सैनिकों की तनख्वाह नहीं बढ़ी। अनुबंधित सैनिकों को उनके अमेरिकी समकक्षों के मुकाबले 200 प्रतिशत कम वेतन दिया जाता है।<br /><br /><strong>अपने सैनिकों का दिल नहीं जीत पा रहा रूस</strong><br />इन सभी कारणों से सैनिकों का मनोबल गिरा है और पाला बदलने तथा मैदान छोड़कर भागने की आशंका भी बढ़ी है। इससे निपटने के लिए रूसी जनरल अग्रिम मोर्चे पर जाकर लड़ रहे हैं ताकि सैनिकों को प्रोत्साहित किया जाए। इसके कारण कम से कम सात जनरल की मौत हो गई है, जो द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद से रूसी सेना में जनरलों की सबसे अधिक मृत्यु दर है। रूस न केवल यूक्रेन के लोगों के दिल और दिमाग जीतने में नाकाम रहा है, बल्कि अब वह अपने सैनिकों का मन जीतने के लिए संघर्ष करता प्रतीत हो रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Apr 2022 13:09:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>आमजन को राहत: कल से अस्पताल आउटडोर में  पर्ची के भी नहीं देने पड़ेंगे पैसे</title>
                                    <description><![CDATA[अभी तक आउटडोर में दिखाने जाने वाले लोगों को आउटडोर पर्ची बनवाने के 10रुपए देने पड़ रहे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--relief-to-the-general-public--from-tomorrow-onwards--even-the-slip-will-not-have-to-be-paid-in-the-hospital-outdoor--orders-have-been-issued-on-thursday-for-free-outdoor-service-in-the-hospitals-of-chief-minister-ashok-gehlot/article-7077"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sms1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रदेश के अस्पतालों में मुफ्त आउटडोर सेवा के गुरुवार को आदेश जारी हो गए हैं। अब राजस्थान में आउटडोर में चिकित्सीय परामर्श के लिए जाने वाले आमजन को आउटडोर पर्ची के भी पैसे नहीं देने पड़ेंगे। अभी तक आउटडोर में दिखाने जाने वाले लोगों को आउटडोर पर्ची बनवाने के 10रुपए देने पड़ रहे थे। 1 अप्रैल से प्रदेश भर में पर्ची मुफ्त कर दी गई है।</p>
<p><strong>अस्पतालों में अब महँगी सिटी स्कैन-एमआरआई और डायलिसिस फ्री</strong><br />राजस्थान के अस्पतालों में अब मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई की मोटी राशि नहीं देनी पड़ेगी। इसके साथ ही गुर्दा रोगियों को हर माह डायलिसिस कराने के भी पैसे नहीं देने पड़ेंगे। सरकार ने यह सभी जांचे शुक्रवार 1 अप्रैल से प्रदेशभर के अस्पतालों में मुफ्त कर दि है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट घोषणा में इन जाचो को फ्री करने की घोषणा की थी। जिसके अब आदेश जारी हो गए हैं। अभी अस्पतालों में सीटी स्कैन एमआरआई के 1500 से लेकर ₹3000 तक लगते थे। यह जांच केवल सीनियर सिटीजन को ही फ्री थी। अब सभी मरीजों के लिए सरकार ने यह जाकर फ्री कर दी है। अस्पतालों में सीटी स्कैन-एमआरआई मशीन प्राइवेट ठेके पर दी हुई थी। सरकार अब ठेकेदारों को एमआरआई और सिटी स्कैन के पैसे अपने खाते से देगी। सजे पेटे हर साल करोड़ो रूपये का भार सरकार पर आएगा। मरीजो को यह बड़ी राहत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Mar 2022 14:27:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>न्यूजीलैंड ने आखिरी लीग मैच जीतने के बाद भी प्लेऑफ में क्वालिफाई करने की उम्मीद बहुत कम</title>
                                    <description><![CDATA[न्यूजीलैंड ने अपने आखिरी लीग मैच में पाकिस्तान को 71 रन से एकतरफा अंदाज में हरा दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/new-zealand-have-little-hope-of-qualifying-for-the-playoffs-even-after-winning-the-last-league-match/article-6787"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/new-zealand-women.png" alt=""></a><br /><p>क्राइस्टचर्च। अनुभवी सलामी बल्लेबाज सूजी बेट्स 126 के शानदार शतक और हना रोवे 55 रन पर पांच विकेट की घातक गेंदबाजी की बदौलत न्यूजीलैंड ने यहां शनिवार को 2022 आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप के अपने आखिरी लीग मैच में पाकिस्तान को 71 रन से एकतरफा अंदाज में हरा दिया। उसके हालांकि प्लेऑफ में क्वालिफाई करने की संभावना बहुत कम है। <br /><br />न्यूजीलैंड ने आखिरी मैच में बड़ी जीत के साथ न केवल दो अंक हासिल किए, बल्कि अपने नेट रन रेट को भी बेहतर किया। इसके बावजूद उसका टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचना बहुत मुश्किल है। न्यूजीलैंड केवल एक ही स्थिति में सेमीफाइनल में पहुंच सकता है, अगर इंग्लैंड और भारत अपने-अपने आखिरी लीग मैचों में बड़े अंतर से हारते हैं। <br /><br />उल्लेखनीय है कि न्यूजीलैंड सात लीग मैचों में से तीन मैच जीत कर छह अंकों और +0.027 के नेट रन रेट के साथ अंक तालिका में छठे स्थान पर है। वहीं इंग्लैंड और भारत छह मैचों में तीन हार और तीन जीत के साथ छह अंक लेकर  क्रमश: चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। इंग्लैंड का नेट रन रेट +0.778 है जो भारत से थोड़ा सा बेहतर है। भारत का नेट रन रेट +0.768 है। दोनों टीमों को रविवार को अपना-अपना आखिरी लीग मैच खेलना है। इंग्लैंड जहां बंगलादेश, वहीं भारत दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा। ऐसे में न्यूजीलैंड इंग्लैंड और भारत के बड़े अंतर से हारने पर ही क्वालिफाई कर सकता है। <br /><br />न्यूजीलैंड ने शनिवार के मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए बेट्स की 14 चौकों के सहारे 135 गेंदों पर 126 की शानदार शतकीय पारी की बदौलत 50 ओवर में आठ विकेट पर 265 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। फिर जवाब में तेज गेंदबाज हना की घातक गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान को 50 ओवर में नौ विकेट पर 194 रन पर रोक कर मैच जीत लिया। हना ने 10 ओवर में 55 रन पर सर्वाधिक पांच विकेट लिए। बेट्स को हालांकि मैच विजयी पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। पाकिस्तान की तरफ से अनुभवी ऑलराउंडर निदा दार ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया। उन्होंने गेंदबाजी में 10 ओवर में 39 पर सर्वाधित तीन विकेट लेने के बाद बल्लेबाजी में पांच चौकों और एक छक्के के सहारे 53 गेंदों पर 50 रन की अर्धशतकीय पारी खेली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 18:25:08 +0530</pubDate>
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                <title>10 साल बाद भी नहीं खुली उपभोक्ता सर्किट बेंच, मंत्री बोले पूर्ववर्ती सरकार पांच साल क्या भजन कीर्तन कर रही थी? </title>
                                    <description><![CDATA[सवाल के जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार क्या 5 साल भजन कीर्तन कर रही थी?  सर्किट बेंच के लिए भूमि आवंटन क्यों नहीं किया? ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/consumer-circuit-bench-did-not-open-even-after-10-years--the-minister-said-what-bhajan-kirtan-was-the-previous-government-doing-for-five-years/article-6577"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/anita-bhadel].jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने अजमेर एवं भरतपुर संभाग में राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की सर्किट बेंच के बजट घोषणा के 10 साल बाद भी नहीं खुलने पर सरकार से घेरने की कोशिश की। सवाल के जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार क्या 5 साल भजन कीर्तन कर रही थी?  सर्किट बेंच के लिए भूमि आवंटन क्यों नहीं किया? <br /><br />भाजपा विधायक अनिता भदेल ने यह मामला उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पिछले कार्यकाल वर्ष 2008 से 2013 के दौरान अजमेर एवं भरतपुर संभाग मुख्यालय पर राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की सर्किट बेंच स्थापित करने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक इन बैंचों की स्थापना नहीं हो सकी है। इससे उपभोक्ता मामलों के निस्तारण को लेकर स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही भदेल ने सरकार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष के 50% पदों का वकील कोटे से बढ़ने की मंशा भी जानना चाही। जवाब में खाचरियावास ने कहा कि  मुख्‍यमंत्री की वर्ष 2012-13 की बजट घोषणा में सर्किट बेंच स्‍थापित करने की घोषणा की गई थी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता मामले विभाग की ओर से 18 मई 2012 से सर्किट बेंच जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर एवं भरतपुर की अधिसूचना जारी की गई है। वर्तमान में सर्किट बेंच जोधपुर, कोटा, बीकानेर एवं उदयपुर क्रियाशील है। भूमि एवं भवन की उपलब्‍धता के अभाव में अजमेर एवं भरतपुर में सर्किट बेंच क्रियाशील नही है। इसके लिए राज्‍य सरकार प्रयासरत है। जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, अजमेर में वर्ष 2015 तक के मामले अभी तक लम्बित रहने के लिए राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद  प्रतितोष आयोग से प्राप्‍त सूचना अनुसार अभिभाषकगण की ओर से बहस के लिए बार बार अवसर चाहना, विभिन्‍न अवधि में अध्‍यक्ष, जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, अजमेर का पद रिक्‍त  होने से अतिरिक्‍त कार्यभार अन्‍य आयोगों के अध्‍यक्षों  के पास होना, विगत 02 वर्षो में कोरोना महामारी से नियमित सुनवाई ना होना आदि कारण बताए गए है। उपभोक्‍ता  संरक्षण (राज्‍य आयोग और जिला आयोग के अध्‍यक्ष और सदस्‍यों  की नियुक्ति  के लिये अर्हता, भर्ती की पद्धति, नियुक्ति की प्रक्रिया, कार्यकाल, पद से त्‍यागपत्र और हटाना) नियम, 2020 के नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।  खाटूवास ने कहा कि भैंस स्थापित करने के लिए जिला संबंधित जिला कलेक्टर को भूमि आवंटन को लेकर निर्देश प्रदान कर दिए गए हैं। अजमेर और भरतपुर में जल्दी ही उपभोक्ता सर्किट बेंच की स्थापना कर दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Mar 2022 13:26:37 +0530</pubDate>
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                <title>कांग्रेस में डिजिटल मेम्बरशिप की सुस्त धार गहलोत और डोटासरा दिलाएंगे अब रफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[डोटासरा ने आज ली समीक्षा बैठक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlot-and-dotasara-will-speed-up-the-sluggish-edge-of-digital-membership-in-congress-even-ten-percent-of-the-target-members-could-not-be-made/article-6575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/congress02.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। कांग्रेस के डिजिटल मेम्बरशिप अभियान की सुस्त चाल के बाद खुद सीएम अशोक गहलोत ने कमान संभालने का निर्णय लिया है। कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए गहलोत 24 मार्च को भरतपुर और कोटा के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। गहलोत के साथ पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा, प्रदेश कांग्रेस संगठन चुनाव प्रभारी संजय निरूपम भी रहेंगे। तीनों नेता गुरुवार सुबह 11 बजे कोटा और दोपहर एक बजे भरतपुर पहुंचकर नेताओं- कार्यकर्ताओं से अभियान में हिस्सा लेने का आह्वान करेंगे। गौरतलब है कि विपक्षी पार्टी भाजपा का प्रदेशभर में 85 लाख सदस्य होने का दावा है, वहीं कांग्रेस के पास प्रदेशभर में महज दो से ढाई लाख ही सक्रिय सदस्य हैं। एप के तकनीकी पहलुओं को समझ नहीं पाना कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। जिलों के अधिकांश विधायक, वरिष्ठ नेता भी अभियान को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं है। <br /><br /><strong>टारगेट के दस फीसदी मेम्बर भी नहीं बन पाए</strong><br />गहलोत को मैदान में इसलिए उतरना पड़ रहा है, क्योंकि प्रदेश कांग्रेस ने 31 मार्च तक 50 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य तय किया था। करीब तीन महीने से ज्यादा समय तक चले डिजिटल मेम्बरशिप अभियान में अभी तक आंकड़ा दो लाख तक भी नहीं पहुंचा। अभियान में अब केवल 11 दिन ही बचे हैं। <br /><br /><strong>डोटासरा ने आज ली समीक्षा बैठक</strong><br />प्रदेश कांग्रेस के सदस्यता अभियान को लेकर बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा पार्टी मुख्यालय पर समीक्षा बैठक लr। प्रदेश स्तरीय बैठक में कांग्रेस के डिजिटल मेम्बरशिप कैम्पेन और ऑफलाइन मेम्बरशिप में तेजी लाने पर चर्चा हुई। प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी, बोर्ड, निगम और आयोगों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, जिला कांग्रेस के वर्तमान और निवर्तमान अध्यक्ष, अग्रिम संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के प्रदेशाध्यक्ष, कैम्पेन के स्टेट कॉर्डिनेटर व कॉ कॉर्डिनेटर, सोशल मीडिया विभाग के स्टेट कॉर्डिनेटर और कंट्रोल रूम के सदस्य बैठक में शामिल हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Mar 2022 12:57:30 +0530</pubDate>
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                <title>कोरोना से ठीक होने के बाद भी शरीर में छिपा रहता है वायरस: शोध </title>
                                    <description><![CDATA[धीरे-धारे पूरे विश्व से संक्रमण की रफ्तार कम होती दिख रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/virus-remains-hidden-in-the-body-even-after-recovering-from-corona--research/article-5710"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/corona03.jpg" alt=""></a><br /><p>दुनियाभर में कोरोना संक्रमण ने अपना कहर बरपाया। धीरे-धारे पूरे विश्व से संक्रमण की रफ्तार कम होती दिख रही है। भारत में भी कोरोना के मामलों में गिरावट हो रही है। इसी बीच एक अंतरराष्टÑीय शोध दल ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शोध दल के मुताबिक कोरोना वायरस प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देते हुए संक्रमित मरीजों के शरीर में छिप सकते हैं। मेडिकल रिसर्च  टीम ने दो अध्ययनों में पाया कि कोरोना संक्रमित के शरीर से वायरस की पूरी तरह से निकासी काफी कठिन है। शोधकर्ताओं ने बताया कि कैसे कोरोना वायरस विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं में विकसित हो सकते हैं। साथ ही कोरोना संक्रमित मरीज की प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा दे सकते हैं। कोरोना के विभिन्न वेरिएंट की एक निरंतर श्रृंखला ने मूल वायरस को पूरी तरह से बदल दिया है।</p>
<p><br /><strong>छुटकारा पाना मुश्किल</strong><br /> शोध के निष्कर्षों से पता चला है कि कोरोना संक्रमित के शरीर में कई अलग-अलग वायरस हो सकते हैं। इनमें से कुछ किडनी या स्प्लीन कोशिकाओं में छुपे हो सकते हैं। वहीं शरीर प्रमुख वायरस से बचाव के लिए संघर्ष कर रहा होता है। इसके कारण संक्रमितों के लिए कोरोना से पूरी तरह से छुटकारा पाना मुश्किल हो सकता है।</p>
<p><br /><strong>वायरस म्यूटेशन  </strong><br />  वायरस के शरीर में छिपे रहने के अलावा एक और चिंताजनक बात सामने आई है। कई लोगों को एक ही समय में अलग-अलग वेरिएंट से संक्रमित देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि निष्कर्ष बताते हैं कि समय के साथ वायरस में होने वाला म्यूटेशन इसे और भी खतरनाक बनाता जा रहा है। प्रतिरक्षा प्रणाली से छिपते हुए वायरस का शरीर के अंगों में मौजूद रहना और लोगों में एक साथ एक या अधिक वेरिएंट से संक्रमण का पता चलना काफी चिंताजनक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Mar 2022 15:53:39 +0530</pubDate>
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