<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/democratic-values/tag-68705" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Democratic Values - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/68705/rss</link>
                <description>Democratic Values RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी ने चंद्र शेखर की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि : उनके आदर्शों के प्रति नए सिरे से प्रतिबद्धता का किया आह्वान, बताया परिपूर्ण जन नेता</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व पीएम चंद्र शेखर की 100वीं जयंती पर उन्हें नमन किया। मोदी ने उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित 'जन नेता' बताया और युवाओं से उनके साहसी जीवन से प्रेरणा लेने का आग्रह किया। उन्होंने एक समृद्ध और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराते हुए उनकी राजनीतिक विरासत को याद किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/prime-minister-modi-paid-tribute-to-chandra-shekhar-on-his/article-150756"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi-ji1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्र शेखर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, जो उनके शताब्दी वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से, उनके जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में चंद्र शेखर को "साहस, दृढ़ विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता से परिपूर्ण जन नेता" बताया और कहा कि यह अवसर उनके आदर्शों के अनुरूप "समृद्ध और न्यायपूर्ण भारत" के निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दोहराने का अवसर है। प्रधानमंत्री ने कहा, "इस वर्ष उनकी 100वीं जयंती की शुरुआत है और यह उनके समृद्ध और न्यायपूर्ण भारत के आदर्शों को साकार करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का समय है।"</p>
<p>दिवंगत नेता के जनप्रिय जुड़ाव को याद करते हुए मोदी ने कहा कि चंद्र शेखर “भारत की मिट्टी से दृढ़ता से जुड़े रहे और आम नागरिकों की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील थे।” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सरलता और स्पष्टता लाई। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री के साथ अपनी व्यक्तिगत मुलाकातों को याद करते हुए कहा, “मुझे वे क्षण याद हैं जब मुझे उनसे मिलने और राष्ट्र के विकास के लिए विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला।”</p>
<p>युवा पीढ़ी से देश की राजनीतिक विरासत से गहराई से जुड़ने का आह्वान करते हुए श्री मोदी ने उनसे चंद्र शेखर के विचारों और योगदानों का अध्ययन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “मैं भारत के युवाओं से उनके विचारों और भारत की प्रगति के लिए किए गए प्रयासों के बारे में अधिक पढ़ने का आह्वान करता हूं।” चंद्र शेखर, जिन्होंने भारतीय राजनीति के उथल-पुथल भरे दौर में नवंबर 1990 से जून 1991 तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया, अपनी स्वतंत्र सोच और जमीनी स्तर से जुड़ाव के लिए जाने जाते थे।</p>
<p>अपने प्रारंभिक राजनीतिक जीवन में अक्सर उन्हें "युवा तुर्क" कहा जाता था। वे एक प्रमुख समाजवादी नेता के रूप में उभरे और अपने बेबाक विचारों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्ध थे। उनकी विरासत को सभी राजनीतिक दलों के बीच आज भी याद किया जाता है, विशेष रूप से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी पर उनके जोर और ग्रामीण भारत की चिंताओं को उजागर करने के उनके प्रयासों के लिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/prime-minister-modi-paid-tribute-to-chandra-shekhar-on-his/article-150756</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/prime-minister-modi-paid-tribute-to-chandra-shekhar-on-his/article-150756</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 13:23:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/modi-ji1.png"                         length="2071566"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उप सभापति चुने गए हरिवंश : पीएम मोदी और खरगे ने दी बधाई, कहा-सदन का आपके प्रति गहरा विश्वास</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हरिवंश को लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने जाने पर बधाई दी। पीएम ने उनकी सौम्यता और समय की पाबंदी की सराहना की, जबकि खरगे ने लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद खाली होने पर सवाल उठाए। सदन ने उनकी निष्पक्षता और समृद्ध अनुभव पर भरोसा जताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/harivansh-elected-deputy-chairman-of-rajya-sabha-for-the-third/article-150772"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/harivansh-narayan-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य दलों के नेताओं ने सदन में लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने जाने पर श्री हरिवंश को बधाई दी। मोदी ने कहा, "राज्य सभा के उपसभापति के रूप में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना, इस सदन का आपके प्रति गहरे विश्वास और बीते समय में सबको साथ लेकर चलने के आपके प्रयास पर एक तरह से सदन की मुहर है।" खरगे ने उम्मीद जताई कि उपसभापति विपक्ष के सदस्यों का विशेष ध्यान रखेंगे, उन्हें उचित महत्व देंगे। उन्होंने तीसरे कार्यकाल के लिए समूचे विपक्ष और पूरे सदन की तरफ से उन्हें बधाई दी।</p>
<p>प्रधानमंत्री से पहले अपनी बात रखते हुए उन्होंने लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद रिक्त होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक भावना के विपरीत लोकसभा में 2019 से उपाध्यक्ष का पद खाली है। अच्छा होता कि लोकसभा में भी राज्यसभा की तरह उपाध्यक्ष का चयन हो जाता। खरगे ने कहा, "आप लोकतंत्र की बात करते हैं लेकिन सात साल से उपाध्यक्ष उस सदन में नहीं है, तो इसे क्या कहेंगे? एक संवैधानिक पद को आपने सात साल से खाली रखा है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने हरिवंश के पिछले दो कार्यकालों की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सदन की शक्ति और प्रभावी हुई है। वह अपने निजी जीवन के अनुभवों का भी सदन को समृद्ध करने में इस्तेमाल करते हैं। इससे सदन का संचालन और माहौल और अधिक परिपक्व बनाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके कार्यकाल में सदन के संचालन को नयी ऊंचाई मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश का सार्वजनिक जीवन केवल संसदीय कामों तक सीमित नहीं रहा है। पत्रकारिता में उच्च मानदंड को उन्होंने हमेशा आधार माना। उनकी लेखनी में धार है लेकिन वाणी और व्यवहार में सौम्यता और शिष्टता रही है। वह अपने लेखों में अपना पक्ष काफी दृढ़ता के साथ रखते थे। पत्रकारिता में भी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का उनका प्रयास रहा। उनके राजनीतिक जीवन में भी उसकी छाया नजर आती है।</p>
<p>उपसभापति को नये सांसदों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्होंने कहा कि वे उनसे काफी कुछ सीख सकते हैं। समय की पाबंदी उनकी विशेषता रही है। जबसे वह राज्यसभा के सदस्य बने हैं, पूरे समय सदन में होते हैं। अपने दायित्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण यह संभव होता है। उन्होंने कहा कि सदन के बाहर भी वह अपने दायित्वों को कैसे निभाते हैं यह ध्यान आकर्षित करने वाला है। उनके काम सराहनीय होने के साथ अनुकरणीय भी हैं। उन्होंने अपने सांसद निधि का इस्तेमाल शिक्षा क्षेत्र और युवा पीढ़ी को केंद्र में रखकर किया है, विश्वविद्यालयों में अनुसंधान और अध्ययन केंद्र बनवाए हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि हरिवंश का जीवन आज भी अपने गांव से जुड़ा रहता है। वह लगातार वहां अपना योगदान देते रहते हैं। नये सदन के निर्माण में भी उन्होंने काफी योगदान दिया है - चाहे द्वारों के नामकरण हों या आर्ट गैलरी को स्वरूप देना। तमिलनाडु से द्रमुक के तिरुचि शिवा ने उम्मीद जताई कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के साथ सामंजस्य बिठाकर अपना दायित्व निभायेंगे। आंध्र प्रदेश से वाईएसआरसीपी के सुभाष  चंद्र बोस पिल्ली ने श्री हरिवंश के सदन संचालन के तौर-तरीकों की तारीफ करते हुए कहा कि वह अनुशासन बनाने के लिए शिष्टापूर्वक सख्ती बरतते हैं।</p>
<p>ओडिशा से बीजू जनता दल के मानव रंजन मंगराज ने कहा कि वह निष्पक्ष तरीके से सदन का संचालन करते हैं और उम्मीद जतायी वह आगे भी ऐसा करते रहेंगे। तमिलनाडु से अन्नाद्रमुक के एम. तंबी दुरै ने कहा कि आसन की सफलता नियमों और संचालन प्रक्रियाओं को लागू कराने से कहीं अधिक सदस्यों की भावनाओं को समझने में है। बिहार से जदयू के संजय झा ने श्री हरिवंश का नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में पिछले 20 साल में जो भी सकारात्मक काम हुए उनमें अपनी पत्रकारिता और एक सांसद के तौर पर उन्होंने योगदान दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/harivansh-elected-deputy-chairman-of-rajya-sabha-for-the-third/article-150772</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/harivansh-elected-deputy-chairman-of-rajya-sabha-for-the-third/article-150772</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 12:41:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/harivansh-narayan-singh.png"                         length="1365708"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किरेन रिजिजू का विपक्ष पर हमला: राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए लाया गया ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव </title>
                                    <description><![CDATA[संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को 'राजनीतिक रोटी सेंकने' का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि बिरला ने रिकॉर्ड संसदीय उत्पादकता और निष्पक्षता से सदन चलाया है। रिजिजू ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अध्यक्ष की अनुमति के बिना सदन में कोई नहीं बोल सकता, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kiren-rijijus-attack-on-opposition-no-confidence-motion-against-om-birla/article-146009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/kiren-rijiju.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव को राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास बताते हुए कहा कि सदन के अंदर के क्रियाकलापों के लिए हर सदस्य बिरला को धन्यवाद देता रहेगा क्योंकि उन्होंने सभी को समान मौका दिया है।</p>
<p>किरेन रिजिजू ने विपक्ष की ओर से सदन में पेश अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के विरोध में अपनी बात रखते हुए कहा कि संसदीय कार्य मंत्री सिर्फ सत्तारूढ दल का नहीं होता है। कांग्रेस के साठ साल के इतिहास को देखना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री पर टिप्पणी करने से पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। सदन के संचालन का पूरा अधिकार अध्यक्ष का है। अध्यक्ष के निर्णय को कहीं भी चुनौती नहीं दी जा सकती है। अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होता है। अध्यक्ष के निर्णय को किसी ने आज तक चुनौती नहीं दी है लेकिन विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि सदन में बोलने के लिए उन्हें किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें पता होना चाहिए कि सदन में अध्यक्ष की अनुमति के बिना नहीं बोल सकते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे वह प्रधानमंत्री हों, विपक्ष के नेता हों या कोई अन्य सांसद, लेकिन अध्यक्ष की अनुमति के बिना सदन में कोई नहीं बोल सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अध्यक्ष किसी को कभी भी बोलने की अनुमति दे सकता है यह उनका अधिकार है। अध्यक्ष के पास कुछ शक्तियां ऐसी है जो कार्यसूची में शामिल नहीं है। संसदीय परंपरा में कई चीजें पहली बार होती है तब भी अध्यक्ष को निर्णय लेना होता है। अध्यक्ष की भूमिका भी विपक्ष तय करना चाहते हैं, यह कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि जो नियम में शामिल नहीं है तो उस पर निर्णय करने की शक्ति भी अध्यक्ष के पास होता है।</p>
<p>संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि भाजपा के नेताओं ने कभी कागज फाड़कर आसन की तरफ नहीं फेंका है। 1951 के बाद भाजपा के किसी सदस्य ने आसन की तरफ कागज फाड़कर नहीं फेंका है लेकिन विपक्ष आज सारी सीमाओं का लांघने का काम कर रहा है। चालीस साल बाद लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। कांग्रेस के सदस्यों ने अपने पुराने नेताओं को पढा नहीं है वरना उनको पता चलता। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि इस सदन की महान परंपरा रही है कि अध्यक्ष की सदाशयता पर उंगली नहीं उठायी जा सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए कि अविश्वास प्रस्ताव पर उन्होंने अध्यक्ष के लिए किस प्रकार का सम्मान व्यक्त किया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ सदस्य भी यह प्रस्ताव लाये जाने से दुखी है। विपक्ष के कम से कम पचास सांसद उनसे मिले हैं जो इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं है, वह मजबूरी में इसमें शामिल हुये हैं। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर कितना गलत काम किया है। इनका नोटिस ही गलत था लेकिन फिर भी अध्यक्ष ने उनको बुलाकर नोटिस को ठीक करवाया। अध्यक्ष की महानता इस प्रकार की है। </p>
<p>किरेन रिजिजू ने कहा, मैं बहुत भारी मन से कह रहा हूं कि अध्यक्ष के बारे में जो बात कर रहे हैं बहुत सोच समझकर बोलना चाहिए। देश के आजाद होने के बाद एक अध्यक्ष का नाम बताना चाहिए जो सरकार के खिलाफ बयान देते हैं और काम करते हैं। अध्यक्ष को सरकार का अध्यक्ष बताना गलत है। विपक्ष का कहना अध्यक्ष सरकारी भाषा बोलते हैं इस प्रकार का आरोप लगाना गलत है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बिरला के समय जो संसदीय कार्य प्रणाली में जो सुधार हुये हैं उसे कोई नकार नहीं सकता है। आज तक इतिहास में सबसे अधिक नियम 377  के तहत सदस्यों को अपने मुद्दे उठाने का मौका दिया गया है। उनकी अध्यक्षता में संसद को डिजिटल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि संसद में भाषण के बाद सदस्यों को तुरंत वीडियो उपलब्ध करा दिया जाता है। सदस्यों के लिए ओम बिरला ने जो किया है वह हमेशा धन्यवाद देते रहेंगे। ओम बिरला सभी को मौका देते हैं। पुराने और अब के रिकार्ड को देख सकते हैं अंतर साफ दिख जाता है। ओम बिरला ने संसदीय लोकतंत्र को मजबूती से खड़ा किया है। 64 देशों का फ्रेंडशिप समूह बनाया है जिसके लिए उनको धन्यवाद देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंसान को किसी के प्रति इतना घृणा नहीं होना चाहिए कि अच्छे काम के लिए भी धन्यवाद नहीं दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिरला के समय में संसद की उत्पादकता रिकार्ड रही है।</p>
<p>किरेन रिजिजू ने कहा कि हमारी संख्या अधिक है फिर भी सवाल पूछने के लिए विपक्ष को अधिक मौका देते हैं फिर भी पक्षपात का आरोप लगाया जाता है। विपक्ष को लगातार सदन में मौका देने का काम किया और उन्हीं के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आये हैं। रिजिजू ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के पद को आज तक बचाकर रखा गया था लेकिन अब पता चला कि लोकतंत्र पर हमला करना है तो लोकसभा अध्यक्ष पर हमला करो। राहुल गांधी जब कोई विषय उठा रहे थे तब अध्यक्ष ने रूलिंग दे दी फिर भी उसे चुनौती दी गयी। विपक्ष का आरोप है कि विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जाता है लेकिन सत्र को दौरान वह विदेश चले जाते हैं। विपक्ष के नेता अपना भाषण देने के बाद सदन से बाहर चले जाते हैं जबकि उनको दूसरों की बात भी सुननी चाहिए। उन्होंने कहा विपक्ष का नेता कितना गंभीर है इससे पता चलता है कि गंभीर चर्चा चल रही है और वह दूसरे नेता को आंख मारते हैं। विपक्ष के नेता जिस प्रकार हल्कापन दिखाते हैं वही अन्य सदस्यों में दिखता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/kiren-rijijus-attack-on-opposition-no-confidence-motion-against-om-birla/article-146009</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/kiren-rijijus-attack-on-opposition-no-confidence-motion-against-om-birla/article-146009</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 18:46:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/kiren-rijiju.png"                         length="1086200"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को लेकर भाजपा का डीएमके पर तंज, कहा-हिंदू विरोधी मानसिकता हुई उजागर </title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के बाद डीएमके सरकार को घेरा है। पूनावाला ने कहा कि अदालत ने अमित मालवीय पर दर्ज एफआईआर को राजनीति से प्रेरित मानकर खारिज कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-taunts-dmk-over-madras-high-courts-decision-says-anti-hindu/article-140406"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/bjp.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के मद्देनजर तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कडग़म (डीएमके) सरकार और उसके नेताओं पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाते हुये हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि डीएमके की राजनीति को हिंदू विरोधी मानसिकता पर आधारित है इसकी पुष्टि हाईकोर्ट के फैसले से होती है। </p>
<p>पूनावाला ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट द्वारा दिया गया आदेश सत्यमेव जयते का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह फैसला भाजपा के आईटी सेल प्रमुख और पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय के खिलाफ डीएमके सरकार द्वारा दर्ज कराए गए मामले से जुड़ा है, जिसे अदालत ने विशेष मानसिकता से प्रेरित बताते हुये खारिज कर दिया।</p>
<p>पूनावाला ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल राजनीतिक बदले की भावना के तहत दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि डीएमके सरकार ने मालवीय को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्होंने सच्चाई सामने रखी थी। यह कार्रवाई विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए की गई थी।</p>
<p>पूनावाला ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट शब्दों में माना है कि डीएमके सरकार और उसके नेता उदयनिधि स्टालिन का बयान हिंदू समुदाय के प्रति दुर्भावनापूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि अदालत ने यह भी टिप्पणी की है कि डीएमके नेताओं के कई वक्तव्य 'नफरती बयान' की श्रेणी में आते हैं।</p>
<p>पूनावाला ने कहा कि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि मालवीय के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताया। पूनावाला ने डीएमके पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की पूरी राजनीतिक विरासत हिंदू आस्थाओं, परंपराओं और धार्मिक प्रतीकों के विरोध से जुड़ी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके बार-बार हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान देती रही है और अब न्यायपालिका ने इस प्रवृत्ति पर स्पष्ट टिप्पणी की है।</p>
<p>पूनावाला ने कहा कि यह फैसला उन सभी राजनीतिक दलों के लिए चेतावनी है जो सत्ता के बल पर कानून का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने और दबाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा न्यायपालिका के इस निर्णय का स्वागत करती है और भरोसा जताया कि आगे भी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा होती रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-taunts-dmk-over-madras-high-courts-decision-says-anti-hindu/article-140406</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-taunts-dmk-over-madras-high-courts-decision-says-anti-hindu/article-140406</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 18:07:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/bjp.png"                         length="1093200"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        