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                <title>Regional Trade - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Regional Trade RSS Feed</description>
                
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                <title>होर्मुज संकट के बीच सीरिया ने खोला तेल का वैकल्पिक रास्ता: ट्रंप ने प्रस्ताव को बताया शानदार, इराक से पाइपलाइन योजना भी तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[सीरिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच भूमध्यसागरीय तट को तेल व माल परिवहन का वैकल्पिक मार्ग बनाने की पेशकश की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव की सराहना की। योजना के तहत इराक के बसरा से सीरिया के बनियास बंदरगाह तक $5.7 अरब लागत की 1,000 मील लंबी पाइपलाइन बनाने का प्रस्ताव है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-the-hormuz-crisis-syria-opened-an-alternative-route-for/article-164652"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>दमिश्क। सीरिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी अनिश्चितता के बीच अपने क्षेत्र और भूमध्यसागरीय तट को तेल एवं माल के वैकल्पिक मार्ग के रूप में पेश किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रस्ताव की सराहना करते हुए गुरुवार को सोशल मीडिया पर लिखा, "यह शानदार है।" योजना के केंद्र में भूमध्यसागरीय तट पर स्थित बनियास बंदरगाह है। फिलहाल दक्षिणी इराक और बनियास के बीच रोजाना करीब 5,000 तेल टैंकर कच्चा तेल पहुंचा रहे हैं। </p>
<p>इसके अलावा इराक के बसरा से बनियास तक करीब 1,000 मील लंबी पाइपलाइन बनाने की योजना पर भी चर्चा चल रही है। इसकी अनुमानित लागत 5.7 अरब डॉलर है और इसके जरिए प्रतिदिन 20 लाख बैरल तक कच्चा तेल पहुंचाया जा सकता है। पाइपलाइन को पूरा होने में कम से कम ढाई वर्ष लग सकते हैं। सुरक्षा, वित्तपोषण और बुनियादी ढांचे की चुनौतियां भी बनी हुई हैं। सीरिया तेल के अलावा यूरोप को खाड़ी और लाल सागर से जोड़ने वाले परिवहन मार्ग विकसित करने की भी योजना बना रहा है। इससे देश क्षेत्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण स्थल मार्ग और रसद केंद्र की भूमिका हासिल कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 11:59:27 +0530</pubDate>
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                <title>भारत से संबंध अटूट, कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता, चाबहार पोर्ट पर ईरान की अमेरिका को दो टूक</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी छूट खत्म होने की आशंका के बीच ईरान ने कहा, चाबहार पोर्ट भारत-ईरान रिश्तों की मजबूत नींव है, कोई ताकत इसे कमजोर नहीं कर सकती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/relations-with-india-are-unbreakable-no-one-can-cause-any/article-140442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/iran1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच भारत के महत्वपूर्ण निवेश चाबहार पोर्ट को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। दरअसल, चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी पाबंदियों में मिली छूट आने वाली 26 अप्रैल को खत्म हो रही है। ऐसे में अगर अमेरिका अगर छूट को नहीं बढ़ाता है तो भारतीय निवेश के लिए खतरा हो सकता है। हालांकि, भारत ने कहा है कि चाबहार पोर्ट में अपने हितों की रक्षा के लिए वह अमेरिका के संपर्क में है। इस बीच ईरान के एक प्रमुख उच्च स्तरीय अधिकारी ने भारत के साथ संबंधों को अटूट बताया है और कहा है कि ईरान और भारत के रिश्तों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। </p>
<p>ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के सदस्य सालार वेलायतमदार ने चाबहार बंदरगाह को भारत और ईरान के रिश्तों में एक अहम आधार बताया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दुनिया में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। बातचीत में वेलायतमदार ने कहा, दुनिया की हालत अच्छी नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रपति की हरकतें कतई गरिमापूर्ण नहीं हैं। उन्होंने हर देश में उथल-पुथल पैदा कर दी है और वे देश अस्थिरता का सामना कर रहे हैं। इसमें हमारे मित्र देश भारत के महान लोग भी शामिल हैं।</p>
<p>भारत से संबंध ऐतिहासिक</p>
<p>ईरानी अधिकारी ने भारत के साथ ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र किया और कहा कि दोनों देश भाषा, संस्कृति और परंपरा में गहरी समानता साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी चीज भारत और ईरान के मजबूत बंधनों को नुकसान नहीं पहुंचा सकती। वेलायदमदार ने कहा कि हमने अपने पारस्परिक हितों को सुरक्षित करने के लिए चाबहार में भारत के निवेश के समझौते को अंतिम रूप दिया था। चाबहार पोर्ट में निवेश को सुरक्षित रखने को लेकर दिए गए भारत के हालिया बयानों को लेकर ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के सदस्य ने कहा कि भारतीय पक्ष तर्कसंगत है। भारतीय अधिकारी समझते हैं कि दुश्मन और प्रतिद्वंद्वियों की उत्तेजक कार्रवाइयों का इन साझेदारी पर प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हमारे विचार से इसमें कुछ भी नहीं बदला है। </p>
<p><strong>अमेरिका और ईरान में तनाव</strong></p>
<p>ईरान से यह बयान ऐसे समय में आया है जब हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद से तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों ने एक दूसरे पर तीखे हमले किए हैं। तेहरान ने अपनी तरफ बढ़ने वाले हाथ को काटने की धमकी दी है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर उन्हें मारने की कोशिश होती है तो ईरान को धरती से मिटा दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 11:32:40 +0530</pubDate>
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