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                <title>Capital Expenditure - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>उत्तर प्रदेश बजट 2026-27: सीएम योगी बोले-'सुरक्षित नारी, सक्षम युवा और खुशहाल किसान' पर आधारित है हमारा बजट; 9 लाख करोड़ से अधिक का बजट, निवेश व टेक्नोलॉजी पर जोर</title>
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                        <![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2026-27 के 9.12 लाख करोड़ बजट को नवनिर्माण की नवगाथा बताया। 43,565 करोड़ नई योजनाएं, 2 लाख करोड़ कैपिटल व्यय, निवेश व एआई मिशन पर फोकस।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uttar-pradesh-budget-2026-27-cm-yogi-said-our-budget/article-142748"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5)9.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2026-27 के बजट को उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण की नवगाथा बताते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने अपनी छवि बदलने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज पोटेंशियल हब के रूप में उभरा है और देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बना चुका है।</p>
<p>विधानसभा में बजट पेश होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने यह बातें कहीं । मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष का बजट 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है, जो पिछले नौ वर्षों में तीन गुना से ज्यादा बढ़ा है। बजट की थीम सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम रखी गई है। </p>
<p>उन्होंने कहा, लगभग 43,565 करोड़ रुपये नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए निर्धारित की गई है, जिससे निर्माण कार्यों के माध्यम से रोजगार और विकास को गति मिलेगी।</p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि यह उनकी सरकार का 10वां बजट है और पहली बार किसी मुख्यमंत्री को लगातार दसवीं बार बजट पेश करने का अवसर मिला है। उन्होंने दावा किया कि बीते नौ वर्षों में राज्य में कोई नया कर नहीं लगाया गया। कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण और वित्तीय अनुशासन के कारण उत्तर प्रदेश को रेवेन्यू प्लस राज्य के रूप में स्थापित किया गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश का अनुकूल वातावरण बना है। अब तक 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की गारंटी ने निवेशकों और आम नागरिकों का विश्वास बढ़ाया है। तकनीकी क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्टेट डेटा अथॉरिटी का गठन किया जाएगा। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे तथा एआई मिशन की भी शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तकनीक से समृद्ध राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए योगी ने कहा कि अन्नदाता को उद्यमी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कृषि में डीजल पंप सेट के माध्यम से सिंचाई क्षमता बढ़ाई गई है और पीएम कुसुम योजना का लाभ भी किसानों को दिया जा रहा है। प्रदेश की 44 चीनी मिलों के आधुनिकीकरण से लगभग 10 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न क्लस्टर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें काशी और मिर्जापुर समेत अन्य क्षेत्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने खुद को अचीवर्स स्टेट के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है और यह बजट उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।</p>
<p>गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट भाषण में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह बजट राज्य के समग्र, संतुलित और अवस्थापना-प्रधान विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वित्त मंत्री ने बताया कि नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में उत्तर प्रदेश ने देश के लैंड-लॉक्ड राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य की निर्यात क्षमता और औद्योगिक प्रगति का प्रमाण है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुधवार को सदन में वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट भाषण में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह बजट राज्य के समग्र, संतुलित और अवस्थापना-प्रधान विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने बताया कि नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में उत्तर प्रदेश ने देश के लैंड-लॉक्ड राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य की निर्यात क्षमता और औद्योगिक प्रगति का प्रमाण है। कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी कृषि उत्पादन वाला राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा के उत्पादन में प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक योगदान है।</p>
<p>सिंचाई सुविधाओं में विस्तार पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-2017 में जहां ङ्क्षसचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, वहीं वर्ष 2024-2025 में इसमें 60 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। फसल सघनता भी वर्ष 2016-2017 के 162.7 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2024-2025 में 193.7 प्रतिशत हो गई है। ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-2017 की 5,878 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता की तुलना में वित्तीय वर्ष 2025-2026 (दिसंबर 2025 तक) में 55.16 प्रतिशत वृद्धि के साथ 9,120 मेगावॉट की ताप विद्युत उत्पादन क्षमता हासिल की गई है।</p>
<p>इसके साथ ही राज्य सरकार हरित और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में अब तक 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रस्तुत बजट राज्य को आत्मनिर्भर, ऊर्जा सक्षम और कृषि व औद्योगिक ²ष्टि से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 17:36:17 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>विपक्ष ने बजट में पूंजीगत व्यय और राज्यों के आवंटन में कमी पर सरकार को घेरा, सत्ता पक्ष बोला यह देश की आकांक्षाओं को करेगा पूरा</title>
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                        <![CDATA[राज्यसभा में बजट पर विपक्ष ने कटौती, बेरोजगारी पर सवाल उठाए, जबकि सत्तापक्ष ने इसे विकसित भारत की दिशा में जनआकांक्षाओं को पूरा करने वाला बताया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-opposition-cornered-the-government-on-the-lack-of-capital/article-142525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(24).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में आम बजट को लेकर सोमवार को विपक्ष और सत्ता पक्ष ने अपनी- अपनी दलीलें दी जिसमें विपक्षी दलों ने जहां बजट में पूंजीगत व्यय, मंत्रालयों और राज्यों के आवंटन में कमी तथा पिछले वादों को पूरा नहीं करने का मुद्दा उठाया वहीं सत्ता पक्ष ने इसे लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने तथा देश को विकसित भारत की ओर तेजी से आगे बढाने वाला बजट करार दिया। पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदम्बरम ने बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय के साथ-साथ रक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शहरी आवास और सामाजिक कल्याण के आवंटन में कमी की गयी है। उन्होंने मुख्य रूप से पूंजीगत निवेश में कमी, बढती बेरोजगारी और धीमी विकास दर को लेकर सरकार को घेरते हुए कटाक्ष किया कि उसकी रिफॉर्म एक्सप्रेस पटरी से उतर गयी है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक सर्वेक्षण में बयान की गयी हकीकतों की अनदेखी की गयी है।</p>
<p>बजट पर अपनी सटीक प्रतिक्रिया करते हुए उन्होंने कहा, यह बजट सतर्क है, कंजूस है और बीते वर्ष को भुला देने वाला है,यह जल्द ही परिदृश्य से ग़ायब हो जाएगा। यह अखबारों से भी ग़ायब हो चुका है और किसी और सौदे तथा किसी और मंत्री ने सुर्खयिाँ घेर ली है। यह एक भुला दिए जाने वाला बजट है, जिसे एक ऐसी वित्त मंत्री ने तैयार किया है जिसने पिछले साल सदन में किए गए अपने वादों को भुला दिया। </p>
<p>चिदम्बरम ने कहा कि देश में बेरोजगारी की दर 15 प्रतिशत पहुंच गयी है और 25 प्रतिशत से भी कम कार्यबल के पास नियमित रोजगार है। लोगों को अपने काम करने की ओर रुख करना पड़ रहा है।  प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 2024-24 में बहुत अधिक घट गया है और निजी निवेश भी 22 प्रतिशत पर आ गया है। उन्होंने कहा कि निवेश नहीं आने के बावजूद सरकार ने पूंजीगत व्यय में 44 लाख करोड़ की कमी की है। </p>
<p>कांग्रेस सदस्य ने कहा कि कुल मिलाकर देखें तो सरकार ने पूंजीगत खर्च में एक लाख करोड़ रुपये की कमी लेकिन रिजर्व बैंक ने ही तीन लाख करोड़ रुपये का लाभांश दिया है तो फिर यह कमी क्यों की गयी। उन्होंने कहा कि अजीब स्थिति है कि निवेश भी नहीं आ रहा है और सरकार भी पूंजीगत खर्च कम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के लिए पैसे का आवंटन कम कर दिया है। जल जीवन मिशन में पिछले वर्ष केवल 17 हजार करोड रुपये का खर्च किया गया है और इस बार सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये की कमी कर दी। उन्होंने कहा कि राज्यों को दी जाने वाली राशि में </p>
<p>33 हजार करोड़ रुपये की कमी की गयी है। सदस्य ने कहा कि रक्षा क्षेत्र का बजट जीडीपी का 1.6 प्रतिशत है जो काफी कम है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बजट में भी कमी की गई है। चिदम्बरम ने कहा कि बायो फार्मा क्षेत्र के लिए बजट में पांच वर्ष के लिए दस हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जिसमें से आगामी वित्त वर्ष के लिए केवल 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।</p>
<p>सत्तापक्ष के अरूण सिंह ने कहा कि विपक्ष आलोचना करते समय इस बात को भूल जाता है कि उसके समय में बजट के लिए किया जाने वाला आवंटन अब 16. 6 करोड से बढकर 53.5 लाख करोड रुपये पहुंच गया है जो तीन गुना बढा है। उन्होंने कहा कि यह देश के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला तथा विकसित भारत के लिए आर्थिक प्रगति को तेज करने का संकल्प दिखता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि बजट में पूंजीगत खर्च के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वित्तीय घाटे का 4.3 प्रतिशत का लक्ष्य सराहनीय है और उसे देखते हुए पूंजीगत खर्च को धीरे धीरे बढाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूंजीगत खर्च बढकर बजट का 22.8 प्रतिशत पहुंच गया है जो कांग्रेस के समय 6.7 प्रतिशत था। </p>
<p>सत्तापक्ष के नेता ने कहा कि सरकार की नीतियों और सुधार प्रक्रिया से लोगों का उस पर भरोसा बढा है और आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या कांग्रेस के समय के चार करोड से बढकर नौ करोड़ पहुंच गयी है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में और मोबाइल के क्षेत्र में निर्यात निरंतर बढ रहा है। इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में भी निर्यात पहले की तुलना में तीन गुना बढा है। उन्होंने कहा कि चालू खाते का घाटा भी जल्दी ही सरपल्स पर चला जायेगा। साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार लगातार बढ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया के सबसे बड़े देशों के साथ व्यापार समझौते किये हैं जिससे भारत के प्रति बढते विश्वास का पता चलता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों में महंगाई की दर 9.4 प्रतिशत थी जो अब 2.4 प्रतिशत से भी कम है। बजट में आवास क्षेत्र के लिए 85 हजार करोड का बजट आवंटित किया गया है। किसानों और गरीबों का आर्थिक सशक्तीकरण किया जा रहा है। विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस बार विकसित भारत जी राम जी का बजट 42 प्रतिशत बढाकर 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये किया गया है। </p>
<p>तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बजट आम आदमी से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह खामोश है। उन्होंने सवाल किया कि जब राज्यों का बजट कम किया जायेगा तो देश विकास कैसे करेगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसके छह बजट बिना जनगणना के लाये गये हैं ऐसे में इन बजटों के आवंटन को कैसे सही माना जा सकता है। उन्होंने जनगणना में स्व गणना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने यह काम कोविड के समय जनगणना रोकने के बजाय उस समय क्यों नहीं किया। </p>
<p>उन्होंने जन धन योजना के 13 करोड़ खाते बंद किये जाने का उल्लेख करते हुए सरकार के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर करने के दावों पर भी सवाल उठाया। सदस्य ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत के विकास और जीडीपी के आंकड़ों को लेकर बेस ईयर पर सवाल उठाया है लेकिन सरकार पर इसका असर नहीं है। बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कितने युवाओं को रोजगार दिया इसकी संख्या कभी नहीं बतायी जाती। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी 40 प्रतिशत कम हुई है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनसे रुपया गिर रहा है। </p>
<p>तृणमूल नेता ने राज्यों के साथ भेदभाव का सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल का दो लाख करोड़ रुपया रोका गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य का मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना का सबसे अधिक पैसा रोका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के नाम पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) ला रही है।</p>
<p>द्रमुक के पी विल्सन ने कहा कि भारत का कर्ज निरंतर बढ रहा है और इस चक्रव्यूह से बाहर निकलने तथा कर्ज को कम करने की कोई योजना नहीं दिखाई देती। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर आशंकाओं को दूर नहीं किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि भारत ने इस समझौते में अमेरिका से 500 अरब डालर की खरीद की प्रतिबद्धता जतायी है। इसे एकतरफा समझौता बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत जीरो टैरिफ लगा रहा है तो अमेरिका की ओर से 18 प्रतिशत टैरिफ क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने कर धोखाधड़ी कर विदेश भागने वाले भगोड़ों को जल्द देश लाये जाने की मांग की। </p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार अमृत और स्मार्ट सिटी के लिए बजट को नहीं बढा रही है और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अपने वादे को भी पूरा नहीं कर रही। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 18:50:41 +0530</pubDate>
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                <title>आम बजट में सशक्तिकरण और समावेशन की गूंज : तेज, सतत और समावेशी विकास का रोडमैप, गरीब-किसान-युवा तक पहुंचेगा विकास; तस्वीरों में देखें बजट</title>
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                        <![CDATA[आम बजट में सरकार ने रोजगार, एमएसएमई, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और सशक्तिकरण पर फोकस रखते हुए तेज, सतत और समावेशी विकास का रोडमैप पेश किया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/echo-of-empowerment-and-inclusion-in-the-general-budget-roadmap/article-141595"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(1).png" alt=""></a><br /><p dir="ltr">नई दिल्ली। आम बजट के जरिए मोदी सरकार का केंद्रीय मंत्र “रिफॉर्म एक्सप्रेस” रहा, जिसके तहत रोजगार सृजन, एमएसएमई, सशक्तिकरण, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट प्रस्तुत करते हुए भारत को “तेज़, सतत और समावेशी विकास” की राह पर आगे ले जाने का स्पष्ट रोडमैप रखा। सीतारमण ने कहा कि सरकार का फोकस केवल विकास दर पर नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, क्षमता निर्माण और सभी वर्गों तक विकास के लाभ पहुंचाने पर है। यह बजट ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की निरंतरता को दर्शाता है, जिसमें 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं। </p>
<p dir="ltr"><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="MsoNormal">वित्त मंत्री ने बताया कि बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों से प्रेरित है पहला, आर्थिक विकास को तेज और टिकाऊ बनाए रखना,  दूसरा, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर उनकी क्षमताओं का निर्माण करना और तीसरा, ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत के तहत सभी क्षेत्रों और समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करना।  सीतारमण ने कहा कि ‘रिफार्म एक्सप्रेस’ अपनी राह पर है और सरकार इस गति को बनाए रखेगी, सरकार का कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और वर्ग को संसाधनों, सुविधाओं एवं अवसरों तक पहुंच प्राप्त हो, सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि वृद्धि का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और युवा तक पहुंचे, जीएसटी, श्रम संहिता एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेश सहित कई सुधार 15 अगस्त से लागू किए जा चुके हैं। सरकार का कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को गति देना और उसे बनाए रखना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है, गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों पर ध्यान देना सरकार का संकल्प है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/">बजट 2026 </a><a href="https://t.co/AmyVBDqJcl">pic.twitter.com/AmyVBDqJcl</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921106544668889?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p class="MsoNormal">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong>एमएसएमई को ‘चैंपियंस’ बनाने की पहल </strong></p>
<p dir="ltr">बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों ( एमएसएमई ) को अर्थव्यवस्था का मजबूत इंजन बताते हुए उनके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने ‘चैंपियंस एमएसएमई’ पहल के तहत ₹10,000 करोड़ का एमएसएमई विकास फंड शुरू करने की घोषणा की है, जिससे संभावनाशील उद्यमों को इक्विटी सहायता मिलेगी। इसके अलावा, आत्मनिर्भर भारत निधि में ₹2,000 करोड़ का टॉप-अप देकर सूक्ष्म उद्यमों के लिए जोखिम पूंजी की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। बजट में ट्रेड्स प्लेटफॉर्म को और मजबूत करने, सरकारी खरीद में एमएसएमई की हिस्सेदारी बढ़ाने तथा भुगतान प्रणाली को तेज और पारदर्शी बनाने के उपायों का भी ऐलान किया है। इससे एमएसएमई सेक्टर की नकदी स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। </p>
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921332680548410?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश </strong></p>
<p dir="ltr">इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के लिए बजट में सरकारी पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014-15 में यह आंकड़ा ₹2 लाख करोड़ था, जो अब कई गुना बढ़ चुका है। सरकार टियर-2 और टियर-3 शहरों को नए विकास केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण और बायो-फार्मा सेक्टर में बड़े निवेश की घोषणा की गई है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ के परिव्यय से बायो-फार्मा शक्ति कार्यक्रम शुरू करने का भी ऐलान किया। </p>
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921482941456760?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> हर जिले में बनेगा एक गर्ल्स हॉस्टल </strong></p>
<p dir="ltr">बजट में गर्ल्स एजुकेशन को सपोर्ट करने के लिए हर जिले में एक लड़कियों का हॉस्टल बनाने की बात कही। वित्त मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में, स्टीम संस्थानों में पढ़ाई के लंबे घंटे और लैब का काम लड़कियों स्टूडेंट्स के लिए कुछ चुनौतियां खड़ी करते हैं, ऐसे में हमारी योजना के जरिए, हर जिले में एक लड़कियों का हॉस्टल बनाया जाएगा ताकि इमर्सिव अनुभवों के जरिए एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921530035114490?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> लखपति दीदी कार्यक्रम का होगा विस्तार </strong></p>
<p dir="ltr">सीतारमण ने कहा कि बजट में लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत सरकार महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका से एंटरप्राइज मालिक बनने में मदद करने की योजना बना रही है। साथ ही क्लस्टर-लेवल फेडरेशन के भीतर कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट के तौर पर सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट स्थापित किए जाएंगे, इन मार्ट को बेहतर और इनोवेटिव फाइनेंसिंग के ज़रिए सपोर्ट किया जाएगा, इससे महिलाएं एंटरप्रेन्योरशिप में अगला कदम उठा सकेंगी।</p>
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921818427027917?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव </strong></p>
<p dir="ltr">केंद्रीय बजट में प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने के प्रस्ताव दिया गया।  बजट में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु,</p>
<p dir="ltr"><strong>हैदराबाद-चेन्नई, वाराणसी-सिलीगुड़ी चेन्नई-बेंगलुरु और </strong></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/">बजट 2026 </a><a href="https://t.co/WSZoMyBF2l">pic.twitter.com/WSZoMyBF2l</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921937838834133?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr"><strong>

</strong></p>
<p dir="ltr">दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने ऐलान किया गया। साथ ही पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने की बात कही गई है, ये कॉरिडोर ग्रोथ कनेक्टर के रूप में काम करेंगे, यात्रा का समय कम करेंगे, प्रदूषण कम करेंगे और क्षेत्रीय विकास में मदद करेंगे।</p>
<p class="MsoNormal"><strong> कैंसर और डायबिटीज की दवाएं होंगी सस्ती</strong></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921987705000192?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p class="MsoNormal"><strong>

</strong><strong><br /></strong></p>
<p dir="ltr">सीतारमण ने बजट भाषण में देश में बायो फार्मा सेक्टर के विकास से देश में कैंसर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती करने का ऐलान किया। सीतारमण ने घोषणा की कि 17 जरूरी दवाओं के आयात पर छूट (इंपोर्ट ड्यूटी में राहत) दी जाएगी, इस कदम से इन दवाओं की कीमतें कम होंगी और मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा। इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा कैंसर और डायबिटीज के मरीजों को मिलेगा, इसके अलावा कुछ दुर्लभ और गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली एडवांस दवाएं भी इस लिस्ट में शामिल हैं, ये वे दवाएं हैं जिनका देश में सीमित उत्पादन होता है या जो पूरी तरह आयात पर निर्भर हैं। सीतारमण ने 10,000 करोड़ रुपये का एक एसएमई ग्रोथ फंड की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने भविष्य में नौकरियां पैदा करने और चुनिंदा मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए एक डेडिकेटेड 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। </p>
<p class="MsoNormal"><strong> डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाएगी सरकार </strong></p>
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<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/">बजट 2026 </a><a href="https://t.co/KpUUbwP6Ng">pic.twitter.com/KpUUbwP6Ng</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017919840254828962?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p class="MsoNormal"><strong>

</strong>सीतारमण ने भारत के लिए डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी, अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज समृद्ध राज्यों को डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव देते हैं। इसका मकसद भारत के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बेस को मजबूत करना और ज़रूरी मिनरल्स के इंपोर्ट पर निर्भरता को कम करना है, अब दुर्लभ खनिज के क्षेत्र में भारत भी दुनिया से कदम से कदम मिलाकर चलेगा। केंद्र सरकार उन राज्यों को समर्थन देगी जहां रेयर अर्थ मेटल मौजूद हैं। वित्त मंत्री के अनुसार, इस स्कीम के तहत रेयर अर्थ मिनरल्स की माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा रेयर अर्थ भंडार है, ऐसे में इस कदम से चीन की दादागिरी खत्म होगी।</p>
<p class="MsoNormal"><strong> खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल होंगे मजबूत </strong></p>
<p dir="ltr">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना का प्रस्ताव दिया। उन्होंने बजट में टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट्स प्रोग्राम की घोषणा की, वही चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना बनाई है, इसके तहत महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू की जाएगी, जो विशेष रूप से खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों के पुनरुद्धार पर केंद्रित है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने, ब्रांडिंग करने और वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए काम करेगी। वहीं 'टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम' के तहत पारंपरिक क्लस्टर्स को आधुनिक मशीनों, तकनीक और साझा परीक्षण केंद्रों से सुसज्जित किया जा रहा है। जबकि समर्थ 2.0 वस्त्र क्षेत्र में कौशल विकास के लिए 'समर्थ' योजना का उन्नत संस्करण पेश किया गया है, जो कारीगरों को आधुनिक तकनीक के अनुसार अपस्किलिंग और रीस्किलिंग प्रदान करेगा।</p>
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<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/">बजट 2026 </a><a href="https://t.co/oJ4zs9JGml">pic.twitter.com/oJ4zs9JGml</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921381498003536?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> शहरों में नए इकनॉमिक जोन बनेंगे </strong></p>
<p dir="ltr">शहरों को विकास के इंजन के रूप में विकसित करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और घरेलू विनिर्माण को गति देने के लिए बजट में शहरों में नए इकनॉमिक जोन बनाने की घोषणा की गई। वहीं देश के विभिन्न राज्यों में 12 नए औद्योगिक शहर स्थापित किए जाएंगे, जो ग्रेटर नोएडा (यूपी) और धोलेरा (गुजरात) की तर्ज पर विकसित होंगे। इनमें से कुछ आंध्र प्रदेश और बिहार में आ रहे हैं।  वहीं क्षेत्रीय विकास योजना में एक मिलियन से अधिक आबादी वाले शहरों को 20-वर्षीय 'सिटी स्पेटियल एंड इकनॉमिक प्लान' तैयार करना होगा, जो हर पांच साल में अपडेट किया जाएगा।</p>
<p class="MsoNormal"><strong> किसानों को एआई की मिलेगी नई ताकत  </strong></p>
<p dir="ltr">कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार बजट में धुरंधर खेत खलिहान की सोच पर बड़ा दांव लगाया है। बहु भाषीय एआई टूल किसानों की उत्पादकता को बढ़ाएगा और विशिष्ट सलाह प्रदान करके किसानों को बेहतर निर्णय लेने और जोखिम को कम करने में मदद करेगा। सीतारमण ने घोषणा करते हुए साफ संकेत दिया कि चाहे तटवर्ती काजू नारियल किसान हों, पहाड़ी इलाकों के खुमानी अखरोट बादाम उत्पादक हों या औषधीय खेती करने वाले किसान, हर वर्ग के लिए लक्षित योजनाएं तैयार की गई हैं.</p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p dir="ltr">बजट के अनुसार, भारत अब अपनी विशेष फसलों को वैश्विक बाज़ार में प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करने पर काम करेगा, भारतीय काजू को ‘प्रीमियम ब्रांड' के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ेगा, पहाड़ी इलाकों में खुमानी, अखरोट और बादाम की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, इन फसलों के लिए खास प्रोत्साहन योजनाएं लागू होंगी, ताकि कठिन भूगोल में भी किसान अधिक कमाई कर सकें, चंदन की खेती के लिए राज्यों और किसानों को विशेष सहायता, ताकि यह महंगी और मांग वाली फसल फिर से भारत की पहचान बन सके, वहीं उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई गई है, इससे जड़ी-बूटी उगाने वाले किसानों की कमाई सीधे बढ़ेगी, क्योंकि निर्यात बाजार में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। </p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> पांच नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स का निर्माण </strong></p>
<p dir="ltr">बजट में राज्यों की मदद करने का ऐलान किया है ताकि चुनौती आधारित योजना के तहत पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स बनाई जा सकें। ये टाउनशिप्स बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास होंगी, इन जोन में कई यूनिवर्सिटी, कॉलेज, रिसर्च इंस्टीट्यूट, स्किल सेंटर और रहने के लिए कॉम्प्लेक्स तैयार किए जाएंगे, इससे छात्रों को आधुनिक शिक्षा और रोजगार की बेहतर संभावनाएं मिलेंगी। बजट में ऐलान किया गया है कि एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी के क्षेत्र में छात्रों को इमर्सिव यानी अनुभव आधारित सीखने के मौके मिलें, इसके लिए चार टेलीस्कोप और प्लेनेटेरियम सुविधाओं को नया बनाया जाएगा या अपग्रेड किया जाएगा। इनमें शामिल हैं नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप, हिमालयन चंद्रा टेलीस्कोप और कॉसमॉस- 2 प्लेनेटेरियम इन पहलों से न सिर्फ शोधकर्ताओं और छात्रों को मदद मिलेगी, बल्कि भारत वैज्ञानिक और तकनीकी उन्नति के रास्ते पर भी मजबूती से आगे बढ़ेगा।</p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/echo-of-empowerment-and-inclusion-in-the-general-budget-roadmap/article-141595</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:30:33 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
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                <title>बजट 2026-27 : आम बजट से विकसित भारत को मिलेगी नई ऊर्जा और गति, जानें बजट 2026 पर क्या क्या बोलें पीएम मोदी ?</title>
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                        <![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने बजट 2026-27 को विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा, यह सुधारों, युवाओं, महिला शक्ति और उच्च विकास को नई गति देगा।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-developed-india-will-get-new-energy-and-momentum/article-141584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट को 2047 तक विकसित भारत की ओर हमारी उच्च उड़ान के लिए एक मजबूत आधार बताते हुए कहा कि भारत जिस सुधार की रफ्तार पर सवार है, उसे इस बजट से नई ऊर्जा और गति मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह बजट विश्वास आधारित शासन और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे की परिकल्पना को दर्शाता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के एक ट्रस्टेड डेमोक्रेटिक पार्टनर और ट्रस्टेड क्वालिटी सप्लायर के रूप में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है,  हाल ही में जो बड़ी-बड़ी ट्रेड डील्स भारत ने की हैं, 'मदर ऑफ ऑल डील' का अधिकतम लाभ भारत के युवाओं को मिले, भारत के लघु और मध्यम उद्योग वालों को मिले, इस दिशा में बजट में बड़े-बड़े कदम उठाए गए हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत जिस रिफाॅर्म एक्सप्रेस पर सवार है, इस बजट से उसे नई ऊर्जा, नई गति मिलेगी, जो पाथ ब्रेकिंग रिफॉर्म्स किए गए हैं, वो एस्पिरेशन से भरे हुए भारत के साहसिक, टैलेंटेड युवाओं को उड़ने के लिए खुला आसमान देते हैं। ये बजट भारत की वैश्विक भूमिका को नए सिरे से सशक्त करता है, भारत के 140 करोड़ नागरिक सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनकर ही संतुष्ट नहीं हैं, हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं, ये करोड़ों देशवासियों का संकल्प है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह एक विशिष्ट बजट है जो राजकोषीय घाटे को कम करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने को प्राथमिकता देता है। साथ ही उच्च पूंजीगत व्यय को मजबूत आर्थिक विकास के साथ संतुलित करता है। उन्होंने कहा, 'आज का बजट ऐतिहासिक है, यह देश की महिला शक्ति के सशक्त सशक्तिकरण को दर्शाता है, महिला वित्त मंत्री के रूप में निर्मला जी ने लगातार नौवीं बार देश का बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है,  यह बजट अपार अवसरों का द्वार है, यह आज की आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदलता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है।' पीएम मोदी ने कहा कि यह एक ऐसा यूनिक बजट है, जिसमें फिसकल डेफिसिट कम करने पर फोकस है, इसके साथ बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का समन्वय है, यह देश की ग्लोबल भूमिका को नए सिरे सशक्त करता है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:15:25 +0530</pubDate>
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                <title>गुजरात में रेलवे अवसंरचना का तीव्र विकास, परियोजनाओं में ऐतिहासिक प्रगति</title>
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                        <![CDATA[गुजरात में रेलवे निवेश 29 गुना बढ़ा। बुलेट ट्रेन, नए ट्रैक, अमृत स्टेशन, कवच प्रणाली और बंदरगाह संपर्क से यात्री व लॉजिस्टिक क्षमता मजबूत हुई।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rapid-development-of-railway-infrastructure-in-gujarat-historic-progress-in/article-140445"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/odisha.png" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। गुजरात में रेलवे अवसंरचना के विकास कार्य अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहे हैं। वर्ष 2014 से पूर्व जहां वार्षिक पूंजीगत व्यय लगभग 539 करोड़ था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर 17,155 करोड़ तक पहुंच गया है, जो लगभग 29 गुना वृद्धि को दर्शाता है। वर्तमान में राज्य में चल रही बुलेट ट्रेन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तथा अन्य प्रमुख रेलवे परियोजनाओं सहित कुल निवेश लगभग 1,28,000 करोड़ का है। मण्डल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने प्रेस कोन्फ्रेंस के माध्यम से विस्तृत जानकारी देते हुए बताया की - ट्रैक निर्माण एवं मल्टी-ट्रैकिंग राज्य में 38 ट्रैक निर्माण/मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जो 2,987 किलोमीटर में फैली हुई हैं और जिनकी कुल लागत 41,686 करोड़ है।</p>
<p><strong>हाल ही में स्वीकृत प्रमुख परियोजनाएं</strong></p>
<p>पश्चिम रेलवे के गुजरात राज्य के कच्छ जिले में दो महत्वपूर्ण नई रेल लाइन देशलपर-हाजीपीर-लूना (81.771 किमी) एवं वायोर-लखपत (62.686 किमी) नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्री मण्डल ने स्वीकृति प्रदान की है और भुज-नलिया रेल लाइन का वायोर तक विस्तार एवं नलिया-जखाऊ पोर्ट नई रेल लाइन लगभग 194 किमी रु.3375 करोड़ की लागत से बनाई जाएंगी। सीमावर्ती एवं तटीय क्षेत्रों में रेल संपर्क को सुदृढ़ करने, औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने तथा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसंरचना को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होंगी।  नलिया-जखाऊ पोर्ट (24.88 किमी) नई ब्रॉडगेज रेल लाइन, यह रेल लाइन भुज-नलिया खंड के नलिया स्टेशन से प्रारंभ होकर जखाऊ बंदरगाह तक जाएगी। </p>
<p><strong>आरओबी/आरयूबी (लेवल क्रॉसिंग उन्मूलन)</strong></p>
<p>लेवल क्रॉसिंग हटाने हेतु 378 रोड ओवर ब्रिज/रोड अंडर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे सड़क यातायात एवं आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध सुविधा मिलेगी। इन कार्यों पर लगभग 10,000 करोड़ की लागत आएगी।</p>
<p><strong>अमृत भारत स्टेशन योजना</strong></p>
<p>राज्य में 87 अमृत स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य प्रगति पर है, जिनमें से 18 स्टेशनों का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किया जा चुका है।</p>
<p><strong>कवच (स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली)</strong></p>
<p>कुल 1,758 किलोमीटर में कवच प्रणाली का कार्य प्रगति पर।<br />दिल्ली-अहमदाबाद खंड पर भौतिक कार्य पूर्ण।<br />पालनपुर-सामाखियाली-गांधीधाम (लगभग 300 किमी) खंड के लिए भी निविदा जारी।<br />अहमदाबाद-गेरतपुर (13.42 किमी) खंड कवच से सुसज्जित हो चुका है।<br />कवच प्रणाली के प्रमुख घटक-ट्रैकसाइड कार्ड रीडर, कम्युनिकेशन टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल, स्टेशन कवच एवं इंजन कवच-एसआईएल-4 स्तर की अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित हैं, जिन्हें भारतीय इंजीनियरों द्वारा विकसित किया गया है।</p>
<p><strong>अन्य प्रमुख परियोजनाएं</strong></p>
<p>तारंगा हिल-आबू रोड, दाहोद-इंदौर, छोटा उदयपुर-धार, भीमनाथ-धोलेरा लॉजिस्टिक हब, नलिया-जखाऊ पोर्ट, मोडासा-शामलाजी, मियागाम-सोमलाया गेज परिवर्तन, अड्राज मोटी-विजापुर, खिजड़िया-अमरेली, समनी-जंबूसर, समालया-तिंबा-नडियाद-पेटलाद, पेटलाद-भद्रण, मियागाम-मालसर सहित कुल लगभग 22 परियोजनाएं प्रगति पर हैं।</p>
<p><strong>अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पुनर्विकास</strong></p>
<p>अहमदाबाद स्टेशन के पुनर्विकास के अंतर्गत दक्षिण फुट ओवर ब्रिज के 42 मीटर स्पान का लॉन्चिंग कार्य 18 घंटों में 16 चालू लाइनों के ऊपर सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। 140 मीट्रिक टन एआरटी क्रेन की सहायता से प्रत्येक 42 मीटर, लगभग 25 टन वजनी स्टील गर्डर का सुरक्षित लॉन्चिंग कर उत्कृष्ट इंजीनियरिंग एवं अंतर-विभागीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया गया। स्टेशन पर 17 एकड़ का रूफ प्लाजा, प्लेटफॉर्म 8 से 11 तक कार्य पूर्ण, 16 मंजिला साउथ प्लाजा भवन का निर्माण प्रगति पर, एलिवेटेड रोड का लगभग 65% कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रतिदिन का यात्री फुटफॉल लगभग 1.03 लाख है। पश्चिम रेलवे द्वारा गुजरात में चल रहे ये समस्त कार्य आधुनिक, सुरक्षित एवं विश्वस्तरीय रेल अवसंरचना के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनसे राज्य के आर्थिक विकास, यात्री सुविधा एवं लॉजिस्टिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।</p>
<p><strong>भविष्य की योजनाएं</strong></p>
<p>अहमदाबाद से चलने वाली ट्रेनों की संख्या वर्तमान से तीन गुना करने का लक्ष्य।<br />साबरमती में वंदे भारत ट्रेनों के लिए दो चरणों में डिपो स्वीकृत।<br />वटवा में 10 पिट लाइन एवं 20 स्टेबलिंग लाइन वाला मेगा कोचिंग डिपो, जिससे लगभग 150 ट्रेनों का संचालन संभव होगा।<br />अहमदाबाद-पालनपुर, अहमदाबाद-सूरत, अहमदाबाद-सामाखियाली, पालनपुर-सामाखियाली सहित कई खंडों पर फोर-लेनिंग हेतु सर्वे।<br />नया स्टेशन गोपालपुर विकसित किया जाएगा, जिससे गांधीनगर से भुज की ओर ट्रेनों का संचालन बिना रिवर्सल संभव होगा और यात्रा समय में लगभग एक घंटे की बचत होगी।</p>]]>
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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 11:39:42 +0530</pubDate>
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