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                <title>बिहार विधानसभा चुनाव : महिलाओं को टिकट देने में आरजेडी सबसे आगे, एनडीए-महागठबंधन दोनों ने लगाई वादों की झड़ी</title>
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                        <![CDATA[टिकट बंटवारे में महिला उम्मीदवारों को दी गई हिस्सेदारी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू कीं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rjd-is-at-the-forefront-in-giving-tickets-to-women/article-130311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/6622-copy129.jpg" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में महिला वोट बैंक को लुभाने के लिए एनडीए और महागठबंधन के बीच जबरदस्त होड़ देखने को मिल रही है। दोनों गठबंधनों ने महिलाओं को अपने पक्ष में लामबंद करने के लिए कई योजनाओं और वादों की झड़ी लगा दी, लेकिन टिकट बंटवारे में महिला उम्मीदवारों को दी गई हिस्सेदारी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू कीं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की गई, जिसके तहत जीविका दीदियों को स्वरोजगार के लिए 10-10 हजार रुपए की राशि दी गई। अब तक 1.21 करोड़ महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। वहीं, नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने चुनाव से पहले आंगनबाड़ी सेविकाओं और रसोइयों का मानदेय भी बढ़ाया। दूसरी ओर, नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का तोड़ निकालने के लिए महागठबंधन में शामिल राजद के नेता तेजस्वी यादव ने जीविका दीदियों को स्थायी नौकरी और 30 हजार रुपए मासिक वेतन का वादा किया है। उन्होंने इससे पहले बिहार के हर परिवार में एक सरकारी नौकरी का वादा भी किया था।</p>
<p><strong>टिकट बंटवारे में महिलाओं की हिस्सेदारी </strong><br />महिला वोटर्स को साधने की कोशिशों के बावजूद उन्हें दोनों ही प्रमुख गठबंधनों द्वारा टिकट बंटवारे में ज्यादा तरजीह नहीं दी गई है। आरजेडी ने 143 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 24 महिलाओं को टिकट दिया है, जो कुल उम्मीदवारों का 16% से थोड़ा अधिक है। हालांकि, मोहनियां से राजद की एक महिला उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो गया है। कांग्रेस ने 61 उम्मीदवारों में से 5 महिलाओं को टिकट दिया है, जो 8% से अधिक हिस्सेदारी है। जेडीयू और बीजेपी ने अपने 101-101 उम्मीदवारों में से 13-13 महिलाओं को मैदान में उतारा, यानी दोनों ने 13% हिस्सेदारी दी है। एनडीए के सहयोगी चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों ने कुल 6 महिला उम्मीदवारों को मौका दिया है। कुशवाहा ने अपनी पत्नी स्नेहलता को टिकट दिया, जबकि चिराग की पार्टी एलजेपीआर की एक महिला उम्मीदवार सीमा सिंह का मढ़ौरा सीट से नामांकन रद्द हो गया है। जीतन राम मांझी की पार्टी ने 6 सीटों में से 2 महिलाओं को टिकट दिया। लेकिन दोनों उनके परिवार या रिश्तेदार हैं।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Oct 2025 12:31:41 +0530</pubDate>
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                <title>मेले में 30 साल पुरानी रेट पर चल रहे झूले</title>
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                        <![CDATA[ बड़े झूलों के टिकट भी 20,30 और 50 रुपए।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/swings-running-at-30-years-old-rates-in-the-fair/article-93842"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(1)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से आयोजित 131 वां राष्ट्रीय दशहरा मेला धीरे-धीरे अंतिम पायदान पर पहुंच रहा है। तीन दिन बाद मेले का समापन होने वाला है। लेकिन इस बार मेले में बड़े से बड़े झूले भी 20,30 व 50 रुपए तक के टिकट में चल रहे है। जिससे लोगों को तो कम टिकट में झूलों का आनंद मिल रहा है। लेकिन झूलों की संख्या इस बार दो गुनी होने से संचालकों का खर्चा तक नहीं निकल रहा।  दशहरा मेले की शुरुआत वैसे तो 3 अक्टूबर को नवरात्र स्थापना के साथ हो गई थी। लेकिन पृरा मेला दशहरे के दिन 12 अक्टूबर से ही परवान  चढ़ा। हालांकि मेला शुरू होने से पहले दुकानदाररों की तुलना में इस बार झूले कई दिन पहले से लगना शुरू हो गए थे। उद्घाटन के दिन तक ही अधिकतर झूले लग चुके थे। लेकिन मेले में लोगों के नहीं जाने से वे खाली रहे।दशहरे के दिन से झृूलों पर भीड़ पड़ने लगी। </p>
<p><strong>मेला समिति ने तय की रेट, मार्केट उससे भी कम</strong><br />मेले में आने वाले लोगों में से अधिकतर लोग झूला झृलते है। बच्चों से लेकर महिलाएं तक और परिवार के लोग एक साथ झूलों का आनंद लेते है। हर बार मेले में झृलों पर अधिक भीड़ रहने से लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था और झूलों का टिकट भीकाफी अधिक रहता  था। ऐसे में मेला समिति द्वारा इस बार झूलों की संख्या पहले से अधिक रखी गई। साथ ही पूरे दशहरा मैदान में झृूले लगवाए। जिससे हर तरफ लोगों को सुविधा मिल सकेऔर भीड़ का सामना नहीं करना पड़े। वहीं मेला समिति ने लोगों को राहत देने के लिए झूला संचालकों के साथ बैठक कर शुरुआत में छोटे और बड़े झूलों के टिकट की राशि तय कर दीथी। जिसमें उनसे कहा था कि वे इससे अधिक राशि नहीं वसूल करेंगे। शुरुआत में कुछ दिन तक तो मेला समिति वाली राशि में झूलों का संचालन हुआ। लेकिन झूलों की संख्या अधिक होने से लोग बंट गए तो झृूलों पर लोगों की भीड़ कम रहने लगी। ऐसे में अधिकतर झूले कम लोगों के साथ या खाली चलने लगे। जिससे झूला संचालकों को मजबूरी में टिकट की राशि कम करनी पड़ी। </p>
<p><strong>तीस साल पहले थी इतनी रेट</strong><br />झूला संचालक जाकिर हुसैन ने बताया कि मेला समिति का प्रयास अच्छा था। लेकिन हालत यह हैकि इस बार झृलों की संख्या पिछले सालों की तुलना में करीब दो गुना हो गई है। पहले जहां छोटे-बड़े करीब 30 से 31 झृले आते थे। वहीं इस बार झूलों की संख्या 60 से अधिकहै। पूरे मेले में झूले ही झूले नजर आ रहे है। जहां पहले दुकानें लगती थी वहां भी झूले लगवा दिए। उन्होंने बताया कि ग्राहक नहीं आने पर झूला संचालकों को नुकसान होने लगा। मजबूरी में टिकट की राशि 50 व 80 रुपए से घटाकर बड़े से बड़े झूले की 20,30 व 50 रुपए तक करनी पड़ी।उसके बाद भी लोग कम आने से सभी झूला संचालकों को नुकसान हो रहा है। अब तो यह स्थिति है कि नुकसान तो होना ही है उसे जितना कम किया जा सकता है वह किया जा रहा है। </p>
<p><strong>खर्चा निकलना तक मुश्किल</strong><br />झृला संचालकों का कहना है कि झृलों के लिए जगह लेने, ट्रांसपोर्टेशन, फिटिंग, डीजल, लाइट व अन्य सभीखर्चे काफीअधिक हो रहेहै।उनकी तुलना में कमाई कुछ भीनहीं हो रहीहै। ऐसे में अभीतक जितना खर्चा हुआ है वह भी निकलना मुश्किल हो रहा है कमाई करना तो दूर। झूला संचालकों का कहना है कि दशहरा मेला राष्ट्रीय स्तर का है।इसमें वर्तमान में झूलों की रेट है वह पिछले तीस साल पुरानीहै। 1994-95  में इस रेट में झूले चलते थे। पिछले साल भी  बड़े झूले 100 रुपए सेकम में नहीं चलेथे। लेकिन अभी तो चकरी वाले छोटे झृूलों की रेट में बड़े-बड़े झूले चलाने पड़ रहे है। जानकारों के अनुसार एक दो झृले ऐसे हैं जो इस बार नए है। उनकी रेट 100 से 150 रुपए होने के बावजूद उन पर भीड़ अधिक है। जबकि अधिकतर पर  बहुत कम लोग झूल रहेहै। </p>
<p><strong>इतनी कम रेट, विश्वास नहीं हो रहा</strong><br />इधर मेला झृमने आए लोग जब झृूलों के तरफ गए तो वहां उनके टिकट की रेट सुनकर ही दंग रह गए। पाटनपोल निवासी निधि शर्मा ने बताया कि मेले में हमेशा बड़े झूले 80 से 100 रुपए में झूलते रहे हैं। पहली बार इतनीकम रेट देखकर विश्वास नहीं हो रहा। झूलों की रेटहर बार अधिक होने से इस बार झूला झृलने का मन नहीं था। लेकिन यहां आकर देखा तो मन हो गया। पहले जिस रेट में एक या दो ही झूले झूल पातेथे। इस बार उसी रेट में अधिक झूलों का आनंद ले लिया। रंगबाड़ी निवासी सुनील त्रिपाठी ने बताया कि मेले में घृूमने आए थे। झूलों का किराया कम होने से  परिवार के सभी लोगों को अधिकतर झूले झुलवा दिए। इस बार ही रेट कम है। जबकि हमेशा इनका किराया अधिक रहता है। उसके बाद भी भीड़ होने से काफीदेर तक इंतजार करना पड़ता था। इस बार आसान से झूला झूल पाए। </p>
<p><strong>लोगों को राहत देने का प्रयास</strong><br />इधर मेला समिति अध्यक्ष विवेक राजवंशी का कहना है कि मेले में  रोजाना आने वाले हजारों लोगों को राहत देने के लिए इस बार झूलों की संख्या बढ़ाई गई थी।साथ ही झूलासंचालकों को एक निर्धारित राशि ही लेने के लिएपाबंद किया गया था। जिससे अधिक सेअधिक लोग झूलों का आनंद लेसकेऔर वह भीबिना परेशानी व इंतजार के। जिससे उनका समय भी खराब नहीं हो। वरना अक्सर झूलों के कई शौकीन लोग या तो झृलों में ही पूरा समय लगा देते थे।या समय अधिक लगने से  चाहकर भी सभी झूलों का आनंद नहीं ले पाते थे। रेट कम होने से लोगों को फायदा हो रहाहै। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Oct 2024 16:45:11 +0530</pubDate>
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                <title>दिलजीत दोसांझ के कन्सर्ट के फेक टिकट बेचकर कॉलेज ड्रॉपआउट ने कमाए लाखों रुपए, गोवा टूर पर उड़ाए</title>
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                        <![CDATA[ शख्स ने कुल 69 टिकट बेचे थे, जिससे उसने 476,870 रुपये की कमाई की थी. आरोपी ने उस पैसे से आईफोन और एपल वॉच खरीदे थे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/college-dropout-earned-lakhs-of-rupees-by-selling-fake-tickets/article-93173"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(1)21.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के कन्सर्ट के लिए फर्जी टिकट बेचने के मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है। यह कन्सर्ट दिलजीत के दिल-ल्यूमिनाटी टूर का हिस्सा है। उनका यह कनसर्ट 26 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित होने वाला है। दिल्ली पुलिस ने एक महीने पहले ही सिंगर के फैंस को सचेत किया था कि गाने की चक्कर में गलत लिंक पर क्लिक करके अपनी बैंड न बजवा लेना। बताया जा रहा है कि शख्स ने कुल 69 टिकट बेचे थे, जिससे उसने 476,870 रुपये की कमाई की थी. आरोपी ने उस पैसे से आईफोन खरीदा था।</p>
<p>आरोपी कौशिक ने दिल्ली पुलिस को बताया कि उसने तीन लोगों के साथ फेक टिकट बेचकर चीटिंग की थी और इससे उसने 6.75 लाख रुपये की उगाही की थी। इसके बाद बेंगलुरु और गोवा गया, जहां उसने अलग-अलग होटलों में स्टे किया और क्लब्स में पैसे खर्च किए थे। दिलजीत के कन्सर्ट के ऐलान के तुरंत बाद ही सारी टिकट बुक हो गई थी और इससे फैंस निराश हो गए थे। इस बीच दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी थी फैंस के साथ धोखा किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस ने पता लगाया कि कुछ लोग आॅनलाइन टिकट को ऊंची कीमत पर बेच रहे हैं। उन्होंने नागरिकों को फिर से सेलर्स के साथ लेन-देन करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी।</p>
<p><strong>10-50 हजार में बेची जा रही थी टिकट</strong><br />पुलिस ने यह भी कहा कि फर्जी टिकट बेचे जा रहे थे और लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक करते समय सतर्क रहने की हिदायत दी थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया के जरिए टिकट बेच रहा था और उनके लिए कीमतें 10,000 रुपए से लेकर 50,000 रुपये तक मांगी जा रही थीं।</p>
<p><strong>दिल्ली पुलिस ने दी थी चेतावनी</strong><br />दिलजीत के फैंस को दिल्ली पुलिस ने कन्सर्ट से पहले टिकट को लेकर धोखाधड़ी के बारे में चेतावनी दी थी और एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा था, गाना सुनने के चक्कर में टिकट के लिए गलत लिंक पर पैसे देकर अपना बैंड न बजवा लेना। दिलजीत दोसांझ ने इस चेतावनी को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर फिर से पोस्ट किया था और दिल्ली पुलिस के अकाउंट को टैग किया था और इमोजी पोस्ट कर अधिकारियों को सम्मान भी दिया था। दिल्ली के बाद दिलजीत अहमदाबाद, लखनऊ, पुणे, कोलकाता जैसे शहरों में भी जाएंगे। उनका टूर 29 दिसंबर को गुवाहाटी में समाप्त होगा।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Oct 2024 11:06:33 +0530</pubDate>
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                <title>रेलवे के क्यूआर कोड ने बढ़ाया तत्काल टिकट लेने वाले यात्रियों का सिरदर्द </title>
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                        <![CDATA[नगद वाले काउंटर के साथ क्यूआर कोड वाला काउंटर देने से लोगों को परेशानी हो रही है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/railway-s-qr-code-has-increased-the-headache-of-passengers-buying-tatkal-tickets/article-92363"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए रेलवे ने हाल ही में आॅनलाइन पेमेंट के लिए क्यूआर कोड शुरू किया है, ताकि यात्रियों को आॅनलाइन पेमेंट करने में कोई दिक्कत न हो लेकिन तत्काल टिकट लेने वालों के लिए सिर दर्द बन रहा है। कारण की कैश से टिकट खरीदने वालों की संख्या ज्यादा है। क्यूआर कोड से भुगतान करने वालों की कम। ऐेसे में यात्रियों के लिए क्यूआर कोड काउंटर सिरदर्द बन गया है। क्यूआर कोड काउंटर से  तत्काल की टिकट खरीदने वाले यात्रियों को वेटिंग का टिकट मिल रहा है, नगद वालों को कर्न्फम टिकट मिल रहा है। यात्रियों ने बताया कि  नगद रकम देकर यात्रियों को तुरंत ही तत्काल टिकट मिलती है।  वहीं, तत्काल का क्यूआर कोड के जरिए लिया गया टिकट रद्द कराने पर रकम वापस मिलने में 10 से 15 दिनों का वक्त लगता है।  क्यूआर कोड से बनाई टिकट पर यात्रा की तारीख नहीं बदली जा सकती है।  जबकि, नगद रकम देकर बनाई गई टिकट में ऐसा संभव है। इसके अलावा क्यूआर कोड स्क्रीन कर भुगतान करने के दौरान नेट संबंधी परेशानी आने तक दूसरे व्यक्ति को टिकट नहीं मिलता है। इतने में तत्काल की सीटे बुक हो जाती है और लाइन में खड़े दूसरे लोगों को वेटिंग टिकट मिलती है। ऐसे में लोगों ने क्यूआर कोड के लिए अलग काउंटर की मांग की है। नगद वाले काउंटर के साथ क्यूआर कोड वाला काउंटर देने से लोगों को परेशानी हो रही है। </p>
<p><strong>80 फीसदी कैश वाले यात्री </strong><br /> रेलवे स्टेशन से बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है।  आरक्षण काउंटर पर दिनभर में 80 फीसदी यात्री कैश से टिकट लेते हैं, दोनों का एक ही काउंटर होने लोगों परेशानी होती है। कैश काउंटर पर लंबी लाइनें लगी रहती है। कैश व क्यूआर कोड काउंटर अलग अलग करने यात्रियों परेशानी कम होगी। </p>
<p><strong>क्यूआर कोड व कैश काउंटर एक होने से यह आ रही परेशानी</strong><br />- क्यूआर कोड से वेटिंग टिकट मिल रही।  <br />- टिकट निरस्त कराने पर सात दिन में खाते में भुगतान आता है। <br />- क्यूआर कोड से बनाई टिकट की तारीख नहीं बदली जा सकती है।<br />- नेटवर्क धीमा होने और भुगतान कर्न्फम होने तक टिकट होल्ड पर रहती है तब तक सीटे फूल हो जाती है।<br /> - तत्काल टिकट में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। <br />-  भीड़ से छुटकारा और ट्रांसपेरेंसी में हुआ इजाफा</p>
<p><strong>आॅनलाइन पेमेंट के चक्कर में तत्काल में मिलती वेटिंग टिकट</strong><br />आॅनलाइन भुगतान में सबसे ज्यादा परेशानी तत्काल टिकट निकालने वाले यात्रियों को आती है। यहां कुछ ही देर का खेल होता सीटे जल्दी बुक हो जाती है। आॅनलाइन और कैश काउंटर एक ही होने से विंडो पर खड़े यात्री द्वारा क्यूआर कोड आॅनलाइन पेमेंट करने के दौरान कई बार नेट की समस्या आ जाती कई बार लेनदेन फैल हो जाता है और फिर से प्रोसेस शुरू करता है। इतनी देर में पीछे वाले व्यक्ति को टिकट वेटिंग चला जाताहै। दूसरा आॅनलाइन वाले को भी कर्न्फम टिकट  की जगह वेटिंग टिकट मिलती है। रेलवे को आॅनलाइन भुगतान वालों के लिए अलग से विंडो रखनी चाहिए ताकि नगद भुगतान वालों को समस्या नहीं हो। <br /><strong>-विशाल भट्ट यात्री, निवासी नयापुरा </strong></p>
<p>क्यूआर कोड के जरिए डिजिटल भुगतान की सुविधा से यात्रियों को टिकट काउंटर पर लगने वाली भीड़ से राहत मिल रही। इसके अलावा, कैश की कमी की समस्या और कैश मिलाने में लगने वाला समय भी बच जाता है। तत्काल टिकट लेने वालों को अपने साथ कैश का विकल्प भी रखना चाहिए जिससे ट्राजेक्शन फैल होने या कोई अन्य एरर आने पर नगद देकर तत्काल टिकट ली जा सकती है। इस नई व्यवस्था से टिकट खरीदने की प्रक्रिया में तेजी आई और ट्रांसपेरेंसी को भी बढ़ावा मिलेगा। <br /><strong> -रोहित मालवीय, सीनियर डीसीएम कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Oct 2024 16:02:07 +0530</pubDate>
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                <title>पर्यटकों की सुविधा के लिए विभागीय बुकलेट से काटे टिकट</title>
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                        <![CDATA[ऐसे में विभागीय टिकट बुकलेट से आमेर महल में 280, हवामहल स्मारक में 100 से अधिक और जंतर-मंतर स्मारक में 40 से अधिक टिकट काटे गए। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tourists-cut-the-tickets-of-tourists-in-fort/article-90915"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/27rtrer-(4).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर के स्मारकों पर ई-टिकटिंग का सर्वर डाउन होने से आमेर महल, हवामहल स्मारक और जंतर मंतर स्मारक प्रशासन ने पर्यटकों की सुविधार्थ विभागीय बुकलेट से टिकट काटे गए। पुरातत्व विभाग के जयपुर स्थित स्मारकों में करीब 20 मिनट तक ई-टिकटिंग का सर्वर डाउन रहा। </p>
<p>ऐसे में विभागीय टिकट बुकलेट से आमेर महल में 280, हवामहल स्मारक में 100 से अधिक और जंतर-मंतर स्मारक में 40 से अधिक टिकट काटे गए। आमेर महल अधीक्षक डॉ. राकेश छोलक ने बताया कि पर्यटकों को परेशानी ना हो ऐसे में सर्वर डाउन होने पर तुरंत विभागीय बुकलेट से टिकट काटे गए।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Sep 2024 10:57:47 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - आज से घर बैठे हो सकेगी रिवर फ्रंट के टिकट की बुकिंग </title>
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                        <![CDATA[नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद केडीए ने ट्रायल पूृरा कर लिया। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---from-today--booking-of-tickets-for-river-front-can-be-done-from-home/article-86481"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। लम्बे इंतजार के बाद आखिरकार चम्बल रिवर फ्रंट के टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग शुरु कर दी गई है। कोटा विकास प्राधिकरण ने रिवर फ्रंट की वेबसाइट व फेसबुक फेज शुरू किया है। गुरुवार से लोग घर बैठे भी प्रवेश टिकट की बुकिंग कर सकेंगे। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से रिवर फ्रंट के प्रवेश टिकट की ऑनलाइन बुकिंग के लिए वेबसाइट का पिछले कई दिन से ट्रायल किया जा रहा है। ट्रायल पूरा होने के बाद उसे बुधवार को अंतिम रूप दिया गया। केडीए के एक्सईएन भूपेन्द्र बंशीवाल ने बताया कि रिवर फ्रंट की ऑनलाइन वेबसाइट गुरुवार से शुरू हो जाएगी। सीआरएफ कोटा डॉट कॉम के नाम से वेबसाइट शुरु की गई है। इस पर  कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से रिवर फ्रंट के प्रवेश टिकट की बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए अब मौके पर जाकर कतार में लगने की जरूरत नहीं रहेगी। स्थानीय ही नहीं बाहर से आने वाले देशी विदेशी पर्यटक भी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। गौरतलब है कि लोगों को ऑनलाइन टिकट बुकिंग सुविधा का लंबे समय से इंतजार था। बंशीवाल ने बताया कि इसके साथ ही रिवर फ्रंट का फेसबुक पेज भी शुरु किया गया है। जिस पर रिवर फ्रंट से संबंधित पूरी जानकारी व फोटोग्राफ मिल जाएंगे। </p>
<p><strong>टिकट के साथ गोल्फ कोर्ट की भी सुविधा: </strong>केडीए ने रिवर फ्रंट घूमने आने वालों के लिए एक और सुविधा शुरू की है। केडीए के एक्सईएन ललित मीणा ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति रिवर फ्रंट में प्रवेश के साथ ही गोल्फ कोर्ट भी बुक करना चाहता है तो उसके लिए 300 रुपए  प्रति व्यक्ति का टिकट लगेगा। जिसमें गोल्फ कोर्ट की शटल सुविधा दी जाएगी।  इस व्यवस्था के तहत व्यक्ति अंदर प्रवेश करने के बाद अपनी सुविधा अनुसार गोल्फ कोट का उपयोग कर सकेगा। उसके लिए उसे हर घाट पर गोल्फ कोर्ट उपलब्ध रहेगी। वह चाहे पैदल जाना चाहे और थकने पर गोल्फ कोर्ट लेना चाहे तो टिकट दिखाकर उसका लाभ ले सकता है। उसके लिए अलग से गोल्फ कोर्ट बुक करने की जरूरत नहीं रहेगी।  यह सुविधा भी गुरुवार से ऑनलाइन व ऑफ लाइन शुरू की गई है। एक्सईएन ने बताया कि यह सुविधा वैकल्पिक है जो लेना चाहता है उसके लिए ही है। यदि कोई इस सुविधा का लाभ नहीं लेना चाहता है तो वह 200 रुपए के टिकट में ही अंदर प्रवेश कर सकेगा। वहीं निजी तौर पर गोल्फ कोर्ट लेने के लिए अलग से भुगतान करने की पुरानी व्यवस्था रहेगी।  </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि रिवर फ्रंट का उद्घाटन हुए दस माह होने के बाद भी इसकी ऑनलाइन वेबसाइट शुरु नहीं होने का मामला दैनिक नव’योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 31 जुलाई के अंक में पेज 6 पर‘रिवर फ्रंट की ऑनलाइन वेबसाइट चालू होने का लब हो रहा इंतजार’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें लोगों की मांग थी कि इसे शीघ्र शुरु किया जाए। जबकि केडीए अधिकारियों का कहना था कि अभी ट्रायल चल रहा है। शीघ्र ही यह सुविधा शुरु की जाएगी।  समाचार प्रकाशित होने के बाद केडीए ने ट्रायल पूृरा कर लिया। जिसके साथ ही गुरुवार से इसे शुरु भी कर दिया जाएगा। इस सुविधा के शुरु होने से हजारों लाखों लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। लोगों का कहना है कि वर्तमान में हर व्यक्ति के पास मोबाइल है। ऐसे में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा होने पर ऑफलाइन टिकट के लिए कतार में लगकर समय खराब करना है। लेकिन यदि कोई ऑफ लाइन टिकट लेना चाहता है तो वह सुविधा की टिकट विंडों पर चालू रहेगी। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Aug 2024 16:26:25 +0530</pubDate>
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                <title>रिवर फ्रंट की ऑनलाइन वेबसाइड चालू होने का लम्बा हो रहा इंतजार</title>
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                        <![CDATA[केडीए अधिकारियों का कहना था कि यहां हर मॉन्यूमेंट पर एक बार कोड लगाया जाएगा। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-wait-for-the-online-website-of-the-river-front-to-start-is-getting-long/article-86384"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/river-front-ki-online-website-chalu-hone-ka-lamba-ho-rha-intezar...kota-news-31-07-202.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। चम्बल रिवर फ्रंट को शुरु हुए तो दस माह का समय हो गया लेकिन अभी तक भी इसकी ऑनलाइन वेबसाइड चालू नहीं की गई है। जिससे लोगों को अभी भी घर बैठे टिकट नहीं मिल रहे हैं। वहीं रिवर फ्रंट के सभी मॉन्यूमेंट का भी अभी तक डिस्प्ले नहीं किया गया। जिससे पर्यटकों को उनकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। नगर विकास न्यास की ओर से करोड़ों रुपए की लागत से विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल चम्बल रिवर फ्रंट का निर्माण कराया गया है। नदी के दोनों छोर पर 26 घाट बनाए गए हैं। हर घाट की अपनी एक विशेषता है। इसका उद्घाटन पिछले साल 12 सितम्बर को किया जा चुका है। उद्घाटन के दस माह बाद भी लोगों को मौके पर जाकर ही ऑफ लाइन टिकट लेने पड़ रहे हैं। अभी तक भी केडीए प्रशासन इसकी ऑनलाइन वेबसाइड चालू नहीं कर सका है। हालांकि केडीए अधिकारी पिछले काफी समय से वेबसाइड के शीघ्र ही चालू होने का आश्वासन तो दे रहे हैं लेकिन अभी तक उसे चालू नहीं किया गया है। जिससे लोगों विशेष रूप से बाहर से आने वालों को ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन वेबसाइड चालू हो तो लोगों के लिए सुविधा जनक रहेगा। जिससे कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से या ई मित्र से रिवर फ्रंट के टिकट बुक कर सकता है। लेकिन केडीए प्रशासन एक तरफ तो इसके विश्व स्तरीय होने और देश विदेश से पर्यटकों के आने की मंशा जाहिर कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ अभी तक यहां की सुविधाएं तक विकसित नहीं कर पा रहे हैं। </p>
<p><strong>बार कोड़ से जानकारी देने का था दावा</strong><br />केडीए अधिकारियों का  कहना था कि यहां हर मॉन्यूमेंट पर एक बार कोड लगाया जाएगा। जिसमें उसकी पूरी जानकारी होगी। व्यक्ति अपने मोबाइल से जैसे ही बार कोड को स्केन करेगा वैसे ही उसके सामने पूरी जानकारी आ जाएगी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। </p>
<p><strong>ट्रायल पूरा, शीघ्र होगी चालू</strong><br />इधर केडीए अधिकारियों का कहना है कि वेबसाइड तो तैयार हो गई है। उसका ट्रायल किया जा रहा है। वह भी लगभग पूरा होने वाला है। उसके फाइनल होते ही इसे चालू कर दिया जाएगा। वैसे 1 अगस्त के बाद कभी भी इसे शीघ्र ही  चालू किया जा सकता है। जिससे लोगों को घर बैठे टिकट बुक करने की सुविधा मिल जाएगी। केडीए अधिकारियों का कहना है  कि रिवर फ्रंट का यू ट्यूब चैनल भी तैयार किया गया है। जिससे इसका प्रमोशन किया जा रहा है। </p>
<p><strong>मॉन्यूमेंट के नाम, जानकारी नहीं</strong><br />हालत यह है कि रिवर फ्रंट के दोनों छोर पर 6 घाट बनाए गए हैं। उन घाटों व वहां बने मॉन्यूमेंट के नाम तो लिखे गए हैं। जबकि उनकी पूरी जानकारी व डिस्प्ले अभी तक भी नहीं किए गए। जिससे बाहर से आने वालों व स्थानीय लोगों को भी उन मॉन्यूमेंट के बारे में पूरी तरह से जानकारी नहीं मिल पा रही है। लोगों का कहना है कि वे वहां जाकर मॉन्यूमेंट को तो देख रहे हैं। लेकिन वे मॉन्यूमेंट कहां से लिए गए हैं। इनकी क्या विशेषता है। इस बारे में न तो कोई बताने  वाला है और न ही मौके पर जानकारी डिस्प्ले की गई है। जिससे सिर्फ उन्हें देखकर ही आगे बढ़ने के सिवाय कोई चारा नहीं है। जबकि सेवन वंडर्स पर जिस तरह से हर स्टेच्यू की जानकारी लिखी गई है। उसी तरह की जानकारी यहां भी होनी चाहिए। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 15:20:22 +0530</pubDate>
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                <title>रेलवे प्लेटफॉर्म का टिकट होगा सस्ता</title>
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                        <![CDATA[बैठक में जीएसटी काउंसिल ने फर्जी बिलों पर रोक लगाने के लिए अब बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण लागू करने का निर्णय लिया है। इससे फर्जी बिलों के जरिए किए गए धोखाधड़ी वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट के दावों से निपटने में मदद मिलेगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/railway-platform-tickets-will-be-cheaper/article-82431"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/6633-copy79.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में दिल्ली में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 53वीं बैठक संपन्न हुई। केन्द्र की सत्ता में मोदी 3.0 सरकार के गठन के बाद जीएसटी की इस पहली बैठक थी। जिसमें कई राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हुए। बैठक के बाद सीतारमण ने बताया कि परिषद की बैठक में कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। जबकि कई लंबति मुद्दे समय के अभाव में चर्चा होने से रह गए। जिन पर अगस्त में होने वाली अगली जीएसटी काउंसिल की बैठक में चर्चा की जाएगी।</p>
<p>बैठक में जीएसटी काउंसिल ने फर्जी बिलों पर रोक लगाने के लिए अब बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण लागू करने का निर्णय लिया है। इससे फर्जी बिलों के जरिए किए गए धोखाधड़ी वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट के दावों से निपटने में मदद मिलेगी।</p>
<p><strong>रेलवे की सेवाओं को जीएसटी से छूट</strong><br />बैठक में रेलवे सेवाओं को जीएसटी से छूट देने का निर्णय लिया गया है। रेलवे द्वारा दी जाने वाली सेवाओं जैसे प्लेटफॉर्म टिकट, बैटरी चालित कार सेवाओं आदि को जीएसटी से छूट दी गई है।</p>
<p><strong>दंड पर ब्याज माफ</strong><br />परिषद ने जीएसटी अधिनियम की धारा- 73 के तहत जारी किए गए मांग नोटिस पर ब्याज और दंड माफ करने का निर्णय लिया है।</p>
<p><strong>दूध के डिब्बों पर 12% जीएसटी</strong><br />परिषद ने सभी दूध के डिब्बों पर 12 फीसदी की एक समान जीएसटी दर निर्धारित करने की सिफारिश की है। परिषद ने सभी कार्टन बॉक्स और केस पर 12 फीसदी की एक समान जीएसटी दर निर्धारित करने की भी सिफारिश की है।</p>
<p><strong>जीएसटी कम करने का अनुरोध</strong></p>
<p>वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी परिषद ने दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए उर्वरकों पर जीएसटी कम करने का अनुरोध जीओएम को भेजा है। वर्तमान में पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगाया जाता है। जबकि यह क्षेत्र लंबे समय से उर्वरकों पर जीएसटी से छूट की मांग कर रहा है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Jun 2024 12:23:27 +0530</pubDate>
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                <title>चुनावों में 30 हजार से ज्यादा अंतर से हारे नेताओं के टिकट काट सकती है कांग्रेस</title>
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                        <![CDATA[पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस आलाकमान ने फॉर्मूला तय किया है कि विगत लोकसभा या विधानसभा चुनावों में तीस हजार या ज्यादा वोट से हारने वाले कांग्रेस प्रत्याशियों और तीन चुनाव हारने वाले कांग्रेस नेताओं को लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी घोषित नहीं किया जाएगा। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/congress-can-cancel-tickets-of-leaders-who-lost-elections-to--%E0%A4%8230-thousand-votes/article-70258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/congress-logo5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवार चयन पर कवायद तेज कर दी है। दिल्ली में अगले एक दो दिन बाद होने वाली स्क्रीनिंग कमेटी बैठक में राजस्थान के नेताओं की मौजूदगी में नाम चयन पर अंतिम कसरत बाकी है। अभी तक बने फॉर्मूले में इस बार युवाओं को अधिक मौका दिया जा सकता है और पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनाव में 30 हजार या ज्यादा अंतर से हारे नेताओं को मौका नहीं मिलेगा। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार कांग्रेस में राजस्थान के 25 लोकसभा उम्मीदवार के पैनल पर कल परसों में स्क्रीनिंग कमेटी चेयरमैन रजनी पाटिल और सदस्यों की प्रदेश कांग्रेस के आला नेताओं के साथ बैठक होगी, जिसमें नाम चयन को लेकर अंतिम कसरत की जाएगी। </p>
<p>पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस आलाकमान ने फॉर्मूला तय किया है कि विगत लोकसभा या विधानसभा चुनावों में तीस हजार या ज्यादा वोट से हारने वाले कांग्रेस प्रत्याशियों और तीन चुनाव हारने वाले कांग्रेस नेताओं को लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी घोषित नहीं किया जाएगा। इस फॉर्मूले की जद में कुछ पूर्वी मंत्री भी आ रहे हैं। अधिकांश दिग्गज नेताओं के लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर देने के बाद पार्टी इस बार एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर युवाओं को मौका देना चाहती है। प्रदेश के नेताओं के साथ स्क्रीनिंग कमेटी बैठक में आधे से अधिक सीटों पर नए युवा चेहरों के नामों को अंतिम रूप देने की कवायद तेज हो गई है। इसमें अग्रिम संगठन एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, सेवादल और महिला कांग्रेस से जुडेÞ चेहरे भी शामिल किए जा सकते हैं। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Feb 2024 12:06:06 +0530</pubDate>
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                <title>कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची में दिखी परिवारवाद की झलक पिछली बार भी 15 से अधिक परिवारों को बांटे थे टिकट</title>
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                        <![CDATA[ कांग्रेस ने उदयपुर अधिवेशन में परिवारवाद और वंशवाद को इस बार कम करने पर वादा किया था। चुनाव नजदीक आने पर कांग्रेस के ये वादे धरातल पर नहीं उतर पाए। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-glimpse-of-familyism-was-seen-in-the-list-of/article-60637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/nepotis.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कांग्रेस ने उदयपुर अधिवेशन में परिवारवाद और वंशवाद को इस बार कम करने पर वादा किया था। चुनाव नजदीक आने पर कांग्रेस के ये वादे धरातल पर नहीं उतर पाए। विधानसभा चुनाव 2023 के लिए कांग्रेस की जारी दो सूची में शामिल 76 नामों में कई टिकट परिवारवाद या वंशवाद की झलक दिखाते हैं। पिछले चुनाव में भी परिवारवाद की झलक कांग्रेस सूचियों में नजर आई थी। हर बार इन टिकटों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध भी नजर आता है। </p>
<p><strong>दो सूचियों में यह परिवारवाद के मामले सामने आए</strong><br />कांग्रेस की पहली सूची के 33 नामों में सुजानगढ़ सीट से पूर्व मंत्री भंवरलाल मेघवाल के बेटे मनोज मेघवाल, सवाईमाधोपुर से पूर्व मंत्री अबरार अहमद के बेटे दानिश अबरार, डेगाना से विजयपाल मिर्धा, ओसियां से दिव्या मदेरणा, लूणी से महेन्द्र विश्नोई, वल्लभनगर से प्रीति गजेन्द्र शक्तावत, भीम से सुदर्शन सिंह रावत के नाम शामिल हैं। दूसरी सूची में रामगढ़ सीट पर विधायक साफिया जुबेर के पति जुबेर खान, नोखा सीट पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी की पत्नी सुशीला डूडी और राजाखेड़ा में पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह के बेटे रोहित बोहरा को परिवारवाद में टिकट मिलना माना जा रहा है।</p>
<p><strong>परिवार के लिए टिकट मांगने वाले नेता</strong><br />2023 के चुनाव में कांग्रेस के कई वयोवृद्व नेताओं ने खुद चुनाव नहीं लड़ने की ईच्छा जाहिर कर अपने परिवारजनों के लिए टिकट मांगे। टिकट नहीं लेने के पीछे इन विधायकों ने अधिक उम्र का हवाला दिया। विधायकों में मंत्री गुडामलानी विधायक हेमाराम चौधरी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीमाधोपुर विधायक दीपेन्द्र सिंह शेखावत, लालसोट विधायक परसादीलाल मीणा, खंडेला विधायक महादेव सिंह खंडेला, खेतड़ी विधायक डॉ.जितेन्द्र सिंह, बगरू विधायक गंगा देवी, कठूमर विधायक बाबूलाल बैरवा, शिव विधायक अमीन खां, कोटा उत्तर विधायक शांति धारीवाल, करणपुर विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर, धोद विधायक परसराम मोरदिया, राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधायक जौहरीलाल मीणा ने परिवारजनों के लिए टिकट मांगे। इनमें परसादीलाल मीणा और गुरमीत सिंह कुन्नर को पार्टी टिकट दे चुकी है।</p>
<p><strong>इन टिकटों पर चला परिवारवाद</strong><br />ओसियां से महिपाल मदेरणा की बेटी दिव्या मदेरणा, लूणी से मलखान विश्नोई के बेटे महेन्द्र विश्नोई, दातारामगढ़ से पूर्व विधायक नारायण सिंह के बेटे वीरेन्द्र सिंह को, चूरू से हाजी मकबूल मंडेलिया के बेटे रफीक मंडेलिया को, सवाईमाधोपुर से दिवंगत केन्द्रीय मंत्री अबरार अहमद के बेटे दानिश अबरार को, अनूपगढ से पूर्व विधायक हीरालाल इंदौरा के बेटे कुलदीप इंदौरा को, आमेर से पूर्व विधायक सहदेव शर्मा के बेटे प्रशांत शर्मा को, निवाई से पूर्व विधायक द्वारका प्रसाद बैरवा के बेटे प्रशांत बैरवा को, वल्लभनगर से पूर्व मंत्री गुलाब शक्तावत के बेटे गजेन्द्र शक्तावत को, मंडावा से रामनारायण चौधरी की बेटी रीटा चौधरी को, झुंझुनंू से पूर्व केन्द्रीय मंत्री शीशराम ओला के बेटे बृजेन्द्र ओला को, सांगोद से जुझार सिंह के बेटे भरत सिंह को, राजाखेड़ा से पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह के बेटे रोहित बोहरा को, फुलेरा से पूर्व मंत्री हरी सिंह के बेटे विद्याधर चौधरी को, डेगाना से रिछपाल मिर्धा के बेटे विजयपाल मिर्धा को, भीम से पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह रावत के बेटे सुदर्शन सिंह रावत को, उदयपुर ग्रामीण से पूर्व मंत्री खेमराज कटारा के बेटे विवेक कटारा को और सागवाडा में पूर्व मंत्री भीखा भाई के बेटे सुरेन्द्र को टिकट दिया गया।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Oct 2023 19:32:14 +0530</pubDate>
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                <title>बीजेपी ने 18 समर्थकों को दिया टिकट</title>
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                        <![CDATA[ उलटफेर के समय सिंधिया के समर्थन में जिन 25 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी थी, उनमें 18 को बीजेपी ने रिपीट (उपचुनाव के बाद फिर टिकट) दिया है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjp-give-tickets-to-the-18-supporters/article-60601"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sizte--(1)23.png" alt=""></a><br /><p>भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं और बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया चर्चा में हैं। सिंधिया को इस समय अपने समर्थकों के बीच मान-मनोव्वल करते हुए देखा जा रहा है। इस बीच टिकट बंटवारे को लेकर जो आंकड़े आ रहे हैं, वो सिंधिया के दबदबा की कहानी बयां कर रहे हैं। चाहे बीजेपी हो या कांग्रेस। सिंधिया के समर्थकों को टिकट मिले हैं। 2020 के उलटफेर के समय सिंधिया के समर्थन में जिन 25 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी थी, उनमें 18 को बीजेपी ने रिपीट (उपचुनाव के बाद फिर टिकट) दिया है। टिकट पाने वालों में 10 सिंधिया समर्थक मंत्री शामिल हैं। </p>
<p><strong>बीजेपी ने दिग्गज नेताओं को भी उतारा मैदान में</strong><br />बीजेपी ने इस चुनाव में पार्टी के बड़े नेता और केंद्रीय मंत्रियों को भी टिकट दिए हैं और चुनाव में उतारा है, लेकिन, उनमें सिंधिया का नाम नहीं है। यानी वो केंद्र की राजनीति में ही सक्रिय रहने वाले हैं। </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Oct 2023 10:55:41 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा से राजनीति में आधी शक्ति को नहीं मिला अब तक जौहर दिखाने का मौका</title>
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                        <![CDATA[कोटा जिले की 6 विधानसभा सीटों में कोटा दक्षिण व लाड़पुरा से ही कांग्रेस ने महिला प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/half-of-the-power-in-politics-from-kota-has-not-got-a-chance-to-show-jauhar-till-now/article-59372"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/kota-se-rajniti-me-adhi-shakti-ko-nhi-mila-ab-tk-johar-dikhane-ka-moka...kota-news-12-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य में हर पांच साल में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इस बार भी 25 नवम्बर को चुनाव होने हैं। हालत यह है कि राज्य की 200 विधानसभा सीटों में से बहुत कम महिलाओं को टिकट मिल पाते हैं। कोटा में भी दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों से महिलाओं को कम मौका दिया गया। वहीं अब महिला आरक्षण बिल संसद में पास होने से आगामी चुनावों में महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलने की उम्मीद जगी है। कोटा जिले में 6 विधानसभा सीट हैं। उनमें से अभी तक गिनती की ही महिलाओं को विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। पिछले कई विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को देखा जाए तो दोनों ही प्रमुख राजनैतिक दलों भाजपा व कांग्रेस ने जहां पुरुष उम्मीदवारों पर अधिक भरोसा जताया उतना महिलाओं पर विश्वास नहीं किया। यही कारण है कि दोनों ही दलों ने विधानसभा चुनावों में बहुत कम महिलाओं को टिकट देकर चुनाव लड़ने का मौका दिया। भले ही संसद में महिला आरक्षण बिल पास हो गया है लेकिन इसे 2029 से लागू किया जाएगा। जिसमें 33 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलेगा। लेकिन इससे महिलाओं को आगे बढ़ने का एक अवसर तो मिलने की उम्मीद जगी है। </p>
<p><strong>कांग्रेस ने इन महिलाओं पर जताया भरोसा</strong><br />कोटा जिले की 6 विधानसभा सीटों में कोटा दक्षिण व लाड़पुरा से ही कांग्रेस ने महिला प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है। लाड़पुरा विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1998 और 2003 में पूृनम गोयल  को टिकट देकर उम्मीदवार बनाया था। जिसमें से वे पहला चुनाव तो जीती थी जबकि दूसरी बार में हार का सामना करना पड़ा लेकिन अंतर बहुत कम रहा था। उसके बाद 15 साल तक किसी  महिला को टिकट नहीं दिया गया। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कोटा दक्षिण से राखी गौतम को और लाड़पुरा विधानसभा क्षेत्र से गुलनाज बानो को प्रत्याशी बनाया था। हालांकि दोनों ही प्रत्याशियों को हार का सामना करना पडा था। वहीं बूंदी से ममता शर्मा, खानपुर से मिनाक्षी चंद्रावत, निर्मला सहरिया और उससे पहले नगेन्द्र बाला व सुहाग कपलाश को भी कई साल पहले टिकट दिया था। </p>
<p><strong>भाजपा ने मौका दिया तो महिलाओं ने किया साबित<br /></strong>इधर भाजपा की ओर से भी कोटा जिले में अधिक महिलाओं  को तो विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका नहीं दिया। लेकिन जिन्हें भी मौका मिला उन्होंने साबित भी करके दिखाया है। झालावाड़ से वसुंधरा राजे को टिकट दिया तो वे जीती और दो बार मुख्यमंत्री भी बनी। वहीं कोटा जिले की बात करें तो वर्ष 2008 में कोटा उत्तर विधानसभा से पूर्व महापौर सुमन श्रृंगी को टिकट देकर मैदान में उतारा था। लेकिन उन्हें मंत्री शांति धारीवाल के सामने हार का सामना करना पड़ा था। उसके बाद रामगंजमंडी व के. पाटन से चंद्रकांता मेघवाल को दिकट दिया। वे दोनों ही सीटों से जीतकर  विधायक बनी। वहीं पिछले चुनाव में लाड़पुरा से कल्पना देवी को टिकट दिया तो वे भी जीती। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आई ममता शर्मा को भाजपा ने वर्ष 2018 में पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इनके अलावा दोनों ही प्रमुख दलों ने किसी भी महिला को उम्मीदवार नहीं बनाया। </p>
<p><strong>मौका मिलेगा तो साबित भी करेंगी महिलाएं</strong><br />महिलाओं को कोटा में राजनीति में आने का मौका कम मिला है। लेकिन जब भी महिलाओं को मौका मिला तो उन्होंने साबित भी करके दिखाया है। आगे भी मौका मिला तो महिलाएं बेहतर साबित होंगी। महिला आरक्षण बिल पास होने से महिलाओं को राजनीति में आगे आने का अवसर मिलेगा। महिलाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है उन्हें जरूरत मौका देने की है। <br /><strong>- डॉ. रत्ना जैन, पूर्व महापौर</strong></p>
<p><strong>आरक्षण का इंतजार क्यों</strong><br />पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को भी आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए। महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ाने के लिए आरक्षण का इंतजार क्यों करना पड़े। महिलाओं में इतनी प्रतिभा है कि उन्हें मौका मिले तो वे काम करके दिखा सकती हैं। राजनीतिक दलों को स्वेच्छा से ही हर संभाग से दो ने तीन महिलाओं को तो टिकट देना ही चाहिए। चुनाव में पुरुषों के जीतने और महिलाओं के हारने की कोई गारंटी नहीं है।<br /><strong>- सुमन श्रृंगी, पूर्व महापौर</strong></p>]]>
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                <pubDate>Thu, 12 Oct 2023 19:21:01 +0530</pubDate>
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