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                <title>legislative - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>'इंडिया'  गठबंधन की बैठक में बोले खरगे, परिसीमन विधेयकों के खिलाफ विपक्षी दलों की एकजुटता जरूरी, गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ हो रहा भेदभाव </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी एकजुटता को और मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह गठबंधन ने परिसीमन विधेयकों को मात दी, उसी भावना से अब बेरोजगारी, महंगाई और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ सामूहिक संघर्ष तेज किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kharge-said-in-the-meeting-of-india-alliance-unity-of/article-156336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/02.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने लोकसभा में परिसीमन से जुड़े विधेयकों के खिलाफ जिस एकजुटता का परिचय दिया था, अब उसी भावना के साथ केंद्र सरकार के कुशासन के खिलाफ भी सामूहिक संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा। खरगे ने सोमवार को यहां कांस्टीट्यूशन क्लब में विपक्षी गठबंधन की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह गठबंधन लगभग तीन वर्ष पहले अस्तित्व में आया था और गत 17 अप्रैल को लोकसभा में सभी विपक्षी दलों ने एकजुट होकर परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार के ‘दुर्भावनापूर्ण’ विधेयकों को पराजित किया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अब इस एकता को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि देश के सामने मौजूद राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक तथा विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का डटकर सामना किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण करोड़ों लोगों का मताधिकार छीना जा रहा है और संविधान पर लगातार हमला हो रहा है। खरगे ने कहा कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने, डराने-धमकाने के लिए किया जा रहा है और गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, आर्थिक माहौल नकारात्मक है और नयी नौकरियां पैदा करने के लिए जिस गति से निवेश आना चाहिए, वह नहीं आ रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का भविष्य संकट में है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली के कुप्रबंधन के कारण लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात हो रहा है तथा समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार जारी हैं। उन्होंने कहा कि विदेश नीति में पारंपरिक मूल्यों से समझौता किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 15:34:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विपक्षी एकता का महामंथन : इंडिया गठबंधन की बैठक शुरू, सोनिया-खरगे-ममता समेत कई शीर्ष नेता शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[संसद के मानसून सत्र से पहले नई दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन के शीर्ष नेताओं की बैठक शुरू हो गई है। सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और ममता बनर्जी सहित 23 दलों के नेता इसमें शामिल हैं। बैठक में आगामी सत्र के लिए साझा रणनीति, राष्ट्रीय मुद्दों और गठबंधन समन्वय पर गंभीर मंथन जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-alliance-meeting-begins-many-top-leaders-including-sonia-kharge-mamata-attended/article-156326"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/india-allience.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार दोपहर यहां कांस्टीट्यूशन क्लब में शुरू हो गयी। बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद पी. संतोश कुमार, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एन. के. प्रेमचंद्रन, भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले सहित कई प्रमुख नेता बैठक में मौजूद हैं।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, बैठक में संसद के आगामी सत्र में विपक्ष की संयुक्त रणनीति, विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों, चुनावी तैयारियों तथा गठबंधन के घटक दलों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी। बैठक में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और केंद्र सरकार से जुड़े कई मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 13:19:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'इंडिया' गठबंधन की बड़ी बैठक: दिल्ली में जुटे 23 विपक्षी दल, संसद सत्र और चुनावी रणनीति पर मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 'इंडिया' गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो रही है। इसमें ममता बनर्जी सहित 23 दलों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। बैठक में लोकतंत्र, संविधान, महंगाई, बेरोजगारी और आगामी संसद सत्र में केंद्र सरकार को घेरने की साझा रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/important-meeting-of-india-alliance-today-representatives-of-23-parties/article-156300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित हो रही है, जिसमें गठबंधन के 23 दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार बैठक में लोकतंत्र, संविधान, चुनावी प्रक्रिया, महंगाई, बेरोजगारी, निवेश के माहौल तथा अन्य समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा संसद के आगामी सत्र में विपक्ष की रणनीति पर भी इसमें विचार-विमर्श होने भी हो सकता है। बैठक के दोपहर 12 बजे से शुरू होने की संभावना है।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि बैठक में शामिल होने के लिए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पिछले दो दिनों से दिल्ली में मौजूद हैं। उनके साथ तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता एवं सांसद अभिषेक बनर्जी भी राजधानी में हैं। माना जा रहा है कि बैठक में विभिन्न विपक्षी दल केंद्र सरकार के खिलाफ साझा मुद्दों और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस के अनुसार कुछ सहयोगी दल विभिन्न कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे, लेकिन वे गठबंधन के प्रति समर्थन व्यक्त किये जाने की जानकारी दे चुके हैं। विपक्षी दलों की एकता के लिहाज से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 11:16:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हम कोई आदेश किसी राजनीतिक दल से सलाह लेकर पारित नहीं करते: Supreme Court</title>
                                    <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीनों अंगों के बीच आपसी सम्मान की भावना होनी चाहिए। क्या कोई इस तरह अदावत करेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/we-do-not-pass-any-order-after-taking-advice-from/article-89026"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बीआरएस नेता के कविता को मिली जमानत पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। सुप्रीम कोर्ट जब रेवंत रेड्डी के खिलाफ 2015 के कैश फॉर वोट मामले की सुनवाई तेलंगाना से बाहर ट्रांसफर करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी तो उसने कहा कि वो लंच के बाद आदेश पारित करेगा। जब दोपहर के बाद कोर्ट बैठी तो जस्टिस बीआर गवई ने तेलंगाना सरकार की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी से कहा कि देखिए उन्होंने क्या बयान दिया है। क्या एक जिम्मेदार मुख्यमंत्री से ऐसी अपेक्षा की जा सकती है। क्या हम कोई आदेश किसी राजनीतिक दल से सलाह लेकर पारित करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या एक जिम्मेदार मुख्यमंत्री से ऐसी अपेक्षा की जा सकती है?</p>
<p><strong>क्या कहा था रेड्डी ने</strong><br />दरअसल के कविता को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जमानत मिलने के बाद रेवंत रेड्डी ने कहा था कि जमानत बीआरएस और बीजेपी कि मिलीभगत का नतीजा है। </p>
<p><strong>हम हमेशा कहते हैं कि हम कार्यपालिका या विधायिका के काम में दखल नहीं देंगे</strong><br />सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीनों अंगों के बीच आपसी सम्मान की भावना होनी चाहिए। क्या कोई इस तरह अदावत करेगा। हम हमेशा कहते हैं कि हम कार्यपालिका या विधायिका के काम में दखल नहीं देंगे। लेकिन ऐसी ही उम्मीद आपसे भी है। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने रेवंत रेड्डी के खिलाफ 2015 के कैश फॉर वोट मामले की सुनवाई तेलंगाना से बाहर ट्रांसफर करने की मांग करने वाली याचिका पर 2 सितंबर को सुनवाई करने का आदेश दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 14:12:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नतीजे और संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब में आम आदमी पार्टी ने सारे विपक्षी दलों का भ्रम तोड़ते हुए उनका लगभग पूरी तरह सफाया कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/editorial--results-and-indications-of-uttar-pradesh--punjab--uttarakhand--goa-and-manipur-legislative-assemblies/article-5952"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/election.png" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखण्ड, गोवा और मणिपुर विधानसभाओं के नतीजे लगभग अनुमानों के अनुसार ही सामने आए हैं। मतदान पश्चात के सर्वेक्षणों ने भी जो तस्वीर पेश की परिणाम उन्हीं के आसपास हैं। यह तो स्पष्ट हो गया है कि पांच राज्यों में से चार राज्यों में भाजपा की सरकार बनने जा रही है, लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाले नतीजे उत्तर प्रदेश के अलावा विशेषकर पंजाब के देखने को मिले हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने सारे विपक्षी दलों का भ्रम तोड़ते हुए उनका लगभग पूरी तरह सफाया कर दिया है। पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा की सीटों में से 90 से अधिक सीटों पर कब्जा कर लिया है। कांग्रेस, अकाली दल व भाजपा को भारी झटका लगा है। कांग्र्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोतसिंह सिद्धू, मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी तक चुनाव हार गए। कांग्रेस से अलग हुए पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी पटियाला से हार गए हैं। ऐसे ही अकाली दल के वरिष्ठ नेता प्रकाश सिंह बादल चुनाव हार गए हैं। यानी पंजाब के मतदाताओं ने इस बार परम्परागत दलों को नकार कर आप के नेता अरविंदर केजरीवाल पर ज्यादा भरोसा किया है। कांग्रेस को इतनी बुरी हार का शायद ही अनुमान था और अकाली दल को भी ऐसी हार की उम्मीद नहीं थी। कांग्रेस आलाकमान ने कैप्टन को मुख्यमंत्री पद से हटाकर दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाकर जीत का दांव खेला, लेकिन दांव नहीं चला। आप ने पंजाब की जनता से बड़े-बड़े वादे किए हैं तो अब आप सरकार के सामने बड़ी जिम्मेदारी आएगी और उसे कई चुनौतियों से जूझना होगा। इन चुनावों में उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य रहा है, जिसके नतीजों पर सारे देश की नजरें थीं। क्योंकि भारतीय राजनीति के लिहाज से यह एक महत्वपूर्ण राज्य है, जहां से दिल्ली की गद्दी का रास्ता मिलता है। उत्तर प्रदेश में भाजपा को एक बार फिर स्पष्ट बहुमत मिल गया है। कोई चार दशकों के बाद ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा कि किसी दल की सरकार को दूसरा मौका मिल रहा है। भाजपा व समाजवादी पार्टी के बीच ही मुख्य टक्कर थी। सपा को अपने यादव, मुस्लिम, जाट व पिछड़े समुदाय के वोट बैंक पर पूरा भरोसा था, लेकिन भाजपा ने सपा का सारा भ्रम तोड़ दिया। महंगाई, बेरोजगारी व किसानों की बदहाली के मुद्दों के बावजूद भाजपा के योगी आदित्यनाथ अपनी सरकार बचाने में सफल रहे। उत्तराखंड व गोवा में भाजपा व कांग्र्रेस में कांटे की टक्कर मानी जा रही थी, लेकिन इन दोनों ही राज्यों में भाजपा सरकार बनाने जा रही है। ऐसे ही मणिपुर में भी भाजपा को अच्छी सफलता मिली है। नतीजों का स्पष्ट संकेत यह है कि देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वर्चस्व कायम है। भाजपा को टक्कर देना आसान नहीं है। विपक्षी दलों पर इस पर गहन मंथन की जरूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Mar 2022 13:17:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लुभावने वादे क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश् विधानसभा चुनावों के पहले चरण का मतदान गुरुवार 10 फरवरी को सम्पन्न हो गया। पहले चरण से पूर्व लगभग सभी दलों ने अपने-अपने चुनावी घोषणा पत्रों में मतदाताओं को लुभाने के लिए ऐसे-ऐसे वादे किए हैं, जिन पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%B2%E0%A5%81%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82/article-4354"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/matdan-new.jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश् विधानसभा चुनावों के पहले चरण का मतदान गुरुवार 10 फरवरी को सम्पन्न हो गया। पहले चरण से पूर्व लगभग सभी दलों ने अपने-अपने चुनावी घोषणा पत्रों में मतदाताओं को लुभाने के लिए ऐसे-ऐसे वादे किए हैं, जिन पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इस वक्त उत्तर प्रदेश में दो बड़ी पार्टियां सपा और भाजपा बड़ी पार्टियां हैं और मुख्य मुकाबला भी इन दोनों दलों के बीच होता दिख रहा है। ये दोनों दल अपनी-अपनी जीत हासिल करने का दावा करते हैं। यदि ये दोनों दल जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं, तो सवाल है कि फिर इन दोनों दलों को खैरात बांटने वाले वादे करने की जरूरत आखिर क्यों महसूस हुई। पहले चरण के मतदान के शुरू होने के एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक टीवी चैनल को साक्षात्कार में कहा कि पांचों राज्यों में भाजपा फिर सरकार बनाएगी और भाजपा की लहर चल रही है। लेकिन ऐसे भरोसे के बावजूद भाजपा जैसी पार्टी भी प्रलोभन देने वाले वादों से दूर नहीं रही तो जाहिर होता है, लहर जैसी कोई बात नहीं है और चुनाव जोरदार टक्कर वाले होने वाले हैं। चुनावी लुभावने वादे करने वाले किसी भी दल ने यह नहीं बताया है कि आखिर बड़े-बड़े खैराती वादों के लिए धन कहां से आएगा? लोक प्रतिनिधित्व कानून की धारा 123 के तहत चुनाव के दौरान प्रत्याशी या उसके किसी समर्थक द्वारा मतदाताओं को प्रलोभन देना गैर-कानूनी है, लेकिन कानून बनाने वाले दल ही कानून की अनदेखी करते दिखाई दे रहे हैं। वैसे मतदाताओं को मुफ्त सौगात बांटने के वादों का मामला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है जिस पर फैसला तो अपने समयानुसार ही आएगा, लेकिन कभी पूरे नहीं किए जा सकने वाले प्रलोभन देकर वोट बटोरने की लोकतंत्र में एक गलत परम्परा है। बेशक देश में लोक कल्याणकारी राज की संवैधानिक व्यवस्था है मगर इसका लक्ष्य यह कतई नहीं है कि वोटरों को रिझाने के लिए वादे-दावे किए जाएं। मतदाताओं को मुफ्त सौगात बांटने के वादों की परम्परा की जड़ में सामंती या राजतंत्रीय मानसिकता प्रदर्शित होती है, जिसका लोकतंत्र में कोई वजूद नहीं है। राजनीतिक दल चाहे जितने भी प्रलोभन लेकर बांटे उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि आज का मतदाता पहले जितना मूर्ख और भोला नहीं है बल्कि काफी परिपक्व हो चला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Feb 2022 14:32:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रधानमंत्री और चुनाव आयोग से उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनाव को टालने का अनुरोध</title>
                                    <description><![CDATA[क्या यूपी चुनाव पर लगेगी रोक : कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय  ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव टालने का किया अनुरोध]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A7/article-3489"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/26.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। देशभर में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते केसों से देश-प्रदेश की सरकारों की चिंताए बढ़ा दी है। विदेश से आने वाले 5 यात्रियों में से एक यात्री कोरोना पॉजीटिव निकल रहा है। वहीं देश के राज्यों में चुनावों को लेकर चुनावी सभाओं और रैलियों का दौर जारी है। वहीं इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रधानमंत्री और चुनाव आयोग से उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनाव को टालने का अनुरोध किया है। उच्च न्यायालय में गुरुवार को एक जमानत अर्जी पर सुनवायी के दौरान न्यायमूर्ति शेखर यादव ने कहा कि उप्र के संभावित विधानसभा चुनाव में कोरोना की तीसरी लहर से जनता को बचाने के लिए राजनीतिक पार्टियों की चुनावी रैलियों पर रोक भी लगाई जानी चाहिये। अदालत ने चुनाव आयोग को सुझाव दिया कि 'जान है तो जहान है' इसलिये राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से करना चाहिये। साथ ही आयोग को राजनीतिक पार्टियों की चुनावी सभाएं एवं रैलियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को भी कहा है। अदालत ने कहा कि प्रधानमंत्री चुनाव टालने पर भी विचार करें, क्योंकि जान है तो जहान है।</p>
<p>न्यायमूर्ति शेखर यादव ने जेल में बंद आरोपी संजय यादव की जमानत पर सुनवाई के दौरान यह बात कही। न्यायमूर्ति यादव ने याचिकाकर्ता की जमानत मंजूर करते हुये अपले आदेश में कहा कि इस न्यायालय के पास करीब 400 मुकदमें सूचीबद्ध हैं। इसी प्रकार से रोज मुकदमें सूचि बद्ध होते हैं। इस कारण बड़ी संख्या में अधिवक्ता आते हैं। उनके बीच किसी प्रकार की सोशल डिस्टेसिंग नहीं होती है। वे आपस में सटकर खड़े होते हैं, जबकि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। साथ ही तीसरी लहर आने की संभावना है।<br /> <br /> उन्होंने मीडिया रिपोर्टों के हवाले से कहा कि पिछले 24 घंटे में कोरोना के छह हजार नए मामले मिले हैं। 318 लोगों की मौते हुई हैं। यह समस्या हर दिन बढ़ती जा रही है। इस महामारी को देखते हुए चीन, नीदरलैंड, आयरलैंड, जर्मनी, स्कॉटलैंड जैसे देशों ने पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन लगा दिया है। ऐसी दशा में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महानिबंधक  से आग्रह है कि वह इस विकट स्थिति से निपटने के लिए नियम बनाए। न्यायालय ने कहा कि दूसरी लहर में हमने देखा है कि लाखों लोग कोरोना संक्रमित हुए थे। साथ ही लोगों की मौते भी हुई थी।<br /> <br /> न्यायालय ने कहा कि भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में प्रधानमंत्री का कोरोना मुफ्त टीकाकरण का अभियान चलाना प्रशंसनीय है और अदालत इस काम के लिये प्रधानमंत्री की प्रशंसा करती है। न्यायमूर्ति यादव ने कहा कि इस भयावह महामारी के आसन्न खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री कड़े कदम उठाएं। न्यायालय ने इस आदेश की एक प्रति महानिबंधक, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, चुनाव आयुक्त और केन्द्र सरकार को प्रेषित करने का निर्देश दिया।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Dec 2021 11:05:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>अगले 25 साल देश के विधायी सदनों में गूंजे केवल ‘कर्त्तव्य’ का मंत्र' : PM मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[संसद एवं विधानमंडलों के अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के शताब्दी सम्मेलन का नई दिल्ली से वीडियो लिंक के माध्यम से उद्घाटन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%85%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A5%87-25-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%B2-%E2%80%98%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E2%80%99-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0----pm-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80/article-2473"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/modi.jpg" alt=""></a><br /><p>शिमला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद एवं देश के पीठासीन अधिकारियों का बुधवार को आह्वान किया कि आज़ादी के अमृत काल में अगले 25 साल तक सदनों में बार बार ‘कर्तव्य’ के मंत्र पर जोर दें तथा विधायी निकायों के सदनों में गुणवत्तापूर्ण परिचर्चा के लिए अलग से समय निर्धारित करें जिसमें मर्यादा, गंभीरता एवं अनुशासन हो तथा इससे स्वस्थ लोकतंत्र का मार्ग प्रशस्त हो।</p>
<p><strong>संसद एवं विधानमंडलों के अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के शताब्दी सम्मेलन का VC से उद्घाटन </strong> <br /> प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को यहां संसद एवं विधानमंडलों के अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के शताब्दी सम्मेलन का नई दिल्ली से वीडियो लिंक के माध्यम से उद्घाटन किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में 82वें पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का आयोजन 16, 17 एवं 18 नवंबर को यहां हो रहा है। देश के पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन की शुरुआत 1921 में हुई थी और पहला सम्मेलन शिमला में हुआ था। इसलिये शताब्दी सम्मेलन का आयोजन भी शिमला में किया जा रहा है।</p>
<p><strong>सदन में हमारा खुद का भी आचार-व्यवहार भारतीय मूल्यों के हिसाब से हो, ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है: मोदी</strong><br /> सम्मेलन में बिरला के साथ राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, विधानसभा में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने भी संबोधित किया। सम्मेलन मेंदेश के सभी राज्यों के पीठासीन अधिकारी शामिल हुए। मोदी ने अपने संबोधन में सदन में नयी कार्यप्रणाली को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा, “हमारे सदन की परम्पराएँ और व्यवस्थाएं स्वभाव से भारतीय हों, हमारी नीतियाँ, हमारे कानून भारतीयता के भाव को, ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने वाले हों, सबसे महत्वपूर्ण, सदन में हमारा खुद का भी आचार-व्यवहार भारतीय मूल्यों के हिसाब से हो, ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है।</p>
<p><strong>नकारात्मक भाव को कम करके उनसे जुड़ने और स्वयं राजनीति से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी</strong><br /> उन्होंने पीठासीन अधिकारियों के समक्ष विचारणीय प्रश्न रखते हुए कहा, “क्या साल में 3-4 दिन सदन में ऐसे रखे जा सकते हैं जिसमें समाज के लिए कुछ विशेष कर रहे जनप्रतिनिधि अपना अनुभव बताएं, अपने समाज जीवन के इस पक्ष के बारे में भी देश को बताएं। आप देखिएगा, इससे दूसरे जनप्रतिनिधियों के साथ ही समाज के अन्य लोगों को भी कितना कुछ सीखने को मिलेगा।” उन्होंने कहा कि इससे रचनात्मक समाज के लोगों को भी राजनीतिज्ञों के प्रति नकारात्मक भाव को कम करके उनसे जुड़ने और स्वयं राजनीति से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी। इस प्रकार से राजनीति में बहुत परिवर्तन आएगा।</p>
<p><strong>सदन में ताज़गी लाने और नयी कार्यप्रणाली विकसित करने की जरूरत</strong><br /> उन्होंने विधायी निकायों में परिचर्चा को स्वस्थ बनाने के लिए पीठासीन अधिकारियों को सुझाव देते प्रश्न किया, “हम गुणवत्तापूर्ण परिचर्चा के लिए भी अलग से समय निर्धारित करने के बारे में सोच सकते हैं क्या? ऐसी परिचर्चा जिसमें मर्यादा का, गंभीरता का पूरी तरह से पालन हो, वह राेजमर्रा की राजनीति से मुक्त हो और कोई किसी पर राजनीतिक छींटाकशी ना करे। एक तरह से वो सदन का सबसे स्वस्थ समय हो, स्वस्थ दिवस हो।” उन्होंने कहा कि सदन में ज्यादातर सदस्य पहली बार चुन कर आये होते हैं और उनमें जनता के मुद्दों को लेकर बहुत ऊर्जा होती है। सदन में ताज़गी लाने और नयी कार्यप्रणाली विकसित करने की जरूरत है। नए सदस्यों को सदन से जुड़ी व्यवस्थित ट्रेनिंग दी जाए। सदन की गरिमा और मर्यादा के बारे में उन्हें बताया जाए। हमें सतत संवाद बनाने पर बल देना होगा। राजनीति के नए मापदंड भी बनाने ही होंगे। इसमे सभी पीठासीन अधिकारियों की भूमिका भी बहुत अहम है।</p>
<p><strong>“वन नेशन-वन राशन कार्ड की तर्ज पर मेरा एक विचार ‘वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म’ का है: मोदी</strong><br /> प्रधानमंत्री ने सदन की उत्पादकता को बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए नियमों में बदलाव के लिए एक समिति का गठन किया जाना चाहिए। हमारे कानूनों में व्यापकता तभी आएगी जब उनका जनता के हितों में सीधा जुड़ाव होगा। इसके लिए सदन में सार्थक चर्चा और परिचर्चा बहुत जरूरी है। सदन में युवा सदस्यों को, आकांक्षी क्षेत्रों से आने वाले जनप्रतिनिधियों को, महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा मौका मिलना चाहिए। उन्होंने तकनीक को भी प्रमुख स्थान दिये जाने पर बल देते हुए कहा, “वन नेशन-वन राशन कार्ड की तर्ज पर मेरा एक विचार ‘वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म’ का है। एक ऐसा पोर्टल जो न केवल हमारी संसदीय व्यवस्था को जरूरी तकनीकी बल दे, बल्कि देश की सभी लोकतान्त्रिक इकाइयों को जोड़ने का भी काम करे।”</p>
<p><br /> मोदी ने आजादी के अमृतकाल से लेकर आजादी के शताब्दी वर्ष के बीच 25 वर्ष के दौरान देश में कर्त्तव्य को सर्वाधिक महत्व दिये जाने का आह्वान करते हुए कहा, “अगले 25 वर्ष, भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसमें हम एक ही मंत्र को चरितार्थ कर सकते हैं क्या - कर्तव्य, कर्तव्य, कर्तव्य।” उन्होंने कहा कि हर बात में कर्त्तव्य सर्वोपरि है। 50 साल की कार्यशैली में कर्त्तव्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सदनों में ये संदेश बार बार दोहराया जायेगा तो देश के नागरिकों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। यह 130 करोड़ भारतीयों को कर्त्तव्य का बोध कराके देश को कई गुना बढ़ाने का मंत्र है।</p>
<p><br /> प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लिए लोकतन्त्र सिर्फ एक व्यवस्था नहीं है। लोकतन्त्र तो भारत का स्वभाव है, भारत की सहज प्रकृति है। उन्होंने कहा कि हमें आने वाले वर्षों में, देश को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है, असाधारण लक्ष्य हासिल करने हैं। ये संकल्प ‘सबके प्रयास’ से ही पूरे होंगे। और लोकतन्त्र में, भारत की संघीय व्यवस्था में जब हम ‘सबका प्रयास’ की बात करते हैं तो सभी राज्यों की भूमिका उसका बड़ा आधार होती है।</p>
<p><br /> उन्होंने कहा कि चाहे पूर्वोत्तर की दशकों पुरानी समस्याओं का समाधान हो, दशकों से अटकी-लटकी विकास की तमाम बड़ी परियोजनाओं को पूरा करना हो, ऐसे कितने ही काम हैं जो देश ने बीते सालों में किए हैं, सबके प्रयास से किए हैं। अभी सबसे बड़ा उदाहरण हमारे सामने कोरोना का भी है। उन्होंने कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरा है। अपनी हजारों वर्ष की विकास यात्रा में हम इस बात को अंगीकृत कर चुके हैं कि विविधता के बीच भी, एकता की भव्य और दिव्य अखंड धारा बहती है। एकता की यही अखंड धारा, हमारी विविधता को संजोती है, उसका संरक्षण करती है। तीन दिन के इस सम्मेलन के समापन समाराेह के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 16:08:43 +0530</pubDate>
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                <title>बाल सत्र : परीक्षाओं में भाई-भतीजावाद और प्रदेश में नेटबंदी का मुद्दा सदन में गूंजा</title>
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राजस्थान विधानसभा में उठे ज्वलंत मुद्दे तो हंगामा-वॉकआउट भी हुआ : कई नेताओं के पोते-पोती, दोहिते भी दिखे मंत्री,
विधायक की भूमिका में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0---%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%AD%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE/article-2381"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/child-v-sabha.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा के इतिहास में रविवार को पहली बार बाल सत्र का आयोजन हुआ। देश-प्रदेश के 200 बच्चे विधायक और मंत्रियों की भूमिका में विधानसभा पहुंचे। सदन में बच्चों को मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मंत्री और विधायक की भूमिका दी गई। बच्चों की सदन में बैठने की व्यवस्था भी उसी हिसाब से की गई। विधायक-मंत्रियों की भूमिका में मौजूद बच्चों में कई बच्चे कई विधायकों, मंत्रियों और जजों तक के पोते-पोती और दोहिते-दोहिती थे। विधानसभा में सदन की अधिकारी दीर्घा में मंत्री और विधायक मौजूद रहे। सत्र में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और राष्टÑमंडल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा के सचिव संयम लोढ़ा मौजूद रहे। <br /><strong><br />जातिवाद और धर्म के नाम पर राजनीति देशहित में नहीं: गहलोत</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भावी पीढ़ी और आगामी पीढ़ी को इस बात का संकल्प लेना चाहिए कि छुआछूत और जातिवाद से दूर रहकर भाईचारा अपनाना होगा, तभी देश आगे बढ़ेगा। जातिवाद और धर्म के नाम पर राजनीति देश हित में नहीं है। इस देश का संविधान सभी को बराबरी का हक देता है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में आज भी अनेकता में एकता है। लाखों लोगों की कुर्बानी से हमें आजादी मिली। देश-प्रदेश में लम्बे समय तक कांग्रेस का राज रहा है। संविधान की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस की सरकारों ने राज किया है। बाल सत्र के आयोजन पर गहलोत ने विधानसभा स्पीकर जोशी को बधाई दी। </p>
<p><strong><br />नीति बनाते समय बच्चों की बात भी सुनी जाए: जोशी</strong><br />विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि हमें बच्चों की मन की बात सुनकर उनके हिसाब से नीतियां बनाने पर सोचना होगा। बच्चों से यह पूछा जाना चाहिए कि वे किस तरह की सरकार चाहते हैं। हमारे संसदीय लोकतंत्र में चर्चा के बाद निर्णय होते हैं, इसके बाद भी यहां जेपी आंदोलन, अन्ना आंदोलन और किसान आंदोलन हो रहे हैं। विधानसभा और लोकसभा यदि लोगों की उम्मीदों को पूरा नहीं करेंगे तो संसदीय लोकतंत्र कमजोर होगा। बाल सत्र में आए 200 बच्चों के मन की कल्पनाओं पर हमें विश्लेषण करना चाहिए। <br /><br /><strong>भारत के लोकतंत्र ने दुनिया में हमारा मान बढ़ाया: कटारिया</strong><br />नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बाल सत्र के आयोजन से विधानसभा में आज सदन का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि 70 साल में लोकतंत्र मजबूत हुआ है। सरकारें आती हैं, जाती हैं, लेकिन देश की जनता जो फैसला करती है, वह सबको मानना होता है। भारत के लोकतंत्र ने दुनिया में हमारा मान बढ़ाया है। उन्होंने बाल सत्र के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी को धन्यवाद दिया। <br /><strong><br />प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्रवाई हुई</strong><br />सदन की कार्रवाई में पक्ष-विपक्ष के सदस्यों के बीच सवालों पर नोक झोंक हुई, आसन को इस दौरान हस्तक्षेप भी करना पड़ा। प्रतियोगी परीक्षाओं में नेटबंदी और भाई भतीजावाद का मुद्दा उठा और विधायकों ने जनता को परेशानी की बात रखी तो सत्तापक्ष के जबाव से विपक्ष के विधायक असंतुष्ट नजर आए और सदस्यों ने हंगामा कर दिया। कुछ सवालों के सत्तापक्ष की तरफ से जबाव नहीं आने पर विपक्ष ने एक बार वॉकआउट भी किया। सदन की कार्रवाई के दौरान प्रश्नकाल और शून्यकाल में हंगामा और नोक झोंक हुई।  <br /><br /><strong>विधायकों ने ये मुद्दे उठाए:</strong><br />बाल सत्र के दौरान विधायक बने बच्चों ने बाल विवाह, दुष्कर्म, युवाओं में नशीले पदार्थ की बढ़ती लत, कोरोना, पानी, बिजली और बाल मजदूरी जैसे मुद्दे उठाए। तकरीबन 12 सवाल प्रश्नकाल में पूछे गए। बाल सत्र के लिए देशभर के 5500 बच्चों में से 200 बच्चे चुने गए थे, जो विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर सदन में बैठे। </p>
<p><br /><strong>गुजरात के हर्ष भाई पिपलिया बने मुख्यमंत्री:</strong><br />बाल सत्र में गुजरात के हर्ष भाई पिपलिया राजस्थान के मुख्यमंत्री की भूमिका में नजर आए। इसके अलावा जान्हवी शर्मा विधानसभा अध्यक्ष और वैभवी गहलोत नेता प्रतिपक्ष बनी। बाल सत्र में कई मंत्री, विधायकों और जजों के दोहिते-दोहिती, पोते-पोती भी विधायक और मंत्री की भूमिका में नजर आए। सीएम गहलोत की पोती काश्विनी गहलोत को विधायक, जलदाय मंत्री बीडी कल्ला के पोते राघव कल्ला को कला संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिवंगत भोमराज आर्य के दोहिते मनीष ढाका को विधायक बनाया गया। वित्त मंत्री बनाई गई अनुष्का राठौड़ के पिता जज हैं। <br /><br /><strong>कानून बनाते समय संवाद की कमी चिंता का विषय</strong><br />लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि संसद और विधानसभा में कानून बनाते समय लम्बी चर्चा और संवाद का दौर कम होना हम सभी के लिए चिंता का विषय है। चर्चाओं से कई निष्कर्ष निकलकर सामने आते हैं। सहमति और असहमति हमारे लोकतंत्र की विशेष व्यवस्था है। मुद्दों पर सही चर्चा से सरकार का ध्यान आकर्षित होता है तो जनता में सही संदेश जाता है। लोकतंत्र में जनता की भी सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। बाल सत्र में बच्चों ने देश और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर संयमित, शालीनता और अनुशासन में चर्चा करके दिखाई है।  बिरला ने इस अवसर पर घोषणा करते हुए कहा कि राजस्थान विधानसभा में हुए बाल सत्र की तर्ज पर हर विधानसभा में ऐसे आयोजन करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बच्चों से वादा किया कि संसद की कार्रवाई शुरू होने के बाद वे बच्चों को कार्रवाई में शामिल करेंगे।<br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 15 Nov 2021 11:12:23 +0530</pubDate>
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                <title>देश में पहली बार राजस्थान विधानसभा में 14 को होगा बाल सत्र</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चे बनेंगे एमएलए, पूछेंगे सवाल और बहस के बाद देंगे जवाब]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-14-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0/article-2226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/kids-v-sabha.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। राजस्थान विधानसभा में देश की भावी पीढ़ी सदन में बैठकर जनता से जुड़े मुददों पर बहस करेगी। विधायक की भूमिका में बच्चे मंत्रियों से प्रश्न कर जवाब मागेंगे और शून्यकाल में अपनी बात भी रखेंगे। राजस्थान विधानसभा देश की ऐसी प्रथम विधानसभा होगी जहां बाल सत्र का आयोजन होगा। इस सत्र में बच्चों की ओर से विधानसभा सत्र का संचालन किया जाएगा। बच्चे ही विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष गुलाब चन्द कटारिया सहित राजस्थान विधान सभा के सदस्य बच्चों की ओर से संचालित बाल सत्र के साक्षी होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी की पहल पर बाल दिवस 14 नवम्बर को बच्चे विधानसभा का सदन चलाएंगे। राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा के तत्वावधान में विधानसभा में बाल सत्र का संचालन होगा। अध्यक्ष डॉ. जोशी ने कहा कि भावी पीढ़ी को सदन चलाने, प्रश्न पूछने और अनुशासन के साथ अपनी बात रखने का मौका दिया है। सदन में आने के लिए बच्चे तैयारी कर रहे है। प्रश्न पूछने का तरीका, जवाब देने की स्टाइल और सदन संचालन में विधायकों की कार्य प्रणाली प्रस्तुत करने के लिए रिहसर्ल कर रहे हैं। इसके लिए बच्चों ने कुर्ता पायजामें तैयार करवाए हैं। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती बाल दिवस पर राजस्थान विधानसभा में यह अनूठा सत्र चलेगा।<br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Nov 2021 12:12:25 +0530</pubDate>
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                <title>चार राज्यों की 56 सीटों पर चुनाव के लिए अधिसूचना 16 नवम्बर को</title>
                                    <description><![CDATA[आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना विधान परिषद में स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 56 सीटों के लिए 16 नवंबर को चुनाव अधिसूचना जारी की जायेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-56-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%9A%E0%A4%A8%E0%A4%BE-16-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B/article-2216"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/nirvaxhan-ayog.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना विधान परिषद में स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 56 सीटों के लिए 16 नवंबर को चुनाव अधिसूचना जारी की जायेगी।निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को यहां जारी विज्ञप्ति में बताया कि इन राज्यों की कुल 56 सीटों के लिए 16 नवंबर को चुनाव अधिसूचना जारी की जायेगी और मतदान 10 दिसंबर को होगा तथा मतों की गिनती 14 दिसंबर को होगी। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में चुनाव कार्यक्रम की इस घोषणा के साथ ही वहां चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Nov 2021 17:37:03 +0530</pubDate>
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                <title>बेरोजगारों का अनशन खत्म : मांगों पर आज अहम वार्ता</title>
                                    <description><![CDATA[महेश जोशी ने बेरोजगारों का तुड़वाया अनशन : बेरोजगारों का धरना जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/616fc0b123b65/article-1784"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/26.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रीट, सब इंस्पेक्टर परीक्षा में हुई धांधली की सीबीआई जांच समेत 21 सूत्री मांगों को लेकर पिछले 6 दिनों से अनशन पर बैठे उपेन यादव ने मंगलवार देर रात अनशन खत्म कर दिया है। सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने समझाइश कर उपेन का अनशन तुड़वाया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों की ज्यादातर मांगे पूरी कर ली गई है। हालांकि अब भी जो मांगे अधूरी है। उन पर बुधवार को सीएमओ में कुलदीप राका से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा। वहीं यादव ने कहा कि सरकार ने बेरोजगारों की लंबित भर्ती परीक्षा और नकल पर कानून बनाने की प्रमुख मांग तो मान ली है। लेकिन अब भी भर्ती परीक्षा में हुई धांधली के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। ऐसे में शहीद स्मारक पर बेरोजगारों का धरना फिलहाल जारी रहेगा।</p>
<p><br /> विधानसभा के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि राजस्थान सरकार संवेदनशील है। जिन्होंने देश के लाखों युवाओं की मांग को ध्यान में रखते हुए नकल पर नकेल का कानून बनाने का फैसला किया है। इसके साथ ही लंबित भर्ती परीक्षाओं को सुनियोजित तरीके से जल्द से जल्द पूरा कराने की भी तैयारी कर ली है। दरअसल शहीद स्मारक पर बेरोजगारों का धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन अभी भी जारी है इसकी शुरुआत 14 अक्टूबर को उपेन यादव के अनशन से हुई थी और यहां पर 2 दिन में ही उपेन यादव की तबीयत खराब हो गई थी।  जिसके बाद  s.m.s. अस्पताल में भर्ती करवाया जहां पर यादव का आमरण अनशन जारी रहा।  जिसको अब मुख्य सचेतक के आश्वासन के बाद यादव ने तोड़ दिया है लेकिन शहीद स्मारक पर बेरोजगारों का विरोध प्रदर्शन और धरना अभी भी जारी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Oct 2021 13:16:06 +0530</pubDate>
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