<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/washington/tag-6894" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>washington - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6894/rss</link>
                <description>washington RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमले के बाद बड़ा पलटवार: अमेरिका ने ईरान के 20 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, खाड़ी में बढ़ी सैन्य हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरान के 20 रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। सोमवार को ओमान तट के पास ईरानी 'शाहेद' ड्रोन द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में यह कार्रवाई की गई। अमेरिका ने ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, रडार और ड्रोन केंद्रों को नष्ट कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-counterattack-after-the-attack-on-american-apache-helicopter-america/article-156577"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/us-iran-drone-attack.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी सेना ने ईरान में 20 ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसे उसने इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद 'जवाबी कार्रवाई' बताया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की ओर से जारी बयान के अनुसार, जिन ठिकानों पर हमले किए गए उनमें ईरानी हवाई रक्षा प्रणाली, रडार प्रतिष्ठान और ड्रोन नियंत्रण केंद्र शामिल थे। सेंटकॉम ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सेना और क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों का एक जवाब थी।</p>
<p>यह नया तनाव बुधवार तड़के कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों के बाद शुरू हुआ। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय के साथ-साथ कुवैत में अली अल सलेम हवाई ठिकाने को निशाना बनाया था। कुवैती सैन्य अधिकारियों ने बाद में कहा कि उनकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने दुश्मन के हवाई हमलों को हवा में ही रोक दिया। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि कोई ड्रोन अपने तय निशाने तक पहुँच पाया था या नहीं।</p>
<p>दोनों देशों के बीच अप्रैल में हुए संघर्ष विराम के बाद से यह अब तक की सबसे गंभीर सैन्य झड़प है, जिसने पहले से ही कमजोर शांति समझौते को और बिगाड़ दिया है। अमेरिकी समाचार सूत्रों के अनुसार, सोमवार को ओमान के तट के पास समुद्री क्षेत्र में गश्त के दौरान अपाचे हेलीकॉप्टर पर ईरान निर्मित 'शाहेद' ड्रोन से हमला किया गया था। केंद्रीय कमान ने बताया कि हमले के बाद विमान समुद्र में गिर गया था, जिसके बाद दोनों पायलटों को लगभग दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया।</p>
<p>ईरानी सैन्य अभियानों में ये ड्रोन मुख्य आक्रामक हथियारों में से एक बन गए हैं, जिनका उपयोग अमेरिका और इजराइल के खिलाफ अभियानों में बड़े पैमाने पर किया गया है। इसके अलावा, ईरान ने ये ड्रोन रूस को भी दिए हैं, जिसका इस्तेमाल उसकी सेना यूक्रेन में बड़े पैमाने पर कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/big-counterattack-after-the-attack-on-american-apache-helicopter-america/article-156577</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/big-counterattack-after-the-attack-on-american-apache-helicopter-america/article-156577</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:23:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/us-iran-drone-attack.png"                         length="385085"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेतन्याहू के पास अमेरिका-ईरान समझौता स्वीकारने के अलावा कोई विकल्प नहीं : डोनाल्ड ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते को स्वीकार करने के अलावा इजरायल के पास कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि फैसले लेने का अधिकार सिर्फ उनका है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि बातचीत विफल होने पर ईरान की नाकेबंदी या सैन्य बल का इस्तेमाल किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/netanyahu-has-no-option-but-to-accept-us-iran-agreement-donald/article-156334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पास अमेरिका-ईरान के बीच होने वाले किसी भी संभावित समझौते को स्वीकार करने के अलावा 'कोई विकल्प' नहीं होगा। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि इजरायल इन वार्ताओं के परिणाम तय नहीं करता है। ट्रंप ने कड़े लहजे में कहा, "फैसले मैं लेता हूं। सारे फैसले मैं ही करता हूं। वह फैसले नहीं लेते।"</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा भी किया कि इजरायल पर ईरान के किये गये हाल के मिसाइल हमलों का ईरान से बातचीत जारी रखने की उनकी इच्छा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, "इस घटना का समझौते पर कोई प्रभाव नहीं होने वाला है।" इसके साथ ही, ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि यह बातचीत विफल रहती है तो अमेरिका या तो ईरान की नाकेबंदी जारी रख सकता है या सैन्य बल का उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक नाकेबंदी उस देश पर किये गये 'किसी भी हमले से कहीं अधिक शक्तिशाली' रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/netanyahu-has-no-option-but-to-accept-us-iran-agreement-donald/article-156334</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/netanyahu-has-no-option-but-to-accept-us-iran-agreement-donald/article-156334</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 16:44:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/trump3.png"                         length="1387132"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सैन्य संघर्ष के 100 दिन बीते: दुनिया भर में जंग दोबारा भड़कने की आशंका से खौफ, दोनों के दरम्यान चल रहा युद्धविराम</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष 100 दिनों पर पहुंच गया है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के शुरुआती 100 घंटों में अमेरिका ने ₹31,000 करोड़ गंवाए। होर्मुज स्ट्रेट संकट से दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और महंगाई में भारी उछाल आया है। भारी सैन्य जनहानि के बाद अब 60 दिनों के नाजुक संघर्ष विराम पर बातचीत जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/100-days-of-military-conflict-passed-ceasefire-going-on-between/article-156232"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/us2.png" alt=""></a><br /><p>वाॅशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष 100 दिनों तक पहुंच गया है। यह टकराव ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के नाम से जाना गया, जिसकी शुरूआत 28 फरवरी को हुई। इस युद्ध में अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान को निशाना बनाया था, जिसके पहले ही दिन तेहरान में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। अमेरिकी थिंक टैंक सीएसआईएस की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के शुरूआती 100 घंटों में ही अमेरिका का लगभग 31,000 करोड़ रुपए का भारी खर्च हुआ। </p>
<p><strong>होर्मुज का संकट</strong></p>
<p>होर्मुज स्ट्रेट तेल की वैश्विक आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है, जहां दोनों देशों की सेनाओं के आमने-सामने आने से ग्लोबल आॅयल क्राइसिस और मंहगाई बढ़ गई है। इस क्षेत्र में तनाव के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम और आम इस्तेमाल के रोजमर्रा उत्पादों की कीमतों में उछाल देखा गया है। भारत सहित पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था पर इस युद्ध का बहुत नकारात्मक असर हुआ है। भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है।</p>
<p><strong>सीजफायर और शांति वार्ता</strong></p>
<p>इन 100 दिनों की गहन लड़ाई और बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के बाद, मध्यस्थ देश अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के संघर्ष विराम विस्तार समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। लेकिन इन शांति प्रयासों को मिलने वाली सफलता के बारे में कोई भी आश्वस्त नहीं है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब अनप्रीडेक्टेबल मान लिए गए हैं और कोई भी उनकी बातों या वादों पर यकीन नहीं करता। वैसे दोनों पक्षों के बीच एक नाजुक सा युद्धविराम मौजूद है, लेकिन पूरी दुनिया जंग दोबारा शुरू होने के प्रति आशंकित भी है।</p>
<p><strong>अमेरिका के 15 सैनिक मरे, 543 जख्मी</strong></p>
<p>युद्ध में अमेरिका के 15 सैनिक मारे गए और 543 सैनिक घायल हुए। जबकि इजरायल के 29 जवान और एक कांट्रैक्टर मारे गए। उसके 28 नागरिक भी ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों में घायल हुए। संयुक्त अरब अमीरात के दो सैनिक और 11 नागरिक ईरानी हमलों में घायल हुए। जबकि कुवैत के चार सैनिक और सात नागरिक ईरानी हमलों में मारे गए। साथ ही उसके 78 सैनिक और 104 नागरिक घायल हुए। दूसरी ओर ईरानी दावे के अनुसार उसके 3,468 लोग युद्ध में मारे गए और 26500 घायल हुए। जबकि हजबुल्ला के एक हजार से अधिक लोग मारे गए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/100-days-of-military-conflict-passed-ceasefire-going-on-between/article-156232</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/100-days-of-military-conflict-passed-ceasefire-going-on-between/article-156232</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 09:51:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/us2.png"                         length="491740"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-यूएस व्यापार समझौता जल्द ; ट्रंप ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी मेरे अच्छे दोस्त, हार्ले-डेविडसन का दिया उदाहरण</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ जल्द ही एक बड़े व्यापार समझौते की उम्मीद जताई है। ट्रंप ने पीएम मोदी के साथ बेहतरीन तालमेल का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर यह डील करेंगे। वाशिंगटन में चार दिवसीय द्विपक्षीय वार्ता पूरी होने के बाद आया यह बयान दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-said-that-prime-minister-modi-is-my/article-156062"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक व्यापार समझौते पर पहुंच जायेंगे। ट्रंप ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देश् ही एक व्यापार समझौते पर पहुंच जायेंगे। उन्होंने कहा "हम एक समझौते तक जरूर पहुंचेंगे, क्योंकि मैं भारतीय प्रधानमंत्री को बहुत पसंद करता हूं। वे मेरे अच्छे दोस्त हैं। हमारे बीच बेहतरीन तालमेल है और हम मिलकर यह डील करने जा रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अब 'भारत के साथ काफी मुनाफा कमा रहा है।" पहले स्थिति अलग थी और भारत भारी टैरिफ लगाकर अमेरिका से पैसे कमाता था।</p>
<p>अपनी बात को समझाने के लिए ट्रंप ने अमेरिकी मोटरसाइकिल ब्रांड 'हार्ले-डेविडसन' का उदाहरण दिया। उन्होंने तर्क दिया कि अतीत में भारत के लगाये गये ऊंचे टैरिफ के कारण इस प्रतिष्ठित निर्माता के लिए भारत में अपने वाहन बेचना बेहद मुश्किल हो गया था। ट्रंप ने कहा, "अतीत में, वे हार्ले-डेविडसन को अपनी मोटरसाइकिलें नहीं बेचने देते थे। उन्होंने 200 प्रतिशत का टैरिफ लगा रखा था, जिससे हार्ले-डेविडसन के लिए रास्ते बंद हो गये थे। आखिरकार कंपनी को भारत जाकर अपने खुद के प्लांट लगाने पड़े। जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था, लेकिन ऐसा हुआ। यह सब मेरे कार्यकाल से पहले की बात है।"</p>
<p>उन्होंने कहा, "वे भी यहां मोटरसाइकिलें बेचते थे। क्या आप जानते हैं कि हम उनसे कितना शुल्क लेते थे? कुछ भी नहीं। और अब स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। हम भारत के साथ काफी मुनाफा कमा रहे हैं।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि भारत सालों से अमेरिकी नीतियों का फायदा उठा रहा था और भारी-भरकम टैरिफ वसूल रहा था। उन्होंने कहा, "वे हमारी कंपनियों से भारी मात्रा में टैरिफ वसूलते थे और हम उनसे कुछ भी नहीं लेते थे।"</p>
<p>ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने नयी दिल्ली में एक अंतरिम द्विपक्षीय समझौते पर चार दिनों तक चली बातचीत को गुरुवार को पूरा किया है। भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने इस वार्ता के बारे में कहा कि व्यापार वार्ता सहयोग और व्यावहारिकता की भावना से भरी रही। दोनों पक्षों ने एक ऐसे पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते पर पहुंचने की प्रतिबद्धता दोहरायी, जो द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-said-that-prime-minister-modi-is-my/article-156062</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-said-that-prime-minister-modi-is-my/article-156062</guid>
                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 11:50:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/trump3.png"                         length="653905"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान बातचीत में अड़चन: ईरान ने की जब्त धन को तुरंत जारी करने की मांग, हिचकिचा रहा ट्रंप प्रशासन </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में जब्त फंड की तत्काल रिहाई सबसे बड़ा रोड़ा बन गई है। ईरान $12 अरब की नकद राशि तुरंत जारी करने पर अड़ा है, जबकि ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ठोस कदम उठाए बिना कोई आर्थिक राहत नहीं दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hurdle-in-us-iran-talks-iran-demands-immediate-release-of-seized/article-155993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/mojtaba-khamenei.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में ईरान के जब्त धन को तुरंत जारी करने की मांग सबसे बड़ी अड़चन बन गई है। ईरान इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि किसी संभावित समझौते के तहत कोई भी ठोस कदम उठाने से पहले उसकी अरबों डॉलर की जब्त की गई धनराशि को तुरंत जारी किया जाए। इस मांग को मानने में ट्रंप प्रशासन हिचकिचा रहा है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन ईरान को कोई बड़ी रियायत दिए बिना बड़े पैमाने पर धन जारी करने को मंज़ूरी देने में आनाकानी कर रहा है। खासकर ईरान के संवर्धित यूरेनियम के भंडार, परमाणु गतिविधियों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर वह कड़ा रूख अपना रहा है।</p>
<p>जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरानी वार्ताकार चाहते हैं कि जैसे ही दोनों पक्ष शुरुआती सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर करें, उन्हें जब्त हुए धन से "नकद धनराशि" तुरंत मिल जाए और इसमें किसी तरह की कोई देरी नहीं होनी चाहिए। अमेरिकी अधिकारियों का रुख साफ है कि प्रतिबंधों में राहत तभी मिलेगी जब ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई ठोस आश्वासन देगा। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में चिंता सिर्फ दिखावे तक सीमित नहीं है। अगर धनराशि को जल्दी जारी कर दिया गया, तो इससे ईरान को एक आर्थिक सहारा मिल जाएगा, जबकि अमेरिका के हाथ से उसका सबसे ताकतवर मोलभाव का हथियार,आर्थिक दबाव, जिसे बनाने में उसने कई वर्ष लगाए हैं, वह उसके हाथ से निकल जाएगा।</p>
<p>वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्रीय मध्यस्थों को साफ कर दिया है कि जब तक ईरान पहले कोई ठोस और कारगर कदम नहीं उठाता है खासकर अपनी परमाणु गतिविधियों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर,तब तक कोई बड़ी रकम जारी नहीं की जाएगी। श्री ट्रंप ने अपने सलाहकारों से साफ-साफ कह दिया है कि वह ऐसे किसी भी समझौते पर दस्तखत नहीं करेंगे जो ओबामा के 2015 के समझौते जैसा हो, जिसके तहत ईरान के लिए 1.7 अरब डॉलर का फंड जारी किया गया था।</p>
<p>रिपोर्टों के मुताबिक ईरान अब करीब 12 अरब डॉलर की मांग कर रहा है, और ट्रंप की ऐसी कोई मंशा नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सलाहकारों ने ऐसे इंतज़ामों पर विचार किया है, जिनके तहत कोई तीसरा देश जैसे कि कतर ईरान को फंड जारी करेगा, ताकि अमेरिका किसी भी सीधे भुगतान से दूर रहे। मध्यस्थों ने बीच का रास्ता निकालने के लिए कुछ प्रस्ताव रखे हैं, जिनमें कई अरब डॉलर का एक "मानवीय फंड" बनाना भी शामिल है। इस फंड का इस्तेमाल सिर्फ भोजन, दवा और कृषि उत्पादों की खरीद के लिए किया जाएगा। लेकिन अब तक, दोनों में से कोई भी पक्ष इतना झुकने को तैयार नहीं हुआ है कि यह गतिरोध टूट सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/hurdle-in-us-iran-talks-iran-demands-immediate-release-of-seized/article-155993</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/hurdle-in-us-iran-talks-iran-demands-immediate-release-of-seized/article-155993</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 18:39:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/mojtaba-khamenei.png"                         length="764751"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-यूक्रेन संघर्ष: अमेरिका का रूस के साथ संबंध बनाए रखना जरूरी, बोले- मध्यस्थता के प्रयासों को फिर से शुरू करने के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यूक्रेन संघर्ष के बावजूद अमेरिका को रूस के साथ राजनयिक संबंध और बातचीत बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई द्विपक्षीय मुद्दों का यूक्रेन से संबंध नहीं है। रुबियो ने ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता में वापसी की इच्छा जताते हुए कहा कि अमेरिका पूरी तरह यूक्रेन के पक्ष में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-ukraine-conflict-america-needs-to-maintain-relations-with-russia-says/article-155969"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/macro.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यूक्रेन में जारी संघर्ष के बावजूद अमेरिका को रूस के साथ संबंध और बातचीत बनाए रखनी चाहिए। रुबियो ने संसद की विदेश मामलों की समिति की सुनवाई में कहा, “कम से कम, हमें रूसियों के साथ संबंध और बातचीत जारी रखनी ही होगी। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में ऐसे मुद्दे हैं, जिनका यूक्रेन से कोई लेना-देना नहीं है।” अमेरिकी विदेश मंत्री ने विश्वास जताया कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान होने के बाद अमेरिका-रूस संबंध अधिक दोस्ताना और संभालने में आसान हो जाएंगे। उन्होंने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका-यूक्रेन संघर्ष पर मध्यस्थता के प्रयासों को फिर से शुरू करने के लिए तैयार है।</p>
<p>मार्को रुबियो से जब पूछा गया कि क्या मध्यस्थता में ट्रंप प्रशासन फिर से शामिल होने के लिए तैयार है, तो उन्होंने जवाब दिया, “हम ऐसा करने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने हालांकि इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका के अब तक के प्रयास ‘कम फलदायी’ रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन में संघर्ष को सुलझाने की बातचीत में अमेरिका ‘साफ तौर पर’ यूक्रेन के पक्ष में है।</p>
<p>उन्होंने समिति से कहा, “हम उस युद्ध में निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं हैं। हम रूस को हथियार नहीं देते, हम केवल यूक्रेन को हथियार देते हैं। हम यूक्रेन पर प्रतिबंध नहीं लगाते, हम केवल रूस पर प्रतिबंध लगाते हैं, इसलिए हमने स्पष्ट रूप से एक पक्ष लिया है।” मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को आवश्यकता सूची (पर्ल) कार्यक्रम के माध्यम से हथियार बेचना जारी रखे हुए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/america-ukraine-conflict-america-needs-to-maintain-relations-with-russia-says/article-155969</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/america-ukraine-conflict-america-needs-to-maintain-relations-with-russia-says/article-155969</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 17:29:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/macro.png"                         length="1023854"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: मोजतबा खामेनेई अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में पूरी तरह शामिल, संघर्ष-विराम पर बन सकती है सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई शांति वार्ता में पूरी तरह सक्रिय हैं। ट्रंप ने कहा कि नाजुक युद्धविराम के बावजूद दोनों पक्षों में आपसी समझ बन रही है। हवाई हमले में घायल मोजतबा से ट्रंप ने भविष्य में मुलाकात की इच्छा भी जताई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-claims-mojtaba-khamenei-is-fully-involved-in-the-ongoing/article-155930"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अमेरिका के साथ ईरान की चल रही बातचीत में पूरी तरह शामिल हैं। ट्रंप ने न्यूयार्क पोस्ट से कहा कि नाजुक संघर्ष-विराम और शांति वार्ता के पूरी तरह से ठप पड़ जाने के बावजूद दोनों नेताओं के बीच काफी अच्छी बन रही है। मोजतबा के बारे में ट्रंप ने कहा, "वह इसमें शामिल हैं, बिल्कुल। हां, मुझे लगता है कि वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। मुझे उनसे मिलने का सौभाग्य नहीं मिला है... अगर आप कहानियों पर विश्वास करें, तो उनके शरीर के कई अंग गायब हैं।"</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "वे कहते हैं कि वह मंजूरी दे रहे हैं, क्योंकि लंबे समय से ऐसा ही होता आया है। पहले उनके पिता और फिर वह, मुझे लगता है कि यह एक उत्तराधिकार है। लेकिन ऐसा लगता है कि हमारी आपस में काफी अच्छी बन रही है।" ईरानी नेता के साथ संभावित मुलाकात के बारे में उन्होंने कहा, "हां, मैं उनसे मिलना चाहूंगा। मैं हर किसी से मिलना पसंद करूंगा। मैं उनसे मिलना चाहूंगा और शायद हम किसी न किसी मोड़ पर मिलेंगे, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सब कुछ कैसे आगे बढ़ता है।"</p>
<p>छप्पन वर्षीय मोजतबा अमेरिका-इजराइल के साथ ईरान की युद्ध की शुरुआत के बाद से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। खुफिया रिपोर्टों से हालांकि पता चला है कि अचानक हुए हवाई हमलों में वह बुरी तरह घायल हो गए थे और कथित तौर पर उनका चेहरा भी बिगड़ गया था। इन हमलों में उनके पिता दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और ईरानी नेतृत्व के कई शीर्ष सदस्य मारे गए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-claims-mojtaba-khamenei-is-fully-involved-in-the-ongoing/article-155930</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-claims-mojtaba-khamenei-is-fully-involved-in-the-ongoing/article-155930</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 11:46:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/trump.png"                         length="1078288"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खाड़ी में महायुद्ध की शुरुआत: ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमला, जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका द्वारा ईरानी सैन्य केंद्र और तेल टैंकर पर हेलफायर मिसाइल दागने के बाद खाड़ी में युद्ध छिड़ गया है। ईरान ने पलटवार करते हुए कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस भीषण हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा है और कई लोग घायल हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-targets-us-military-bases-in-response-to-us-attack/article-155867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran-attack1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका की सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री नाकेबंदी का उल्लंघन करने वाले एक तेल टैंकर को रोकने के कुछ ही घंटे बाद, मंगलवार रात को ईरान के रणनीतिक केशम द्वीप पर बने एक सैन्य नियंत्रण केंद्र पर हमला कर दिया। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से पलटवार किया। इस दौरान कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हमला हुआ, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है और कई लोग घायल हुए हैं। केशम द्वीप पर हमले से पहले अमेरिकी सेना ने बोत्सवाना के झंडे वाले ‘एम/टी लेक्सी’ नाम के एक सुपरटैंकर को अपने हेलफायर मिसाइल से पंगु बना दिया था। अमेरिका का दावा है कि इस टैंकर ने नाकेबंदी के नियमों को मानने से बार-बार इनकार कर दिया था।</p>
<p>अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक, यह खाली जहाज ईरान के खार्ग द्वीप की ओर जा रहा था और उसने 24 घंटे के भीतर कई बार सैन्य निर्देशों को मानने से इनकार किया था। इसके बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन रूम पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। सेंटकॉम ने कहा, “ एक अमेरिकी विमान ने आखिरकार जहाज के इंजन रूम पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे निष्क्रिय कर दिया, जिससे वह ईरान नहीं पहुंच सका। ” अमेरिकी सेना के अनुसार, 13 अप्रैल को नाकेबंदी लागू होने के बाद से रोका गया यह छठा जहाज है, लेकिन अरब खाड़ी के भीतर किसी जहाज पर हमले का यह पहला मामला है।</p>
<p>ईरान ने भी इस पर बहुत तेजी से पलटवार किया। उसने कुवैत और बहरीन की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। सेंटकॉम ने बताया कि कुवैत की ओर दागी गयी, दो मिसाइलें या तो रास्ते में ही गिर गयीं या हवा में नष्ट हो गयीं, जबकि बहरीन को निशाना बनाकर दागी गयी तीन मिसाइलों को अमेरिका और बहरीन के एयर-डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया। ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (आईआरजीसी) ने इस इलाके में कई हथियारबंद ड्रोन भी भेजे। सेंटकॉम का हालांकि दावा है कि आम जहाजों को नुकसान पहुंचाने से पहले ही तीन ड्रोनों को नष्ट कर दिया गया।</p>
<p>बाद में कुवैत ने पुष्टि की कि ईरान के ड्रोनों ने उसके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया है, जिससे हवाई अड्डे की इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है और कई लोग घायल हुए हैं। इस हमले के बाद बुधवार सुबह से वहां विमानों की आवाजाही रोक दी गयी है। प्रशासन ने हालांकि अभी तक घायल होने वाले लोगों की सही संख्या या उनकी हालत के बारे में जानकारी नहीं दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने हमले की कड़ी निंदा की और इसे ‘ईरान की आपराधिक हरकत’ करार दिया।</p>
<p>दूसरी तरफ, ईरान की आईआरजीसी ने अपनी इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए अमेरिका को आगे तनाव न बढ़ाने की चेतावनी दी और एक बयान में कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की अमेरिकी सेना को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है, जब इस महीनों पुराने विवाद को सुलझाने की राजनयिक कोशिशें पूरी तरह नाकाम होती दिख रही हैं। कुछ दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि ईरान ‘वाकई एक समझौता करना चाहता है, जो अमेरिका के हक में होगा।’ लेकिन सप्ताहांत में हुई बातचीत तब टूट गयी, जब अमेरिका ने यूरेनियम संवर्धन और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नई शर्तें सामने रख दीं। ईरान ने इन प्रस्तावों को सिरे से खारिज करते हुए अमेरिका पर बातचीत के दौरान अपना स्टैंड बदलने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा, “ अमेरिका लगातार अपना रुख बदल रहा है और नयी एवं विरोधाभासी मांगें सामने रख रहा है।”</p>
<p>इस विवाद के शुरू होने के बाद पहली बार अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के सामने पेश हुए विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के बदले ईरान को प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी गयी है। उन्होंने कहा कि कोई भी राहत केवल शर्तों के आधार पर होगी, जो सीधे तौर पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी होंगी। रुबियो ने यह दावा भी किया कि ‘अब युद्ध खत्म हो चुका है।’ उनका यह दावा हालांकि बुधवार के जमीनी घटनाक्रम से मेल नहीं खाता, क्योंकि खाड़ी में दोनों ओर से सैन्य हमले जारी हैं और क्षेत्र में तनाव कम होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-targets-us-military-bases-in-response-to-us-attack/article-155867</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-targets-us-military-bases-in-response-to-us-attack/article-155867</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:35:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/iran-attack1.png"                         length="857891"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप का दावा : नेतन्याहू, हिज्बुल्ला से बातचीत के बाद युद्धविराम पर सहमति, सैनिकों को वापस बुलाने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और हिज्बुल्ला प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद दोनों पक्ष हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। समझौते के तहत बेरूत में नया सैन्य अभियान नहीं होगा, जिससे क्षेत्रीय तनाव कम करने में बड़ी सफलता मिली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-claims-netanyahu-agreed-to-ceasefire-after-talks-with/article-155697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और हिज्बुल्ला के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने हमले रोकने पर सहमति जतायी है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जारी बयान में कहा कि उनकी नेतन्याहू के साथ बेहद सकारात्मक और उपयोगी बातचीत हुई, जिसके बाद बेरूत में किसी भी नये सैन्य अभियान के लिए सैनिक नहीं भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो सैनिक वहां जाने की तैयारी में थे, उन्हें भी वापस बुला लिया गया है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि हिज्बुल्ला के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ उनकी अच्छी बातचीत हुई और संगठन ने भी गोलीबारी रोकने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, समझौते के तहत इजरायल हिज्बुल्ला पर हमला नहीं करेगा और हिज्बुल्ला भी इजरायल के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। उन्होंने इसे क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति बताते हुए उम्मीद जतायी कि दोनों पक्ष युद्धविराम का पालन करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-claims-netanyahu-agreed-to-ceasefire-after-talks-with/article-155697</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-claims-netanyahu-agreed-to-ceasefire-after-talks-with/article-155697</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 11:34:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/trump1.png"                         length="2494861"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी का एक्शन: ईरान पर टूटा दुखों का पहाड़, अमेरिका ने जब्त किए एक करोड़ क्रिप्टोकरेंसी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, "ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी" के तहत अमेरिका ने ईरान से जुड़ी 1 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है। इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह अलग-थलग करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने कई ईरानी क्रिप्टो वॉलेट्स पर सीधा नियंत्रण हासिल कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/a-mountain-of-sorrow-fell-on-iran-america-seized-one/article-155547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/us.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 30 मई (वार्ता) अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान से जुड़े लगभग एक अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियां जब्त कर ली हैं। उन्होंने इसे ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली तक पहुंच को बाधित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे आर्थिक अभियान का हिस्सा बताया। बेसेंट ने रीगन राष्ट्रीय आर्थिक मंच में शुक्रवार को बोलते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंध अभियान "ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी" ने हाल के सप्ताहों में ईरान पर आर्थिक दबाव को काफी बढ़ा दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "लगभग साढ़े पांच से छह सप्ताह के अत्यंत सफल सैन्य अभियान और ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी के बाद हमने उन्हें वित्तीय रूप से लगभग पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है। वे अब आर्थिक रूप से बेहद कठिन स्थिति में हैं।" मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी वित्तीय नेटवर्क से जुड़े कई क्रिप्टोकरेंसी बटुओं (वॉलेट) पर सीधा नियंत्रण हासिल कर लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/a-mountain-of-sorrow-fell-on-iran-america-seized-one/article-155547</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/a-mountain-of-sorrow-fell-on-iran-america-seized-one/article-155547</guid>
                <pubDate>Sun, 31 May 2026 17:30:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/us.png"                         length="1178804"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान के बीच गहराया तनाव : ट्रंप ने दी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी, ईरान ने मार गिराया अमेरिकी सैन्य ड्रोन</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ समझौते के करीब है, वरना सैन्य कार्रवाई का रास्ता खुला है। इसी बीच, ईरान (IRGC) ने अपने हवाई क्षेत्र में घुसपैठ करने वाले एक अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन को मिसाइल से मार गिराया। युद्धविराम के बाद दोनों देशों में तनाव फिर बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/slowly-but-surely-america-is-getting-closer-to-a-good/article-155546"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ एक बहुत अच्छे समझौते के करीब पहुंच रहा है, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई पर लौट आएगा। ट्रंप ने मीडिया को​ दिए साक्षात्कार में कहा, "अगर आप जल्दबाजी करेंगे, तो आप कोई अच्छा समझौता नहीं कर पाएंगे। मुझे लगता है कि धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से हम वह पा रहे हैं जो हम चाहते हैं। अगर हमें वह नहीं मिला जो हम चाहते हैं, तो हम इसे एक अलग तरीके से खत्म करेंगे।"</p>
<p>इस बीच, समाचार एजेंसी ने बताया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने रविवार सुबह देश के क्षेत्रीय जल क्षेत्र के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-1 प्रीडेटर मल्टी-रोल ड्रोन का पता लगाया और उसे मार गिराया। एजेंसी ने आईआरजीसी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि आज सुबह-सवेरे एक अमेरिकी सेना का एमक्यू1 ड्रोन ईरानी क्षेत्रीय जल क्षेत्र में घुस आया था, लेकिन तुरंत उसका पता चल गया और आईआरजीसी के हवाई रक्षा प्रणाली से दागी गयीं मिसाइलों से उसे मार गिराया गया।</p>
<p>एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिकी ड्रोन ईरानी क्षेत्रीय जल क्षेत्र में शत्रुतापूर्ण हरकतें करने के इरादे से घुसा था। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इज़राय ल ने 28 फरवरी को ईरान में ठिकानों पर हमले शुरू किये थे, जिसमें 3,000 से अधिक लोग मारे गये थे। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किये । फिर अमेरिका और ईरान ने आठ अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की। शांति स्थापित करने को लेकर दोनों देशों ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत की, जो बेनतीजा रही और फिर से दुश्मनी शुरू होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। हालाँकि, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/slowly-but-surely-america-is-getting-closer-to-a-good/article-155546</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/slowly-but-surely-america-is-getting-closer-to-a-good/article-155546</guid>
                <pubDate>Sun, 31 May 2026 15:28:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/trump.png"                         length="790718"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान समझौता पत्र पर सहमत: दोनों ओर से मंजूरी अभी बाकी, मौजूदा युद्धविराम 60 दिन बढ़ेगा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के समझौता पत्र (MoU) पर सहमति बन गई है। इस अवधि में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने के लिए आगे बातचीत होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता की अंतिम आधिकारिक मंजूरी और हस्ताक्षर होना अभी बाकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-mou-agreed-upon-approval-from-both-sides-still-pending/article-155457"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/america-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका-ईरान के वार्ताकारों के बीच एक समझौता पत्र (एमओयू) पर सहमति बन गई है। रिपोर्टों के अनुसार, लेकिन दोनों ओर से अभी अंतिम सहमति मिलनी बाकी है। ट्रम्प प्रशासन ने इस बात की पुष्टि की है कि इस समझौते से मौजूदा युद्धविराम 60 दिन के लिए और बढ़ जाएगा। इस दौरान दोनों पक्ष ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने को लेकर बातचीत करेंगे। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अभी एमओयू पर हस्ताक्षर करने बाकी है। रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि  ट्रंप एमओयू को मंजूरी देने से पहले इस पर विचार करने के लिए कुछ दिनों का समय चाहते है। </p>
<p><strong>मसौदे को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा: ईरान</strong></p>
<p>ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने तेहरान की वार्ताकार टीम के करीबी सूत्र के हवाले से इस बात से इनकार किया है कि ईरान की तरफ इसे अंतिम मंजूरी मिली है। सूत्र ने दावा किया है कि समझौते के मसौदे को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है और मंजूरी मिलने की स्थिति में ईरान इसकी सार्वजनिक रूप से घोषणा करेगा। </p>
<p><strong>इजरायल ने साधी चुप्पी</strong></p>
<p>इजरायल ने गुरुवार के इन घटनाक्रमों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की, लेकिन चैनल 12 ने वरिष् इजरायली सूत्रों के हवाले से कहा कि उसे ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इन शर्तों को मंजूरी दे दी है। इसलिए अभी ट्रंप के पास मंजूरी देने के लिए कुछ नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-mou-agreed-upon-approval-from-both-sides-still-pending/article-155457</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-mou-agreed-upon-approval-from-both-sides-still-pending/article-155457</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 13:21:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/america-and-iran.png"                         length="828802"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        