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                <title>washington - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>washington RSS Feed</description>
                
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                <title>कम पड़ गए 800 अरब! ईरान युद्ध में लागत बढ़ने से पेंटागन ने की 200 अरब डॉलर की मांग, अमेरिकी संसद में छिड़ा सियासी घमासान </title>
                                    <description><![CDATA[पेंटागन ने व्हाइट हाउस से ईरान युद्ध के समर्थन के लिए $200 अरब की अतिरिक्त धनराशि मांगी है। इस भारी बजट का उद्देश्य पिछले तीन हफ्तों में खर्च हुए हथियारों के भंडार को फिर से भरना है। हालांकि, अमेरिका में बढ़ते सैन्य खर्च और राजनीतिक विरोध के बीच इस प्रस्ताव पर बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/800-billion-fell-short-due-to-increase-in-cost-of/article-147123"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pentagan.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने व्हाइट हाउस से ईरान युद्ध का समर्थन करने के लिए 200 अरब डॉलर से अधिक धनराशि के अनुरोध को मंजूरी देने के लिए कहा है। यह जानकारी स्पूतनिक ने वाङ्क्षशगटन पोस्ट के हवाले से गुरुवार को दी। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, यह अनुरोध मौजूदा खर्च से कहीं अधिक होगा और एक ऐसी राशि है जिसका कांग्रेस में कड़ा विरोध हो सकता है।इसका उद्देश्य उन हथियारों के भंडार को फिर से भरना है जो पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी और इजरायली सेनाओं द्वारा किए गए हजारों हमलों के कारण तेजी से कम हो गए हैं।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध की लागत पहले सप्ताह में ही 11 अरब डॉलर से अधिक हो गई थी और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सीमित जनसमर्थन के बीच अतिरिक्त धन की उपलब्धता एक बड़े राजनीतिक संघर्ष को जन्म दे सकती है। यह प्रस्ताव विदेशों में सैन्य खर्च पर अंकुश लगाने के पहले किए गए वादों के बावजूद आया है जिससे वॉशिंगटन के बढ़ते अभियान के स्तर एवं स्थिरता पर सवाल खड़े होते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 09:18:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा, बोलें-परमाणु हथियारों को लेकर ईरान के साथ बातचीत जारी, शांति बोर्ड का सदस्य बनने पर सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते की संभावनाएं तलाशने की बात कही। नेतन्याहू संग बैठक में गाजा, सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trumps-claim-talks-continue-with-iran-on-nuclear/article-142941"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/220922-donald-trump-mjf-1544-99e118.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच (एजेंसी) इस बात की संभावनाओं का पता लगाने के लिये जारी रहेगी कि क्या परमाणु हथियारों को लेकर कोई समझौता किया जा सकता है। यह बयान उन्होंने व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बंद कमरे में हुई बैठक के तुरंत बाद दिया।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में कहा, मैंने अभी-अभी इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनके प्रतिनिधियों से मुलाकात पूरी की है। ईरान के साथ जारी रखने के अलावा कोई निर्णायक सहमति नहीं बनी, ताकि यह देखा जा सके कि कोई समझौता संभव है या नहीं। यदि समझौता हो सकता है, तो मैंने प्रधानमंत्री को बताया कि यही मेरी प्राथमिकता होगी। यदि ऐसा नहीं हो पाता, तो हमें देखना होगा कि आगे क्या परिणाम निकलता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, बैठक में गाजा और पूरे क्षेत्र में हो रही प्रगति पर भी चर्चा हुई। नेतन्याहू बुधवार सुबह व्हाइट हाउस के दक्षिणी लॉन से होते हुए पहुंचे और बिना किसी संवाददाता सम्मेलन या आधिकारिक बयान के रवाना हो गये। दोनों नेताओं के बीच यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान सातवीं मुलाकात थी, जो करीब तीन घंटे तक चली। बैठक से पहले नेतन्याहू ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की और औपचारिक रूप से शांति बोर्ड का सदस्य बनने पर सहमति दी, जिसे इजरायली संसद में विवादास्पद पहल बताया जा रहा है। </p>
<p>अमेरिका रवाना होने से पहले नेतन्याहू ने कहा था कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के समक्ष ईरान से (एजेंसी) के सिद्धांतों को रखेंगे, जो न केवल इजरायल बल्कि पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा चाहने वालों के लिए अहम हैं। नेतन्याहू के कार्यालय के अनुसार, वह चाहते हैं कि (एजेंसी) में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर सीमाएं लगायी जाएं और हमास तथा हिजबुल्लाह जैसे संगठनों से उसके संबंधों में कटौती शामिल हो। </p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को फॉक्स बिजनेस नेटवर्क को दिए साक्षात्कार में कहा था, समझौता अच्छा होना चाहिए। कोई परमाणु हथियार नहीं, कोई मिसाइल नहीं। इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने तेहरान में 1979 की इस्लामी क्रांति की 47वीं वर्षगांठ के अवसर पर कहा कि पश्चिम द्वारा खड़ी की गयी अविश्वास की दीवार अमेरिका के साथ परमाणु (एजेंसी) में बाधा बन रही है। उन्होंने दोहराया कि ईरान अत्यधिक मांगों और आक्रामकता के आगे कभी झुकेगा नहीं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रूस टुडे से कहा कि उन्हें विश्वास है कि ईरान और अमेरिका जुलाई 2015 में हुए संयुक्त व्यापक कार्ययोजना (जेसीपीओए) से भी बेहतर परमाणु समझौता कर सकते हैं, लेकिन ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम या क्षेत्रीय गठबंधनों पर बातचीत नहीं करेगा।</p>
<p>अमेरिका और ईरान ने शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में अप्रत्यक्ष (एजेंसी) की थी, ऐसे समय में जब दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और अमेरिका ने ईरान के पास सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को यह भी कहा था कि यदि (एजेंसी) विफल होती है तो वह ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए पश्चिम एशिया में दूसरा विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप भेजने पर विचार कर रहे हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 17:29:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आखिर क्यों जेफरी एपस्टीन की सहयोगी मैक्सवेल ने संसद की समिति के सवालों का जवाब देने से किया इनकार? जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[एपस्टीन की सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल ने अमेरिकी हाउस कमेटी के सवालों पर पांचवें संशोधन का हवाला देकर जवाब देने से इनकार किया, पीड़ितों ने न्याय की मांग दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/why-did-jeffrey-epsteins-associate-maxwell-refuse-to-answer-the/article-142652"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(8)8.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल ने सोमवार को हाउस कमेटी ऑन ओवरसाइट एंड अकाउंटेबिलिटी के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, मैक्सवेल टेक्सास की जेल में बंद है, जहाँ वह यौन तस्करी के लिए 20 साल की सजा काट रही है। जेल के ही बंद कमरे से वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समिति के सामने पेश हुई थी।</p>
<p>समिति के अध्यक्ष जेम्स कोमर ने कहा कि जैसा कि उम्मीद थी, मैक्सवेल ने पांचवें संशोधन(कानून) का सहारा लेते हुए चुप रहने के अपने अधिकार का उपयोग किया। जेम्स कोमर ने कहा, यह स्पष्ट रूप से बहुत निराशाजनक है। हमारे पास उन अपराधों के बारे में पूछने के लिए कई सवाल थे जो उसने और एपस्टीन ने किए थे, साथ ही संभावित सह-साजिशकर्ताओं के बारे में भी सवाल थे। उन्होंने कहा कि जीवित बचे लोगों के लिए न्याय ही इस जांच का मकसद है।</p>
<p>अमेरिकी संविधान का पांचवां संशोधन अमेरिकियों को सवालों का जवाब देने से इनकार करके खुद के खिलाफ सबूत देने से बचने का अधिकार देता है। सुनवाई के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि मेलानी स्टैंसबरी ने पत्रकारों को बताया कि मैक्सवेल ने इस अवसर का उपयोग क्षमादान के लिये अभियान चलाने के तौर पर किया। </p>
<p>जेम्स कोमर ने कहा कि एपस्टीन के पीड़ितो से बात करने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मैक्सवेल एक बहुत ही बुरी महिला है जो किसी भी प्रकार की छूट की हकदार नहीं है। इससे पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट में मैक्सवेल के वकील डेविड ऑस्कर मार्कस ने कहा था कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा क्षमादान दिया जाता है तो मैक्सवेल पूरी तरह और ईमानदारी से बोलने के लिए तैयार है। उन्होंने पोस्ट किया, केवल वही पूरा विवरण दे सकती है। कुछ लोगों को शायद वह पसंद न आए जो वे सुनेंगे, लेकिन सच्चाई मायने रखती है।</p>
<p>मैक्सवेल की पेशी से पहले हाउस ओवरसाइट कमेटी को भेजे गए एक पत्र में एपस्टीन पीड़तिों के एक समूह ने सांसदों से मैक्सवेल द्वारा दी गई किसी भी जानकारी पर संदेह करने का आग्रह किया। उन्होंने एपस्टीन के तस्करी अभियान में शामिल कई शक्तिशाली लोगों की पहचान करने से इनकार करने और कानून प्रवर्तन के साथ सार्थक सहयोग न करने के लिए उसकी आलोचना की। व्हाइट हाउस ने पहले कहा था कि मैक्सवेल के संबंध में किसी भी उदारता पर चर्चा नहीं की जा रही है।</p>
<p>मैक्सवेल को 2021 में अपने पूर्व प्रेमी एपस्टीन के लिये नाबालिग लड़कियों को शोषण के लिए फंसाने में उसकी भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया था। एपस्टीन की 2019 में जेल में मृत्यु हो गई थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:36:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौता: अमेरिका ने बांग्लादेशी वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाकर 19% किया, द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूती पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-बांग्लादेश के बीच नए व्यापार समझौते से आयात शुल्क घटेगा। वस्त्र, कृषि, ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-bangladesh-trade-agreement-us-reduced-import-duty-on-bangladeshi-goods/article-142561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)8.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और बांग्लादेश के बीच एक पारस्परिक व्यापार समझौता हुआ है, जो बांग्लादेश वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाकर 19 प्रतिशत कर देगा और कुछ वस्त्र एवं परिधान उत्पादों पर छूट प्रदान करेगा और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने बताया कि यह समझौता एक ऐसा तंत्र स्थापित करेगा जिसके तहत बांग्लादेश के कुछ कपड़ों और परिधान एवं उत्पादों को शून्य पारस्परिक आयात शुल्क प्रदान किया जाएगा। इसके तहत अमेरिकी मूल की सामग्रियों का उपयोग करके बनाए गए कुछ कपड़ा और परिधान उत्पादों के लिए भी छूट दिया गया है। पात्रा आयात की मात्रा का निर्धारण बांग्लादेश द्वारा उपयोग किये गये कपास और मानव निर्मित फाइबर के साथ-साथ अमेरिकी सामग्री के इस्तेमाल के आधार पर किया जाएगा।</p>
<p>व्हाइट हाउस के बयान में बताया गया है कि बांग्लादेश लगभग 3.5 अरब डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद करेगा, जिसमें गेहूं, सोया, कपास और मक्का शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 15 वर्षों में लगभग 15 अरब डॉलर ऊर्जा उत्पादों की भी खरीददारी बांग्लादेश द्वारा की जाएगी। साथ ही इसमें अमेरिकी विमानों के खरीद का भी उल्लेख किया गया है।</p>
<p>यह समझौता 2013 में हस्ताक्षरित अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार और निवेश सहयोग मंच समझौते (टीआईसीएफए) पर आधारित है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे एक-दूसरे के बाजारों तक अभूतपूर्व पहुंच के रूप में वर्णित किया है। अमेरिका और बांग्लादेश ने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को गहरा करना और दोनों देशों के निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करना है।</p>
<p>सौदे के तहत, बांग्लादेश, अमेरिकी औद्योगिक और कृषि सामानों के लिए महत्वपूर्ण तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करेगा, जिसमें रसायन, चिकित्सा उपकरण, मशीनरी, मोटर वाहन और पुर्जे, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी उपकरण, ऊर्जा उत्पाद, सोयाबीन, डेयरी उत्पाद, गोमांस, पोल्ट्री, ट्री नट्स और फल शामिल हैं।</p>
<p>दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें बांग्लादेश, अमेरिकी वाहन सुरक्षा और उत्सर्जन मानकों को स्वीकार करने, चिकित्सा उपकरणों और फार्मास्यूटिकल्स के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) प्रमाणपत्रों को मान्यता देने और अमेरिकी पुनर्मानिर्मित वस्तुओं और पुर्जों पर प्रतिबंध हटाने के लिए सहमत हुआ है।</p>
<p>बांग्लादेश ने विश्वसनीय सीमाओं के पार डेटा के मुफ्त हस्तांतरण की अनुमति देने और विश्व व्यापार संगठन में इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण पर सीमा शुल्क पर स्थायी रोक का समर्थन करने पर भी सहमति जतायी है। साथ ही कृषि आयात के लिए विज्ञान और जोखिम-आधारित मानकों को अपनाने, बीमा क्षेत्र में बाधाओं को कम करने, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने और अच्छी नियामक प्रथाओं को लागू करने की भी प्रतिबद्धता जताई है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त श्रम अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया है, जिसमें जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात को प्रतिबंधित करना और श्रम कानूनों में संशोधन करके संघों की स्वतंत्रता और सामूहिक सौदेबाजी की पूरी तरह से रक्षा करना एवं प्रवर्तन को मजबूत करना शामिल है। समझौते में पर्यावरण संरक्षण, भ्रष्टाचार विरोधी उपाय, बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा और सब्सिडी तथा राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों के कारण होने वाली विकृतियों को दूर करने की प्रतिबद्धताएं भी शामिल हैं। बांग्लादेश भौगोलिक संकेतों पर महत्वपूर्ण प्रावधानों पर सहमत हुआ है, विशेष रूप से पनीर और मांस उत्पादों के लिए।</p>
<p>दोनों देशों ने यह भी कहा कि वे आपूर्ति श्रृंखला की लचीलापन बढ़ाने, शुल्क चोरी का मुकाबला करने, निर्यात नियंत्रण पर सहयोग करने और निवेश पर जानकारी साझा करने के लिए आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि अमेरिका के निर्यात-आयात बैंक और अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास वित्त निगम सहित अमेरिकी संस्थान पात्रता और कानून के अधीन बांग्लादेश में महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश का समर्थन करने पर विचार करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 11:49:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान बातचीत: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का दावा, अमेरिका के साथ बातचीत प्रगति पर, इन मुद्दों पर हो रही चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता को प्रगति पर बताया। विदेश मंत्री अराघची ने शांतिपूर्ण संवाद पर जोर देते हुए दबाव की भाषा खारिज की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-talks-iranian-president-masoud-pezeshkian-claims-talks-with-us/article-142420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(6)7.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने रविवार को अपने देश और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई परमाणु (एजेंसी) को प्रगति पर कहा। उन्होंने ये टिप्पणियां एक्स पर एक पोस्ट में कीं जिसमें उन्होंने शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई अप्रत्यक्ष (एजेंसी) पर प्रकाश डाला।</p>
<p>पेजेशकियान ने कहा कि ये चर्चाएं पश्चिम एशिया क्षेत्र में मित्रवत सरकारों द्वारा किए गए अनुवर्ती प्रयासों के परिणामस्वरूप हुईं, और इस बात पर बल दिया कि ईरान की हमेशा से ही संवाद द्वारा मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की चुनी हुई रणनीति रही है। इसी बीच, तेहरान में एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, जिन्होंने शुक्रवार की (एजेंसी) में देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, ने कहा, कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमारे पास क्या होना चाहिए और क्या नहीं होना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने आश्वासन दिया कि ईरान का परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं है, साथ ही उन्होंने किसी भी प्रकार की दादागिरी को दृढ़ता से खारिज कर दिया। अराघची ने कहा, अगर वे ईरानी लोगों से बल प्रयोग की भाषा में बात करेंगे तो हम भी उन्हें उसी भाषा में जवाब देंगे। हालांकि, अगर वे हमसे सम्मान की भाषा में बात करेंगे तो उन्हें भी उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।</p>
<p>शुक्रवार को हुई अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्रीय तनाव बढऩे के बीच हुई, जिसमें मध्य पूर्व में हाल ही में अमेरिका द्वारा सैन्य जमावड़ा और ईरान द्वारा तैयारियों में तेजी शामिल हैं। समाप्त होने के बाद, अराघची ने कहा, कुल मिलाकर, मैं कह सकता हूं कि यह एक अच्छी शुरुआत थी। हालांकि, प्रक्रिया की निरंतरता दोनों पक्षों की अपनी-अपनी राजधानियों में होने वाली बातचीत और इसे आगे बढ़ाने के बारे में उनके निर्णयों पर निर्भर करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 13:03:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>क्या रद्द हो सकता है भारत अमेरिका व्यापार समझौता? व्हाहट हाउस ने दी चेतावनी, कहा-रूस से तेल नहीं खरीदेगा भारत</title>
                                    <description><![CDATA[व्हाइट हाउस ने कहा, भारत ने नए समझौते में रूस से कच्चा तेल न लेने, अमेरिका से अधिक तेल खरीदने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बड़े निवेश की प्रतिबद्धता जताई बताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/can-india-us-trade-agreement-be-cancelled-white-house-warns-says/article-141924"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस ने बुधवार को दावा किया कि भारत ने अमेरिका के साथ हुए नये समझौते के तहत रूस से कच्चा तेल न लेने और अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदने का निर्णय लिया है। </p>
<p>व्हाइट हाउस की मीडिया सचिव कैरोलाइन लेविट ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच सीधी बातचीत के बाद भारत ने यह प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा, जैसा कि आप सब ने देखा, राष्ट्रपति (ट्रंप) ने भारत के साथ एक और बेहतरीन सौदा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सीधे बात की। उन दोनों का रिश्ता बहुत मजबूत है। लेविट ने कहा, भारत ने रूसी तेल नहीं खरीदने का वादा किया है, बल्कि अमेरिका से भी तेल खरीदने का वादा किया है, और शायद वेनेजुएला से भी। इसका सीधा फ़ायदा अमेरिका और अमेरिकी लोगों को होगा।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बड़े निवेश का वादा किया है। लेविट ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 500 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का वादा किया है, जिसमें परिवहन, ऊर्जा और कृषि उत्पादों जैसे सेक्टर शामिल हैं। उन्होंने कहा, यह राष्ट्रपति की वजह से एक और शानदार व्यापारिक समझौता है।</p>
<p>उन्होंने अमेरिकी विनिर्माण को मजबूत करने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीति और व्यापार रणनीति को श्रेय दिया। प्रशासन की आयात नीति का बचाव करते हुए, लेविट ने कहा कि इससे पहले ही ठोस आर्थिक फ़ायदे मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति की आयात शुल्क नीति काम कर रही है और उनका आर्थिक एजेंडा काम कर रहा है। पूरे अमेरिका में नयी फ़ैक्ट्री परियोजनाओं की वजह से निर्माण से जुड़ी नौकरियों में बढ़ोतरी हुई है। वे फ़ैक्ट्रियां यहीं अमेरिका में बन रही हैं, और हम अमेरिकियों को काम दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 15:59:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप कोलंबिया बैठक: डोनाल्ड ट्रंप से बैठक के बाद कोलंबिया के रूख में आई नरमी, संबंधो में सुधार के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[व्हाइट हाउस में ट्रंप और पेट्रो की पहली बैठक सौहार्दपूर्ण रही। महीनों के तनाव के बाद ऊर्जा, ड्रग्स और व्यापार पर सकारात्मक बातचीत से द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के संकेत मिले।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-colombia-meeting-colombias-stance-softened-after-meeting-with-donald/article-141896"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने व्हाइट हाउस में लगभग दो घंटे तक चली अपनी पहली आमने-सामने की बैठक को मैत्रीपूर्ण और सकारात्मक बताया है। महीनों से चले आ रहे तीखे बयानों और राजनयिक गतिरोध के बाद इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच संबंधों के सुधरने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>बैठक के बाद ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, हमारी मुलाकात बहुत अच्छी रही। पेट्रो शानदार व्यक्ति हैं। उनका यह बयान चौंकाने वाला है क्योंकि कुछ ही हफ्ते पहले ट्रंप ने पेट्रो को बीमार और नशीली दवाओं का नेतृत्व करने वाला व्यक्ति बताया था। </p>
<p>पेट्रो ने भी सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हाथ मिलाते हुए फोटो साझा की और अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनकी द आर्ट ऑफ द डील पुस्तक पर यू आर ग्रेट लिखकर उन्हें समर्पित की। कोलंबियाई दूतावास में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पेट्रो ने बताया कि में मुख्य रूप से तीन बड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इनमें वेनेजुएला और ऊर्जा, नशीली दवाओं के खिलाफ जंग और इक्वाडोर के साथ व्यापार विवाद की बातें शामिल हैं। </p>
<p>दोनों नेताओं ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हालिया गिरफ्तारी और वहां अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के बीच, दोनों नेताओं ने वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने पर चर्चा की। पेट्रो ने कोलंबिया के रास्ते वेनेजुएला की गैस निर्यात करने और ला गुआजीरा क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्रीय ऊर्जा संकट को हल करने का प्रस्ताव रखा।</p>
<p>पेट्रो ने नशीली दवाओं के अंतरराष्ट्रीय सरगनाओं को पकडऩे के लिए एक ट्रिपल एलायंस (अमेरिका, कोलंबिया और इक्वाडोर) का सुझाव दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किसानों पर कार्रवाई प्रभावी समाधान नहीं है। कोलंबिया प्रमुख पेट्रो ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ के साथ जारी ट्रेड वार (व्यापार युद्ध) को सुलझाने के लिए अमेरिका से मध्यस्थता का अनुरोध किया। गौरतलब है कि इक्वाडोर ने हाल ही में कोलंबियाई कच्चे तेल के परिवहन शुल्क में 900 की भारी वृद्धि की है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, यह मुलाकात एक ऐसे समय में हुई है जब पिछले साल सितंबर में पेट्रो के न्यूयॉर्क में फलस्तीन समर्थक रैली में भाग लेने और अमेरिकी सैनिकों को आदेश न मानने के लिए उकसाने के बाद उनका अमेरिकी वीजा रद्द कर दिया गया था। साथ ही, ट्रंप प्रशासन ने पेट्रो और उनके परिवार पर वित्तीय प्रतिबंध भी लगाए थे। यद्यपि इस बैठक के लिए पेट्रो को अस्थायी वीजा दिया गया था, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि उनके व्यक्तिगत प्रतिबंधों पर कोई चर्चा नहीं हुई।</p>
<p>विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक व्यक्तिगत संबंधों में जमी बर्फ पिघलाने वाली तो है, लेकिन सुरक्षा, सैन्य कार्रवाई और ड्रग पॉलिसी जैसे गंभीर मुद्दों पर दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद अब भी बरकरार हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 13:15:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के साथ समझौते की उम्मीद, खामेनेई ने दी युद्ध के खिलाफ चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रंप ने ईरान से समझौते की उम्मीद जताई, जबकि खामेनेई ने अमेरिकी कार्रवाई पर क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनी दी। दोनों पक्षों के बयानों से पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-hopes-for-agreement-with-iran-khamenei-warns/article-141679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(7).png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ 'समझौता होने की' उम्मीद जताई है, जबकि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका कोई भी टकराव शुरू करता है तो वह क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। ट्रंप ने फ्लोरिडा के पाम बीच पर अपने मार-आ-लागो आवास से कहा कि अमेरिका ने पश्चिमी एशिया में भले ही अपने युद्ध पोत तैनात किये हैं लेकिन वह इस समस्या का कूटनीतिक हल चाहता है। इसके आगे ट्रंप ने कहा, हमने वहां दुनिया के सबसे बड़े, सबसे ताकतवर युद्ध पोत तैनात किये हैं। उम्मीद है कि आने वाले दो दिनों में हम कोई समझौता कर लेंगे। अगर समझौता नहीं होता है तो हमें पता चल जायेगा कि वह सही थे या नहीं।</p>
<p>बता दें कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया जब खामेनेई ने सोशल मीडिया एक्स पर जारी कई बयानों में अमेरिका को सैन्य कार्रवाई करने के खिलाफ चेतावनी दी थी। खामेनेई ने पोस्ट किया, अमेरिका को पता होना चाहिए कि अगर वे युद्ध शुरू करते हैं तो इस बार एक क्षेत्रीय युद्ध होगा। अमेरिकी कभी-कभी युद्ध की बात करते हैं और कहते हैं कि वे युद्ध पोतों और लड़ाकू विमानों के साथ आएंगे। यह कोई नयी बात नहीं है। ईरान ऐसी बातों से डरता नहीं। उन्हें ईरानियों को ऐसी चीजों से डराने की कोशिश नहीं करनी चाहिये।</p>
<p>खामेनेई ने कहा कि ईरान संघर्ष नहीं चाहता लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो ईंट का जवाब पत्थर से देगा। उन्होंने अमेरिका पर संसाधनों के लालच में ईरान पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। खामेनेई ने कहा, हम लड़ाई शुरू करने वालों में नहीं हैं। हम किसी पर जुल्म नहीं करना चाहते। हम किसी देश पर हमला नहीं करना चाहते लेकिन अगर कोई हम पर हमला करता है या नुकसान पहुंचाता है तो उसे ईरान से करारा जवाब मिलेगा। </p>
<p>उन्होंने ईरान में अमेरिका के हस्तक्षेप के इतिहास की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के कई आकर्षण केन्द्र हैं, जिनमें उसका तेल, उसके खनिज और उसकी भौगोलिक स्थिति दूसरे देशों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा है। अमेरिका इस देश पर वैसा ही कब्जा चाहता है, जैसा पहले था। अमेरिका 30 साल से ज्यादा तक ईरान में रहा। ईरान के संसाधन, तेल, राजनीति और सुरक्षा उनके हाथों में थी। अब उनकी पकड़ ढीली हो गयी है तो वह उसे वापस पहले जैसा करना चाहते हैं। ईरान मजबूती से खड़ा है और उसे हर सवाल का जवाब देकर रोक रहा है। </p>
<p>इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास इराक़ची ने कहा था कि अमेरिका से उनका विश्वास उठ चुका है लेकिन वे परमाणु हथियारों पर निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौते के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, मुझे युद्ध की चिंता नहीं है। मुझे गलत सूचना और दुष्प्रचार अभियान के कारण लिए जाने वाले सैन्य फैसलों की ङ्क्षचता है। जाहिर है कि कुछ लोग हैं जो अपने फायदे के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प को इस युद्ध में खींचना चाहते हैं। मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रम्प इतने समझदार हैं कि वह अपने फैसले खुद ले सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 14:18:57 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम एशिया में बढ़ती अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के बीच ट्रंप का दावा, कहा-ईरान बातचीत के लिए तैयार </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है। अमेरिका ने अंतिम तारीख तय की है, जबकि ईरान ने रक्षा और मिसाइल कार्यक्रम पर वार्ता से इनकार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amid-increasing-us-military-presence-in-west-asia-trump-claims/article-141489"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगंटन। पश्चिमी एशिया में बढ़ती अमेरिका की सैन्य उपस्थिति के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है।ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, वे समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत शुरू करने के लिए एक अंतिम तारीख तय की गयी है, हालांकि उन्होंने सही समय नहीं बताया। </p>
<p>उन्होंने ईरान के पास एक अमेरिकी नौसैनिक पोत की तैनाती का जिक्र करते हुए कहा, उम्मीद है, हम एक समझौता करेंगे। अगर हम समझौता नहीं करते हैं, तो देखेंगे क्या होता है। अमेरिका ने जहां बातचीत के लिए तैयारी दिखाई, वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरान का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि ईरान आपसी हितों और सम्मान के आधार पर बराबरी के स्तर पर बातचीत करने को तैयार है, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर जोर दिया कि ईरान की रक्षा और मिसाइल क्षमताओं पर कभी बातचीत नहीं होगी। फिलहाल, बातचीत फिर से शुरू करने के लिए ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच कोई बैठक तय नहीं है। </p>
<p>अराघची ने कहा, मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि ईरान की रक्षा और मिसाइल क्षमताएं कभी भी बातचीत का विषय नहीं होंगी। ये बयान ट्रंप की तरफ से बार-बार दी जा रही चेतावनियों के बीच आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर ईरान अमेरिकी मांगों को पूरा नहीं करता है, जिसमें उसके परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल विकास पर रोक शामिल है, तो संभावित सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ईरान ने अमेरिका के किसी भी हमले का जवाब देने की चेतावनी दी है, जबकि तुर्की ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश की है।</p>
<p>ट्रंप को हाल ही में, ईरान को निशाना बनाने वाले ज्यादा बड़े और ज्यादा आक्रामक सैन्य विकल्पों के बारे में बताया गया है। इन योजनाओं का मकसद ईरान के परमाणु और मिसाइल अवसंरचना को काफ़ी नुकसान पहुंचाना या सर्वोच्च नेता के प्रशासन को कमजोर करना है, जो पहले के विचारों से एक बड़ा बदलाव है।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि नये विकल्प दो हफ़्ते पहले समीक्षा किये गये विकल्पों से बेहतर हैं, जब ध्यान ईरानी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ हिंसा को रोकने के ट्रंप के वादे को लागू करने पर था। इन प्रस्तावों में ऐसे हालात शामिल हैं जिनमें अमेरिकी सेना सीधे ईरानी जमीन पर हो सकती है, जिसमें अहम ठिकानों पर लक्षित रेड भी शामिल हैं। </p>
<p>इससे पहले, अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी, जिसमें अमेरिकी सेना की तैयारी और रोक लगाने की क्षमता पर जोर दिया गया। हेगसेथ ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने चाहिए। उन्होंने कहा, उन्हें परमाणु क्षमता हासिल नहीं करनी चाहिए। हम इस राष्ट्रपति की युद्ध विभाग से जो भी उम्मीदें हैं, उन्हें पूरा करने के लिए तैयार रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 18:25:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान का समुद्र में सेना उतारने का ऐलान, हरमुज में सुरक्षित रूप से अभ्यास करें ईरान, जोखिम को ने दें जन्म: अमेरिका</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेंटकॉम ने ईरान की आईआरजीसी से हरमुज की खाड़ी में नौसैनिक अभ्यास सुरक्षित और पेशेवर तरीके से करने को कहा, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को खतरा न हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-should-practice-safely-in-hormuz-america-should-not-give/article-141435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(9)1.png" alt=""></a><br /><p>टैंपा। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाली केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने ईरान की इस्लामी रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से अनुरोध किया है कि वह रविवार से हरमुज की खाड़ी में शुरू होने वाला अपना नौसैनिक अभ्यास सुरक्षित तरीके से करे और किसी भी अनावश्यक जोखिम को जन्म न दे। </p>
<p>सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा, सेंटकॉम आईआरजीसी से आग्रह करता है कि वह घोषित नौसैनिक अभ्यास को इस तरह से करे जो सुरक्षित, पेशेवर हो और अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए नौपरिवहन की आजादी को अनावश्यक जोखिम से बचाये। हरमुज खाड़ी एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है और एक जरूरी व्यापार गलियारा है, जो क्षेत्रीय आर्थिक समृद्धि में मदद करता है। किसी भी दिन, दुनिया के लगभग 100 व्यापारिक जहाज इस संकरी खाड़ी से गुजरते हैं।</p>
<p>ईरान ने गुरुवार को एलान किया था कि वह होरमुज की खाड़ी में रविवार से नौसैनिक अभियान शुरू करेगा। ईरान के प्रेस टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की नौसेना एक और दो फरवरी को हरमुज खाड़ी में गोलीबारी के साथ अभ्यास करेगी। हरमुज खाड़ी एक रणनीतिक जलमार्ग है, जिससे दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल सप्लाई गुजरती है। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने पश्चिमी एशिया में अपना विमान वाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन भी तैनात किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका हवाला देते हुए ईरान से अपनी शर्ते मानने के लिये भी कहा है। ईरान का कहना है कि वह बातचीत के लिये तैयार है, लेकिन अगर अमेरिका किसी भी तरह का हमला करता है तो उसे तेज और व्यापक जवाब भी मिलेगा। </p>
<p>सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा है कि वह ईरान के हरमुज की खाड़ी में अभ्यास करने के अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन अमेरिकी सेना के करीब किसी भी तरह के असुरक्षित या गैर-पेशेवर रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। बयान में कहा गया, सेंटकॉम पश्चिमी एशिया में काम कर रहे अमेरिकी कर्मियों, जहाजों और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। हम आईआरजीसी की किसी भी असुरक्षित कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसमें फ्लाइट अभियान में लगे अमेरिकी सैन्य जहाजों के ऊपर से उड़ान भरना, जब इरादे साफ न हों तो अमेरिकी सैन्य संपत्तियों के ऊपर से कम ऊंचाई पर या हथियारों के साथ उड़ान भरना, अमेरिकी सैन्य जहाजों से टकराने की दिशा में हाई-स्पीड नावों का पास आना, या अमेरिकी सेना पर हथियार तानना शामिल है। </p>
<p>सेंटकॉम ने कहा, अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे ज्यादा प्रशिक्षित और घातक सेना है। वह उच्चतम स्तर के पेशेवर रवैये के साथ काम करना जारी रखेगी और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करेगी। ईरान के आईआरजीसी को भी ऐसा ही करना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 16:45:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिकी सरकार में आंशिक शटडाउन शुरू, जल्द समाधान की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी कांग्रेस 2026 का बजट समय पर पारित नहीं कर सकी, जिससे आंशिक सरकारी शटडाउन शुरू हुआ। डेमोक्रेट्स ने इमिग्रेशन कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की मौत पर आपत्ति जताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/partial-shutdown-begins-in-us-government-hope-for-solution-soon/article-141453"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(11)1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका की कांग्रेस आधी रात की फंडिंग डेडलाइन से पहले 2026 का बजट पास करने में नाकाम रही, जिसके बाद शनिवार को अमेरिकी सरकार का आंशिक शटडाउन शुरू हो गया। </p>
<p>स्थानीय मीडिया ने बताया कि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के लिए नयी फंडिंग पर बातचीत तब रुक गयी, जब डेमोक्रेटिक पार्टी ने मिनियापोलिस में संघीय इमिग्रेशन एजेंटों द्वारा दो प्रदर्शनकारियों की हत्या पर गुस्से में प्रतिक्रिया दी। उम्मीद की जा रही है कि ये व्यवधान सीमित होंगे, क्योंकि कांग्रेस अगले हफ्ते की शुरुआत में सीनेट समर्थित डील को मंजूरी देने के लिए आगे बढ़ेगा। </p>
<p>सीनेटर डिक डर्बिन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, नशीले पदार्थों के तस्करों, बाल यौन अपराधियों और मानव तस्करों के पीछे जाने के बजाय, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन शिकागो और मिनियापोलिस में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने में कीमती संसाधनों को बर्बाद कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 16:05:23 +0530</pubDate>
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                <title>व्हाइट हाउस का बड़ा फैसला, इजरायल, सऊदी अरब को 15 अरब डॉलर के हथियारों के बिक्री को दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने इजरायल और सऊदी अरब को 15.67 अरब डॉलर की हथियार बिक्री को मंजूरी दी। इसमें अपाचे हेलीकॉप्टर और पैट्रियट मिसाइलें शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/white-houses-big-decision-israel-approves-sale-of-arms-worth/article-141434"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस ने ईरान में अशांति को लेकर तनाव के बीच पश्चिमी एशिया में अमेरिका के दो बड़े सहयोगी देशों, इजरायल और सऊदी अरब को कुल 15.67 अरब अमेरिकी डॉलर की बड़ी नयी हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को एक बयान में यह जानकारी दी। </p>
<p>बयान के अनुसार, इजरायल को 6.67 अरब डॉलर की नयी बिक्री में चार अलग-अलग पैकेज शामिल हैं, जिसमें रॉकेट लॉन्चर और आधुनिक टारगेटिंग गियर से लैस 30 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर शामिल हैं। इसके अलावा इजरायली सेना के लिए 'संचार लाइनें बढ़ाने' के मकसद से 3,250 हल्के टेक्टिकल वाहन शामिल हैं।</p>
<p>बयान में कहा गया है कि सऊदी अरब को नौ अरब डॉलर की बिक्री में 730 पैट्रियट मिसाइलें और संबंधित उपकरण शामिल हैं। इसका मकसद एक प्रमुख क्षेत्रीय गैर-नाटो सहयोगी का समर्थन करना है। विदेश विभाग ने कहा कि उसने शुक्रवार को पहले ही कांग्रेस को इन बिक्री की मंजूरी के बारे में सूचित कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 15:04:00 +0530</pubDate>
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