<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/washington/tag-6894" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>washington - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6894/rss</link>
                <description>washington RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जे.डी. वेंस का बड़ा बयान, बोले- ईरान न तो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करेगा और न ही खरीदने की, अमेरिका रखेगा सख्त नजर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौता यह सुनिश्चित करता है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की प्रतिबद्धताओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। यदि समझौता सफल रहता है, तो अगले 50 वर्षों में पश्चिम एशिया निवेश का बड़ा केंद्र बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/jds-big-statement-said-iran-will-neither-try-to/article-156991"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jd-vance.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा है कि अमेरिका-ईरान समझौता यह पक्का करता है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। वेंस ने कहा, "इसका मतलब है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। वह न तो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करेगा और न ही उन्हें खरीदने या हासिल करने की कोशिश करेगा। यह बात इस समझौते में शामिल है।"</p>
<p>अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका इस बात पर नज़र रखेगा कि ईरान समझौते का पालन कर रहा है या नहीं, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इसके बदले ईरान को क्या मिलेगा। वेंस ने कहा, "यहां एक ऐसा तरीका अपनाया जा रहा है, जिसमें हम जांच-पड़ताल करते रहेंगे और जब ईरान अपनी ज़िम्मेदारियां पूरी करेगा, तो उसे वास्तविक फ़ायदे भी मिलेंगे।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझौते का पालन करता है, तो अगले पचास सालों में पश्चिम एशिया में बुनियादी बदलाव आएगा और यह इलाका निवेश के लिए ज़्यादा अनुकूल बन जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/jds-big-statement-said-iran-will-neither-try-to/article-156991</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/jds-big-statement-said-iran-will-neither-try-to/article-156991</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 14:07:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/jd-vance.png"                         length="1240589"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद: अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने पर राजी, 19 जून को होंगे ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता पूरा हो गया है। सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत रोक दी गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खोल दिया गया है, जिससे कच्चे तेल का प्रवाह दोबारा शुरू हो सकेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hope-for-peace-in-west-asia-america-iran-agree-to-end/article-156990"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/tru-p.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के मुद्दे पर राजी हो गये हैं। दोनों देशों के बीच रविवार को जंग खत्म करने के लिए शांति समझौते पर सहमति बन गयी और अब आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा। इस बात की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया दी है। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई! मैं इसके ज़रिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंज़ूरी देता हूँ। दुनिया भर के जहाज़ अपने इंजन चालू करें। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!।"</p>
<p>वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए रोकने का ऐलान किया है। इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा।" उन्होंने कहा, "हम इस विवाद का कूटनीतिक समाधान खोजने की अपनी प्रतिबद्धता के लिए अमेरिका और ईरान का धन्यवाद करना चाहते हैं। हम इस समझौते तक पहुँचने में मदद के लिए मध्यस्थता की कोशिश में शामिल अपने भाइयों कतर के महान नेतृत्व का भी दिल से आभार व्यक्त करते हैं। मैं सऊदी अरब और तुर्की के दूरदर्शी नेतृत्व का भी विशेष रूप से धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने इस दिशा में बहुत बड़ा योगदान दिया है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि अब जब समझौता हो गया है, तो मध्यस्थ इस हफ़्ते कई बैठकों का आयोजन करेंगे। समझौते को लागू करने से पहले की ये चर्चाएं तकनीकी और आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह के लिए आधार तैयार करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/hope-for-peace-in-west-asia-america-iran-agree-to-end/article-156990</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/hope-for-peace-in-west-asia-america-iran-agree-to-end/article-156990</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:33:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/tru-p.png"                         length="1402665"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हेक्सावेयर को बड़ी राहत, अमेरिकी संघीय अदालत ने नैटसॉफ्ट के पेटेंट दावों को किया खारिज </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी संघीय अदालत ने हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन के मुकदमे को खारिज कर दिया है। नैटसॉफ्ट कॉर्पोरेशन द्वारा कंपनी के 'अमेज', 'टेनसाई' और 'रैपिडएक्स' प्लेटफॉर्म्स को दी गई चुनौती को कोर्ट ने निराधार माना। हेक्सावेयर के सीईओ ने कहा कि उन्हें अपने नवाचार और इंजीनियरों की मेहनत पर पूरा भरोसा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-relief-to-hexaware-us-federal-court-rejects-natsofts-patent/article-156774"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/hexaware.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगंटन। वैश्विक आईटी कंपनी हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के खिलाफ पेटेंट के एक मामले को अमेरिका की एक संघीय अदालत ने खारिज कर दिया है। हेक्सावेयर ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के इलिनॉय प्रांत के उत्तरी जिले की जिला अदालत ने गत 09 जून को नैटसॉफ्ट कॉर्पोरेशन और उसकी संबद्ध कंपनी अपड्राफ्ट द्वारा हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनी हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज इंक के खिलाफ दायर मुकदमे के सभी दावों को खारिज कर दिया है। इनमें नौ पेटेंटों से संबंधित दावे भी शामिल थे।</p>
<p>हेक्सावेयर ने अपने 'अमेज', 'टेनसाई' और 'रैपिडएक्स' प्लेटफ़ॉर्मों में उपयोग की गयी तकनीकों के लिए अमेरिकी पेटेंट प्राप्त किये हैं। साथ ही टेनसाई से संबंधित एक अतिरिक्त अमेरिकी पेटेंट को भी हाल ही में स्वीकृति मिली है तथा उसके जल्द जारी होने की उम्मीद है। इन पेटेंटों को नैटसॉफ्ट ने अदालत में चुनौती दी थी। अदालत ने पाया कि जिन पेटेंटों का दावा किया गया था, वे किसी विशिष्ट और ठोस आविष्कार की बजाय व्यापक और अमूर्त विचारों का दावा करते हैं, इसलिए वे अमेरिकी कानून के तहत पेटेंट संरक्षण के योग्य नहीं हैं। चूंकि संघीय पेटेंट दावों को खारिज कर दिया गया, इसलिए अदालत ने संबंधित राज्य-स्तरीय दावों पर अधिकार क्षेत्र बनाये रखने से भी इनकार कर दिया और उन्हें भी खारिज कर दिया।</p>
<p>नैटसॉफ्ट को संशोधित शिकायत दाखिल करने के लिए समय दिया गया है। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो अदालत अंतिम निर्णय जारी करने की संभावना रखती है। हेक्सावेयर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीकृष्ण रामकार्तिकेयन ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी को पहले दिन से ही अपने पक्ष में फैसला आने का पूरा विश्वास था। ये प्लेटफ़ॉर्म कंपनी के अपने अनुसंधान और उसके इंजीनियरों के वर्षों के निवेश का परिणाम हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/big-relief-to-hexaware-us-federal-court-rejects-natsofts-patent/article-156774</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/big-relief-to-hexaware-us-federal-court-rejects-natsofts-patent/article-156774</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 18:27:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/hexaware.png"                         length="1119841"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तकनीकी खराबी या ईंधन संकट? अमेरिकी F-35 के इमरजेंसी सिग्नल से उठे सवाल, भेजा इमरजेंसी का कोड</title>
                                    <description><![CDATA[यूएई के ऊपर उड़ान के दौरान अमेरिकी वायु सेना के एफ-35 फाइटर जेट ने कोड 7700 (जनरल इमरजेंसी) भेजा। फ्लाइट डेटा के अनुसार, तकनीकी खराबी या ईंधन की कमी की आशंका के बीच विमान को अबू धाबी के अल धफरा एयर बेस पर सुरक्षित उतारा गया। घटना की विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/technical-fault-or-fuel-crisis-american-f-35s-emergency-signal-raises/article-156742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ff.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। संयुक्त अरब अमीरात के ऊपर उड़ान के दौरान अमेरिकी वायु सेना के एक एफ-35 फाइटर जेट ने कोड 7700 भेजा है, जिसका मतलब 'जनरल इमरजेंसी' होता है। इसकी जानकारी फ्लाइट डेटा से प्राप्त हुई।</p>
<p>इस तरह के कोड का मतलब कोई तकनीकी समस्या, आग, ईंधन की कमी या कोई अन्य समस्या हो सकती है। घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बाद में, विमान अबू धाबी के अल धफरा एयर बेस पर उतरा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/technical-fault-or-fuel-crisis-american-f-35s-emergency-signal-raises/article-156742</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/technical-fault-or-fuel-crisis-american-f-35s-emergency-signal-raises/article-156742</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 14:08:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/ff.png"                         length="626183"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान : अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, कुछ दिनों में हस्ताक्षर होने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ एक शानदार युद्धविराम समझौता तय हो गया है। व्हाइट हाउस में उन्होंने बताया कि दस्तावेज़ अंतिम रूप में हैं और इस सप्ताहांत यूरोप में उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की मौजूदगी में हस्ताक्षर समारोह होने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-claims-us-iran-agreement-expected-to-be-signed-in-a/article-156739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ‘ईरान के साथ युद्ध का एक शानदार समझौता तय किया है’ और अगले कुछ दिनों में इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। ट्रंप ने गुरुवार को ह्वाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि उन्हें उम्मीद है कि सप्ताहांत पर यूरोप में एक हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया जायेगा। इसमें अमेरिका के उप राष्ट्रपति जे डी वेंस शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि दस्तावेज ‘अंतिम रूप’ में हैं और यह समझौता प्रक्रिया ‘बेहद जल्द' पूरी हो जायेगी।</p>
<p>यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई इस समझौते के लिए सहमत हो गये हैं? ट्रंप ने कहा, “मेरी समझ से इसका जवाब हां है।” इस संभावित समझौते को ‘थोड़ा वैचारिक’ करार देते हुए ट्रंप ने कहा कि यह ‘एक बेहद मजबूत सहमति पत्र’ है और ‘ऐसा कुछ है, जो पूरा होने जा रहा है।’</p>
<p>ईरान ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि वह युद्ध विराम के लिए अमेरिकी शर्तों पर सहमत हो गया है। गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल ने बीते 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ यह युद्ध शुरू किया था। इससे पहले गुरुवार को ट्रंप ने लगातार तीसरे दिन ईरान पर हमला करने का संकल्प लिया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका ने इस कार्रवाई को रद्द कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-claims-us-iran-agreement-expected-to-be-signed-in-a/article-156739</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-claims-us-iran-agreement-expected-to-be-signed-in-a/article-156739</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 11:40:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/trump1.png"                         length="2494861"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान, बोले- नेतन्याहू से हुईं गलतियां, हित हमेशा नहीं मिलते</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि इजरायली पीएम नेतन्याहू से कुछ चीजें गलत हुई हैं। लेबनान सैन्य कार्रवाई और ईरान तनाव के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि नेतन्याहू अपने देश के हितों की पैरवी करते हैं, लेकिन जहां टकराव होगा, वहां अमेरिका अपने नागरिकों का हित चुनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-vice-president-jd-vances-big-statement-said-netanyahu/article-156671"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jd-vance.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान के खिलाफ युद्ध में सहयोगी रहे अमेरिका और इजरायल के बीच पिछले कुछ हफ्तों से रिश्तों में तल्खी साफ देखने को मिल रही है। इस बीच, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ‘निश्चित रूप से कुछ चीजें गलत हुई हैं।’ वेंस ने हालांकि इसका कोई खास उदाहरण नहीं दिया, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि नेतन्याहू ‘अपने देश के हितों की आक्रामक रूप से पैरवी करते हैं’, लेकिन उनके हित हमेशा अमेरिका के हितों के अनुकूल नहीं होते। उनका यह बयान दोनों सहयोगियों के बीच हाल के दिनों में उपजे तनाव को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने जैसा है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली नेता के बीच लेबनान में सैन्य कार्रवाई को लेकर तीखी बहस हुई थी। इजरायल की इस कार्रवाई के कारण क्षेत्र में नए सिरे से हमले शुरू हो गए हैं, जिससे ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता खटाई में पड़ती दिख रही है। बीती रात अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन हवाई हमलों हुए जिससे अप्रैल महीने से दोनों देशों के बीच लागू युद्धविराम संकट में आ गया है। यह तनाव तब दोबारा भड़का जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने युद्ध को समाप्त करने का ‘सौदा करने में बहुत लंबा समय ले लिया।’ ताजा संघर्ष की मुख्य वजह लेबनान के घटनाक्रम हैं, जहां इजरायल ईरान-समर्थित सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के खिलाफ अपना सैन्य अभियान लगातार जारी रखे हुए है।</p>
<p>इस साक्षात्कार का प्रसारण आगामी रविवार होगा। इसमें वेंस ने कहा कि नेतन्याहू एक ऐसे देश का शासन चला रहे हैं जो निश्चित रूप से अमेरिका का बहुत करीबी भागीदार रहा है। लेकिन, बेहद करीबी सहयोगी होने के बावजूद, कभी-कभी हमारे हित पूरी तरह एक जैसे होते हैं और कभी-कभी उनमें टकराव होता है। मैंने प्रधानमंत्री के रुख में यही देखा है कि वह अपने देश के हितों को बहुत आक्रामक तरीके से सामने रखते हैं, कभी इसका मतलब यह होता है कि हम दोनों एक ही राह पर हैं, और कभी इसका मतलब होता है कि हम अलग हैं।”अमेरिकी उप राष्ट्रपति ने आगे स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन का मुख्य काम इस बात पर ध्यान केंद्रित करना है कि अमेरिका के सर्वोत्तम हित में क्या है। उन्होंने कहा, "जहां हमारे हितों में टकराव होगा, वहां इजरायलियों के लिए दुर्भाग्य से ही सही हमें अमेरिकी जनता का पक्ष चुनना होगा।” जब वेंस से उन उदाहरणों के बारे में पूछा गया, जहां नेतन्याहू से गलतियां हुईं, तो उन्होंने यह कहकर बात टाल दी कि ‘ऐसी बातचीत को निजी रखना ही बेहतर होता है।’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-vice-president-jd-vances-big-statement-said-netanyahu/article-156671</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-vice-president-jd-vances-big-statement-said-netanyahu/article-156671</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:29:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/jd-vance.png"                         length="1240589"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमले के बाद बड़ा पलटवार: अमेरिका ने ईरान के 20 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, खाड़ी में बढ़ी सैन्य हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरान के 20 रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। सोमवार को ओमान तट के पास ईरानी 'शाहेद' ड्रोन द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में यह कार्रवाई की गई। अमेरिका ने ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, रडार और ड्रोन केंद्रों को नष्ट कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-counterattack-after-the-attack-on-american-apache-helicopter-america/article-156577"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/us-iran-drone-attack.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी सेना ने ईरान में 20 ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसे उसने इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद 'जवाबी कार्रवाई' बताया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की ओर से जारी बयान के अनुसार, जिन ठिकानों पर हमले किए गए उनमें ईरानी हवाई रक्षा प्रणाली, रडार प्रतिष्ठान और ड्रोन नियंत्रण केंद्र शामिल थे। सेंटकॉम ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सेना और क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों का एक जवाब थी।</p>
<p>यह नया तनाव बुधवार तड़के कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों के बाद शुरू हुआ। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय के साथ-साथ कुवैत में अली अल सलेम हवाई ठिकाने को निशाना बनाया था। कुवैती सैन्य अधिकारियों ने बाद में कहा कि उनकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने दुश्मन के हवाई हमलों को हवा में ही रोक दिया। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि कोई ड्रोन अपने तय निशाने तक पहुँच पाया था या नहीं।</p>
<p>दोनों देशों के बीच अप्रैल में हुए संघर्ष विराम के बाद से यह अब तक की सबसे गंभीर सैन्य झड़प है, जिसने पहले से ही कमजोर शांति समझौते को और बिगाड़ दिया है। अमेरिकी समाचार सूत्रों के अनुसार, सोमवार को ओमान के तट के पास समुद्री क्षेत्र में गश्त के दौरान अपाचे हेलीकॉप्टर पर ईरान निर्मित 'शाहेद' ड्रोन से हमला किया गया था। केंद्रीय कमान ने बताया कि हमले के बाद विमान समुद्र में गिर गया था, जिसके बाद दोनों पायलटों को लगभग दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया।</p>
<p>ईरानी सैन्य अभियानों में ये ड्रोन मुख्य आक्रामक हथियारों में से एक बन गए हैं, जिनका उपयोग अमेरिका और इजराइल के खिलाफ अभियानों में बड़े पैमाने पर किया गया है। इसके अलावा, ईरान ने ये ड्रोन रूस को भी दिए हैं, जिसका इस्तेमाल उसकी सेना यूक्रेन में बड़े पैमाने पर कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/big-counterattack-after-the-attack-on-american-apache-helicopter-america/article-156577</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/big-counterattack-after-the-attack-on-american-apache-helicopter-america/article-156577</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:23:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/us-iran-drone-attack.png"                         length="385085"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेतन्याहू के पास अमेरिका-ईरान समझौता स्वीकारने के अलावा कोई विकल्प नहीं : डोनाल्ड ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते को स्वीकार करने के अलावा इजरायल के पास कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि फैसले लेने का अधिकार सिर्फ उनका है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि बातचीत विफल होने पर ईरान की नाकेबंदी या सैन्य बल का इस्तेमाल किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/netanyahu-has-no-option-but-to-accept-us-iran-agreement-donald/article-156334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पास अमेरिका-ईरान के बीच होने वाले किसी भी संभावित समझौते को स्वीकार करने के अलावा 'कोई विकल्प' नहीं होगा। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि इजरायल इन वार्ताओं के परिणाम तय नहीं करता है। ट्रंप ने कड़े लहजे में कहा, "फैसले मैं लेता हूं। सारे फैसले मैं ही करता हूं। वह फैसले नहीं लेते।"</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा भी किया कि इजरायल पर ईरान के किये गये हाल के मिसाइल हमलों का ईरान से बातचीत जारी रखने की उनकी इच्छा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, "इस घटना का समझौते पर कोई प्रभाव नहीं होने वाला है।" इसके साथ ही, ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि यह बातचीत विफल रहती है तो अमेरिका या तो ईरान की नाकेबंदी जारी रख सकता है या सैन्य बल का उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक नाकेबंदी उस देश पर किये गये 'किसी भी हमले से कहीं अधिक शक्तिशाली' रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/netanyahu-has-no-option-but-to-accept-us-iran-agreement-donald/article-156334</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/netanyahu-has-no-option-but-to-accept-us-iran-agreement-donald/article-156334</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 16:44:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/trump3.png"                         length="1387132"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सैन्य संघर्ष के 100 दिन बीते: दुनिया भर में जंग दोबारा भड़कने की आशंका से खौफ, दोनों के दरम्यान चल रहा युद्धविराम</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष 100 दिनों पर पहुंच गया है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के शुरुआती 100 घंटों में अमेरिका ने ₹31,000 करोड़ गंवाए। होर्मुज स्ट्रेट संकट से दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और महंगाई में भारी उछाल आया है। भारी सैन्य जनहानि के बाद अब 60 दिनों के नाजुक संघर्ष विराम पर बातचीत जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/100-days-of-military-conflict-passed-ceasefire-going-on-between/article-156232"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/us2.png" alt=""></a><br /><p>वाॅशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष 100 दिनों तक पहुंच गया है। यह टकराव ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के नाम से जाना गया, जिसकी शुरूआत 28 फरवरी को हुई। इस युद्ध में अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान को निशाना बनाया था, जिसके पहले ही दिन तेहरान में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। अमेरिकी थिंक टैंक सीएसआईएस की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के शुरूआती 100 घंटों में ही अमेरिका का लगभग 31,000 करोड़ रुपए का भारी खर्च हुआ। </p>
<p><strong>होर्मुज का संकट</strong></p>
<p>होर्मुज स्ट्रेट तेल की वैश्विक आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है, जहां दोनों देशों की सेनाओं के आमने-सामने आने से ग्लोबल आॅयल क्राइसिस और मंहगाई बढ़ गई है। इस क्षेत्र में तनाव के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम और आम इस्तेमाल के रोजमर्रा उत्पादों की कीमतों में उछाल देखा गया है। भारत सहित पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था पर इस युद्ध का बहुत नकारात्मक असर हुआ है। भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है।</p>
<p><strong>सीजफायर और शांति वार्ता</strong></p>
<p>इन 100 दिनों की गहन लड़ाई और बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के बाद, मध्यस्थ देश अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के संघर्ष विराम विस्तार समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। लेकिन इन शांति प्रयासों को मिलने वाली सफलता के बारे में कोई भी आश्वस्त नहीं है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब अनप्रीडेक्टेबल मान लिए गए हैं और कोई भी उनकी बातों या वादों पर यकीन नहीं करता। वैसे दोनों पक्षों के बीच एक नाजुक सा युद्धविराम मौजूद है, लेकिन पूरी दुनिया जंग दोबारा शुरू होने के प्रति आशंकित भी है।</p>
<p><strong>अमेरिका के 15 सैनिक मरे, 543 जख्मी</strong></p>
<p>युद्ध में अमेरिका के 15 सैनिक मारे गए और 543 सैनिक घायल हुए। जबकि इजरायल के 29 जवान और एक कांट्रैक्टर मारे गए। उसके 28 नागरिक भी ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों में घायल हुए। संयुक्त अरब अमीरात के दो सैनिक और 11 नागरिक ईरानी हमलों में घायल हुए। जबकि कुवैत के चार सैनिक और सात नागरिक ईरानी हमलों में मारे गए। साथ ही उसके 78 सैनिक और 104 नागरिक घायल हुए। दूसरी ओर ईरानी दावे के अनुसार उसके 3,468 लोग युद्ध में मारे गए और 26500 घायल हुए। जबकि हजबुल्ला के एक हजार से अधिक लोग मारे गए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/100-days-of-military-conflict-passed-ceasefire-going-on-between/article-156232</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/100-days-of-military-conflict-passed-ceasefire-going-on-between/article-156232</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 09:51:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/us2.png"                         length="491740"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-यूएस व्यापार समझौता जल्द ; ट्रंप ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी मेरे अच्छे दोस्त, हार्ले-डेविडसन का दिया उदाहरण</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ जल्द ही एक बड़े व्यापार समझौते की उम्मीद जताई है। ट्रंप ने पीएम मोदी के साथ बेहतरीन तालमेल का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर यह डील करेंगे। वाशिंगटन में चार दिवसीय द्विपक्षीय वार्ता पूरी होने के बाद आया यह बयान दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-said-that-prime-minister-modi-is-my/article-156062"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक व्यापार समझौते पर पहुंच जायेंगे। ट्रंप ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देश् ही एक व्यापार समझौते पर पहुंच जायेंगे। उन्होंने कहा "हम एक समझौते तक जरूर पहुंचेंगे, क्योंकि मैं भारतीय प्रधानमंत्री को बहुत पसंद करता हूं। वे मेरे अच्छे दोस्त हैं। हमारे बीच बेहतरीन तालमेल है और हम मिलकर यह डील करने जा रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अब 'भारत के साथ काफी मुनाफा कमा रहा है।" पहले स्थिति अलग थी और भारत भारी टैरिफ लगाकर अमेरिका से पैसे कमाता था।</p>
<p>अपनी बात को समझाने के लिए ट्रंप ने अमेरिकी मोटरसाइकिल ब्रांड 'हार्ले-डेविडसन' का उदाहरण दिया। उन्होंने तर्क दिया कि अतीत में भारत के लगाये गये ऊंचे टैरिफ के कारण इस प्रतिष्ठित निर्माता के लिए भारत में अपने वाहन बेचना बेहद मुश्किल हो गया था। ट्रंप ने कहा, "अतीत में, वे हार्ले-डेविडसन को अपनी मोटरसाइकिलें नहीं बेचने देते थे। उन्होंने 200 प्रतिशत का टैरिफ लगा रखा था, जिससे हार्ले-डेविडसन के लिए रास्ते बंद हो गये थे। आखिरकार कंपनी को भारत जाकर अपने खुद के प्लांट लगाने पड़े। जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था, लेकिन ऐसा हुआ। यह सब मेरे कार्यकाल से पहले की बात है।"</p>
<p>उन्होंने कहा, "वे भी यहां मोटरसाइकिलें बेचते थे। क्या आप जानते हैं कि हम उनसे कितना शुल्क लेते थे? कुछ भी नहीं। और अब स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। हम भारत के साथ काफी मुनाफा कमा रहे हैं।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि भारत सालों से अमेरिकी नीतियों का फायदा उठा रहा था और भारी-भरकम टैरिफ वसूल रहा था। उन्होंने कहा, "वे हमारी कंपनियों से भारी मात्रा में टैरिफ वसूलते थे और हम उनसे कुछ भी नहीं लेते थे।"</p>
<p>ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने नयी दिल्ली में एक अंतरिम द्विपक्षीय समझौते पर चार दिनों तक चली बातचीत को गुरुवार को पूरा किया है। भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने इस वार्ता के बारे में कहा कि व्यापार वार्ता सहयोग और व्यावहारिकता की भावना से भरी रही। दोनों पक्षों ने एक ऐसे पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते पर पहुंचने की प्रतिबद्धता दोहरायी, जो द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-said-that-prime-minister-modi-is-my/article-156062</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-said-that-prime-minister-modi-is-my/article-156062</guid>
                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 11:50:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/trump3.png"                         length="653905"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान बातचीत में अड़चन: ईरान ने की जब्त धन को तुरंत जारी करने की मांग, हिचकिचा रहा ट्रंप प्रशासन </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में जब्त फंड की तत्काल रिहाई सबसे बड़ा रोड़ा बन गई है। ईरान $12 अरब की नकद राशि तुरंत जारी करने पर अड़ा है, जबकि ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ठोस कदम उठाए बिना कोई आर्थिक राहत नहीं दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hurdle-in-us-iran-talks-iran-demands-immediate-release-of-seized/article-155993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/mojtaba-khamenei.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में ईरान के जब्त धन को तुरंत जारी करने की मांग सबसे बड़ी अड़चन बन गई है। ईरान इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि किसी संभावित समझौते के तहत कोई भी ठोस कदम उठाने से पहले उसकी अरबों डॉलर की जब्त की गई धनराशि को तुरंत जारी किया जाए। इस मांग को मानने में ट्रंप प्रशासन हिचकिचा रहा है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन ईरान को कोई बड़ी रियायत दिए बिना बड़े पैमाने पर धन जारी करने को मंज़ूरी देने में आनाकानी कर रहा है। खासकर ईरान के संवर्धित यूरेनियम के भंडार, परमाणु गतिविधियों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर वह कड़ा रूख अपना रहा है।</p>
<p>जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरानी वार्ताकार चाहते हैं कि जैसे ही दोनों पक्ष शुरुआती सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर करें, उन्हें जब्त हुए धन से "नकद धनराशि" तुरंत मिल जाए और इसमें किसी तरह की कोई देरी नहीं होनी चाहिए। अमेरिकी अधिकारियों का रुख साफ है कि प्रतिबंधों में राहत तभी मिलेगी जब ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई ठोस आश्वासन देगा। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में चिंता सिर्फ दिखावे तक सीमित नहीं है। अगर धनराशि को जल्दी जारी कर दिया गया, तो इससे ईरान को एक आर्थिक सहारा मिल जाएगा, जबकि अमेरिका के हाथ से उसका सबसे ताकतवर मोलभाव का हथियार,आर्थिक दबाव, जिसे बनाने में उसने कई वर्ष लगाए हैं, वह उसके हाथ से निकल जाएगा।</p>
<p>वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्रीय मध्यस्थों को साफ कर दिया है कि जब तक ईरान पहले कोई ठोस और कारगर कदम नहीं उठाता है खासकर अपनी परमाणु गतिविधियों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर,तब तक कोई बड़ी रकम जारी नहीं की जाएगी। श्री ट्रंप ने अपने सलाहकारों से साफ-साफ कह दिया है कि वह ऐसे किसी भी समझौते पर दस्तखत नहीं करेंगे जो ओबामा के 2015 के समझौते जैसा हो, जिसके तहत ईरान के लिए 1.7 अरब डॉलर का फंड जारी किया गया था।</p>
<p>रिपोर्टों के मुताबिक ईरान अब करीब 12 अरब डॉलर की मांग कर रहा है, और ट्रंप की ऐसी कोई मंशा नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सलाहकारों ने ऐसे इंतज़ामों पर विचार किया है, जिनके तहत कोई तीसरा देश जैसे कि कतर ईरान को फंड जारी करेगा, ताकि अमेरिका किसी भी सीधे भुगतान से दूर रहे। मध्यस्थों ने बीच का रास्ता निकालने के लिए कुछ प्रस्ताव रखे हैं, जिनमें कई अरब डॉलर का एक "मानवीय फंड" बनाना भी शामिल है। इस फंड का इस्तेमाल सिर्फ भोजन, दवा और कृषि उत्पादों की खरीद के लिए किया जाएगा। लेकिन अब तक, दोनों में से कोई भी पक्ष इतना झुकने को तैयार नहीं हुआ है कि यह गतिरोध टूट सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/hurdle-in-us-iran-talks-iran-demands-immediate-release-of-seized/article-155993</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/hurdle-in-us-iran-talks-iran-demands-immediate-release-of-seized/article-155993</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 18:39:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/mojtaba-khamenei.png"                         length="764751"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-यूक्रेन संघर्ष: अमेरिका का रूस के साथ संबंध बनाए रखना जरूरी, बोले- मध्यस्थता के प्रयासों को फिर से शुरू करने के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यूक्रेन संघर्ष के बावजूद अमेरिका को रूस के साथ राजनयिक संबंध और बातचीत बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई द्विपक्षीय मुद्दों का यूक्रेन से संबंध नहीं है। रुबियो ने ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता में वापसी की इच्छा जताते हुए कहा कि अमेरिका पूरी तरह यूक्रेन के पक्ष में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-ukraine-conflict-america-needs-to-maintain-relations-with-russia-says/article-155969"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/macro.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यूक्रेन में जारी संघर्ष के बावजूद अमेरिका को रूस के साथ संबंध और बातचीत बनाए रखनी चाहिए। रुबियो ने संसद की विदेश मामलों की समिति की सुनवाई में कहा, “कम से कम, हमें रूसियों के साथ संबंध और बातचीत जारी रखनी ही होगी। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में ऐसे मुद्दे हैं, जिनका यूक्रेन से कोई लेना-देना नहीं है।” अमेरिकी विदेश मंत्री ने विश्वास जताया कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान होने के बाद अमेरिका-रूस संबंध अधिक दोस्ताना और संभालने में आसान हो जाएंगे। उन्होंने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका-यूक्रेन संघर्ष पर मध्यस्थता के प्रयासों को फिर से शुरू करने के लिए तैयार है।</p>
<p>मार्को रुबियो से जब पूछा गया कि क्या मध्यस्थता में ट्रंप प्रशासन फिर से शामिल होने के लिए तैयार है, तो उन्होंने जवाब दिया, “हम ऐसा करने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने हालांकि इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका के अब तक के प्रयास ‘कम फलदायी’ रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन में संघर्ष को सुलझाने की बातचीत में अमेरिका ‘साफ तौर पर’ यूक्रेन के पक्ष में है।</p>
<p>उन्होंने समिति से कहा, “हम उस युद्ध में निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं हैं। हम रूस को हथियार नहीं देते, हम केवल यूक्रेन को हथियार देते हैं। हम यूक्रेन पर प्रतिबंध नहीं लगाते, हम केवल रूस पर प्रतिबंध लगाते हैं, इसलिए हमने स्पष्ट रूप से एक पक्ष लिया है।” मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को आवश्यकता सूची (पर्ल) कार्यक्रम के माध्यम से हथियार बेचना जारी रखे हुए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/america-ukraine-conflict-america-needs-to-maintain-relations-with-russia-says/article-155969</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/america-ukraine-conflict-america-needs-to-maintain-relations-with-russia-says/article-155969</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 17:29:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/macro.png"                         length="1023854"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        