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                <title>social - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>रील के लिए मगरमच्छ से बैर ले रहे युवा, सोशल मीडिया पर वायरल होने की सनक में वन्यजीव संरक्षण कानून का कर रहे खुला उल्लंघन</title>
                                    <description><![CDATA[वन विभाग और प्रशासन को चाहिए कि वे जनजागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को समझाएं ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/young-people-are-antagonizing-crocodiles-for-social-media-reels--openly-violating-wildlife-protection-laws-in-their-craze-for-going-viral/article-130525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(2)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong> केस-1 : पैरों से मुंह दबाकर मगरमच्छ को दबोचा</strong><br />नया नोहरा इलाके में दीपावली से एक दिन पहले रविवार को सड़क पर 4 फीट लंबा मगरमच्छ आ गया था। लोगों को देख वह भागने लगा तो लोग भी उसके पीछे दौड़ने लगे। इस बीच एक युवक ने मगरमच्छ के मुंह को पैरों तले दबाकर रेस्क्यू किया। जिसे बाद में नहर में छोड़ा गया।  </p>
<p><strong>केस-2 : 80 किलो के मगर को कंधों पर उठाया</strong><br />इटावा के बंजारी गांव में एक घर में 8 फीट लंबा मगरमच्छ घुस गया था। जिसे रेस्क्यू करने पहुंचे हयात खान ने उसे पकड़ा और 80 किलो वजनी मगरमच्छ को कंधों पर उठाकर ले गया। जिसे बाद में चंबल नदी में छोड़ा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। </p>
<p><strong>केस-3 : गोदी में मगर को उठाकर फोटोशूट करवाया</strong><br />देवली अरब क्षेत्र में शुक्रवार देर रात कुछ युवक मगरमच्छ  गोद में लेकर हंसी ठिठोली कर खेलते नजर आए। इसी तरह कोटड़ी क्षेत्र में आए मगरमच्छ को लोगों ने पकड़कर कंधों पर उठा लिया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए। लोग वन विभाग की टीम को सूचना देने के बजाए रील्स बनाने के लिए खुद ही रेस्क्यू कर रहे हैं।</p>
<p>शेड्यूल वन के वन्यजीवों के साथ रील्स बनाने का बढ़ता क्रेज युवाओं और जानवरों दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोअर्स  बटोरने की होड़ में युवा, न केवल वन्यजीव संरक्षण अधिनियम कानून को ठेंगा दिखा रहे बल्कि अपनी जान भी दांव पर लगाने से नहीं चूक रहे। रील्स, मीम और लाइक-कमेंट की सनक में वन्यजीवों को उकसाते और उनके प्राकृतिक आवास में घुसपैठ करते हैं, जिससे इंसान व जानवरों के बीच संघर्ष के गंभीर खतरे पैदा हो रहे हैं। कोटा जिले में इन दिनों युवाओं का मगरमच्छ के साथ रील बनाने का खतरनाक शौक बन गया है। पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए, जिसमें कोई गोदी में लेकर मगरमच्छ के साथ खेल रहा तो कोई भारी-भरकम मगरमच्छ को कंधों पर उठाकर वाहवाही लूट रहा। वहीं, सड़कों पर मगरमच्छ के मुंह को पैरों तले दबाकर काबू करने का साहस दिखा रहे। इन हरकतों से युवा खुद के साथ न केवल वन्यजीव की जान खतरे में डाल रहे बल्कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम  का भी खुला उल्लंघन कर रहे हैं। </p>
<p><strong>3 से 7 साल की सजा का प्रावधान</strong><br />मगरमच्छ शेड्यूल वन का एनीमल है। इनको गोदी व कंधों पर उठाकर रील्स बनाना, इनके साथ मारपीट व हंसी ठिठोली करना अमानवीय व्यवहार की श्रेणी में आता है, जो वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट-1972 का खुला उल्लंघन है। जिसमें 3 से 7 साल की सजा का प्रावधान है। वहीं, 10 हजार से 1 लाख तक का जुर्माने की कार्रवाई की जा सकती है। </p>
<p><strong>अपने साथ मगर की जिंदगी भी खतरे में डाल रहे</strong><br />सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियों में युवा, मगरमच्छ को पकड़ते, मुंह पर टेप लगाते व दौड़ाकर रेस्क्यू करने का नाटक करते नजर आए हैं। वन विभाग की रेस्क्यू टीम को सूचना देने के बजाय खुद हीरो  बनने की चाहत में न सिर्फ अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं बल्कि मगरमच्छों के जीवन के लिए भी बड़ा खतरा बन रहे हैं।</p>
<p><strong>कानून की अनदेखी और विभाग की चुप्पी</strong><br />वन विभाग की ओर से अब तक इस संबंध में न तो जागरूकता अभियान चलाया गया और न ही वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत सजा और जुर्माने की कार्रवाई की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही मानव-वन्यजीव संघर्ष को बढ़ावा देती हैं और प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित करती हैं।</p>
<p><strong>फॉलोअर्स की होड़ में उड़ाई जा रही कानून की धज्जियां</strong><br />युवाओं में सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने और वायरल  होने की सनक इतनी हावी है कि वे वन्यजीवों के प्रति करुणा और कानून दोनों भूल बैठे हैं। फॉरेस्ट अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के मामलों में पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>वन्यजीवों को खतरा</strong><br /><strong>व्यवहार में बदलाव: </strong>रील्स के लिए वन्यजीवों को परेशान करने से उनका प्राकृतिक व्यवहार बदल सकता है। बार-बार होने वाली घुसपैठ से वे तनाव में आ सकते हैं, जिससे उनके खाने, शिकार करने और प्रजनन के तरीकों पर असर पड़ सकता है।<br /><strong>तनाव और चोट: </strong>वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में परेशान करने से उनमें तनाव पैदा होता है, जिससे वे बीमार पड़ सकते हैं या घायल हो सकते हैं।<br /><strong>हैबीटाट लॉस:</strong> इंसानों की मौजूदगी और रील्स की शूटिंग के दौरान होने वाली गतिविधियों से जानवरों के आवास को नुकसान पहुंचता है, जिससे उनकी संख्या में कमी आ सकती है।<br /><strong>मानव-वन्यजीव संघर्ष में वृद्धि: </strong>जब जानवर इंसानों के साथ संघर्ष करते हैं, तो अक्सर इसका खामियाजा उन्हें ही भुगतना पड़ता है। ऐसी घटनाएं वन्यजीवों के लिए खतरा बढ़ाती हैं। </p>
<p><strong>यह हो सकते हैं समाधान</strong><br /><strong>जन जागरूकता अभियान:</strong> सोशल मीडिया के जरिए वन्यजीव संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना चाहिए। <br /><strong>सख्ती से लागू हो कानून:</strong> सरकार को वन्यजीवों को परेशान करने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और कानूनों को सख्ती से लागू करना चाहिए।<br /><strong>शिक्षण और जागरूकता:</strong> स्कूलों और कॉलेजों में वन्यजीव संरक्षण की शिक्षा देना चाहिए ताकि युवा इसके प्रति जागरूक हो सकें। </p>
<p><strong>वन्य जीव प्रेमी बोले</strong><br />वन्यजीव को छेड़ना, पकड़ना, हंसी ठिठोली करना या वाइल्ड एनीमल्स के साथ रील बनाना न केवल गैरकानूनी है बल्कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार भी है। जागरूकता की कमी और सोशल मीडिया की लालसा मिलकर एक गंभीर खतरा पैदा कर रही है। युवाओं को इससे बचना चाहिए। वन विभाग को जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। <br /><strong>- एएच जैदी, नेचर प्रमोटर</strong></p>
<p>रील की कुछ सेकंड की लोकप्रियता पाने के लिए युवाओं की यह नादानी उन्हें कानूनी सजा, शारीरिक चोट या मौत के खतरे तक पहुंचा सकती है। वन विभाग और प्रशासन को चाहिए कि वे जनजागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को समझाएं कि वन्यजीव खिलौना नहीं बल्कि प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं।<br /><strong>- डॉ. सुधीर गुप्ता, वन्यजीव प्रेमी</strong></p>
<p>मगरमच्छ शेड्यूल वन का एनीमल है। इसके साथ छेड़छाड़ करना वन्यजीव अधिनियम 1972 का खुला उल्लंघन है। वन विभाग को ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन, विभाग कार्रवाई नहीं करता क्योंकि यह लोग विभाग का काम कर देते हैं। कार्रवाई होगी तो रेस्क्यू के लिए वन विभाग को काम करना पड़ेगा, इसलिए जिम्मेदारी से बचने के लिए एक्शन नहीं करते। नतीजन, ऐसे मामलों की पुनरावृति बढ़ती है।<br /><strong>- तपेश्वर सिंह भाटी, वन्यजीव प्रेमी</strong></p>
<p>वाइल्ड लाइफ के प्रति लोगों में जागरूकता की कमी है। अवेयरनेस बढ़ाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। हाल ही में वाइल्ड लाइफ सप्ताह में भी स्कूल व कॉलेज में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक किया है।  वहीं, इस तरह की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>- अनुराग भटनागर, डीएफओ वन्यजीव विभाग कोटा</strong></p>
<p>वन्यजीवों के साथ रील्स बनाना, सोशल मीडिया पर फोटो वीडियो अपलोड करना गैर कानूनी है। इसमें सजा और जुर्माने का प्रावधान है। यदि, आबादी क्षेत्र में वन्यजीव नजर आए तो वन विभाग को सूचित किया जाना चाहिए, हमारी टीम तुरंत रेस्क्यू करने पहुंचेगी। <br /><strong>- सुगना राम जाट, संभागीय मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक वन्यजीव</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Oct 2025 15:56:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बाल विवाह अपराध और सामाजिक अभिशाप </title>
                                    <description><![CDATA[तालुका विधिक सेवा समिति लालसोट के तत्वावधान में गुरुवार को तहसील कार्यालय परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। अधिवक्ता विजय कुमार ठाकुरिया ने बाल विवाह को अपराध एवं सामाजिक अभिशाप बताते कहा कि भारत में और विशेषकर राजस्थान में बच्चों की छोटी उम्र में शादी की कुरीति को रोकने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 से लागू किया गया है, जिसमें लड़के की आयु 21 से कम है और लड़की की आयु 18 वर्ष से कम है तो वे विवाह योग्य नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/child-marriage-crime-and-social-curse/article-12917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/child-marriage.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लालसोट।</strong> तालुका विधिक सेवा समिति लालसोट के तत्वावधान में गुरुवार को तहसील कार्यालय परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। अधिवक्ता विजय कुमार ठाकुरिया ने बाल विवाह को अपराध एवं सामाजिक अभिशाप बताते कहा कि भारत में और विशेषकर राजस्थान में बच्चों की छोटी उम्र में शादी की कुरीति को रोकने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 से लागू किया गया है, जिसमें लड़के की आयु 21 से कम है और लड़की की आयु 18 वर्ष से कम है तो वे विवाह योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विवाह के समय लड़का या लड़की दोनों में से कोई भी विवाह योग्य उम्र का नहीं है तो ऐसा विवाह बाल विवाह होने से एक अपराध माना गया है।</p>
<p>शिविर में अधिवक्ता तेजराम मीणा ने नालसा द्वारा संचालित बच्चों के लिए विधिक सेवाएं एवं उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं योजना की जानकारी प्रदान की। उन्होंने नालसा की तस्करी और वाणिज्यक यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवा योजना, आदिवासियों के अधिकारों के संरक्षण और प्रवर्तन के लिए विधिक सेवा योजना की जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, बाल श्रम विरोधी अधिनियम, राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 13 अगस्त 22 व श्रमिकों के अधिकारों के बारे में उपस्थित लोगों को बताया एवं श्रमिक  कल्याण के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों  द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 15:45:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने पर युवक गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ टोडारायसिंह। पुलिस थाना टोडारायसिंह ने सोशल मीडिया पर लोगों को भड़काने वाले पोस्ट डालने पर एक युवक गिरफ्तार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/youth-arrested-for-posting-inflammatory-posts-on-social-media/article-12194"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/116.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> टोडारायसिंह।</strong> पुलिस थाना टोडारायसिंह ने सोशल मीडिया पर लोगों को भड़काने वाले पोस्ट डालने पर एक युवक गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के आदेशानुसार, एएसपी राकेश कुमार व पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप गोयल के निर्देशानुसार 13 जून को कस्बा टोडारायसिंह में सोशल मीडिया पर लोगों को भड़काने वाले पोस्ट डालने पर थानाधिकारी दातार सिंह ने मय जाप्ता त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक का पता लगाकर गैरसायल शंकर पुत्र कजोड़ जाति पहाड़िया निवासी खटीकों के मंदिर के पास कस्बा टोडारायसिंह को गिरफ्तार किया है। <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jun 2022 12:23:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CM ने 74 लोगों को ओर दी राजनीतिक नियुक्तियां,  नियुक्तियों में विरोध की गर्मी,  राजेश चौधरी, सुनील आसोपा ने छोड़ा पद, पद छोड़ने वालों की बढ़ेगी संख्या </title>
                                    <description><![CDATA[<p>  जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजनीतिक नियुक्तियों के दूसरे दौर में सोमवार को 74 लोगों को नियुक्त किया है। इन नियुक्तियों में पायलट खेमे को ज्यादा तवज्जो नहीं दी गई। नीमकाथाना के विधायक सुरेश मोदी को राजस्थान व्यापार कल्याण बोर्ड और बांदीकुई के विधायक गजराज खटाणा को भवन एवं अन्य सनिर्माण राज्य स्तरीय सलाहकार समिति तथा डॉ. अर्चना शर्मा को राजस्थान समाज कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष बनाया है।</p>
<p>पूर्व विधायक मीनाक्षी चन्द्रावत को राजस्थान समाज कल्याण बोर्ड की उपाध्यक्ष, सुचित्रा आर्य को राजस्थान स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डवलपमेंट बोर्ड की उपाध्यक्ष, दर्शन सिंह गुर्जर को राजस्थान पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास आयोग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-gave-more-political-appointments-to-74-people--heat-of-opposition-in-appointments--rajesh-chaudhary--sunil-asopa-left-the-post--the-number-of-people-leaving-the-post-will-increase/article-5195"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/ashok-gehlot-new.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजनीतिक नियुक्तियों के दूसरे दौर में सोमवार को 74 लोगों को नियुक्त किया है। इन नियुक्तियों में पायलट खेमे को ज्यादा तवज्जो नहीं दी गई। नीमकाथाना के विधायक सुरेश मोदी को राजस्थान व्यापार कल्याण बोर्ड और बांदीकुई के विधायक गजराज खटाणा को भवन एवं अन्य सनिर्माण राज्य स्तरीय सलाहकार समिति तथा डॉ. अर्चना शर्मा को राजस्थान समाज कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष बनाया है।</p>
<p>पूर्व विधायक मीनाक्षी चन्द्रावत को राजस्थान समाज कल्याण बोर्ड की उपाध्यक्ष, सुचित्रा आर्य को राजस्थान स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डवलपमेंट बोर्ड की उपाध्यक्ष, दर्शन सिंह गुर्जर को राजस्थान पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास आयोग का उपाध्यक्ष और अवधेश दिवाकर बैरवा को राजस्थान अनुसूचित जाति वित्त विकास आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इनके अलावा राजस्थान राज्य महिला आयोग में तीन, अनुसूचित जाति में एक, वक्फ विकास परिषद में चार, मदरसा बोर्ड में सात, बीसूका में दो, समाज कल्याण बोर्ड में तीन, जन अभियोग निराकरण समिति में तीन, युवा बोर्ड में आठ, खादी एवं ग्रामोद्योग में चार, राज्य क्रीड़ा परिषद में छह, धरोहर संरक्षण एवं प्रौन्नति प्राधिकरण में दो, व्यापार कल्याण बोर्ड में दो, जीव जन्तु कल्याण बोर्ड में दो, स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डवलपमेंट बोर्ड में चार, विप्र कल्याण बोर्ड में पांच, चारागाह विकास बोर्ड में चार, वरिष्ठ नागरिक कल्याण बोर्ड में तीन और पशुधन विकास बोर्ड में चार सदस्य नियुक्त किए हैं। मुख्यमंत्री ने पहले दौर में नौ फरवरी को 44 आयोगों, निगमों और बोर्डों में 58 लोगों को राजनीतिक नियुक्तियां दी थी।</p>
<p>मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा 74 लोगों को राजनीतिक नियुक्तियां देने के साथ ही विरोध शुरू हो गया है। इस सूची के जारी होते ही पायलट समर्थक दो प्रमुख नेता राजेश चौधरी और सुशील आसोपा शामिल ने अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए पद लेने से इनकार कर दिया है।</p>
<p>राजेश चौधरी को बीसुका में सदस्य  और सुशील आसोपा को बंजर भूमि एवं चारागाह विकास बोर्ड में सदस्य बनाया गया है। आसोपा ने पद को ठुकराते हुए कहा है कि नियुक्ति से पहले मेरी कोई सहमति नहीं ली गई। उन्होंने ट्वीट जारी कर  लिखा है कि मैं 42 महीने की नौकरी छोडकऱ पदों के लिए कांग्रेस में नहीं आया। दूसरी तरफ राजेश चौधरी ने अपरिहार्य कारण बताते हुए असमर्थता प्रकट की है और कहा है कि मेरी जगह किसी अन्य सक्रिय कार्यकर्ता को मौका दे दिया जाना चाहिए। हालांकि दोनों ने ही कांग्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा है कि वे कार्यकर्ता के रूप में अपनी सेवाएं देते रहेंगे।</p>
<p><br />महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष ममता वशिष्टका ने इस बात पर नाराजगी प्रकट की कि ऐसे लोगों को पद दे दिया गया जो कि सक्रिय नहीं थे ऐसे में उन्होंने महिला कांग्रेस के पद से इस्तीफा दे दिया है । उन्होंने भी ट्वीट करिए जानकारी दी है कोबरा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Mar 2022 11:17:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऑनलाइन वॉलेट से भुगतान लेते समय रहें सावधान स्पूफ पेटीएम एप से ठग कर सकते हैं धोखाधड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[सोशल मीडिया पर पेटीएम स्पूफिंग के जरिए ठगी करने का वीडियो वायरल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61c831b699484/article-3545"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/online-dhokadhadi.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। यदि आप ऑनलाइन वॉलेट से भुगतान लेते समय सिर्फ स्क्रीन शॉट देखकर ही संतुष्ट हो रहे हैं तो सतर्क हो जाइए, आप ऑनलाइन स्पूफ एप्लीकेशन के जरिए किए गए भुगतान के फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं। अब ठगों ने ऑनलाइन भुगतान करने के लिए नकली एप्लीकेशन डाउनलोड कर ठगी करने का प्रयास करना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन एप्लीकेशन स्पूफ पेटीएम के जरिए ठगी करने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती स्पूफ पेटीएम के जरिए ठगी का प्रयास कर रही है। <br /> <br /> <br /> ठग सबसे पहले अपने मोबाइल में स्पूफ पेटीएम नाम से एक नकली एप्लीकेशन डाउनलोड कर लेते हैं। फिर पेटीएम वॉलेट से भुगतान करते हैं तो सबसे पहले मूल पेटीएम एप्लीकेशन में उस व्यक्ति का मोबाइल नम्बर डाल लेते हैं। उसके बाद ऊपर किस नाम के वॉलेट में भुगतान जा रहा है, वह पता चल जाता है। फिर मूल एप्लीकेशन को ठग बंद कर देता है। उसके बाद नकली अपलोड की गई स्पूफ पेटीएम को ओपन कर उसमें मोबाइल नम्बर और नाम डाल देता है। उसके बाद भुगतान का समय भी अपने हिसाब से सेट कर देता है, लेकिन भुगतान पहुंचता नहीं है और व्यक्ति ठगा जाता है। <br /> <br /> <strong>पेमेंट का फेक स्क्रीन शॉट दिखाकर कर रहे ऑनलाइन ठगी ऐसे रहें सतर्क </strong><br /> प्रदेश एसओजी में तैनात पुलिस निरीक्षक पूनम चौधरी के अनुसार: ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहकर भुगतान करें और रिसीव करें। किसी भी ऑनलाइन वॉलेट से भुगतान लेते समय दिखाए गए स्क्रीन शॉट पर भरोसा नहीं करें। जब भुगतान प्राप्त करने का मैसेज आ जाए तभी विश्वास करें। भुगतान लेते समय स्पीकर का भी उपयोग करें। वॉलेट से आए भुगतान की आईडी के आधार पर भी चैक करें। यदि फ्रॉड हो गया है तो तुरंत हेल्पलाइन नम्बर-155260 पर कॉल करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Dec 2021 15:35:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>घर से बार-बार भाग रहे थे बच्चे, पिता ने जंजीरों से बांधकर उल्टा लटकाया</title>
                                    <description><![CDATA[घर पर ताला लगाकर काम पर चले गए माता-पिता, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%98%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%A5%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%87--%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%89%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE/article-1862"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/tale-me-bache.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> मुरलीपुरा थाना इलाके में घर से बार-बार भाग रहे दो बच्चों को मां-बाप ने उल्टा लटकाकर जंजीरों से बांध दिया फिर घर में ताला लगाकर काम पर चले गए। पड़ोसियों ने बच्चों के चीखने की आवाज सुनकर एनजीओं और पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मां-बाप को बुलाकर दोनों बच्चों को मुक्त करवाया। घटना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। थाना प्रभारी देवेन्द्र जाखड़ ने बताया कि मुरलीपुरा स्कीम निवासी एक व्यक्ति परिवार सहित किराए के मकान में रहकर मजदूरी करता है। उसका आठ वर्षीय बेटा तीन बार घर से भाग गया। उसे ढूंढ़कर समझाया गया, लेकिन वह मान नहीं रहा था। पांच दिन में बच्चे को झोटवाड़ा इलाके से चेतक लेकर आई थी। उसके साथ एक-दो बार छोटी बहन भी चली गई थी। दोनों की शरारत से परेशान होकर शनिवार को जब पति-पत्नी काम पर गए तो दोनों के पैरों में जंजीर बांधने के बाद उन्हें उलटा लटकार चले गए। हालांकि इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं हुई है। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Oct 2021 11:25:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>क्या जानते है आप, बदल सकता है फेसबुक का नाम</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन।  सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक अगले सप्ताह कंपनी का नाम बदलने की योजना बना रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%86%E0%A4%AA--%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE/article-1785"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/facebook.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन।  सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक अगले सप्ताह कंपनी का नाम बदलने की योजना बना रहा है। अमेरिकी टेक ब्लॉग द वर्ज ने एक सूत्र के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। फेसबुक के नाम में संभावित बदालत कंपनी के मेटावर्स तैयार करने की योजना को प्रतिबिंबित करता है। मशहूर प्रौद्योगिकी कंपनी का उदेश्य कंपनी को सोशल मीडिया से अधिक पहचान दिलाने और इसकी खामियों को दूर करना है। द वर्ज की रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक की रीब्रैंडिंग के जरिए विभिन्न सोशल मीडिया ऐप जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्मों को एक छतरी के नीचे लाया जा सकता है। फेसबुक के प्रवक्ता ने इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Oct 2021 13:32:56 +0530</pubDate>
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