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                <title>Kochi - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मलयालम सिनेमा को बड़ा झटका: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता सलीम कुमार का 56 वर्ष की उम्र में निधन, मुख्यमंत्री सतीसन ने जताया शोक </title>
                                    <description><![CDATA[दिग्गज मलयालम अभिनेता और हास्य कलाकार सलीम कुमार का 56 वर्ष की आयु में कोच्चि में निधन हो गया। करीब 300 फिल्मों में काम करने वाले सलीम कुमार को फिल्म 'अदामिन्ते मकान अबू' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीसन सहित सिनेमा जगत ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/malayalam-actor-salim-kumar-died-due-to-fever-and-difficulty/article-156249"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/salim-kumar.png" alt=""></a><br /><p>कोच्चि। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता मलयालम अभिनेता सलीम कुमार का शनिवार देर रात यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 56 वर्ष थे। अमृता हॉस्पिटल के मेडिकल बुलेटिन के अनुसार सलीम कुमार को कल बुखार और सांस लेने में तकलीफ एवं अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका गहन इलाज के बावजूद दिल का दौरा पड़ने से देर रात 10.43 बजे निधन हो गया। उनके परिवार में उनकी पत्नी सुनीता और दो बेटे, चंदू और आरोमल हैं। उनके पार्थिव शरीर को रविवार सुबह से अंतिम संस्कार से पहले लोगों के श्रद्धांजलि देने के लिए पारवूर टाउन हॉल में रखा जाएगा।</p>
<p>10 अक्टूबर 1969 को एर्नाकुलम जिले के चिट्टट्टुकरा में गंगाधरन और कौशल्या के घर जन्मे सलीम कुमार ने मिमिक्री और स्टेज परफॉर्मेंस की दुनिया से मलयालम सिनेमा के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में से एक बनने तक का सफर तय किया। सलीम कुमार ने 'इष्टमानु नूरु वट्टम' से फिल्मों में पर्दापण किया, लेकिन साल 2000 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'थेनकासीपट्टनम' ने उनके करियर को बदल दिया। उनके अनोखे कॉमिक अंदाज़ और बेहतरीन टाइमिंग ने उन्हें मलयालम सिनेमा के सबसे पसंदीदा कॉमेडियन्स में से एक बना दिया। लगभग तीन दशकों के अपने करियर में, उन्होंने करीब 300 फ़िल्मों में काम किया और ‘कल्याणरमन’, ‘सीआईडी मूसा’, ‘मीशा माधवन’, ‘मायावी’, ‘तिलक्कम’, ‘पुलिवल कल्याणम’, ‘चथिकथा चंथु’ और ‘चेस’ जैसी फ़िल्मों में यादगार अभिनय किया। उन्होंने तमिल और ओडिया फ़िल्मों में भी काम किया।</p>
<p>शुरुआत में कॉमेडी से दर्शकों का दिल जीतने वाले सलीम कुमार ने बाद में खुद को एक ऐसे दमदार अभिनेता के तौर पर स्थापित किया जो जटिल और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण भूमिकाएँ निभाने में सक्षम थे। ‘पेरुमझाक्कलम’, ‘अचनुरंगथा वीडु’, ‘ग्रामोफोन’ और ‘अदामिन्ते मकान अबू’ में उनके बेहतरीन अभिनय ने उन्हें मलयालम सिनेमा के सबसे अच्छे कलाकारों में से एक के तौर पर बड़ी पहचान दिलाई। ‘अदामिन्ते मकान अबू’ में अबू के किरदार के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिला; यह एक बड़ी उपलब्धि थी जिसने भारत के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में उनकी जगह पक्की कर दी।</p>
<p>केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीसन ने रविवार को दिग्गज मलयालम अभिनेता सलीम कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है। श्री सतीसन ने एक भावपूर्ण संदेश में कहा कि सलीम कुमार लोगों को हंसाने वाले व्यक्ति से कहीं बढ़कर थे। उन्होंने कहा, "उनका मेरे साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव था और वे हमारी धरती के लिए गर्व का स्रोत थे।" उन्होंने अभिनेता की मजबूत राजनीतिक सोच को याद करते हुए कहा कि सलीम कुमार ने अपनी बात खुलकर कहने में कभी संकोच नहीं किया और व्यक्तिगत नुकसान की परवाह किए बिना अपने रुख पर अडिग रहे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अभिनेता ने साहसपूर्वक खुद को कांग्रेस समर्थक के तौर पर पेश किया और सार्वजनिक रूप से अपनी राजनीतिक राय व्यक्त करने से कभी नहीं डरे। सतीसन ने अपने चुनाव अभियानों में सलीम कुमार की सक्रिय भागीदारी को भी याद किया। उन्होंने बताया कि अभिनेता चुनाव समिति के कार्यालयों का उद्घाटन करने पर जोर देते थे और पार्टी की जीत पर परिवार के सदस्य की तरह खुश होते थे। सतीसन ने कहा, "वे अपने एक हाव-भाव से लोगों को हंसा सकते थे और दूसरे से उनकी आंखों में आंसू ला सकते थे।" उन्होंने कहा कि मलयालम सिनेमा ने एक असाधारण प्रतिभा को खो दिया है, जबकि उन्होंने एक प्रिय साथी को खो दिया है। उन्होंने दिवंगत अभिनेता के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें श्रद्धांजलि दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 12:01:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता: संगीता विश्वनाथन ने कहा, वैश्विक व्यापार और मसाला निर्यात को मिलेगा बढ़ावा</title>
                                    <description><![CDATA[मसाला बोर्ड अध्यक्ष संगीता विश्वनाथन ने भारत-ईयू एफटीए को ऐतिहासिक बताया। इससे मसाला निर्यात, बाजार पहुंच और किसानों-एमएसएमई को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-eu-free-trade-agreement-will-give-a-boost-to-global/article-141177"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(8).png" alt=""></a><br /><p>कोच्चि। भारतीय मसाला बोर्ड की अध्यक्ष संगीता विश्वनाथन ने कहा है कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और यह अंतरराष्ट्रीय परिवेश में भारत की बढ़ती आर्थिक क्षमता एवं सक्रिय कूटनीति को दर्शाता है। विश्वनाथन ने कहा कि यह समझौता रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय पर हुआ है, जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को फिर से परिभाषित किया जा रहा है और विश्वसनीय व्यापारिक साझेदारियों का महत्व फिर से बढ़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह संधि एक भरोसेमंद, प्रतिस्पर्धी और दूरदर्शी व्यापारिक भागीदार के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करती है और विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय निर्यात के लिए नई संभावनाएं खोलती है। इस समझौते का भारतीय मसाला बोर्ड के नजरिए से विशेष महत्व है, क्योंकि यूरोपीय संघ भारतीय मसालों के लिए उच्च मूल्य वाले गंतव्यों में से एक बना हुआ है।</p>
<p>एफटीए के तहत बाजार तक बेहतर पहुंच, गहरे सहयोग और अधिक व्यापार से मसाला निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे निर्यातकों को बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिलेगी और गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ एवं व्यापार में भारत का नेतृत्व और मजबूत होगा।</p>
<p>विश्वनाथन ने कहा कि यह समझौता भारत के प्रति वैश्विक धारणा में आए स्पष्ट बदलाव का भी संकेत देता है, जो देश की मजबूत अनुपालन प्रणालियों, पारदर्शी शासन ढांचे और निरंतर निर्यात-उन्मुख सुधारों को स्वीकार करता है। अध्यक्ष ने कहा कि यह मुक्त व्यापार समझौता निर्यातकों के बीच नया आत्मविश्वास पैदा करेगा, मूल्य वर्धित और ब्रांडेड उत्पादों में निवेश को प्रोत्साहित करेगा तथा पूरे मसाला मूल्य श्रृंखला में किसानों एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को सशक्त बनाएगा।</p>
<p>इसके आगे विश्वनाथन ने मसाला बोर्ड की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि संस्थान निर्यातकों, किसानों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि इस समझौते से पैदा हुए अवसरों का पूरी तरह लाभ उठाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इससे आगामी वर्षों में भारत के निर्यात के विस्तार और भारतीय मसालों की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ाने के व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ तालमेल किया जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 14:08:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>लंबी बीमारी के बाद केरल उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एस. श्री जगन का निधन, 74 साल की उम्र में ​ली आखिरी सांस</title>
                                    <description><![CDATA[केरल हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एस. श्री जगन का 74 वर्ष की आयु में कोच्चि में निधन हुआ। जनहित याचिकाओं, सामाजिक न्याय और सार्वजनिक सेवा के लिए वे प्रसिद्ध थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/former-kerala-high-court-judge-s-sri-jagan-passes-away/article-140775"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>कोच्चि। न्याय के प्रति जनहितैषी दृष्टिकोण के लिए विख्यात केरल उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और न्यायविद न्यायमूर्ति एस. श्री जगन का शनिवार देर शाम एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 74 वर्ष के थे। जगन पिछले लगभग तीन सप्ताह से इलाज करा रहे थे। कोल्लम जिले के मय्यनाड के मूल निवासी, न्यायमूर्ति श्री जगन ने 2005 से 2014 में अपनी सेवानिवृत्ति तक केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।</p>
<p>अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने स्वत: संज्ञान जनहित याचिकाओं सहित कई महत्वपूर्ण मामलों को संभाला और करुणा, सुलभता और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता के लिए ख्याति अर्जित की। न्यायाधीश पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी, न्यायमूर्ति जगन सार्वजनिक सेवा में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उन्होंने केरल में आवारा कुत्तों के हमलों के पीड़तिों के लिए मुआवजे का निर्धारण करने हेतु सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति का नेतृत्व किया, जिसे लोकप्रिय रूप से न्यायमूर्ति जगन समिति के नाम से जाना जाता है।</p>
<p>उन्हें सबरीमाला उच्चाधिकार समिति का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था और उन्होंने कोच्चि स्थित राष्ट्रीय उन्नत विधि अध्ययन विश्वविद्यालय (एनयूएएलएस) के कार्यवाहक कुलपति के रूप में भी कार्य किया। न्यायमूर्ति जगन को सार्वजनिक कार्यों में उनकी व्यक्तिगत भागीदारी और आम नागरिकों के प्रति उनके अटूट समर्थन के लिए व्यापक रूप से सराहा जाता था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 13:24:44 +0530</pubDate>
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