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                <title>arrangements - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>उप-निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 : 7.70 लाख अभ्यर्थियों के लिए कड़े इंतजाम, पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस</title>
                                    <description><![CDATA[उप-निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 की निष्पक्षता के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सख्त निर्देश। 5-6 अप्रैल को 41 शहरों के 1174 केंद्रों पर 7.70 लाख अभ्यर्थी परीक्षा। पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस, वीडियोग्राफी, फ्लाइंग स्क्वॉड, क्यूआर कोड प्रवेश पत्र और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध जैसे कड़े सुरक्षा प्रबंध लागू।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sub-inspector-recruitment-exam-2025-strict-arrangements-for-770-lakh-candidates-zero/article-146963"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(3)20.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य में उप-निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 के निष्पक्ष एवं पारदर्शी आयोजन को लेकर सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति सख्ती से लागू की जाएगी। सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को कड़े सुरक्षा प्रबंध और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<p>5 और 6 अप्रैल को होने वाली यह परीक्षा राज्य के 41 शहरों में 1174 केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें करीब 7.70 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। मुख्य सचिव ने संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।</p>
<p>प्रश्न पत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित भंडारण, परिवहन और समयबद्ध वितरण की विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही, डमी अभ्यर्थियों पर रोक, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी, हर केंद्र पर वीडियोग्राफी और फ्लाइंग स्क्वॉड की सक्रियता अनिवार्य की गई है।<br />परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर दायरे में साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्र बंद रहेंगे तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। क्यूआर कोड युक्त प्रवेश पत्र और पहचान सत्यापन के बहु-स्तरीय उपाय भी लागू किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 16:29:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर निगमों ऑनलाइन मिलेंगे पट्टे, ऑफलाइन व्यवस्था होगी समाप्त</title>
                                    <description><![CDATA[ स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने निर्देश दिए हैं कि नगर निगमों में अब एक भी पट्टा ऑफलाइन जारी नहीं होना चाहिए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने निर्देश दिए हैं कि नगर निगमों में अब एक भी पट्टा ऑफलाइन जारी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जोन स्तर पर पट्टा संबंधी जितनी भी फाइलें ऑफलाइन लंबित हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से ऑनलाइन किया जाए। इसके साथ ही आवेदकों से संपर्क कर उनके दस्तावेज ऑनलाइन जमा करवाने के लिए भी कहा जाए।</p>
<p>शासन सचिव ने नगर निगम जयपुर हैरिटेज के मामलों को लेकर कहा कि सभी जोन उपायुक्त और लैंड शाखा उपायुक्त की जिम्मेदारी तय करते हुए स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन या भूमि पर पट्टा संबंधी कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि पारदर्शिता और गति लाने के लिए सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन मोड में ही संपन्न की जाएं, ताकि आवेदकों को समय पर और सुचारू रूप से पट्टे मिल सकें।</p>
<p>इस सख्त निर्देश के बाद अब निकायों में ऑफलाइन प्रणाली पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी और सभी लंबित मामलों का निपटारा ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Aug 2025 17:53:08 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्य सरकार भीषण गर्मी में सुनिश्चित करें आवश्यक इंतजाम, गर्मी में स्वयं का बचाव ही सबसे अच्छा उपचार : गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य सरकार को भीषण गर्मी के चलते हर तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/state-government-should-ensure-necessary-arrangements-in-the-scorching-heat/article-117405"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/ashok-gahlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य सरकार को भीषण गर्मी के चलते हर तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए। गहलोत ने शनिवार को अपने बयान में कहा कि इस भीषण गर्मी में स्वयं का बचाव ही सबसे अच्छा उपचार है। पिछले 4 दिन में केवल सवाई मान सिंह अस्पताल में ही लू के 1900 से अधिक मरीज आ गए हैं। बाकी जिलों में भी कमोबेश यही स्थिति है। उन्होंने कहा कि मीडिया के मुताबिक अस्पताल में बेड तक कम पड़ रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि भीषण गर्मी के इस दौर में अपनी सेहत का ख्याल रखें तथा दोपहर में आवश्यक कार्य होने पर ही बाहर निकलें। जल पीते रहें तथा बेजुबान पशु पक्षियों का भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को भी हर तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Jun 2025 18:53:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाढ़ नियंत्रण एवं राहत के समस्त इंतजाम समय रहते हो सुनिश्चित, जलभराव से निपटने के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता रखी जाए : किरोड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[डॉ. मीना मंगलवार को शासन सचिवालय में मानसून पूर्व तैयारियों के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/all-arrangements-for-flood-control-and-relief-should-be-done/article-117000"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/kirodi_meena.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने मानसून से पूर्व प्रदेश में सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर लेने एवं विभागीय अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहते हुए आपसी समन्वय स्थापित कर बाढ़ नियंत्रण एवं बचाव कार्यों को समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>डॉ. मीना मंगलवार को शासन सचिवालय में मानसून पूर्व तैयारियों के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि होने पर भूमि कटाव और जलभराव से निपटने एवं बचाव अभियान के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता रखी जाए। उन्होंने वज्रपात के खतरे से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग से निरंतर समन्वय स्थापित करना सुनिश्चित करें।</p>
<p>बैठक में आपदाओं से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने थल सेना, वायू सेना, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, गृह सुरक्षा, सिविल डिफेंस, जल संसाधन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, बिजली, पशुपालन, रसद विभाग, स्वायत्त शासन, पंचायती राज तथा अन्य कई विभागों के अधिकारियों को भी मॉनसून के दौरान विभागीय स्तर पर अपेक्षित समस्त इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।</p>
<p>इस दौरान उन्होंने फ्लड प्लान 2025 की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा एवं भारतीय सेना के साथ 14 जून को कोटा में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। बैठक में बताया गया कि राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के मध्यनजर आगामी 15 जून से राज्य स्तरीय हेल्पडेस्क नम्बर 1070, 112 तथा जिला स्तरीय हेल्पडेस्क के लिए 1077 नम्बर जारी किए गए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन नियंत्रण कक्ष शासन सचिवालय में तथा जिला स्तरीय कक्ष प्रत्येक जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में स्थापित किए गए हैं। यह हेल्पडेस्क प्रतिदिन 24 घंटे कार्य करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Jun 2025 19:00:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छह दिवसीय शिविर, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, भवानी निकेतन में 3 से 8 जून तक आयोजित होने वाले शिविर की वॉलंटियर्स संभालेंगे जिम्मेदारियां</title>
                                    <description><![CDATA[सन टू ह्यूमन फाउंडेशन की ओर से 3 से 8 जून तक भवानी निकेतन में आयोजित होने वाले शिविर के लिए आयोजन समिति के सदस्यों ने शिविर स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/six-day-camp-arrangements-took-stock/article-116080"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सन टू ह्यूमन फाउंडेशन की ओर से 3 से 8 जून तक भवानी निकेतन में आयोजित होने वाले शिविर के लिए आयोजन समिति के सदस्यों ने शिविर स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही यहां की सुचारु व्यवस्था देख रहें वॉलिंटियर्स से शिविर के बारे में भी जानकारी लेने के साथ ही आने वाले साधकों की सुव्यवस्था के लिए सभी को विशेष निर्देश दिए। इस दौरान शिविर से पूर्व ही लोगों में रजिस्ट्रेशन के लिए भारी उत्साह दिखा। शिविर के प्रणेता परम आलयजी की मुख्य प्रशिक्षिका गार्गी मां रविवार को अपनी टीम के साथ इंदौर से जयपुर पहुंचीं। वह शरीर, मन और चेतना को विकसित करने वाले शिविर के पहले दिन सभी को विशेष रूप से संबोधित करेंगी। शिविर का संचालन देख रहे संजय माहेश्वरी, अजय मित्तल, कमल सोमानी, नरेंद्र बैद, आलोक तिजारिया, विवेक लड्ढा, प्रमोद मालपानी, राजेश नागपाल सहित प्रमुख लोगों ने आयोजन स्थल पर मंच और साधकों के लिए विशेष रूप से बनाए गए पांड़ाल को अंतिम रूप देने में अपना मार्गदर्शन दिया। </p>
<p><strong>2 लाख स्क्वायर फीट एरिया में बना पंडाल :</strong></p>
<p>आयोजन स्थल पर पहुंचे लगभग दो हजार वॉलिंटियर्स को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई है, जिससे शिविर में सभी काम व्यवस्थित और सुचारू रूप से हो सकें। मीडिया प्रभारी राजेश नागपाल ने बताया लगभग 2 लाख स्क्वायर फीट एरिया के पंडाल बनाया गया है। उन्होंने बताया रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब केवल विशेष परिस्थितियों में ही शिविर स्थल पर रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी जाएगी। इस बार एसी टॉयलेट बसों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। इन विशेष बसों को दिल्ली से मंगवाया गया है, जिससे शिविर में आने वाले लोगों को सुविधाएं शिविर स्थल पर ही मिल सके। इसी के साथ साधकों की सुविधा के लिए चार विशेष डोम भी बनाए गए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 09:32:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एयर स्ट्राइक के बाद राजस्थान हाई अलर्ट पर, कई जिलों में विशेष सुरक्षा इंतज़ाम</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के पाकिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद राजस्थान में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/special-security-arrangements-in-many-districts-on-rajasthan-high-alert/article-113321"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(3)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत के पाकिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद राजस्थान में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है। खासकर सीमावर्ती राज्य राजस्थान में। एयर स्ट्राइक की इस कार्रवाई को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया है, जिससे देशभर में उत्साह और जोश का माहौल है। सोशल मीडिया पर लोग इस ऑपरेशन की सराहना कर रहे हैं और सेना के समर्थन में पोस्ट साझा कर रहे हैं। राजस्थान सरकार ने सुरक्षा कारणों से कई अहम फैसले लिए हैं। किशनगढ़ और जोधपुर एयरपोर्ट से 10 मई तक सभी फ्लाइट ऑपरेशंस को बंद कर दिया गया है। </p>
<p>बॉर्डर एरिया के चार जिले – श्रीगंगानगर, बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर – विशेष निगरानी में रखे गए हैं। इन जिलों में बुधवार को सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई और परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। जिला कलेक्टरों के आदेश पर यह निर्णय लिया गया है ताकि बच्चों और अभिभावकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>साथ ही, बीकानेर और श्रीगंगानगर में तैनात सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं और उन्हें मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह कदम किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की तत्परता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बीच, सीमावर्ती जिलों के एयर स्पेस में उड़ानों पर भी रोक लगा दी गई है। हालांकि एयर स्ट्राइक के बाद देशवासियों में गर्व की भावना है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर बेहद गंभीर हैं। केंद्र और राज्य सरकारें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 May 2025 17:20:46 +0530</pubDate>
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                <title>निगम की गौशाला में गौवंश के लिए गर्मी से बचाव के नहीं हैं पुख्ता इंतजाम </title>
                                    <description><![CDATA[निगम अधिकारियों को कई बार लिखित में दे चुके हैं लेकिन अधिकारी गौशाला में आकर व्यवस्थाएं देखना तक नहीं चाहते।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-are-no-proper-arrangements-for-the-cows-to-protect-them-from-the-heat-in-the-corporation-s-cowshed/article-110973"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer80.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में जहां गर्मी का पारा लगातार बढ़ रहा है और यह 40 डिग्री से अधिक हो गया है। ऐसे में इंसान ही नहीं पशु पक्षी भी इस गर्मी से त्रस्त है। नगर निगम की ओर से आमजन के लिए तो आश्रय स्थल, छाया व पानी की व्यवस्था की जा रही है। जबकि निगम की गौशाला में गौवंश को छाया तक नसीब नहीं हो रही है। शहरी क्षेत्र में ही इतनी अधिक गमी है तो ग्रामीण क्षेत्र में  पड़ रही गर्मी का इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। वहां शहर से अधिक तापमान रहता है। वहीं खुले स्थान पर गर्मी अधिक लगती है। इस गर्मी में जहां नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की ओर से आमजन के लिए जगह-जगह पर आश्रय स्थल बनाए गए हैं। छाया और पानी की व्यवस्था की गई है। लेकिन नगर निगम की ओर से गौवंश की सुध नहीं ली जा रही है।</p>
<p><strong>गिनती के गौवंश के लिए शेड़</strong><br />नगर निगम की बंधा धर्मपुरा स्थित गौशाला में वर्तमान में करीब 3 हजार से अधिक गौवंश है। उनमें से गिनती के गौवंश के लिए ही छाया की व्यवस्था है। नगर निगम गौशाला समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने बताया कि गौशाला में बहुत कम जगह पर शेड लगा हुआ है। साथ ही पिछले साल बचा हुआ ग्रीन नेट इस बार काम में लिया गया है। जिससे एक से तीन नम्बर के बाड़े में ही लगाया  है। जितने शेड व ग्रीन नेट लगी हुई है। उसमें गिनती के ही गौवंश रह पा रहे है। जबकि क्षमता से अधिक होने से उनके लिए पर्याप्त छाया तक की व्यवस्था नहीं है। सिंह ने बताया कि अधिकतर गौवंश को दिनभर खुले में धूप में ही रहना पड़ रहा है। जिससे पहले जहां सर्दी से वहीं अब गर्मी से गौवंश की मृत्यु दर बढ़ने लगी है।  </p>
<p><strong>बीमार व घायल को शेड</strong><br />जितेन्द्र सिंह ने बताया कि गर्मी में छाया की सबसे अधिक आवश्यकता बीमार व घायल गौवंश को है। ऐसे में जो शेड व ग्रीन नेट लगी हुई है। उसमें इसी तरह के गौवंश को रखा हुआ है। जबकि अधिकतर को तो खुले में ही रहना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>पंखे लगे न नेट</strong><br />गौशाला समिति अध्यक्ष ने बताया कि गौशाला में जितनी जगह है उसके हिसाब से खैल बनाई गई है। जहां गौवंश आसानी से चारा व पानी खा-पी सकते है। लेकिन दोनों निगमों की ओर से घेरा डालकर पकड़े गए मवेशियों के कारण यहां क्षमता से अधिक गौवंश हो गए हैं। जिनके लिए शेड पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि वे गौशाला में हरी नेट व 200 पंखे लगाने के लिए निगम अधिकारियों को कई बार लिखित में दे चुके हैं लेकिन अधिकारी गौशाला में आकर व्यवस्थाएं देखना तक नहीं चाहते। जिससे अभी तक भी इस भीषण गर्मी में न तो वहां पंखे लगे हैं और न ही शेड व हरी नेट लगाई गई है। वहीं किशोरपुरा स्थित कायन हाउस में भी गौवंश तो क्षमता से अधिक है लेकिन वहां शेड पर्याप्त होने से इतनी अधिक समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि गौशाला में गौवंश के लिए पीने का पानी पर्याप्त मात्रा में है। इधर नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि गौशाला समिति अध्यक्ष द्वारा पूर्व में जो भी काम बताए गए हैं वह सभी करवाए गए हैं। गत वर्ष गर्मी में गौशाला में हरी नेट भी लगाई गई थी। अब यदि आवश्यकता है तो उसे भी शीघ्र पूरा कर दिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Apr 2025 15:14:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शहर में पानी पिलाने की हौड़, कुछ इलाके प्यासे</title>
                                    <description><![CDATA[इस भीषण गर्मी में राहत देने के लिए अगर एक प्याऊ की व्यवस्था कुछ स्थानों पर भी हो जाए तो मार्ग से गुजरने वाले लोगों को राहत मिलेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-is-a-race-to-provide-water-in-the-city--some-areas-are-thirsty/article-80112"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/shehr-ki-sundarta-pr-grahan-lga-rhe-nashedi-va-chor...kota-news-01-06-20241.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। वर्तमान में भीषण गर्मी पड़ रही है और तापमान भी 45 डिग्री से नीचे नहीं जा रहा है। पिछले दिनों तो 47 डिग्री भी पार हो गया था। थोड़ा सा चलने में ही लोगों के पसीने छूट रहे हैं। भीषण गर्मी के कारण सनस्ट्रोक होने की भी संभावना बढ़ जाती है। थोड़ी-थोड़ी देर में ही पीने के लिए पानी की जरूरत महसूस होती रहती है। ऐसे में अगर समय पर पानी नहीं मिले तो व्यक्ति की स्थिति बिगड़ सकती है। इतना ही नहीं लू व तापघात का शिकार हो जाता है। पानी की कमी के कारण उल्टी, दस्त और अन्य बीमारियां जकड़ लेती है। इन सबसे बचाने के लिए शहरभर में जगह-जगह पीने के पानी की प्याऊ, वाटरकूलर, कैंपर आदि की व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं सरकार ने भी अधिकारियों को भीषण गर्मी में लोगों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगाने के आदेश दे रखे हैं। इसके बावजूद ५ऋशहर में कई इलाके ऐसे हैं जहां पांच से छह किलोमीटर तक पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां चार-पांच किलोमीटर तक एक मटकी तक नहीं रखी हुई है, जिससे वाहन चालक अपना गला तर लें। इस भीषण गर्मी में राहत देने के लिए अगर एक प्याऊ की व्यवस्था इन स्थानों पर भी हो जाए तो यहां से गुजरने वाले लोगों को राहत मिलेगी। ऐसा नहीं है कि यह कोई व्यवस्ततम मार्ग नहीं है या यहां आसपास अस्पताल नहीं है। यहां से थोड़ी ही दूरी पर संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है और वहां आने वाले मरीजों व परिजनों को इसी मार्ग से गुजरना होता है। दूसरी ओर हाइवे जाने के लिए भी इन्हीं मार्गों का उपयोग किया जाता है।</p>
<p><strong>वाहन चालक साथ रखें पानी की व्यवस्था</strong><br />इस भीषण गर्मी में इस मार्ग पर ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां से नियमित रूप से गुजरने वाले वाहन चालक तो अपने साथ पानी की व्यवस्था रखते हैं। अर्थात वे अपने साथ घर से ही ठंडे पानी की बोतल भरकर लाते हैं और रास्ते में प्यास लगने पर रुककर पी लेते हैं। वहीं दूरदराज से आने वाले बड़े वाहनों में तो वैसे ही पानी साथ लेकर चलने की लोगों में आदत सी है। </p>
<p><strong>रावतभाटा रोड पर भी नहीं है शीतल पेय की व्यवस्था</strong><br />शहर ही नहीं चंबल गार्डन से रावतभाटा रोड की तरफ जाने वाले मार्ग पर भी राहगीरों के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था इस भीषण गर्मी में नहीं है। ऐसा नहीं है कि यहां से सिर्फ दूरदराज जाने वाले लोगों का आवागमन होता है। इस क्षेत्र में बसी कॉलोनियों में रहने वाले लोग भी सुबह-शाम यहां से आॅफिस जाने के लिए गुजरते हैं। ऐसे में इस मार्ग पर भी एक भी प्याऊ नहीं है। इस भीषण गर्मी में प्यास बुझाने के लिए उन्हें स्वयं ही व्यवस्था करके चलना पड़ता है। क्रमश: ऐसा ही हाल बोराखेड़ा क्षेत्र में भी है। यहां पर भी पुलिया से लेकर थाने तक एक भी पानी की प्याऊ नहीं है। </p>
<p><strong>खेड़ली फाटक से जेडीबी तक नहीं है एक भी प्याऊ</strong><br />स्टेशन क्षेत्र से शहर की तरफ जाने वाला यह प्रमुख मार्ग है। यहां से सुबह से लेकर शाम तक इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों का आना-जाना लगा रहता है। यहीं से शहर के अन्य स्थानों पर जाने के लिए भी प्रमुख मार्ग निकलते हैं। ऐसे में यहां पर दिनभर बड़ी संख्या में वाहनों की भी आवाजाही रहती है। हर समय चलने वाले इस पांच से छह किलोमीटर लंबे मार्ग पर एक भी प्याऊ नहीं है। यहां तक कि किसी ने एक मटकी तक नहीं रखी है, जिससे की भीषण गर्मी में प्यास लगने पर वाहन चालक रुककर अपनी प्यास बुझा सके। वाटरकूलर और कैंपर व्यवस्था तो दूर की बात है। ऐसा नहीं है कि यहां पर लोगों का जमावड़ा नहीं रहता है। आसपास के गांवों से रेल की यात्रा कर एमबीएस अस्पताल, अदालत में जाने वाले लोग भी अधिकांशतया इसी मार्ग से गुजरते हैं। इस भीषण गर्मी में उनके लिए यहां एक मटकी पानी तक की व्यवस्था नहीं है।</p>
<p><strong>अपने साथ लेकर चलता हूं बोतल</strong><br />मैं भदाना क्षेत्र में रहता हूं। रोजाना इसी मार्ग से अपने आॅफिस जाता हूं। जो घर से करीब 15 किलोमीटर पड़ता है। भीषण गर्मी पड़ रही है, थोड़ी-थोड़ी देर में प्यास लगती है। रूक-रूक कर बैग से बोतल निकाल कर पानी पीता रहता हूं। जो आॅफिस तक चल जाती है, हालांकि गर्म भी हो जाता है। मगर क्या करें।                 <br /><strong> - राहुल </strong></p>
<p><strong>होनी तो चाहिए, मगर क्या करें</strong><br />मेरा घर स्टेशन क्षेत्र में ही है। नियमित इसी मार्ग से गुजरता हूं। कई बार बहुत तेज प्यास लगती है, मगर रोकनी पड़ती है। पेट्रोल पंप पर जाकर ही पानी मिलता है। एक भी प्याऊ नहीं है। वैसे होनी तो चाहिए। मगर क्या कर सकते हैं। <br /><strong>- माधव</strong></p>
<p><strong>जल्द ही कराएंगे व्यवस्था</strong><br />वैसे हमारा फोकस शहर में ज्यादा भीड़भाड़ वाले इलाकों में ही था। जहां पर लोगों का ठहराव ज्यादा होता है। अभी तक वहीं पर प्याऊ लगा रहे हैं। इन मार्गों पर भी जल्द ही प्याऊ की व्यवस्था कराएंगे।<br /><strong>- कृष्णा शुक्ला, एडीएम, सीलिंग, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 16:33:03 +0530</pubDate>
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                <title>अस्पताल की व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर,मरीजों पर आफत</title>
                                    <description><![CDATA[जानकारों का कहना है कि जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे मशीन एक ही उपलब्ध है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/hospital-arrangements-on-ventilator--patients-in-trouble/article-73988"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/aspatal-ki-vyavasthaye-ventilator-pr,-marizo-pr-afat...bundi-news-29-03-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>बूंदी। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को एक्स-रे कराने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे के लिए मात्र एक मशीन उपलब्ध होने के कारण मरीज अपनी बारी आने के लिए घंटों तक लाइनों में खड़े रहते हैं। सथूर निवासी कैलाश सैनी ने बताया कि वह आज अपने पिता गोपी लाल का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल आया था चिकित्सक ने उन्हें एक्सरे कराने की सलाह दी। एक्स-रे की रसीद काटने के बाद जब वह एक्सरे कराने के लिए पहुंचा तो वहां पहले से ही 15-20 मरीजों की रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन लगी हुई थी। आधे घंटे बाद उसका नंबर आया और वह एक्स-रे कक्ष के बाहर आकर खड़ा हुआ काफी देर तक एक्स-रे नहीं होने पर वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछा गया कि एक्स-रे क्यों नहीं कर रहे हो तो उन्होंने जवाब दिया प्लेट कम और डिजिटल एक्स-रे मशीन एक ही होने के कारण समय अधिक लग रहा है।</p>
<p><strong>क्यों करवाते हैं डिजिटल एक्स-रे</strong><br />पारंपरिक एक्स-रे इमेजिंग की तुलना में डिजिटल एक्स-रे के कई फायदे हैं। डिजिटल एक्स-रे द्वारा एक्सपोज इमेज उच्च गुणवत्ता और रिजॉल्यूशन की होती हैं, जिससे डाक्टर्स को शरीर की आंतरिक संरचनाओं का अधिक विवरण देखने को मिलता है। डिजिटल एक्स-रे की एक्सपोज इमेज को सॉफ़्टवेयर का उपयोग कर एडिट किया जा सकता है, जिससे डाक्टर्स विजुअलाइजेशन में सुधार करने के लिए इमेज के कंट्रास्ट, चमक और अन्य मापदंडों को समायोजित कर सकते हैं। वहीं डिजिटल एक्स-रे में पारंपरिक एक्स-रे की तुलना में कम विकिरण निकलने से विकिरण जोखिम का खतरा भी कम रहता हैं। डिजिटल एक्स-रे का उपयोग आमतौर पर विभिन्न चिकित्सीय स्थितियों, जैसे हड्डी के फ्रैक्चर, जोड़ों की समस्याएं, फेफड़ों में संक्रमण और पाचन विकारों के निदान और निगरानी के लिए किया जाता है।</p>
<p><strong>मरीजों की कट रही हैं औसतन 300 से 400 रूपए की जेब</strong><br />जिला अस्पताल में किए ता रहे एक्स-रे निशुल्क जांच योजना के तहत नि:शुल्क होते हैं। वहीं बाहर से डिजिटल एक्स-रे करवाए जाने पर प्रति एक्स-रे मरीज को 300 से 400 रूपए औसतन खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में बात करें तो जिला अस्पताल में एक डिजिटल एक्स-रे मशीन होने के कारण लने वाली भीड़ व परेशानी से बचने के लिए मरीज सामान्यतया बाहर से एक्स-रे करवाना ज्यादा मुफिद समझता हैं। फलस्वरूप बाहर से एक्स-रे करवाने पर मरीज को प्रति एक्स-रे 300 से 400 रूपए औसतन खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना भी लाजमी है कि कहीं बाहर की जांच लेबों को प्रोत्साहित करने के लिए जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे के लिए दूसरे सेटअप को लगाए जाने में प्रशासन रुचि नहीं ले रहा हैं।</p>
<p><strong>प्रतिदिन होते हैं 200 से अधिक एक्स-रे</strong><br />जानकारों का कहना है कि जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे मशीन एक ही उपलब्ध है। इससे अच्छे हालात तो जिले के अन्य अस्पतालों के हैं जहां दो-दो डिजिटल एक्स-रे मशीन है वहां पर एक्स-रे का लोड भी औसतन 20 से 25 एक्स-रे प्रतिदिन रहता है। जबकि जिला अस्पताल में एक दिन में 200 से अधिक एक्स-रे का लोड हैं। ऐसे में एक डिजिटल एक्स-रे मशीन पर्याप्त हैं, ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि एक डिजिटल मशीन और उपलब्ध कराये। ताकि यहां आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।</p>
<p>जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे के लिए एक ही सेटअप मौजूद है। प्रदेश सरकार को लिखित में प्रार्थना पत्र दिया हुआ है, कि एक डिजिटल एक्स-रे मशीन और उपलब्ध कराई जाए ताकि मरीजों को परेशानी ना हो, जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में दो डिजिटल मशीन लगी हुई है। अगर उच्च अधिकारी दिलचस्पी ले तो उन्हें यहां पर लगाया जा सकता है। इसके लिए जिला कलेक्टर से वार्ता की जाएगी।<br /><strong>- डॉ. प्रभाकर विजय, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, बूंदी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Mar 2024 18:47:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> स्वतंत्रता दिवस को लेकर कोटा रेलवे स्टेशन पर तलाशी अभियान </title>
                                    <description><![CDATA[स्टेशनों की सीसीटीवी से मॉनिटरिंग की जा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/search-operation-at-kota-railway-station-regarding-independence-day/article-54594"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/whatsapp-image-2023-08-14-at-15.35.13.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा में भी 76वें स्वतंत्रता दिवस को धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाने की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सोमवार को रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं इस दौरान स्टेशन के चप्पे-चप्पे पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है । इस दौरान आरपीएफ द्वारा कोटा मंडल के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों पर सघन जांच की जा रही है। आरपीएफ निरीक्षक बच्चन देव सिंह ने बताया कि स्वतंत्रता  दिवस को सफल बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए कोटा मंडल में आने वाले रेलवे स्टेशन, आने जाने वाले यात्रियों की सघन जांच की जा रही है। स्टेशनों की सीसीटीवी से मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके लिए आरपीएफ जीआरपी, सिविल पुलिस और रेलवे प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है।<br />आरपीएफ आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की सहायता से, डॉग स्क्वायड का उपयोग करते हुए स्टेशन में आने वाले यात्रियों के सामान, रेल से जाने वाले पार्सल, ज्वलनशील वस्तु, बम आदि कि सघन जांच की जा रही है। यात्रियों के सामान की जांच करने के लिए बैगेज स्केनर की सहायता ली जा रही है। जांच का यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा। रात में भी राजधानी सहित अन्य ट्रेनें, प्लेटफॉर्म, यात्री प्रतीक्षालय की लगातार जांच की गई। कोटा आने वाली यात्री गाड़ियों में पैसेंजर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ सीसीटीवी की मॉनिटरिंग कर रही है। आरपीएफ स्टेशन में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से स्टेशन तथा रेलवे परिसर में संदिग्ध लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्टेशन पर अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया है। स्टेशन पर प्रवेश करने वाले अधिकृत रास्तों पर भी जवान तैनात किए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Aug 2023 17:40:39 +0530</pubDate>
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                <title>सरकारी व निजी अस्पतालों का ही बिगड़ा स्वास्थ्य</title>
                                    <description><![CDATA[ पूर्व में सरकारी अस्पतालों में फायर सिस्टम लगाने के लिए सरकार से बजट भी आवंटित हुआ था लेकिन सिस्टम नहीं लग सके हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/poor-health-of-government-and-private-hospitals/article-53053"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/46512.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर की बहुमंजिला इमारतों और हॉस्टलों में ही नहीं अधिकतर सरकारी व निजी अस्पतालों  तक में आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है। जिससे वहां भर्ती व आने वाले मरीजों के लिए खतरा बना हुआ है। जयपुर व कोटा के सरकारी अस्पतालों में गत दिनों आग लगने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। संभाग मुख्यालय होने से यहां सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हैं एमबीएस, जे.के. लोन, रामपुरा सेटेलाइट  और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल।  ये अस्पताल काफी समय पहले बने हुए हैं। यहां शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र और मध्य प्रदेश तक के मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। अस्पतालों में आउट डोर के साथ ही गम्भीर बीमारी होने पर मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है। सभी अस्पतालों में रोजाना हजारों की संख्या में मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। वहां हालत यह है कि इन सरकारी अस्पतालों में ही आग से सुरक्षा के लिए पर्याप्त फायर सिस्टम तक लगे हुए नहीं है। </p>
<p>गत दिनों एमबीएस अस्पताल के पुराने आउट डोर में सर्वर रूम के पैनल बॉक्स में आग लगने से वहां हडकम्प मच गया था। हालाकि समय रहते आग पर काबू पा लिया था। उसी तरह से जे.के. लोन में जहां महिलाएं व शिशु भर्ती है वहां भी पूर्व में कई घटनाएं हो चुकी है। इतना ही नहीं गत दिनों जयपुर के अस्पताल में भी आग लगने की घटना हो चुकी है। हालांकि पूर्व में सरकारी अस्पतालों में फायर सिस्टम लगाने के लिए सरकार से बजट भी आवंटित हुआ था लेकिन सिस्टम नहीं लग सके हैं। </p>
<p><strong>नए ओपीडी में लगाए फायर सिस्टम</strong><br />सरकारी अस्पतालों में हाल ही में बने एमबीहस व जे,के. लोन के नए ओपीडी ब्लॉक और नए कोटा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में फायर सिस्टम लगाए गए हैं। जिससे वहां किसी भी तरह की आग लगने की घटना होने पर उस पर तुरंत काबू पाया जा सकेगा।   </p>
<p><strong>निगम का हॉस्टलों व कोचिंग पर फोकस</strong><br />इधर नगर निगम के फायर अनुभाग का सबसे अधिक फोकस शहर में संचालित बहुमंजिला हॉस्टलों व कोचिंग संस्थानों पर ही रहा है। निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की ओर से हॉस्टलों  में तो कई बार फायर सिस्टम की जांच कीजा चुकी है। जिससे वहां सिस्टम नहीं मिलने पर नोटिस भी जारी किए गए। लेकिन जहां रोजाना हजारों मरीज जा रहे हैं वहां निगम के अधिकारियों का ध्यान ही नहीं है। </p>
<p><strong>निजी के भी यही हाल</strong><br />सरकारी ही नहीं शहर में बड़ी संख्या में और हर क्षेत्र में निजी अस्पताल भी संचालित हो रहे हैं। जहां भी हजारों लोग उपचार के लिए आ रहे हैं। उनमें से अधिकतर निजी अस्पतालों में भी फायर के पर्याप्त सिस्टम व उपकरण लगे हुए नहीं हैंं। जिससे वहां भी खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>नोटिस के बाद एनओसी के बढ़े आवेदन</strong><br />इधर नगर निगम के फायर अनुभाग की ओर से गत दिनों हॉस्टलों व कोचिंग संस्थानों में फायर सिस्टम की जांच की गई थी। जिसमें कमियां पाए जाने पर करीब एक हजार से अधिक हॉस्टल संचालकों को नोटिस जारी किए गए थे। उनमें से कई ने फायर सिस्टम लगाने के बाद निगम में फायर एनओसी के लिए आवेदन भी किए हैं। हालांकि अभी उन्हें एनओसी जारी नहीं की गई है। उसकी प्रक्रिया चल रही है। </p>
<p>शहर में समय-समय पर हॉस्टल व कोचिंग के साथ ही बहुमंजिला इमारतों में फायर सिस्टम की जांच की जाती है। हॉस्टल में जांच के बाद बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए थे। उसके बाद करीब डेढ़ सौ से दो सौ ने सिस्टम लगाने के बाद एनओसी के लिए आवेदन किए हैं। जिनकी जांच की जा रही है। मोहर्रम के बाद शहर के सभी निजी व सरकारी अस्पतालों  में फायर सिस्टम की जांच की जाएगी। शीघ्र ही अस्पतालों में भी जांच का अभियान चलाया जाएगा। <br /><strong>- राकेश व्यास, सीएफओ, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jul 2023 16:32:26 +0530</pubDate>
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                <title>मुख्यमंत्री ने किया SMS अस्पताल का औचक निरीक्षण, भर्ती मरीजों की पूछी कुशलक्षेम</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को सवाई मानसिंह अस्पताल का औचक दौरा कर विभिन्न वार्डों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया व मरीजों और उनके परिजनों से मिलकर कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान गहलोत ने अस्पताल में संचालित कोविड वैक्सीनेशन सेंटर, गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) व दवा वितरण केन्द्र का निरीक्षण किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-chief-minister-gehlot-s-surprise-inspection-of-sms-hospital-visited-various-wards-and-took-stock-of-the-arrangements-asked-about-the-well-being-of-hospitalized-patients/article-10596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/cm1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को सवाई मानसिंह अस्पताल का औचक दौरा कर विभिन्न वार्डों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया व मरीजों और उनके परिजनों से मिलकर कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान गहलोत ने अस्पताल में संचालित कोविड वैक्सीनेशन सेंटर, गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) व दवा वितरण केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हाल जाना व उन्हें मिल रही उपचार सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने एसएमएस अस्पताल में प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं व प्रबंधन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अस्पताल के एसी कॉटेज वार्ड में भर्ती श्रवण पटेल से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। साथ ही आईसीयू में भर्ती धौलपुर में बिजली निगम के सहायक अभियंता हर्षदापति से मिलकर कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान एसएमएस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय मल्होत्रा एवं अन्य चिकित्सक उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 May 2022 16:24:29 +0530</pubDate>
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