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                <title>Strategic Ties - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ईरान-अमेरिका जंग भारतीय डिप्लोमैसी के लिए चुनौती: इजरायल बेहद करीबी मित्र तो ईरान से भी ऐतिहासिक रिश्ते</title>
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                        <![CDATA[अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने भारत के लिए रणनीतिक चुनौती। दोनों पक्षों से गहरे रिश्तों के कारण भारत सतर्क। सरकार ने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर तेहरान में फंसे भारतीयों को घरों में रहने की दी सलाह। वैश्विक भू-राजनीति में रूस और चीन की भूमिका पर भी सबकी नजरें टिकी। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-america-war-is-a-challenge-for-indian-diplomacy-israel-is/article-145012"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/khamnoi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका की ओर से युद्ध शुरू होने के बाद भारत के सामने बहुत ही कठिन राजनयिक चुनौती खड़ी हो चुकी है। भारत और इजरायल बेहद करीबी मित्र हैं, तो ईरान के साथ भी भारत के पुराने ऐतिहासिक रिश्ते हैं और वह भारत के लिए सामरिक और आर्थिक रूप से भी बहुत ज्यादा अहमियत रखता है। इस लड़ाई में अमेरिका का इजरायल का साथ देने की वजह से भारत के सामने और भी अग्निपरीक्षा की स्थिति पैदा हो चुकी है। ईरान पर शनिवार को जिस तरह से अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला बोला है, उसकी आशंका बीते कई महीनों से थी। पिछले कुछ सप्ताह से तो अमेरिका ने इसके लिए अपना पूरा सैन्य बंदोबस्त भी कर लिया था। लेकिन, अब जंग की शुरूआत हो चुकी है और जिस तरह से कुछ देश ईरान के समर्थन में भी खुलकर सामने आने शुरू हुए हैं, इससे आने वाले अगले कुछ दिन जियोपॉलिटिक्स के लिए बहुत अहम होने वाले हैं।</p>
<p><strong>रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर उंगली भी उठा दी </strong></p>
<p>रूस ने तो खुलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर उंगली भी उठा दी है। हालांकि, वह सीधे इस जंग में ईरान की ओर से कूदेगा, फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं हैं। लेकिन, पहले से ही आफत में अवसर की तलाश में बैठा चीन इसका किस तरह से फायदा उठाना चाहेगा, यह देखने वाली बात है। ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध पर भारत ने शुरूआती प्रतिक्रिया में दोनों देशों में रह रहे अपने नागरिकों को पूर्ण एहतियात बरतने की एडवाइजरी जारी की है। तेहरान में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को सलाह दी है, पैदा हो रहे हालातों को देखते हुए, ईरान में सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि पूरी सावधानी बरतें, गैर-जरूरी मूवमेंट से बचें और जितना संभव हो घरों के अंदर ही रहें। भारतीय समाचार पर नजर रख सकते हैं, जागरूकता बनाए रखें और भारतीय दूतावास से अगले दिशा-निदेर्शों का इंतजार करें।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 11:37:48 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>भारतीय सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने की आस्ट्रेलिया में शीर्ष सैन्य अ​धिकारियों से मुलाकात, सैन्य सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा </title>
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                        <![CDATA[सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान सैन्य सहयोग और बहुराष्ट्रीय तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने 'ऑस्ट्राहिंद' अभ्यास और उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indian-army-chief-general-dwivedi-met-top-military-officers-in/article-143964"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)20.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने चार दिन की आस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान वहां शीर्ष सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए  समकालीन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मजबूत नेतृत्व, सेनाओं के बीच संयुक्तता और बहुराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर बल दिया। सेना ने शुक्रवार को यहां बताया कि जनरल द्विवेदी 16 से 19 फरवरी तक ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर थे। उनकी यात्रा से भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग को नई गति मिली और दोनों देशों के बीच सामरिक समन्वय और गहरा हुआ।</p>
<p>यात्रा के दौरान जनरल द्विवेदी ने ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बलों के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ व्यापक बातचीत की। इन चर्चाओं में द्विपक्षीय सैन्य सहयोग की समीक्षा की के साथ सेना-से-सेना सहयोग का दायरा बढाने के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी। संयुक्त अभ्यासों के दायरे और जटिलता को बढ़ाने, व्यावसायिक सैन्य शिक्षा आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने तथा दोनों सेनाओं के बीच पारस्परिक संचालन क्षमता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया।</p>
<p>सिडनी में सेना प्रमुख ने फोर्सेज कमांड, स्पेशल ऑपरेशंस कमांड और ऑस्ट्रेलियाई सेना की दूसरी डिवीजन के नेतृत्व से मुलाकात की। इन बातचीत में बल की तत्परता, परिचालन सिद्धांतों और प्रशिक्षण पद्धतियों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। द्विपक्षीय सेना अभ्यास आस्ट्राहिन्द पर विशेष चर्चा हुई और दोनों पक्षों ने इस वर्ष भारत में होने वाले इसके आगामी संस्करण को और समृद्ध बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।</p>
<p>कैनबरा में जनरल द्विवेदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल साइमन स्टुअर्ट के साथ विस्तृत चर्चा की। वर्ष 2015 में अमेरिकी आर्मी वॉर कॉलेज के सहपाठी होने के अपने साझा अनुभव के आधार पर दोनों सेना प्रमुखों ने संस्थागत संबंधों को और मजबूत करने तथा सहयोग के नए आयाम विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल मुख्यालय में आयोजित व्यापक गोलमेज चर्चा में सैन्य आधुनिकीकरण, उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य के परिचालन परिवेश से संबंधित विषयों पर विचार किया गया।</p>
<p>सेना प्रमुख ने ऑस्ट्रेलियन कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में अधिकारियों को संबोधित किया और ऑस्ट्रेलियन डिफेंस कॉलेज के नेतृत्व से भी मुलाकात की। उन्होंने समकालीन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मजबूत नेतृत्व, संयुक्तता और बहुराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर बल दिया।</p>
<p>अपनी उच्चस्तरीय बैठकों के अंतर्गत जनरल द्विवेदी ने चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और रक्षा विभाग के सचिव से भी भेंट की। मुख्यालय जॉइंट ऑपरेशंस कमांड में उन्होंने कमांडर जॉइंट ऑपरेशंस के साथ ऑस्ट्रेलिया की एकीकृत और बहु-क्षेत्रीय परिचालन संरचना की समीक्षा की तथा संयुक्त योजना और क्रियान्वयन तंत्र की जानकारी प्राप्त की।</p>
<p>यात्रा के दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलियन वॉर मेमोरियल में पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं के बीच साझा बलिदान और सेवा की विरासत को नमन किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारत के पूर्व सैनिकों से भी भेंट की जिससे भारतीय सशस्त्र बलों और वैश्विक पूर्व सैनिक समुदाय के बीच संबंध और सुदृढ़ हुए। यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों को नई गति प्रदान करने, उच्चतम सैन्य नेतृत्व स्तर पर पेशेवर संबंधों को मजबूत करने तथा हिन्द प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करने में महत्वपूर्ण है। </p>
<p> </p>]]>
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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 16:52:42 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गणतंत्र दिवस पर भारत को बधाई दी, मिलकर काम करने की जताई इच्छा</title>
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                        <![CDATA[अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। उन्होंने रक्षा, ऊर्जा और क्वाड सहयोग सहित अमेरिका-भारत साझेदारी मजबूत करने की इच्छा जताई।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-secretary-of-state-marco-rubio-congratulated-india-on-republic/article-140884"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(28).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गणतंत्र दिवस पर भारत को बधाई दी है और कहा है कि वह आने वाले वर्ष में दोनों देशों के साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के प्रति आशान्वित हैं।</p>
<p>मार्को रुबियो ने सोमवार को अपने एक संदेश में कहा कि अमेरिका और भारत एक ऐतिहासिक बंधन साझा करते हैं और विविध क्षेत्रों में यह संबंध दोनों देशों तथा ङ्क्षहद-प्रशांत क्षेत्र के लिए वास्तविक परिणाम प्रदान करता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती प्रौद्योगिकियों में हमारे सहयोग से लेकर क्वाड के माध्यम से बहुस्तरीय जुड़ाव तक, अमेरिका-भारत संबंध हमारे दोनों देशों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए वास्तविक परिणाम देते हैं। उन्होंने कहा कि वह आने वाले वर्ष में साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 14:43:06 +0530</pubDate>
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