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                <title>ambedkar - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मजदूर दिवस पर मायावती का संदेश : मेहनतकश वर्ग की स्थिति में अब तक सुधार नहीं, मजदूरों और श्रमिकों की स्थिति को लेकर जताई चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[बसपा प्रमुख मायावती ने मजदूर दिवस पर श्रमिकों की बदहाली और रोजगार अनिश्चितता पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए ठेका प्रथा और महिला सुरक्षा के मुद्दों को उठाया। मायावती ने सरकारों से विकास में मेहनतकश वर्ग की उचित भागीदारी और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mayawatis-message-on-labor-day-condition-of-working-class-has/article-152306"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/मजदूर.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने मजदूर दिवस के अवसर पर देश के मजदूरों और श्रमिकों की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देशभर में पुरुष और महिला मजदूरों तथा श्रमिक समाज की हालत में कई प्रयासों के बावजूद अब तक अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ‘मजदूर दिवस’ का महत्व आज भी कम नहीं हुआ है। इस अवसर पर उन्होंने रोज़ाना जीवन संघर्ष में जुटे मेहनतकश वर्ग के सभी लोगों को बधाई दी और उनके बेहतर भविष्य तथा अच्छे दिनों की कामना की।</p>
<p>मायावती ने कहा कि देश निर्माण में मजदूरों और मेहनतकश समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रयासों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने आज़ादी से पहले और बाद में भी मजदूरों के लिए सम्मानजनक और खुशहाल जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया था। हालांकि, उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ठेका प्रथा, दैनिक वेतन व्यवस्था और काम पर रखने तथा निकालने की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण मजदूर वर्ग को नई समस्याओं और रोजगार की अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर उनके परिवारों के पालन-पोषण के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण का अभाव भी एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। मायावती ने सभी सरकारों से अपील करते हुए कहा कि देश के विकास में मजदूर और श्रमिक वर्ग की उचित भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी का संघर्ष हमेशा मेहनतकश बहुजन समाज के अधिकारों के लिए समर्पित रहा है और आगे भी जारी रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 16:43:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अम्बेडकर भवन के सद्भावना केन्द्र को अब संचालित करेंगी समूह की महिलाएं</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा ग्रीन कम्युनिटी और अलबेली संस्था के संयुक्त प्रयासों से इस ड्राइव का आयोजन किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-the-women-of-the-group-will-run-the-sadbhavna-kendra-of-ambedkar-bhawan/article-121026"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/855842roer-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र के अम्बेडकर भवन में  स्थापित मुख्यमंत्री  सद्भावना केंद्र  के संचालन की जिम्मेदारी अब अलबेली महिला क्षेत्रीय स्तर संघ की स्वयं सहायता समूह महिलाओं को सौंपी गई है। राज्य सरकार द्वारा संचालित इस नवाचार का उद्देश्य शहरी कचरे को कम करने, पुन: उपयोग  पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने और जरूरतमंदों तक उपयोगी वस्तुओं को पहुंचाने के साथ महिलाओं को आजीविका के नए अवसर देना है।</p>
<p><strong>पहली कलेक्शन ड्राइव को मिली शानदार प्रतिक्रिया</strong><br />13 जुलाई को आयोजित पहली संग्रहण ड्राइव के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने कपड़े, किताबें, बर्तन, खिलौने, स्टेशनरी, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ आदि दान किए। इस अवसर पर कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, एडीएम  सीलिंग कृष्ण शुक्ला और डीसीएफ अनुराग  भटनागर ने इस पहल की सराहना करते हुए नागरिकों से जुड़ने की अपील की। कोटा ग्रीन कम्युनिटी और अलबेली संस्था के संयुक्त प्रयासों से इस ड्राइव का आयोजन किया गया।</p>
<p><strong>दूसरी संग्रहण ड्राइव नगर निगम परिसर में आयोजित</strong><br />पहली ड्राइव की सफलता के बाद नगर निगम कोटा दक्षिण के मुख्यालय परिसर में दूसरी संग्रहण ड्राइव का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ आयुक्त अनुराग भार्गव, उप आयुक्त दयावती सैनी  और स्वास्थ्य अधिकारी रिचा गौतम ने किया। इस दौरान नागरिकों को पुराने सामान का महत्व समझाते हुए इसे दान करने का आग्रह किया गया।</p>
<p><strong>ऐसे काम करता है सद्भावना केन्द्र</strong><br />स्वास्थ्य अधिकारी रिचा गौतम ने बताया कि नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए  स्थल अम्बेडकर भवन पर संचालित यह केंद्र कपड़े, खिलौने, किताबें, स्टेशनरी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, प्लास्टिक और अन्य वस्तुओं का संग्रहण करता है। दान की गई वस्तुओं को तीन हिस्सों में वगीर्कृत किया जाता है। उसके बाद उन वस्तुओं को जरूरतमंदों को वितरित किया जाता है। समूह की महिलाएँ वस्तुओं को  रिसाइकल कर नए उत्पाद बनाती हैं। अनुपयोगी वस्तुओं को सरकारी अधिकृत रिसाइकलर्स को भेजा जाता है।</p>
<p><strong>महिलाओं को मिला रोजगार, शहर को स्वच्छता की नई राह</strong><br />अलबेली संस्था की 5 महिलाएँ इस केंद्र के संचालन में प्रतिदिन सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। यह केंद्र न केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बना है बल्कि इन महिलाओं के लिए आजीविका सृजन का जरिया भी बन रहा है।  स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि  सद्भावना केंद्र पर नागरिक कभी भी अपने घर का अनुपयोगी सामान दान कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Jul 2025 16:48:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संविधान निर्माण में अंबेडकर की भूमिका अतुल्य : स्वतंत्रता आंदोलन में निभाई सक्रिय भूमिका, देवनानी ने कहा-  पिछड़े और कमजोर वर्ग के अधिकारों के लिए किया संघर्ष</title>
                                    <description><![CDATA[बाबा साहेब ने पिछड़े और कमजोर वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। अम्बेडकर के सामाजिक सछ्वाव, समानता, सामाजिक न्याय के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ambedkars-role-in-constitution-forming-the-active-role-played-in/article-110650"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/6622-copy71.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने संविधान निर्माता एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर को उनकी जयंती पर नमन करते हुए कहा कि संविधान निर्माण में उनकी भूमिका अतुल्य हैं। देवनानी ने कहा कि अम्बेडकर ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के जरूरतमंद, पिछड़े, उपेक्षित और निर्बल वर्गों को उन्नत करने में लगाया और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। स्वतन्त्र भारत को एक लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाने के लिए संविधान निर्माण में उन्होंने अतुल्य भूमिका निभाई। बाबा साहेब ने पिछड़े और कमजोर वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। अम्बेडकर के सामाजिक सछ्वाव, समानता, सामाजिक न्याय के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।</p>
<p>देवनानी ने कहा कि भारत का संविधान विश्व का सबसे लम्बा और लिखित संविधान है। यह हमारे लोकतांत्रिक गणराज्य की नींव है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान का इतिहास उन लाखों भारतीयों के संघर्षों और स्वतंत्र होने की आशाओं में निहित है, जो स्वतंत्रता, न्याय एवं समानता के लिए तरस रहे थे। महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, बाबा साहब अम्बेडकर, वीर सावरकर जैसे महापुरुषों के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम ने एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत के लिए आशा की चिंगारी जलाई थी।</p>
<p>अम्बेडकर को संविधान के मुख्य वास्तुकार के रूप में जाना जाता है और भारतीय संविधान अछ्वुत तार्किकता, दूरदर्शिता, संवेदनशीलता से युक्त एक ऐसा दस्तावेज है, जिसमें विश्व के विभिन्न संविधानों के सर्वोत्तम तत्वों को शामिल किया गया था। साथ ही यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और दार्शनिक परम्पराओं का प्रतिनिधित्व करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Apr 2025 17:59:53 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जो पार्टी अंबेडकर का सम्मान नहीं कर सकती, वह दलितों की भलाई कैसे करेगी : भाजपा</title>
                                    <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बाबा साहेब अंबेडर की प्रतिमा को खंडित करने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधा है ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-party-which-cannot-respect-ambedkar-how-will-bjp-do/article-102175"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/bjp-logo1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बाबा साहेब अंबेडर की प्रतिमा को खंडित करने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधा है और कहा है कि जो सरकार बाबा साहब अंबेडकर का सम्मान नहीं कर सकती, वह दलित समाज की भलाई कैसे कर सकती है।<br />भाजपा की दिल्ली प्रदेश इकाई ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें एक व्यक्ति बाबा साहब भीम राव अंबेडर की प्रतिमा पर चढ़ा हुए दिखाई दे रहा है। भाजपा ने इस वीडियो के साथ लिखा कि “एक तरफ पूरे देश में बाबा साहब अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी जा रही है और भारतीय संविधान को सम्मानपूर्वक याद किया जा रहा है। वहीं, पंजाब के अमृतसर में एक व्यक्ति ने बाबा साहब अंबेडकर की 30 फीट ऊंची प्रतिमा को हथौड़े से क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की।”</p>
<p>भाजपा ने लिखा कि “चौंकाने वाली बात यह है कि यह घटना उस पंजाब में हुई है, जहां आम आदमी पार्टी सत्ता में है, जो खुद को बाबा साहब अंबेडकर की विचारधारा का समर्थक बताती है। दलित समाज के इस अपमान के लिए अरविंद केजरीवाल जिम्मेदार हैं। जो सरकार बाबा साहब अंबेडकर का सम्मान नहीं कर सकती, उससे दलित समाज की भलाई की उम्मीद भी कैसे की जा सकती है?”</p>
<p>इससे पहले भाजपा की दिल्ली प्रदेश इकाई ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री के पुराने सरकारी आवास (जिसे भाजपा शीश महल कहती है) का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। भाजपा ने 14 मिनट के इस वीडियो को सोशल मीडिया मंच एक्स और अपने यूट्यूब चैनल पर पर शेयर किया है। भाजपा ने इस वीडियो को 'महाठग अरविंद केजरीवाल की अय्याशी का शीश महल' टाइटल दिया है। वीडियो में श्री केजरीवाल के आवास के अंदर की सुख-सुविधाओं को दिखाया गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि यह आवास एक आलीशान होटल जैसा दिखता है, जो अंदर से अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jan 2025 14:20:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अम्बेडकर पर रार : सदन में भारी हंगामा, कांग्रेस की शाह के इस्तीफे की मांग, दोनों सदन स्थगित </title>
                                    <description><![CDATA[ गृहमंत्री अमित शाह की बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर पर कथित टिप्पणी को लेकर संसद के दोनों सदनों में बुधवार को जबरदस्त हंगामें का माहौल रहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ruckus-on-ambedkar-huge-uproar-in-the-house-congress-demands/article-98063"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer39.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह की बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर पर कथित टिप्पणी को लेकर संसद के दोनों सदनों में बुधवार को जबरदस्त हंगामें का माहौल रहा। विपक्षी सांसदों ने सदन में जय भीम और माफी मांगों के नारे लगाए। कांग्रेस ने जहां गृहमंत्री को बर्खास्त करने की मांग की है, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। दूसरी तरफ गृहमंत्री अमित शाह ने मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस के आरोपों को सिरे नकारते हुए कहा कि कांग्रेस के कारण ही बाबा साहेब को समय पर भारत रत्न नहीं मिल पाया।</p>
<p><strong>क्या कहा था शाह ने </strong><br />कांग्रेस और विपक्ष के अन्य सांसदों का आरोप है कि गृहमंत्री अमित शाह ने बाबा साहेब का अपमान किया है। एक दिन पहले मंगलवार को राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान पर चर्चा की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि अगर वे (कांग्रेस) जितनी बार अंबेडकर का नाम लेते हैं, उतनी बार भगवान का नाम लेते तो उन्हें स्वर्ग में जगह मिलती।</p>
<p><strong>बयान आपत्तिजनक, इस्तीफा दें शाह: मल्लिकार्जुन खरगे</strong></p>
<p>कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संविधान पर बहस के दौरान राज्यसभा में केंद्रीय गृहमंत्री के भाषण को आपत्तिजनक बताया है। खरगे ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री ने गलत बयान दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है। खरगे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पीएम गृह मंत्री अमित शाह को रात 12 बजे से पहले बर्खास्त कर दें। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और शाह एक-दूसरे के पापों और बातों का बचाव करते हैं। इससे पहले राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि मैंने भी वीडियो दो बार देखा, उसमें कुछ भी गलत नहीं था। बाबा साहेब के आदर्शों से इतर उसमें कोई अन्य बात नहीं थी। इसके बाद दोनों सदन पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिए गए।</p>
<p><strong>मैं इस्तीफा दे भी दूं तो भी कम से कम 15 साल आपको वहीं बैठना है, जहां हैं : अमित शाह</strong></p>
<p>राज्यसभा में अंबेडकर को लेकर अपनी टिप्पणी पर गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी। कहा-जब साबित हो गया कि कांग्रेस अंबेडकर विरोधी पार्टी है, आरक्षण विरोधी है, संविधान विरोधी है, तो कांग्रेस ने अपनी पुरानी रणनीति अपनाते हुए बयानों को तोड़ना-मरोड़ना शुरू कर दिया। खड़गेजी इस्तीफा मांग रहे हैं, शायद मैं दे भी दूं पर अभी 15 साल तक उन्हें जहां हैं, वहीं बैठना है, मेरे इस्तीफे से उनकी दाल नहीं गलने वाली। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने खुद ही अपने आपको भारत रत्न दिया, नेहरू ने 1955 में, इंदिरा ने 1971 में खुद को भारत रत्न दिया। 1990 में अंबेडकर को तब भारत रत्न मिला जब कांग्रेस सत्ता में नहीं थी। अंबेडकर को भारत रत्न ना मिले इसका प्रयास कांग्रेस करती रही। नेहरू की किताब में एक पत्र का उल्लेख है, जब पीसी राव ने खत लिखकर नेहरू को कहा कि अंबेडकर मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर जाने का मन बना रहे हैं। नेहरू ने कहा था- अंबेडकर के जाने से मंत्रिमंडल के ऊपर कोई फर्क नहीं पडेÞगा।शाह बोले कि जहां-जहां भाजपा की सरकार आती गई स्मारक बनते गए। मोदी सरकार ने अंबेडकर से संबंधित पंच तीर्थ का विकास किया। 19 नवंबर 2015 को मोदीजी ने 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित किया। 2018 में मोदीजी ने महापरिनिर्वाण स्थल पर अंबेडकर स्मारक का उद्घाटन किया। शाह ने कहा, मेरी पूरी बात राज्यसभा में रिकॉर्ड पर है। कांग्रेस मेरे बयान को तोड़मरोड़कर जनता में रख रही है। मैं उस पार्टी से आता हूं जो सपने में बाबा साहेब का अपमान नहीं कर सकती है।</p>
<p><strong>मोदी, शाह के सपोर्ट में आए</strong><br />विपक्षी नेताओं की तरफ से गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग के बाद बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को जवाब दिया। मोदी ने इस पर 6 पोस्ट किए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, कांग्रेस अब अंबेडकर पर नाटक कर रही है। पंडित नेहरू ने चुनाव में अंबेडकर के खिलाफ प्रचार किया था। उन्हें भारत रत्न देने से कांग्रेस ने इनकार किया। एससी-एसटी पर सबसे ज्यादा नरसंहार कांग्रेस के शासन काल में हुए हैं।<br />शाह के बयान के खिलाफ संसद में प्रदर्शन गृहमंत्री के बयान के खिलाफ कांग्रेस सांसदों ने संसद के गेट पर प्रदर्शन किया। मल्लिाकर्जुन खरगे, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी भी इसमें शामिल हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Dec 2024 11:36:39 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेसजनों ने अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की</title>
                                    <description><![CDATA[भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को पीसीसी मुख्यालय पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजन हुआ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/congressmen-paid-floral-tributes-to-ambedkar/article-96924"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को पीसीसी मुख्यालय पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजन हुआ।  <br />इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ महेश जोशी, विधायक प्रशांत शर्मा, संगठन महामंत्री ललित तुनवाल, पीसीसी महासचिव राम सिंह कस्वां, पीसीसी सचिव मोहम्मद शोएब, अयूब खान, पीसीसी सदस्य शरीफ खान, तारा बेनीवाल, शकुंतला शर्मा, राजेन्द्र आर्य, बीएम मिश्रा, दीपक धीर, गोपाल सिंह, सत्येंद्र सिंह जादौन सहित तमाम कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Dec 2024 18:22:30 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>वैक्स म्यूजियम में डॉ. भीमराव अम्बेडकर का वैक्स स्टेच्यू प्रदर्शित </title>
                                    <description><![CDATA[स्टेच्यू की हाइट 5 फिट 11 इंच है, जबकि वजन लगभग 38 किलो है। जैसी छवि बाबा साहब की लोगों के मन मस्तिष्क में बसी हुई है, वैसी ही आकृति वाला स्टेच्यू संविधान की पुस्तक हाथ में लिए, नीले रंग के सूट के साथ बनाया गया है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/wax-statue-of-bhimrao-ambedkar-displayed-in-wax-museum/article-63584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/333-copy14.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नाहरगढ़ दुर्ग स्थित जयपुर वैक्स म्यूजियम में भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर का वैक्स का पुतला प्रदर्शित किया गया। म्यूजियम के फाउंडर डायरेक्टर अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि यहां आने वाले पर्यटकों और दर्शकों की मांग पर ही ये स्टेच्यू प्रदर्शित किया है। महापरिनिर्वाण दिवस पर वैक्स के पुतले का अनावरण किया गया। हमने कभी भी ग्लैमर को महत्व नहीं दिया, बल्कि किसी व्यक्ति विशेष से अगर आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिले तो हम समझते हैं कि हम अपने उद्देश्य में सफल हुए। बाबा साहब के वैक्स के पुतले को भारत की दूसरी महान शख्सियत मिसाइल मैन भारत रत्न डॉ. अब्दुल कलाम के स्टेच्यू के साथ राष्ट्रपति भवन के सेट पर स्थापित किया है।</p>
<p>स्टेच्यू की हाइट 5 फिट 11 इंच है, जबकि वजन लगभग 38 किलो है। जैसी छवि बाबा साहब की लोगों के मन मस्तिष्क में बसी हुई है, वैसी ही आकृति वाला स्टेच्यू संविधान की पुस्तक हाथ में लिए, नीले रंग के सूट के साथ बनाया गया है।  म्यूजियम में बाबा साहेब के पुतले के बाद अब यहां 43 हस्तियों के वैक्स स्टेच्यू स्थापित हो गए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Dec 2023 09:46:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भारत के बाहर लगी डॉक्टर आंबेडकर की सबसे बड़ी  प्रतिमा, 14 अक्टूबर को अमेरिका में होगा उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[सुतार ने ही गुजरात में स्थापित सरदार पटेल की प्रतिमा बनाई थी। डॉक्टर आंबेडकर की प्रतिमा देखने में काफी भव्य नजर आ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/largest-statue-of-dr-ambedkar-in-america/article-58704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sizte--(9).png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। भारतीय संविधान के प्रमुख वास्तुकार डॉक्टर बी आर आंबेडकर की भारत के बाहर सबसे बड़ी प्रतिमा का अमेरिका के मैरीलैंड में 14 अक्टूबर को उद्घाटन किया जाएगा। उन्नीस फुट की इस प्रतिमा को स्टैच्यू आॅफ इक्वेलिटी (समानता की प्रतिमा) नाम दिया गया है, जिसे प्रसिद्ध कलाकार एवं मूर्तिकार राम सुतार ने बनाया है। सुतार ने ही गुजरात में स्थापित सरदार पटेल की प्रतिमा बनाई थी। डॉक्टर आंबेडकर की प्रतिमा देखने में काफी भव्य नजर आ रही है।</p>
<p>आंबेडकर की प्रतिमा मैरीलैंड के एकोकीक शहर में 13 एकड़ भूमि पर बनाए जा रहे आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र (एआईसी) का हिस्सा है। एआईसी ने कहा, यह भारत के बाहर बाबासाहेब की सबसे बड़ी प्रतिमा है और इसे इस केंद्र में बनाए जा रहे आंबेडकर स्मारक के एक हिस्से के रूप में स्थापित किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, वाइट हाउस से 21 मील दूर एकोकेक शहर में स्थापित प्रतिमा हाल ही में हैदराबाद में अनावरण की गई दुनिया की सबसे बड़ी 125 फीट की अंबेडकर प्रतिमा के समान है। उसने कहा कि इस कार्यक्रम में अमेरिका और दुनिया के अन्य हिस्सों से आंबेडकरवादी आंदोलन के प्रतिनिधियों और उनके अनुयायियों के बड़ी संख्या में शामिल होने की उम्मीद है। एआईसी ने बताया कि यह स्मारक बाबासाहेब के संदेशों एवं शिक्षाओं का प्रसार करेगा और समानता तथा मानवाधिकारों के प्रतीक को प्रदर्शित करेगा। प्रतिमा का अनावरण 14 अक्टूबर को होगा, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Oct 2023 10:44:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश में अराजक तत्वों ने तोड़ी अंबेडकर की मूर्ति </title>
                                    <description><![CDATA[प्रतिमा को टूटा देख मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रण में मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/statue-of-bhimrao-ambedkar-broken-in-area/article-56750"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/untitled-1-copy16.jpg" alt=""></a><br /><p>मैनपुरी। उत्तर प्रदेश में मैनपुरी के बेबर थाना क्षेत्र में अराजक तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को तोड़ दी। प्रतिमा को टूटा देख मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रण में मिला।</p>
<p>नवीगंज चौकी पुलिस को इस घटना की जानकारी दी गयी। सूचना पर थाना पुलिस समेत क्षेत्राधिकारी और पुलिस किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए मौके पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Sep 2023 15:00:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंबेडकर न होते तो न आरक्षण होता और न ही एक पत्नी कानून, बेटियों को भी दिलाया हक</title>
                                    <description><![CDATA[हिन्दू कोड बिल से हिन्दुओं में बहुपत्नी प्रथा पर रोक, एक पत्नी का नियम। पिता की सम्पति में पुत्री का पुत्र को बराबर हक। अस्पृश्यता कानूनन अपराध घोषित। 
अंबेडकर नहीं होते तो इंग्लैण्ड में हुई गोलमेज सम्मेलन में साम्प्रदायिक पंचाट की घोषणा नहीं होती। गांधी पुणे के यरवदा जेल में अनशन नहीं करते। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/had-ambedkar-not-been-there-there-would-have-been-no/article-42732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/a-54.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय संविधान का प्रारूप समिति का अध्यक्ष इंग्लैण्ड के एक संविधान विशेषज्ञ को बनाया जाना तय हुआ था, लेकिन बाद में अंबेडकर की योग्यता, शिक्षा और अनुभव को देखकर संविधान की प्रारूप समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। अंबेडकर न होते तो हिन्दू कोड बिल कानून का रूप नहीं लेता। हालांकि, बिल को संसद में पेश नहीं करने पर खफा होकर अंबेडकर ने इस्तीफा दे दिया था। हिन्दू कोड बिल टुकड़ों में पास हुआ। इसका प्रारूप डॉ. अम्बेडकर ने तैयार किया था। एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण नहीं होता। </p>
<p><strong>अंबेडकर न होते तो एक पत्नी का कानून न बनता </strong><br />हिन्दू कोड बिल से हिन्दुओं में बहुपत्नी प्रथा पर रोक, एक पत्नी का नियम। पिता की सम्पति में पुत्री का पुत्र को बराबर हक। अस्पृश्यता कानूनन अपराध घोषित। <br />अंबेडकर नहीं होते तो इंग्लैण्ड में हुई गोलमेज सम्मेलन में साम्प्रदायिक पंचाट की घोषणा नहीं होती। गांधी पुणे के यरवदा जेल में अनशन नहीं करते। </p>
<p><strong>राजस्थान में ये नहीं होते बदलाव </strong></p>
<p>डॉ. अम्बेडकर ने संविधान में शिक्षा, नौकरी और लोकसभा, विधानसभाओं में अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए स्थान आरक्षित करवाए थे। अनुसूचित जाति को 16 और जनजाति को 12 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। </p>
<p>    लोकसभा सदस्य नहीं होते।<br />    राज्य की 25 लोकसभा सीटों में चार एससी और तीन एसटी जाति के सदस्य नहीं होते। <br />    दो सौ विधायकों में 32 एससी, 24 एसटी के नहीं होते। <br />    33 जिला प्रमुखों में पांच एससी, तीन एसटी के जिला प्रमुख ।<br />    352 प्रधानों में से 56 एससी और 42 एसटी के प्रधान नहीं होते।<br />    11320 सरपंचों में 1811 एससी और 1358 एसटी सरपंच।<br />    1,07,707 वार्ड पंचों में से 17233 एससी आर 12924 एसटी के वार्ड पंच भी नहीं होते।</p>
<p><strong>अंबेडकर का जन्म व मृत्यु</strong><br />डॉ. अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को इंदौर के महू छावनी में हुआ था। पिता का नाम रामजी सकपाल थे और वह सेना में सूबेदार थे। मां का नाम भीमा बाई था। डॉ. अम्बेडकर अपने पिता की 14वीं संतान थे। डॉ. अम्बेडकर ने दो विवाह किए थे। पहला विवाह रमा बाई और दूसरा विवाह डॉ. सविता सारस्वत से किया था। उनका निधन 6 दिसंबर 1996 को दिल्ली में 6 अलीपुर नामक सरकारी कोठी में हुआ था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Apr 2023 11:13:18 +0530</pubDate>
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                <title>खड़गे और राहुल गांधी ने परिनिर्वाण दिवस पर बाबा साहब को किया नमन</title>
                                    <description><![CDATA[ गांधी ने ट्वीट किया कि हम शुरू से पहले अंत तक समान हैं। हम आरंभ से अंत तक भारतीय हैं। इसके सिवा कुछ भी बाबासाहेब के लिए अस्वीकार्य था और उनके संवैधानिक मार्ग पर चलने वाले हम लोगों के लिए भी अस्वीकार्य है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rahul-gandhi-give-tribute-of-ambedkar/article-31612"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/rahul-1-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर को परिनिर्वाण दिवस पर नमन किया। गांधी ने ट्वीट किया कि हम शुरू से पहले अंत तक समान हैं। हम आरंभ से अंत तक भारतीय हैं। इसके सिवा कुछ भी बाबासाहेब के लिए अस्वीकार्य था और उनके संवैधानिक मार्ग पर चलने वाले हम लोगों के लिए भी अस्वीकार्य है। उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।</p>
<p>खड़गे ने कहा कि हम भारतीय हैं, सबसे पहले और अंत में। बाबासाहेब डॉ. बीआर अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर यह स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के आदर्शों की फिर से पुष्टि करने का समय है जिसके वे सच्चे हिमायती थे। सामाजिक परिवर्तन किसी भी प्रगति की नींव है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Dec 2022 12:42:33 +0530</pubDate>
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                <title>भरतपुर का अनूठा युवा राजा, गांधी-अम्बेडकर सोचते उससे पहले आरक्षण दिया और दलितों का मंदिर प्रवेश करवाया</title>
                                    <description><![CDATA[ दिल्ली में किशन सिंह को टीबी हो गई। वायसराय इरविन मिलने आए। इलाज के लिए मुंबई जाने की पेशकश की। राजा ने कहा : मेरी ट्रेन की बोगी भरतपुर से गुजरे, जहाँ वह अपनी जनता से मिलकर जाएंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-unique-young-king-of-bharatpur-gave-reservation-before-gandhi-ambedkar-thought-and-got-the-dalits-entered-the-temple/article-18383"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/capture.jpg" alt=""></a><br /><p>आप कल्पना नहीं कर पाएंगे कि किसी देशी रियासत के राजा ने ऐसा भी किया।  गांधी और अंबेडकर ने आरक्षण की मांग बहुत बाद में की, लेकिन इस राजा ने 10 % आरक्षण अनुसूचितों को दे दिया। 1926 में राजा लक्ष्मण मंदिर में दलितों को साथ लेकर गया। यह अनूठे शासक थे भरतपुर के किशनसिंह। उन्होंने शासन हाथ में आते ही हिन्दी को राष्ट्रभाषा लागू कर दिया। राज्य में बेगार प्रथा को गैरकानूनी घोषित कर दिया। हाल ही नेशनल बुक ट्रस्ट से आई पुस्तक ‘क्वेस्ट फॉर स्वराज : हिस्टॉरिकल जर्नी ऑव अ नेशनलिस्ट प्रिंस’ में जयपुर के इतिहासकार डॉ. एससी मिश्रा ने किशनसिंह के जीवन को लेकर कई पहलुओं से पाठकों को रूबरू करवाया है। किशनसिंह मेयो (अजमेर) में पढ़े और इंग्लैंड चले गए। 19 की उम्र में शासन के अधिकार मिले। महज दस साल अनूठा  शासन किया और 31 में प्रयाण कर गए। मिश्रा बताते हैं, यह रियासती राजाओं में अंग्रेजों की चाटुकारिता का दौर था। लेकिन यह राजा अलग माटी का था। मां गिरिराजकौर का बेटे पर गजब असर था।<br /> <br /><strong>भरतपुर में करवाया हिन्दी साहित्य सम्मेलन और गणेशशंकर को बुलवाया<br /></strong> 1927 में सेवर में हिंदी साहित्य सम्मेलन करवाया। गणेश शंकर विद्यार्थी, माखनलाल चतुर्वेदी,पुरुषोत्तम दास टंडन, मदन मोहन मालवीय, रवींद्रनाथ ठाकुर आए। तीन दिन का सम्मेलन सात दिन चला। साप्ताहिक वैभव शुरू किया। दलितों-महिलाओं के मुद्दे उठाए। 1926 में भारत वीर अखबार निकाला। इसके बालकांक, महिलांक, विदवांक, अछूतांक आज भी ऐतिहासिक दस्तावेज हैं। <br /><br /><strong>राजा ने आदेश देकर करवाया पुनर्विवाह</strong><br />उन्होंने बकायदा विधवा पुनर्विवाह एक्ट पारित किया। एक ब्राह्मण विधवा का पुनर्विवाह भरतपुर में स्थित बारेठा के सर्किल अधिकारी से लक्ष्मण मंदिर में करवाया। राजा स्वयं शामिल हुए। शाही भोज दिया। काशी से पंडितों को बुलवा कर मंत्रोचार करवाया गया। डॉ. मिश्रा के अनुसार समकालीन भारत में किसी विधवा की इस तरीके शादी का उल्लेख नहीं मिलता। <br /><br /><strong>बेगार लेने पर जनता से मांगी माफी</strong><br />बावजूद अधिकारियों ने बेगार ली तो किशनसिंह लोगों के बीच गए। माफी मांगी। भरतपुर की शासन समिति में 120 सदस्यों में से 90 का निर्वाचित और 30 सदस्यों का मनोनीत होने का कानून पारित किया। अनुसूचित जाति के लिए 10% सीटों को आरक्षित भी किया। </p>
<p><strong>और जब अंग्रेजों को हो गया क्रांति का खतरा<br /></strong>दिल्ली में किशन सिंह को टीबी हो गई। वायसराय इरविन मिलने आए। इलाज के लिए मुंबई जाने की पेशकश की। राजा ने कहा : मेरी ट्रेन की बोगी भरतपुर से गुजरे, जहाँ वह अपनी जनता से मिलकर जाएंगे। इरविन ने बात मान ली पर भरतपुर की जनता में उत्साह देख अंग्रेज अधिकारियों ने इरविन को सूचना भेजी कि राजा से मिलकर जनता क्रांति कर सकती है। ट्रेन को बीच रास्ते में मथुरा से आगरा की तरफ मोड़ दिया गया। राजा को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने कहा कि मुझे वापस दिल्ली ले चलिए। मुझे नहीं कराना इलाज। 1930 में 31 वर्ष के राजा की मौत हो गई। डॉ. मिश्रा कहते हैं, ‘इस बेमिसाल राजा को एक देश निकाला अंग्रेजों ने दिया और एक तथाकथित इतिहासकारों ने।’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Aug 2022 11:07:05 +0530</pubDate>
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