<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/economicgrowth/tag-69483" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>EconomicGrowth - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/69483/rss</link>
                <description>EconomicGrowth RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रेलवे परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए तमिलनाडु सीएम स्टालिन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, 2500.61.06 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण को प्रशासनिक स्वीकृति</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[तमिलनाडु मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी से रेलवे परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन, भूमि अधिग्रहण हेतु धनराशि जारी करने और लंबित योजनाएं पुनर्जीवित करने का आग्रह किया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-cm-stalin-writes-letter-to-pm-modi-to/article-142324"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य में रेलवे परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन, भूमि अधिग्रहण के लिए धनराशि जारी करने और स्थगित रखी गयी परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री को लिखे अर्ध-सरकारी पत्र में मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु में रेलवे परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए लंबित मुद्दों के समयबद्ध समाधान के लिए हस्तक्षेप का अनुरोध किया, विशेषकर भूमि अधिग्रहण के लिए धनराशि जारी करने और ठप पड़ी परियोजनाओं को पुन: आरंभ करने के संदर्भ में। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय में मीडिया में कुछ तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जिसके चलते उन्हें यह पत्र लिखने की आवश्यकता पड़ी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं के लिए कुल 2500.61.06 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि इस कुल भूमि में से 931.52.96 हेक्टेयर के लिए अभी तक रेलवे द्वारा धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है। इसके अलावा, हाल ही में रेलवे से प्राप्त संशोधित भूमि योजना अनुसूची (एलपीएस) के आधार पर दो परियोजनाओं के लिए 296.02.95 हेक्टेयर निजी भूमि के अधिग्रहण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रक्रिया में है और शीघ्र जारी की जाएगी।</p>
<p>शेष 1273.05.15 हेक्टेयर भूमि से संबंधित 19 प्रमुख चल रही रेलवे परियोजनाओं में से 1198.02.34 हेक्टेयर (लगभग 94 प्रतिशत) भूमि का अधिग्रहण पूरा कर रेलवे को सौंपा जा चुका है। पांच परियोजनाओं के लिए रेलवे द्वारा अब तक एलपीएस उपलब्ध नहीं कराया गया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि टिडीवनम-नागरी, मदुरै-तूतुकुडी, मणियाची-नागरकोइल, कन्याकुमारी-नागरकोइल दोहरीकरण, नगरकोइल-एरनियल दोहरीकरण, तूतुकुडी-मदुरै (अरुप्पुक्कोट्टई होकर), चिन्नासलेम-कल्लकुरिची, मयिलादुथुरई-तिरुवरूर, पट्टुकोट्टई फोर जंक्शन प्वाइंट, सलेम-करूर ट्रैक फॉर्मेशन, मन्नारगुडी-नीडामंगलम, चेन्नई बीच-कोरुक्कुपेट तीसरी/चौथी लाइन तथा विल्लुपुरम-ङ्क्षदडीगुल ब्रॉड गेज लाइनों सहित कई परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण कार्य पूर्ण हो चुका है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शेष परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण कार्य तेजी से किया जा रहा है, लेकिन भूमि स्वामियों को समय पर मुआवजा देना अनिवार्य है। रेल मंत्रालय द्वारा परियोजना-वार और टुकड़ों में धनराशि जारी किए जाने से कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे देरी और अनिश्चितता बढ़ रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने तिरुवनंतपुरम-कन्याकुमारी ब्रॉड गेज दोहरीकरण परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि 16.86.51 हेक्टेयर भूमि के लिए 289.78 करोड़ रुपये की राशि अब तक आवंटित नहीं की गई है। उन्होंने एकमुश्त और समय पर धनराशि आवंटन की मांग करते हुए कहा कि इससे परियोजनाओं को निर्बाध गति मिलेगी। साथ ही, उन्होंने तमिलनाडु को नए रेलवे परियोजनाओं के सीमित आवंटन पर चिंता जताई और राज्य की आर्थिक क्षमता के अनुरूप अतिरिक्त परियोजनाओं को स्वीकृति देने का अनुरोध किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सहकारी संघवाद की भावना के साथ इन मुद्दों का शीघ्र समाधान होगा और राज्य सरकार रेलवे परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए हरसंभव सहयोग देती रहेगी। </p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-cm-stalin-writes-letter-to-pm-modi-to/article-142324</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-cm-stalin-writes-letter-to-pm-modi-to/article-142324</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 13:03:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%282%29.jpg"                         length="73664"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सर्वानंद सोनोवाल ने कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण में विकसित भारत के लक्ष्य परिलक्षित</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा में मंत्री सोनोवाल ने विकसित, आत्मनिर्भर भारत, आर्थिक प्रगति, महंगाई नियंत्रण और पूर्वोत्तर के चहुंमुखी विकास को मोदी सरकार की उपलब्धि बताया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sarbananda-sonowal-said-the-presidents-address-reflected-the-goals-of/article-141732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(18).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर सोमवार को चर्चा की शुरुआत करते हुए केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि इसमें विकसित भारत के लक्ष्य स्पष्ट रूप से परिलक्षित होते हैं।</p>
<p>सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि अभिभाषण में विकास के लक्ष्यों का समग्रता से समावेश किया गया है। इसमें दलित, युवा, आदिवासियों और महिलाओं के विकास की ओर पर्याप्त ध्यान दिया गया है। इसमें आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की रूपरेखा का उल्लेख किया गया है। यह लक्ष्य उद्देश्य और आदर्शों को प्राप्त करने  वाले हैं। उन्होंने कहा कि देश वर्ष 2014 से लगातार विकास पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रहित के लिए किये जा रहे कार्यों का अभिभाषण में स्पष्ट उल्लेख है। उन्होंने कहा कि निरन्तर देश का सामाजिक और आर्थिक विकास किया जा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गयी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में महंगाई नौ प्रतिशत थी जो अब 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गयी है। डिजिटल मामलों में देश इतना आगे बढ़ गया है कि जितने लेन-देन पूरे विश्व में होते हैं, उससे अधिक लेन-देन सिर्फ देश में ही होते हैं। देश में गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की व्यवस्था शुरू की गयी है। नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में अनेक कार्य किये गये हैं, इस तरह के प्रयास संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के कार्यकाल में कभी नहीं देखे गये। </p>
<p>सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पूर्वोत्तर क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से प्रगति कर रहा है। वर्तमान में पूर्वोत्तर का चहुंमुखी विकास हो रहा है। संप्रग सरकार के कार्यकाल में असम की ओर देखा भी नहीं जा रहा था। प्रधानमंत्री  पूर्वोत्तर के विकास को लेकर कितने गंभीर है, यह इसी से समझा जा सकता है कि वह 70 बार पूर्वोत्तर का भ्रमण कर चुके हैं।</p>
<p>उन्होंने विपक्ष के सदस्यों से आग्रह किया कि वह सत्ता पक्ष के साथ मिलकर देश के विकास में सहयोग दें। भारतीय जनता पार्टी के तेजस्वी सूर्या ने चर्चा में शामिल होते हुए संप्रग सरकार के 2004 से 2014 के अभिभाषणों का उल्लेख किया और कहा कि उसमें विकसित भारत की चर्चा तक नहीं की गयी। उन्होंने कहा कि अस्थिर वैश्विक अर्थव्यवस्था के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के कार्यकाल में आतंकवाद और नक्सलवाद की घटनायें आये दिन होती रहती थीं, लेकिन अब आतंकवादी घटनाओं का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद की समस्या खात्मे की ओर है। नक्सली समस्या अब मात्र तीन जिलों तक ही सीमित रह गयी है। सूर्या ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में चहुंमुखी विकास हो रहा है। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/sarbananda-sonowal-said-the-presidents-address-reflected-the-goals-of/article-141732</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/sarbananda-sonowal-said-the-presidents-address-reflected-the-goals-of/article-141732</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 18:23:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2818%29.png"                         length="1021460"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय बजट पर सीएम रेखा गुप्ता की पहली प्रतिक्रिया, कहा-देश की अर्थव्यवस्था होगी मजबूत, विकसित भारत के विजन को बढ़ाएगा आगे </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने बजट को युवा-केंद्रित और विकासोन्मुख बताया। दिल्ली को 1,348 करोड़ का आवंटन मिला, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-rekha-guptas-first-reaction-on-the-union-budget-said/article-141686"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि इस बार  पेश किया गया केंद्रीय बजट विकसित भारत के विजन को दर्शाता है और युवाओं के लिए नये अवसर पैदा करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, दिल्ली को बजट में 1,348 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। उन्होंने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास के विजन को हकीकत में बदलने में मदद करेगा और भारत की प्रगति को नयी ऊंचाइयों पर ले जाएगा। </p>
<p>उन्होंने कहा, यह बजट युवाओं को सशक्त बनाता है, अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, और इसका लाभ हर वर्ग तक पहुंचेगा। इसे अगली पीढ़ी का बजट कहना गलत नहीं होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस आवंटन से अधिकतम लाभ उठाने के लिए दिल्ली सरकार केंद्र के साथ मिलकर काम करेगी। दिल्ली के लिए विशेष रूप से निर्धारित 1,348 करोड़ रुपये के अलावा केंद्र ने दो केंद्र शासित प्रदेशों, दिल्ली और पुडुचेरी के लिए एसएएससीआई के तहत 15,380 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिन्हें दोनों के बीच बांटा जाएगा। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह राशि बढ़ाई गई है और दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि शहर को उसका अधिकतम संभव हिस्सा मिले। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत 13,611 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं, जिससे दिल्ली को और फायदा होगा। </p>
<p>सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के केंद्रीय अस्पतालों को बढ़ी हुई फंडिंग मिली है, जिससे निवासियों को सीधे फायदा होगा। उन्होंने पांच नए शिक्षा केंद्रों की केंद्र की घोषणा का भी स्वागत किया और कहा कि दिल्ली को इस पहल से लाभ होने की उम्मीद है, जिसमें नरेला को शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी शामिल है। युवाओं पर केंद्रित उपायों पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने कहा कि लड़कियों के छात्रावास, कंटेंट क्रिएशन लैब, अनुसंधान के लिए एआई लैब और आईटी हब विकास से संबंधित घोषणाएं महत्वपूर्ण थीं और दिल्ली को भविष्य के लिए तैयार शहर के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगी। </p>
<p>सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की ओर भी इशारा किया, जिससे यातायात में सुधार होगा। उन्होंने हरित ऊर्जा पहलों का स्वागत किया, जिसमें बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों पर शुल्क में छूट शामिल है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा के लिए दिल्ली के प्रयासों को इन उपायों से लाभ होगा। दिल्ली सीएम ने कहा कि बजट सभी वर्गों को ध्यान में रखकर बनाया गया है और आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी कि शहर को केंद्र के आवंटन से अधिकतम लाभ मिले। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-rekha-guptas-first-reaction-on-the-union-budget-said/article-141686</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-rekha-guptas-first-reaction-on-the-union-budget-said/article-141686</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 14:49:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2810%291.png"                         length="1956592"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बजट 2026-27 : व्यक्तिगत आयकर की दरों में राहत नहीं, सामाजिक कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाना सरकार का लक्ष्य; पढ़ें बजट पर क्या-क्या बोली वित्त मंत्री ?</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश किया। पूंजीगत व्यय बढ़ा, राजकोषीय घाटा नियंत्रित रखा, विनिर्माण व अवसंरचना से विकास और रोजगार सृजन पर जोर दिया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-no-relief-in-personal-income-tax-rates-governments/article-141604"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 53,47,315 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जिसमें अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों के मुकाबले के लिए मजबूत करने के साथ-साथ विकसित भारत की ओर अग्रसर करने के लिए विनिर्माण, आर्थिक और सामाजिक अवसंरचना विकास के लिए 17,14,523 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>बजट में व्यक्तिगत आयकर की दरों में कोई राहत नहीं दी गयी है, लेकिन उद्योगों पर न्यूनतम वैकल्पिक आयकर (मैट) की दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है। बजट में निवेशकों और आयातकों के लिए प्रक्रिया और अनुपालन आसान बनाने के विस्तृत उपायों की घोषणा की गयी है। </p>
<p>वित्त मंत्री ने एक घंटे 25 मिनट के अपने भाषण में बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाने के बावजूद राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 4.5 प्रतिशत की तुलना में 4.4 प्रतिशत रहा है। </p>
<p>वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गयी और एक समय बीएसई का सेंसेक्स 2300 अंक तक लुढ़क गया था लेकिन बाद में इसने काफी हद तक वापसी की। वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष से ऋण को जीडीपी की तुलना में सीमित करने की योजना के तहत ऋण-जीडीपी अनुपात को 2030-31 तक 50 प्रतिशत के आसपास रखने का लक्ष्य रखा है जिसके 2026-27 में 55.6 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी कर्ज कम होने से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए ऋण का उपलब्धता बढ़ेगी, सरकार पर ब्याज भुगतान कम होगा और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। </p>
<p>वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने की घोषणा की और कहा कि केंद्र की विभाज्य प्राप्तियों में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की वृद्धि दर सात प्रतिशत के दायरे में बनी हुई है जिससे सरकार विकास और कल्याण के लिए संसाधनों को जुटाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व बाजार से जुड़े रहना है ताकि देश निर्यात बाजार और विदेशी पूंजी तथा प्रौद्योगिकी का लाभ हासिल करता रहे। </p>
<p>उन्होंने सरकार में विश्वास बनाये रखने के लिए जनता का आभार व्यक्त करते हुए कि हमारा लक्ष्य लोगों की आकांक्षाओं को मूर्त रूप देना है और आर्थिक वृद्धि को युवाओं, किसानों, गरीबों, महिलाओं और समाज के अन्य जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचाना है। </p>
<p>केंद्र सरकार के नये कार्यालय क्षेत्र कर्तव्य भवन में तैयार इस पहले बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इसे युवाओं से प्रेरित बताया और कहा कि इस बजट को तैयार करने में जनता से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त हुए। उन्होंने इस बजट को सरकार के तीन कर्तव्यों पर केंद्रित बजट बताते हुए कहा कि सरकार का पहला कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को बढ़ाना, दूसरा कर्तव्य आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लोगों को समर्थ बनाना और तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के अनुरूप सामाजिक कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाना है। </p>
<p>वित्त मंत्री ने नीतियों और कार्यक्रमों में सुधार की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि गत अगस्त में प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन के बाद से वस्तु एवं सेवा कर सहित 350 से अधिक सुधारों को लागू किया जा चुका है। उन्होंने आर्थिक वृद्धि को तेज करने के लिए बायो फार्मा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, दुर्लभ खनिजों और कपड़ा जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए नयी पहलों की घोषणा की। </p>
<p>उन्होंने 200 से अधिक पारंपरिक औद्योगिक संकुलों को पुनर्जीवित करने और चार नये आर्थिक क्षेत्रों के विकास का भी प्रस्ताव किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूंजीगत वस्तुओं के निर्माण में क्षमता निर्माण के लिए सार्वजनिक उपक्रमों की सहायता से दो स्थानों पर हाईटेक टूल रूम का निर्माण किया जायेगा जो कम लागत पर हाई प्रीसीजन कंपोनेंट का डिजाइन, परीक्षण और विनिर्माण करेंगे। विनिर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए उपकरण निर्माण के लिए भी एक योजना की घोषणा की गयी। </p>
<p>वित्त मंत्री ने टीयर-2 और 3 शहरों में अवसंरचना क्षेत्र के विकास के लिए पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत के बीच नया माल परिवहन गलियारा और बनारस और पटना में घरेलू जलमार्गों के लिए पोत निर्माण की सुविधाओं की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने बिजली, इस्पात, एल्युमीनियम, कपड़ा जैसे क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए दो हजार करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया। </p>
<p>बजट में नयी राष्ट्रीय फाइबर योजना शुरू करने, हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के लिए समस्त योजना का विस्तार तथा खादी ग्रामोद्योग के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना की घोषणा की गयी है। उन्होंने सूक्ष्म लघु और मझौले क्षेत्र के लिए वित्तपोषण को सरल और सुलभ बनाने के कई पहलों की घोषणा की है। बैंकिंग क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की गयी है। इसमें पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और ग्रामीण विद्युत निगम के पुनर्गठन का भी प्रस्ताव है। </p>
<p>नगर निगमों को विकास के लिए धन जुटाने में मदद के लिए 1,000 करोड़ रुपये तक के म्युनिसिपल बॉन्ड निर्गम पर 100 करोड़ रुपये प्रोत्साहन के रूप में देने की घोषणा की गयी है। दो सौ करोड़ रुपये तक के ऐसे निर्गमों के लिए प्रोत्साहन की वर्तमान योजना जारी रहेगी। </p>
<p>उन्होंने दूसरे कर्तव्य के तहत सेवा क्षेत्र को नया आयाम देने की पहलों की घोषणा की जिसमें शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा सेवा, पशु चिकित्सा, बड़े महानगरों के समीप पांच नये यूनिवर्सिटी टाउनशिप, गणित और विज्ञान पढऩे वाली छात्राओं के लिए हर जिले में एक छात्रावास, खगोल विज्ञान के लिए नयी वेधशालाओं की स्थापना, गाइडों के प्रशिक्षण के लिए 20 जगह केंद्र बनाने, डिजिटल नॉलेज गृह और 50 पुरातात्विक स्थलों के विकास और संवर्धन जैसी पहलों की घोषणा की।</p>
<p>तीसरे कर्तव्य के तहत महिलाओं, किसानों, दिव्यांग जनों और अन्य वंचित वर्गों के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए विभिन्न पहलों की घोषणा की। मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए उत्तर भारत में एक नया निमहांस संस्थान स्थापित करने तथा रांची और तेजपुर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में अपग्रेड करने का प्रस्ताव किया।</p>
<p>बजट में 50 प्रतिशत जिला अस्पतालों में आपात चिकित्सा तथा ट्रॉमा केंद्रों की सुविधाएं स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। दिव्यांग सहारा योजना के तहत बजट में भारतीय कृत्रिम मानवअंग विनिर्माण निगम को अपनी विनिर्माण सुविधाओं के विस्तार और अनुसंधान तथा विकास के लिए सहायता दी जायेगी। वित्त मंत्री सीतारमण ने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए योजना की घोषणा की।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-no-relief-in-personal-income-tax-rates-governments/article-141604</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-no-relief-in-personal-income-tax-rates-governments/article-141604</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 17:30:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%285%29.png"                         length="329648"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने कहा, भारत तेल-गेस क्षत्र में निवेश को 100 अरब डालर तक पहुंचाना है मकसद</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक में कहा कि भारत दशक के अंत तक तेल-गैस क्षेत्र में 100 अरब डॉलर निवेश बढ़ाएगा और वैश्विक भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-said-the-aim-is-to-increase-investment-in/article-140993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modi-ji.png" alt=""></a><br /><p>पंजिम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत अपने तेल और गैस क्षेत्र में निवेश को इस दशक के अंत तक 100 अरब डालर तक पहुंचाना चाहता है और इसके लिए भागीदारी को प्रोत्साहित कर रहा है। पीएम मोदी ने गोवा में आयोजित ऊर्जा क्षेत्र पर भारत के वैश्विक सम्मेलन 'इंडिया एनर्जी वीक' का उद्घाटन करते हुए कहा, इस दशक के अंत तक हम ऑयल एंड गैस सेक्टर में इन्वेस्टमेंट को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य एक्सप्लोरेशन के दायरे को भी 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक विस्तार करने का है। इसी सोच के साथ हमारे यहां 170 से अधिक ब्लॉक को आवंटित किया जा चुका है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंडमान-निकोबार का बेसिन भी हमारे खनिज तेल और गैस की आशा का अगला केंद्र बन रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक बहुत ही कम समय में चर्चा और उस पर अमल का एक वैश्विक प्लेटफार्म बनकर उभरा है। आज तेल और गैस सेक्टर के लिए भारत बहुत बड़े अवसरों की धरती है। </p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था है। इसके साथ ही देश में ऊर्जा उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत दुनिया की मांग पूरी करने के लिए भी बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराता है। इसके आगे पीएम ने कहा, आज हम दुनिया में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के टॉप 5 एक्सपोर्टर्स में से एक हैं। दुनिया के 150 से ज्यादा देशों तक हमारी एक्सपोर्ट कवरेज है, और भारत की ये क्षमता आपके बहुत काम आने वाली है। इसलिए एनर्जी वीक का यह प्लेटफार्म हमारी भागीदारी की खोज करने का बहुत ही उत्तम स्थान है। </p>
<p>इस सम्मेलन में करीब 125 देश के ऊर्जा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि और नीति नियामक भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों को इस आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।    </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-said-the-aim-is-to-increase-investment-in/article-140993</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-said-the-aim-is-to-increase-investment-in/article-140993</guid>
                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 18:23:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/modi-ji.png"                         length="1260966"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दोस्ती की नई मिशाल कायम! पीएम मोदी ने कहा, भारत-ईयू के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए पर सहमति बनी। इससे निर्यात बढ़ेगा, व्यापार सरप्लस मजबूत होगा और वैश्विक आपूर्ति शृंखला को नई गति मिलेगी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/agreement-on-free-trade-fta-between-india-and-european-union/article-140921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(5)3.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यूरोपीय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यूनियन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बीच</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मुक्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">व्यापार </span>(FTA) <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को लेकर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समझौता</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हो गया है। 2007 से चली आ रही कोशिश सफल हो गई है। इसे</span> '<span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मदर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ऑफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ऑल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">डील्</span>‍<span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">स</span>' <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संज्ञा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गई है। रिपोर्ट्स</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मुताबिक</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ईयू</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">साथ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रेड</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सरप्लस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वित्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वर्ष</span> 31 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> 51 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अरब</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">डॉलर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पहुंच सकता है। इस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समझौते</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वित्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वर्ष</span> 2031 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यूरोपीय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संघ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">साथ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रेड</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सरप्लस</span> 50 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अरब</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">डॉलर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अधिक की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बढ़ोतरी हो सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इससे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कुल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निर्यात</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ईयू</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संघ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हिस्सेदारी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वित्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वर्ष</span> 2025 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> 17.3 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रतिशत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तुलना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बढ़कर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लगभग</span> 22-23 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रतिशत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सकती</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">है</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जिससे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निर्यात</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वृद्धि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जबरदस्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बढ़ावा देखने को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मिलेगा। </span>भारत और यूरोप के 27 देशों के साझा बार-बार यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सहमति हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए इस समझौते को ऐतिहासिक करार दिया। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, कल ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक बहुत बड़ा समझौता हुआ है। दुनिया के लोग इसकी चर्चा मदर ऑफ ऑल डील्स (अब तक के सबसे बड़े व्यापार समझौते) के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा, यह समझौता ब्रिटेन के साथ और यूरोप के चार देशों के मुक्त व्यापार संघ एफ्टा के साथ हुए समझौते के पूरक के रूप में कार्य करेगा। भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार और वैश्विक आपूर्ति शृंखला को मजबूती मिलेगी। </p>
<p>उन्होंने इसके लिये देश के सभी नौजवानों और नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि भारत के कपड़ा, रत्न और आभूषण, चमड़ा और चमड़े के सामान जैसे अनेक क्षेत्रों के लिए यह समझौता बहुत सहायक सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए से न सिर्फ देश के विनिर्माण क्षेत्र को बल मिलेगा बल्कि सेवा क्षेत्र का भी विस्तार होगा। उल्लेखनीय है कि ईयू भारत का एक प्रमुख व्यापारिक और आर्थिक भागीदार है। साल 2024-2025 में दोनों के बीच 136 अरब डॉलर के सामान का व्यापार हुआ था।</p>
<p>भारत वहां से मुख्य रूप से मशीनें, परिवहन उपकरण और रसायनों का आयात करता है, जबकि भारत की ओर से वहां मशीनें, रसायन, लोहा, एल्मुनियम और तांबा जैसी प्राथमिक धातुएं, खनिज उत्पाद तथा कपड़ा और चमड़े के सामान आदि का निर्यात होता है। उल्लेखनीय है कि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा इस समय भारत में हैं। दोनों सोमवार को गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे। </p>
<p>वॉन डेर लेयेन ने पिछले दिनों दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में दोनों पक्षों के बीच समझौते पर सहमति का संकेत देते हुए कहा था कि यह समझौता मदर ऑफ ऑल डील्स (अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता) होगा। उन्होंने कहा था कि इस समझौते से भारत और ईयू की दो अरब की सम्मिलित आबादी का एक बड़ा और उदार बार-बार तैयार होगा। इस समझौते के ब्यौरे की घोषणा आज शाम पीयूष गोयल करेंगे। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/agreement-on-free-trade-fta-between-india-and-european-union/article-140921</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/agreement-on-free-trade-fta-between-india-and-european-union/article-140921</guid>
                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 13:01:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%285%293.png"                         length="561792"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        