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                <title>questions - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पाकिस्तानियों की तारीफ, भारत पर उठाए सवाल, ट्रंप के रुख ने बढ़ाई टेंशन : ट्रंप ने कहा- पाकिस्तानी तेज दिमाग वाले, वे शानदार चीजें बनाते हैं</title>
                                    <description><![CDATA[ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में पाकिस्तान की जमकर तारीफ की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/questions-raised-on-india-the-attitude-of-trump-raised-the/article-114593"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(1)27.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में पाकिस्तान की जमकर तारीफ की। उन्होंने पाकिस्तानियों को तेज दिमाग वाले लोग बताया। कहा कि वे शानदार चीजें बनाते हैं। यह बात उन्होंने तब कही, जब पाकिस्तान के निर्यात पर 29% का भारी टैक्स लगने का खतरा मंडरा रहा है। ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार को लेकर सख्त रवैया दिखाया। उन्होंने भारत को दुनिया में सबसे ज्यादा टैक्स लगाने वाला देश बताया। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भारत ने अमेरिकी सामानों पर सभी टैक्स हटाने की पेशकश की है। इन बयानों के बीच भारत के साथ व्यापार वार्ता रुकी हुई है। भारत से आने वाले सामानों पर लगे 27% अमेरिकी टैक्स पर अस्थायी रोक लगी है। ट्रंप के इन बयानों से भारत में चिंता बढ़ गई है। लोगों को डर है कि ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी अप्रत्याशित है।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ व्यापार करना चाहता है। जबकि सच यह है कि पाकिस्तान पहले से ही अमेरिका को 5 अरब डॉलर से ज्यादा का सामान बेचता है। वहीं, अमेरिका से सिर्फ 2.1 अरब डॉलर का सामान खरीदता है।</p>
<p><strong>भारत में बढ़ी टेंशन</strong><br />आने वाले हफ्तों में अमेरिका कई देशों के साथ टैरिफ को दोबारा रीसेट करने की तैयारी में जुटा है। ट्रंप के बयानों ने भारत में चिंता बढ़ा दी है। लोगों को डर है कि उसकी अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी अप्रत्याशित है। इस पॉलिसी में रणनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की तारीफ की जाती है, जबकि भारत जैसे लोकतांत्रिक सहयोगियों को संदेह में रखा जाता है। भारत ने कुछ अमेरिकी सामानों जैसे कि शराब और मोटरसाइकिलों पर टैक्स कम कर दिया है। लेकिन, एक बड़ा समझौता अभी भी नहीं हो पाया है। ट्रंप के बयानों से पता चलता है कि अमेरिका की व्यापार नीति कितनी अप्रत्याशित है। यह भारत जैसे देशों के लिए चिंता का विषय है। कारण है कि उन्हें नहीं पता कि अमेरिका आगे क्या करेगा। ट्रंप प्रशासन की अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी का मतलब है कि अमेरिका अपने हितों को सबसे पहले रखेगा। </p>
<p>यानी वह दूसरे देशों के साथ व्यापार समझौतों को फिर से बातचीत करने या उनसे बाहर निकलने के लिए तैयार है। भले ही इससे उन देशों को नुकसान हो। भारत को इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। उसे अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखनी होगी। साथ ही, उसे दूसरे देशों के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करना होगा।</p>
<p><strong>भारत के प्रति कड़ा रवैया अपनाया</strong><br />ट्रंप ने भारत के प्रति सख्त रवैया अपनाया। उन्होंने भारत को दुनिया में सबसे ज्यादा टैक्स लगाने वाला देश कहा। ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने अमेरिकी सामानों पर सभी टैक्स खत्म करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि क्या आप जानते हैं कि वो अमेरिका के लिए अपने 100% टैक्स को कम करने को तैयार हैं? हालांकि, उन्होंने तुरंत कहा कि उन्हें कोई जल्दी नहीं है। वह जल्द ही होगा। मुझे कोई जल्दी नहीं है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्रंप के दावे का विरोध किया। उन्होंने कहा कि बातचीत जटिल है और कोई भी समझौता आपसी रूप से फायदेमंद होना चाहिए। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने व्यापार का इस्तेमाल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के लिए किया। उन्होंने कहा कि वह एक परमाणु युद्ध होने वाला था, मुझे लगता है या करीब। उन्होंने कहा कि उन्होंने आर्थिक सौदेबाजी के जरिए युद्धविराम करवाया। ट्रंप बोले, मैं व्यापार का इस्तेमाल स्कोर तय करने और शांति स्थापित करने के लिए कर रहा हूं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 May 2025 11:52:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अपरिपक्व एकल बुजुर्ग महिलाओं के कल्याण के लिए क्या है योजना : हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से पूछा है कि मानसिक रूप से अपरिपक्व बुजुर्ग एकल महिलाओं के कल्याण के लिए उनके पास क्या योजना है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/what-is-the-scheme-for-the-welfare-of-immature-single/article-109378"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से पूछा है कि मानसिक रूप से अपरिपक्व बुजुर्ग एकल महिलाओं के कल्याण के लिए उनके पास क्या योजना है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में राज्य सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। वहीं अदालत ने मामले में अधिवक्ता पूर्वी माथुर को न्याय मित्र बनाते हुए उनसे भी इस संबंध में सुझाव देने को कहा है। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने यह आदेश सीमा की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।</p>
<p>याचिका में अधिवक्ता ब्रजेश कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता 63 साल की एकल बुजुर्ग महिला है और मानसिक रूप से अपरिपक्व है। उसके पिता सचिवालय और मां चिकित्सा विभाग में कार्यरत थी। दोनों का पूर्व में निधन होने पर वह अपने भाई-भाभी के पास रहने लगी। वहीं कुछ सालों पहले उसकी भाभी का भी निधन हो गया।</p>
<p>याचिकाकर्ता ने आश्रित फैमिली पेंशन के लिए पिता के विभाग में आवेदन किया, लेकिन विभाग ने उसका आवेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसके पिता ने सरकारी सेवा में रहते हुए कभी भी याचिकाकर्ता की मानसिक दिव्यांगता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और ना ही कोई दस्तावेज पेश किए। ऐसे में उसे आश्रित फैमिली पेंशन दिलाई जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/what-is-the-scheme-for-the-welfare-of-immature-single/article-109378</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 11:24:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> शिक्षकों ने उठाया सवाल, कैसे बनेगी 600 रुपए में दो यूनिफॉर्म</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है लेकिन कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को अभी भी नई यूनिफॉर्म का इंतजार है। नए यूनिफार्म नहीं मिलने से बच्चे पुराने ड्रेस पहन कर ही स्कूल जा रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/teachers-raised-the-question--how-will-two-uniforms-be-made-for-600-rupees/article-13651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/shikshako-nei-uthaya-sawal-uniforms.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। 1 जुलाई से स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है लेकिन कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को अभी भी नई यूनिफॉर्म का इंतजार है। नए यूनिफार्म नहीं मिलने से बच्चे पुराने ड्रेस पहन कर ही स्कूल जा रहे हैं। यूनिफॉर्म का कपड़ा खरीदने के लिए टेंडर भी हो चुके हैं लेकिन इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसी बीच यूनिफॉर्म तैयार करने को लेकर शिक्षित सवाल खड़े कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि मात्र 600 में यूनिफार्म के 2 कैसे बन सकती है। बाजार में यूनिफार्म का अच्छा कपड़ा भी महंगा है और सिलाई भी अधिक है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2021 के बजट भाषण में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को निशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी जिसके मुताबिक प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को सिली हुई यूनिफार्म देने का निर्णय किया था। <br /><br /><strong>रेडीमेड ड्रेस देने की मांग</strong><br />वहीं स्कूल के शिक्षक छात्र-छात्रओं को रेडीमेड ड्रेस देने की मांग कर रहे है। शिक्षकों का कहना है की घोषणा के मुताबिक 600 रुपए में 2 यूनिफॉर्म देनी है। 425 रुपए कपड़े के और 175 रुपए सिलाई के है। कपड़े की आपूर्ति के लिए टेड़र प्रकिया चल रही है। जिसके बाद कपड़ा आएगा और सिलाई की राशि विद्यालय प्रबंधन समिति के एसएमसी के खातों में जमा होगी। शिक्षकों का कहना है की कोई भी दर्जी 87 रुपए में यूनिफॉर्म तैयार नहीं करेगा।<br /><br /><strong>बाजार में यूनिफॉर्म सिलाई रेट</strong><br />वर्तमान में बाजार में एक यूनिफॉर्म की सिलाई 600 रुपए पेंट शर्ट व सलवार कुर्ता की सिलाई 250 रुपए निर्धारित है। ऐसे में 175 रुपए में 2 ड्रेस सिलाना संभव नहीं होगा। ऐसे में शिक्षक छात्र-छात्रओं को रेडीमेड  ड्रेस देने की मांग कर रहे है। शिक्षकों का कहना है की रेडीमेड ड्रेस स्कूल में उपलब्ध करवाने से उन्हें ड्रेस वितरण में भी आसानी होगी।<br /><br /><strong>यह होगा ड्रेस कोड</strong><br />शिक्षा विभाग की और से पिछले ही वर्ष सरकारी स्कूल की ड्रेस में बदलाव किया गया था। छात्रों के लिए आसमानी रंग की शर्ट व गहरी भूरे की पेंट और छात्राओं को भी उसी कलर की कलर की शर्ट या कुर्ता तथा गहरे भूरे कलर की सलवार या स्कर्ट पहननी होगी। गुरुवार को स्कूल ड्रेस पहनने में छूट रहेगी।<br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />अभी तक हमारे पास ड्रेस उपलब्ध नहीं हुई है और ना ही कोई बजट आया है। जैसे ही हमारे पास ड्रेस उपलब्ध होगी, स्कूलों में ड्रेस उपलब्ध करवा दी जाएगी। अभी बच्चे स्कूलों में फिलहाल पुरानी ड्रेस में ही आ रहे है। <strong>-केके शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रा. शिक्षा</strong><br /><br />विभाग को स्कूलों में रेडीमेड ड्रेस उपलब्ध करवानी चाहिए। 600 रुपए में सिर्फ एक ड्रेस का कपड़ा ही आता है। इसके बाद ड्रेस की सिलाई भी है। 600 रुपए में 2 ड्रेस तैयार नहीं हो सकती और ना ही कोई दर्जी इतने कम में  ड्रेस सिलकर देगा। <strong>-राहुल शर्मा, प्रिंसिपल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Jul 2022 16:09:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएचईडी विभाग की कार्यशैली पर सरपंच ने उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[पंचायत समिति में बुधवार को साधारण सभा की बैठक प्रधान इंद्रा डूडी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में ओजटू सरपंच ने पीएचईडी विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बताया की चिड़ावा को उसके हिस्से का सामान ही नहीं मिल रहा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sikar/sarpanch-raised-questions-on-the-working-style-of-phed-department/article-13269"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/q-8.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चिड़ावा।</strong> चिड़ावा पंचायत समिति में बुधवार को साधारण सभा की बैठक प्रधान इंद्रा डूडी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में ओजटू सरपंच ने पीएचईडी विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बताया की चिड़ावा को उसके हिस्से का सामान ही नहीं मिल रहा। जबकि आगे से सामान जलदाय विभाग के दफ्तर में आ गया। उन्होंने आरोप लगाया की चिड़ावा के हिस्से का सामान बाजार में बेचा का रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों को अपनी जेब से रुपए देकर काम करवाने पड़ रहे हैं। इससे शर्मनाक स्थिति और क्या होगी। ऐसे में झुंझुनूं बैठने वाले और इसी माह रिटायर होने वाले अधिकारी के खिलाफ  निंदा प्रस्ताव लिया जाए। जिसका सभी ने समर्थन किया।</p>
<p>बैठक में जिला परिषद सदस्य पंकज धनखड़ ने बिजली विभाग द्वारा गरीब लोगों के लाखों की वीसीआर भरकर परेशान करने और अघोषित बिजली कटौती का आरोप लगाया। इस पर बिजली विभाग एक्सईएन अशोक चौधरी ने कहा कि वीसीआर अपराध साबित होने पर ही भरी जाती है। फिर भी कोई मामला है तो दिखवा लेंगे। उन्होंने अघोषित बिजली कटौती पर कहा कि आगे से लोड बढ़ने पर कटौती होती है। इसके अलावा अन्य कटौती की सूचना दी जाती है। सरपंचों ने चिड़ावा अस्पताल में फि जिशियन लगवाने, पीएचईडी व पीडब्ल्यूड़ी का एक्सईएन दफ्तर खुलवाने का प्रस्ताव भी पूरजोर तरीके से रखा।</p>
<p>ओजटू से घासी का बास सड़क में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए सरपंच विनोद ने इसकी जांच करवाने और दोषियों पर कार्रवाई करवाने और सही निर्माण की मांग की। सरकारी स्कूलों में कुछ इलाकों में रिजल्ट कमजोर रहने पर सवाल उठा। जिस पर सीबीईओ ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि वे स्वयं स्कूलों का निरीक्षण कर स्टाफ  को शिक्षण व्यवस्था बेहतर करने पर जोर देंगे। तहसीलदार कृष्ण कुमार ने उदयपुर में एक व्यक्ति की हत्या के मामले पर प्रशासनिक निर्देशों से अवगत कराते हुए शान्ति व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्धों पर नजर बनाए रखने व पुलिस-प्रशासन को सूचना देने की अपील की। बैठक का संचालन बीडीओ रण सिंह ने किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सीकर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jun 2022 11:45:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  राजस्व न्यायालयों के संगठन और संरचना की संवैधानिकता पर खड़े किए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रांसफर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए रैफरेंस बनाकर मण्डल के रजिस्ट्रार को हाईकोर्ट को रैफर करने के निर्देश दिए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/questions-raised-on-the-constitutionality-of-the-organization-and-structure-of-revenue-courts/article-13179"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ajmer2.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। प्रदेश के राजस्व न्यायालयों के संगठन एवं संरचना की संवैधानिकता पर भी अब सवाल खड़े हो गए हैं। खुद राजस्व मण्डल के न्यायिक सदस्य अविनाश चौधरी की एकलपीठ ने मंगलवार को एक ट्रांसफर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए रैफरेंस बनाकर मण्डल के रजिस्ट्रार को हाईकोर्ट को रैफर करने के निर्देश दिए। मण्डल के इतिहास में पहली बार किसी पीठ ने इस पर प्रश्नचिन्ह लगाकर समीक्षा के लिए हाईकोर्ट को प्रस्तुत किया है। इससे पहले हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कोई समीक्षा के लिए प्रश्न प्रस्तुत नहीं किए गए। चौधरी की एकलपीठ ने भरतपुर जिले की सैह तहसील के नगला गांव के प्रार्थी राजेन्द्र पुत्र मंगल जाटव बनाम देवेन्द्र सिंह परमार उप जिला कलक्टर एवं जगदीश पुत्र मंगल जाटव व अन्य द्वारा प्रस्तुत मुंतकिली प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए पीठासीन अधिकारी से पैरावाइज टिप्पणी मंगवाने और विपक्षीगण को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। </p>
<p><strong>यह बनाया प्रश्न</strong></p>
<p>क्या राजस्थान राज्य के राजस्व न्यायालयों का संगठन एवं संरचना, भारतीय संविधान के मूलभूत तत्व कार्यपालिका व न्यायपालिका के बीच शक्तियों का पृथक्करण एवं न्यायपालिका की स्वतंत्रता के मानकों के अनुरुप है। ऐसे में क्या भू-राजस्व अधिनियम 1956 के अध्याय 3, 4 और 5 व राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 के अध्याय 15 में राजस्व न्यायालयों के संगठन व संरचना संबंधी उपबंध संवैधानिक हैं?</p>
<p><strong>मण्डल में 7 हजार से ज्यादा ट्रांसफर एप्लीकेशन</strong></p>
<p>उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में राजस्व मण्डल में ट्रांसफर एप्लीकेशन के करीब 7 हजार से ज्यादा प्रकरण लम्बित हैं, जबकि हाईकोर्ट में अधीनस्थ न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों के विरुद्ध लम्बित प्रकरण नगण्य हैं। यह भी तब है जब हाईकोर्ट के अधीनस्थ सिविल व दांडिक न्यायालयों की संख्या राजस्व न्यायालयों से कहीं ज्यादा है। इससे आम जनता का राजस्व न्यायालयों के प्रति असंतोष तो प्रतिबिम्बित होता ही है, साथ ही राजस्व न्यायालयों के संस्थानिक ढांचे पर भी सोचने को मजबूर करता है।</p>
<p><strong>कार्यपालिका और न्यायिक शक्तियों का मिश्रण भी समस्या</strong></p>
<p>उन्होंने निर्णय में उल्लेख किया है कि मण्डल में प्रस्तुत होने वाली ट्रांसफर एप्लीकेशन में अधीनस्थ न्यायालय के पीठासीन अधिकारी पर प्रतिपक्षी द्वारा राजनीतिक पहुंच वाला व्यक्ति बताते हुए न्याय की उम्मीद नहीं होने के जो आधार बताए जाते हैं, इस पर गहनता से विचार किया जाए तो इसके पीछे कार्यपालिका और न्यायपालिका की शक्तियों के मिश्रण से ही समस्या उत्पन्न होती है। चूंकि पीठासीन अधिकारियों के पास न्यायिक व प्रशासनिक शक्तियां एक साथ होती हैं।</p>
<p><strong>मण्डल की एलबी परीक्षण के लिए सक्षम नहीं</strong></p>
<p>एकलपीठ ने यह भी टिप्पणी की है कि भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 11 में राजस्व मण्डल की एकलपीठ को कोई रैफरेंस मण्डल की लार्जर बैंच को ही भेजने का प्रावधान है, लेकिन मण्डल की लार्जर बैंच किसी उपबंध की संवैधानिकता का परीक्षण करने के लिए सक्षम नहीं है। हाईकोर्ट अथवा सुप्रीम कोर्ट ही इसके लिए सक्षम हैं। ऐसी स्थिति में लार्जर बैंच को रैफरेंस भेजने का कोई औचित्य नहीं है। सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 113 के अनुसार कोई भी अधीनस्थ न्यायालय किसी उपबन्ध की संवैधानिकता के संबंध में कोई रैफरेंस हाईकोर्ट को भेज सकते हैं। हालांकि मण्डल प्रशासनिक रूप से हाईकोर्ट के अधीनस्थ नहीं है, लेकिन न्यायिक मामलों में हाईकोर्ट के अधीनस्थ ही माना जाएगा। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jun 2022 15:39:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
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                <title>नेशनल हेराल्ड मामला:  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष से 4 दौर में 40 घंटे दागे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ से राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है। सूत्रों के अनुसार केन्द्रीय जांच एजेंसी ने कांग्रेस नेता को मंगलवार को फिर से पेश होने के लिए बुलाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/national-herald-case-40-hours-of-questions-fired-in-4/article-12682"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/cm2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ से राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है। सूत्रों के अनुसार केन्द्रीय जांच एजेंसी ने कांग्रेस नेता को मंगलवार को फिर से पेश होने के लिए बुलाया है। यह पांचवीं बार होगा। जब राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में कथित रूप से मनी लॉड्रिंग के मामले में पूछताछ की जाएगी। अब तक राहुल गांधी से 40 घंटे से भी ज्यादा समय तक पूछताछ कर चुकी है। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सर गंगाराम अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। जहां वह बीती 12 जून से कोविड संक्रमण के बाद पैदा हुई शारीरिक परेशानियों के कारण भर्ती थीं। उन्हें भी ईडी ने 23 जून को पेश होने के लिए नोटिस भेजा हुआ है।<br /><strong>दफ्तर तक साथ गई प्रियंका</strong><br />इससे पहले सोमवार को सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे राहुल गांधी ईडी दफ्तर पहुंचे थे। जहां उनके साथ बहन प्रियंका गांधी भी दफ्तर तक उनके साथ गर्इं। राहुल गांधी से दिन में साढ़े तीन बजे तक पूछताछ की गई। बाद में दूसरे दौर में उनसे चार घंटे से ज्यादा समय तक फिर से पूछताछ की गई। <br /><strong>यह पूछे सवाल!</strong><br />माना जा रहा है कि इस दौरान राहुल गांधी से ‘यंग इंडिया लिमिटेड’ की स्थापना, ‘नेशनल हेराल्ड’ के संचालन और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को कांग्रेस द्वारा दिए गए कर्ज एवं मीडिया संस्था के भीतर धन के हस्तांतरण से जुड़े सवाल पूछे गए गए। राहुल गांधी से उनके देश एवं विदेश में निजी बैंक खातों एवं संपत्ति के बारे में भी जानकारी ली गई है।<br /><strong>विरोध में कांग्रेस का सत्याग्रह</strong><br />कांग्रेस की ओर से सोमवार को राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ और सेना में भर्ती की ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में सत्याग्रह किया गया। जिसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस ने नारेबाजी एवं धरना प्रदर्शन कर रहे कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।<br /><strong>हम भाजपा मुख्यालय में घुसे तो कैसा लगेगा : गहलोत</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सत्याग्रह में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी दफ्तर में दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन घुसकर पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से बदसलूकी करने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजस्थान समेत कई राज्यों में भाजपा के विरोधी दलों की सरकारें हैं। यदि हमने भी वही काम किया। जो दिल्ली में पुलिस द्वारा हमारे साथ हुआ है, तो कैसा लगेगा। हम शांतिपूर्वक सत्याग्रह कर रहे हैं और सरकार दमन पर उतारु है। पुलिस दुर्व्यवहार कर रही है। ऐसा कभी नहीं हुआ है कि पुलिस कांग्रेस दफ्तर में घुस जाए। यह तानाशाही रवैया है। यह विचारधारा की लड़ाई है। पार्टी कार्यकर्ताओं को डरने या घबराने की जरुरत नहीं है। हम संघर्ष करेंगे।</p>
<p>इंदिरा गांधी के जमाने में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने ऐसे ही संघर्ष किया था। राहुल गांधी इतना परेशान करने के बाद भी न झुके हैं और न डरे हैं। सरकार को बस इसी बात से परेशानी हो रही है। सरकार कितना भी प्रयास कर ले। कांग्रेस उसके खिलाफ जनता के हित के मुद्दों को उठाती रहेगी। क्या एक अखबार चलाना गुनाह है। पांचजन्य और आॅर्गेनाइजर जैसे अखबारों को भी तो यह सरकार मदद करती होगी। तो कांग्रेस ने ऐसा क्या बुरा कर दिया? सेना की अग्निपथ योजना को लेकर गहलोत ने कहा कि सरकार अभी भी अपनी जिद पर अड़ी हुई है। लोकतंत्र में सबसे संवाद करके ही आगे बढ़ा जाता है। इससे युवाओं में रोष और आक्रोश व्याप्त है और वह सड़कों पर उतरा हुआ है। सरकार को उनकी बात सुनकर उसका समाधान करना चाहिए। <br /><strong>युवाओं के सपनों से धोखा किया : पायलट</strong><br />पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि इस सरकार ने युवाओं के सपनों के साथ धोखा किया है। अग्निपथ योजना से युवाओं को लाभ नहीं होगा। बल्कि वह 24 साल की आयु में रिटायर होने के बाद क्या करेंगे। इसका समाधान सरकार नहीं बता पा रही है। अच्छा होता संसद में इस बारे में विस्तार से चर्चा की जाती और फिर इस योजना को लाया जाता। पायलट ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है। लेकिन वह ऐसा कर नहीं पाएगी। क्योंकि इस सरकार ने किसानों, नौजवानों और मध्यम वर्ग पर करारी चोट की है। आज वही लोग सरकार के सामने खड़े हैं। ऐसे में कांग्रेस भी उनके साथ है। पायलट ने कहा कि जब भी चुनाव आते हैं। यह लोग धु्रवीकरण करवाकर चुनाव जीतते हैं।</p>
<p><strong>राहुल की छवि धूमिल करने के लिए सूचनाएं लीक: माकन</strong><br />इससे पहले सोमवार सुबह पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा कि ईडी की पूछताछ के दौरान चयनित सूचनाएं राहुल गांधी की छवि को धूमिल करने के लिए लीक की गर्इं। इससे अच्छा है कि पूछताछ के दौरान ईडी कैमरा आॅन रखे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 11:54:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्यूरोक्रेसी पर उठे सवालों पर बोले डोटासरा: कोई भी मामला उठाए, सरकार तुरन्त लेती है संज्ञान</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। ब्यूरोक्रेसी को लेकर विधायकों की शिकायत पर पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि अगर विधायक शिकायत करते हैं तो संज्ञान लिया जाएगा। इससे पहले भी किया ऐसे मामलों में संज्ञान लेते रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-dotasara-said-on-the-questions-raised-on-bureaucracy--any-matter-raised--the-government-immediately-takes-cognizance/article-10489"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/dotasra1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ब्यूरोक्रेसी को लेकर विधायकों की शिकायत पर पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि अगर विधायक शिकायत करते हैं तो संज्ञान लिया जाएगा। इससे पहले भी किया ऐसे मामलों में संज्ञान लेते रहे है। लोकतंत्र में सभी स्तंभों का अपना-अपना काम है। ब्यूरोक्रेसी और विधायिका एक-दूसरे की खिलाफ नहीं है। कमी-खामी बतानी चाहिए। ऐसे मामलों में तुरन्त संज्ञान लिया जाता है। गौरतलब है कि विधायक दिव्या मदेरणा, संयम लोढ़ा, गिर्राज मलिंगा, अमीन खान,धीरज गुर्जर, विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, बलजीत यादव, हेमाराम चौधरी, पीआर मीणा , भरत सिंह कुंदनपुर  कई विधायक ब्यूरोक्रेसी के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं।</p>
<p><br />राज्यसभा चुनाव को लेकर डोटासरा ने कहा कि बाड़ेबंदी की कांग्रेस को कोई जरूरत नहीं है हमारे यहां तो गुड गवर्नेंस है। हाल ही में 13 में से 12 निर्दलीय तो सीएम से मिले थे। बाड़ेबंदी की जरूरत तो बीजेपी को है, जहां इनके मुख्यमंत्री पद के कई के दावेदार बैठे हुए हैं। बीजेपी हमेशा से लोकतंत्र पर विश्वास नहीं करती है।</p>
<p><br />हॉर्स ट्रेडिंग में यकीन रखने वाली पार्टी है। यहीं कारण है कि बीजेपी दूसरी सीट पर उम्मीदवार उतार रही। बीजेपी की नीतियों से लोकतंत्र को खतरा है। यही कारण है कि कांग्रेस भारत जोड़ो अभियान चलाने जा रही,राजस्थान में कांग्रेस एकजुट है।<br />डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस चिंतन शिविर की घोषणा की पूरी पालना करेंगे । एक और 2 जून को घोषणाओं पर चर्चा होगी और उन्हें अमल में लाया जाएगा। अब हम कांग्रेस संगठन की मजबूती में जुटे है। उदयपुर चिंतन शिविर की घोषणा की पालना में राज्यों से आगे रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 May 2022 15:02:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनीति विज्ञान के पेपर में पूछे गए प्रश्नों पर सियासी बवाल</title>
                                    <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी मांग करती है कि किसी भी संस्था प्रधान या शिक्षक जिसने भी पेपर बनाने में इस तरीके के प्रश्न तैयार किए हैं उनको तत्काल निलंबित किया जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news-political-ruckus-on-questions-asked-in-political-science-paper/article-8374"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ram4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने शिक्षा के केंद्र को भी राजनीतिकरण करने का काम किया है और दुर्भाग्य इस बात का है की बारहवीं कक्षा के राजनीति विज्ञान के पेपर में पूछे गए प्रश्नों से लगता है कि एक तरीके से ये कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का चुनाव है, कि किस तरीके से किस विद्यार्थी को कितनी जानकारी है और उस विद्यार्थी को कांग्रेस के बारे में अच्छी जानकारी है तो शायद अभी कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष का काम संचालित है तो हो सकता है की राजनीतिक विषय के पेपर में टॉप करने वाले विद्यार्थी को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p>दुर्भाग्य इस बात का है कि राजस्थान के अंदर उच्च माध्यमिक परीक्षाओं के अंदर इस प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे 1967 के अंदर कितनी सीटें मिली,1971 के चुनाव परिणाम क्या रहा, 1984 के चुनावों में किस पार्टी को कितनी सीटें मिली, प्रथम तीन चुनावो के अंदर कोनसी पार्टी का प्रभुत्व रहा और  कांग्रेस की सामाजिक विचारधारा कैसी है। दुर्भाग्य इस बात का है कि आपकी सरकार के अंदर कांग्रेस की पृष्ठभूमि के बारे में बच्चों से सवाल करने का काम किया जा रहा है या आप सिर्फ बच्चों को कांग्रेस का इतिहास पढ़ाने का काम करोगे। भारतीय जनता पार्टी मांग करती है कि किसी भी संस्था प्रधान या शिक्षक जिसने भी पेपर बनाने में इस तरीके के प्रश्न तैयार किए हैं उनको तत्काल निलंबित किया जाए और भविष्य के अंदर सिर्फ राजनीतिक विषय के ऊपर प्रश्न पूछे जाएं। इस तरीके से किसी पार्टी की विचारधारा के बारे में आप कौनसी पीढ़ी को तैयार करने का काम कर रहे हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Apr 2022 15:20:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>MCD चुनाव को लेकर केजरीवाल ने फिर उठाए सवाल: निगम चुनाव को टालकर भाजपा ने किया शहीदों का अपमान </title>
                                    <description><![CDATA[कल ये गुजरात हार रहे होंगे तो क्या ये कह कर टाल सकते हैं कि गुजरात और महाराष्ट्र को एक कर रहे हैं? क्या इसी तरह का कोई बहाना बना कर लोकसभा चुनाव टाले जा सकते हैं?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kejriwal-again-raised-questions-regarding-mcd-elections--bjp-insulted-martyrs-by-postponing-corporation-elections/article-6595"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/cm.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के चुनाव टालने पर सियासी घमासान जारी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि भाजपा का दिल्ली नगर निगम के चुनाव टालना शहीदों का अपमान है।  केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा का दिल्ली नगर निगम के चुनाव टालना शहीदों का अपमान है जिन्होंने अंग्रेजों को देश से भगाकर देश में जनतंत्र स्थापित करने के लिए कुरबानियाँ दीं थीं। आज ये हार के डर से दिल्ली नगर निगम के चुनाव टाल रहे हैं, कल ये राज्यों और देश के चुनाव टाल देंगे।</p>
<p>भाजपा अपने आपको दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है। कमाल है। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी एक छोटी सी आम आदमी पार्टी से घबरा के भाग गयी? हिम्मत है तो दिल्ली नगर निगम के चुनाव समय पर करवा के दिखाओ। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नगर निगम के चुनाव टाल रही है कि दिल्ली के तीनों निगम एक कर रहे है। क्या इस वजह से चुनाव टल सकते हैं? कल ये गुजरात हार रहे होंगे तो क्या ये कह कर टाल सकते हैं कि गुजरात और महाराष्ट्र को एक कर रहे हैं? क्या इसी तरह का कोई बहाना बना कर लोकसभा चुनाव टाले जा सकते हैं?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Mar 2022 16:46:26 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सदन में घिरे सरकार के ज्यादातर मंत्री, विधायकों के सवालों का नहीं दे पाए संतोषजनक जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[विधायकों की ओर से पूछे गए सवालों का जलदाय मंत्री महेश जोशी, उद्योग मंत्री शकुंतला रावत, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, जनजाति मंत्री अर्जुन बामणिया, आबकारी मंत्री परसादी लाल मीणा, महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/during-the-question-hour-in-the-vidhan-sabha--most-of-the-ministers-of-the-government-were-seen-surrounded-in-the-house/article-6238"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/vn.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विधानसभा विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान सरकार के ज्यादातर मंत्री सदन में घिरते नजर आए। विधायकों की ओर से पूछे गए सवालों का जलदाय मंत्री महेश जोशी, उद्योग मंत्री शकुंतला रावत, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, जनजाति मंत्री अर्जुन बामणिया, आबकारी मंत्री परसादी लाल मीणा, महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। हालांकि स्पीकर सीपी जोशी ने मंत्रियों का बचाव करते नजर आए।<br /><br />दरअसल, प्रश्नकाल में भाजपा विधायक रामलाल शर्मा ने जयपुर जिले में बजट घोषणा के मुताबिक ट्यूबवेल और हेड पंप स्वीकृति को लेकर जानकारी लेनी चाही। वहीं विधायक सुरेश टांक ने किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों पर पेयजल कनेक्शन को लेकर सवाल उठाया, लेकिन जलदाय मंत्री महेश जोशी दोनों ही सवालों का जवाब नहीं दे पाए इससे विधायक असंतुष्ट नजर आए। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने ग्रेटर भिवाड़ी इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने की योजनाओं को लेकर सवाल पूछते हुए कहा कि योजना के लिए भौगोलिक क्षेत्र ही तय नहीं हुआ, लेकिन निजी खातेदारों को मुआवजा का वितरण कर दिया गया। सवाल में हस्तक्षेप करते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बिना क्षेत्र का निर्धारण हुए मुआवजा कैसे दिया जा सकता है? जवाब में उद्योग मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि रीको की ओर से योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है, इसलिए प्रभावितों को मुआवजा दिया जा रहा है। रावत का सवाल से संबंधित जवाब नहीं आने पर स्पीकर सीपी जोशी ने कहा कि इस सवाल को नए सिरे से लाया जाए। विधायक रुपाराम ने मकराना विधानसभा क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण से जुड़ा मामला उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में प्राइवेट ठेकेदार की तरफ से पोषाहार वितरण में घोटाला किया जा रहा है। सवाल के जवाब में महिला विकास मंत्री ममता भूपेश ने कहा कि पोषाहार वितरण का सरकारी एजेंसियों के जरिए ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोशाहार का वितरण किया जाता है, निजी ठेकेदार की कोई जानकारी नहीं है। स्पीकर ने कहा कि विभाग की भी जिम्मेदारी होती है। इसका मंत्री संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी।</p>
<p> </p>
<p>विधायक नरेंद्र नागर ने खानपुर विधानसभा क्षेत्र में माडा योजना के गांव को लेकर सवाल पूछा, लेकिन जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुन बामणिया संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। विधायक ज्ञानचंद पारख ने प्रदेश में शराब कारोबार से जुड़े परिवारों के उत्थान के लिए नवजीवन योजना के लाभार्थियों को अब तक दिए गए लाभ के बारे में जानकारी लेनी चाही, लेकिन आबकारी मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि आवेदन समाज कल्याण विभाग की ओर से स्वीकृत किए जाते हैं, विभाग सिर्फ मांग के अनुसार राशि मुहैया करवाता है। मीणा के जवाब से पारख ने असंतुष्टि जाहिर की। विधायक संयम लोढ़ा ने सिरोही विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में नरेगा कार्य के प्रस्ताव स्वीकृत नहीं करने का मामला उठाया। लोढ़ा ने कहा कि प्रस्ताव स्वीकृत क्यों नहीं किए गए? इसका ग्रामीण विकास मंत्री रमेश मीना संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। विधायक शोभा चौहान ने पशुधन बीमा योजना में पशुओं का बीमा से संबंधित सवाल पूछा, लेकिन मंत्री लालचंद कटारिया सवाल के जवाब में घिरते नजर आए। आखिर उन्होंने कहा कि 15 दिन में इस प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन आज की तारीख में पशु बीमा योजना लागू नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Mar 2022 13:09:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सवालों के जवाब देने में कुछ मंत्री उलझे, तो कुछ जवाब नहीं दे पाए</title>
                                    <description><![CDATA[प्रश्नकाल के एक प्रश्न पर नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने सत्ता पक्ष के कृषि मंत्री लाल चंद कटारिया को जमकर घेरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--some-ministers-got-involved-in-answering-the-questions-asked-by-the-mlas-during-the-question-hour-in-the-assembly--while-some-could-not-answer/article-5636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/vidhan-shbha.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब देने में कुछ मंत्री उलझे, तो कुछ जवाब नहीं दे पाए।<br /><br /><strong>चिकित्सा मंत्री ने कहा -स्थिति चिंताजनक</strong><br />प्रश्नकाल का पहला प्रश्न अनूपगढ़ विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त पदों से जुड़ा रहा। विधायक संतोष की ओर से पूछे गए सवाल पर चिकित्सा मंत्री परसादी मीणा ने जवाब दिया। मंत्री ने भी इस तरह की स्थिति को चिंताजनक मानते हुए सदन को अवगत करवाया कि ऐसे प्रकरण सामने आये हैं जहां स्वास्थ्य केंद्रों के कार्मिक नौकरी जयपुर में करते हैं और वेतन नाथद्वारा या सीकर से उठाते हैं। ये भी सामने आया है कि कई जगहों पर अतिरिक्त स्टाफ लगा हुआ है। कहीं 40 की जगह 70, तो कहीं 20 की जगह 40 का अतिरिक्त स्टाफ लगा हुआ है। मीणा ने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में सख्ती का रुख दिखा रही है। कार्मिकों को वहां हर हाल में जोइनिंग देनी होगी जहां उन्हें नियुक्ति दी गई है। ऐसा नहीं करने वालों को नौकरी से हाथ गंवाना पड़ सकता है। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि <br />जिस विधानसभा क्षेत्र में 31 पद सृजित हैं, और उनमें से महज़ 16 पद भरे गए हैं और शेष 15 रिक्त चल रहे हैं, इससे ज़ाहिर होता है कि विधायक की पीड़ा कितनी है। ये पीड़ा उनके सवाल में दिखती है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वस्त किया कि यथासंभव रिक्त पड़े पदों को भर दिया जाएगा।<br /><br /><strong>कटारिया ने कृषि मंत्री कटारिया को घेरा</strong><br />प्रश्नकाल के एक प्रश्न पर नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने सत्ता पक्ष के कृषि मंत्री लाल चंद कटारिया को जमकर घेरा। दरअसल, विधायक गिरधारी लाल ने बीकानेर, सीकर व श्रीगंगानगर जिलों में डिग्गी निर्माण के अनुदान का मामला उठाया। जवाब लालचंद कटारिया ने दिया, जिसमें प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के स्थितियों को लेकर नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने आपत्ति उठाई। कटारिया ने सवाल किया कि आखिर सरकार ने कई मामलों में प्रशासनिक स्वीकृतियां तो दे दीं, लेकिन वित्तीय स्वीकृति क्यों नहीं दी? इसके जवाब में मंत्री गोल-मोल जवाब देते दिखाई दिए। मंत्री कटारिया ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अकाउंट्स में हुए बदलाव के कारण कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। इस बाबत राज्य सरकार की ओर से केंद्र को पत्र भी लिखा गया है, जल्द ही एक बार फिर पात्र लिखकर अवगत करवाया जाएगा। मंत्री ने आखिर में कहा कि ही पूरी जानकारी जुटाकर दे दी जाएगी।<br /><br /><strong>कुछ बसें तो कोरोना काल मे बंद हो गई, कुछ घाटे में थी</strong><br />विधायक अविनाश गहलोत ने जैतारण में परिवहन निगम की बसों के संचालन को लेकर प्रश्न पूछा। गहलोत सरकार से जानना चाहा कि जैतारण में पहले से ही संचालित बस बंद कर दी गई हैं और अब सिर्फ दो बसें ही चल रही हैं। सिर्फ दो बसें ही पर्याप्त हैं क्या? इस पर जवाब में परिवहन मंत्री बृजेन्द्र ओला ने कहा कि कुछ बसें तो कोरोना काल मे बंद हो गई, कुछ घाटे में थी, अब फिर से शुरू करने पर विचार करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Mar 2022 15:46:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विधानसभा में विधायकों के सवालों में जवाब में अटके कई मंत्री, स्पीकर ने दो सवालों को किया स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से कुल 15 सवाल पूछे गए, जिनके जवाब में मंत्री लालचंद कटारिया, महेश जोशी, ममता भूपेश संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/many-ministers-stuck-in-the-answers-to-the-questions-of-the-mlas-in-the-assembly--the-speaker-adjourned-two-questions/article-5326"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/mahesh-joshi.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चार दिन के अवकाश के बाद बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई। प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से कुल 15 सवाल पूछे गए, जिनके जवाब में मंत्री लालचंद कटारिया, महेश जोशी, ममता भूपेश संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर माकपा विधायक बलवान पुनिया ने विरोध स्वरूप वेल में धरना दिया। वहीं स्पीकर सीपी जोशी ने भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी और ज्ञानचंद पारख का सवाल स्थगित कर दिया।</p>
<p><br />सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। प्रश्नकाल में कुल 38 सवाल लगे, जिसमें 22 तारांकित और 16 अतारांकित। समय के अभाव के चलते केवल 15 सवाल ही विधायक पूछ सके। ये सवाल  चिकित्सा, कृषि, सार्वजनिक निर्माण, जनजाति, क्षेत्रीय विकास, महिला बाल विकास, खाद्य आपूर्ति और उद्योग विभाग से संबंधित रहे। <br /><br /><strong>किसानों को नहीं हुआ 164 करोड़ का किसानों को फसल बीमा क्लेम का भुगतान</strong><br />माकपा विधायक बलवान पूनिया ने भादरा विधानसभा क्षेत्र के किसानों को फसल बीमा क्लेम का भुगतान नहीं होने का मामला उठाया जवाब में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्‍तर्गत वर्ष 2020-21 से हनुमानगढ जिले का फसल बीमा व्‍यवसाय एग्रीकल्‍चर इन्‍श्‍योरेन्‍स कम्‍पनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। रबी 2020-21 के लिये उक्‍त बीमा कम्‍पनी की ओर से भादरा विधानसभा क्षेत्र में अब तक 161 करोड़ 78 लाख के बीमा क्‍लेम का भुगतान 58 हजार 901 फसल बीमा पॉलिसी धारक पात्र किसानों को किया गया है। शेष बीमा दावों का भुगतान बीमा कम्‍पनी द्वारा फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्‍त उपज परिणामों में विसंगति बताते हुए अभी तक नहीं किया गया है । विभाग बीमा कम्‍पनी से शेष बीमा क्‍लेम का भुगतान करवाने के लिए लगातार प्रयासरत है। विभागीय अनुमान के अनुसार रबी 2020-21 के लिये भादरा विधानसभा क्षेत्र के लिये लगभग 505 करोड 62 लाख रुपए की बीमित राशि एवं 323 करोड 34 लाख रुपए का बीमा क्‍लेम फसल कटाई प्रयोगों अनुसार  प्राप्‍त उपज के आधार पर योजना प्रावधानों के अंतर्गत्‍ तय हुआ है । कटारिया के जवाब से असंतुष्ट पूनिया वेल में आ गए , उनके साथ विधायक गिरधारी भी वेल में आकर बैठ गए। कुछ समय बाद मंत्री प्रताप सिंह ने समझाइस कार उनकी सीट पर भेजा।</p>
<p><br /><strong>शुद्ध पानी नहीं मिलने पर थाने में मामला दर्ज कराया लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ</strong><br />भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने ल्हास सिंचाई परियोजना से छबड़ा व  छिपा बड़ोद को पेयजल उपलब्ध कराने का सवाल पूछा, लेकिन जलदाय मंत्री महेश जोशी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जोशी ने कहा कि बारां जिले की ल्‍हासी सिंचाई परियोजना अंतर्गत निर्मित बांध आधारित ल्‍हासी पेयजल परियोजना पूर्ण की जाकर, छबड़ा एवं छीपाबड़ौद कस्‍बों में स्‍वच्‍छ पेयजल आपूर्ति की जा रही है ।  छबड़ा द्वारा ल्‍हासी पेयजल परियोजना से कस्‍बा छबड़ा व कस्‍बा छीपाबड़ौद में अनुबंधक फर्म डारा कंस्‍ट्रक्‍शन एवं वितरण कम्‍पनी, राईबाग जोधपुर द्वारा निर्धारित मानक गुणवत्‍ता अनुरूप पेयजल आपूर्ति नहीं करने तथा लापरवाही करने बाबत पुलिस थाना छबड़ा में  30 जून .2021 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । थानाधिकारी, पुलिस थाना छबड़ा से प्राप्‍त सूचना के अनुसार उक्‍त प्रकरण वर्तमान में अनुसंधान में है । इस जवाब से सिंघवी ने नाराजगी जताई, लेकिन स्पीकर ने बोलने की अनुमति नहीं दी।</p>
<p><br /><strong>राज्य आर्थिक पिछड़ा वर्ग बोर्ड गठन होने के 3 साल बाद भी योजनाओं पर एक नया पैसा खर्च नहीं हुआ</strong><br />  उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने प्रदेश में राजस्थान राज्य आर्थिक पिछड़ा वर्ग बोर्ड गठन को लेकर सवाल पूछते हुए कहा कि बोर्ड को बटन हुए 3 साल का समय हो गया है लेकिन इसकी योजनाओं के लिए एक नया पैसे का प्रावधान कर खर्च नहीं किया गया अगर खर्च किया तो सरकार बताएं जवाब में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि वर्ष 2020-2021 के बजट में  आर्थिक रूप से पिछडे सामान्य वर्ग (Economically Backward class) के उत्थान एवं कल्याण के सुझाव देने के।लिए राजस्थान राज्य आर्थिक पिछडा वर्ग बोर्ड के गठन की घोषणा)  के अनुक्रम में राज्य सरकार ने 22 मई.2020 को  राजस्थान राज्य आर्थिक पिछडा वर्ग बोर्ड का गठन किया गया है। अभी वर्तमान में उक्त बोर्ड से कोई सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है। जुली के बाद राठौड़ बोलने लगे, लेकिन स्पीकर ने अनुमति नहीं दी।</p>
<p><strong>खाद्य सुरक्षा योजना में पात्रता धारियों की सीमा में बढ़ोतरी को लेकर सवाल</strong> <br />विधायक कालीचरण सराफ में खाद्य सुरक्षा योजना में पात्रता धारियों की सीमा में बढ़ोतरी को लेकर सवाल पूछा जवाब में खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत प्रदेश में  23.फरवरी 2022 को शहरी क्षेत्र में 35.36 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्र में 72.68 प्रतिशत लाभार्थी चयनित है। योजना के लाभार्थियों की संख्‍या शहरी क्षेत्र 6028017 (साठ लाख अठ्ठाईस हजार सतरह) एवं ग्रामीण क्षेत्र 37432670 (तीन करोड चौहत्‍तर लाख बत्‍तीस हजार छ सौ सत्‍तर) है।  सुरक्षा योजनान्तर्गत लाभ प्राप्‍त कर रहे राजकीय कार्मिकों के नामों को हटाकर उनसे वसूली की कार्यवाही करने के लिए विभाग की ओर से 24 फरवरी .2020 को आदेश जारी कर वसूली की कार्यवाही प्रारम्‍भ की गई है। फरवरी 2020 से 1 जनवरी 2021 तक अपात्र सरकारी कार्मिकों के 322178 (तीन लाख बाईस हजार एक सौ अठहत्‍तर) परिवार सदस्‍यों के नाम हटे है। प्रदेश में इस अवधि में नये पात्र व्‍यक्तियों के 747546 (सात लाख सैतालीस हजार पांच सौ छियालीस) नाम जोडे गए है। भारत सरकार की ओर से प्रदेश की वर्ष 2011 की जनसंख्‍या के अनुसार राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्‍तर्गत 4.46  करोड लाभार्थियों को चयनित किये जाने की सीलिंग निर्धारित की गई थी।  भारत सरकार द्वारा कवरेज में कोई भी संशोधन अगली जनगणना के जनसंख्‍या अनुमान आंकडे प्रकाशित होने के बाद संभव होने के कारण वर्तमान में दिनांक 18 मई 2020 से खाद्य सुरक्षा योजना में नाम नहीं जोडे जा रहे है। भारत सरकार को राजस्‍थान में वर्ष 2021 की अनुमानित जनसंख्‍या के आधार पर सीलिंग पुन: निर्धारित करने के लिए मुख्‍यमंत्री ने कई बार प्रधानमंत्री को पत्र लिखे गए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Mar 2022 13:27:04 +0530</pubDate>
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