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                <title>karnataka - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>karnataka RSS Feed</description>
                
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                <title>कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर: डी.के. शिवकुमार के हाथों में होगी राज्य की कमान, सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को सौंपा इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक की राजनीतिक रार खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिसके बाद डी.के. शिवकुमार का सीएम बनना तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने इस्तीफे के बदले अपने बेटे को कैबिनेट मंत्री बनाने की शर्त रखी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-command-of-karnataka-will-be-in-the-hands-of/article-155280"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/siddaramaiah.png" alt=""></a><br /><p>कर्नाटक। कर्नाटक की राजनीतिक रार​ अब खत्म होती नजर आ रही है क्योकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और अब इसके साथ ही डी.के. शिवकुमार का सीएम बनना लगभग तय हो चुका है। कनार्टक गृह मंत्री ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि सीएम सिद्धारमैया ने आज सुबह सभी मंत्रियों को धन्यवाद देने के लिए नाश्ते पर बुलाया था। सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे के साथ ही सिद्दारमैया ने कांग्रेस आलाकमान से अपने बेटे को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की शर्त रखी है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि कांग्रेस हाईकमान ने उनसे पद छोड़ने को कहा था जिसके अनुरूप उन्होंने इस्तीफा दिया है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि राज्यपाल उनके इस्तीफे को स्वीकार करके अगले मुख्यमंत्री के लिए मार्ग प्रशस्त करेंगे, जो उनका संवैधानिक दायित्व भी है। सिद्दारमैया ने कहा कि कांग्रेस के पास सदन में पूरा बहुमत है। उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का आभार जताया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दो बार मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें कर्नाटक के सात करोड़ लोगों की सेवा करने का मौका मिला और दो बार विपक्ष के नेता के तौर पर भी काम किया। इस दौरान पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं से जो सहयोग मिला, उसके लिए वह उन्हें धन्यवाद देते हैं। संवादादाता सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री और नए मुख्यमंत्री पद के दावेदार डीके शिवकुमार भी उपस्थित थे। काफी समय से राज्य में यह नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगायी जा रहीं थीं और माना जा रहा था कि श्री शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 15:22:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>खड़गे ने की सिद्दारमैया और शिवकुमार से मुलाकात, क्या कनार्टक में होने वाला है नेतृत्व परिर्वतन?  </title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की संभावित साझेदारी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीएम सिद्दारमैया और डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार के साथ बेंगलुरु में अहम बैठक की। हालांकि, आलाकमान ने फिलहाल किसी भी फेरबदल की बात से इनकार करते हुए सरकार को स्थिर बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kharge-met-siddaramaiah-and-shivkumar-is-there-going-to-be/article-154457"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/karnataka1.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं को लेकर बुधवार को कयासों का बाजार फिर गर्म हो गया, जब पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दल के भीतर बढ़ी राजनीतिक हलचल के बीच मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ चर्चा की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केरल में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद खड़गे ने सिद्दारमैया, शिवकुमार और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ तिरुवनंतपुरम से बेंगलुरु तक का सफर किया। इसके बाद नेताओं ने कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज के आवास पर बैठक की, जिससे राज्य में नये सिरे से राजनीतिक सुगबुगाहट शुरू हो गयी।</p>
<p>कयासों का यह नया दौर मई 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही सिद्दारमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता की संभावित साझेदारी की लगातार आ रही खबरों की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। हाल के दिनों में शिवकुमार के समर्थकों ने नेतृत्व के मुद्दे पर स्थिति साफ करने की मांग को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी तेज कर दी है, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान पर इस मामले को सुलझाने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।</p>
<p>इन चर्चाओं को हवा देते हुए मंगलवार को बेंगलुरु में सिद्दारमैया के करीबी माने जाने वाले मंत्रियों ने कथित तौर पर नाश्ते पर बैठक की, जिसने संभावित राजनीतिक फेरबदल और कैबिनेट विस्तार की अटकलों को और तेज कर दिया। इससे पहले खरगे ने नेतृत्व के विवाद को कमतर आंकने की कोशिश करते हुए कहा था कि कर्नाटक में ‘फिलहाल कोई बदलाव नहीं’ होगा और मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई भी फैसला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशविरे के बाद पार्टी नेतृत्व द्वारा सामूहिक रूप से लिया जाएगा। कांग्रेस आलाकमान और राज्य के नेताओं ने आधिकारिक तौर पर किसी नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा नहीं की है और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी लगातार यही दावा कर रहे हैं कि सरकार पूरी तरह स्थिर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 18:48:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डीके सुरेश का केंद्र पर हमला: कांग्रेस बंगाल की तरह कर्नाटक में नहीं देगी SIR की अनुमति, कार्यकर्ताओं के लिए जागरूकता बैठकें और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व सांसद डी.के. सुरेश ने कहा कि कांग्रेस कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) को पश्चिम बंगाल की तरह लागू नहीं होने देगी, क्योंकि इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार पर चुनावी प्रक्रिया और अर्थव्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/dk-sureshs-attack-on-the-centre-congress-will-not-allow/article-154230"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/west-bengal-sir.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। पूर्व सांसद डी. के. सुरेश ने सोमवार को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) जिस तरह पश्चिम बंगाल में लागू की गयी, कांग्रेस कर्नाटक में उस तरह इसे लागू नहीं होने देगी, क्योंकि इससे मतदाताओं के अधिकारों पर असर पड़ सकता है। सुरेश ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को अपने मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति से निपटने और राज्य में मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए जागरूकता बैठकें और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है। चुनाव आयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग उनके हाथों में है। हमें नहीं पता कि वे क्या करेंगे।” साथ ही उन्होंने प्रस्तावित चुनावी प्रक्रिया को लेकर आशंका व्यक्त की।</p>
<p>डी के सुरेश ने आरोप लगाया कि 12 साल सत्ता में रहने के बावजूद केंद्र सरकार ने ‘दो औद्योगिक घरानों’ के हितों की रक्षा के लिए आम जनता पर बोझ डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया, “ केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने ये टिप्पणियां किस संदर्भ में कीं। अगर अर्थव्यवस्था संकट में है, तो इसके लिए उनकी सरकार जिम्मेदार है।” भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसाया जाता है, लेकिन सत्ताधारी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें ‘वाशिंग मशीन’ में धो दिया जाता है। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मुद्दे पर सुरेश ने कहा कि केंद्र को यह स्पष्ट करना होगा कि ऐसी व्यवस्था में शासन और न्याय व्यवस्था कैसे काम करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक साथ चुनाव कराना ‘बार-बार राजनीतिक अभियान चलाने के बजाय एक ही झटके में सब कुछ खत्म करने’ का प्रयास है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 17:41:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सीएम सिद्दारमैया का केंद्र सरकार पर निशाना: एकल राष्ट्रीय-स्तरीय प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठाया सवाल, राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में सुधारों की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[नीट-यूजी 2026 रद्द होने पर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने इसे युवाओं के साथ "विश्वासघात" बताया है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने केंद्र पर हमला बोलते हुए राज्यों को अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की स्वायत्तता देने की मांग की। कर्नाटक सरकार ने केंद्रीकृत प्रणाली पर सवाल उठाते हुए पारदर्शी जांच और जवाबदेही पर जोर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-siddaramaiah-targets-central-government-raises-questions-on-credibility-of/article-153713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cm1.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। प्रश्न पत्र लीक और अनियमितताओं की रिपोर्टों के बीच राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) 2026 के रद्द होने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए मांग की कि राज्यों को अपनी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने की अनुमति दी जाए। सिद्दारमैया ने इसे "युवाओं के साथ क्रूर विश्वासघात" करार दिया और कहा कि इसने देश भर में 22 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवारों को "अनिश्चितता" में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थी महीनों की तैयारी और कोचिंग, यात्रा तथा संबंधित खर्चों पर परिवारों द्वारा किए गए भारी वित्तीय खर्च के बाद निराश रह गए हैं।</p>
<p>नीट के प्रति राज्य के लंबे समय से चले आ रहे विरोध को दोहराते हुए सिद्दारमैया ने कहा कि केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को नुकसान पहुंचाती है और पेशेवर प्रवेशों में राज्यों की भूमिका को कमजोर करती है। उन्होंने कथित लीक की पारदर्शी जांच, दोषियों के लिए कड़ी सजा और नई परीक्षा के लिए एक स्पष्ट कार्यक्रम की मांग की। शिवकुमार ने इस फैसले को "भारी शर्मिंदगी" बताया और आरोप लगाया कि इस अचानक उठाए गए कदम ने विद्यार्थियों का आत्मविश्वास हिला दिया है और वर्षों की तैयारी के बावजूद उम्मीदवारों को फिर से अनिश्चितता में धकेल दिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी साधने के लिए भाजपा नेताओं की भी आलोचना की और पूर्व मंत्री सीएन अश्वथ नारायण के जवाब न देने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस रद्दीकरण ने उन छात्रों को प्रभावित किया है जिनके करियर के लक्ष्य स्पष्ट थे, और उन्होंने केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने छात्र-संबंधी मुद्दों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं में दोहरे मापदंडों का भी आरोप लगाया।</p>
<p>उच्च शिक्षा मंत्री एमसी सुधाकर, स्कूली शिक्षा मंत्री एस मधु बंगारप्पा और चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरणप्रकाश आर पाटिल ने भी केंद्र की आलोचना की और एकल राष्ट्रीय-स्तरीय प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने के लिए बेहतर रूप से सुसज्जित हैं और कर्नाटक द्वारा ऐसी परीक्षाओं की जिम्मेदारी लेने की तत्परता व्यक्त की। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों के तनाव को कम करने के लिए कक्षा 12 के अंकों को भी महत्व दिया जा सकता है। उन्होंने नीट विवाद को "सबसे बड़ा घोटाला" बताया और बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया, जबकि बंगारप्पा ने लाखों उम्मीदवारों को हुई मनोवैज्ञानिक पीड़ा को उजागर किया।<br />मंत्रियों ने सामूहिक रूप से केंद्र सरकार से पारदर्शिता बहाल करने, एक विश्वसनीय पुन: परीक्षा प्रक्रिया आयोजित करने और मेडिकल प्रवेशों के प्रबंधन में राज्यों को अधिक स्वायत्तता देने पर विचार करने का आग्रह किया। अपने बयानों के माध्यम से, कर्नाटक के नेताओं ने तत्काल सुधारात्मक उपायों, कथित पेपर लीक की गहन जांच और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में सुधारों की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 16:40:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कर्नाटक में शासन व्यवस्था सत्ताधारी पार्टी में गुटबाजी के आगे लाचार : आंतरिक सत्ता संघर्षों एवं नेतृत्व अनिश्चितता से जूझ रही सरकार, मोदी ने कहा- सत्ता समीकरण बदलने के लिए पुराने सहयोगियों को धोखा देती है कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को “परजीवी पार्टी” बताते हुए कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में अस्थिर शासन, गुटबाजी और अवसरवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस की राजनीति विश्वासघात से चलती है, शासन से नहीं।” वहीं भाजपा-राजग को स्थिरता, विकास और निर्णायक नेतृत्व का प्रतीक बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-governance-system-in-karnataka-is-helpless-in-front-of/article-153337"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/6622-copy40.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बेंगलुरु। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए यहां एक जनसभा में स्थिरता बनाम अस्थिरता पर व्यापक चर्चा की और कर्नाटक, केरल एवं तमिलनाडु का सीधा उदाहरण देते हुए कांग्रेस की शासन संबंधी विफलताओं एवं आंतरिक विरोधाभासों को उजागर किया। मोदी ने एचएएल हवाई अड्डे पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के मतदाता आज समाधान चाहते हैं, खेल नहीं। उन्होंने तर्क दिया कि कई राज्यों में हाल के चुनाव परिणाम भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के अंतर्गत राजनीतिक स्थिरता एवं निर्णायक शासन के लिए जनता की स्पष्ट प्राथमिकता को दर्शाते हैं। मोदी ने कर्नाटक पर ध्यान केंद्रित करते हुए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार लगातार आंतरिक सत्ता संघर्षों एवं नेतृत्व अनिश्चितता से जूझ रही है। उन्होंने कहा, वे यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि मुख्यमंत्री कब तक पद पर रहेंगे, सब कुछ अधर में लटका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शासन व्यवस्था सत्ताधारी पार्टी में गुटबाजी एवं राजनीतिक सौदेबाजी के आगे लाचार हो गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कर्नाटक से आगे बढ़कर अपने हमले का दायरा बढ़ाते हुए मोदी ने कांग्रेस की आलोचना में केरल और तमिलनाडु को भी शामिल किया और तर्क दिया कि दक्षिणी राज्यों में पार्टी का प्रभाव सुसंगत शासन की तुलना में राजनीतिक अवसरवादिता से ज्यादा चिह्नित होता रहा है। तमिलनाडु का उल्लेख करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर सत्ता समीकरण बदलने के लिए अपने पुराने सहयोगियों को बार-बार धोखा देने का आरोप लगाया। अपने भाषण के सबसे तीखे शब्दों का चयन करते हुए मोदी ने कहा, ऐसा कोई करीबी नहीं है, जिसे कांग्रेस ने धोखा न दिया हो। उन्होंने कांग्रेस-द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के संबंधों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि दशकों तक राजनीति गठबंधन रहने के बावजूद, कांग्रेस का अपने सहयोगियों के खिलाफ राजनीतिक रूप से सुविधाजनक समय पर छोड़ने का इतिहास रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने कहा कि सत्ता में बदलाव आते ही सत्ता की भूखी कांग्रेस ने अपने सहयोगी को धोखा दिया। कांग्रेस को परजीवी पार्टी बताते हुए मोदी ने उस पर आरोप लगाया कि वह सत्ता में रहते हुए गठबंधनों पर निर्भर रहती है जबकि उन्हीं सहयोगियों को कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का राजनीतिक व्यवहार शासन या वैचारिक स्थिरता के बजाय विश्वासघात एवं अवसरवादिता से परिभाषित होता है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने शायद ही किसी करीबी को धोखा न दिया हो। प्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस शासित राज्यों में शासन व्यवस्था चरमरा गई है और कहा कि प्रशासनिक गतिरोध एवं आंतरिक संघर्ष बार-बार होने वाले पैटर्न बन गए हैं। उन्होंने पार्टी के प्रशासनिक रिकॉर्ड की आलोचना करते हुए तीखे शब्दों में कहा, जहां भी कांग्रेस सरकार है वहां या तो सरकारी खजाने की लूट हो रही है या लूटे गए पैसे को लेकर झगड़े हो रहे हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास एक सुसंगत शासन मॉडल का अभाव है। श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस की सत्ता की किताब में शासन का कोई अध्याय ही नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी का राजनीतिक इसकी तुलना भाजपा के नेतृत्व वाले राजग से करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी पार्टी स्थिरता, गति एवं समाधान का प्रतिनिधित्व करती है और तर्क दिया कि पूरे देश के मतदाताओं ने भाजपा को उसके शासन के रिकॉर्ड के कारण बार-बार नया जनादेश दिया है। उन्होंने असम, गुजरात और पुडुचेरी जैसे राज्यों में चुनावी जीत का हवाला देते हुए राजग के पक्ष में राष्ट्रव्यापी रुझान को प्रमाण के रूप में लोगों के सामने प्रस्तुत किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने कहा, वैश्विक अस्थिरता वाले माहौल में भारत स्थिरता का मंत्र दे रहा है। उन्होंने सोच समझकर निरंतरता एवं शासन-केंद्रित नेतृत्व का चयन कर रहे हैं। श्री मोदी ने अपने इस भाषण में कर्नाटक को तात्कालिक राजनीतिक पृष्ठभूमि के रूप में प्रस्तुत किया, साथ ही इसके निहितार्थों को राष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित किया। केरल और तमिलनाडु के साथ-साथ कांग्रेस शासित या प्रभावित अन्य राज्यों का हवाला देते हुए मोदी ने विपक्ष के विखंडन एवं शासन की विफलता की एक व्यापक कहानी गढ़ने की कोशिश की, जिसकी तुलना उन्होंने भाजपा के बढ़ते प्रभाव और भारत में स्थिर शासन मॉडल के रूप में की।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 17:56:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किसानों की आत्महत्या मामला: कनार्टक भाजपा ने राज्य सरकार को घेरा, सीएम सिद्दारमैया पर लगाया किसानों के शवों पर गारंटी की राजनीति का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[एनसीआरबी की रिपोर्ट में कर्नाटक किसान आत्महत्या के मामलों में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। भाजपा नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर 22.61% की वृद्धि को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गारंटी योजनाओं के प्रचार में व्यस्त है, जबकि अन्नदाता कर्ज और फसल नुकसान के बोझ तले दब रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/farmers-suicide-case-karnataka-bjp-cornered-the-state-government-accused/article-153146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/किसानों.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की नवीनतम रिपोर्ट में राज्य में किसानों की आत्महत्या के मामलों में भारी वृद्धि दिखाये जाने पर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर 'कि्सानों के शवों पर गारंटी की राजनीति' करने का आरोप लगाया। अशोक ने गुरुवार को जारी एनसीआरबी की 'भारत में आकस्मिक मृत्यु और आत्महत्या 2024' रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कर्नाटक में किसानों और खेतिहर मजदूरों की आत्महत्या के मामलों में 22.61 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। यह संख्या साल 2023 के 2,423 से बढ़कर 2024 में 2,971 हो गयी है।</p>
<p>इस वृद्धि को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए भाजपा नेता ने पूछा कि क्या यह उछाल सिद्दारमैया प्रशासन की विफलता को दर्शाता है, खासकर ऐसे समय में जब कई अन्य राज्यों में ऐसी मौतों में कमी आयी है। अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की 'किसान विरोधी नीतियों' की पोल नवीनतम एनसीआरबी आंकड़ों ने खोल दी है। उन्होंने दावा किया कि किसान आत्महत्या के मामले में कर्नाटक का देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बनना सरकार के 'मॉडल शासन' का प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "कर्नाटक किसान आत्महत्याओं के मामले में देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। यह कांग्रेस सरकार के प्रशासन का असली चेहरा है।"</p>
<p>भाजपा नेता ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी गारंटी योजनाओं के विज्ञापनों और प्रचार अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, जबकि राज्य भर के किसान फसल के नुकसान, बढ़ते कर्ज, बिजली दरों में वृद्धि और पानी की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है और सरकार पर कृषि क्षेत्र की बिगड़ती बदहाली की अनदेखी करने का आरोप लगाया। अशोक ने पूछा, "किसानों को न तो उनकी फसलों का उचित दाम मिल रहा है और न ही उनके जीवन का कोई मोल है। क्या यही वह जन-हितैषी सरकार है, जिसका कांग्रेस ने वादा किया था?"</p>
<p>मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाते हुए अशोक ने आरोप लगाया कि उनका ध्यान किसानों की दुर्दशा दूर करने के बजाय कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर अधिक केंद्रित है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसानों के आंसुओं पर खड़ी राजनीति लंबे समय तक नहीं टिकेगी और दावा किया कि कोई भी कल्याणकारी गारंटी योजना कांग्रेस सरकार को इन मौतों पर उपजे जनता के आक्रोश से नहीं बचा पायेगी।</p>
<p>एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में पूरे भारत में कुल 10,546 किसानों और खेतिहर मजदूरों ने आत्महत्या की, जो 2023 में दर्ज किए गए 10,786 मामलों की तुलना में 2.22 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्शाती है। महाराष्ट्र में ऐसी मौतों की संख्या सबसे अधिक 3,824 दर्ज की गयी, इसके बाद कर्नाटक 2,971 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु भी उन राज्यों में शामिल थे, जहां किसानों और खेतिहर मजदूरों के बीच आत्महत्या के मामले अधिक रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 18:39:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>युवा संगम चरण VI: राजस्थान के 50 युवा IIIT धारवाड़ के लिए रवाना </title>
                                    <description><![CDATA[एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत राजस्थान के 50 युवाओं का दल IIIT धारवाड़ के लिए रवाना हुआ। MNIT जयपुर से हरी झंडी दिखाकर भेजे गए ये युवा 5P थीम (पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रौद्योगिकी और संपर्क) के जरिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान करेंगे। यह यात्रा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की एक अनूठी पहल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/yuva-sangam-phase-vi-50-youth-from-rajasthan-leave-for/article-152935"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rera2.pdf-(1200-x-600-px)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। युवा संगम चरण VI के अंतर्गत राजस्थान से 50 युवा प्रतिनिधियों का दल 7 मई को कर्नाटक स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान IIIT धारवाड़ के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एमएनआईटी जयपुर में एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां से प्रतिनिधिमंडल को फ्लैग ऑफ किया गया। यह यात्रा 8 से 15 मई तक चलेगी, जिसमें प्रतिभागी शैक्षिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान गतिविधियों में भाग लेंगे। कार्यक्रम एक भारत श्रेष्ठ भारत EBSB पहल के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ को बढ़ावा देना है।</p>
<p>राजस्थान के विभिन्न जिलों और संस्थानों से चुने गए इन 50 युवाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर, शोधार्थी और अन्य युवा शामिल हैं। यात्रा के दौरान प्रतिभागी 5P थीम—पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रौद्योगिकी और पीपल-टू-पीपल कनेक्ट—के तहत विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे। कार्यक्रम में कैंपस विजिट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, औद्योगिक भ्रमण और स्थानीय स्थलों का दौरा शामिल है। साथ ही, प्रतिभागियों को अपने अनुभव माई युवा संगम स्टोरी के रूप में साझा करने का अवसर मिलेगा। संस्थान के निदेशक प्रो. एन. पी. पाढ़ी ने इस पहल को राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 18:34:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक उपचुनाव परिणाम : बागलकोट में कांग्रेस आगे, दावणगेरे में भाजपा एवं कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक उपचुनावों की मतगणना में कांग्रेस उम्मीदवार उमेश मेटी ने बागलकोट सीट पर 10,000+ वोटों की निर्णायक बढ़त बना ली है। वहीं, दावणगेरे दक्षिण में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर जारी है। कड़ी सुरक्षा और EVM निगरानी के बीच हो रही इस गिनती में बागलकोट के रुझान कांग्रेस के पक्ष में स्पष्ट दिख रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-by-election-results-congress-ahead-in-bagalkot-close-contest-between/article-152627"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/karnataka.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक में सोमवार को हो रही विधानसभा उपचुनावों की मतगणना में कांग्रेस ने बागलकोट सीट पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, जहाँ उसकी बढ़त का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर, दावणगेरे दक्षिण सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच बेहद कड़ा और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहाँ भाजपा मामूली अंतर से आगे चल रही है। बागलकोट सीट पर 13 दौर की मतगणना के बाद कांग्रेस उम्मीदवार उमेश मेटी अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के वीरभद्रैया चरंतिमठ से काफी आगे निकल गए हैं। श्री मेटी को अब तक 53,849 वोट मिले हैं, जबकि श्री चरंतिमठ को 43,528 वोट प्राप्त हुए हैं। इस तरह कांग्रेस यहाँ 10,321 वोटों की बड़ी बढ़त बनाए हुए है। बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय में चल रही इस मतगणना के रुझान लगातार कांग्रेस के पक्ष में बने हुए हैं। नौवें दौर तक कांग्रेस की यह बढ़त 11,000 वोटों को भी पार कर गई थी, जिससे भाजपा पर दबाव काफी बढ़ गया है।</p>
<p>दावणगेरे दक्षिण सीट की स्थिति इसके उलट है, जहाँ कांटे की टक्कर बनी हुई है। शुरुआती दौर में भाजपा उम्मीदवार श्रीनिवास दसकरियप्पा ने कांग्रेस के समर्थ शमनूर पर 577 वोटों की बढ़त बनाई। दसकरियप्पा को 3,711 वोट मिले, जबकि शमनूर को 3,134 वोट मिले। यहाँ के परिणाम किसी भी पक्ष में जा सकते हैं। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। बागलकोट के बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय और दावणगेरे के डीआरआर स्कूल में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।</p>
<p>मतगणना की शुरुआत में एक छोटी बाधा तब आई जब ईवीएम के स्ट्रॉन्ग रूम की चाबी नहीं मिलने के कारण अधिकारियों को ताला तोड़ना पड़ा। हालांकि, इस समस्या को जल्द ही सुलझा लिया गया और मतगणना समय पर शुरू हो गई। बागलकोट में चुनाव अधिकारियों ने सर्विस वोटरों के पोस्टल बैलट की गिनती के लिए क्यूआर कोड स्कैनिंग सिस्टम का भी इस्तेमाल किया, जिसके लिए एक विशेष टीम तैनात की गई है।</p>
<p>निर्वाचन सदन के भीतर सुरक्षा और नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। उम्मीदवारों और उनके एजेंटों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है और मुख्य द्वार से केवल कर्मचारियों और मीडिया को ही प्रवेश दिया जा रहा है। चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार मतगणना हॉल के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बागलकोट में 68.74 प्रतिशत और दावणगेरे दक्षिण में 68.43 प्रतिशत मतदान हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि मतगणना के अगले दौर पूरे होने के साथ ही अंतिम नतीजों की तस्वीर साफ हो जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 18:30:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कनार्टक सीएम विवाद : इकबाल हुसैन का दावा, डीके शिवकुमार को 15 मई तक मिल सकती है सत्ता, राजनीतिक हलकों में हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन के दावे ने कर्नाटक की राजनीति में तूफान ला दिया है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार 15 मई तक सत्ता की कमान संभाल सकते हैं। कार्यकर्ताओं और मंत्रियों के भारी समर्थन के बीच, इस बयान को वर्तमान मुख्यमंत्री के लिए नेतृत्व परिवर्तन की गंभीर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-cm-controversy-iqbal-hussains-claim-that-dk-shivakumar-may/article-152064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/dk-sshivakumarr.png" alt=""></a><br /><p>रामनगर। कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना को लेकर मंगलवार को नई अटकलें तेज हो गईं जब कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार 15 मई तक सत्ता हासिल कर सकते हैं। रामनगर में की गई इन टिप्पणियों ने कर्नाटक कांग्रेस के राजनीतिक हलकों में एक बार फिर हलचल मचा दी है जहां 2023 में पार्टी के सत्ता में लौटने के बाद से भविष्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं समय-समय पर होती रहती हैं। हुसैन ने पत्रकारों से कहा, "हम सभी चाहते हैं कि डीके शिवकुमार सत्ता में आएं। उनके नेतृत्व में हम राज्य में और अधिक विकास कार्य देखना चाहते हैं। कई विधायकों, मंत्रियों, कार्यकर्ताओं, नेताओं और आम जनता की भी यही इच्छा है।"</p>
<p>उन्होंने अपने दावे के साथ एक समयसीमा भी जोड़ दी। विधायक ने कहा कि मुझे लगता है कि उन्हें 15 मई तक सत्ता मिल जाएगा और यही मेरी इच्छा एवं कामना है। हालांकि, हुसैन ने मुख्यमंत्री पद का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया लेकिन उनके बयान को कांग्रेस के कुछ वर्गों में शिवकुमार को राज्य में एक बड़ी नेतृत्व भूमिका सौंपने के लिए बढ़ते समर्थन के प्रत्यक्ष संकेत के रूप में देखा जा रहा है। ये टिप्पणियां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि शिवकुमार एक शक्तिशाली वोक्कालिगा नेता और 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष थे और उन्हें लंबे समय से शीर्ष पद के लिए एक प्रमुख दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>इकबाल हुसैन ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से मिले समर्थन की भी प्रशंसा की और खुद को जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध जमीनी स्तर के नेता के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, "मैं विधायक हूं, मैं मंत्री हूं और यहां के लोगों ने मुझ पर बहुत प्यार एवं विश्वास किया है। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे इस तरह से पाला-पोसा गया है। मुझे और क्या चाहिए? उनके लिए, मैं उनका मंत्री हूं, उनका मुख्यमंत्री हूं, सब कुछ हूं।" उन्होंने आगे कहा, "मैं मंत्री, विधायक और सेवक के रूप में अपने पद पर बना रहूंगा और इस सदन के पुत्र के रूप में कार्य करता रहूंगा।" श्री हुसैन की टिप्पणियों पर कांग्रेस नेतृत्व ने अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 16:36:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी ने पेश किए विकसित भारत 2047 के लिए 9 संकल्प : जनता को संभालनी होगी कमान, सामूहिक भागीदारी एवं जीवनशैली में बदलाव के लिए राष्ट्रव्यापी प्रतिनिधित्व का आह्वान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मांड्या में 'विकसित भारत' के लिए नौ संकल्पों का मंत्र दिया। उन्होंने जल संरक्षण, 'एक पेड़ मां के नाम', स्वच्छता और वोकल फॉर लोकल को जन-आंदोलन बनाने की अपील की। पीएम ने स्वस्थ भारत के लिए प्राकृतिक खेती और योग पर जोर देते हुए नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-presented-9-resolutions-for-developed-india-2047-people/article-150541"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi9.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 'विकसित भारत के लिए नौ संकल्प' लेने का अनुरोध किया और कहा कि यदि हम सभी इन नौ संकल्पों पर ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें तो हम विकसित भारत 2047 बनाने की यात्रा में तेजी ला सकते हैं। प्रधानमंत्री ने मांड्या जिले के आदिचुंचनगिरी मठ में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह पहल क्षेत्रीय सीमाओं से परे है और सामूहिक भागीदारी एवं जीवनशैली में बदलाव के लिए राष्ट्रव्यापी आह्वान का प्रतिनिधित्व करती है।</p>
<p>उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों की व्यक्तिगत आदतें और दैनिक विकल्प देश के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा, "यदि हम सभी इन नौ संकल्पों पर ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें तो हम विकसित कर्नाटक और विकसित भारत की ओर प्रगति को तेज कर सकते हैं।" विकास को केवल सरकार संचालित प्रयास के बजाय जन-आंदोलन के रूप में प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि परिवर्तन की शुरुआत रोजमर्रा के व्यवहार के स्तर से होनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने नदी प्रणालियों पर निर्भर क्षेत्रों में जल संरक्षण को प्रमुख प्राथमिकता बताया, और नागरिकों से सामूहिक प्रतिज्ञा लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "आइए हम सब जल संरक्षण और इसके बेहतर प्रबंधन का संकल्प लें।" पर्यावरण स्थिरता पर प्रधानमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "आइए हम अपनी माताओं के सम्मान में पेड़ लगाएं और धरती मां की रक्षा करें।"</p>
<p>स्वच्छता को नागरिक कर्तव्य बताते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों, गांवों और शहरों में साफ-सफाई बनाये रखना साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "चाहे वह धार्मिक स्थल हो, सार्वजनिक स्थान हो, गांव हो या शहर, स्वच्छता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।" आर्थिक आत्मनिर्भरता के संबंध में, प्रधानमंत्री ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और भारतीय उद्योगों को समर्थन देने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने 'वोकल फॉर लोकल' दृष्टिकोण को आर्थिक सशक्तीकरण के आधार बताते हुए कहा, "आइए हम भारतीय उत्पादों को अपनाएं और अपने उद्योगों को मजबूत करें।"</p>
<p>उन्होंने राष्ट्रीय जागरूकता और सांस्कृतिक एकीकरण को बढ़ावा देते हुए नागरिकों से देश भर में यात्रा करने और इसकी विविधता को जानने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "आइए हम पूरे भारत की यात्रा करें और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दें।" उन्होंने आगे कहा कि लोगों के बीच बेहतर जुड़ाव राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगा और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को गति देगा। प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य और पोषण पर मोटे अनाज को अपने आहार में शामिल करने पर जोर देते इस बात पर चिंता व्यक्त की कि बढ़ता मोटापा बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बन गयी है। इसके साथ ही नागरिकों से तेल की खपत में 10 फीसदी की कमी का आग्रह किया। कृषि को लेकर उन्होंने किसानों से कहा, "आइए हम रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें।"</p>
<p>उन्होंने शारीरिक फिटनेस पर और जोर देते हुए कहा, "योग, खेल और फिटनेस हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बनना चाहिए।" उन्होने स्वास्थ्य देखभाल को राष्ट्रीय प्राथमिकता में स्थापित किये जाने की बात कही। इस मौके पर उन्होंने जनसेवा की मजबूत भावना का आह्वान करते हुए कहा, "जरूरतमंदों की सेवा समाज को मजबूत करती है और जीवन को बड़ा उद्देश्य देती है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि ये नौ संकल्प एक व्यापक जन-भागीदारी वाले शासन मॉडल का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां नागरिक स्तर पर व्यवहारिक परिवर्तन सामूहिक रूप से राष्ट्रीय परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामूहिक प्रतिबद्धता "विकसित कर्नाटक और विकसित भारत" के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।</p>
<p>इससे पहले दिन में, उन्होंने मांड्या जिले के ऐतिहासिक आदिचुंचनगिरी मठ परिसर में 'श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर' का उद्घाटन किया, जो दिवंगत संत श्री बालगांगाधरनाथ स्वामीजी को समर्पित एक नया आध्यात्मिक स्थल है। आदिचुंचनगिरी की धुंध भरी पहाड़ियों के बीच स्थित यह 'गद्दीगे' स्मारक उस विरासत के प्रति श्रद्धांजलि है, जो दशकों से मठ की ओर से शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाई जा रही है।</p>
<p>शैव मत की सदियों पुरानी नाथ परंपरा के तहत निर्मित इस मंदिर को उस गुरु-शिष्य परंपरा के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है जो इस संस्थान की आध्यात्मिक शृंखला को परिभाषित करती है। जैसे ही पहाड़ी परिसर में मंत्रोच्चार गूंजे, बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां एकत्र हुए, जिससे यह उद्घाटन भक्ति, विरासत और जन-भागीदारी के संगम में बदल गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:52:43 +0530</pubDate>
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                <title>पीएम मोदी ने दी कर्नाटक को बड़ी सौगात : आदिचुनचनगिरि में नए तीर्थस्थल का किया उद्घाटन, दिवंगत संत श्री बालगंगाधरनाथ स्वामीजी को है समर्पित </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के मांड्या में ऐतिहासिक आदिचुनचनगिरि मठ परिसर में नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन किया। यह तीर्थस्थल संत बालगंगाधरनाथ स्वामीजी की विरासत और नाथ परंपरा को समर्पित है। शिक्षा और समाज सेवा के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध यह मठ अब दक्षिण भारत में सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख स्तंभ बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-gave-a-big-gift-to-karnataka-inaugurated-a/article-150496"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi-ji.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के मांड्या जिले के आदिचुनचनगिरि ऐतिहासिक मठ परिसर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया। यह तीर्थस्थल दिवंगत संत श्री बालगंगाधरनाथ स्वामीजी को समर्पित है जो एक स्मारक होने के साथ-साथ उस विरासत को दर्शाता है जो दशकों से आदिचुनचनगिरि मठ द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में चलाई जा रही है। अनेक भक्तों के लिए, यह मात्र पत्थर और अनुष्ठानों से बनी एक संरचना नहीं है बल्कि उस दर्शन की पुष्टि है जिसने संस्था की सीमाओं से परे भी कई लोगों के जीवन को आकार दिया है।</p>
<p>यह उद्घाटन समारोह शैव धर्म की नाथ परंपरा से मठ के सदियों पुराने जुड़ाव की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया जहां गुरु-शिष्य परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही आध्यात्मिक साधना को जोड़ने वाला केंद्रीय सूत्र बनी हुई है। इस दृष्टिकोण के साथ नया मंदिर किसी अतिरिक्त निर्माण की तरह नहीं बल्कि एक निरंतर चली आ रही परंपरा का विस्तार लगता है। जैसे-जैसे अनुष्ठान संपन्न होते गए और पहाड़ी परिसर में मंत्रोच्चार गूंजते गए, वातावरण में भक्ति एवं समारोह का एक परिचित मिश्रण झलकने लगा। श्रद्धालु आज सुबह से ही इकट्ठा होने लगे थे और उस स्थान के धार्मिक अनुष्ठानों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से जीवंत होने का इंतजार कर रहे थे।</p>
<p>आदिचुनचनगिरि मठ न केवल अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए बल्कि जैव विविधता से भरपूर पहाड़ी श्रृंखलाओं के बीच स्थित अपने पारिस्थितिक परिवेश के लिए भी जाना जाता है। यह एक अद्वितीय स्थान रखता है जहां आस्था, परंपरा और सार्वजनिक सेवा का संगम होता है। नए तीर्थस्थल के उद्घाटन के साथ, मठ में तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है जिससे दक्षिणी कर्नाटक में एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में इसकी भूमिका और मजबूत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:08:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मिडिल ईस्ट संकट के बीच कनार्टक सीएम सिद्दारमैया ने लिखा हरदीप सिंह पुरी को पत्र: एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने की मांग की, ऑटो एलपीजी की उपलब्धता पर जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु में वाणिज्यिक एलपीजी की भारी किल्लत के बीच मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है। प्रतिदिन 50,000 सिलेंडरों की मांग के मुकाबले केवल 1,000 की आपूर्ति से होटल और आईटी क्षेत्र ठप हो रहे हैं। उन्होंने आपूर्ति सुव्यवस्थित करने और ऑटो एलपीजी के लिए पारदर्शी निगरानी प्रणाली बनाने की तत्काल मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-cm-siddaramaiah-wrote-a-letter-to-hardeep-singh-puri/article-147051"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/karnataka.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर बेंगलुरु में वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को सुव्यवस्थित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है क्योंकि इससे आतिथ्य क्षेत्र एवं संबद्ध सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के उस आदेश का उल्लेख किया जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य किया है और आवश्यक क्षेत्रों के लिए आवंटन को विनियमित करने एवं प्राथमिकता देने के लिए कदम उठाया है।</p>
<p>हालांकि, सिद्दारमैया ने मांग एवं आपूर्ति के बीच गंभीर असंतुलन को उजागर किया। रेस्तरां, होटल, खानपान इकाइयों एवं पीजी आवासों की प्रतिदिन लगभग 50,000 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता के मुकाबले वर्तमान में केवल लगभग 1,000 सिलेंडर ही आपूर्ति किए जा रहे हैं। 18 मार्च को लिखे इस पत्र को गुरुवार को एक्स पर पोस्ट किया गया जिसमें सिद्दारमैया ने चेतावनी दी कि इस कमी के कारण प्रतिष्ठान निरंतर बंद हो रहे है, जिससे छात्रों, आईटी पेशेवरों, किसानों, डेयरी उत्पादकों और आतिथ्य क्षेत्र पर निर्भर जनता के एक बड़े वर्ग पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने मॉने​टिरिंग में मौजूद व्यवस्थागत कमियों की बात की। घरेलू एलपीजी वितरण पर नजर रखने के लिए एक सूचना-आधारित प्रणाली मौजूद है लेकिन वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति के लिए कोई एकीकृत मंच उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा उन्होंने ऑटो एलपीजी की उपलब्धता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह ऑटो रिक्शा के लिए एक महत्वपूर्ण ईंधन है, जो यातायात एवं हजारों चालकों की आजीविका के महत्वपूर्ण साधन हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऑटो एलपीजी वितरण के लिए एक एकीकृत निगरानी प्रणाली के अभाव के कारण पारदर्शिता एवं जवाबदेही की कमी है।</p>
<p>सिद्दारमैया ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि वे आपूर्ति बढ़ाने, समान वितरण सुनिश्चित करने और वाणिज्यिक एवं ऑटो एलपीजी दोनों क्षेत्रों के लिए एक व्यापक निगरानी तंत्र विकसित करने के लिए तत्काल कदम उठाएं ताकि मौजूदा संकट का समाधान हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 15:02:30 +0530</pubDate>
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