<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/karnataka/tag-6974" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>karnataka - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6974/rss</link>
                <description>karnataka RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पीएम मोदी ने पेश किए विकसित भारत 2047 के लिए 9 संकल्प : जनता को संभालनी होगी कमान, सामूहिक भागीदारी एवं जीवनशैली में बदलाव के लिए राष्ट्रव्यापी प्रतिनिधित्व का आह्वान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मांड्या में 'विकसित भारत' के लिए नौ संकल्पों का मंत्र दिया। उन्होंने जल संरक्षण, 'एक पेड़ मां के नाम', स्वच्छता और वोकल फॉर लोकल को जन-आंदोलन बनाने की अपील की। पीएम ने स्वस्थ भारत के लिए प्राकृतिक खेती और योग पर जोर देते हुए नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-presented-9-resolutions-for-developed-india-2047-people/article-150541"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi9.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 'विकसित भारत के लिए नौ संकल्प' लेने का अनुरोध किया और कहा कि यदि हम सभी इन नौ संकल्पों पर ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें तो हम विकसित भारत 2047 बनाने की यात्रा में तेजी ला सकते हैं। प्रधानमंत्री ने मांड्या जिले के आदिचुंचनगिरी मठ में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह पहल क्षेत्रीय सीमाओं से परे है और सामूहिक भागीदारी एवं जीवनशैली में बदलाव के लिए राष्ट्रव्यापी आह्वान का प्रतिनिधित्व करती है।</p>
<p>उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों की व्यक्तिगत आदतें और दैनिक विकल्प देश के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा, "यदि हम सभी इन नौ संकल्पों पर ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें तो हम विकसित कर्नाटक और विकसित भारत की ओर प्रगति को तेज कर सकते हैं।" विकास को केवल सरकार संचालित प्रयास के बजाय जन-आंदोलन के रूप में प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि परिवर्तन की शुरुआत रोजमर्रा के व्यवहार के स्तर से होनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने नदी प्रणालियों पर निर्भर क्षेत्रों में जल संरक्षण को प्रमुख प्राथमिकता बताया, और नागरिकों से सामूहिक प्रतिज्ञा लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "आइए हम सब जल संरक्षण और इसके बेहतर प्रबंधन का संकल्प लें।" पर्यावरण स्थिरता पर प्रधानमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "आइए हम अपनी माताओं के सम्मान में पेड़ लगाएं और धरती मां की रक्षा करें।"</p>
<p>स्वच्छता को नागरिक कर्तव्य बताते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों, गांवों और शहरों में साफ-सफाई बनाये रखना साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "चाहे वह धार्मिक स्थल हो, सार्वजनिक स्थान हो, गांव हो या शहर, स्वच्छता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।" आर्थिक आत्मनिर्भरता के संबंध में, प्रधानमंत्री ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और भारतीय उद्योगों को समर्थन देने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने 'वोकल फॉर लोकल' दृष्टिकोण को आर्थिक सशक्तीकरण के आधार बताते हुए कहा, "आइए हम भारतीय उत्पादों को अपनाएं और अपने उद्योगों को मजबूत करें।"</p>
<p>उन्होंने राष्ट्रीय जागरूकता और सांस्कृतिक एकीकरण को बढ़ावा देते हुए नागरिकों से देश भर में यात्रा करने और इसकी विविधता को जानने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "आइए हम पूरे भारत की यात्रा करें और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दें।" उन्होंने आगे कहा कि लोगों के बीच बेहतर जुड़ाव राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगा और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को गति देगा। प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य और पोषण पर मोटे अनाज को अपने आहार में शामिल करने पर जोर देते इस बात पर चिंता व्यक्त की कि बढ़ता मोटापा बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बन गयी है। इसके साथ ही नागरिकों से तेल की खपत में 10 फीसदी की कमी का आग्रह किया। कृषि को लेकर उन्होंने किसानों से कहा, "आइए हम रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें।"</p>
<p>उन्होंने शारीरिक फिटनेस पर और जोर देते हुए कहा, "योग, खेल और फिटनेस हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बनना चाहिए।" उन्होने स्वास्थ्य देखभाल को राष्ट्रीय प्राथमिकता में स्थापित किये जाने की बात कही। इस मौके पर उन्होंने जनसेवा की मजबूत भावना का आह्वान करते हुए कहा, "जरूरतमंदों की सेवा समाज को मजबूत करती है और जीवन को बड़ा उद्देश्य देती है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि ये नौ संकल्प एक व्यापक जन-भागीदारी वाले शासन मॉडल का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां नागरिक स्तर पर व्यवहारिक परिवर्तन सामूहिक रूप से राष्ट्रीय परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामूहिक प्रतिबद्धता "विकसित कर्नाटक और विकसित भारत" के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।</p>
<p>इससे पहले दिन में, उन्होंने मांड्या जिले के ऐतिहासिक आदिचुंचनगिरी मठ परिसर में 'श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर' का उद्घाटन किया, जो दिवंगत संत श्री बालगांगाधरनाथ स्वामीजी को समर्पित एक नया आध्यात्मिक स्थल है। आदिचुंचनगिरी की धुंध भरी पहाड़ियों के बीच स्थित यह 'गद्दीगे' स्मारक उस विरासत के प्रति श्रद्धांजलि है, जो दशकों से मठ की ओर से शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाई जा रही है।</p>
<p>शैव मत की सदियों पुरानी नाथ परंपरा के तहत निर्मित इस मंदिर को उस गुरु-शिष्य परंपरा के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है जो इस संस्थान की आध्यात्मिक शृंखला को परिभाषित करती है। जैसे ही पहाड़ी परिसर में मंत्रोच्चार गूंजे, बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां एकत्र हुए, जिससे यह उद्घाटन भक्ति, विरासत और जन-भागीदारी के संगम में बदल गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-presented-9-resolutions-for-developed-india-2047-people/article-150541</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-presented-9-resolutions-for-developed-india-2047-people/article-150541</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:52:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/modi9.png"                         length="1567931"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने दी कर्नाटक को बड़ी सौगात : आदिचुनचनगिरि में नए तीर्थस्थल का किया उद्घाटन, दिवंगत संत श्री बालगंगाधरनाथ स्वामीजी को है समर्पित </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के मांड्या में ऐतिहासिक आदिचुनचनगिरि मठ परिसर में नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन किया। यह तीर्थस्थल संत बालगंगाधरनाथ स्वामीजी की विरासत और नाथ परंपरा को समर्पित है। शिक्षा और समाज सेवा के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध यह मठ अब दक्षिण भारत में सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख स्तंभ बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-gave-a-big-gift-to-karnataka-inaugurated-a/article-150496"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi-ji.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के मांड्या जिले के आदिचुनचनगिरि ऐतिहासिक मठ परिसर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया। यह तीर्थस्थल दिवंगत संत श्री बालगंगाधरनाथ स्वामीजी को समर्पित है जो एक स्मारक होने के साथ-साथ उस विरासत को दर्शाता है जो दशकों से आदिचुनचनगिरि मठ द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में चलाई जा रही है। अनेक भक्तों के लिए, यह मात्र पत्थर और अनुष्ठानों से बनी एक संरचना नहीं है बल्कि उस दर्शन की पुष्टि है जिसने संस्था की सीमाओं से परे भी कई लोगों के जीवन को आकार दिया है।</p>
<p>यह उद्घाटन समारोह शैव धर्म की नाथ परंपरा से मठ के सदियों पुराने जुड़ाव की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया जहां गुरु-शिष्य परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही आध्यात्मिक साधना को जोड़ने वाला केंद्रीय सूत्र बनी हुई है। इस दृष्टिकोण के साथ नया मंदिर किसी अतिरिक्त निर्माण की तरह नहीं बल्कि एक निरंतर चली आ रही परंपरा का विस्तार लगता है। जैसे-जैसे अनुष्ठान संपन्न होते गए और पहाड़ी परिसर में मंत्रोच्चार गूंजते गए, वातावरण में भक्ति एवं समारोह का एक परिचित मिश्रण झलकने लगा। श्रद्धालु आज सुबह से ही इकट्ठा होने लगे थे और उस स्थान के धार्मिक अनुष्ठानों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से जीवंत होने का इंतजार कर रहे थे।</p>
<p>आदिचुनचनगिरि मठ न केवल अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए बल्कि जैव विविधता से भरपूर पहाड़ी श्रृंखलाओं के बीच स्थित अपने पारिस्थितिक परिवेश के लिए भी जाना जाता है। यह एक अद्वितीय स्थान रखता है जहां आस्था, परंपरा और सार्वजनिक सेवा का संगम होता है। नए तीर्थस्थल के उद्घाटन के साथ, मठ में तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है जिससे दक्षिणी कर्नाटक में एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में इसकी भूमिका और मजबूत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-gave-a-big-gift-to-karnataka-inaugurated-a/article-150496</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-gave-a-big-gift-to-karnataka-inaugurated-a/article-150496</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:08:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/modi-ji.png"                         length="1810421"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट संकट के बीच कनार्टक सीएम सिद्दारमैया ने लिखा हरदीप सिंह पुरी को पत्र: एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने की मांग की, ऑटो एलपीजी की उपलब्धता पर जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु में वाणिज्यिक एलपीजी की भारी किल्लत के बीच मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है। प्रतिदिन 50,000 सिलेंडरों की मांग के मुकाबले केवल 1,000 की आपूर्ति से होटल और आईटी क्षेत्र ठप हो रहे हैं। उन्होंने आपूर्ति सुव्यवस्थित करने और ऑटो एलपीजी के लिए पारदर्शी निगरानी प्रणाली बनाने की तत्काल मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-cm-siddaramaiah-wrote-a-letter-to-hardeep-singh-puri/article-147051"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/karnataka.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर बेंगलुरु में वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को सुव्यवस्थित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है क्योंकि इससे आतिथ्य क्षेत्र एवं संबद्ध सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के उस आदेश का उल्लेख किया जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य किया है और आवश्यक क्षेत्रों के लिए आवंटन को विनियमित करने एवं प्राथमिकता देने के लिए कदम उठाया है।</p>
<p>हालांकि, सिद्दारमैया ने मांग एवं आपूर्ति के बीच गंभीर असंतुलन को उजागर किया। रेस्तरां, होटल, खानपान इकाइयों एवं पीजी आवासों की प्रतिदिन लगभग 50,000 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता के मुकाबले वर्तमान में केवल लगभग 1,000 सिलेंडर ही आपूर्ति किए जा रहे हैं। 18 मार्च को लिखे इस पत्र को गुरुवार को एक्स पर पोस्ट किया गया जिसमें सिद्दारमैया ने चेतावनी दी कि इस कमी के कारण प्रतिष्ठान निरंतर बंद हो रहे है, जिससे छात्रों, आईटी पेशेवरों, किसानों, डेयरी उत्पादकों और आतिथ्य क्षेत्र पर निर्भर जनता के एक बड़े वर्ग पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने मॉने​टिरिंग में मौजूद व्यवस्थागत कमियों की बात की। घरेलू एलपीजी वितरण पर नजर रखने के लिए एक सूचना-आधारित प्रणाली मौजूद है लेकिन वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति के लिए कोई एकीकृत मंच उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा उन्होंने ऑटो एलपीजी की उपलब्धता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह ऑटो रिक्शा के लिए एक महत्वपूर्ण ईंधन है, जो यातायात एवं हजारों चालकों की आजीविका के महत्वपूर्ण साधन हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऑटो एलपीजी वितरण के लिए एक एकीकृत निगरानी प्रणाली के अभाव के कारण पारदर्शिता एवं जवाबदेही की कमी है।</p>
<p>सिद्दारमैया ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि वे आपूर्ति बढ़ाने, समान वितरण सुनिश्चित करने और वाणिज्यिक एवं ऑटो एलपीजी दोनों क्षेत्रों के लिए एक व्यापक निगरानी तंत्र विकसित करने के लिए तत्काल कदम उठाएं ताकि मौजूदा संकट का समाधान हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-cm-siddaramaiah-wrote-a-letter-to-hardeep-singh-puri/article-147051</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-cm-siddaramaiah-wrote-a-letter-to-hardeep-singh-puri/article-147051</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 15:02:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/karnataka.png"                         length="655950"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक सीएम सिद्दारमैया ने की अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने कावेरी निवास पर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-cm-siddaramaiah-met-us-ambassador-sergio-gore-and-discussed/article-143533"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/karnataka-cm.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने बेंगलुरु दौर पर आए भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के साथ चर्चा की है। यह बैठक मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास कावेरी में आयोजित की गई, जहाँ दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने सहित आपसी हित के मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।</p>
<p>बातचीत के दौरान, मंत्री एम सी सुधाकर, मुख्य सचिव शालिनी रजनीश और मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यह बातचीत भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते जुड़ाव की पृष्ठभूमि में हुई है, जिसमें आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक साझेदारी पर ध्यान केंद्रित किया गया है। </p>
<p>मुख्यमंत्री कार्यालय ने वैश्विक साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कर्नाटक की प्रतिबद्धता पर जोर दिया है। इससे पहले  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने राजदूत का बेंगलुरु में स्वागत किया जहाँ दोनों के बीच अनौपचारिक बातचीत के दौरान व्यापार, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर  चर्चा हुईं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-cm-siddaramaiah-met-us-ambassador-sergio-gore-and-discussed/article-143533</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-cm-siddaramaiah-met-us-ambassador-sergio-gore-and-discussed/article-143533</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 15:36:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/karnataka-cm.png"                         length="746818"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने चित्रदुर्ग बस दुर्घटना में हुई मौतों पर शोक व्यक्त किया, पीड़ितों के लिए की अनुग्रह राशि की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने कर्नाटक बस हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-expressed-grief-over-the-deaths-in-chitradurga-bus/article-137147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pm-modi-on-karnatak-bus-acciddent.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में सड़क हादसे में लोगों की जान जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़तिों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। बता दें कि ये हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर हुआ, यहां एक निजी बस एवं ट्रक की भीषण टक्कर के बाद वाहनों में आग लगने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गयी एवं कई अन्य घायल हो गए।</p>
<p>प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि पीएम मोदी ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा, कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में हुए हादसे में लोगों की जान जाने से बहुत दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। पीएम मोदी ने पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से तुरंत वित्तीय सहायता मंजूरी दी है, जिसमें प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि दिये जायेंगे।</p>
<p>शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा हिरीयूर तालुक के गोरलाथु गांव के पास कल देर करीब 2:30 बजे हुआ, जब बेंगलुरु की ओर जा रहे एक ट्रक ने कथित तौर पर रोड डिवाइडर पार कर बेंगलुरु से शिवमोगा जा रही एक निजी बस को टक्कर मार दी।  टक्कर के बाद दोनों गाड़यिों में आग लग गई। हादसे के समय बस में सवार 32 यात्रियों में से ज्यादातर सो रहे थे। हालांकि, लगभग नौ यात्री जलती हुई गाड़ी से कूदने में कामयाब रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-expressed-grief-over-the-deaths-in-chitradurga-bus/article-137147</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-expressed-grief-over-the-deaths-in-chitradurga-bus/article-137147</guid>
                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 12:48:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/pm-modi-on-karnatak-bus-acciddent.png"                         length="1818906"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक में नेवी बेस के पास मिला चीनी GPS ट्रैकिंग डिवाइस लगा पक्षी, सर्च अभियान जारी</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक के कारवार तट के पास जीपीएस डिवाइस लगे पक्षी के मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। आईएनएस कदंब बेस के नजदीक मिले इस पक्षी पर चीनी रिसर्च सेंटर का उपकरण पाया गया। फिलहाल जासूसी के संकेत नहीं मिले हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/chinese-gps-tracking-device-found-near-navy-base-in-karnataka/article-136373"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/seagull-with-chinese-gps-tracker-found-near-karnataka-karwar.png" alt=""></a><br /><p>कनार्टक। देश में आए दिन आतंकवाद को लेकर कोई ना कोई गतिविधि सामने आती ही रहती है, कभी पीआईए लिखा हुआ गुब्बारा मिलता है तो कभी कुछ और। गुरूवार को कर्नाटक के कारवार तट के पास में चाइनीज जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगा हुआ पक्षी मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि, जिस जगह पर ये पक्षी मिला है उससे थोड़ी ही दूरी पर भारतीय नौसेना का आईएनएस कदंब बेस है। सूत्रों के अनुसार, ये पक्षी उत्तर कन्नड जिले के तिम्मका गार्डन के पास मिला ​है और इसकी पीठ पर असामान्य दिखने वाला डिवाइस मिला है।</p>
<p>सुरक्षाबलों ने जैसे ही पक्षी को पकड़ा और उसे जांच के लिए भेजा तो अधिकारियों ने पाया कि पक्षी के उपर जो डिवाइस मिला है वो चाइनीज अकादमी के‘इको-एनवायरनमेंटल साइंसेज रिसर्च सेंटर’ का है। इस पक्षी के बारे में वन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि अक्सर शोधकर्ता प्रवासी पक्षियों की आवाजाही, उनके आने जाने का रास्ता और उनके खान पान की स्टड़ी का पता लगाने के लिए ऐसा करते हैं इसके पीछे उनको मकसद जासूसी करना नहीं होता है। फिलहाल, अभी तक जासूसी जैसी कोई भी जानकारी प्राप्त नहीं हुई है । फिर भी इस डिवाइस को टेक्निल जांच के लिए भेजा जा सकता है। </p>
<p>बता दें कि ये पहला मौका नहीं है जब ऐसा पक्षी मिला है इससे पहले नवंबर 2024 में भी इस प्रकार का पक्षी मिल चुका है जिसकी पीठ पर भी डिवाइस लगा हुआ था और सबसे हैरानी वाली बात ये है कि उस समय भी उस डिवाइस से कोई थी संदिग्ध जानकारी प्राप्त नहीं हुई थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/chinese-gps-tracking-device-found-near-navy-base-in-karnataka/article-136373</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/chinese-gps-tracking-device-found-near-navy-base-in-karnataka/article-136373</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 17:05:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/seagull-with-chinese-gps-tracker-found-near-karnataka-karwar.png"                         length="1308096"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डी. के. शिवकुमार ने किया नफरत वाले भाषणों पर प्रस्तावित विधेयक का बचाव </title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भाजपा को नफरत फैलाने वाले भाषणों का जनक बताते हुए प्रस्तावित हेट स्पीच रोक विधेयक का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बिल का उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों की रक्षा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/dk-shivakumar-defends-proposed-bill-on-hate-speeches/article-135690"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/d--k-shivkuamr.png" alt=""></a><br /><p>बेलगावी। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)  की कड़ी आलोचना करते हुए उसे नफरत फैलाने वाले भाषणों का जनक बताया और विभाजनकारी बयानबाजी पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार के प्रस्तावित विधेयक का बचाव <br />किया। </p>
<p>शिवकुमार ने सुवर्ण सौध में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, वे नफरत फैलाने वाले भाषणों के जनक हैं, जो धर्मों और समुदायों के बीच नफरत फैला रहे हैं। हम यह सब संविधान को बचाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की संभावित मेजबानी पर भी बात की। उपमुख्यमंत्री की यह तीखी टिप्पणी नफरत फैलाने वाले भाषण पर रोक लगाने वाले प्रस्तावित विधेयक पर भाजपा के कड़े विरोध के बीच आई है। </p>
<p>डी के शिवकुमार ने विपक्ष पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि इस विधेयक का मकसद संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना और सांप्रदायिक सदभाव बनाए रखना है और बोलने की आज़ादी को दबाना नहीं है। उप मुख्यमंत्री ने आईपीएल मुद्दे पर कहा कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए मंज़ूरी का अनुरोध करते हुए एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा, केएससीए के नए चुने गए अध्यक्ष और टीम मुझसे और मुख्यमंत्री से मिलने आए थे।<br /> <br />उन्होंने चिन्नास्वामी स्टेडियम में आईपीएल आयोजित करने के संबंध में एक ज्ञापन दिया है और हमने उनसे कहा है कि हम इस पर कैबिनेट में चर्चा करेंगे और फैसला लेंगे। उन्होंने स्टेडियम में हाल ही में हुई, एक घटना को स्वीकार करते हुए इसे एक दुखद घटना बताया जो नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने राज्य की खेल संस्कृति और सार्वजनिक छवि के लिए इस आयोजन के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा, मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि यह कर्नाटक के लिए प्रतिष्ठा का मामला है और इसे खराब नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने वाले भाषण पर रोक लगाने संबंधी विधेयक पर चल रही बहस और आईपीएल के बारे में निर्णय जैसे विषय आने वाले हफ्तों में कर्नाटक के राजनीतिक विमर्श पर हावी रह सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/dk-shivakumar-defends-proposed-bill-on-hate-speeches/article-135690</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/dk-shivakumar-defends-proposed-bill-on-hate-speeches/article-135690</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 11:40:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/d--k-shivkuamr.png"                         length="1124320"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी का कर्नाटक दौरा: उडुपी में किया जनसभा को संबोधित, बोलें-&quot;नया भारत किसी के सामने झुकता नहीं&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी 14 साल बाद उडुपी पहुंचे, रोड शो किया और श्री कृष्ण मठ में “लक्ष गीता पाठन” में शामिल हुए। जनसभा में उन्होंने भारत की सुरक्षा क्षमता पर जोर देते हुए “मिशन सुदर्शन चक्र” का उल्लेख किया और कहा कि नया भारत किसी के सामने नहीं झुकता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-visits-karnataka-addresses-public-meeting-in-udupi-says/article-133929"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/pm-modi-udpi-visit.png" alt=""></a><br /><p>उडुपी। पीएम मोदी करीब 14 साल बाद शुक्रवार को कर्नाटक के उडुपी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रोड़ शो किया और आम जनता का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ऐतिहासिक श्री कृष्ण मठ पहुंचे और वहां पर उन्होंने ''लक्ष गीता पाठन'' में भी हिस्सा​ लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा में हिस्सा लिया और भारत के दुश्मनों को सुदर्शन चक्र की धमकी देते हुए कहा कि, ये नए दौर का भारत है जो किसी के आगे नहीं झुकता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, उडुपी आना मेरे लिए एक और वजह से विशेष है, उडुपी जनसंघ और भाजपा के सुशासन के मॉडल की कर्मभूमि रही है, साल 1968 में उडुपी के लोगों में जनसंघ के हमारे वी एस आचार्य जी को यहां की नगर पालिका परिषद में विजयी बनाया था, उसके साथ ही उडुपी ने एक नए गवर्नेंस मॉडल की नींव भी रखी थी। पीएम मोदी ने कहा कि, मुझे आज पूज्य संतों के बीच रहने का सुनहरा मौका मिला है जिसको पाकर में बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।</p>
<p>इसके आगे पीएम मोदी ने कहा, हमारे समाज में मंत्रों, गीता के श्लोकों का पाठ शताब्दियों से हो रहा है पर जब एक लाख कंठ एक स्वर में इन श्लोकों का ऐसा उच्चारण करते हैं...तो ऐसी उर्जा निकलती है जो हमारे मन, मस्तिष्क को एक नया स्पंदन, नई शक्ति देती है... यही उर्जा अध्यात्म की शक्ति भी है, यही ऊर्जा सामाजिक एकता की शक्ति है इसलिए आज लक्ष्य कंठ गीता का ये अवसर एक विशाल ऊर्जा पिंड को अनुभव करने का अवसर बन गया है।"</p>
<p><strong>पहलगाम हमले का जिक्र</strong></p>
<p>इसके आगे पीएम मोदी ने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि, उस आतंकवादी हमलें में हमारे कई भाई- बहनों की जान चली गई थी, जिसमें किनारा समुदाय के भाई बहन भी शामिल थे। पहले जब देश में ऐसी आतंकी घटनाएं होती थी तो सरकारें चुप रहती थी, लेकिन ये नए दौर का भारत है जो हर हमले का जवाब देना जानता है और किसी के आगे झुकना नहीं । हम देश में शांति स्थापित करना जानते हैं और देश की रक्षा करना भी। पीएम मोदी मिशन सुदर्शन चक्र की घोषणा करते हुए कहा कि, मिशन सुदर्शन चक्र का मतलब है कि,'' देश की सबसे खास जगहों, इंडस्ट्रियल और पब्लिक सेक्टर के चारों और एक ऐसा अभेद सुरक्षा कवच बनाना जिसको कोई भी दुश्मन देश नहीें भेद सके। </p>
<p>इसके आगे पीएम मोदी ने कहा कि, हम "वुसधैव कुटुम्बकम" भी कहते हैं और "धर्मो रक्षति रक्षित:" का मंत्र भी दोहराते हैं। आज जो हम "सबका साथ सबका विकास" की नीति को अपना रहे है उसके पीछे भगवान श्री कृष्ण के श्लाक, 'सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय' की प्ररेणा है। भगवान श्री कृष्ण के इन्ही मंत्रों से प्ररेणा लेकर हम आयुष्मान भारत, पीएम आवास, नारी सशक्तिकरण आदि को देश में लाने में सफल हो पाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-visits-karnataka-addresses-public-meeting-in-udupi-says/article-133929</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-visits-karnataka-addresses-public-meeting-in-udupi-says/article-133929</guid>
                <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 14:55:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/pm-modi-udpi-visit.png"                         length="977384"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक के गांव में मुर्गी ने दिया नीला अंडा : पशु चिकित्सकों में रिसर्च की उत्सुकता, सैयद नूर के घर उमड़ी भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक के एक गांव में मुर्गी ने एक नीला अंडा दिया है। इसकी खबर मिलने के बाद पशु चिकित्सकों के लिए ये रिसर्च का विषय हो गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-village-of-karnataka-the-chicken-gives-a-crowd/article-125437"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/o5er2.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के एक गांव में मुर्गी ने एक नीला अंडा दिया है। इसकी खबर मिलने के बाद पशु चिकित्सकों के लिए ये रिसर्च का विषय हो गया है। मजदूरी करने वाले सैयद नूर ने दो साल पहले एक चूजा खरीदा था। इसी मुर्गी ने पिछले दिनों नीला अंडा दिया है। साथ ही ये मुर्गी इतनी स्पेशल है कि इसे पिछले दो साल में हर दिन अंडा दिया है। साधारण मुर्गियां लगातार 10 दिनों तक अंडे देती हैं. इसके बाद लगभग पंद्रह दिन तक वो अंडे नहीं देतीं। इस असामान्य रंग के अंडे की जानकारी इलाके में फैलने लगी जिसके बाद कई लोग इसे देखने के लिए दावणगेरे जिले के चन्नागिरी तालुक के नेल्लोर गांव में सैयद नूर के घर पहुंचने लगे।</p>
<p>कर्नाटक वेटरिनरी, एनिमल एंड फिशरीज यूनिवर्सिटी में मुर्गी पालन विज्ञान के पूर्व प्रोफेसर मोहम्मद नदीम फिरोज का कहना है कि इस पर यकीन ही नहीं हो रहा है। क्योंकि अंडे का रंग न तो सामान्य सफेद है और न ही भूरा है। ये काला भी नहीं है जो मध्य प्रदेश के जंगलों में पाई जाने वाली कड़कनाथ नस्ल की काली मुर्गी देती है। पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान विभाग में सहायक निदेशक डॉक्टर अशोक कुमार जीबी कहते हैं, मैना जैसे करीब 10 से 15 पक्षी हैं जो नीले रंग के अंडे देते हैं। लेकिन मुर्गी लेकिन ये नीला अंडा एक दुर्लभ मामला है, भारत में ये असामान्य है। -अन्दर भी पढ़ें</p>
<p><strong>अब मुर्गी की निगरानी</strong><br />डा. अशोक ने कहा कि हम इस मुर्गी की निगरानी कर रहे हैं और विभाग के अधिकारियों को एक रिपोर्ट भेजेंगे। शरीर में मौजूद लीवर यानी यकृत से एक बाइल पिगमेन्ट (एक तरह का पित्त) निकलता है जिसे बिलिवर्डिन कहते हैं. हो सकता है ये अधिक मात्रा में निकला हो और आकर अंडे के खोल पर जम गया हो। इसके लिए हमें बार-बार जाँच करनी होगी और ये जरूरी है कि ये मुर्गी हमारे सामने अंडा दे तभी हम किसी बात की पुष्टि कर सकते हैं और इसके खू़न और खोल की जांच के लिए भेज सकते हैं। हमें पता लगाना होगा कि अंडे के खोल का रंग नीला क्यों और कैसे हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-village-of-karnataka-the-chicken-gives-a-crowd/article-125437</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-village-of-karnataka-the-chicken-gives-a-crowd/article-125437</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 12:57:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/o5er2.png"                         length="352097"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन महज कल्पना की उपज,  पार्टी के भीतर चर्चा तीन विशिष्ट क्षेत्रों तक सीमित : सुरजेवाला</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में सुरजेवाला ने कहा कि मीडिया में नेतृत्व परिवर्तन के बारे में जो भी खबरें प्रसारित की जा रही हैं, वे केवल कल्पना की उपज हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/leadership-change-in-karnataka-merely-a-yield-of-imagination-limited/article-119029"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(4)32.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मीडिया और राजनीति के गलियारों में जारी अटकलों के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी के प्रदेश मामलों के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को ऐसी खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन महज कल्पना की उपज है।</p>
<p>कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में सुरजेवाला ने कहा कि मीडिया में नेतृत्व परिवर्तन के बारे में जो भी खबरें प्रसारित की जा रही हैं, वे केवल कल्पना की उपज हैं। उन्होंने किसी भी आसन्न राजनीतिक फेरबदल की अफवाहों पर विराम लगा दिया।</p>
<p>सुरजेवाला ने यह भी दोहराया कि पार्टी के भीतर चर्चा तीन विशिष्ट क्षेत्रों तक सीमित है - राज्य सरकार द्वारा कार्यान्वित की जाने वाली गारंटी योजनाएं, विकास अनुदानों का आवंटन और पार्टी संगठन को मजबूत करना। नेतृत्व से संबंधित मामलों पर आगे के सवालों से बचते हुए उन्होंने कहा कि “आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/leadership-change-in-karnataka-merely-a-yield-of-imagination-limited/article-119029</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/leadership-change-in-karnataka-merely-a-yield-of-imagination-limited/article-119029</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 18:58:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/news-%284%2932.png"                         length="265665"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमन्ना को मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर बनाने पर बवाल, आलोचनाओं में घिरी कर्नाटक सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[बॉलीवुड एवं दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने को लेकर कर्नाटक सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/government-of-karnataka-surrounded-by-ruckus-criticisms-on-making-tamanna/article-115197"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news49.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। बॉलीवुड एवं दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने को लेकर कर्नाटक सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को दो साल के लिए मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। गुरुवार को कर्नाटक सरकार की तरफ से एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी गई है। ऑनलाइन पब्लिश नोटिफिकेशन में कहा गया है कि तमन्ना दो साल तक सोप की ब्रांड एंबेसडर रहेंगी और इसके लिए उन्हें 6.20 करोड़ रुपए की रकम भुगतान किया जाएगा। मुंबई अभिनेत्री तमन्ना ने कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (केएसडीएल) के साथ दो वर्षों के लिए उसके प्रतिष्ठित उत्पाद का प्रचार करने के लिए करार किया है। कर्नाटक सरकार के इस फैसले की हालांकि कड़ी आलोचना हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि ब्रांड एंबेसडर के लिए किसी कन्नड़ एक्टर या एक्ट्रेस को क्यों नहीं लिया गया? कन्नड़ कार्यकर्ताओं ने इसे स्थानीय गौरव का अपमान बताया है और कहा कि दीपिका पादुकोण जैसी कर्नाटक की मूल की स्टार को इसके लिए क्यों नजरअंदाज किया गया। कर्नाटक रक्षण वेदिके के अध्यक्ष टी नारायण गौड़ा ने कहा कि अगर नियुक्ति रद्द नहीं की गई तो राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। </p>
<p>उन्होंने कहा, यह निराशाजनक निर्णय है कि सरकार को कर्नाटक की विरासत के प्रतीक के रूप में प्रतिनिधित्व करने के लिए एक भी कन्नड़ व्यक्ति नहीं मिला। इसके लिए दीपिका पादुकोण या कोई अन्य स्थानीय स्टार क्यों नहीं? फिल्म निर्माता कविता लंकेश ने भी सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा, यह बॉलीवुड और निष्पक्षता के प्रति हमारे निरंतर जुनून को दर्शाता है।</p>
<p> कर्नाटक में खूबसूरत, प्रतिभाशाली सितारे हैं, अगर इसका मतलब हमारे सांस्कृतिक प्रतीकों को संरक्षित करना है तो कई लोग मुफ्त में ब्रांड का समर्थन करेंगे। इसके जवाब में केएसडीएल के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रशांत पीकेएम ने कहा कि राज्य से बाहर ब्रांड की दृश्यता बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा, हमारे 1,800 करोड़ रुपए के राजस्व का सिफर् 12 प्रतिशत कर्नाटक से आता है। राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए हमें व्यापक अपील वाले किसी व्यक्ति की ज़रूरत थी और तमन्ना उस प्रोफाइल में फिट बैठती हैं।</p>
<p><strong>ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करना विज्ञापन व्यवसाय से प्रेरित है : एमबी पाटिल</strong><br />कर्नाटक के उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने शुक्रवार को अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को मैसूर सैंडल सोप के लिए ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किए जाने का बचाव करते हुए कहा कि यह निर्णय भाषा या क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर नहीं बल्कि व्यावसायिक विचारों और बाजार रणनीति पर आधारित है। राज्य के प्रतिष्ठित ब्रांड का प्रतिनिधित्व करने के लिए गैर-कन्नड़ सेलिब्रिटी के चयन पर कन्नड़ समर्थक समूहों की आलोचना के बीच पाटिल ने संवाददाताओं से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह चयन कई प्रमुख अभिनेत्रियों का मूल्यांकन करने के बाद कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट लिमिटेड (केएसडीएल) के अध्यक्ष की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा किया गया था।</p>
<p> उन्होंने कहा कि तमन्ना भाटिया को कई कारकों पर विचार करने के बाद चुना गया था। रश्मिका मंदाना, कियारा आडवाणी, पूजा हेगड़े और दीपिका पादुकोण जैसे अन्य नामों पर विचार किया गया था, लेकिन इनमें से कई पहले से ही प्रतिस्पर्धी उत्पादों से जुड़े थे। तमन्ना के 2.8 करोड़ फॉलोअर्स हैं और यह पहुंच राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मैसूर सैंडल सोप की बिक्री का केवल 18 प्रतिशत कर्नाटक में होता है, जबकि शेष 82 प्रतिशत अन्य राज्यों से आता है। अगर यह सिफर्Þ कर्नाटक के लिए होता, तो हम स्थानीय चेहरा चुन सकते थे, लेकिन यह अखिल भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में विस्तार करने के बारे में है। यह कन्नड़ गौरव के बारे में नहीं है, यह ब्रांड रणनीति के बारे में है। उन्होंने बताया कि केएसडीएल ने 2024-25 में 1,788 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया है, जो 2022-23 में 1,375 करोड़ रुपये से ज्यादा है, और इसी अवधि में शुद्ध लाभ 182 करोड़ रुपए से दोगुना होकर 415 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि केएसडीएल ने एक बड़ा बदलाव किया है। कंपनी एक समय घोटालों से त्रस्त थी। मैंने वन विभाग से एक ईमानदार अधिकारी प्रशांत को लाया। हमने कदाचार को रोका, नयी मशीनरी जोड़े बिना उत्पादन बढ़ाया और दक्षता को 110 प्रतिशत तक पहुंचाया। केएसडीएल का लक्ष्य अब 5,000 करोड़ रुपए का कारोबार हासिल करना है। विजयपुरा में दूसरी फैक्ट्री बनने जा रही है और हिंदुस्तान यूनिलीवर के एक पूर्व अधिकारी को सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया गया है। निर्यात-ग्रेड पैकेजिंग शुरू करने और पश्चिमी और खाड़ी बाजारों में प्रवेश करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड हाउस भी स्थापित किया गया है। पाटिल ने कहा कि यह मैसूर महाराजा और सर एम विश्वेश्वरैया की विरासत को आगे बढ़ाने के विजन का हिस्सा है। ब्रांड को केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/government-of-karnataka-surrounded-by-ruckus-criticisms-on-making-tamanna/article-115197</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/government-of-karnataka-surrounded-by-ruckus-criticisms-on-making-tamanna/article-115197</guid>
                <pubDate>Sat, 24 May 2025 12:02:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/news49.png"                         length="373964"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद फिर सुर्खियों में</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद दशकों पुराना है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/karnataka-maharashtra-border-dispute-again-in-the-headlines/article-107168"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(10)5.png" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद दशकों पुराना है। लगातार कोशिशों के बाद भी जब जब दोनों राज्यों में एक ही पार्टी की सरकारें थी तब भी स्थिति जस की तस बनी रही, जब कभी ऐसा समय आया जब दोनों प्रदेशों में अलग अलग दलों की सरकारें थी तब तब यह विवाद रुक रुक कर उभरता रहा है। पिछले दिनों राज्य के मराठी भाषी बहुल जिलेबेलगवी, जिसका पुराना नाम बेलगाम था के मुख्यालय में एक छोटी सी घटना के चलते यह सीमा विवाद एक बार कई दिन तक सुर्खियों में बना रहा, हुआ यों था कि नगर में चलने वाली सरकारी बसों में मराठी भाषा बोलने  वाले दो छात्रों की बस के कंडक्टर से झड़प हो गई, मामला मुक्के, घूसों में बदल गया। थोड़े ही समय में तनाव सा बन गया। छात्रों का कहना था कि राज्य के इस इलाके में मराठी भाषा के अलावा और कोई भाषा नहीं चलेगी। कंडक्टर कन्नड़ भाषी था तथा उसे  मराठी भाषा नहीं आती थी, इसके साथ  ही उसका यह कहना था कि कन्नड़ मुख्य भाषा है, इसलिए यह भाषा सबको  आनी चाहिए और बोलनी भी चाहिए। अगले ही दिन यह विवाद आस पास के मराठी इलाकों में फैल गया तथा पुलिस  को स्थिति सामान्य करने में काफी समय लग गया।1956 में राज्य पुनर्गठन आयोग ने तब बम्बई प्रान्त को दो हिस्सों महाराष्ट्र और गुजरात में बांट दिया था। </p>
<p>नए बने   महाराष्ट्र की सीमा तब के मैसूर, जो बाद में कर्नाटक हो गया, राज्य से लगती  थी। महाराष्ट्र का कहना था कि आयोग ने बिना किसी भाषाई आधार पर 892  गांव कर्नाटक को दे दिए। राज्य की  सरकार तथा अधिकतर दलों का कहना था यह सब इलाके महाराष्ट्र को मिलने चाहिए, जबकि कर्नाटक की हर सरकार का दावा था, अगर बड़े रूप से देखा जाए तो इन इलाकों में मराठी भाषी बड़ी संख्या में जरूर हैं, लेकिन आधी से अधिक आबादी कन्नड़ ही बोलती है,  बाद में महाराष्ट्र की शिव सेना जैसी  पार्टियों ने इस इलाके में महाराष्ट्र एकीकरण समिति का गठन किया। इस समिति ने नेतृत्व में ही लम्बे काल तक इस इलाके को महाराष्ट्र में विलय करने का आन्दोलन चलाया। आखिर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर मुख्य न्यायाधीश महाजन के नेतृत्व में एक  सदस्य वाला आयोग गठित किया। </p>
<p>आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यह स्वीकार किया कि बहुत से मराठी बहुल इलाकों को बिना किसी आधार के कर्नाटक में शामिल कर दिया गया है। आयोग ने सिफारिश की कि इस इलाके के 264 गांवों को महाराष्ट्र में शामिल किया जाए। कर्नाटक ने इस सिफारिश को लागू करने से इंकार कर दिया तथा आयोग की रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। उधर महाराष्ट्र भी आयोग की सिफारिशों से संतुष्ट नहीं था वहां की सरकार का कहना था कि उसे सभी 892 मराठी भाषी गांव मिलने चाहिए। मामला अभी बीच में ही लटका पड़ा है। राज्यों के आपसी विवाद हल करने के लिए बनी अंतर राज्य परिषद् में एक दर्जन से भी अधिक बैठकों में इस मुद्दे  पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन कोई ऐसा  हल नहीं निकल पाया जो दोनों पक्षों में   स्वीकार हो। महाराष्ट्र एकीकरण समिति के आन्दोलन के चलते मराठी भाषी लोगों  की कई मांगे स्वीकार कर ली गई हैं, जैसे बंगलुरु में विधानसभा भवन और सचिवालय की तर्ज पर बेलगवी में भी विधानसभा भवन बनाया गया है, साल में एक बार विधान सभा का एक सत्र यहां होता है। </p>
<p>हालांकि इन कदमों के बाद महाराष्ट्र एकीकरण समिति का आन्दोलन ठंडा सा पड़ गया, लेकिन  खत्म नहीं हुआ। एक समय था जब इस  जिले की सभी 6 विधानसभा सीटों पर महाराष्ट्र एकीकरण समिति के उम्मीदवार ही जीतते थे। अभी भी सभी सीटों पर  मराठी भाषी उम्मीदवार ही जीतते हैं पर यह बात अलग है कि वे या तो कांग्रेस पार्टी के होते हैं या फिर बीजेपी के चुनाव अभियान के लिए अभी भी  महाराष्ट्र के नेता ही यहां आते हैं। सरकार ने वायदा किया था कि यहां बने विधानसभा भवन में बेंगलुरु की तरह से पूरा सचिवालय बनेगा। अधिकारियों को यहां नियुक्त किया जाएगा, लेकिन यह प्रस्ताव कभी भी सही मायनों में यहां लागू नहीं हो सका। इसी के चलते इन इलाकों को महाराष्ट्र में मिलाने की मांग बीच बीच में उठती रहती है, लेकिन कभी भी बड़े आन्दोलन का रूप नहीं ले सकी।</p>
<p><strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/karnataka-maharashtra-border-dispute-again-in-the-headlines/article-107168</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/karnataka-maharashtra-border-dispute-again-in-the-headlines/article-107168</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 12:05:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/257rtrer-%2810%295.png"                         length="454388"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        