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                <title>भारत से पाकिस्तान गए 12 हिंदुओं को धर्म पूछकर भेजा वापस : प्रकाश उत्सव पर करने गए थे दर्शन, श्रद्धालु ने सरकार से की इस मुद्दे पर ध्यान देने की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान में प्रवेश करने पहुंचे, वहां मौजूद अधिकारियों ने उनकी पहचान पूछी और हिंदू होने की बात सामने आने पर उन्हें रोक दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hindus-who-went-from-india-to-pakistan-were-sent/article-131554"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(6)8.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रकाश उत्सव के मौके पर पाकिस्तान जाकर गुरुद्वारों के दर्शन करने पहुंचे 14 हिंदू श्रद्धालुओं को पाकिस्तानी प्रशासन ने हिंदू होने का हवाला देकर वापस भेज दिया। ये श्रद्धालु दिल्ली के भाटी माइंस क्षेत्र के रहने वाले हैं और सिख जथे के साथ पाकिस्तान गए थे। उनका कहना है कि उन्हें पाकिस्तान में प्रवेश भी दिया गया और गुरुद्वारा कमेटी ने स्वागत भी किया, लेकिन बस में बैठने के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें रोक दिया और कहा कि हिंदू हैं, क्यों जाएंगे। श्रद्धालु पंजा साहिब, ननकाना साहिब, करतारपुर साहिब और सच्चा सौदा गुरुद्वारा में मत्था टेकने के लिए निकले थे। वे दिल्ली से गुरु नानक देव के प्रकाश उत्सव के मौके पर पाकिस्तान पहुंचे थे। जैसे ही वे पाकिस्तान में प्रवेश करने पहुंचे, वहां मौजूद अधिकारियों ने उनकी पहचान पूछी और हिंदू होने की बात सामने आने पर उन्हें रोक दिया।</p>
<p><strong>हिंदुओं को पाकिस्तान ने नहीं करने दिए दर्शन </strong><br />श्रद्धालुओं का कहना है कि पाकिस्तान प्रशासन ने उन्हें वापस लौटने को कहा और दर्शन की अनुमति नहीं दी। साथ ही उनके बस किराए के लगभग 13,000 रुपए भी वापस नहीं किए गए। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पूरी तैयारी और वीजा दस्तावेजों के साथ पहुंचे थे, लेकिन धर्म के आधार पर उन्हें रोका गया।</p>
<p><strong>श्रद्धालु ने सरकार से इस मुद्दे पर ध्यान देने की मांग की</strong><br />इस घटना से लौटे श्रद्धालु बेहद निराश दिखे. उनका कहना है कि वे केवल धार्मिक भाव से गुरुद्वारों के दर्शन करने गए थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान प्रशासन के इस व्यवहार से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। फिलहाल श्रद्धालु मामले को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। सरकार से इस मुद्दे पर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 12:05:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>देशवासी अपने आपको हिन्दू कहकर शालीनता का परिचय दें : शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती</title>
                                    <description><![CDATA[जगदगुरु शंकराचार्य ने कहा कि स्वतंत्र भारत के राजनेताओं में शासन चलाने की क्षमता नहीं रह गई है देशी विदेशी कंपनिया ही शासन चला रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/countrymen-should-show-decency-by-calling-themselves-hindus-shankaracharya-nischalanand/article-83703"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(12)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी के दिन जगतगुरु का 82वां प्राकट्योत्सव राष्ट्रोत्कर्ष के रूप में मनाया गया। मानसरोवर के वीटी रोड ग्राउण्ड पर जगद्गुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने गोविंद जय जय गोपाल जय जय, राधारमण हरि गोविंद जय जय का संकीर्तन कराने के बाद उपस्थित साधकों से कहा कि भारत विश्व का हृदय है। साक्षात राम, श्रीकृष्ण, सीताजी और राधाजी ने यहां अवतार लिए हैं। देशभक्त, शूरवीर हुए हैं। विकास की चकाचौंध और भौतिकता के प्रभाव में आकर हम अपने अस्तित्व और आदर्शों को विकृत नहीं करें। विकास का मैं पक्षधर हूं लेकिन मानव जीवन की सार्थकता को समझकर ही विकास को परिभाषित किया जाना चाहिए। </p>
<p>जगदगुरु शंकराचार्य ने कहा कि स्वतंत्र भारत के राजनेताओं में शासन चलाने की क्षमता नहीं रह गई है देशी विदेशी कंपनिया ही शासन चला रही है। संतों का काम है मार्गदर्शन देना। राजनेताओं का कार्य है अच्छी नीतियों का निर्माण। शासकों पर शासन करने का पद शंकराचार्य का होता है। व्यासपीठ से शासनतंत्र की रक्षा होती है। एक ओर गुरु वशिष्ठ जी और दूसरी ओर रामजी में सामंजस्य हुआ तब रामराज्य की स्थापना हुई थी। सुशिक्षित सुरक्षित सम्पन्न सेवापरायण स्वस्थ संवितप्रभ व्यक्ति और समाज की रचना विकास की परिभाषा है। शंकराचार्य ने कहा सभी धर्म सनातन धर्म को अपना मूल मानते हैं। उनके पूर्वज भी आर्य थे इसलिए सब धर्मों के लोग खुद को अपने आपको हिन्दू कहकर शालीनता का परिचय दें। </p>
<p>इस अवसर पर स्वामी गोविंदानंद सरस्वती महाराज, स्वामी निर्विकल्पानंद, आदित्य वाहिनी के गोपाल शर्मा सहित अनेक गण्यमान्यों ने संबोधित किया। कार्यक्रम में राज्यपाल कलराज मिश्र, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मंत्री किरोड़ीलाल मीणा, विधायक बालमुकुन्दाचार्य, पूर्व सांसद रामचरण बोहरा ने भी शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम से पूर्व सुबह राम गोपेश्वर मंदिर से 3100 महिलाओं की कलश यात्रा हाथी, घोड़े, बैंड बाजे और लवाजमे के साथ निकाली गई। इस दौरान रथ में शंकराचार्य भगवान निश्चलानंद सरस्वती, जयपुर के आराध्य गोविंद देवजी, गौ माता की झांकी, भगवान जगन्नाथ जी के साथ बलरामजी, माता सुभद्रा की झांकिया चल रही थी। रथ को श्रद्धालुओं ने अनेक स्थान पर खींचकर आशीर्वाद लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 11:31:49 +0530</pubDate>
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                <title>महादेव की भक्ति से ही जीवन की सार्थकता</title>
                                    <description><![CDATA[ तीर्थनगरी पुष्कर में चल रही श्री ब्रह्मा शिव महापुराण कथा के छठे दिन सोमवार को ख्याति प्राप्त कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सम्पूर्ण विश्व का भरण भोषण करने वाला वो विश्वनाथ देवादिदेव महादेव है। सावन सोमवार के मौके पर ब्रह्मा की नगरी पुष्कर में शिव महापुराण कथा सुनने वाले सौभाग्यशाली है। उन्होंने कहा कि मानव के शरीर में यदि कुछ अंश भी महादेव की भक्ति का प्राप्त हो जाए तो समझो हमारे जीवन की सार्थकता हो गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/the-meaning-of-life-is-due-to-the-devotion-of/article-51431"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/rj-(4)11.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पुष्कर। तीर्थनगरी पुष्कर में चल रही श्री ब्रह्मा शिव महापुराण कथा के छठे दिन सोमवार को ख्याति प्राप्त कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सम्पूर्ण विश्व का भरण भोषण करने वाला वो विश्वनाथ देवादिदेव महादेव है। सावन सोमवार के मौके पर ब्रह्मा की नगरी पुष्कर में शिव महापुराण कथा सुनने वाले सौभाग्यशाली है। उन्होंने कहा कि मानव के शरीर में यदि कुछ अंश भी महादेव की भक्ति का प्राप्त हो जाए तो समझो हमारे जीवन की सार्थकता हो गई।<br /><br />सावन माह पर अजमेर के खण्डेलवाल परिवार की ओर से मेला मैदान में आयोजित ब्रह्मा शिव महापुराण कथा में सोमवार को पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि हमें जीवन को जीना आना चाहिए। जिसको इस संसार में जीने की कला आती है वो इस संसार का आनंद लेकर परमात्मा के पास चला जाता है। जो परमात्मा के आश्रित होकर जीते है अंत में परमात्मा ही उसे अपने धाम में लेकर चल जाते है। कथा प्रसंग के दौरान कथावाचक ने भगवान विष्णु द्वारा भस्मासुर के वध की कथा को विस्तार से समझाया। साथ ही भगवान शंकर ने उपमन्यु की अराधना से प्रसन्न होकर सुरेश्वर इन्द्र का रूप धरने की कथा का वर्णन किया। बताया कि जनमानस के कल्याण के लिए देवताओं ने असुरों का वध किया था। बताया कि सोमवार को अष्टमी का संयोग आने पर भगवान महादेव का पार्वतीे, कृष्ण का राधा, सीता का राम, लक्ष्मी का नारायण से मिलन होता है। मानव का शरीर मिला है यह साधारण रूप से नहीं मिला है, यह हमारे बहुत बहुत पुण्य व कर्म होंगे जिससे हमें यह मिला है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बांट कर खाना भारत की संस्कृति<br /></strong>पं. मिश्रा ने कहा कि शिवमहापुराण कथा कहती है कि स्वयं खा लेना संस्कृति है, छुड़ाकर खा लेना विकृति है और बांट कर खाना यह भारत देश की संस्कृति है। अगर परमात्मा ने मनुष्य को यह जीवन दिया है और कुछ अच्छा दिया है तो हम दुनिया को अच्छा देने का प्रयास करे। लेकिन दुनिया में लोग अच्छा अपने पास रखते है और बुरा दूसरे को देने का प्रयास करते है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>संस्कार के अभाव में नस्लें खराब<br /></strong>शास्त्र कहता है कि हम हमारे घर के बच्चों को जैसा ज्ञान देते है वैसा वह बच्चा ज्ञान ग्रहण करता है। पं. मिश्रा ने कहा कि जिस खेत में पानी की कमी होने पर फसल बिगड़ जाती है उसी तरह जिस घर में संस्कारों की कमी होती है उस घर की नस्ल बिगड़ जाती है। कभी संसार के लोगों से आस लगाकर नहीं बैठे उससे अच्छा है महादेव से आस लगावों सभी सुख मिल जायेंगे। और महादेव जब भी देते है तब छप्पर फाड़ के देते है। उन्होंने कहा कि शास्त्र कभी यह नहीं कहता है कि भगवान को, भागवत पुराण, रामायण या शिव महापुराण कथा में अधिक से अधिक चढ़ावा नहीं चढ़ाओ बल्कि जितना भी चढ़ाओ वह अपने मन की शुद्ध भावना और हृदय से चढ़ाओ। शंकर भगवान को केमिकल, पाउडर या थैली का दूध चढ़ाने से अच्छा है देसी गाय का दूध का आधा चम्मच भी चढ़ा दिया तो महादेव प्रसन्न हो जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भजन का स्वर धीमा हो<br /></strong>पं. मिश्रा ने कहा कि उनकों एक भक्त ने पूछा कि भगवान का भजन मौन रखकर करना चाहिए या जोर से बोलकर करना चाहिए। शिव महापुराण कहती है कि भगवान का भजन धीमा होना चाहिए, हमारा भजन भी ऐसा होना चाहिए कि अपने हृदय में जो भगवान बैठे है उसे सुनाई दे, भले ही संसार को सुनाई नहीं दे।<br /><br /><strong>सनातन धर्म के व्यक्ति को हिंसा पसंद नहीं</strong><br />हंसी और हिंसा दोनों में बहुत अंतर है। सनातन धर्म का जो मनुष्य होता है वह हंसी में जीना चाहता है, वह किसी मनुष्य को हिंसा, दुख, कष्ट व परेशान करके जीना पसंद नहीं करता है। उन्होंने कहा कि भगवान महादेव का कोई दुश्मन व विरोधी नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>हरी और हर दोनों एक: श्रीजी महाराज <br /></strong>मेला मैदान में चल रही शिवमहापुराण कथा में सोमवार को कथा श्रवण करने निम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर श्रीजी महाराज श्यामशरण देवाचार्य भी पहुंचे। श्रीजी महाराज ने व्यास पीठ पर विराजित कथा व्यास पं. प्रदीप मिश्रा का माला पहनाकर अभिनंदन किया। पं. मिश्रा ने भी श्रीजी महाराज का माला एवं अर्पणा पहनाकर स्वागत किया। कथा आयोजक अमित गुप्ता ने श्रीजी महाराज का श्रीनाथजी की तस्वीर, माला एवं शॉल ओढ़कर विशेष अभिनंदन किया। इसके बाद श्रीजी महाराज ने आशीवर्चन देते हुए कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे है कि श्रावण सोमवार पर तीर्थनगरी में ब्रह्मा शिवमहापुराण कथा का श्रवण कर रहे है। श्रीजी महाराज ने भजन के रूप में गाते हुए बताया कि ब्रह्मा की नगरी में शिव की कथा आज सुनने को श्रीजी आएं यहां, शिव भक्ति का दीपक जल जाये प्रदीप मिश्रा कथा पर जाये जहां, ब्रह्मा की नगरी में शिव की कथा सुनने श्रीजी आये यहां। यद्यपि भी यह मरू भूमि है पर बिल्वपत्र शिव के खिलते है यहां ब्रह्मा की नगरी में शिव की कथा आज सुनने को श्रीजी आए यहां। इस मौके पर श्रीजी महाराज ने व्यास पीठ पर विराजित पं. मिश्रा को शंकर का स्वरूप भी कहे तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। श्रीजी महाराज ने कथावाचक पं. मिश्रा की वाणी की प्रशंसा करते हुए कहा कि पं. मिश्रा ने विश्व को शिवमय बना दिया है। श्रीजी महाराज ने कहा कि सनातन वैदिक परम्परा में भी लिखा है राधा-कृष्ण का पूजन वाले भक्त को भी शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए। उन्होंने कि हरी और हर दोनों एक है। श्रीजी महाराज ने कहा कि सभी कथाओं, पुराणों का एकमात्र उद्गम स्थल कैलाश है। तथा संसार की सर्वप्रथम श्रोता पार्वती माता है और संसार के प्रथम वक्ता देवादिदेव महादेव है। आपके आराध्य देवता एक हो सकते है परन्तु हमारे सभी भगवान की अराधना हमारी सनातन संस्कृति में आवश्यक है। श्रीजी महाराज ने मंच से सभी श्रोताओं से महादेव को जल चढ़ाये, व्रत करने की अपील की। इस मौके पर श्रीजी महाराज ने पं. मिश्रा से सर्वेश्वर भगवान के निम्बार्कपीठ में शिवमहापुराण कथा करवाने की बात कही। अंत में पुष्कर राज महाराज की जय, हर हर महादेव, जय जय श्रीराधेके साथ अपने आशीर्वचन को पूरा करते हुए कहा कि उनकों पहली बार शिवमहापुराण कथा सुनने का अवसर मिला है। इस अवसर पर श्रीजी महाराज के साथ पुष्कर के परिक्रमा मार्ग स्थित निम्बार्क पीठ के परशुराम द्वारा मंदिर के पुजारी पं. नवनीत शास्त्री सहित श्रीजी महाराज के अनुयायी थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भक्तों के पत्र को पढ़ा<br /></strong>नागौर के लाडनूं की मुन्नी वैष्णव ने पत्र में लिखा है कि उसका 4 वर्षीय पुत्र हार्दिक की सितम्बर 2022 में अचानक तबीयत खराब होने पर पेट फूल गया। चिकित्सकों को दिखाया और जांचें कराने पर चौथे स्टेज का कैंसर बताया गया। इसके बाद उसके रिश्तेदार ने व्यासपीठ पर रखी बेल्वपत्री खिलाई तथा शिवलिंग पर चढ़े जल को पिलाया और बेल्वपत्र को खिलाया और दिसम्बर 2022 में पुन: जांच कराई तो महादेव की कृपा से बच्चे के कैंसर की रिपोर्ट नॉर्मल आई। चुरू की पार्वती देवी ने पत्र में लिखा कि उसकी पुत्री 3 वर्ष से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। इस दौरान उसकी बेटी ने परीक्षा की पढ़ाई के साथ साथ शिवजी पर जल चढ़ाना शुरू किया, बेल्वपत्र पर शहद लगाकर और धतूरा चढ़ाया। परीक्षा के परिणाम में उसकों सफलता मिली।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गणेश विवाह की सजीव झांकी सजाई गई<br /></strong>सोमवार को कथा के छठें दिन के विराम पर भगवान गणेश के मांगलिक विवाह की सजीव झांकी सजाई गई। जिसमें भगवान गणेश की रिद्धी सिद्धी द्वारा माला पहनाकर विवाह का मंचन किया गया।<br /><br /><strong>राठौड़ सहित जनप्रतिनिधियों ने आरती में लिया भाग</strong><br />राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह राठौड़, सांसद भागीरथ चौधरी, विधायक सुरेश सिंह रावत, अनिता भदेल, अजमेर उप महापौर नीरज जैन, पूर्व विधायक डा. श्रीगोपाल बाहेती, उमेश गर्ग, सुरेन्द्र सिंह शेखावत, सामाजिक कार्यकर्त्ता अरूण पाराशर, हर्ष पाराशर, रविकांत पाराशर, शशिकांत पाराशर, गौरव मित्तल, अरूण बाबू पाराशर, गोविंद पाराशर आदि ने कथा के विराम पर आरती में भाग लिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कथा का समापन आज<br /></strong>पुष्कर के मेला मैदान में चल रही सात दिवसीय देश की पहली श्री ब्रह्मा शिव महापुराण कथा का समापन मंगलवार को होगा। कथा का समय सुबह 9 बजे से 12 बजे तक रहेगा। पं. मिश्रा ने बताया कि मंगलवार दोपहर में वे पुष्कर से अलवर के लिए प्रस्थान करेंगे। जहां पर 12 जुलाई से वे अलवर में शिवभक्तों को कथा का रसपान करायेंगे। बताया कि अलवर में उनके द्वारा त्याग शिव महापुराण कथा के नाम से शिवभक्त श्रोताओं को किन 11 वस्तुओं का त्याग करना चाहिए उस पर विस्तार समाझाया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बारिश पर भारी आस्था<br /></strong>पुष्कर में सोमवार की दोपहर 2 बजे बाद हल्की फुहारों के साथ बारिश शुरू हुई। करीब 1 घंटे तक चली बारिश का हल्का प्रभाव मेला मैदान में चल रही शिव महापुराण कथा श्रवण कर रहे श्रोताओं पर पड़ा। कथा स्थल पर उमड़ी भीड़ बारिश के बावजूद वहीं जमे रही। इस दौरान कई श्रोताओं ने अपने-अपने छतरियों को खोलकर बारिश के साथ कथा का आनंद लिया। वहीं कुछ श्रोताओं ने तो भीगते हुए भी कथा सुनी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>वीआईपी गेट पर अफरा तफरी<br /></strong>कथा स्थल मेला मैदान के वीआईपी गेट पर सोमवार को शिवभक्त श्रोताओं एवं पुलिसकर्मियों के बीच काफी बार नोंक-झोंक देखने को मिली। एक बार की भारी भीड़ उमड़ने पर अफरा तफरी मच गई। इस दौरान महिला श्रोताओं ने वहां तैनात पुलिसकर्मियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने महिलाओं को धक्का देकर पीछे किया जिससे कई महिलाएं नीचे गिर गई। जिसके चलते शिव भक्तों में रोष उत्पन्न हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>शिवमहापुराण कथा से पुष्कर सरोवर हुआ लबालब<br /></strong>पुष्कर के मेला मैदान में चल रही श्री ब्रह्मा शिव महापुराण कथा में भाग लेने पहुंचे निम्बाकाचार्य श्रीजी महाराज ने उपस्थित भक्तों को बताया कि वर्ष 2019 में उनके व्यासपीठ पर विराजित होकर श्रीमद् भागवत कथा के समय पुष्कर सरोवर में भारी मात्रा में पानी आने से सरोवर लबालब हुआ था और इस वर्ष शिव महापुराण कथा के दौरान भी पुष्कर सरोवर लबालब हुआ है। यह सब पुष्करराज महाराज की कृपा है कि तीर्थ नगरी में धर्म की बयार बहती है तो पुष्कर सरोवर लबालब होता है। श्रीजी महाराज ने सभी भक्तों से पुष्कर सरोवर में स्रान करने का आह्वान किया है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पहली बार बांटी गई इतनी खाने-पीने की वस्तुएं<br /></strong>पुष्कर में चल रही शिव महापुराण कथा में आने वाले शिवभक्तों के लिए पुष्कर सहित आस-पास के दानदाताओं द्वारा दिल खोलकर प्रतिदिन द्वारा कथा स्थल सहित कथा मार्ग में शिवभक्त श्रोताओं को पानी की बोतलें, बिस्किट, मिल्क रोज, फल फ्रूट, नींबू पानी सहित खाने पीने की चीजे बांटी जा रही है। यहां ऐसा पहली बार देखा गया है कि विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों सहित भामाशाहों ने कथा श्रवण करने वाले श्रोताओं सहित तीर्थयात्रियों को अलग अलग जगहों पर भारी मात्रा में खाने व पीने की वस्तुऐं बांटी जा रही है। वहीं सावन सोमवार के मौके पर दानदाताओं ने शिव भक्तो को व्रत के लिए फलहारी की वस्तुओं का भी वितरण किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>विधायक रावत ने लिया पं. मिश्रा से आशीर्वाद<br /></strong>पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत ने सोमवार को शिव महापुराण कथा के बाद आयोजन स्थल पर शिवभक्तों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी। इससे पूर्व विधायक रावत ने कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा का अभिनंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नसीम ने किया पुष्कर क्षेत्र का निरीक्षण<br /></strong>प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष नसीम अख्तर इंसाफ ने कार्यकर्त्ताओं के साथ सोमवार सुबह पुष्कर शहर का निरीक्षण किया। इस दौरान नसीम सबसे पहले मेला मैदान में चल रही शिवमहापुराण कथा में पहुंची जहां उन्होंने श्रोताओं के हाल चाल जाने। इसके वे पुष्कर सरोवर की परिक्रमा पर स्थित बड़ी पुलिया तथा बरसाती फीडरों का निरीक्षण किया। उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजय जोशी, कांग्रेस नेता जगदीश कुर्डिया, शरद वैष्णव आदि मौजूद थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ब्रह्माजी व गायत्री माता ने धरा शिव-पार्वती का रूप<br /></strong>भगवान महादेव के प्रिय मास सावन माह के पहले सोमवार के मौके पर विश्व विख्यात ब्रह्मा मंदिर में फूल बंगला सजाया गया तथा जगतपिता ब्रह्माजी एवं गायत्री माता ने तीर्थयात्रियों को शिव-पार्वती के रूप में दर्शन दिए। मंदिर के पुजारी कृष्णगोपाल वशिष्ठ ने बताया कि सावन सोमवार के मौके एवं शिव महापुराण कथा के उपलक्ष्य में मंदिर पुजारी परिवार एवं किशनगढ़ के मार्बल व्यवसायी जुगल किशोर शर्मा परिवार की ओर से जगत पिता ब्रह्माजी का पुष्कर सहित कोलकता, बैंगलुरू, दिल्ली, हिमाचल के सुगंधित पुष्पों से शिव शृंगार किया गया। साथ ही मंदिर में भी भव्य सजावट की गई। इस भव्य को सजावट को देखने एवं ब्रह्माजी के दर्शन के लिए सोमवार को दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>तीर्थनगरी को रखें क्लीन<br /></strong>कथा विराम के बाद विधायक सुरेश सिंह रावत ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पुष्कर देश का सर्वाधिक चर्चित, लोकप्रिय, धार्मिक, आध्यात्मिक आस्था से युक्त पौराणिक तीर्थ स्थल है। सारे तीर्थों की यात्रा करने के बाद पुष्कर जाकर नहीं नहाए तो यात्रा का पुण्यफल प्राप्त नहीं होता। ऐसी पौराणिक तीर्थ नगरी में लाखों की संख्या में प्रतिदिन श्रद्धालुओं द्वारा तीर्थ नगरी पुष्कर में पवित्र श्रावण मास में भगवान महादेव की शिव महापुराण कथा का श्रवण करना अपने आप में एक हजार अश्वमेध यज्ञ के फलों की प्राप्ति है। विधायक रावत ने श्रद्धालुओं से तीर्थ नगरी पुष्कर को साफ और स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करने के लिए अपील की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Jul 2023 14:38:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
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                <title>घर-घर व मंदिरों में हो रहा है सतगुरु टेंऊराम चालीसा का पाठ </title>
                                    <description><![CDATA[19 जून से 23 जून तक आचार्य सद्गुरु स्वामी टेंऊराम महाराज का पंच दिवसीय  137 वा जन्मोत्सव को विशाल महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/satguru-tenuram-chalisa-is-being-recited-in-every-house-and-temples/article-48248"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>नवज्योति, जयपुर। प्रेम प्रकाश संप्रदाचार्य  महायोगी आचार्य 1008  सतगुरू स्वामी टेंऊराम महाराज का चालीसा महोत्सव जयपुर सहित अन्य सभी शहरों में  मौज आनन्द के साथ मनाया जा रहा है। 14 मई रविवार से प्रारंभ हुए चालिहा महोत्सव की मौज 23 जून सतगुरु  स्वामी टेंऊराम महाराज के जन्मोत्सव तक रहेगी। पावन तीर्थ श्री अमरापुर स्थान जयपुर  के व्यवस्थापक संत मोनूराम महाराज ने बताया की "चालिहा महोत्सव" में श्री अमरापुर दरबार में प्रतिदिन  प्रातः 7 बजे से 9 बजे पल्लव प्रार्थना, सत्संग एवं चालीसा का सामूहिक पाठ और शाम को 4.30 से 6.30 बजे तक  संतो महात्माओं का सत्संग, आरती व चालीसा का पाठ किया जा रहा है।<br /><br />संतों ने बताया कि चालिहा महोत्सव के अंतर्गत संत मण्डल द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों मालवीय नगर, बनी पार्क, बसंत बहार कॉलोनी, प्रताप नगर, मानसरोवर, राजापार्क, अग्रवाल फार्म, सांगानेर आदि स्थानों पर विधि-विधान पूर्वक पूजा अर्चना, भजन, संकीर्तन, सतनाम साक्षी महा मंत्र जाप एवम चालीसा पाठ के आनंद का रसपान कराया जा रहा है जिसमें अधिक से अधिक संख्या में भक्त चालिहा महोत्सव का लाभ ले रहे है।<br /><br />इसी के साथ 19 जून से 23 जून तक आचार्य सद्गुरु स्वामी टेंऊराम महाराज का पंच दिवसीय  137 वा जन्मोत्सव को विशाल महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इसमें महाआरती, 137 भिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग, गुरु महाराज जी के विग्रह की बर्फ पर अति सुंदर झांकी, रंगोली सजावट, गुरु महाराज की जीवनी पर आधारित सुंदर नाट्य मंचन आदि  कार्यक्रम किए जाएंगे और 23 जून "सदगुरू स्वामी टेऊराम जयंती" पर सिंधी समाज के परिवारों में घर-घर दीप जलाकर सजावट करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jun 2023 17:42:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>खोले के हनुमान मंदिर में संतों-महंतों का किया सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[गौरांग महाप्रभु सत्संग मण्डल के राधामोहन नानूवाला व कृपाशंकर गोयल के सान्निध्य में भजन संकीर्तन एवं बधाई गायन की प्रस्तुति दी गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/honored-saints-and-mahants-in-hanuman-temple-of-khole/article-46326"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/photo-size-630-400-(2)3.png" alt=""></a><br /><div>जयपुर। श्री खोले के हनुमानजी मंदिर परिसर में सोमवार से चौदह दिवसीय पाटोत्सव का आयोजन शुरू हुआ। इस अवसर पर विभिन्न धामों से पहुंचे संतों-महंतों का सम्मान किया गया। नरवर आश्रम सेवा समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि संत सम्मान कार्यक्रम में स्वामी रामशरण दास, अलबेली शरण, सियाराम दास, मनोहर दास, रामसेवकदास, गोपाल दास, मलय गोस्वामी, रामकिशोर गोस्वामी, राघवेंद्राचार्य, गोपाल दास दूल्हा वाले व सुदर्शनाचार्य सहित अन्य संत-महंत पहुंचे। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष गिरधारी लाल शर्मा ने संतों को माला पहनाकर, वस्त्र व दक्षिणा प्रदान कर सम्मान किया। इस अवसर पर संतों-महंतों ने उपस्थित भक्तों को आशीर्वचन कहे और इसके उपरांत सियारामजी की विशेष उत्सव आरती की गई।<br /><br /></div>
<div>इससे पहले सोमवार प्रात: 6 बजे मंत्रोच्चारण के साथ सियारामजी महाराज का 108 औषधि द्रव्यों से महाअभिषेक किया गया। 8 बजे वेद पाठ, 9 बजे वाल्मीकि रामायण का अखण्ड पारायण शुरू हुआ।  प्रात: 10 बजे षोड़शोपचार पूजन, अभिषेक-श्रृंगार किया गया। युवा सत्संग रामायण सेवा समिति के सत्यनारायण ठाकुरिया व महेश माचीवाल के संयोजन में दोपहर 1 बजे सामूहिक सुन्दरकाण्ड पाठ किए गए। शाम 6.30 बजे गौरांग महाप्रभु सत्संग मण्डल के राधामोहन नानूवाला व कृपाशंकर गोयल के सान्निध्य में भजन संकीर्तन एवं बधाई गायन की प्रस्तुति दी गई। जयपुर के प्रसिद्ध भजन मण्डल हर दिन प्रात: व सायं सामूहिक सुंदरकाण्ड और भजन गायन प्रस्तुत करेंगे। पाटोत्सव के दौरान लक्ष्मण डूंगरी 14 दिन श्रीराम के जयघोष से गुंजायमान रहेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 May 2023 17:32:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मथुरा के इस मंदिर के निर्माण में मजदूरी पर नहीं लगा एक भी पैसा, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक ने सुने है प्रवचन</title>
                                    <description><![CDATA[ बाबा जयगुरूदेव के एक बार कहने पर गुरू की आज्ञा मानकर उनके अनुयायियों ने इसका निर्माण किया। बाबा के अनुयायी नौकरीपेशा,व्यापारी अथवा किसान थे, इसलिए वे अपने व्यवसाय से समय निकाल कर हर साल मन्दिर निर्माण में कुछ न कुछ शारीरिक योगदान देते रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/not-a-single-penny-was-spent-on-labor-for-the-construction-of-this-temple-in-mathura/article-46194"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/शीर्षक-रहित-(630-×-400-px)-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>मथुरा। प्रेम रस से सराबोर कान्हा की नगरी मथुरा में अपने अन्दर रहस्य समेटे एक ऐसा अनूठा मन्दिर है जिसके निर्माण में मजदूरी और मशीनरी का एक भी पैसा नही लगा है।</p>
<p>जयगुरूदेव मन्दिर के नाम से मशहूर इस पूजा स्थल के निर्माण में करीब 27 साल लगे लेकिन मजदूरी और मशीनरी पर एक भी पैसा नही खर्च हुआ। बाबा जयगुरूदेव के एक बार कहने पर गुरू की आज्ञा मानकर उनके अनुयायियों ने इसका निर्माण किया। बाबा के अनुयायी नौकरीपेशा,व्यापारी अथवा किसान थे, इसलिए वे अपने व्यवसाय से समय निकाल कर हर साल मन्दिर निर्माण में कुछ न कुछ शारीरिक योगदान देते रहे है। बाबा के शिष्यों की संख्या लाखों में थी इसलिए मन्दिर के निर्माण में मशीनरी के प्रयोग पर भी कोई खर्च नही हुआ क्योंकि ये मशीनरी बाबा के शिष्यों ने ही उपलब्ध कराई थी।</p>
<p>बाबा जयगुरूदेव आश्रम के राष्ट्रीय उपदेशक बाबूराम ने यूनी(एजेंसी) को बताया कि मन्दिर की आधारशिला पांच दिसंबर 1973 को रखी गई थी और 25 दिसम्बर 2001 को मन्दिर बनकर तैयार हुआ। उसीे दिन से मंदिर के कपाट भक्तों के लिये खोल दिये गये। इस मन्दिर की सबसे बड़ी विशेषता गुरूभक्ति का अनूठा नमूना है। इसमें किसी प्रकार की मूर्ति नही है केवल बाबा जयगुरूदेव के गुरू घूरेलाल का एक बड़ा चित्र है। बाबा समाज को संस्कारित बनाना चाहते थे । उनका कहना था कि जो व्यक्ति गुरूभक्ति से ओतप्रोत होगा वह संस्कारित बनेगा और एक प्रकार से संस्कारित समाज का निर्माण होगा। इस मन्दिर के निर्माण में 85 प्रतिशत गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले लोगों का पैसा लगा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस मन्दिर की शिल्पकला सर्व धर्म  समभाव का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह नाम से मन्दिर है गुम्बद से गुरूद्वारा, मीनारों से मस्जिद एवं प्रार्थना हाल से गिरजाघर है। उनका कहना था कि बाबा एक प्रकार से बहुत बड़े समाज सुधारक थे। हर वर्ष दिसंबर में होनेवाले वार्षिक मेले में वे दर्जनों दहेज रहित विवाह कराते थे तो होली के अवसर पर लगनेवाले मेले में दर्जनों लोगों के मतभेद दूर कर उन्हें गले मिलाते थे। वे रूपयों को हाथ नही लगाते थे इसलिए उनके अनुयायियों में सामान्यजन से लेकर विदेशी लोग भी उनसे बहुत अधिक प्रभावित थे।</p>
<p>उनके प्रवचन में 40 से पचास हजार तक लोग बैठते थे। उनके इन्ही गुणों के कारण पूर्व प्रधानमंत्री स्व इन्दिरा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी, उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल रोमेश भंडारी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजनारायण, केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व नारायण दत्त तिवारी, मुलायम सिंह समेत दर्जनों नेता और समाजसेवी बाबा का प्रवचन सुनने के लिए बाबा जयगुरूदेव साधनास्थली में आये थे। बाबा बड़े दूरदृष्टा थे इसीलिए उन्होंने अपने जीवनकाल में ही अपने भक्त और शिष्य पंकज महराज को आश्रम की बागडोर संभालने के लिए तैयार किया था  जो बाबा के गोलोकवासी होने के बाद इस साधनास्थली की बागडोर बखूबी संभाले हुए हैं।बाबा जयगुरूदेव की पुण्य तिथि पर आयोजित सतसंग मेले में आज बाबा के हजारों अनुयायी मन्दिर में अपनी भावांजलि व्यक्त कर रहे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 May 2023 15:02:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हर साल रावण का पुतला दहन करना ब्राह्मणों का अपमान, सनातन संस्कृति में एक बार होता है अंतिम संस्कार : शंकराचार्य</title>
                                    <description><![CDATA[शंकराचार्य की ओर से यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रावण का पुतला दहन रोकने के लिए अध्यादेश जारी करना चाहिये। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/burning-the-effigy-of-ravana-every-year-is-an-insult-to-brahmins--the-last-rites-are-performed-once-in-sanatan-culture--shankaracharya/article-25366"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/dddddd.jpg" alt=""></a><br /><p>मथुरा। जगद्गुरु शंकराचार्य अधोक्षजानन्द देव तीर्थ ने दशहरा पर रावण का पुतला दहन करने की परंपरा को बन्द करने की सरकार से मांग की है। उनकी दलील है कि इससे न सिर्फ प्रदूषण होता है बल्कि भारत की सनातन संस्कृति में किसी व्यक्ति का एक ही बार अंतिम संस्कार करने की परंपरा का भी अपमान है। शंकराचार्य की ओर से यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रावण का पुतला दहन रोकने के लिए अध्यादेश जारी करना चाहिये। जिसे बाद में संसद से पारित कराके कानूनी जामा पहनाकर लागू किया जा सकता है। उनकी दलील है कि बार बार रावण का पुतला दहन करना विद्वता का अपमान है।</p>
<p>उन्होंने बयान में कहा कि रावण ब्राह्मण था और न केवल बलवान था बल्कि वेदों का ज्ञाता भी था। उसकी विद्वता के कारण ही रामेश्वरम में समुद्र पर सेतु बनाने के लिए श्रीराम ने उससे पूजन कराया था। राम रावण युद्ध में उसकी मृत्यु के बाद श्रीराम ने लक्ष्मण को उसके अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए भेजा था और विभीषण की उपस्थिति में उसका अंतिम संस्कार किया गया था। शंकराचार्य ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति में किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार केवल एक बार किया जाता है। रावण का त्रेता युग में ही कर दिया गया था। अब हर साल उसका पुतला दहन करना न सिर्फ सनातन संस्कृति के प्रतिकूल है बल्कि ब्राह्मणों का भी अपमान है।  </p>
<p>उन्होंने कहा कि मनुष्य की कृति ऐसी है, जिसमें देवत्व भी है और असुरत्व भी है। वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता मनुष्य को अपने अन्दर मौजूद असुरत्व का दहन करने की है। आज के समाज के विघटन का भी मूल कारण मनुष्य द्वारा असुरत्व को महत्व देना है। इसी असुरत्व के कारण रूस और यूक्रेन का युद्ध रूकने का नाम नहीं ले रहा है। उनका कहना है कि रामलीला के आयोजकों को दशहरा पर अपने भीतर का असुरत्व समाप्त करने का संकल्प दिलाना चाहिए। मानव की आसुरी प्रवृत्ति जब हट जाएगी और दैवी प्रवृत्ति उसका स्थान ले लेगी तो यह धरती स्वर्ग बन जाएगी तथा सारे झगड़े समाप्त हो जाएंगे और सर्वे भवन्तु सुखिन: कथन चरितार्थ होने लगेगा।</p>
<p>शंकराचार्य ने कहा कि रावण के पुतले का दहन कर अनजाने में ही नई पीढ़ी को कुसंस्कार परोसा जा रहा है और एक विद्वान का अपमान करने की शिक्षा दी जा रही है। पुतला दहन से पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। सरकार जिस प्रकार स्वच्छ पर्यावरण के लिए वाहनो में स्वच्छ ईंधन का प्रयोग करने या पराली जलाने से रोकने के लिए कानून का सहारा लेती है, उसी प्रकार पुतला दहन को रोकने के लिए भी समाजसेवियों के साथ ही सरकार को भी पहल करनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/burning-the-effigy-of-ravana-every-year-is-an-insult-to-brahmins--the-last-rites-are-performed-once-in-sanatan-culture--shankaracharya/article-25366</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Oct 2022 15:33:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>270 साल पहले ब्रह्मपुरी में स्थापित हुआ था मंगला माता का मंदिर</title>
                                    <description><![CDATA[राजा ने ब्राह्मणों से अनुरोध किया कि राज्य में धर्म का निवास सदैव रहे अत: आप यहीं पर रहे। महाराजा का आमंत्रण स्वीकार कर ब्राह्मण जयपुर के ब्रह्मपुरी इलाके में बस गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mangla-mata-temple-was-established-270-years-ago-in-brahmapuri/article-25185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/q-41.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नाहरगढ़ की पहाड़ियों की तलहटी में महालक्ष्मी का रूप मंगला माता का मंदिर ब्रह्मपुरी इलाके में करीब 270 साल पहले स्थापित हुआ था। जयपुर नगर बस रहा था तब महाराजा सवाई जयसिंह ने अश्वमेघ यज्ञ किया था। इसके लिए सिद्धपुर गुजरात से ब्राह्मण पंडितों को बुलाया था। ब्राह्मणों ने अश्वमेघ यज्ञ सम्पूर्ण कराया। राजा ने ब्राह्मणों से अनुरोध किया कि राज्य में धर्म का निवास सदैव रहे अत: आप यहीं पर रहे। महाराजा का आमंत्रण स्वीकार कर ब्राह्मण जयपुर के ब्रह्मपुरी इलाके में बस गए। यहां मंगला माता मंदिर में ठाकुर त्रिलोकी नाथजी के रूप में राधा-कृष्ण, मंगला माता, गणेश, काल भैरव और शिव परिवार स्थापित कर सेवा, पूजा-अर्चना करने लगे। <br /><br /><strong>काले पत्थर की है मंगला माता की मूर्ति<br /></strong>मंदिर में पांचवीं पीढ़ी के पुजारी सुरेन्द्र ज्ञानी ने बताया कि राजा ने ब्रह्मपुरी क्षेत्र ब्राह्मणों को रहने के लिए दिया था। शुभता के लिए गणेशजी का अनुष्ठान और राजकोष की वृद्धि के लिए महालक्ष्मी (मंगला माता) का अनुष्ठान होता था। मां मंगला की प्रतिमा लगभग पांच फुट है। पहले लोग इस बात का ध्यान रखकर विग्रह निर्माण करते थे कि जैसे ही भक्त उनके सम्पर्क में आए तो उनका कल्याण हो। मंगला माता की मूर्ति उसी काले पत्थर से निर्मित है जो नवग्रह स्थापित करने के लिए जयपुर आया था। मंगला माता की षोड़शोपचार और कभी-कभी पंचोपचार पूजा से अर्चना होती है। हर नवरात्रि में कन्याओं का पूजन, हवन यज्ञ आदि अनुष्ठान कराए जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Oct 2022 10:36:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने ब्रिटेन में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए वीडियो में इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स के स्मेथविक शहर में दुर्गा भवन हिंदू केंद्र की ओर मार्च करते हुए 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगाते हुए एक बड़ी भीड़ दिखाई दे रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-expresses-concern-about-the-safety-of-the-indian-community-in-britain/article-23949"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/s-jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। भारत ने, ब्रिटेन में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है और इस बारे में ब्रिटेन सरकार से मिले आश्वासनों का स्वागत किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से इतर ब्रिटेन के विदेश सचिव जेम्स क्लीवरली के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की और उनके द्वारा दिए गए आश्वासनों का स्वागत किया।</p>
<p>जयशंकर ने ट्वीट किया, ''ब्रिटेन के विदेश सचिव जेम्स क्लीवरली के साथ गर्मजोशी से बातचीत हुई। रोडमैप 2030 को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। हमारी बातचीत में हिंद और प्रशांत महासगार यूक्रेन और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद मामलों सहित वैश्विक मुद्दों को भी शामिल किया गया।"<br /><br />उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के बारे में अपनी चिंता साझा की। इस बारे में उनके आश्वासन का स्वागत किया। ब्रिटेन ने हाल ही में पूर्वी इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर में कई हिंसक सांप्रदायिक झड़पें देखी हैं, जिसमें एक हिंदू मंदिर के साथ तोड़फोड़ की गई और मंदिर के बाहर एक भगवा ध्वज को सांप्रदायिक रूप से आरोपित भीड़ द्वारा खींच लिया गया। इसके अलावा, कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए वीडियो में इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स के स्मेथविक शहर में दुर्गा भवन हिंदू केंद्र की ओर मार्च करते हुए 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगाते हुए एक बड़ी भीड़ दिखाई दे रही है। इन घटनाओं के बाद, भारतीय उच्चायोग ने भी अधिकारियों से ,प्रभावित भारतीय समुदाय को सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया।<br /><br />लीसेस्टर में भारतीय समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए, भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में लीसेस्टर में हिंदू मंदिर में की गयी हिंसा और तोडफ़ोड़ का विरोध किया। उच्चायोग ने कहा, ''हमने ब्रिटेन के अधिकारियों के साथ इस मामले को मजबूती से उठाया है और इन हमलों में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। हम अधिकारियों से प्रभावित लोगों को सुरक्षा प्रदान करने का आह्वान करते हैं।"<br /><br />लीसेस्टरशायर पुलिस ने एक बयान में कहा कि हम लीसेस्टर में हिंसा, अव्यवस्था या डराने-धमकाने को बर्दाश्त नहीं करेंगे और हम शांति और बातचीत का आह्वान करते रहेंगे। हमारे पुलिस अभियान और जांच बड़े पैमाने पर जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Sep 2022 14:42:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोहम्मद इकबाल भक्तों को करवा रहा है बप्पा के कई रूपों दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[इकबाल बताते हैं कि 1940 में जो माचिस दो पैसे में मिलती थी वही माचित 1950 में 5 पैसा, कीमत 1940 में 2 पैसा, 1960 में 10 पैसा,1970 में 15 पैसा, 1980  में 25 पैसा, 1994 में 50 पैसा, 2000 में 75 पैसा, 2008 में 01 रुपए तथा 2021 से 02 रुपए हो चुकी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/mohammad-iqbal-is-getting-devotees-to-see-many-forms-of-bappa/article-21746"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/33.jpg" alt=""></a><br /><p>बीकानेर। शहर में गणेश महोत्वस का दौर है। हर कोई भगवान गणेश को अपने-अपने तरीके से पूज रहा है। लक्ष्मीनाथ घाटी इलाके में पानी के टंकी के पास के निवासी मोहम्मद इकबाल देवडा माचिस बॉक्स कवर के संग्रहकर्ता हैं। इकबाल ने अपने 11 हजार माचिस कवर कलेक्शन में से भगवान गणेश के चित्रों वाले माचिस कवर निकालकर रखे हैं और वह अपने दोस्तों को बप्पा के विभिन्न रूपों के दर्शन करवा रहा है। पेशे से मेहनत मजदूरी के काम में लगा इकबाल पिछले 10 सालों से माचिस बॉक्स का संग्रह कर रहा है। उसके पास ग्यारह हजार से अधिक देशी-विदेशी माचिस का कलेक्शन है। उसके पास गोल माचिस, लकडी. माचिस, लोहे की माचिस एवं विभिन्न प्रकार की थीम वाइज माचिस बॉक्स है। इकबाल बताते हैं कि माचिस का आविष्कार 1827 को ब्रिटेन के एक वैज्ञानिक जॉन वाकर ने किया। भारत में विदेशी माचिस का निर्माण 1895 में तथा देशी माचिस का निर्माण 1927 में अहमदाबाद में शुरू किया गया। विभिन्न भाषा में माचिस: इकबाल बताते हैं कि देश विदेश में माचिस को विभिनन नामों से पुकारा जाता है। हिन्दी में माचिस को दिया सलाई कहते हैं। इसी प्रकार बांगला-देश लाई नेपाली-मने सलाई तमिल-पिति कशमीरी-मदक डब्यू मराठी-कडयाती पेटी कहते हैं। साथ ही माचिस को तेलगु-में अगिनपुतल, गुजराती-दिवासली, असामिया-जुड़शला, पंजाबी-तीलीपतीला, अरबी-केड्रिला, जर्मन-सेल्जेन तथा मेड्रीन (चीन) में यांगहो कहा जाता है। दो पैसे में मिलती थी माचिस: इकबाल बताते हैं कि 1940 में जो माचिस दो पैसे में मिलती थी वही माचित 1950 में 5 पैसा, कीमत 1940 में 2 पैसा, 1960 में 10 पैसा,1970 में 15 पैसा, 1980 में 25 पैसा, 1994 में 50 पैसा, 2000 में 75 पैसा, 2008 में 01 रुपए तथा 2021 से 02 रुपए हो चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बीकानेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Sep 2022 15:11:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आर्यिका गुप्तिमती माताजी का देवलोक गमन, जयकारों के बीच निकली अंतिम यात्रा </title>
                                    <description><![CDATA[संघस्थ ब्रह्मचारिणी किरण दीदी ने जानकारी देते हुए बताया कि आर्यिका गुप्तिमती माताजी को स्मृति में गुरुवार को श्याम नगर के वशिष्ठ मार्ग पर स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के प्रांगण पर सुबह 8 बजे से गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी के सानिध्य में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/aryika-guptamati-mataji-departure-to-devlok-the-last-journey-ends-with-cheers/article-18471"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/im.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जयपुर। शहर के श्याम नगर स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वशिष्ठ मार्ग पर विराजमान गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी की संघस्थ आर्यिका गुप्तिमती माताजी का मंगलवार को सुबह </span><span style="line-height:115%;">4</span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> बजकर </span><span style="line-height:115%;">10</span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> मिनट पर देवलोक गमन हो गया। साल </span><span style="line-height:115%;">2010 में</span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> गणिनी आर्यिका सुपार्श्वमती माताजी से राणाजी की नसियां</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आगरा रोड पर छूल्लिका दीक्षा ग्रहण की थी और फरवरी साल </span><span style="line-height:115%;">2016</span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> में बड़ के बालाजी में हुए पंचकल्याण के दौरान आचार्य वर्धमान सागर महाराज और गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी से आर्यिका दीक्षा ग्रहण की थी। इसके अतिरिक्त </span><span style="line-height:115%;">23</span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> जनवरी </span><span style="line-height:115%;">2011</span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> में मानसरोवर वरुण पथ पर संपन्न हुए पंचकल्याण के दौरान सुपार्श्वमती माताजी से </span><span style="line-height:115%;">12</span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> साल का संलेखना व्रत धारण किया था। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अखिल भारतीय दिगंबर जैन युवा एकता संघ के अध्यक्ष अभिषेक जैन बिट्टू ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह </span><span style="line-height:115%;">9</span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> बजे पूज्य गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी के सानिध्य एवं निर्देशन में आर्यिका गुप्तिमती माताजी की डोल यात्रा श्याम नगर दिगंबर जैन मंदिर से प्रारंभ होकर आगरा रोड़ स्थित राणा जी की नसियां तक जयकारों के बीच निकाली गई। जहां पर जैन परंपराओं के अनुसार आर्यिका गुप्तिमती माताजी की अंतिम क्रिया संपन्न की गई। इस दौरान अंतिम यात्रा में समाज श्रेष्ठियों सहित अध्यक्ष निहालचंद पांड्या</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कोषाध्यक्ष राजकुमार सेठी</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजकुमार पाटनी</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बंसत बाकलीवाल</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजेंद्र बड़जात्या</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अजीत पाटनी</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मनोज जैन</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आशीष गोधा</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आशीष जैन चेतू</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजेश जैन</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सर्वेश जैन</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नरेंद्र पाटनी</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">संजय कासलीवाल सहित श्याम नगर</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विवेक विहार</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मानसरोवर</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जनकपुरी आदि काॅलोनियों के बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उमड़े और माताजी को नम आंखों से विदाई दी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गुरुवार को श्याम नगर में होगी श्रद्धांजलि सभा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">संघस्थ ब्रह्मचारिणी किरण दीदी ने जानकारी देते हुए बताया कि आर्यिका गुप्तिमती माताजी को स्मृति में गुरुवार को श्याम नगर के वशिष्ठ मार्ग पर स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के प्रांगण पर सुबह </span><span style="line-height:115%;">8 </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बजे से गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी के सानिध्य में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा। जिसमे श्रद्धालु आर्यिका गुप्तिमती माताजी को विन्यांजली स्वरूप श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Aug 2022 16:54:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>बर्बरता की हदें : नूपुर का समर्थन करने पर टेलर का गला काटा, दरिन्दे गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ शहर के मध्य भूतमहल के पास मालदास स्ट्रीट के निकट टेलरिंग का काम करने वाले अधेड़ की दो हमलावरों ने धारदार हथियार से गला रेत कर इसलिए हत्या कर दी कि उसने नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट डाली थी। घटना के दौरान हमलावरों ने वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली। वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी धमकी दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/the-extent-of-vandalism--taylor-s-throat-was-slit-for-supporting-nupur--the-poor-arrested/article-13184"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/kanhya-lal.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उदयपुर।</strong> शहर के मध्य भूतमहल के पास मालदास स्ट्रीट के निकट टेलरिंग का काम करने वाले अधेड़ की दो हमलावरों ने धारदार हथियार से गला रेत कर इसलिए हत्या कर दी कि उसने नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट डाली थी। घटना के दौरान हमलावरों ने वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली। वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी धमकी दी। इसके बाद हिंदू संगठनों का आक्रोश भड़क उठा। पुलिस एवं प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए शहर में इंटरनेट बंद कर दिया। जबकि सात थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया।</p>
<p>पुलिस ने दोनों हमलावरों को राजसमंद जिले के भीम के निकट से गिरफ्तार कर लिया। मृतक के परिवार वालों ने सरकार से 50 लाख रुपए और सरकारी नौकरी की मांग की है। उधर दिल्ली से एनआईए की पांच सदस्यीय टीम आरोपियों से पूछताछ के लिए उदयपुर के लिए  रवाना हो गई। देर रात संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट ने बताया कि पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद के लिए सभी लोगों से आग्रह करेंगे। कुछ लोगों से कलेक्टर ने भी बात की है। आश्रित परिवार के बच्चे को भी यूआईटी में नौकरी दी जाएगी। इधर, प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजनों से शव का उठा लिया।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>जांच के लिए एसआईटी गठित</strong></span><br />राज्य सरकार ने उदयपुर घटना की जांच की लिए एसआईटी का गठन कर दिया है, जिसमें एसओजी, एडीजी अशोक राठौड़, एटीएस आईजी प्रफुल्ल कुमार एवं एक एसपी और एडिशनल एसपी होंगे।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>छह दिन बाद खोली थी दुकान</strong> </span><br />मृतक कन्हैयालाल गोर्वधन विलास इलाके का रहने वाला था। उसके 2 बेटे यश (19) और तरुण (17) हैं। 10 दिन पहले उसने भाजपा से निकाली गई प्रवक्ता नुपूर शर्मा के पक्ष में सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इसके बाद से समुदाय विशेष के लोग उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे। 6 दिनों से उसने अपनी दुकान भी नहीं खोली थी। उसने धमकियां देने वालों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसे थोड़े दिन संभलकर रहने को कहा, लेकिन आरोपियों की धरपकड़ में गंभीरता नहीं दिखाई। वारदात के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात</strong></span><br />शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात है। खेरवाड़ा से पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को बुलाया गया है। शहर के 5 इलाकों में बाजार बंद कर दिए गए हैं। लोग मौके पर प्रदर्शन करने भी पहुंचे हैं। एसपी मनोज चौधरी ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस को मौके पर तैनात कर दिया गया है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>पुलिस से झड़प</strong></span><br />हाथीपोल चौराहे पर कुछ युवाओं और पुलिस की झड़प हुई। भाजपा युवा मोर्चा का एक कार्यकर्ता घायल हो गया है। शांति बहाल करने के लिए पुलिस ने चप्पे-चप्पे को छावनी में तब्दील कर दिया है। दूसरी ओर, संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट ने मंगलवार शाम को उदयपुर जिले में 24 घंटे तक इंटरनेट बंद करने का आदेश जारी किया है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>बाइक पर सवार होकर आए आरोपी</strong></span><br />पुलिस ने बताया कि कन्हैयालाल तेली (50) पुत्र रूपलाल साहू की भूतमहल के पास सुप्रीम टेलर्स नाम से दुकान है। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे बाइक सवार 2 युवक आए। कपड़े का नाप देने का बहाना बनाकर दुकान में घुसे। कन्हैयालाल एक युवक का नाप ले रहा था तभी दूसरे ने धारदार हथियार से उसका गला काट डाला। इससे कन्हैयालाल निढाल होकर दुकान के बाहर सड़क पर आ गिरा। वहीं दुकान में काम कर रहा एक अन्य युवक ईश्वर पर भी हमलावरों ने वार किया। इससे उसके पीठ और सिर पर चोट आई। एसपी मनोज कुमार और कलेक्टर ताराचंद मीणा सहित अन्य थानों का जाप्ता, आरएसी बटालियन और पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाप्ता पहुंचा।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>पुलिसकर्मियों की छुट्टियां निरस्त</strong></span><br />प्रभारी एडीजी मुख्यालय रेंज पर रहेंगे मौजूद। महानिदेशक पुलिस मोहन लाल लाठर ने सभी पुलिस अधिकारियों व पुलिसकर्मियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। रेंज के प्रभारी एडीजी को रेंज मुख्यालय पर मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। जयपुर कमिश्नरेट इलाके में आरएसी की आठ कम्पनी और लाइन से दो हजार पुलिसकर्मियों का अलग से जाब्ता तैनात किया गया है। फील्ड में सभी अधिकारियों व कर्र्मचारियों को गश्त करने के लिए पाबंद किया गया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजयपाल लाम्बा खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>घटना में लिप्त अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा : गहलोत</strong> </span><br />इस केस की जांच ऑफिसर स्कीम के तहत होगी<strong>।</strong> मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस प्रशासन को उदयपुर में युवक की जघन्य हत्या मामले की जांच और अपराधियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द्र व शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अपराधी चाहे किसी भी धर्म, जाति या वर्ग से हो, उनके खिलाफ  कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गहलोत ने उदयपुर घटना की भर्त्सना करते हुए कहा कि पुलिस अपराध की पूरी तह तक जाएगी। इस केस की जांच ऑफिसर स्कीम के तहत होगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से मामले को लेकर वीडियो शेयर नहीं करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गहलोत ने कहा कि ऐसी दुखद घटनाओं से पूरे देश में चिंता और तनाव का माहौल बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को देश को संबोधित कर शांति और सौहार्द्रपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की जानी चाहिए।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>मुख्य सचिव ने हाईलेवल मीटिंग के बाद लिया निर्णय वीडियो वायरल करने पर होगी सख्त कार्रवाई</strong></span><br />उदयपुर की घटना के बाद राज्य सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में आगामी 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद कर दिया है और प्रदेश में एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी है। घटना का वीडियो वायरल करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने मंगलवार शाम हाईलेवल मीटिंग लेने के बाद संभागीय आयुक्तों, कलक्टरों और पुलिस आईजी को प्रदेशभर में विशेष सतर्कता और चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। इंटेलीजेंस एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। उदयपुर में जरूरत अनुसार कर्फ्यू लगाने के निर्देशों के साथ सभी प्रभारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों को रेंज में भेजने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>इंसान की हिफाजत करना सबका फर्ज : खालिद उस्मानी</strong></span><br />उदयपुर में हुई घटना पर जयपुर शहर के चीफ काजी सहित कई मुस्लिम संगठनों ने कड़े शब्दों में निंदा की है। प्रदेश के चीफ काजी खालिद उस्मानी ने कहा है कि जिन्होंने भी ये घिनौना कृत्य किया है, हम उनका बायकॉट करते हैं। वे मुसलमान कहलाने के लायक नहीं हैं। इस्लाम का पैगाम है कि अल्लाह के बंदे सब एक-दूसरे से मोहब्बत करें। इंसानियत सबसे बड़ी चीज है और इसकी हिफाजत करना हमारा फर्ज है। जमाअते इस्लामी हिन्द राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मुहम्मद नाजिमुद्दीन और मुस्लिम प्रोग्रेसिव फेडरेशन के कन्वीनर अब्दुल सलाम जौहर ने भी आमजन से शांति बनाने रखने की अपील की है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>पुलिस अफसर लगातार मॉनिटरिंग करें</strong></span><br />सभी संभागीय आयुक्तों को निर्देश हैं कि उदयपुर घटना के वीडियो मोबाइल और अन्य माध्यमों से वायरल करने पर सख्ती से रोक लगाएं। वायरल करने वाले लोगों पर कानूनी दायरे में सख्त कार्रवाई करें। एसीएस गृह अभय कुमार ने कहा कि सभी जिलों में पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ हालात पर नजर रखी जाए।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>राज्यपाल ने शांति की अपील की</strong></span><br />राज्यपाल कलराज मिश्र ने उदयपुर की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया है। उन्होंने आमजन से शांति, संयम और सौहार्द्र बनाए रखने की अपील भी की है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>सरकार की विफलता : भाजपा</strong></span><br />घटना सरकार का फैल्योर है। मैंने सीएम, डीजीपी, एसपी से बात की है। पीड़ित परिवार को मुआवजा, नौकरी दी जाए। कल उदयपुर बंद करेंगे। मैं अभी उदयपुर रवाना हो रहा हूं। <strong>-गुलाबचंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष</strong></p>
<p>घटना कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण नीति का परिणाम है। यह हमला समग्र हिन्दू समाज पर है। पीएम नरेन्द्र मोदी तक पर हमला करने की बात कही गई है। मामले की जांच की जाए, इनके तार निश्चित रुप से आतंकवादियों से जुड़े हैं। हत्यारे वीडियो जारी कर पूरी व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। देखना यह है कि सीएम राजधर्म कैसे निभाते हैं। <strong>-सतीश पूनियां, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा।</strong></p>
<p>कन्हैयालाल की निर्मम हत्या से साफ है कि अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं कि वे पीएम को लेकर भी हिंसक बयान दे रहे हैं। प्रदेश में साम्प्रदायिक उन्माद व हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। घटना के पीछे जिनका हाथ है, उन्हें भी सरकार बेनकाब कर गिरफ्तार करे। <strong>-वसुन्धरा राजे, पूर्व सीएम</strong></p>
<p>घटना प्रदेश में जंगलराज का जीता-जागता प्रमाण है। राजस्थान के लोगों में गुस्सा है। अपराधियों के सिमी, पीएफआई या इस्लामिक संगठनों से संबंध से इनकार नहीं कर सकते हैं। सरकार की तुष्टिकरण नीति के कारण सरेआम लोगों का गला काटा जा रहा है।<strong>-राजेन्द्र राठौड, उपनेता प्रतिपक्ष</strong></p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>सभी पक्ष शांति और सौहार्द बनाए रखें</strong></span><br />उदयपुर में युवक की निर्मम हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। राजस्थान सरकार अपराधियों पर कठोर कार्रवाई और उन्हें सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। समाज में घृणा और क्रूरता का कोई स्थान नहीं है। सभी पक्ष शांति और सौहार्द बनाए रखें। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। <strong>-गोविन्द सिंह डोटासरा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष</strong></p>
<p>उदयपुर में युवक की निर्मम और दिल दहलानी वाली हत्या की घटना अत्यंद दुखद और निदंनीय है। इसकी भर्त्सना करता हूं। इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। सभी से अपील करता हूं कि शांति और भाईचारा बनाए रखें। <strong>-सचिन पायलट, पूर्व डिप्टी सीएम</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jun 2022 11:41:39 +0530</pubDate>
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