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                <title>rights - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कांग्रेस का केंद्र पर हमला: महिला आरक्षण के नाम पर बहा रहे हैं घड़ियाली आंसू, सुप्रिया श्रीनेत ने कहा-सरकार महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहती</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र पर महिला आरक्षण रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परिसीमन का 'षड्यंत्र' विफल होने पर सरकार घड़ियाली आंसू बहा रही है। कांग्रेस ने मांग की कि मौजूदा 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को उनका वास्तविक संवैधानिक अधिकार मिल सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-the-centre-crocodile-tears-are-being-shed-in/article-151002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/supriya.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र सरकार हमेशा महिलाओं को आरक्षण देने के खिलाफ रही है और यही वजह है कि इस बार उसने महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन लाने का षड्यंत्र किया, जिसके कारण संसद में पेश संविधान संशोधन विधेयक गिर गया और केंद्र को मुंह की खानी पड़ी। पार्टी ने कहा कि केंद्र शुरू से ही महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है। यह हमेशा महिला आरक्षण के विरुद्ध रही है और यही कारण था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी 1990 में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लेकर आए थे, तो केंद्र ने इसका विरोध किया था, जिसके कारण वह विधेयक संसद में पारित नहीं हो सका था।</p>
<p>कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को यहां पार्टी मुख्यालय पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार डरी हुई हैं, इसलिए उन्होंने राष्ट्र के नाम शनिवार को 29 मिनट के संबोधन में 58 बार, यानी लगभग हर 30 सेकंड में कांग्रेस का नाम लिया। इससे साफ है कि महिला आरक्षण की आड़ में केंद्र परिसीमन के अपने कथित षड्यंत्र के विफल होने के कारण देश के नाम संबोधन के दौरान घड़ियाली आंसू बहा रहे थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक गिरने पर दुखी होने की बजाय 543 लोकसभा सीटों के आधार पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए और कांग्रेस इस व्यवस्था का पूरी तरह समर्थन करेगी। उनका कहना था कि मौजूदा 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं को दे दीजिए और इसमें रोड़ा मत बनिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि देश में जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, वहां केंद्र सरकार कुछ नहीं बोलती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी के लिए 'कांग्रेस की विधवा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर महिलाओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की बात करने वाली केंद्र सरकार को यह याद रखना चाहिए कि जब राजीव गांधी के शासनकाल में महिला आरक्षण विधेयक लाया गया था, तब उन्होंने ने इसके खिलाफ मतदान किया था।</p>
<p>कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पार्टी के अनुसार, ऐसे मामलों की संख्या 4 लाख से अधिक हो गई है और दुष्कर्म के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के 1600 से अधिक विधायकों में केवल 167 महिलाएं हैं। देश के कई राज्यों में केंद्र की सरकार होने के बावजूद केवल एक राज्य में ही महिला मुख्यमंत्री है। पार्टी का कहना है कि इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील नहीं है और यही कारण है कि उसे संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने में संसद में असफलता का सामना करना पड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 18:10:22 +0530</pubDate>
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                <title>महिला आरक्षण बिल गिरने पर विपक्ष ने जश्न मनाकर महिलाओं का अपमान किया: सावित्री ठाकुर </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने महिला आरक्षण बिल न पचने पर विपक्ष के जश्न को स्वर्ण अवसर खोना और महिलाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण ऐतिहासिक विधेयक को रोका। मंत्री ने स्पष्ट किया कि परिसीमन महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए आवश्यक है और देश की नारी शक्ति इसका करारा जवाब देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/savitri-thakur-opposition-insulted-women-by-celebrating-when-womens-reservation/article-151018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)23.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि महिला आरक्षण से जुड़ा यह विधेयक पारित हो जाता, तो यह वर्ष इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता। उन्होंने कहा कि 2023 में विपक्ष ने चुनावी मजबूरी के कारण इसका समर्थन किया, लेकिन बाद में अपने राजनीतिक हितों के चलते इसका विरोध किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को हर योजना के केंद्र में रखा है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। इस बिल से महिलाओं में एक नई उम्मीद जगी थी कि उन्हें राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। सावित्री ठाकुर ने कहा कि विपक्षी दलों को यह डर था कि इससे उनके राजनीतिक समीकरण प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने स्पष्ट किया था कि किसी भी राज्य के हितों को नुकसान नहीं होगा, इसके बावजूद भ्रम फैलाया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जब यह बिल पारित नहीं हो सका, तो देशभर की महिलाओं में निराशा फैल गई, जबकि विपक्ष ने जश्न मनाया, जो महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि देश की महिला शक्ति इसका जवाब अवश्य देगी। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती जनसंख्या के मद्देनजर परिसीमन आवश्यक है, जिससे महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:50:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राष्ट्रीय लोक मोर्चा का बड़ा ऐलान : महागठबंधन में शामिल पार्टियों के खिलाफ 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में निकालेगी धिक्कार मार्च</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिलों में धिक्कार मार्च निकालेगा। प्रदेश प्रवक्ता राम पुकार सिन्हा ने कांग्रेस और महागठबंधन पर महिला आरक्षण विधेयक रोकने का आरोप लगाया। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का दावा है कि विपक्ष ने परिसीमन सुधार का विरोध कर महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-announcement-of-rashtriya-lok-morcha-that-it-will-take/article-151003"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/bihr.png" alt=""></a><br /><p>पटना। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो)संसद में महिला आरक्षण विधेयक एवं संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार के विरोधी महागठबंधन में शामिल पार्टियों के खिलाफ 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में धिक्कार मार्च निकालेगी। रालोमो के प्रदेश प्रवक्ता राम पुकार सिन्हा ने रविवार को बताया कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक एवं संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार के विरोध में वोट देकर कांग्रेस एवं महागठबंधन की पार्टियों ने देश की आधी आबादी को लोकसभा एवं विधानसभाओ में जाने से रोका है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मिल रहे अधिकारों से उनको वंचित किया है।</p>
<p>सिन्हा ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद उपेंद्र कुशवाहा पार्टी की ओर से संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार के तहत बिहार में आवाज बुलंद करते रहे है, लेकिन इस अभियान को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही विपक्षी दलों ने संसद में इसका विरोध कर रोक दिया। उन्होंने कहा कि यदि यह बिल कानून का रूप लेता तो बिहार में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ जाती। यदि संसद में यदि विपक्ष का सहयोग मिलता तो 33 प्रतिशत सीटों पर महिलाएं सासंद और विधायक बनती, लेकिन महागठबंधन के सांसदों ने ऐसा नहीं होने दिया।संसद में विपक्ष की इस रवैया के खिलाफ राष्ट्रीय लोक मोर्चा 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में धिक्कार मार्च निकालेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:08:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महिला आरक्षण मुद्दे पर सियासत तेज: कांग्रेस ने भाजपा मुख्यालय के समीप किया विरोध प्रदर्शन, महिलाओं के मुद्दे पर गंभीर नहीं होने का लगाया आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा मुख्यालय के समीप जोरदार प्रदर्शन किया। जयराम रमेश और दीपेंद्र हुड्डा जैसे नेताओं ने केंद्र पर महिलाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। विपक्ष का कहना है कि सरकार आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर देरी कर रही है, जो महिलाओं के साथ सरासर धोखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/politics-intensifies-on-womens-reservation-issue-congress-protests-near-bjp/article-150999"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/congress2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय के समीप जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए और केंद्र सरकार पर महिलाओं के मुद्दे पर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया। प्रदर्शन में जयराम रमेश, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, देवेंद्र यादव, अलका लांबा समेत कई सांसद और नेता मौजूद रहे।</p>
<p>कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, "बीजेपी ने जिस तरह महिलाओं को गुमराह करने की कोशिश की है, उससे उनकी महिला विरोधी मानसिकता साफ झलकती है। उनका असली उद्देश्य महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन लागू करना था। कांग्रेस पार्टी तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक देश में महिला आरक्षण लागू नहीं हो जाता।"</p>
<p>वहीं कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "2014 से नरेंद्र मोदी देश का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन 2026 तक महिलाओं के साथ केवल धोखा हुआ है। सरकार महिला आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है। बीजेपी और प्रधानमंत्री केवल यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे महिलाओं के पक्ष में हैं, जबकि हकीकत इसके उलट है।" ग़ौरतलब है कि महिला आरक्षण मुद्दे को लेकर राजनीति तेज है सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 14:32:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: ममता बनर्जी ने बोला केंद्र सरकार पर हमला, लोगों के अधिकारों की रक्षा का दोहराया संकल्प, बोली-हमारी लड़ाई जारी रहेगी, आपके अधिकार किसी भी हाल में छीनने नहीं दूंगी</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता में ईद सभा के दौरान ममता बनर्जी ने केंद्र और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को साजिश करार देते हुए "भाजपा हटाओ, देश बचाओ" का नारा दिया। मुख्यमंत्री ने संकल्प लिया कि वह बंगाल के लोगों के अधिकारों और सांप्रदायिक एकता की रक्षा के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-assembly-elections-mamata-banerjee-said-it-was-an/article-147331"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/cm-mamta-on-sir.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को ईद के मौके पर कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लोगों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया और केंद्र की भाजपा सरकार तथा चुनाव आयोग पर तीखा निशाना साधा। वार्षिक ईद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बंगाल के लोगों के अधिकार किसी भी हाल में छीने नहीं जाने देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से कई नाम हटाए गए हैं, हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि लोगों की गरिमा सुरक्षित रहेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, "हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम बंगाल के हर व्यक्ति के साथ हैं और उनके अधिकारों को छीने नहीं जाने देंगे।" मुख्यमंत्री ने केंद्र के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी सरकार किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "जो बंगाल को निशाना बनाएंगे, उनका अंजाम अच्छा नहीं होगा।" साथ ही उन्होंने "बीजेपी हटाओ, देश बचाओ" का नारा भी दोहराया।</p>
<p>यह बयान उस समय आया है जब राज्य में अंतिम एसआईआर सूची को लेकर विवाद जारी है, जिसमें लाखों नाम हटाए जाने और कई नामों के जांच के दायरे में होने की खबरें हैं। तृणमूल कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है।</p>
<p>इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पहले ही दिल्ली जाकर आयोग के सामने अपनी बात रख चुकी हैं और आगे भी संघर्ष जारी रखेंगी।<br />कार्यक्रम के दौरान बारिश को उन्होंने "ईश्वरीय आशीर्वाद" बताया और कहा कि यह उनके संघर्ष के समर्थन का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने सभी धर्मों के बीच एकता और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया। इस मौके पर मौजूद तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महसचिव अभिषेक बनर्जी ने भी लोगों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की कोशिश हो रही है, लेकिन बंगाल की सांप्रदायिक एकता कायम रहेगी। कार्यक्रम के बाद दोनों नेताओं ने शहर की एक मस्जिद में जाकर ईद की नमाज से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 15:00:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पाकिस्तान ने मानवाधिकार उल्लंघनों पर अमेरिकी रिपोर्ट को किया खारिज </title>
                                    <description><![CDATA[एक बयान में कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि दुनिया में मानवाधिकार स्थितियों को उजागर करने वाली एक रिपोर्ट गाजा जैसे घोर मानवाधिकार उल्लंघन को नजरअंदाज करती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pakistan-rejects-us-report-on-human-rights-violations/article-75982"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/pak-flag.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने पिछले साल देश में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर अमेरिकी विदेश विभाग की एक रिपोर्ट को स्पष्ट तौर से खारिज कर दिया है और कहा है कि केवल राजनीति से प्रेरित रिपोर्ट ही गाजा में चिंताजनक स्थिति को नजरअंदाज कर सकती है। मंत्रालय ने देर रात जारी एक बयान में कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि दुनिया में मानवाधिकार स्थितियों को उजागर करने वाली एक रिपोर्ट गाजा जैसे घोर मानवाधिकार उल्लंघन को नजरअंदाज करती है।</p>
<p>बयान में कहा गया कि मानवाधिकार प्रथाओं पर 2023 देश रिपोर्ट: पाकिस्तान शीर्षक वाली रिपोर्ट की अनुचित सामग्री और गलत जानकारी पर आधारित है तथा जमीनी हकीकत से परे है। इसमें कहा गया है कि इस साल की रिपोर्ट एक बार फिर निष्पक्षता की कमी और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एजेंडे के राजनीतिकरण के कारण स्पष्ट है। मंत्रालय के अनुसार यह स्पष्ट रूप से दोहरे मानकों को प्रदर्शित करता है और इस प्रकार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार प्रवचन को कमजोर करता है।</p>
<p>अमेरिका द्वारा जारी रिपोर्ट में पाकिस्तान के हालातों की पोल खुल गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में मानवाधिकारों की दुर्गति हो रही है, जिनमें हत्याएं, अपहरण और मनमाने ढंग से हिरासत में रखने सहित अन्य मुद्दे शामिल हैं। पाकिस्तानी सरकार हालांकि ऐसे दुव्र्यवहार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ शायद ही कभी कार्रवाई करे। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Apr 2024 14:12:14 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पावटा-प्रागपुरा नगर पालिका :अधिकार नहीं मिलने सहित कई मांगों को लेकर पार्षदों का धरना प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[ कस्बे की नगर पालिका परिसर में गुरुवार को पालिका पार्षदों ने अधिकार नहीं मिलने, पालिका में नाकारा  कर्मचारियों को हटाने, साधारण सभा आहूत करने, पार्षदों की आईडी बनाने पालिका में नक्शे बनाने के लिए 3000 रुपए लेने व भ्रष्टाचार को खत्म करने आदि मांगों को लेकर  वरिष्ठ पार्षद गिरधारी लाल शर्मा की अध्यक्षता में धरना दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pavta-pragpura-municipality--edemonstration-of-councilors-for-many-demands-including-not-getting-rights/article-12924"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/aas-pass-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रागपुरा।</strong> कस्बे की नगर पालिका परिसर में गुरुवार को पालिका पार्षदों ने अधिकार नहीं मिलने, पालिका में नाकारा  कर्मचारियों को हटाने, साधारण सभा आहूत करने, पार्षदों की आईडी बनाने पालिका में नक्शे बनाने के लिए 3000 रुपए लेने व भ्रष्टाचार को खत्म करने आदि मांगों को लेकर  वरिष्ठ पार्षद गिरधारी लाल शर्मा की अध्यक्षता में धरना दिया। ईओ हरिनारायण यादव के 15 दिन में मांगों को मानने का आश्वासन देने के बाद पार्षदों ने धरना समाप्त किया। धरने में बोलते हुए चेयरमैन प्रतिनिधि निर्मल पंसारी ने कहा कि नगर पालिका पार्षदों की पालिका में कार्यरत कर्मचारी सुनवाई नहीं करते, सफाई कार्य में लगे वाहन पालिका कर्मचारियों के लगे हुए हैं।</p>
<p>पालिका सीमा के बाहर एक होटल में महज 500 रुपए देकर कचरा उठाने के वाहन जाते हैं जिस पर लगाम  लगनी चाहिए। पलिका प्रशासन को हर कीमत पर पार्षदों की न्याय संगत  मांगे माननी होंगी। धरने में बोलते हुए वाईस चेयरमैन अशोक कुमार सैनी, नरपत सिंह शेखावत ने कहा कि गत दिनों लिखित में साधारण सभा आहूत करवाने का प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसके बाद भी साधारण सभा आज तक नहीं हुई है। नगर पालिका कर्मचारी पार्षदों के काम करना तो दूर उनसे लड़ने पर आमादा रहते हैं। इन्होंने ने कहा कि पालिका परिसर में से फाइलें गायब हो जाती है यहां तक चेयरमैन की फाइल तक गायब हो गई थी। इन्होंने नाकार कर्मचारियों को अविलम्ब हटाने की मांग की।  पार्षद राजू पारीक प्रागपुरा, पार्षद प्रतिनिधि बद्री प्रसाद चौहान व भवानी शंकर अग्रवाल, पार्षद संजय सैन  ने कहा कि हर पार्षद  आम जन का चुन हुआ प्रतिनिधी है जो करीब 30 हजार आबादी की प्रतिनिधित्व करता है।</p>
<p>क्षेत्र का विकास करवाना व आम जन की समस्याओं  का  निदान करवाना उनका नैतिक फर्ज है। लेकिन नगर पालिका प्रशासन चुने हुए जन प्रतिनिधियों की नहीं सुन रहा है। इन्होंने ने कहा कि पार्षदों को एक एक मोहर लेटर पैड़ व उनके वार्ड में बोर्ड लगाने, ठेकेदारों कि और से किए जा रहे कामों व इनके नामों की सूची एक रजिस्टर में होने की मांग की।  पार्षद  मणी देवी सोनी, विजय गुप्ता कृष्णा ओला, मोठूराम यादव, मिन्टू शर्मा, सुमन यादव, राहुल  चौहान, कुन्दन लाल स्वामी, पूनम शर्मा, विश्वम्भर मेहरा, सुनीता जाजोरिया सहित कई पार्षदों ने कहा कि नगर पालिका  किस जन प्रतिनिधि के ईशारे पर चल रही है। इसका भी खुलासा होना चाहिए।</p>
<p>कुछ लोग नगर पालिका प्रशासन को काम नही करने देना चाहते हैं। पार्षदों व चेयरमैन को कार्यभार ग्रहण किए हुए करीब 2 माह बीत जाने के बाद भी साधारण सभा आहूत नहीं हो  रही जिससे पार्षद अपनी पीड़ा से अधिकारियों को अवगत नहीं करवा रहे हैं। धरने में बैठक में शहनजाव बानू, प्रियंका अग्रवाल, महेन्द्र वर्मा, जय राम यादव, मणी देवी सोनी कमली देवी गोकु ल चन्द, आशादेवी, श्योचन्द, श्याम सिंह शेखावत, सुनीता जाजोरिया महेन्द्र कुमार ने नगर पालिका प्रशासन के रवैये  को लेकर आक्रोश जताया। धरना स्थल पर ईओ हरिनारायण यादव पहुंच कर पार्षदों की मांगे व पीड़ा सुनी। ईओ ने कहा कि उनके स्तर पर हल होने वाली समस्याओं का निदान 15 दिन में व साधारण सभा इस माह में आहूत करवाने का भरोसा देकर धरने का समापन करवाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 15:46:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इंडियन प्रीमियर लीग के आनलाइन मीडिया राइट्स का ऑक्शन शुरु, पहले दिन 50 हजार करोड़ के पार बोली</title>
                                    <description><![CDATA[ इंडियन प्रीमियर लीग के आनलाइन मीडिया राइट्स को हासिल करने के लिए कई दिग्गज कंपनियों की जंग जारी है। आनलाइन मीडिया अधिकार पाने के लिए कंपनियों के बीच आनलाइन बोली रविवार  से शुरू हो चुकी है और शाम 6 बजे तक पहले दिन बोली लगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/indian-premier-league-s-online-media-rights-auction-begins--bids-cross-50-thousand-crores-on-the-first-day/article-11982"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/trophy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के आनलाइन मीडिया राइट्स को हासिल करने के लिए कई दिग्गज कंपनियों की जंग जारी है। आनलाइन मीडिया अधिकार पाने के लिए कंपनियों के बीच आनलाइन बोली रविवार 11 बजे से शुरू हो चुकी है और शाम 6 बजे तक पहले दिन बोली लगी।<br /><br /><strong>एक मैच की वेल्यू 100 करोड के ऊपर गई</strong><br />सूत्रों की मानें तो आइपीएल के पहले दो पैकेज ए और बी की बोली को मिलाकर रकम 100 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। यानी अगले सीजन में जो टूनार्मेंट का एक मैच खेला जाना है उसकी वेल्यू 100 करोड़ से ऊपर गई है। पैकेज ए में बोली की रकम 55 करोड़ वहीं पैकेज बी की रकम 50 करोड़ से ऊपर जा चुकी है। इस वक्त बोली में सबसे आगे कौन कंपनी चल रही है इसका खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन भारतीय उपमहाद्वीप के डिजिटल और टीवी राइट्स के लिए स्टार, सोनी और वायकाम 18 के बीच कड़ा मुकाबला जारी है। बीसीसीआई द्वारा 13 जून को बताया जाएगा कि आखिर मीडिया राइट्स का अधिकार किस कंपनी ने अपने नाम किया। <br /><br /><strong>5 साल के लिए  किया जा रहा है आक्शन</strong><br />इस मीडिया राइट्स को खरीदने की होड़ में जो कंपनियां सबसे आगे हैं उनमें मुकेश अंबानी की रिलायंस-वायाकाम, डिज्नी हाट स्टार, जी और सोनी, ड्रीम 11, स्काई स्पोर्ट्स (ब्रिटेन), सुपरस्पोर्ट्स (साउथ-अफ्रीका) के अलावा फैनकोड और फनएशिया शामिल हैं जो देसी-विदेशी टीवी और डिजिटल अधिकार को हासिल करने की कोशिश में लगी हैं। आईपीएल के अगले पांच सीजन यानी 2023 से लेकर 2027 के लिए इस मीडिया राइट्स का आक्शन किया जा रहा है।<br /><br /><strong>एमाजोन, फेसबुक और गूगल पहले ही हुए दौड़ से बाहर</strong><br />इसके जरिए बीसीसीआई को हजारों करोड़ रुपये की आमदनी होने की उम्मीद है। आईपीएल एक पापुलर लीग है और इसको देखने वालों की संख्या जितनी ज्यादा है पैसा लगाने वालों की भी लिस्ट उतनी ही लंबी। वैसे इस मीडिया राइट्स को हासिल करने की होड़ में पहले एमाजोन, फेसबुक और गूगल भी थे, लेकिन उन्होंने पहले ही अपने नाम वापस ले लिए थे, लेकिन इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पर धनवर्षा होने की पूरी उम्मीद है। जैसे खिलाड़ियों की बोली के बाद बोर्ड द्वारा इसकी जानकारी दी जाती है वैसे ही मीडिया राइट्स के अधिकार पाने वाली कंपनी का नाम की घोषणा भी इसके बाद की जाएगी। यह आईपीएल के अगले 5 सीजन (2023 से 2027) के लिए मान्य होंगे। एक अंदाज के मुताबिक बीसीसीआई को आईपीएल मीडिया राइट्स से इस साल 50 से 60 हजार करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं। पिछली बार जब मिडिया राइट्स को बीसीसीआई ने पक्का किया थो तो इसे स्टार इंडिया ने पांच साल (2018-22) के लिए 16,347.5 करोड़ रुपये में अपने नाम किया था।<br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 11:54:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मदर्स-डे : ‘मां’ घर की धुरी, अधिकारों में अधूरी</title>
                                    <description><![CDATA[यह भी चिंतनीय है: 54.4 फीसदी एनीमिक, 19 फीसदी का बीएमआई खराब]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mother-s-day--mother-is-the-axis-of-the-house--incomplete-in-rights/article-9326"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/131.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में महिलाओं की आबादी 3.80 करोड़ यानी 48 फीसदी  है। करीब 2.50 करोड़ मांए है। वैसे तो मां के लिए कोई दिन तय नहीं हो सकता है, क्योंकि परिवार उसके बिना हर दिन अधूरा ही होता है। उसकी जिम्मेदारियां असीम होती है। लेकिन अधिकार इक्कसवीं सदी में भी अधूरे से ही नजर आते हैं। घर को संभालने में तो वे सदियों से संपूर्ण है, लेकिन अधिकारों-सशक्तिकरण में अपूर्ण सी ही हैं।</p>
<p><br />नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे रिपोर्ट की माने तों प्रदेश में 73.4 फीसदी घर की महिलाओं के पास संपत्ति के नाम पर ना जमीन है और ना ही कोई घर। आज भी इन पर पुरूषों का ही एकाधिकार है। 20.4 फीसदी महिलाओं के बैंक बैलेंस जीरों है, क्योंकि इने खाते तक नहीं है। गांवों में 21 फीसदी और शहरों में 18.3 फीसदी के बैंक खाते नहीं। इस डिजिटल युग में भी आधी 49.8 फीसदी महिलाओं के पास मोबाइल तक नहीं है। गांवों में 54.7 फीसदी और शहरों में 34.5 फीसदी ऐसी महिलाएं हैं। 2011 के अनुसार साक्षरता दर भी 52.66 फीसदी ही है। हालांकि 2018-19 में एनएसओ के अनुसार यह 57.6 फीसदी हुई है। लेकिन अभी भी 42.4 फसीद असाक्षर है।<br /><br /><strong><span style="background-color:#ff00ff;color:#ffff99;">यह भी चिंतनीय है: </span>54.4 फीसदी एनीमिक, 19 फीसदी का बीएमआई खराब</strong><br />प्रदेश में 49 साल की आधी से ज्यादा 54.4 फीसदी महिलाएं ऐसी है जिनमें खून की कमी यानी एनीमिक हैं। सही से पोषक खाद पदार्थ नहीं खा रही हैं। गांवों में 55.7 फीसदी और शहरों में 49.9 फीसदी महिलाएं सर्वे में ऐसी मिलीं। वहीं 19.6 फीसदी महिलाआें का वजन उसकी उम्र-लंबाई के मुताबिक कम है। गांवों में 21.3 और शहरों में 14 फीसदी महिलाओं का बॉडी मॉस इंडेक्स तय मापदंडों से कम है।<br /><br /><strong>सबके लिए त्याग-समर्पण लेकिन हिंसा की शिकार</strong><br />प्रदेश में 18-49 साल की शादीशुदा महिलाओं में से 24.3 फीसदी ऐसी हैं जो जीवन में कभी ना कभी घरेलू हिंसा का शिकार होती हैं। गांवों में 24.9 फीसदी और शहरों में 22.4 फीसदी ऐसी महिलाएं हैं।<br /><br /><strong>बाल विवाह से उड़ान अधूरी</strong><br />गांवों में 28.3 और शहरों 15.1 फीसदी बेटियां ऐसी है जिनके बाल विवाह हो रहे हैं और घर की जिम्मेदारियों का बोझ वे उठा रही हैं। गांवों में तो 4.2 फीसदी बेटियां 19 साल से पहले ही मां बन जाती है। शहरों में भी ऐसी मांओ की संख्या 1.8 फीसदी है। <br /><br /><strong>मां बनते ही 2886 दम तोड़ती हैं</strong><br />प्रदेश में हर साल 2886 महिलाएं मां बनते ही मर जाती हैं। परिवार की जिम्मेदारियां के चलते खुद के स्वास्थ्य से बेफ्रिक, परिजनों की चिकित्सकी सार-संभाल में बरती लापरवाही के कारण 46 फीसदी गर्भवती खून की कमी की शिकार हो जाती है। प्रसव के समय इसकी वजह से उनकी जान पर बन आती है। हर साल 17.60 लाख महिलाएं मां बनती हैं। लेकिन चिंता की बात यह है कि 44.7 फीसदी महिलाओं को तो प्रसव पूर्व परिजन चिकित्सकीय परामर्श को अस्पताल भी नहीं ले जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 May 2022 11:44:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>  पुलिस को मिलेगा विशेष अधिकार, गिरफ्तार शख्स की बना सकेगी ‘बायो कुंडली’</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष ने किया विधेयक का विरोध]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/police-will-get-special-rights--the-arrested-person-will-be-able-to-make-bio-kundli--criminal-procedure-identity-bill-introduced-in-lok-sabha/article-6932"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मोदी सरकार ने लोकसभा में दंड प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022 पेश किया जिसमें किसी अपराध के मामले में गिरफ्तार और दोषसिद्ध अपराधियों का रिकॉर्ड रखने के लिये अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग की अनुमति देने का प्रस्ताव किया गया है। विरोधी दलों के हंगामे के बीच लोकसभा में 58 के मुकाबले 120 मतों से विधेयक को पेश करने की मंजूरी दी गई। विधेयक पर संसद की मुहर लगने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़ा आइडेंटिफिकेशन ऑफ प्रिजनर्स एक्ट 1920 खत्म हो जाएगा।</p>
<p><br />लोकसभा में  विधेयक पेश करते हुए गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने कहा कि मौजूदा अधिनियम को बने 102 साल हो गए हैं, उसमें सिर्फ  फिंगर प्रिंट और फुटप्रिंट लेने की अनुमति दी गई, जबकि अब नई प्रौद्योगिकी आई है और इस संशोधन की जरूरत पड़ी है।  दुनिया में बहुत से चीजें बदली हैं, अपराध करने का ट्रेंड भी  बढ़ा है इसलिए हम दण्ड प्रक्रिया शिनाख्त अधिनियम लेकर आए हैं। विधेयक में अपराधियों का विभिन्न प्रकार का ब्यौरा एकत्र करने की अनुमति देने की बात कही गई है जिसमें अंगुली एवं हथेली की छाप या प्रिंट, पैरों की छाप, फोटो, आंखों की पुतली, रेटिना, लिखावट के नमूने आदि शामिल हैं। सरकार का मानना है कि अधिक से अधिक ब्यौरा मिलने से दोष सिद्धि दर में वृद्धि होगी और जांचकर्ताओं को अपराधियों को पकड़ने में सुविधा होगी। इस तरह की जांच-पड़ताल से जो भी जानकारी इकट्ठा की जाएगी उसे डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में कलेक्शन डेट से 75 साल तक सुरक्षित रखा जाएगा। हालांकि ऐसे लोग जो पहले दोषी नहीं ठहराए गए लेकिन बिना ट्रायल के छूट गए या कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया, उनके माप या फोटोग्राफ की जानकारी को सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नष्ट कर दिया जाएगा। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो को राज्य सरकारों या केंद्रशासित प्रशासन से या किसी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से इस जानकारी का रिकॉर्ड रखने के लिए अधिकृत किया गया है। <br /><br /><strong>विपक्ष ने किया विधेयक का विरोध</strong> <br />विधेयक पेश किए जाने का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि यह अनुच्छेद 20 और 21 का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस सदन को यह चर्चा करनी चाहिए कि क्या सत्तापक्ष को यह अधिकार है कि वह ऐसा विधेयक लाए जो नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर कुठाराघात करता हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 12:30:23 +0530</pubDate>
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                <title>महिलाओं की शादी की उम्र 21 वर्ष करने वाले विधयेक के प्रस्ताव पर जयपुराइट्स की राय</title>
                                    <description><![CDATA[लड़कियों के जीवन में आएगा सकारात्मक बदलाव : पुरुषों और महिलाओं को विवाह में समान अधिकारों की आवश्यकता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61c2ec5652289/article-3434"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/25.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 से बढ़ाकर 21 साल करने के विधेयक के प्रस्ताव पर जयपुराइट्स में चर्चा तेज है। विधेयक को लेकर लड़कियों की अलग-अलग राय है। कुछ का मानना है कि इस फैसले से लड़कियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा तो वहीं कुछ लड़कियां इसे काफी नहीं मानती। कई लड़कियों का कहना है कि आज के समय में पुरुषों और महिलाओं को विवाह में समान अधिकारों की आवश्यकता है।  - <strong>संकलन: कुमारी पूजा</strong> <br /> <br /> <strong>क्या है विधेयक </strong><br /> विधेयक भारतीय ईसाई विवाह अधिनियम 1872, पारसी विवाह और तलाक अधिनियम 1936, मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) आवेदन अधिनियम 1937, विशेष विवाह अधिनियम 1954, हिंदू विवाह अधिनियम 1955, विदेशी विवाह अधिनियम 1969 में विवाह के पक्षकारों की आयु के संबंध में दिए गए प्रावधानों में संशोधन करेगा। इसमें महिलाओं की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष करने का प्रस्ताव है।  <br /> <br /> लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु तीन साल और बढ़ाए जाने के सरकार के प्रस्ताव से खुश हैं। मेरी शादी अगर तीन साल बाद होती तो मैं अपनी पढ़ाई पूरी कर पाती और मेरे हाथ में ग्रेजुएशन की डिग्री होती। शादी के बाद परिवार की जिम्मेदारियों के कारण मैं अपनी पढ़ाई वापस शुरू नहीं कर पाई हूं। सरकार के इस फैसले के बाद मेरी जैसी दूसरी लड़कियों को पढ़ाई बीच में नहीं छोड़नी पड़ेगी। शायद ये साल उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ आर्थिक रूप से मजबूत होने में भी मदद करें। - <strong>सर्वजीत, 21 वर्षीय</strong><br /> <br /> सरकार के इस कदम से लड़कियों को अपने सपने पूरे करने के ज्यादा मौके मिलेंगे। बहुत सी लड़कियों की शादी 18 साल पूरे होते ही कर दी जाती है। इस दौरान वे लड़कियां बारहवीं तक की पढ़ाई ही पूरी कर पाती हैं। शादी के बाद पढ़ाई जारी रखना मुश्किल होता है। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना भी संभव नहीं होता है। इससे कई क्षेत्रों में लड़कियों की हिस्सेदारी कम हो जाती है। लड़कियां उच्च शिक्षा हासिल कर पाएंगी एवं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो पाएंगी।<br /> - <strong>अरुधंति, 20 वर्षीय</strong> <br /> <br /> मुस्लिम लड़कियों के विवाह की कोई कानूनी उम्र तय नहीं है, जिससे कई की शादी 18 साल से पहले भी हो जाती है। अगर इस प्रस्ताव में मुस्लिम लड़कियों को भी शामिल किया जाता है तो ये एक अच्छी पहल होगी। वे आगे पढ़ पाएंगी और अपने फैसले खुद ले पाने में पहले से अधिक सक्षम होंगी। स्कूली पढ़ाई के बाद लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए रियायत दी जाए, क्योंकि पिछड़े तबके की महिलाएं आर्थिक वजह से आगे की पढ़ाई नहीं कर पाती। -<strong> सारा इस्माइल, 18 वर्षीय</strong><br /> <br /> सरकार के इस प्रयास से महिलाओं के जीवन में कोई विशेष बदलाव नहीं आएगा। इसके प्रभावी होने पर भी वह संदेह जाहिर करती हैं। मौजूदा व्यवस्था भी बाल विवाह पर पूरी तरह रोक नहीं लगा पाई है। क्या सिर्फ  उम्र बढ़ने से सब कुछ ठीक हो जाएगा। लड़कियों को समाज में उनके बराबरी के अधिकार मिल जाएंगे। शादी की सही उम्र क्या हो इसपर विचार करने से ज्यादा जरूरी है कि विवाह के बाद हो रहे अत्याचारों को रोका कैसे जाए उस पर विचार विमर्श हो। - <strong>अंशिता और प्रसिद्धि </strong> <br /> <br /> सरकार का फैसला सही है। 21 साल की उम्र में लड़कियां अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक सजग होगी। आज के समय में पुरुषों और महिलाओं को विवाह में समान अधिकारों की आवश्यकता है।- <strong>माशा आफरीन, 21 वर्षीय</strong> <br /> <br /> यह पहल लड़के और लड़कियों को समान अवसर देगा। इसके साथ ही ये रूढ़िवादिता भी समाप्त हो जाएगी कि शादी के लिए लड़कियों की उम्र कम होनी चाहिए, जिससे वह दबकर रहें। - <strong>तूलिका, 23 वर्षीय</strong><br /> <br /> <strong>डॉक्टर की राय</strong><br /> 22 से 28 वर्ष की उम्र मां बनने के लिए आदर्श उम्र है। जल्दी गर्भधारण से समय पूर्व प्रसव, शिशु के कम वजन, मातृ एवं शिशु मृत्यु में बढ़ोतरी होती है। कम उम्र में उनके हड्डियों की डेंसिटी भी सही नहीं होती। - <strong>चारुल मित्तल, रेजीडेंट डॉक्टर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Dec 2021 15:40:46 +0530</pubDate>
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                <title>अभियान में काम के निस्तारण में अब नहीं होगी देरी, जोधपुर और अजमेर विकास प्राधिकरण की स्थानीय कमेटी को दिए अधिकार</title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासन शहरों के संग अभियान में अब प्रकरणों का स्थानीय स्तर पर ही समाधान हो सकेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80--%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2761"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/prashashan-sshahro_ganvo-ke-sang-abhiyan_gehlot.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रशासन शहरों के संग अभियान में अब प्रकरणों का स्थानीय स्तर पर ही समाधान हो सकेगा। राज्य सरकार ने जोधपुर और अजमेर विकास प्राधिकरण की स्थानीय कमेटी को अधिकार दिए है।<br /> <br /> यूडीएच ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार जोधपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम की धारा 89 एवं अजमेर विकास प्राधिकरण अधिनियम की धारा 89 के तहत् प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के अंतर्गत जोधपुर एवं अजमेर विकास प्राधिकरण में शक्तियों का प्रत्यायोजन जोन स्तरीय समिति को निम्नानुसार किया जाता है, जिसमें जोन स्तरीय कमेटी का गठन संबंधित जोन उपायुक्त, उप / सहायक नगर नियोजक, तहसीलदार, संयोजक सदस्य सचिव, संबंधित सहायक / अधिशाषी अभियन्ता को शामिल किया गया है।<br /> <strong><br /> ये हो सकेंगे काम:</strong><br /> -- दिनांक 17.06.1999 से पूर्व सर्जित आवासीय योजनाओं के ले-आउट प्लान का अनुमोदन।<br /> <br /> -- 3000 वर्गगज तक के क्षेत्रफल के भूखण्डों का पुनर्गठन एवं उपविभाजन 3. अनुमोदित योजनाओं में संशोधित ले-आउट प्लान अनुमोदन<br /> <br /> -- 2500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक के भूखण्डों पर भवन मानचित्र (प्लिंथ / स्टिल्ट +18 मीटर ऊंचाई तक के भवन ) अनुमोदन।<br /> <br /> -- गृह निर्माण सहकारी समिति / खातेदारों की भूमियों पर बसी योजनाओं का नियमन 6. अभियान अवधि के दौरान जोन स्तरीय समिति के निर्णयों पर आपत्ति / शिकायत प्राप्त होने पर उन निर्णयों की समीक्षा संबंधित प्राधिकरण के सचिव द्वारा की जायेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Nov 2021 17:50:09 +0530</pubDate>
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