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                <title>RuralDevelopment - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>RuralDevelopment RSS Feed</description>
                
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                <title>बजट में ‘धुरंधर’ खेत खलिहान: औषधीय खेती करने वाले किसान, हर वर्ग के लिए लक्षित योजनाएं तैयार की, किसानों को एआई से मिलेगी नई ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[बजट में कृषि एआई, पीएम-किसान यथावत, आयुष्मान भारत, ग्रामीण सड़कों, आवास और खाद्य सुरक्षा योजनाओं को मजबूत किया गया, विशेष फसलों को वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखा गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-the-budget-dhurandhar-targeted-schemes-prepared-for-every-section/article-141645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार बजट में धुरंधर खेत खलिहान की सोच पर बड़ा दांव लगाया है। बहु भाषीय एआई टूल किसानों की उत्पादकता को बढ़ाएगा और विशिष्ट सलाह प्रदान करके किसानों को बेहतर निर्णय लेने और जोखिम को कम करने में मदद करेगा। सीतारमण ने साफ संकेत दिया कि चाहे तटवर्ती काजू नारियल किसान हों, पहाड़ी इलाकों के खुमानी अखरोट बादाम उत्पादक हों या औषधीय खेती करने वाले किसान, हर वर्ग के लिए लक्षित योजनाएं तैयार की गई हैं। बजट के अनुसार, भारत अब अपनी विशेष फसलों को वैश्विक बाजर में प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करने पर काम करेगा। </p>
<p>किसानों के लिए चल रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का बजट 63,500 करोड़ रुपए रखा गया है, जो पिछले साल के बराबर है। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को सीधे खाते में किस्त मिलती है। जिससे बीज, खाद और खेती के खर्च में मदद होती है। </p>
<p>स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 9,500 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। पिछले साल यह 9,401 करोड़ थाए जो रिवाइज्ड अनुमान में घटकर 8,995 करोड़ रह गया था। इस स्कीम से गरीब और कमजोर परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है, खासकर बड़े अस्पतालों में महंगे इलाज के दौरान।</p>
<p><strong>पीएमजीएसवाई के लिए 19,000 करोड़ रुपए का आवंटन</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के लिए बजट में  वर्ष 2026-27 का आवंटन 19,000 करोड़ रुपए रखा गया है, जो 2025-26 के बराबर ही है। हालांकि, संशोधित अनुमान के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में इस पर खर्च 11,000 करोड़ रुपए हुआ था। वहीं दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्टÑीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2026-27 का आवंटन बढ़ाकर 19,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है, पिछले साल यह राशि 19,005 करोड़ रुपये थी, जबकि संशोधित अनुमान के मुताबिक 16,000 करोड़ रुपए खर्च हुए। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के लिए इस साल 54,916.70 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं, पिछले बजट में यह राशि 54,832.00 करोड़ रुपए थी और संशोधित अनुमान में खर्च 32,500.01 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।</p>
<p><strong>पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को 2,27,429 करोड़ रुपए</strong></p>
<p>खाद्य सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पर 2,27,429 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, पिछले साल 2,03,000 करोड़ का बजट था, जो संशोधित अनुमान में बढ़कर 2,27,753.65 करोड़ हो गया था। इस योजना से करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त या सस्ता राशन मिलता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-the-budget-dhurandhar-targeted-schemes-prepared-for-every-section/article-141645</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 11:38:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वीबी-ग्राम योजना पर शिवराज सिहं चौहान का विपक्ष पर तीखा हमला, बोलें कांग्रेस सिर्फ विरोध की कर रही राजनीति</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीबी-ग्राम योजना पर कांग्रेस के विरोध को राजनीति बताया। कहा, केंद्र की योजनाएं किसानों और गरीबों के जीवन में बदलाव ला रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/shivraj-singh-chouhans-sharp-attack-on-the-opposition-congress-is/article-141410"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>रायपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत ग्राम योजना (वीबी-जी राम जी) को लेकर कांग्रेस के विरोध पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति केवल विरोध तक सीमित रह गई है, जबकि केंद्र सरकार की योजनाएं गरीब, मजदूर और किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।</p>
<p>अपने एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के अंदरूनी हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले काका-बाबा की लड़ाई होती थी, अब अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री आमने-सामने हैं, जिसका खामियाजा कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि मनरेगा के तहत रोजगार के अवसरों को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका को मजबूती मिल सके। इसके आगे उन्होंने कहा कि विकसित भारत ग्राम योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर विकास की योजना तैयार होगी और हर राशि का उपयोग गांव के समग्र विकास में किया जाएगा। उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर और विकसित बनाना है।</p>
<p>शिवराज सिंह चौहान रायपुर हवाईअड्डा पहुंचने के बाद दुर्ग के लिए रवाना हुए, जहां वे किसान मेले में शामिल होंगे। इसके साथ ही ग्राम गिरहोला और खपरी में कृषि फार्म का भ्रमण कर किसानों से संवाद करेंगे और पौधरोपण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। 31 जनवरी को राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम के साथ उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है। बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा तथा केंद्र-राज्य समन्वय से नई कार्ययोजना पर चर्चा होगी।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। राज्य में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं और उनका निर्माण कार्य तेजी से जारी है। शिवराज सिंह चौहान ने आगामी केंद्रीय बजट को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में बजट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और विकास को नई गति देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/shivraj-singh-chouhans-sharp-attack-on-the-opposition-congress-is/article-141410</link>
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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 12:54:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आर्थिक सर्वेक्षण: वित्त मंत्री ने कहा, सड़कों तथा पेयजल सहित ग्रामीण आधारभूत ढांचे में जबर्दस्त प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार ग्रामीण सड़कों, आवास, पेयजल और डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़ी प्रगति हुई, जिससे गांवों में जीवन स्तर और सुविधाएं बेहतर हुईं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/economic-survey-finance-minister-said-tremendous-progress-in-rural-infrastructure/article-141244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(18).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वर्ष 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि देश में सड़कें, आवास, स्वच्छ पेयजल कनेक्शन और डिजिटल संपर्क सहित कई अन्य क्षेत्रों में ग्रामीण आधारभूत ढांचे में जबर्दस्त प्रगति हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गुरुवार को संसद में पेश इस सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) प्रथम में 99.6 प्रतिशत से अधिक पात्र घरों को संपर्क सुविधा प्रदान कर योजना के द्वितीय चरण में 6,664 सड़कों पर 49,791 किलोमीटर का निर्माण और 759 पुलों का कार्य पूरा हुआ है और अब तीसरे चरण की योजना अपने पूर्ण होने के अग्रिम चरण पर है। सभी के लिए आवास योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण क्रियान्वित की जा रही है और गत 11 वर्षों में 3.70 करोड़ आवासों के निर्माण का काम पूरा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में 'हर घर जल' की महत्वकांक्षी योजना में जल जीवन मिशन के तहत 15.74 करोड़ यानी 81.31 प्रतिशत घरों को इसके दायरे में लाया गया है। स्वामित्व योजना के तहत लक्षित लगभग 3.44 लाख गांवों के मुकाबले 3.28 लाख गांवों का ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है।</p>
<p>सर्वेक्षण में कहा गया है कि 25 दिसम्बर 2000 को पीएमजीएसवाई-प्रथम की शुरुआत हुई थी जिसका प्राथमिक उद्देश्य 2001 की जनगणना के अनुसार मैदानी क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में 500 व्यक्ति या उससे अधिक और पूर्वोत्तर तथा पवर्तीय क्षेत्रों में 250 व्यक्ति या उससे अधिक की बिना संपर्क पात्र आबादी को सभी मौसम के अनुकूल सड़क सुविधा से जोडऩा है और योजना के तहत इस साल 15 जनवरी तक 99.6 प्रतिशत पात्र आवासों तक यह संपर्क सुविधा प्रदान करा दी गई है। इसके अलावा 1,64,581 सड़कों और 7,453 पुलों की मंजूरी दी गई है तथा 63,665 सड़कों (6,25,117 किमी) और 7,210 पुलों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। योजना का दूसरा चरण 2013 में शुरू हुआ जिसमें 6,664 सड़कों (49,791 किमी) और 759 पुलों को मंजूरी दी गई और गत 15 जनवरी तक 6,612 सड़कों (49,087 किमी) और 749 पुलों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।</p>
<p>वित्त मंत्री द्वारा पेश सर्वेक्षण के अनुसार बड़े ग्रामीण क्षेत्रों के पर्यावासों, ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्चतर माध्यमिक स्कूलों तक संपर्क सुविधा प्रदान करने के लिए 1,25,000 किलोमीटर लंबे मार्गों के निर्माण के लिए जुलाई 2019 में पीएमजीएसवाई के तीसरे चरण को मंजूरी दी थी और इस योजना के तहत 15,965 सड़कों (1,22,363 किलोमीटर) और 3,211 पुलों को मंजूरी दी गई थी और 15 जनवरी 2026 तक 12,699 सड़कों (1,02,926 किलोमीटर) तथा 734 पुलों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया।</p>
<p>ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ जल आपूर्ति को लेकर कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 'हर घर जल' के महत्वकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार राज्यों के सहयोग से अगस्त 2019 से जल जीवन मिशन योजना लागू कर रही है। योजना की शुरुआत में केवल 3.23 करोड़ (17 प्रतिशत) ग्रामीण आवासों के पास स्वच्छ पेयजल की सुविधा थी और 20 नवम्बर 2025 तक इसके दायरे में 12.50 करोड़ से अधिक आवासों को लाया गया। योजना के दायरे में शामिल आवासों की संख्या बढ़कर 15.74 करोड़ (81.30 प्रतिशत) हो गई, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर रहा है।</p>
<p>सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण तकनीक समावेशी विकास के लिए अत्याधुनिक मोबाईल फोन, सैटेलाइट इंटरनेट और कृषि के क्षेत्र में डिजिटल उपकरणों जैसे नवाचार 'डिजिटल क्षेत्र' के अंतराल को कम कर कर रहे हैं और दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। दिसंबर 2025 तक, स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन समीक्षा लगभग 3.44 लाख अधिसूचित गांवों के लक्ष्य के मुकाबले 3.28 लाख गांवों में पूर्ण किया जा चुका है। लगभग 1.82 लाख गांवों के लिए 2.76 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं। वर्ष 2023-24 के दौरान, अग्रणी उर्वरक कंपनियों ने अपने स्वयं के संसाधनों से स्वयं सहायता समूहों की ड्रोन दीदियों को 1,094 ड्रोन वितरित किए, जिनमें से नमो ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत 500 ड्रोन प्रदान किए गए। इसके साथ ही डिजिटल भारत भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसके तहत वित्त वर्ष 2008 से ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि के रिकॉर्ड के कम्प्यूटरीकरण और डिजिटलीकरण को क्रियान्वित कर रही है। राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में कुल उपलब्ध भूमि रिकॉर्डों का 99.8 प्रतिशत मालिकाना रिकॉर्ड डिजिटलीकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 18:15:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आर्थिक सर्वेक्षण: निर्मला सीतारमण ने कहा, वीबी-जी राम जी अधिनियम 2047 के विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप </title>
                                    <description><![CDATA[आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में मनरेगा की कमियां गिनाते हुए वीबी-जी-राम-जी अधिनियम लागू करने की बात कही गई। नया कानून ग्रामीण रोजगार को विकसित भारत 2047 से जोड़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/economic-survey-nirmala-sitharaman-said-vb-g-is-in-line-with/article-141229"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(15)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में खामियां बताते हुए कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रगति के परिप्रेक्ष्य में योजना के पुनर्मूल्यांकन के बाद इसे व्यापक व्यावहारिकता प्रदान करने के लिए विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) अधिनियम लाया गया है जो ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम में विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप है।</p>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गुरुवार को संसद में पेश सर्वेक्षण में कहा गया है कि 2005 से मनरेगा को जब से लागू किया गया है, तब से इसमें दैनिक मजदूरी से ग्रामीण क्षेत्रों में आमदनी बढ़ाने और आधारभूत संरचना का सृजन करते हुए ग्रामीण परिवारों के अकुशल कार्य के लिए कम से कम 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया गया।</p>
<p>सर्वेक्षण में कहा गया है कि समय के साथ-साथ आमदनी में वृद्धि, संपर्क का विस्तार, व्यापक रूप से डिजिटल पहुंच और आजीविका की उपलब्धता ने ग्रामीण रोजगार जरूरतों की प्रकृति में बदलाव आया है और यह योजना की उपलब्धियों और इसके डिजाइन तथा उद्देश्य के पुन: मूल्यांकन की जरूरतों पर बल देता है। वर्षों से प्रशासनिक और प्रौद्योगिकी सुधारों के परिणामस्वरूप इस योजना के कार्यान्वयन का विस्तार हुआ है और इसे उल्लेखनीय भागीदारी, पारदर्शिता और डिजिटल शासन के रूप में देखा जा सकता है। </p>
<p>सर्वेक्षण में कहा गया है कि मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी वित्त वर्ष 2014-15 में 48 प्रतिशत थी वह वित्त वर्ष 2025-26 में 58.1 प्रतिशत हो गयी। आधार आधारित भुगतान प्रणाली को व्यापक रूप से अपनाया गया और इलेक्ट्रॉनिक दैनिक मजदूरी सबके लिए एक जैसी हो गयी। जीओ टैग संसाधनों के व्यापक विस्तार और पारिवारिक स्तर पर व्यक्तिगत संसाधनों में वृद्धि के साथ कार्यों की निगरानी में सुधार हुआ है। क्षेत्र स्तरीय कर्मचारियों ने सीमित संसाधनों में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहण किया।</p>
<p>इसके साथ मनरेगा के कार्यान्वयन के दौरान अनेक राज्यों में निगरानी से जमीनी स्तर पर कार्यों का न होना, कार्य की प्रगति के लिए हुए खर्चे का मिलान न होना, गहन श्रमिक कार्य में मशीनों का उपयोग और डिजिटल उपस्थिति प्रणाली का लगातार उपयोग न करना जैसी खामियां उजागर हुई हैं। </p>
<p>मनरेगा की इन कमियों को देखते हुए सरकार ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 को लागू किया, जिसे वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 कहा जाता है। यह अधिनियम मनरेगा को व्यापक रूप से कानूनी वैधता प्रदान करता है, जो ग्रामीण रोजगार को विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण से जोडऩे का काम करता है और जवाबदेही और आय सुरक्षा को सुनिश्चित करता है। वीबी जी राम जी अधिनियम, 2025 भारत की ग्रामीण रोजगार नीति में निर्णायक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है। नया अधिनियम ने पूर्व की कमियों को दूर करते हुए आधुनिक जिम्मेदार और अवसंरचना केंद्रित ढांचे का निर्माण किया है।</p>
<p>सर्वेक्षण के अनुसार इस अधिनियम की विशेषता है कि इसमें पारिश्रमिक का भुगतान साप्ताहिक रूप में होगा या कार्य के समाप्त होने या 15 दिन पर किया जाएगा। समय पर मजदूरी का इस तरह से भुगतान मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करता है और मनरेगा के तहत उनकी भागीदारी में जो कमी देखी गयी थी, वह दूर होगा।</p>
<p>मनरेगा कार्य सीमित संसाधनों के बावजूद क्षेत्रीय स्तर के कामगार की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देते हुए वीबी-जी-राम-जी प्रशासनिक व्यय की सीमा को कुल व्यय का छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत करके कामगारों की मदद करके प्रशिक्षण, पारिश्रमिक और तकनीकी क्षमताओं के बल पर विकसित भारत जी-राम-जी ग्रामीण प्रशासनिक क्षमता को बढ़ता है। यह बदलाव योजना में सुधार, कार्यान्वयन और सेवा में सभी स्तरों पर जिम्मेवारी को बढ़ावा देता है।</p>
<p>वीबी-जी-राम-जी के अंतर्गत योजनायें विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से स्थानीय वास्तविकताओं को आधार बनाकर तैयार की गयी हैं, जो स्थानीय रूप से राष्ट्रीय प्रणाली के तहत एकीकृत हैं, जैसे पीएम गति-शक्ति। इस अधिनियम में ग्राम पंचायत निरंतर केंद्रीय भूमिका का निर्वहन करेगा। यह कम से कम आधे कार्यों को लागू करता है। भागीदारी योजना ग्रामीण विकास को सुनिश्चित करते हुए समुदाय की जरूरतों के प्रति उत्तरदायी है।</p>
<p>सर्वेक्षण के अनुसार सभी संपत्तियों का सृजन वीबी-जी-राम-जी के अंतर्गत किया जाएगा, जो एकीकृत और समन्वित विकास की रणनीति को सुनिश्चित करता है। इसमें स्थानीय कार्य को बड़ी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को रखा गया है। यह अधिनियम ग्रामीण आजीविका की सुविधा को मजबूत करता है और दीर्घकालिक एवं रणनीतिक अवसंरचना निर्माण को गति देता है।</p>
<p>यह अधिनियम पूरी प्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदारी का विस्तार करता है। इसमें केंद्र सरकार को अधिकार है कि वह शिकायतों की जांच करे, मामलों में गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए धन आवंटन को रोक दे और उन उपायों को लागू करे, जो अधिनियम को कार्यान्वित करने के लिए आवश्यक हैं। समय पर निगरानी से डिजिटल शासन मजबूत होगा। जीपीएस के माध्यम से कार्यों की निगरानी, एमआईएस डेसबोर्ड और साप्ताहिक आधार पर सूचना प्रदान की जायेगी। हर छह महीने में सामाजिक अंकेक्षण अनिवार्य है। केंद्र और राज्य की स्थायी समितियां इस पर निरंतर नजर रखेंगी।</p>
<p>इस अधिनियम की वित्तीय संरचना भविष्य के लिए कोष सुनिश्चित करता है, जबकि राज्यों पर अवांछित बोझ को कम करता है। आपदा के दौरान इन राज्यों को वित्तीय और अतिरिक्त सहायता भी मुहैया कराएगा और सतत वित्तीय ढांचा मुहैया कराएगा। मजबूत अंतरदृष्टि और जिम्मेवारी से भविष्य के जोखिम कम होंगे, जिससे सार्वजनिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग संभव हो पाएगा।     </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 16:20:49 +0530</pubDate>
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