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                <title>सर्वानंद सोनोवाल ने कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण में विकसित भारत के लक्ष्य परिलक्षित</title>
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                        <![CDATA[राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा में मंत्री सोनोवाल ने विकसित, आत्मनिर्भर भारत, आर्थिक प्रगति, महंगाई नियंत्रण और पूर्वोत्तर के चहुंमुखी विकास को मोदी सरकार की उपलब्धि बताया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sarbananda-sonowal-said-the-presidents-address-reflected-the-goals-of/article-141732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(18).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर सोमवार को चर्चा की शुरुआत करते हुए केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि इसमें विकसित भारत के लक्ष्य स्पष्ट रूप से परिलक्षित होते हैं।</p>
<p>सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि अभिभाषण में विकास के लक्ष्यों का समग्रता से समावेश किया गया है। इसमें दलित, युवा, आदिवासियों और महिलाओं के विकास की ओर पर्याप्त ध्यान दिया गया है। इसमें आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की रूपरेखा का उल्लेख किया गया है। यह लक्ष्य उद्देश्य और आदर्शों को प्राप्त करने  वाले हैं। उन्होंने कहा कि देश वर्ष 2014 से लगातार विकास पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रहित के लिए किये जा रहे कार्यों का अभिभाषण में स्पष्ट उल्लेख है। उन्होंने कहा कि निरन्तर देश का सामाजिक और आर्थिक विकास किया जा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गयी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में महंगाई नौ प्रतिशत थी जो अब 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गयी है। डिजिटल मामलों में देश इतना आगे बढ़ गया है कि जितने लेन-देन पूरे विश्व में होते हैं, उससे अधिक लेन-देन सिर्फ देश में ही होते हैं। देश में गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की व्यवस्था शुरू की गयी है। नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में अनेक कार्य किये गये हैं, इस तरह के प्रयास संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के कार्यकाल में कभी नहीं देखे गये। </p>
<p>सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पूर्वोत्तर क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से प्रगति कर रहा है। वर्तमान में पूर्वोत्तर का चहुंमुखी विकास हो रहा है। संप्रग सरकार के कार्यकाल में असम की ओर देखा भी नहीं जा रहा था। प्रधानमंत्री  पूर्वोत्तर के विकास को लेकर कितने गंभीर है, यह इसी से समझा जा सकता है कि वह 70 बार पूर्वोत्तर का भ्रमण कर चुके हैं।</p>
<p>उन्होंने विपक्ष के सदस्यों से आग्रह किया कि वह सत्ता पक्ष के साथ मिलकर देश के विकास में सहयोग दें। भारतीय जनता पार्टी के तेजस्वी सूर्या ने चर्चा में शामिल होते हुए संप्रग सरकार के 2004 से 2014 के अभिभाषणों का उल्लेख किया और कहा कि उसमें विकसित भारत की चर्चा तक नहीं की गयी। उन्होंने कहा कि अस्थिर वैश्विक अर्थव्यवस्था के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के कार्यकाल में आतंकवाद और नक्सलवाद की घटनायें आये दिन होती रहती थीं, लेकिन अब आतंकवादी घटनाओं का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद की समस्या खात्मे की ओर है। नक्सली समस्या अब मात्र तीन जिलों तक ही सीमित रह गयी है। सूर्या ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में चहुंमुखी विकास हो रहा है। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 18:23:48 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>बजट 2026-27 : व्यक्तिगत आयकर की दरों में राहत नहीं, सामाजिक कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाना सरकार का लक्ष्य; पढ़ें बजट पर क्या-क्या बोली वित्त मंत्री ?</title>
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                        <![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश किया। पूंजीगत व्यय बढ़ा, राजकोषीय घाटा नियंत्रित रखा, विनिर्माण व अवसंरचना से विकास और रोजगार सृजन पर जोर दिया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-no-relief-in-personal-income-tax-rates-governments/article-141604"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 53,47,315 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जिसमें अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों के मुकाबले के लिए मजबूत करने के साथ-साथ विकसित भारत की ओर अग्रसर करने के लिए विनिर्माण, आर्थिक और सामाजिक अवसंरचना विकास के लिए 17,14,523 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>बजट में व्यक्तिगत आयकर की दरों में कोई राहत नहीं दी गयी है, लेकिन उद्योगों पर न्यूनतम वैकल्पिक आयकर (मैट) की दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है। बजट में निवेशकों और आयातकों के लिए प्रक्रिया और अनुपालन आसान बनाने के विस्तृत उपायों की घोषणा की गयी है। </p>
<p>वित्त मंत्री ने एक घंटे 25 मिनट के अपने भाषण में बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाने के बावजूद राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 4.5 प्रतिशत की तुलना में 4.4 प्रतिशत रहा है। </p>
<p>वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गयी और एक समय बीएसई का सेंसेक्स 2300 अंक तक लुढ़क गया था लेकिन बाद में इसने काफी हद तक वापसी की। वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष से ऋण को जीडीपी की तुलना में सीमित करने की योजना के तहत ऋण-जीडीपी अनुपात को 2030-31 तक 50 प्रतिशत के आसपास रखने का लक्ष्य रखा है जिसके 2026-27 में 55.6 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी कर्ज कम होने से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए ऋण का उपलब्धता बढ़ेगी, सरकार पर ब्याज भुगतान कम होगा और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। </p>
<p>वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने की घोषणा की और कहा कि केंद्र की विभाज्य प्राप्तियों में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की वृद्धि दर सात प्रतिशत के दायरे में बनी हुई है जिससे सरकार विकास और कल्याण के लिए संसाधनों को जुटाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व बाजार से जुड़े रहना है ताकि देश निर्यात बाजार और विदेशी पूंजी तथा प्रौद्योगिकी का लाभ हासिल करता रहे। </p>
<p>उन्होंने सरकार में विश्वास बनाये रखने के लिए जनता का आभार व्यक्त करते हुए कि हमारा लक्ष्य लोगों की आकांक्षाओं को मूर्त रूप देना है और आर्थिक वृद्धि को युवाओं, किसानों, गरीबों, महिलाओं और समाज के अन्य जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचाना है। </p>
<p>केंद्र सरकार के नये कार्यालय क्षेत्र कर्तव्य भवन में तैयार इस पहले बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इसे युवाओं से प्रेरित बताया और कहा कि इस बजट को तैयार करने में जनता से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त हुए। उन्होंने इस बजट को सरकार के तीन कर्तव्यों पर केंद्रित बजट बताते हुए कहा कि सरकार का पहला कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को बढ़ाना, दूसरा कर्तव्य आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लोगों को समर्थ बनाना और तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के अनुरूप सामाजिक कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाना है। </p>
<p>वित्त मंत्री ने नीतियों और कार्यक्रमों में सुधार की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि गत अगस्त में प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन के बाद से वस्तु एवं सेवा कर सहित 350 से अधिक सुधारों को लागू किया जा चुका है। उन्होंने आर्थिक वृद्धि को तेज करने के लिए बायो फार्मा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, दुर्लभ खनिजों और कपड़ा जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए नयी पहलों की घोषणा की। </p>
<p>उन्होंने 200 से अधिक पारंपरिक औद्योगिक संकुलों को पुनर्जीवित करने और चार नये आर्थिक क्षेत्रों के विकास का भी प्रस्ताव किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूंजीगत वस्तुओं के निर्माण में क्षमता निर्माण के लिए सार्वजनिक उपक्रमों की सहायता से दो स्थानों पर हाईटेक टूल रूम का निर्माण किया जायेगा जो कम लागत पर हाई प्रीसीजन कंपोनेंट का डिजाइन, परीक्षण और विनिर्माण करेंगे। विनिर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए उपकरण निर्माण के लिए भी एक योजना की घोषणा की गयी। </p>
<p>वित्त मंत्री ने टीयर-2 और 3 शहरों में अवसंरचना क्षेत्र के विकास के लिए पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत के बीच नया माल परिवहन गलियारा और बनारस और पटना में घरेलू जलमार्गों के लिए पोत निर्माण की सुविधाओं की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने बिजली, इस्पात, एल्युमीनियम, कपड़ा जैसे क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए दो हजार करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया। </p>
<p>बजट में नयी राष्ट्रीय फाइबर योजना शुरू करने, हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के लिए समस्त योजना का विस्तार तथा खादी ग्रामोद्योग के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना की घोषणा की गयी है। उन्होंने सूक्ष्म लघु और मझौले क्षेत्र के लिए वित्तपोषण को सरल और सुलभ बनाने के कई पहलों की घोषणा की है। बैंकिंग क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की गयी है। इसमें पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और ग्रामीण विद्युत निगम के पुनर्गठन का भी प्रस्ताव है। </p>
<p>नगर निगमों को विकास के लिए धन जुटाने में मदद के लिए 1,000 करोड़ रुपये तक के म्युनिसिपल बॉन्ड निर्गम पर 100 करोड़ रुपये प्रोत्साहन के रूप में देने की घोषणा की गयी है। दो सौ करोड़ रुपये तक के ऐसे निर्गमों के लिए प्रोत्साहन की वर्तमान योजना जारी रहेगी। </p>
<p>उन्होंने दूसरे कर्तव्य के तहत सेवा क्षेत्र को नया आयाम देने की पहलों की घोषणा की जिसमें शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा सेवा, पशु चिकित्सा, बड़े महानगरों के समीप पांच नये यूनिवर्सिटी टाउनशिप, गणित और विज्ञान पढऩे वाली छात्राओं के लिए हर जिले में एक छात्रावास, खगोल विज्ञान के लिए नयी वेधशालाओं की स्थापना, गाइडों के प्रशिक्षण के लिए 20 जगह केंद्र बनाने, डिजिटल नॉलेज गृह और 50 पुरातात्विक स्थलों के विकास और संवर्धन जैसी पहलों की घोषणा की।</p>
<p>तीसरे कर्तव्य के तहत महिलाओं, किसानों, दिव्यांग जनों और अन्य वंचित वर्गों के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए विभिन्न पहलों की घोषणा की। मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए उत्तर भारत में एक नया निमहांस संस्थान स्थापित करने तथा रांची और तेजपुर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में अपग्रेड करने का प्रस्ताव किया।</p>
<p>बजट में 50 प्रतिशत जिला अस्पतालों में आपात चिकित्सा तथा ट्रॉमा केंद्रों की सुविधाएं स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। दिव्यांग सहारा योजना के तहत बजट में भारतीय कृत्रिम मानवअंग विनिर्माण निगम को अपनी विनिर्माण सुविधाओं के विस्तार और अनुसंधान तथा विकास के लिए सहायता दी जायेगी। वित्त मंत्री सीतारमण ने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए योजना की घोषणा की।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 17:30:25 +0530</pubDate>
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                <title>आर्थिक सर्वेक्षण: वित्त मंत्री ने कहा, सड़कों तथा पेयजल सहित ग्रामीण आधारभूत ढांचे में जबर्दस्त प्रगति</title>
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                        <![CDATA[आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार ग्रामीण सड़कों, आवास, पेयजल और डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़ी प्रगति हुई, जिससे गांवों में जीवन स्तर और सुविधाएं बेहतर हुईं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/economic-survey-finance-minister-said-tremendous-progress-in-rural-infrastructure/article-141244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(18).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वर्ष 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि देश में सड़कें, आवास, स्वच्छ पेयजल कनेक्शन और डिजिटल संपर्क सहित कई अन्य क्षेत्रों में ग्रामीण आधारभूत ढांचे में जबर्दस्त प्रगति हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गुरुवार को संसद में पेश इस सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) प्रथम में 99.6 प्रतिशत से अधिक पात्र घरों को संपर्क सुविधा प्रदान कर योजना के द्वितीय चरण में 6,664 सड़कों पर 49,791 किलोमीटर का निर्माण और 759 पुलों का कार्य पूरा हुआ है और अब तीसरे चरण की योजना अपने पूर्ण होने के अग्रिम चरण पर है। सभी के लिए आवास योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण क्रियान्वित की जा रही है और गत 11 वर्षों में 3.70 करोड़ आवासों के निर्माण का काम पूरा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में 'हर घर जल' की महत्वकांक्षी योजना में जल जीवन मिशन के तहत 15.74 करोड़ यानी 81.31 प्रतिशत घरों को इसके दायरे में लाया गया है। स्वामित्व योजना के तहत लक्षित लगभग 3.44 लाख गांवों के मुकाबले 3.28 लाख गांवों का ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है।</p>
<p>सर्वेक्षण में कहा गया है कि 25 दिसम्बर 2000 को पीएमजीएसवाई-प्रथम की शुरुआत हुई थी जिसका प्राथमिक उद्देश्य 2001 की जनगणना के अनुसार मैदानी क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में 500 व्यक्ति या उससे अधिक और पूर्वोत्तर तथा पवर्तीय क्षेत्रों में 250 व्यक्ति या उससे अधिक की बिना संपर्क पात्र आबादी को सभी मौसम के अनुकूल सड़क सुविधा से जोडऩा है और योजना के तहत इस साल 15 जनवरी तक 99.6 प्रतिशत पात्र आवासों तक यह संपर्क सुविधा प्रदान करा दी गई है। इसके अलावा 1,64,581 सड़कों और 7,453 पुलों की मंजूरी दी गई है तथा 63,665 सड़कों (6,25,117 किमी) और 7,210 पुलों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। योजना का दूसरा चरण 2013 में शुरू हुआ जिसमें 6,664 सड़कों (49,791 किमी) और 759 पुलों को मंजूरी दी गई और गत 15 जनवरी तक 6,612 सड़कों (49,087 किमी) और 749 पुलों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।</p>
<p>वित्त मंत्री द्वारा पेश सर्वेक्षण के अनुसार बड़े ग्रामीण क्षेत्रों के पर्यावासों, ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्चतर माध्यमिक स्कूलों तक संपर्क सुविधा प्रदान करने के लिए 1,25,000 किलोमीटर लंबे मार्गों के निर्माण के लिए जुलाई 2019 में पीएमजीएसवाई के तीसरे चरण को मंजूरी दी थी और इस योजना के तहत 15,965 सड़कों (1,22,363 किलोमीटर) और 3,211 पुलों को मंजूरी दी गई थी और 15 जनवरी 2026 तक 12,699 सड़कों (1,02,926 किलोमीटर) तथा 734 पुलों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया।</p>
<p>ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ जल आपूर्ति को लेकर कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 'हर घर जल' के महत्वकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार राज्यों के सहयोग से अगस्त 2019 से जल जीवन मिशन योजना लागू कर रही है। योजना की शुरुआत में केवल 3.23 करोड़ (17 प्रतिशत) ग्रामीण आवासों के पास स्वच्छ पेयजल की सुविधा थी और 20 नवम्बर 2025 तक इसके दायरे में 12.50 करोड़ से अधिक आवासों को लाया गया। योजना के दायरे में शामिल आवासों की संख्या बढ़कर 15.74 करोड़ (81.30 प्रतिशत) हो गई, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर रहा है।</p>
<p>सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण तकनीक समावेशी विकास के लिए अत्याधुनिक मोबाईल फोन, सैटेलाइट इंटरनेट और कृषि के क्षेत्र में डिजिटल उपकरणों जैसे नवाचार 'डिजिटल क्षेत्र' के अंतराल को कम कर कर रहे हैं और दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। दिसंबर 2025 तक, स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन समीक्षा लगभग 3.44 लाख अधिसूचित गांवों के लक्ष्य के मुकाबले 3.28 लाख गांवों में पूर्ण किया जा चुका है। लगभग 1.82 लाख गांवों के लिए 2.76 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं। वर्ष 2023-24 के दौरान, अग्रणी उर्वरक कंपनियों ने अपने स्वयं के संसाधनों से स्वयं सहायता समूहों की ड्रोन दीदियों को 1,094 ड्रोन वितरित किए, जिनमें से नमो ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत 500 ड्रोन प्रदान किए गए। इसके साथ ही डिजिटल भारत भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसके तहत वित्त वर्ष 2008 से ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि के रिकॉर्ड के कम्प्यूटरीकरण और डिजिटलीकरण को क्रियान्वित कर रही है। राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में कुल उपलब्ध भूमि रिकॉर्डों का 99.8 प्रतिशत मालिकाना रिकॉर्ड डिजिटलीकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 18:15:55 +0530</pubDate>
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