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                            <item>
                <title>क्या हुआ: ट्रेलर कार में टक्कर, कार चालक को आई नींद की झपकी और छिन गई पांच लोगों की जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के चाकसू में कार और ट्रेलर की टक्कर में मध्य प्रदेश के पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गई। ड्राइवर को झपकी आने के कारण तेज रफ्तार कार ट्रेलर में जा घुसी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/what-happened-when-the-trailer-collided-with-the-car-the/article-143217"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)17.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चाकसू थाना इलाके में हुए भीषण ट्रेलर कार हादसे में महिला टीचर समेत पांच जनों की मौत हो गई। कार चालक को नींद की झपकी आने के कारण तेज रफ्तार कार ट्रेलर में पीछे से घुस गई। हादसा इतना भयंकर था कि कार बुरी तरक ट्रेलर में फंस गई। हादसे में मौत का शिकार हुए सभी जने मध्यप्रदेश के रहने वाले थे। इनमें एक महिला टीचर भी शामिल थीं। ये सभी जने उज्जैन में महाकाल के दर्शन करने के बाद खाटूश्यामजी सीकर के दर्शन करने लिए जा रहे थे। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्रेन की सहायता से दोनों वाहनों को साइड में खड़ा करवाया। हादसे में चार जनों रेशमा, पियूष राय, रजक  शानू की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर जाम लग गया। पुलिस ने किसी तरह शवों को बाहर निकाला और जाम को खुलवाया। </p>
<p><strong>सभी मृतक थे परिचित </strong></p>
<p>पुलिस ने बताया कि रेशमा चालक अनुराग, शानू और रजक समेत पियूष के साथ महाकाल के दर्शन करने के लिए आई थीं। 13 फरवरी को ये सभी दर्शन कर खाटूश्याम के लिए निकल गए। रजक अनुराग का दोस्त था और पियूष से जान-पहचान थी। हादसे में मौत का शिकार हुई रेशमा जबलपुर के रेलवे शासकीय स्कूल में सरकारी टीचर थीं। </p>
<p><strong>ये हुए मौत के शिकार</strong></p>
<p>पुलिस उपायुक्त दक्षिण राजर्षिराज ने बताया कि टिगरिया मोड बाईपास एनएच 52 पर ट्रक और कार में हुए भीषण हादसे में कार सवार शानु सुकरवार (25) पुत्र पप्पु सुकरवार निवासी इन्द्रा नगर केन्टोनमेल्टवार्ड केन्ट जबलपुर मध्य प्रदेश, रेश्मा श्रीवास्तव (54) पत्नी अखिलेश निवासी जद्दानगर जबलपुर मध्यप्रदेश, रजक राहुल (27) पुत्र बबलु रजक निवासी खेरमाई मंदिर के पास जबलपुर सिटी मध्य प्रदेश, पियूष राय (26) पुत्र राजेश राय निवासी नियर कंटगी बाईपास मदर टेरेसा शंकर नगर माडोताल जबलपुर मध्यप्रदेश और अनुराग रजक (24) पुत्र राजकुमार निवासी शंकर नगर करमेता कटेगी रोड खेरमाई मंदिर के पीछे न्यू वार्ड 73 जबलपुर सिटी जबलपुर मध्य प्रदेश की मौत हो गई। वहीं ट्रक चालक सत्यनारायण निवासी काछोला भीलवाडा को दस्तयाब कर सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन ट्रक एवं कार को जब्त कर लिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 09:47:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व शिक्षक दिवस विशेष : ज्ञान से ही प्राप्त होती है जीवन जीने की राह गुरु, कच्ची बस्ती के बच्चों को नि:शुल्क पढ़ा रहे </title>
                                    <description><![CDATA[ऐसे शिक्षक जो बच्चों को सिर्फ पढ़ाई नहीं कराते, बल्कि उनको जिंदगी जीने का सही तरीका भी सिखाते है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/world-teacher-s-day-special--the-path-to-life-is-found-only-through-the-knowledge-of-a-teacher/article-128890"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(2)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। विश्व शिक्षक दिवस पर शहर  के कुछ ऐसे शिक्षक जो कि विद्यार्थियों शिक्षा प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर उनका जीवन संवारने के लिए प्रयासरत है। वहीं भारतीय संस्कृति में जो स्थान गुरु को प्राप्त है वह माता-पिता और ईश्वर को भी नहीं है। मनुष्य के जन्मदाता चाहे माता-पिता ही है परंतु उसको जीवन जीने की राह गुरू ज्ञान से ही प्राप्त होती है। गुरु के अभाव में मनुष्य का जीवन अंधकारमय हो जाता है। शहर में कुछ ऐसे शिक्षक भी है जो शहर की कच्ची बस्ती में रहने वाले बच्चों को हर संभव प्रयास कर शिक्षा से जोड़ने का प्रयास कर रहे है। इसी कड़ी में शहर के कुछ ऐसे शिक्षक जो बच्चों को सिर्फ पढ़ाई नहीं कराते, बल्कि उनको जिंदगी जीने का सही तरीका भी सिखाते है। इसी कड़ी में हम आपको रूबरू करते है ऐसे शिक्षकों से। </p>
<p><strong>कच्ची बस्ती के बच्चों को नि:शुल्क पढ़ा रहे </strong><br />मेरे पिताजी जोधपुर में बस कंडक्टर थे और व बस में बैठने वाले प्रत्येक बच्चें की आर्थिक मदद किया करते थे। और पढ़ाई के लिए बच्चों को मोटिवेट करते थे। ये कहना है राजभंवर के संस्था के संचालकनर्ता महेंद्र सिंह का उन्होने बताय कि कच्ची बस्ती में रहने वाले व अभावकर्ता बच्चे जो कि शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते है उनको शिक्षा देने के लिए सन 2012 से नि:शुल्क शिक्षा देने की शुरूआत की। अभी शहर में करीब हमारे तीन से चार जगह पर नि:शुल्क शिक्षा देने के लिए पढ़ाई केंद्र चल रहे है। बच्चों को हम नि:शुल्क पाठ्यसामग्री देते है। साथ ही बच्चे के माता पिता को भी हम समय- समय पर बुलाकर शिक्षण गतिविधि दिखाते है। संचालनकर्ता सिंह ने बताया कि मेरे पिता कहते थे कि हमे ईश्वर ने सक्षम बनाया है तो हमारे अंदर कुछ ना कुछ देने का भाव होना चाहिए। इसी के चलते हम करीब एक लाख बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने का हमारा लक्ष्य है। </p>
<p><strong>इंजीनियरिंग की जॉब छोड़कर बच्चों को नि:शुल्क पढाÞ रहे</strong><br />शहर के रंगबाडी सर्किल के नजदीक कमजोर व गरीब तबके के बच्चों को अक्षय वैष्णव द्वारा की टीम द्वारा करीब 6 वर्ष से निरंतर  नि:शुल्क पढ़ाया जाता है। आदर्श विद्यार्थी सेवा के संचालन कर्ता ने बताया कि 7 दोस्तों के साथ मिलकर नि:शुल्क कोचिंग की शुरूआत की। अक्षय वैष्णव ने बताया कि जब मैंने देखा की प्रतिभावन बच्चे जो कि गरीबी कि वजह से महंगी कोचिंग की फीस जमा नहीं कर सकते हंै उनको देखकर हम दोस्तों के मन में ख्याल आया है कि क्यो ना कि शहर में इन बच्चों को पढ़ने के लिए नि:शुल्क कोचिंग की शुरूआत की जाएं तो तब जाकर संस्था की शुरूआत की। शुरूआत में हमने 9 वीं व 10 वीं के 300 विद्यार्थियों को नि:शुल्क पढ़ाये जाने का संकल्प लिया। अब तक संस्था करीब 2000 विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा दी जा चुकी हैं।  साथ ही संस्था द्वारा गाड़िया लुहार बस्तियों में जाकर बच्चों को पढ़ाने कार्य कर रही है और शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा रहा हैं। संस्था के संचालनकर्ता को दो बार जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। संचालनकर्ता ने बताया कि हमारे संस्था के विद्यार्थी यहां से पढ़ने के बाद विभिन्न उच्च संस्थानों मे नौकरी कर रहे है। </p>
<p><strong>एलईडी पर करा रहा शिक्षण कार्य</strong><br />शहर के राजकीय उच्च माध्यमिक विघालय सकतपुरा में पिछले साल दो स्मार्ट क्लास रूम बनाएं गए है। जिसमें पहले कक्षा एक से लेकर पांचवीं तक के बच्चों को एलईडी पर शिक्षक रामेश्वर नावर खाली क्लांश में बच्चों को कुछ ना कुछ गतिविधियां जरूर करते है। इसी के साथ दसवीं से लेकर बारहवीं तक के बच्चों को भी अध्यापक जगमोनह टीचरों का अभाव होने के बाद भी बच्चों को एलईडी को  शिक्षा प्रदान करने का कार्य बखूबी कर रहे । स्कूल की प्रिंसिपल अंजू सक्सेना ने बताया कि स्कूल में अध्यापकों का अभाव होने के बाद भी बच्चों को हम कलात्मक व रचनात्मक शिक्षा प्रदान करते है व उनको खेल- खेल में भी शिक्षा प्रदान करने का ध्यान रखते है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 17:30:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेरहम शिक्षक : चौथी कक्षा की छात्रा के चेहरे और पीठ पर छड़ी की मार, राजकीय प्राथमिक स्कूल जेवर का मामला</title>
                                    <description><![CDATA[ राजकीय प्राथमिक स्कूल जेवर में कक्षा चौथी कक्षा में पढ़ने वाली बालिका को शिक्षक ने इस बेरहमी से पीटा कि उसके चेहरे से खून बहने लगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/karauli/cases-of-merciless-teacher-fourth-grade-students-face-and-back/article-128130"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(5)12.png" alt=""></a><br /><p>हिंडौन सिटी। राजकीय प्राथमिक स्कूल जेवर में कक्षा चौथी कक्षा में पढ़ने वाली बालिका को शिक्षक ने इस बेरहमी से पीटा कि उसके चेहरे से खून बहने लगा। घटना 18 सितंबर की बताई गई है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अभी तक शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय नोटिस देकर इतिश्री कर ली है। पीड़ित बालिका ने बताया कि वह कक्षा में अन्य बच्चों के साथ पढ़ रही थी। तभी स्कूल टीचर रामेश्वर प्रसाद कोली आया और उसके बाल पकड़कर खड़ा कर दिया। </p>
<p>टीचर ने छडी से उसके गाल और उसके बाद पीठ पर दो-तीन छड़ी मारी, इससे उसके चेहरे से खून बहने लगा और पीठ लाल हो गई। सूचना पर बच्ची का पिता घर पहुंचा और बालिका अस्पताल ले गया। बाद में वह रिपोर्ट दर्ज कराने हिंडौन सदर थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने शाम तक थाने में उसे बिठाकर रखा और अंत में जांच की बात कहकर घर भेज दिया। इधर आरोपी शिक्षक ने कहा कि उस दिन मैं स्कूल में अकेला था, इस कारण तनाव में था। मैं बच्ची को छड़ी से नहीं पीटना चाहता, लेकिन गलती से उसके चेहरे पर छड़ी से चोट लग गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>करौली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Sep 2025 15:32:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पदोन्नति के लिए टेट अनिवार्य : प्रदेश में हजारों शिक्षक होंगे प्रभावित, वरिष्ठ अध्यापक और व्याख्याता पर यह नियम नहीं होगा लागू </title>
                                    <description><![CDATA[अब तक ये संस्थान अपनी स्वायत्तता का हवाला देकर कई नियमों से अलग रहते थे, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने साफ  कहा है कि टेट सभी शिक्षकों के लिए समान रूप से जरूरी होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tate-compulsory-state-will-have-thousands-of-teachers-in-the/article-125629"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/78965.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने साफ कर दिया है कि कक्षा एक से आठ तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट(टेट) न केवल नई नियुक्ति बल्कि पदोन्नति के लिए भी अनिवार्य होगा। इस आदेश का सीधा असर राजस्थान के हजारों शिक्षकों पर पड़ने जा रहा है। शिक्षक संगठनों ने भी प्रदेश की शिक्षण संस्थाओं से आग्रह किया है कि शिक्षकों के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इसे लागू किया जाए। <br />राजस्थान में टेट की शुरुआत वर्ष 2011 में हुई थी। उससे पहले हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े शिक्षकों को अब पदोन्नति के लिए यह परीक्षा देनी होगी। आंकड़ों के मुताबिक 1998 तक नियुक्त तृतीय श्रेणी शिक्षकों की संख्या करीब एक लाख है। यही वर्ग इस आदेश से सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। ज्ञातव्य है कि वर्ष 1999 से 2004 के बीच कोई भर्ती नहीं निकली थी, जबकि 2005, 2008 और 2010 की बड़ी भर्तियों के शिक्षक भी टेट लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे।</p>
<p>फैसले के अनुसार यदि कोई शिक्षक 55 वर्ष से अधिक आयु का है और पदोन्नति नहीं चाहता तो उसे टेट देना अनिवार्य नहीं होगा। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले वरिष्ठ अध्यापक और व्याख्याता पर यह नियम लागू नहीं होगा। यानी टेट की बाध्यता केवल कक्षा एक से आठ तक के शिक्षकों के लिए रहेगी। अल्पसंख्यक संस्थानों पर भी सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश लागू होगा। अब तक ये संस्थान अपनी स्वायत्तता का हवाला देकर कई नियमों से अलग रहते थे, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने साफ  कहा है कि टेट सभी शिक्षकों के लिए समान रूप से जरूरी होगा।</p>
<p><strong>शिक्षकों ने सरकार को दिया ये सुझाव</strong><br />राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने कहा कि भविष्य में राज्य सरकारों, शिक्षा बोडोंर् और संस्थानों को मिलकर काम करना होगा ताकि इस निर्णय का सही क्रियान्वयन हो सके। सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर को यह दूरगामी फैसला सुनाया है।</p>
<p><strong>विवादों के जन्म के बाद फैसले से हुआ निस्तारण</strong><br />टेट परीक्षा का उद्देश्य शिक्षण व्यवस्था में न्यूनतम मानक स्थापित करना और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाना था। परीक्षा की द्विस्तरीय संरचना स्तर कक्षा एक से पांच और कक्षा छह से आठ के लिए डिजाइन किया गया था, ताकि शिक्षकों की विषयवस्तु ज्ञान और शिक्षण कौशल का मूल्यांकन किया जा सके। </p>
<p><strong>संभावित चुनौतियां</strong><br />इस निर्णय के कार्यान्वयन में कई चुनौतियां आ सकती हैं। सबसे पहले वरिष्ठ शिक्षकों के एक वर्ग का इस नीति का विरोध जारी रह सकता है, जो इसे अपने अनुभव की अवमानना मानते हैं। दूसरे टेट परीक्षा आयोजित करने की खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में इन्फ्रास्ट्रक्चर और फ्रीक्वेंसी भी एक चुनौती हो सकती है। तीसरे, अल्पसंख्यक संस्थान इस निर्णय को अपने संवैधानिक अधिकारों पर अतिक्रमण मान सकते हैं और कानूनी कार्रवाई का सहारा ले सकते हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Sep 2025 09:41:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योग दिवस पर हर शिक्षक को अनिवार्यता लागू : नजदीकी स्कूल में भी दे सकेंगे हाजिरी, विभाग ने इसके लिए उपस्थिति प्रमाण पत्र भी किया जारी </title>
                                    <description><![CDATA[ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हर शिक्षक को अपने स्कूल में योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होने की अनिवार्यता रहेगी। शिक्षा विभाग ने इस सम्बंध में सभी डीईओ को सर्कुलर जारी किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-yoga-day-on-yoga-day-every-teacher-will-be/article-117995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(3)25.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हर शिक्षक को अपने स्कूल में योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होने की अनिवार्यता रहेगी। शिक्षा विभाग ने इस सम्बंध में सभी डीईओ को सर्कुलर जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार सभी शिक्षकों को योग दिवस 21 जून को अपने स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना होगा।</p>
<p>ग्रीष्मावकाश के कारण जो शिक्षक पदस्थापन मुख्यालय से दूर स्थान पर हैं या स्कूल नहीं पहुंच पाने के अपरिहार्य कारण है तो उनको अपने नजदीकी स्कूल में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। विभाग ने इसके लिए उपस्थिति प्रमाण पत्र भी जारी किया है, जिसे उस स्कूल प्रशासन से भरवाकर जमा कराना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Jun 2025 16:50:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षक ने की मंत्री मदन दिलावर को रिश्वत देने की कोशिश : पुलिस ने लिया हिरासत में, शिक्षक से पूछताछ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[बांसवाड़ा जिले के शिक्षक चंदकांत ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री को पांच हजार रुपए नकद, एक मिठाई का डिब्बा और एक प्रार्थना पत्र सौंपा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/teacher-gives-bribe-to-minister-by-police-detained/article-116840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/bribee.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को रिश्वत देने की कोशिश का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जनसुनवाई के दौरान राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गुड़ा में  कार्यरत शिक्षक चंद्रकांत वैष्णव ने मंत्री को एक पत्र सौंपा, जिसमें खुद को आरएससीआईटी पाठ्यक्रम में शामिल करने का अनुरोध था।</p>
<p>शिक्षा मंत्री ने पत्र सामान्य प्रक्रिया के तहत ले लिया, लेकिन कुछ देर बाद उनके फोटोग्राफर ने ध्यान दिलाया कि टेबल पर एक लिफाफा पड़ा है। जब उसे देखा गया तो उसमें 5000 रुपए नकद पाए गए, जो 500 के नोटों में थे।</p>
<p>प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि “मेरे जीवन में पहली बार ऐसा हुआ है। जनसुनवाई में एक व्यक्ति ने पत्र दिया और बाद में रुपये का लिफाफा टेबल पर पाया गया। मैंने तुरंत पुलिस को बुलाकर पैसे सौंप दिए।” उन्होंने इसे एक साजिश करार दिया और मामले की गहन जांच की मांग की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शिक्षक चंद्रकांत को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ जारी है। प्रशासन का कहना है कि रिश्वत देने के इस प्रयास की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 13:09:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही</title>
                                    <description><![CDATA[ शिक्षिका की सरकारी नौकरी छोड़ समाज सेवा का उठाया बीड़ा। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/whatever-she-gets-on-the-path-of-struggle-is-also-right--that-is-also-right/article-92287"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रसन्ना भंडारी के विशाल आकाश में सुमन का खिलना कोई आसान काम नहीं था। यहां सास के विशाल आभा मंडल और समाज सेवा के समर्पण में सुमन रूपी फूल की पहचान बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है। लोगों को लगता है कि सुमन भंडारी  समाज सेविका प्रसन्ना भंडारी द्वारा तैयार की करणी विकास समिति, शिशु गृह, आश्रय, श्रद्धा वृद्धा आश्रम के  विरासत में मिले सेटअप को ही आगे बढ़ा रही है, ऐसा नहीं है। आकाश की कोई सीमा नहीं है ऐसे ही समाज सेवा के पथ पर चलना कोई आसान काम नहीं है। जो लोगों दिखता है वैसा होता नहीं उसके पीछे एक संघर्ष छिपा होता है जो सुमन को सुमन भंडारी बनाया है। आज से 39 साल पहले 1985 में पहली बार भंडारी परिवार में शादी करके आई तो यहां देखा की सासू मां नवजात बच्चों की देखभाल का एक बाल शिशु गृह स्वयंसेवी संस्था चला रही थी।  जब में इस घर में आई में सरकारी नौकरी में बतौर शिक्षिका थी। मैने देखा पूरा परिवार ही इन नवजात अनाथ बच्चों के लालन पालन में जुटा  है तो पहले तो मुझे अजीब लगा चहुंओर बच्चे ही बच्चे उनकी देखभाल में ससूरजी सासू मां के काम हाथ बंटा रहे है। बच्चों के डाइपर बदल रहे तो कोई पोटी साफ कर रहा है। पहले लगा यह क्या है। मैं जिस परिवेश से आई वहां के और ससुराल के माहौल में जमीन आसमान का अंतर था। मेरे पिता पुलिस में डिप्टी की पोस्ट पर थे। पूरा परिवार अनुशासन और पढ़ाई वाला था जबकि ससुराल में सारा उल्टा पति, सास, ससुर सभी समाज सेवा में लगे हुए थे। जब पहली बार शादी करके ससुराल आई तो वहां देखा की सासू मां के बेड पर पांच छह नन्हें शिशु सो रहे थे। एक बार लगा यह क्या है। फिर इसकी आदत हो गई मुझे यह सब करने में आनंद आने लगा। </p>
<p><strong>मेरी बेटी  भी घर में पल रहे छोटे बच्चों के बीच ही बड़ी हुई</strong><br />छोटे बच्चों की देखभाल और नौकरी करते के दौरान ही हमारे घर बेटी का जन्म हुआ। घर में पहले ही पांच बच्चे थे बेटी और आ गई तो परिवार बढ़ गया। अब एक साथ छह बच्चों को देखना होता तो कई बार बाकी बच्चों के साथ बेटी को सुला देती थी। कई बार बच्चो को गोद लेने के लिए लोग घर पर आते तो बच्चों के बीच सोई मेरी बेटी को ही पंसद करते उस समय मेरी सास कहती यह तो मेरी पौती है। तो लोग कहते तुम्हारी बहू को अनाथ बच्चों और अपनी बेटी कोई फर्क नहीं लगता है क्या? पता नहीं चला इन बच्चों के बीच कब मेरी बेटी बड़ी हो गई। मेरे दो बेटे एक बेटी लेकिन मैने अनाथ बच्चों मेरे बच्चों कोई फर्क नहीं किया। </p>
<p><strong>बीमार बच्ची को छोड़कर काउंसिंग करने गांव पहुंची</strong><br />एक दिन मुझे एक कैंप में जाना था बच्ची को छोटी माता निकली थी। सुबह 4 बजे निकलना था रात परेशान थी सास ने कहा तुम्हे कैंप में जाना जरूरी है। बच्ची को मैं देख लूंगी वो बेटी को अपने साथ सेंटर पर लेकर गई मन नहीं माना लेकिन कैंप में जाना जरूरी था बीमार बच्ची को छोड़कर समाज सेवा के कैंप में जाकर काउंसिंग की और देर रात घर लौटी। लोगों ने कहा जॉब छोड़ दो लेकिन परिवार वालों कभी मुझे नहीं कहा नौकरी छोड़ दो। मैने जॉब और परिवार में संतुलन बिठाना सीख लिया था। </p>
<p><strong>संयुक्त परिवार में नौकरी करना नहीं था आसान</strong><br />नौकरी करते हुए समाज सेवा करना आसान ही था। इसके लिए टाइम मैनेजमेंट करना पड़ता है। सुबह 5 बजे उठकर संयुक्त परिवार का नाश्ता खाना बनाना और फिर नौकरी पर जाना आसन नहीं था। जैन परिवार में सूर्य अस्त के बाद खाना नहीं खाते है शाम को स्कूल से आकर भरे पूरे परिवार का खाना बनना आसान नहीं था दिनभर की थकान और आते बिना साड़ी चेज किए किचन में घुसना और समय पर आठ दस लोगों के लिए खाना बनाना चुनौती था। उस पर छोटे बच्चों संभालने में माताजी मदद करना मेरे लिए आसन नहीं था लेकिन सास ने टाइम मैनेमेंट सिखाया तो सब आसान हो गया। </p>
<p><strong>अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए शादी के चार साल बाद छोड़ दी नौकरी</strong><br />प्रसन्ना भंडारी के शिशुगृह में बच्चों की संख्या बढ़ने लगी उस समय आया नहीं मिलती थी। माताजी के काम हेल्प कराने के बाद उन पर भार बढ़ रहा था। मेरा जॉब में ट्रांसर्फर होते रहते ऐसे में परिवार, समाज सेवा और छोटे बच्चों को संभालना आसान नहीं था। इसलिए मैंने सास के काम को आगे बढ़ाने की सोची और शादी के चार साल बाद 1989 सरकारी नौकरी छोड़ कर बच्चों की सेवा में जुट गई। उस समय करणी नगर विकास समिति स्थान पर फैमिली काउंसिलिग सेंटर चलता था। मैने एम ए अर्थशास्त्र में किया था। बीएड किया हुआ था। ससुरजी ने कहा इस काउंसिंग सेंटर चलाने के लिए तुम समाज शास्त्र या मनोविज्ञान में एमए कर लो बाल गृह मम्मी संभाल रही है तुम इस सेंटर को चलाना। तब मैने उदयपुर से एमएसडब्ल्यू किया और समाज शास्त्र में एमए किया और काउंसिलिंग का प्रशिक्षण लिया। 1990 में पूरी तरह इस संस्था से जुड़ गई। बच्चों पढ़ना, टूटे घरों को फिर से जोड़ना यही जीवन का लक्ष्य बन गया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Oct 2024 18:00:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> सिल्वर स्क्रीन पर शिक्षक के किरदार को दर्शकों ने दिया भरपूर प्यार और सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[सिल्वर स्क्रीन पर शिक्षक के किरदार को हमेशा से दर्शकों का भरपूर प्यार और सम्मान मिलता रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/the-audience-gave-a-lot-of-love-and-respect-to/article-89618"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(4)4.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। सिल्वर स्क्रीन पर शिक्षक के किरदार को हमेशा से दर्शकों का भरपूर प्यार और सम्मान मिलता रहा है, क्योंकि शिक्षक के बिना राष्ट्र के विकास की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। वर्ष 1954 में प्रदर्शित फिल्म जागृति से लेकर हाल में वर्ष प्रदर्शित फिल्म 'सुपर 30' तक में शिक्षक के दमदार किरदार को रूपहले पर्दे पर पेश किया गया है।</p>
<p>व्यक्ति के जीवन में माता पिता के बाद यदि सर्वाधिक प्रभाव किसी अन्य का होता है तो वह निश्चित रूप से शिक्षक ही है जो माता पिता की तरह निस्वार्थ भाव से अपने छात्रों को जीवन की कठिनाइयों से लड़ने की राह दिखाता है। वर्ष 1954 में प्रदर्शित फिल्म 'जागृति' संभवत: पहली फिल्म थी, जिसमें शिक्षक और छात्र के रिश्तों को खूबसूरती के साथ रूपहले परदे पर दिखाया गया था। फिल्म में अभि भट्टाचार्य ने शिक्षक की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में संगीतकार हेमंत कुमार के संगीत निर्देशन में कवि प्रदीप का रचित और उनका ही गाया गीत 'आओ बच्चों तुम्हें दिखाये झांकी हिंदुस्तान की' बेहद लोकप्रिय हुआ था।</p>
<p>वर्ष 1955 में राजकपूर के बैनर तले बनी 'श्री 420' हालांकि प्रेम कथा पर आधारित फिल्म थी लेकिन इसमें अभिनेत्री नरगिस ने ऐसी आदर्श शिक्षिका की भूमिका निभाई थी जो बच्चों को सच्चाई का पाठ पढ़ाती है। इस फिल्म में उनपर फिल्माया यह गीत 'इचक दाना बिचक दाना' श्रोताओं मे आज भी लोकप्रिय है।</p>
<p>वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म 'पड़ोसन' में हास्य अभिनेता महमूद संगीत शिक्षक की भूमिका में दिखाई दिये थे जो अभिनेत्री सायरा बानो को संगीत सिखाते हैं। वर्ष 1972 में प्रदर्शित फिल्म 'परिचय' में भी शिक्षक और छात्रों के बीच के संबध को बेहद खूबसूरती के साथ दिखाया गया। फिल्म में जितेन्द्र ऐसे शिक्षक की भूमिका में थे जो एक घर में बच्चों को पढ़ाने के लिये नियुक्त किये जाते है लेकिन बच्चें अपनी शैतानी से उन्हें अक्सर परेशान करते है जितेन्द्र हिम्मत नहीं हारते और वह अंतत: सभी बच्चों को सही राह पर ले आते है।</p>
<p>वर्ष 1974 में प्रदर्शित फिल्म 'इम्तिहान' में शिक्षक और छात्रों के बीच की राजनीति को रूपहले पर्दे पर दिखाया गया। इस फिल्म में विनोद खन्ना ने प्रोफेसर की भूमिका निभायी जो छात्रों को सीधे रास्ते पर चलने के लिये प्रेरित करते है। महानायक अमिताभ बच्चन ने कई फिल्मों में शिक्षक की भूमिका निभाई। इन फिल्मों में संजय लीला भंसाली की फिल्म 'ब्लैक' खास तौर पर उल्लेखनीय है। फिल्म में अमिताभ बच्चन ऐसे सनकी शिक्षक की भूमिका में दिखाई दिये जो मानसिक रूप से विक्षिप्त लड़की को पढ़ाने के लिये नियुक्त किये जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/the-audience-gave-a-lot-of-love-and-respect-to/article-89618</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 14:38:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा विभाग में सबसे अधिक सरकारी कर्मचारी, फिर भी नहीं हो पा रही बेहतर पढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[इन कार्मिकों में सबसे अधिक 2 लाख से ज्यादा तृतीय श्रेणी शिक्षक है। इसके बाद भी स्कूलों में करीब 50 हजार के आस-पास शिक्षकों की कमी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/largest-government-employees-in-the-education-department/article-89641"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/shiksha-sankul-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में सबसे अधिक सरकारी कर्मचारी स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत है, फिर भी नहीं प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बेहतर पढ़ाई हो पा रही है। जबकि सरकार इन स्कूलों में बदलाव के लिए कई प्रयास कर रही है, लेकिन सरकार के प्रयास रंग नहीं ला रहे है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण शिक्षकों का सही तरीके से पढ़ाई नहीं करवाना है। इन कार्मिकों में सबसे अधिक 2 लाख से ज्यादा तृतीय श्रेणी शिक्षक है। इसके बाद भी स्कूलों में करीब 50 हजार के आस-पास शिक्षकों की कमी है। </p>
<p><strong>92,00,000 से ज्यादा विद्यार्थी कर रहे पढ़ाई</strong><br />प्रदेश में 69 हजार सरकारी स्कूलों में करीब 92 लाख से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत है। इनमें 4,05,633 कार्मिक कार्यरत है। जिसमें से 30 फीसदी महिला यानी सवा लाख है। वहीं, 2 लाख से ज्यादा तृतीय श्रेणी शिक्षक है। प्रारंभिक व उच्च प्रांरभिक में 43 लाख से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत है। इनमें 23 लाख बेटियां है। कक्षा नौ से 12वीं तक स्कूल में 53 लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे है। 34 लाख छात्र और 19 लाख छात्राएं पढ़ाई कर रही है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल : </strong><strong>प्राइवेट स्कूल </strong></p>
<ul>
<li>   राज्य में नौ से बाहरवीं तक के निजी स्कूल-16180 से ज्यादा और कुल स्टूडेंट्स 25 लाख है।</li>
<li>  प्रारंभिक व उच्च प्रांरभिक में 60 लाख से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत है।</li>
<li>    प्राइवेट व सरकारी स्कूलों के कुल छात्र करीब 1.65 करोड़ है।</li>
</ul>
<p><strong>उच्च शिक्षा : प्रदेश में 31 सरकारी विश्वविद्यालय </strong><br />    - निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 53<br />    -डीम्ड विश्वविद्यालय की संख्या 8<br />    - चार केन्द्रीय विश्वविद्यालय सहित प्रदेश में कुल 96 विश्वविद्यारलय है। <br />   - सरकारी महाविद्यालय कुल 550 (16 विधि महाविद्यालय सहित)<br />    -निजी महाविद्यालय 1860<br />    - महिला महाविद्यालय 530<br />    -स ह शिक्षा महाविद्यालय 1668<br />    - प्रदेश में कुल सरकारी और निजी महाविद्यालय 2198<br />   - सरकारी कॉलेजों की प्रथम वर्ष में सीटे 191271<br />  -  बीएड महाविद्यालय 1407 <br />   - छात्र करीब 18 लाख से अधिक <br />  -  सरकारी कॉलेजों में 6 लाख से अधिक </p>
<p><strong>विश्वविद्यालयों </strong><br />प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र करीब 18 लाख से ज्यादा छात्र पढ़ रहे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 10:13:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>राजसमंद में शिक्षक फिर छात्रा को भगा ले गया, ग्रामीणों ने स्कूल में किया प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[ जिले में कुंभलगढ़ उपखंड क्षेत्र के आंतरी के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के गेट पर पहुंचकर कतिपय शिक्षक के खिलाफ आक्रोश जताया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/rajsamand/in-rajsamand-the-teacher-again-took-away-the-former-student/article-89337"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/pze1.png" alt=""></a><br /><p>राजसमंद। जिले में कुंभलगढ़ उपखंड क्षेत्र के आंतरी के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के गेट पर पहुंचकर कतिपय शिक्षक के खिलाफ आक्रोश जताया। जिसके बाद अध्यापक ईश्वर लाल को विभाग द्वारा संस्पेंड कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि स्कूल का शारीरिक शिक्षक एक पूर्व छात्रा को भाग ले गया। पूर्व छात्रा बालिग होकर अभी विवाहिता है। घटना के बाद ग्रामीणों के आक्रोश के बाद केलवाड़ा थाने से पुलिस और शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जिनके द्वारा गहन समझाइश के प्रयास किए जा रहे हैं। इस तरह राजसमंद में फिर शिक्षा के मंदिर को बदनाम कर दिया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल आंतरी के शारीरिक शिक्षक ईश्वरलाल भील पर एक पूर्व छात्रा, जो बालिग होकर विवाहिता है, उसे भगा ले जाने के आरोप है। इसको लेकर स्कूल के द्वार पर बड़ी तादाद में ग्रामीण एकत्रित हो गए और शिक्षक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया जा रहा है। घटना के बाद कुंभलगढ़ उपखंड अधिकारी उपेंद्र शर्मा ने शिक्षा अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। कानून एवं शांति व्यवस्था को लेकर केलवाड़ा थाना प्रभारी विशाल गवारिया, उप निरीक्षक दरियावसिंह, हैड कांस्टेबल जालमचंद मय जाब्ते के घटना स्थल पर पहुंच गए हैं, जबकि एसडीएम के निर्देश के बाद खंड मुख्य शिक्षा अधिकारी शंभूलाल टांक भी आंतरी स्कूल पहुंच गए हैं। पुलिस व शिक्षा अधिकारियों द्वारा ग्रामवासियों से समझाइश के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक ईश्वरलाल भील पर पहले भी अन्य महिलाओं के साथ अनैतिक व्यवहार किया जा चुका है। ऐसे में इस तरह के शिक्षक को किसी भी स्कूल में रखना उचित नहीं है, जिसे तत्काल हटाया जाए। शिक्षा अधिकारियों द्वारा नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया जा रहा है।</p>
<p><strong>दो माह के भीतर ऐसे कई मामले हो चूके<br /></strong>उल्लेखनीय है कि राजसमंद जिले में दो माह की समयावधि में विद्यालय में शिक्षक व छात्रा को लेकर कई मामले सामने आ चुके हैं, जिससे न सिर्फ शिक्षा के मंदिर बदनाम हुए हैं, बल्कि संपूर्ण शिक्षकों की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है। आमेट ब्लॉक के दोवड़ा स्कूल में भी एक शिक्षक ने छात्रा से प्रेम विवाह कर लिया। साथ ही उसी स्कूल की कई छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें करने के आरोप लगे। इसी तरह नाथद्वारा क्षेत्र के उथनोल में भी ऐसा ही मामला सामने आया, जहां से शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इस तरह लगातार इस तरह की घटनाओं से तमाम शिक्षकों की छवि धुमिल हुई है।<br />अगस्त को महिला को ले गया आरोपी</p>
<p>बताया जा रहा है कि आरोपी शिक्षक ईश्वरलाल द्वारा विवाहित को 29 अगस्त को भगा ले गया। कथित तौर पर अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल करके महिला को वहां बुलाया और उसके बाद उसे अगवा कर ले गया। इस संबंध में देवगढ़ पुलिस ने थाने में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेज दी है।</p>
<p><strong>इनका कहना है<br /></strong>मौके से भौतिक रिपोर्ट पर शिक्षक पर होगी कार्रवाई आंतरी स्कूल के शिक्षक ईश्वरलाल पर एक विवाहिता को भगा ले जाने के आरोप को लेकर ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे हैं। मौके पर शिक्षा अधिकारी व पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाइश के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही पुलिस व शिक्षाधिकारियों की भौतिक रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>-नूतनप्रकाश जोशी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राजसमंद</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राजसमंद</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 13:00:52 +0530</pubDate>
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                <title>तमिलनाडु में स्कूल में 9 बच्चियों का उत्पीड़न, एक्स्ट्रा-क्लास के नाम पर टीचर कर रहा था यौन शोषण </title>
                                    <description><![CDATA[नटराजन स्कूल में इंटरमीडिएट का टीचर था। छात्राओं ने यह भी बताया कि उन्होंने स्कूल प्रशासन और क्लास टीचर को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन उन्होंने भी कोई एक्शन नहीं लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/teacher-were-doing-harassed-of-the-9-girls-in-school/article-88549"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/rape-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>कोयंबटूर। तमिलनाडु के कोयंबटूर के एक स्कूल में 9 छात्राओं के साथ यौन शोषण का खुलासा हुआ है। 9वीं क्लास की एक छात्रा ने जिला बाल संरक्षण विभाग की टीम को बताया कि नटराजन नाम का एक टीचर एक्स्ट्रा क्लास के नाम पर कई महीनों से उसका यौन शोषण कर रहा था। इसके बाद टीम ने स्कूल की अन्य छात्राओं से पूछताछ की। इसमें सामने आया कि नटराजन ने एक- दो नहीं, बल्कि 7वीं, 8वीं और 9वीं क्लास में पढ़ने वाली 9 छात्राओं का कई मौकों पर यौन उत्पीड़न किया है।</p>
<p>नटराजन स्कूल में इंटरमीडिएट का टीचर था। छात्राओं ने यह भी बताया कि उन्होंने स्कूल प्रशासन और क्लास टीचर को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन उन्होंने भी कोई एक्शन नहीं लिया। मामला कोयंबटूर के मेट्टुपालयम के अलंगकोम्बु गांव का है। जिला बाल संरक्षण विभाग की एक टीम यहां के सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में जांच के लिए आई। इस टीम को स्कूल के बच्चों को यौन हिंसा और बाल सहायता केंद्र के बारे में जागरूक करने का जिम्मा सौंपा गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Aug 2024 14:58:48 +0530</pubDate>
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                <title>शिक्षक ने बेरहमी से की बच्चे की पिटाई, मदन दिलावर ने दिए निलंबन के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षक गणपत पतलिया ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, चौहटन मे कक्षा 3 मे अध्यनरत छात्र जसवंत के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/teacher-brutally-beats-of-the-child--madan-dilawar-orders-suspension/article-76366"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बाड़मेर जिले के चौहटन के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के लेवल-1 के शिक्षक गणपत पतलिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक बाड़मेर कृष्ण सिंह को दिए है। निलंबन काल मे गणपत पतलिया का मुख्यालय बाड़मेर रहेगा।</p>
<p>शिक्षक गणपत पतलिया ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, चौहटन मे कक्षा 3 मे अध्यनरत छात्र जसवंत के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। छात्र का दोष केवल इतना था कि  उसने अपना रोल नंबर गलत लिखा था। इस घटना का ट्वीट एक स्थानीय निवासी ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को किया था, जिस पर कार्रवाई करते हुए शिक्षा मंत्री ने शिक्षक को निलंबित करने के आदेश दिए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 May 2024 15:11:16 +0530</pubDate>
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