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                <title>CENTCOM - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>CENTCOM RSS Feed</description>
                
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                <title>ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने के बाद ट्रंप का बड़ा फैसला : अमेरिकी केंद्रीय कमान सोमवार से शुरू करेगी ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर सेंटकॉम ने ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण समुद्री नाकाबंदी शुरू कर दी है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी व्यापार को रोकने के लिए नौसेना तैनात की गई है। हालांकि, गैर-ईरानी बंदरगाहों के लिए 'नौवहन की स्वतंत्रता' बरकरार रहेगी, जिससे वैश्विक तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-the-failure-of-iran-us-talks-trumps-big-decision-us/article-150166"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोमवार को भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से "ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात" की नाकाबंदी शुरू करने का निश्चय किया है। कमान ने एक बयान में कहा, "अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के बल राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार, 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे पूर्वी समय (शाम 7:30 बजे भारतीय समय) से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकाबंदी शुरू करेंगे।" कमांड का कहना है कि यह नाकाबंदी "ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से लागू की जाएगी, जिसमें अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं।"</p>
<p>इसमें आगे कहा गया है, "सेंटकॉम बल होर्मुज जलडमरूमध्य से गैर-ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों के लिए नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डालेंगे।" इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने के बाद ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने और बाहर निकलने का प्रयास करने वाले सभी जहाजों की नाकाबंदी शुरू करेगा। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को उन सभी जहाजों पर नज़र रखने और उन्हें रोकने का भी निर्देश दिया जो जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान को रिश्वत देते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 14:07:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सेंटकॉम रिपोर्ट का दावा: अमेरिका ने ईरान में 11,000 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर किए हमले, ईरान के परमाणु कार्यक्रम से खतरों का दिया हवाला</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में अब तक 11,000 ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इस 'प्री-एम्प्टिव' स्ट्राइक में 150 से अधिक जहाज नष्ट हुए हैं। परमाणु कार्यक्रम के खतरे का हवाला देते हुए अमेरिका और इजरायल ने तेहरान सहित कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/centcom-report-claims-america-attacked-more-than-11000-military-targets/article-148298"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/us3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान 11,000 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किये है। अमरीकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) यह जानकारी दी है। सेंटकॉम द्वारा एक्स पर पोस्ट की गई जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने अब तक 11,000 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला किये है, जिसमें 150 से ज़्यादा क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए जहाज़ शामिल हैं। सेंटकॉम ने दावा है कि अमरीकी वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने 11,000 से ज़्यादा उड़ानें भरी हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि, अमेरिका और इज़रायल ने 28 फरवरी को ईरान में ठिकानों पर हमला करना शुरू किया था। ईरान, इज़रायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर भी जवाबी हमला कर रहा है। अमेरिका और इजरायल ने इस सैन्य अभियान की शुरुआत को एक 'पहले से किया गया हमला' बताया और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से कथित खतरों का हवाला दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 14:09:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान का समुद्र में सेना उतारने का ऐलान, हरमुज में सुरक्षित रूप से अभ्यास करें ईरान, जोखिम को ने दें जन्म: अमेरिका</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेंटकॉम ने ईरान की आईआरजीसी से हरमुज की खाड़ी में नौसैनिक अभ्यास सुरक्षित और पेशेवर तरीके से करने को कहा, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को खतरा न हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-should-practice-safely-in-hormuz-america-should-not-give/article-141435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(9)1.png" alt=""></a><br /><p>टैंपा। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाली केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने ईरान की इस्लामी रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से अनुरोध किया है कि वह रविवार से हरमुज की खाड़ी में शुरू होने वाला अपना नौसैनिक अभ्यास सुरक्षित तरीके से करे और किसी भी अनावश्यक जोखिम को जन्म न दे। </p>
<p>सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा, सेंटकॉम आईआरजीसी से आग्रह करता है कि वह घोषित नौसैनिक अभ्यास को इस तरह से करे जो सुरक्षित, पेशेवर हो और अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए नौपरिवहन की आजादी को अनावश्यक जोखिम से बचाये। हरमुज खाड़ी एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है और एक जरूरी व्यापार गलियारा है, जो क्षेत्रीय आर्थिक समृद्धि में मदद करता है। किसी भी दिन, दुनिया के लगभग 100 व्यापारिक जहाज इस संकरी खाड़ी से गुजरते हैं।</p>
<p>ईरान ने गुरुवार को एलान किया था कि वह होरमुज की खाड़ी में रविवार से नौसैनिक अभियान शुरू करेगा। ईरान के प्रेस टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की नौसेना एक और दो फरवरी को हरमुज खाड़ी में गोलीबारी के साथ अभ्यास करेगी। हरमुज खाड़ी एक रणनीतिक जलमार्ग है, जिससे दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल सप्लाई गुजरती है। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने पश्चिमी एशिया में अपना विमान वाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन भी तैनात किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका हवाला देते हुए ईरान से अपनी शर्ते मानने के लिये भी कहा है। ईरान का कहना है कि वह बातचीत के लिये तैयार है, लेकिन अगर अमेरिका किसी भी तरह का हमला करता है तो उसे तेज और व्यापक जवाब भी मिलेगा। </p>
<p>सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा है कि वह ईरान के हरमुज की खाड़ी में अभ्यास करने के अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन अमेरिकी सेना के करीब किसी भी तरह के असुरक्षित या गैर-पेशेवर रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। बयान में कहा गया, सेंटकॉम पश्चिमी एशिया में काम कर रहे अमेरिकी कर्मियों, जहाजों और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। हम आईआरजीसी की किसी भी असुरक्षित कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसमें फ्लाइट अभियान में लगे अमेरिकी सैन्य जहाजों के ऊपर से उड़ान भरना, जब इरादे साफ न हों तो अमेरिकी सैन्य संपत्तियों के ऊपर से कम ऊंचाई पर या हथियारों के साथ उड़ान भरना, अमेरिकी सैन्य जहाजों से टकराने की दिशा में हाई-स्पीड नावों का पास आना, या अमेरिकी सेना पर हथियार तानना शामिल है। </p>
<p>सेंटकॉम ने कहा, अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे ज्यादा प्रशिक्षित और घातक सेना है। वह उच्चतम स्तर के पेशेवर रवैये के साथ काम करना जारी रखेगी और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करेगी। ईरान के आईआरजीसी को भी ऐसा ही करना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 16:45:24 +0530</pubDate>
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