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                <title>pension - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>pension RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>त्रिपुरा हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, माता-पिता की मृत्यु के बाद पुत्री का तलाक हुआ, तो वह पारिवारिक पेंशन की हकदार नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी बेटी का तलाक पिता की मृत्यु के बाद हुआ है, तो वह सिविल सेवा नियम 2017 के तहत पारिवारिक पेंशन की हकदार नहीं होगी। कोर्ट के अनुसार, पात्रता निर्धारण के लिए पेंशनभोगी की मृत्यु के समय दावेदार की कानूनी स्थिति ही मान्य होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tripura-high-courts-historic-decision-if-a-daughter-gets-divorced/article-154839"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/tripura1.png" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि किसी पुत्री का तलाक उसके पिता की मृत्यु के बाद हुआ है, तो वह त्रिपुरा राज्य सिविल सेवा (संशोधित पेंशन) नियम, 2017 के तहत पारिवारिक पेंशन पाने की पात्र नहीं होगी। उज्जला रानी पॉल बनाम अगरतला नगर निगम मामले में न्यायमूर्ति एस दत्ता पुरकायस्थ ने कहा कि पेंशन नियमों के अनुसार पात्रता तय करने के लिए पेंशनभोगी की मृत्यु के समय दावेदार की कानूनी स्थिति महत्वपूर्ण होती है।</p>
<p>अगरतला निवासी पॉल ने पिछले वर्ष पिता की मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन की मांग को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उनके पिता अगरतला नगर निगम में मजदूर के पद पर कार्यरत थे और एक अक्टूबर 2004 को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन प्राप्त कर रहे थे। दो दिसंबर 2018 को उनकी मृत्यु हो गयी थी। उनकी पत्नी का निधन पहले ही हो चुका था। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि उनका विवाह हुआ था, लेकिन विवाह के कुछ समय बाद ही पति ने उनका परित्याग कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि वह पिछले 40 वर्षों से अपने पिता के साथ रह रही थीं और उन्हीं पर आश्रित थीं।</p>
<p>अगरतला के पारिवारिक न्यायालय ने हालांकि दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद चार अक्टूबर 2021 को औपचारिक रूप से तलाक की डिक्री जारी की। इसके बाद याचिकाकर्ता ने 23 फरवरी 2022 को पारिवारिक पेंशन के लिए आवेदन किया। अगरतला नगर निगम ने यह कहते हुए उनका आवेदन खारिज कर दिया कि तलाकशुदा पुत्रियों को पेंशन लाभ देने संबंधी संबंधित सरकारी अधिसूचना को निगम ने अपनाया नहीं है। इस निर्णय से असंतुष्ट होकर याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में न्यायिक पुनर्विचार की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 12:21:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सीएम भजनलाल की ओड समाज को बड़ी सौगात: जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला के लिए भूमि आवंटन का ऐलान,  राज्य सरकार पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को उतार रही धरातल पर</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओड समाज के लिए जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला हेतु भूमि आवंटन की घोषणा की। 'ओड समाज संवाद' में उन्होंने जल संरक्षण और निर्माण में समाज के ऐतिहासिक योगदान को सराहा। सरकार पीएम विश्वकर्मा और पेंशन योजनाओं के जरिए श्रमिकों व वंचित वर्गों के सामाजिक उत्थान और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cm-bhajan-lals-ode-big-gift-to-the-society-announcement/article-152547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/jaipur-cm.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओड समाज को बड़ी सौगात देते हुए जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला के लिए भूमि आवंटन की घोषणा की। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित ओड समाज संवाद कार्यक्रम में उन्होंने समाज के योगदान को सराहते हुए इसे गौरवशाली परंपरा वाला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओड समाज ने किलों, महलों और जल संरचनाओं के निर्माण में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। जल संरक्षण की परंपरा को समृद्ध करने में इस समाज की भूमिका उल्लेखनीय रही है, जिसने संसाधनों के बेहतर उपयोग की सीख दी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही है और किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर जल और लखपति दीदी जैसी पहलों को जनकल्याणकारी बताया। मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि ‘श्रमेव जयते’ के मंत्र के साथ श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 20 लाख श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन किया गया है और विभिन्न योजनाओं के तहत लाखों श्रमिकों को आर्थिक सहायता दी गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत दस्तकारों को सस्ती दरों पर ऋण और प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना के माध्यम से श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स और लोक कलाकारों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3 हजार रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान किया गया है। शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र  में सरकार की पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने ओड समाज के युवाओं से कौशल प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने, बेटियों को शिक्षित करने और समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर ओड महासभा के अध्यक्ष प्रेम ओड सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cm-bhajan-lals-ode-big-gift-to-the-society-announcement/article-152547</link>
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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 16:16:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>न्यायिक अधिकारियों की पेंशन और पारिवारिक पेंशन में बदलाव, नई तिथि लागू</title>
                                    <description><![CDATA[ राज्य सरकार ने न्यायिक अधिकारियों की पेंशन और पारिवारिक पेंशन से संबंधित आदेश में संशोधन करते हुए प्रभावी तिथि को 1 अप्रैल 2024 कर दिया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने न्यायिक अधिकारियों की पेंशन और पारिवारिक पेंशन से संबंधित आदेश में संशोधन करते हुए प्रभावी तिथि को 1 अप्रैल 2024 कर दिया है। पहले यह तिथि 1 अप्रैल 2025 निर्धारित थी।</p>
<p>इस संबंध में वित्त विभाग 10 मार्च 2025 को इस संबंध में जारी किए गए आदेश को संशोधित करते हुए नए आदेश जारी किए है।  दरअसल, पूर्व के आदेश के अनुसार रिटायर्ड न्यायिक सेवा अधिकारियों या न्यायिक सेवा के फैमिली पेंशनर्स को अब बेसिक या फैमिली पेंशन पर 70 वर्ष पूरे होने पर 75 वर्ष तक अतिरिक्त भत्ते का लाभ एक अप्रैल 2025 से लागू किया था, जिसे अब संसोधित किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-date-changes-in-pension-and-family-pension-of-judicial/article-115429</link>
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                <pubDate>Mon, 26 May 2025 17:04:38 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरसीए एडहॉक कमेटी की बैठक : फिर शुरू होगी पूर्व रणजी क्रिकेटरों की पेंशन, अम्पायर-स्कोरर की फीस बढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य के पूर्व रणजी ट्रॉफी क्रिकेटरों को पेंशन फिर से शुरू की जाएगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/rca-adhoc-committee-meeting-will-start-again-the-pension-of/article-102618"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(2)34.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य के पूर्व रणजी ट्रॉफी क्रिकेटरों को पेंशन फिर से शुरू की जाएगी। इसके साथ ही आरसीए पैनल के अम्पायर और स्कोरर को मिलने वाली मैच फीस में भी इजाफा किया जाएगा। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी की गुरुवार को यहां संपन्न बैठक में ये फैसले लिए गए। जयदीप बिहाणी की अध्यक्षता में हुई बैठक में एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह खींवसर, विमल शर्मा, धर्मवीर सिंह शेखावत, हरीशचन्द्र सिंह और रतन सिंह मौजूद थे। बिहाणी ने बैठक के बाद बताया कि क्रिकेट का मौजूद सत्र अब समाप्ति की ओर है। राज्य के नये क्रिकेट सत्र की शुरुआत मई में होगी। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में 2024-25 के घरेलू सत्र के आयोजन की रिपोर्ट पेश की गई। </p>
<p>बिहाणी ने बताया कि आरसीए की ओर से पहली बार पुरुष और महिला वर्ग के सभी आयु वर्गों की प्रतियोगिता में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा। एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह ने बताया कि बैठक में प्रदेश के पूर्व रणजी ट्रॉफी खिलाड़ियों की पेंशन योजना को फिर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान के लिए कम से कम पांच मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को इस पेंशन योजना में शामिल किया जाएगा। कमेटी मेम्बर धर्मवीर सिंह ने बताया कि आरसीए पैनल के अम्पायर और स्कोरर को मिलने वाली मैच फीस को 2 हजार से बढ़ाकर अब तीन हजार रुपए कर दिया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 11:23:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - खाते में आई पेंशन, घर चलाने की खत्म हुई टेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य में नई सरकार के बनने के बाद पेंशन राशि में बढ़ोतरी की गई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---pension-has-come-in-the-account--the-tension-of-running-the-house-is-over/article-90376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग की ओर से दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं मिलने से परेशान हो रहे बुजुर्ग पेंशनरों को अब राहत मिलने लगी है। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने बजट जारी कर दिया है। ऐसे में जिले के पेंशनरों के खाते में एक माह की पेंशन जमा हो गई है। आगामी दिनों में बकाया दो माह की पेंशन भी जमा हो जाएगी। पिछले तीन माह से बुजुर्ग पेंशन का इंतजार कर रहे थे। सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग की ओर से तय समय पर पेंशन के बिल निदेशालय में भेज दिए गए थे। वित्त विभाग द्वारा बजट जारी नहीं करने से पेंशन अटकी हुई थी। अब पेंशन मिलने से बुजुर्गो में खुशी की लहर दौड़ गई है। </p>
<p><strong>पेंशनरों को अब इतने मिल रहे रुपए</strong><br />75 वर्ष से कम आयु के विशेष योग्यजन पेंशनर्स को 1150 रुपए और 75 वर्ष और उससे अधिक आयु के विशेष योग्यजन पेंशनर्स को 1250 रुपए प्रतिमाह मिलते हैं। वृद्धावस्था पेंशनर को 1150 रुपए, एकल नारी पेंशन के तहत 75 वर्ष से कम आयु की विधवा, परित्यक्ता या तलाकशुदा महिला को 1150 और 75 वर्ष से अधिक आयु की विधवा, परित्यक्ता या तलाकशुदा महिला को 1500 रुपए प्रतिमाह मिलता है। राज्य में नई सरकार के बनने के बाद पेंशन राशि में बढ़ोतरी की गई है।</p>
<p><strong>तीन माह से कर रहे थे इंतजार</strong><br />कोटा जिले में करीब 2 लाख 17 पेंशनर हैं जिनको सरकार की ओर से तय पेंशन दी जाती है। इनमें एकल नारी पेंशन, बुजुर्ग पेंशन, दिव्यांग पेंशन आदि शामिल हैं। पेंशन नहीं आने से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा था। पेंशनरों का कहना है कि पिछले तीन माह से पेंशन नहीं मिलने से रोजाना ई-मित्र केन्द्रों पर चक्कर लगाने जाते थे, लेकिन वहां से कोई उचित जवाब नहीं मिलता था। इस कारण निराश होकर लौटना पड़ता था। अब एक माह की पेंशन खाते में जमा हो गई है। इससे काफी राहत मिली है। इससे गुजर-बसर करने में आसानी हो जाएगी।  </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग की ओर से दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं मिलने से जिले के बुजुर्ग पेंशनरों को हो रही परेशानी के सम्बंध में 10 सितम्बर के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि निदेशालय की ओर से तीन माह से बजट ही जारी नहीं किया गया है। इसके चलते खाते में पेंशन नहीं आई है। पेंशन नहीं आने पर पेंशनर कभी बैंक, कभी ई-मित्र, कभी ट्रेजरी के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जिले में कई बुजुर्गो के घर का खर्चा पेंशन की राशि से ही चलता है। अब वित्त विभाग की बजट जारी करने से पेंशन खातों में जमा होने लगी है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />तीन माह की पेंशन नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब एक माह की पेंशन खाते में जमा हो गई है। इससे काफी राहत मिली है। उसके घर का खर्चा पेंशन की राशि से ही चलता है।<br /><strong>- लक्ष्मी कंवर, बुजुर्ग पेंशनर</strong></p>
<p>विभाग की ओर से तय समय पर पेंशन सम्बंधी बिल निदेशालय को भेज दिए गए थे। तीन माह की पेंशन बकाया चल रही थी। अब वित्त विभाग की ओर से बजट जारी होने के बाद पेंशन मिलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। <br /><strong>- सविता कृष्णिया, संयुक्त निदेशक, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Sep 2024 12:00:35 +0530</pubDate>
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                <title>मैडम! तीन साल बीत ग्या छै, अब तो सुणलो...</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा के अधिकारी बूंदी सिंचाई विभाग से लिखवाकर लाने को कहते हैं, जबकि बूंदी के अधिकारी लिखकर देने को तैयार नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/madam--three-years-have-passed--now-listen-to-me/article-78773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/madam-3-saal-beet-gya-che,-ab-to-sunlo...kota-news-21-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। मैडम! थोड़ा घणा इब तो तीन साल बित ग्या, अब तो म्हारी भी पुकार सुण लो...। थारे आगे हाथ जोड़ र बिनती करुं, म्हारे पति की मौत हुइया घणो टाइम होग्यो, म्हारी दोनों छोरियां ही म्हारी देखभाल कर रही है, अब तो आप पेंशन शुरू करा दो, थारी मेहरबानी होगी। कुछ इस तरह दोनों हाथ जोड़कर बिनती कर रही थी। कोटा में पेंशन विभाग के आयोजित कार्यशाला में बूंदी से पहुंची फोरी बाई उर्फ केसर बाई। वे यहां पर अपनी दोनों बेटियों के साथ आई थी। फोरी बाई ने बताया कि उनके पति गोपाल सिंचाई विभाग में कार्य करते थे। उनका रिटायरमेंट 2001 में हो गया। जब तक वे जिंदा थे, तब तो उनको पेंशन बराबर मिली, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद से ही पेंशन बंद हो गई। गोपाल की मृत्यु 2021 में हुई थी। जिसके बाद से ही उनकी बेवा पत्नी फोरी बाई को पेंशन के नाम पर सरकार से एक रुपया तक नहीं मिला है। इस बुढ़ापे में उनकी दोनों बेटियां ही उनका सहारा है। उन्होंने बताया कि बड़ी बेटी ममता की शादी हो चुकी है। उसका भी अपना परिवार है। फिर भी वो मुझे और मेरी छोटी बेटी दीक्षा को संभाल रही है। वहीं दीक्षा पढ़ाई करने की उम्र में घर-घर बर्तन साफ करने का काम कर रही है। ताकि अपना और अपनी मां का पेट भर सके। लेकिन इनकी मजबूरी से अधिकारियों को कोई मतलब ही नहीं है। तभी तो वर्ष 2021 के बाद से लेकर सिंचाई विभाग के मृतक कर्मचारी गोपाल की बेवा होने के आठ दस्तावेज दे चुकी फोरी बाई उर्फ केसर बाई की अभी तक पेंशन शुरू नहीं की गई है। फोरी बाई वर्ष 2021 से ही पेंशन के लिए बूंदी और कोटा के बीच चक्कर काट रही है। कोटा के अधिकारी बूंदी सिंचाई विभाग से लिखवाकर लाने को कहते हैं, जबकि बूंदी के अधिकारी लिखकर देने को तैयार नहीं है।</p>
<p><strong>मृतक कर्मचारी की पत्नी का नाम गलत</strong><br />सिंचाई विभाग बूंदी के मृतक कर्मचारी गोपाल की पत्नी का नाम पीपीओ में उसने केसर बाई लिखवा दिया था। जिसके कारण विभाग फोरी बाई को मृतक कर्मचारी की पत्नी तो मान रहा है, लेकिन अभी तक पेंशन शुरू नहीं की गई है। इसको लेकर फोरी बाई ने पिछले तीन साल में आठ ऐसे दस्तावेज जमा करा दिए हैं जिनसे प्रूफ होता है कि वे ही मृतक कर्मचारी की पत्नी है। इसको लेकर उन्होंने एक शपथ पत्र भी दिया है। इसके अलावा दो अन्य लोगों के शपथ पत्र भी दे चुकी है। वहीं आधार कार्ड, राशन कार्ड सहित अन्य सरकारी मान्यता के दस्तावेज विभाग में दे चुकी हैं।</p>
<p><strong>850 रुपए देकर कोटा आई थी</strong><br />बूंदी में सिंचाई विभाग में काम करने वाले कर्मचारी गोपाल की विधवा पत्नी फोरी बाई अपनी दोनों बेटियों ममता और दीक्षा के साथ सोमवार को बूंदी से कोटा आई थी। उनका कहना था कि पेंशन विभाग में 20 मई को कार्यशाला होने की जानकारी मिलने पर एक बार फिर उम्मीद के साथ अपनी दोनों बेटियों को साथ लेकर यहां आई हूं। बस में बहुत ज्यादा भीड़ होने के कारण बूंदी से ही आॅटो कर लिया था। अब तो हमारे पास जाने के भी रुपए नहीं है। विभाग की मैडम से हाथ जोड़कर बिनती की है कि इस बार तो मुझे निराश नहीं भेजे। मेरी स्थिति बहुत खराब है। </p>
<p><strong>एजेंसी में फोन उठाते नहीं, यहां कोई सुनता नहीं</strong><br />राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हमीदपुरा जिला बूंदी से 30 जून 2023 को रियाटर हुए द्वितीय श्रेणी के शिक्षक मुश्ताक अहमद अंसारी का कहना था कि वे लोन लेना नहीं चाहते हैं। आईएफएमएस 3.0 एजेंसी में आॅनलाइन में नो का आॅप्शन ही नहीं आ रहा है। इस बारे में मैंने कई बार यहां पर शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। बल्कि यहां से मुझे एजेंसी का फोन नंबर दे दिया। जिस पर कॉल करने पर कोई रिसीव ही नहीं कर रहा है। समस्या से परेशान हो चुका हूं। कई बार कहने के बावजूद निस्तारण नहीं हो रहा है। आज भी इसी समस्या को लेकर बूंदी से कोटा पेंशन विभाग में आया हूं। लेकिन निराश होकर ही जाना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>नाम में अंग्रेजी में स्पेलिंग गलत है</strong><br />हिंडौली से आए जगमैल सिंह का कहना था कि वह शिक्षा विभाग से रिटायर हुए हैं। उनके नाम की अंग्रेजी की स्पेलिंग में गलती है। समस्या तो बहुत छोटी है। मगर यहां पर पहुंचा तो अधिकारियों ने मना कर दिया। उनका कहना है कि अपने ही विभाग से गलती को सही करवाकर लेकर आओ। अब वापस जा रहा हूं। आज बस में जगह नहीं थी तो 650 रुपए में आॅटो करके यहां आया था। अब फिर से हिंडौली जाऊंगा। वहां से करेक्शन करवाकर अब फिर अगली तारीख पर यहां आना पड़ेगा।</p>
<p><strong>एक साल से अटका रखी फैमिली पेंशन</strong><br />राजकुमारी दीक्षित ने बताया कि वो एक साल से पेंशन विभाग चक्कर लगा रहे लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। पेंशन विभाग में राजकुमारी दीक्षित पिता देवीशंकर दीक्षित को नवम्बर 22 से फैमली पेंशन मिलनी है। कोर्ट ने भी आदेश जारी कर दिए है। लेकिन हर बार कागज में कमी बताकर टाला जा रहा है। एक वर्ष पहले अप्रैल 23 आवेदन किया था। पूर्ण दस्तावेज कई बार जमा करा दिए लेकिन अभी तक किसी न किसी बहाने से अटका रखी है। आज विभाग में जनसुनवाई कार्यक्रम भी अर्जी लगाई। सुनवाई में कहा गया कि उपकोषाधिकारी कोटा को पत्रावली भेज रखी है। जनसुनवाई में टालने के अलावा कोई रिलीफ नहीं मिली।</p>
<p><strong>टालते रहते हैं अधिकारी</strong><br />जैसे-तैसे पेंशनधारी या उनकी पत्नी अपनी समस्या लेकर झालावाड़ से यहां आते हैं। लेकिन उनकी समस्याओं का निस्तारण होता ही नहीं है। अधिकारी उन्हें अपने ही विभाग से लिखवाकर लाने का कहकर टाल रहे हैं। जबकि वे चाहे तो समस्या का समाधान तुरंत हो सकता है। मगर चक्कर पर चक्कर कटवाते रहते हैं।<br /><strong>- भंवरसिंह राजावत, जिलाध्यक्ष, पेंशनर्स समाज, झालावाड़</strong></p>
<p><strong>जिला स्तर पर लगाएं शिविर</strong><br />पेंशनर्स का मतलब ही बुजुर्ग है, ऐसे में उनको लंबी यात्रा कर कोटा आने में परेशानी होता है। अगर संभव हो तो इनकी समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर ही शिविर लगाएं जाने चाहिए। ताकि इनको कम से कम आने-जाने की परेशानी से तो राहत मिल सके। <br /><strong>- दिनेशचंद्र गुप्ता, जिलाध्यक्ष, पेंशनर्स समाज, बारां</strong></p>
<p>शिविर में पहुंचे अधिकतर पेंशनर्स की समस्या का मौके पर ही निस्तारण किया गया है। ज्यादातर त्रुटियां विभागीय स्तर की है, जो मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। फिर भी मैंने अपने स्तर पर पेंशनर्स को समस्या से राहत देने का प्रयास किया है। मेरा प्रयास रहता है कि सभी की समस्याओं का समाधान हो जाए। इसलिए मैंने 20 मार्च के बाद जल्द ही दूसरा शिविर में 20 मई को ही लगवा दिया। वैसे नियम तो तीन माह में एक बार लगाने का है।<br /><strong>- पूनम मेहता, अतिरिक्त निदेशक (पेंशन), कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 May 2024 15:54:37 +0530</pubDate>
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                <title>न हाथ काम कर रहा न आंख, फिर कैसे मिलेगी पेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[भौतिक सत्यापन के अभाव में अटक रही पेंशन ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/neither-hands-nor-eyes-are-working--then-how-will-you-get-pension/article-75155"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/transfer-(6)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस 1 - </strong>मैं अकेली रहती हूं, मेरे पास कोई नहीं है। मुझे पेंशन का ही सहारा है। लेकिन मेरी पेंशन नहीं आ रही है। क्योंकि मेरा अंगूठा नहीं लग पा रहा है। अंगूठे की लकीरें खराब हो गई हैं। आंखों की पुतलियां भी कम काम कर रही हैं।<br />- जीत कौर, वृद्ध पेंशनर</p>
<p><strong>केस 2 - </strong>मेरी पेंशन नहीं आ रही है। क्योंकि मेरा बायोमेट्रिक सत्यापन होने में परेशानी आ रही है। अंगूठा नहीं लग रहा है। मुझे ई-मित्र तक लाने वाला भी कोई नहीं है। मेरा जनाधार व पेंशन का डाटा भी मैच नहीं हो रहा है। मेरी पेंशन रुक गई है।<br /><strong>- धनकौर, विधवा पेंशन</strong></p>
<p>हाथ के अंगूठे व अंगुलियों की लकीरें खराब होने के कारण जिले के कई पेंशनरों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सत्यापन नहीं होने से उनकी पेंशन अटक गई है। ये पेंशनर पेंशन के लिए कभी ई-मित्र पर तो कभी सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग कार्यालय में चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने के लिए वृद्धजनों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है। इसके लिए अंगूठा लगवाया जाता है, लेकिन अधिक वृद्धावस्था के कारण अंगूठे की लकीरें खराब हो जाती हैं। कई बार लगाने पर भी अंगूठे का निशान नहीं आता है। ऐसे में कई पेंशनरों की पेंशन अटक गई है।</p>
<p><strong>आंखों की पुतलियां भी दे रही जवाब : </strong>सरकार ने वृद्धजनों के भौतिक सत्यापन के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन के अलावा अन्य विकल्प की सुविधा भी दे रखी है, लेकिन कुछ वृद्धजनों के लिए यह विकल्प भी काम नहीं आ पा रहे हैं। अधिक उम्र होने के कारण कई वृद्धजनों की हाथ की लकीरें घिस जाती है, जिससे बायोमेट्रिक मशीन में अंगुलियों और अंगूठे के निशान नहीं आ पाते है। इसके अलावा अधिक उम्र होने पर आंखों की पुतलियां भी कमजोर हो जाती हैं। इससे आंखों से भी सत्यापन करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बुजुगों को सरकारी कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। </p>
<p><strong>ई-मित्र और विभाग के लगा रहे चक्कर</strong><br />जानकारी के अनुसार कोटा जिले में कई ऐसे पेंशनर हैं जो भौतिक सत्यापन नहीं हो पाने के कारण परेशान हो रहे और आए दिन विभाग व ई-मित्र के यहां चक्कर लगा रहे हैं। छावनी स्थित ई-मित्र संचालक नितिन श्रंगी ने बताया कि यहां पर रोजाना पांच से छह वृद्धजन इस तरह की समस्य लेकर आ रहे  हैं। उसने भौतिक सत्यापन के लिए आइरिश स्कैनर मशीन भी लगा रखी है, लेकिन कई बुजुर्गो के आंख में कोई न कोई खराबी होने के कारण आइरिश स्कैनर मशीन भी काम नहीं आ रही है। ऐसे में उनको विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क करने की सलाह दी जा रही है। पेंशन बन रही आजीविका का सहारा: वृद्धजन भूली बाई, द्वारका बाई, श्योजीलाल व शम्भूदयाल ने बताया कि आयु व श्रेणी के आधार पर लोगों को अलग अलग पेंशन मिलती है।  योजना के अंतर्गत वृद्धजन पेंशन, एकल नारी, विशेष योग्यजन, विधवा पेंशन मिलती है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />-  कोटा जिले में कुल पेंशनधारी-214939 <br />-  जिले के शहरी क्षेत्र में पेंशनधारी-105502 <br />-  जिले के ग्रामीण क्षेत्र में पेंशनधारी-109437</p>
<p>बायोमेट्रिक सत्यापन के कई तरीके हैं। यदि अंगूठे से सत्यापन नहीं हो रहा है तो मोबाइल पर ओटीपी से, मोबाइल फेस एप, जनाधार व आधार कार्ड से सत्यापन किया जा सकता है। किसी पेंशनर को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए विभाग हर मदद करने को तैयार है। <br /><strong>- सविता कृष्णैया, संयुक्त निदेशक, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Apr 2024 17:23:21 +0530</pubDate>
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                <title>हाथों की लकीरें हुई खराब तो अटकी पेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने के लिए वृद्धजनों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-lines-on-hands-get-spoiled-then-pension-gets-stuck/article-62981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/111-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस1 - </strong>मैं अकेली रहती हूं, मेरे पास कोई नहीं है। मुझे पेंशन का ही सहारा है, लेकिन मेरी पेंशन नहीं आ रही है। क्योंकि मेरा अंगूठा नहीं लग पा रहा है। अंगूठे की लकीरें खराब हो गई हैं। आंखों की पुतलियां भी कम काम कर रही हैं।<br /><strong>-गायत्री देवी, शिवाजी नगर</strong></p>
<p><strong>केस 2 -</strong> मेरी पेंशन नहीं आ रही है। क्योंकि मेरा बायोमेट्रिक सत्यापन होने में परेशानी आ रही है। अंगूठा नहीं लग रहा है। मुझे ई-मित्र तक लाने वाला भी कोई नहीं है। मेरा जनाधार व पेंशन का डाटा भी मैच नहीं हो रहा है। मेरी पेंशन रुक गई है।<br /><strong>-लक्ष्मी कंवर, छावनी</strong></p>
<p>हाथ के अंगूठे व उंगलियों की लकीरें खराब होने के कारण जिले के हजारों पेंशनरों की पेंशन अटक गई है। ये पेंशनर पेंशन के लिए कभी ई-मित्र पर तो कभी कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने के लिए वृद्धजनों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है। इसके लिए अंगूठा या उंगलियां लगवाई जाती है, लेकिन अधिक वृद्धावस्था के कारण हाथ की लकीरें खराब हो जाती हैं। कई बार लगाने पर भी निशान नहीं आता है। ऐसे में हजारों पेंशनरों की पेंशन अटक गई है।</p>
<p><strong>आंखों की पुतलियां भी दे रही जवाब </strong><br />इससे भी बड़ी परेशानी यह है कि अधिक उम्र होने पर आंखों की पुतलियां भी कमजोर हो जाती हैं। इससे आंखों से भी सत्यापन करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बुजुर्ग सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के चक्कर काट रहे हैं। इनकी इस समस्या के चलते जिले भर में बुजुर्गों की पेंशन का सत्यापन होने में परेशानी हो रही है।</p>
<p><strong>नियमों को कर दिया कठोर</strong><br />सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सामाजिक न्याय विभाग ने नियमों को कठोर कर दिया। पेंशन वैरीफाई करने के लिए ओटीपी का सिस्टम बंद कर दिया और पेंशनधारी को ईमित्र पर खुद उपस्थित होकर फिंगर प्रिंट के जरिए पेंशन के लिए सत्यापन करवाया अनिवार्य कर दिया। अब वृद्धजन अपना सत्यापन करवाने ईमित्र पर पहुंच भी रहे हैं, लेकिन उम्र के इस पडाव में उनकी उंगलियों व अंगूठे से फिंगर प्रिंट ही गायब हो रहै  हैं। विभाग की इस व्यवस्था का खामियाजा बुजुर्गों को भुगतना पड रहा है, क्योकि उम्र के इस पड़ाव में उनके हाथों की लकीरें गायब होने लगी है। जिस कारण फिंगर प्रिंट के जरिए से पेंशन के लिए सत्यापन नहीं करवा पा रहे है।</p>
<p><strong>750 से 1000 रुपए प्रतिमाह मिलती है पेंशन</strong><br />वृद्धावस्था और वृद्धजन किसान पेंशन योजना के जरिए 55 वर्ष की वरिष्ठ महिलाओं को 750 रुपए की राशि प्रतिमाह, 75 वर्ष वाली वरिष्ठ वृद्धजन महिला को 1000 रुपए प्रतिमाह पेंशन की राशि दी जाती है। 58 वर्ष के वरिष्ठ पुरुष वृद्धजन को 750 रुपए प्रतिमाह और 75 वर्ष या अधिक के वृद्धजन नागरिक को 1000 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।</p>
<p><strong>आॅनलाइन सिस्टम में आ रही दिक्कत</strong><br />हालांकि फिंगर प्रिंट से वैरीफाई नहीं होने के बाद आयरस मशीन से लाभार्थी की आखों से वैरीफाई कर सकते हैं, लेकिन सामाजिक न्याय विभाग की इस वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कत आने से इससे भी कार्य नहीं हो पा रहा है। वहीं अधिकतर ईमित्र संचालकों के पास आयरस मशीन उपलब्ध नहीं है। यदि आयरस मशीन से भी वैरीफाई नहीं होता है तो लाभार्थी को एसडीएम दफ्तर में पेश होना पडेÞगा। उसके बाद लाभार्थी का पेंशन के लिए सत्यापन होगा, लेकिन ये प्रक्रिया बहुत जटिल है। <br /> <br />बायोमेट्रिक सत्यापन के कई तरीके हैं। यदि अंगूठे से सत्यापन नहीं हो रहा है तो मोबाइल फेस एप, जनाधार व आधार कार्ड से सत्यापन किया जा सकता है। किसी पेंशनर को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए विभाग हर मदर करने को तैयार है।<br /><strong>- ओपी तोषनीवाल, अतिरिक्त निदेशक, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Nov 2023 18:02:17 +0530</pubDate>
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                <title>अब पेंशनर्स ले सकेंगे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट</title>
                                    <description><![CDATA[पेंशनर्स को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागार, बैंक या अन्य किसी विभाग में जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-pensioners-will-be-able-to-take-digital-life-certificate/article-62253"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/kota.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय सेवा में जीवन के कई साल निकालने के बाद सेवानिवृत होने के बाद कार्मिकों को अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र सरकार को देना होता है। इसके बाद भी उन्हें पेंशन मिल पाती है। ये प्रमाण पत्र सेवानिवृत प्रत्येक कर्मचारी को हर साल देना होता है। ऐसा नहीं करने पर पेंशन रोक दी जाती है। सेवानिवृत कार्मिक स्वयं के जिंदा होने के सबूत बतौर जीवित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर रहते हैं। यह कहानी उन बुजुर्गों की है जो किसी ना किसी सरकारी विभाग से सेवानिवृत हुए हैं। इन बुजुर्गों को अब एक नया सारथी मिल गया है। यह सारथी बुजुर्गों को घर बैठे ही उनके जीवित होने का जीवन प्रमाण पत्र बनवा कर सौंपेगा। जिसके लिए डाक विभाग ने एक नई पहल शुरू की है।</p>
<p><strong>70 रुपए का देना होगा शुल्क</strong><br />पेंशनर्स को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागार, बैंक या अन्य किसी विभाग में जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। पेंशनर्स अपने नजदीकी डाकघर के पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जारी करवा सकते हैं। इसके लिए मात्र 70 रुपए का शुल्क देने होगा। यह प्रमाण पत्र स्वत संबंधित विभाग को आॅनलाइन पहुंच जाएगा। इससे पेंशन मिलने में कोई रुकावट नहीं आएगी। यह सुविधा सभी डाकघरों में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि भारतीय डाक विभाग के माध्यम से सभी विभागों के पेंशनरों को घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट प्रदान करने की सुविधा दी जा रही है। अब पेंशनर अपने नजदीकी डाकघर या किसी तरह डाकघर के कर्मचारी को सूचना देकर अपना प्रमाण पत्र बनवा सकता है।</p>
<p><strong>हर साल देना पड़ता जिन्दा होने का प्रमाण</strong><br />सरकारी विभागों से रिटायर हो चुके बुजुर्गों के लिए भारत सरकार के पोस्टल डिपार्टमेंट ने एक नई पहल की है। आपको बता दें कि हर साल नवंबर के महीने में बुजुर्ग पेंशनरों को अपना जीवन प्रमाण पत्र सरकारी विभाग में जमा करना होता है। जो बुजुर्ग चल फिर नहीं सकते या फिर बीमार रहते हैं उनके लिए यह प्रमाण पत्र बनवाना बेहद कष्टदायी होता है। अब इस प्रमाण पत्र को बनाने का जिम्मा पोस्टल डिपार्टमेंट ने संभाल लिया है।</p>
<p>डाक विभाग की यह सुविधा काफी अच्छी है। जीवित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पेंशनरों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। डाक विभाग कम शुल्क में यह सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। इससे कोटा जिले के पेंशनरों को काफी राहत मिलेगी।<br /><strong>- बलबीर सिंह, पेंशनर </strong></p>
<p>पेंशनर इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए अपने क्षेत्र के पोस्टमैन के साथ-साथ मोबाइल एप से भी आॅनलाइन अनुरोध भी कर सकते हैं। इसके लिए पेंशनर को आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक या डाकघर खाता संख्या और पीपीओ नंबर देना होगा। जिसके बाद उनकी आगे की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।<br /><strong>- मनीष चौरसिया, प्रधान डाकपाल, डाकघर धानमंडी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Nov 2023 16:51:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - 75 वर्षीय पेंशनर्स को 10 प्रतिशत एरियर पेंशन का मिलने लगा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[इस खबर के असर के बाद मांगरोल क्षेत्र ही नहीं अपितु राजस्थान के पेंशनर्स के बैंक खाते में 4 माह का रुका हुआ भुगतान जमा कर दिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/impact-of-news---75-year-old-pensioners-started-getting-the-benefit-of-10-percent-arrears-pension/article-60629"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/asar-khabar-ka---75-varshiye-pensionrs-ko-19-pratishat-ariyer-pension-ka-milne-lga-laabh...mangrol,-baran-news-27-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>मांगरोल। मांगरोल क्षेत्र के 75 वर्षीय पेंशनर्स को 10 प्रतिशत एरियर पेंशन का लाभ आखिरकार मिलना शुरु हो गया है। गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति के 14 अक्टूबर के संस्करण में प्रकाशित खबर के असर के बाद अब 23 अक्टूबर को पेंशनरों का उक्त 4 माह से रुका हुआ भुगतान प्रशासन द्वारा बैंक खाते में जमा कर दिया गया है। इस खबर के असर के बाद मांगरोल क्षेत्र ही नहीं अपितु राजस्थान के पेंशनर्स के बैंक खाते में 4 माह का रुका हुआ भुगतान जमा कर दिया गया है। मांगरोल में 75 वर्षीय पेंशनर का 10 प्रतिशत पेंशन लाभ एरियर भुगतान करने के लिए जिला कोषाधिकारी जिला बारा को पत्र लिखकर राजस्थान सरकार के वित्त विभाग के आदेश अनुसार पेंशन लाभ देने की मांग की है। पूर्व संयुक्त मंत्री मोहनलाल बैरवा ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा 10 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन लाभ के आदेश 1 अप्रैल 2023 से नगद दिए जाने के पारित हुए थे इसका भुगतान राज्य सरकार द्वारा अगस्त 2023 से नगद प्रारंभ कर दिया है लेकिन राजस्थान सरकार के वित्त विभाग के आदेश की पालना में क्षेत्र के 75 वर्षीय पेंशन धारी का भुगतान अप्रैल 2023 से 31 जुलाई 2023 तक नहीं किया था। जिसे अब 23 अक्टूबर को चार माह का भुगतान बैंक खाते में जमा किया जा चुका है। इस पर संयुक्त मंत्री मोहनलाल बैरवा ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Oct 2023 18:38:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों की पूरे देश में चर्चा- गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही हैं और प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों की पूरे देश में चर्चा हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-unprecedented-development-works-done-in-rajasthan-are-discussed-in/article-58589"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/ashok.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही हैं और प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों की पूरे देश में चर्चा हो रही है।</p>
<p>गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर खेतड़ी से आए प्रतिनिधिमण्डल को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास कार्यों में कोई कमी नहीं रखी गई है। खेतड़ी सहित पूरे प्रदेश में विकास के अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। राज्य में हुए विकास कार्यों की पूरे देश में चर्चा हो रही है। प्रदेश में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को 25 लाख का बीमा कवर दिया जा रहा है, जो देश में अन्यत्र कहीं नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इसी प्रकार कानून बनाकर आमजन को स्वास्थ्य का अधिकार प्रदान किया गया है। साथ ही राज्य में दवाइयां एवं स्वास्थ्य जांचें भी पूर्णतया नि:शुल्क है।</p>
<p>गहलोत ने कहा कि राज्य में लगभग एक करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है तथा न्यूनतम पेंशन राशि बढ़ाकर एक हजार रूपए की गई है। प्रदेशभर में महंगाई राहत शिविर लगाकर आमजन को महंगाई से राहत दी है। राज्य में महज 500 रुपए में गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराया जा रहा है जबकि केन्द्र सरकार ने सिलेण्डर पर केवल 200 रुपए कम किए हैं। केन्द्र सरकार को भी राजस्थान की तरह पूरे देश में 500 रुपए में गैस सिलेण्डर मुहैया करवाकर आमजन को राहत देनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती केन्द्र सरकार ने शिक्षा, सूचना, खाद्य सुरक्षा एवं महात्मा गांधी नरेगा संबंधी कानून बनाकर लोगों को अधिकार प्रदान किए। वर्तमान केन्द्र सरकार को भी इसी तर्ज पर कानून बनाकर लोगों को सामाजिक सुरक्षा का अधिकार देना चाहिए। </p>
<p>प्रतिनिधिमण्डल ने राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं तथा महंगाई राहत कैंपों के माध्यम से प्रदेश की जनता को पहुंचाई गई राहत के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए उनका अभिनंदन किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Oct 2023 20:56:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ओल्ड और न्यू पेंशन के फेर में 590 करोड़ का पेंच एनपीएस की बकाया जमा कराने में छूटे पसीने</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने 19 मई 2022 को ओपीएस का नोटिफिकेशन जारी कर एक जनवरी 2004 या उसके बाद सरकारी सेवा में आए सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ देने का फैसला किया। इसे एक अप्रैल 2022 से लागू कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/590-crore-screw-in-old-and-new-pension-left-sweat/article-33531"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/q-412.jpg" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो/नवज्योति, जयपुर। सरकारी कर्मचारियों के लिए राजस्थान में लागू की गई ओल्ड पेंशन स्कीम दूसरे राज्यों में भी पहुंच गई है, लेकिन राज्य में ओल्ड और न्यू पेंशन के फेर में 590 करोड़ का पेंच फंसा हुआ है। ओपीएस लागू होने के बाद एनपीएस के खातों से निकाली गई राशि वापस जमा कराने में पसीने छूट रहे है। हालांकि राज्य सरकार ने बकाया जमा कराने के लिए चार हिस्सों का प्रावधान किया है।<br /><br /><strong>कब हुआ नोटिफिकेशन</strong><br />राज्य सरकार ने 19 मई 2022 को ओपीएस का नोटिफिकेशन जारी कर एक जनवरी 2004 या उसके बाद सरकारी सेवा में आए सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ देने का फैसला किया। इसे एक अप्रैल 2022 से लागू कर दिया। इसी बीच एक लाख 143 कर्मचारियों ने ओपीएस लागू होने की तारीख यानि एक अप्रैल 2022 से 30 सितंबर 2022 तक एनपीएस की अपनी 60 फीसदी अंशधारिता में से करीब 590 करोड़ वापस ले लिए थे। इस पर वित्त विभाग ने नोटिफिकेशन जारी करके इन कर्मचारियों को निर्देश दिए कि ओपीएस लागू हो गया है।<br /><br /><strong>क्या है मामला</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार ने एक अप्रैल 2022 से राज्य कर्मचारियों के लिए ओपीएस यानि ओल्ड पेंशन स्कीम लागू कर दी। ओपीएस लागू करने के बाद 6 माह में एक लाख 143 सेवारत कर्मचारियों की ओर से एनपीएस के खाते से करीब 590 करोड़ की राशि निकाली गई। इसमें से महज 2885 कर्मचारियों से 11 करोड 22 लाख 670 की ही वसूली हो पाई है। फिलहाल जमा कराने की 31 दिसंबर 2022 तक है, जिसके आगे बढ़ने के संकेत है।<br /><br />दरअसल एक अप्रैल 2022 से ही सरकार ओपीएस स्कीम के तहत पेंशन दे रही है। इसके चलते जो एक जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए हैं और एक अप्रैल 2022 से पहले कभी भी रिटायर्ड हुए हैं। उन्हें उनकी जितनी सर्विस लेंथ है उसके हिसाब से ही राशि मिलेगी, जिससे उनका बड़ा नुकसान होगा। इनमें जिसकी 10 वर्ष से कम सेवा हो उसे पेंशन की जगह सर्विस ग्रेच्यूटी देते हैं और जिसकी सेवा 28 साल या उससे ज्यादा है तो उसका अंतिम वेतन है उसका पचास प्रतिशत पेंशन के रूप में दिया जाता है। अगर उसकी सेवा 28 साल से कम हुई तो उसी अनुपात में पेंशन घट जाएगी। हालांकि किसी भी हालत में यह पेंशन 8850 से कम नहीं होगी, लेकिन 10 साल की सेवा जरूरी।<br /><br /><strong>4000 करोड़ के भार पर संशय</strong><br />केन्द्र ने पेंशन की क्वालिफाइंग शर्त 28 साल की सेवा के बजाय 20 साल की है। इसी तर्ज पर राज्य सरकार से क्वालिफाइंग अवधि बीस साल करने की मांग चल रही है। इसे लेकर 4000 करोड का भार है, जिस पर सरकार को निर्णय लेना है। न्यू पेंशन स्कीम के तहत एनएसडीएल में 10 प्रतिशत राज्य सरकार और 10 प्रतिशत कर्मचारी की जमा है। 31 मार्च 2022 तक के आंकडेÞ के मुताबिक सरकार और कर्मचारी की इसमें जमा कुल राशि 39000 करोड़ है, लेकिन ब्याज सहित यह राशि 41000 करोड़ है।<br /><br />कर्मचारी ने अपने हिस्से की राशि एनपीएस से निकाली है, उसके बाद एकदम से बकाया जमा कराने की व्यवस्था नहीं है। सरकार को इस मामले में कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए।<br />-गजेन्द्र सिंह राठौड़, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत)<br /><br />ओपीएस का नोटिफिकेशन जारी करने के बाद सरकार ने एनपीएस से पैसा निकालने पर कोई रोक नहीं लगाई, जिसके कारण जरुरत पर कर्मचारी ने पैसा निकाल लिया। अब एक साथ नहीं दे सकता, सरकार में हर महीने का कुछ राशि तय कर दें, जो कर्मचारी आसानी से जमा करवा सकेगा। इसकी सरकार से बार-बार मांग कर रहे हैं।<br />-कपिल देव, अध्यक्ष सचिवालय कर्मचारी संघ<br /><br />ब काया वसूली को लेकर जो असमंजस की स्थिति है, उसे सरकार को स्पष्ट करना चाहिए ताकि कर्मचारी अधर में नहीं रहे।<br />-राम प्रसाद शर्मा, अध्यक्ष, सहायक कर्मचारी संघ</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Dec 2022 10:32:28 +0530</pubDate>
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