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                <title>Landmark - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>धार भोजशाला केस में इंदौर हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : हिंदू पक्ष की मांग मंजूर, पूजा की अनुमति</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर हाई कोर्ट ने धार भोजशाला को हिंदू मंदिर मानते हुए हिंदुओं को पूजा की अनुमति दे दी है। एडवोकेट विष्णु शंकर जैन के अनुसार, एएसआई सर्वे और साक्ष्यों के आधार पर यह निर्णय लिया गया। कोर्ट ने सरकार को मुस्लिम पक्ष के लिए वैकल्पिक भूमि पर विचार करने का निर्देश दिया है, जिससे वर्षों पुराना विवाद सुलझने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indore-high-courts-historic-decision-in-dhar-bhojshala-case-hindu/article-153940"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/dhar-bhojshala.png" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश। धार भोजशाल केस मेें इंदौर हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिंदू पक्ष की मांग को मंजूर कर दिया है और हिंदुओं को पूजा की अनुमति दे दी है। इस केस के बारे में एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा, कोर्ट ने भोजशाला परिसर को एक हिंदू मंदिर माना है। कोर्ट ने हिंदुओं को वहां पूजा करने का अधिकार भी दिया है... हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए मुस्लिम पक्ष को कहा है कि वे अपना एक प्रत्यावेदन सरकार को दें। सरकार इस पर विचार करेगी कि उन्हें धार में एक वैकल्पिक भूमि दी जाए या नहीं।</p>
<p>गौरतलब है कि 'हिंदू फ्रंट फ़ॉर जस्टिस' के याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने कहा "हाई कोर्ट, इंदौर बेंच में 'हिंदू फ्रंट फ़ॉर जस्टिस' ने 2022 में हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन और अन्य लोगों के ज़रिए एक याचिका दायर की थी। यह मामला काफ़ी लंबे समय से, लगभग चार सालों से चल रहा है। इस मामले में एएसआई ने एक सर्वे किया और अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इतना ही नहीं कोर्ट ने सुनवाई से पहले भोजशाला का मुआयना भी किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 15:06:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पुडुचेरी में रंगास्वामी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ : 2 नए मंत्रियों ने भी ली पद और गोपनीयता की शपथ, कई दिग्गज रहे मौजूद</title>
                                    <description><![CDATA[एन. रंगास्वामी ने पांचवीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रच दिया है। उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी ने AINRC-BJP गठबंधन की मजबूती को दर्शाया, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में विकास के नए युग की उम्मीद जागी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ainrc-president-and-founder-n-rangaswamy-took-oath-as-the/article-153644"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/puducherry1.png" alt=""></a><br /><p>पुडुचेरी । पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेतृत्व कर रहे एन आर कांग्रेस के संस्थापक-अध्यक्ष एन रंगासामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। लगातार दूसरी बार गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे रंगासामी के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। केन्द्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल एन कैलाशनाथन ने यहाँ लोक भवन में आयोजित साधारण शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री सहित नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।</p>
<p>रंगासामी के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल के नेता और पूर्व गृह मंत्री ए नमशिवायम और एन आर कांग्रेस के विधायक मल्लाडी कृष्ण राव ने भी मंत्री के रूप में शपथ ली। यह पांचवीं बार था जब रंगासामी ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पुडुचेरी पर्यवेक्षक मनसुख मंडाविया, भाजपा चुनाव प्रभारी निर्मल कुमार सुराना, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और लक्षिया जननायक काची सहित गठबंधन सहयोगियों के नेता और क्षेत्रीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p>आज कार्यभार संभालने वाली नई कैबिनेट का आने वाले दिनों में और अधिक मंत्रियों को शामिल करके विस्तार किया जाएगा। कुल 30 सीटों में से एआईएनआरसी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 18 सीटें जीतीं, जिसमें अकेले एन आर कांग्रेस ने 12 सीटें, भाजपा ने चार और अन्नाद्रमुक तथा लक्षिया जननायक काची ने एक-एक सीट जीती, जबकि विपक्षी कांग्रेस- द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) गठबंधन ने छह सीटें जीतीं, जिनमें द्रमुक ने पांच और कांग्रेस ने एक सीट हासिल की। शेष छह सीटों पर टीवीके और उसके सहयोगियों तथा निर्दलीयों ने जीत दर्ज की।</p>
<p>नौ अप्रैल के चुनावों में रंगासामी ने दो सीटों से जीत हासिल की—अपने गढ़ थट्टनचावडी से, जहाँ उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और अपने प्रतिद्वंद्वी वी वैथिलिंगम को हराया, जो लोकसभा सांसद भी हैं, तथा मंगलम निर्वाचन क्षेत्र से भी उन्होंने जीत दर्ज की। अब मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद वह जल्द ही इनमें से एक सीट से इस्तीफा दे देंगे। रंगासामी अतीत में अपनी मूल पार्टी कांग्रेस में रहने के दौरान भी मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। वर्ष 2008 में जब वह कांग्रेस शासन का नेतृत्व कर रहे थे, तब उनके और श्री वैथिलिंगम के बीच मतभेद उभर आए थे, जिसके कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।</p>
<p>दोनों के बीच प्रतिद्वंद्विता कांग्रेस में उनके साथ रहने के दिनों की है जब वैथिलिंगम ने रंगासामी के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था और सितंबर 2008 में दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में उनके उत्तराधिकारी बने थे। हालांकि, रंगासामी ने अपनी खुद की पार्टी एन आर कांग्रेस बनाई और 2011 में मुख्यमंत्री बने, इसके बाद 2016 में कांग्रेस से सत्ता हार गए, लेकिन 2021 में फिर से मुख्यमंत्री के रूप में वापसी की और लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता बरकरार रखी और आज उन्होंने शपथ ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 12:23:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>145 साल पुराने सेंट स्टीफंस कॉलेज को मिली पहली महिला प्रिंसिपल, प्रो. सुसान एलियास संभालेंगी जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[सेंट स्टीफंस कॉलेज के 145 साल के इतिहास में नया अध्याय जुड़ गया है। प्रोफेसर सुसान एलियास संस्थान की पहली महिला प्रिंसिपल नियुक्त की गई हैं। वह 1 जून 2026 से कार्यभार संभालेंगी। तीन दशक का अनुभव रखने वाली सुसान की नियुक्ति को बिशप डॉ. पॉल स्वरूप की अध्यक्षता वाली काउंसिल ने मंजूरी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/145-year-old-st-stephens-college-gets-its-first-woman/article-153600"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/collage.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध देश के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज ने अपने 145 साल से अधिक लंबे इतिहास में पहली बार किसी महिला को प्रिंसिपल नियुक्त किया है। कॉलेज प्रशासन ने प्रोफेसर सुसान एलियास को संस्थान की 14वीं प्रिंसिपल बनाने की घोषणा की है। वह 1 जून 2026 से अपना कार्यभार संभालेंगी।</p>
<p>कॉलेज की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में बताया गया कि दिल्ली के बिशप और कॉलेज के चेयरमैन डॉ. पॉल स्वरूप की अध्यक्षता वाली सुप्रीम काउंसिल ने इस नियुक्ति को मंजूरी दी है। सेंट स्टीफंस कॉलेज लंबे समय तक पुरुष प्रधान संस्थान रहा। शुरुआती वर्षों में कुछ छात्राओं को प्रवेश मिला था, लेकिन 1950 से 1975 तक यह पूरी तरह लड़कों का कॉलेज रहा। बाद में इसे सह-शिक्षा संस्थान बनाया गया।</p>
<p>1881 में स्थापित यह कॉलेज राजनीति, साहित्य, कानून और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में अपने नामी पूर्व छात्रों के लिए जाना जाता है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और लेखक अमिताव घोष जैसे कई चर्चित नाम इसी संस्थान से जुड़े रहे हैं। आईआईटी मद्रास की पूर्व छात्रा सुसान एलियास तीन दशक से अधिक समय का शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव रखती हैं। उन्होंने कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में शोध और प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:40:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा फैसला, दुनिया के सबसे बड़े ट्रायम्फल आर्च के निर्माण का किया समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में दुनिया का सबसे बड़ा ट्रायम्फल आर्च बनाने के प्रस्ताव का समर्थन किया, इसे राजधानी की पहचान बदलने वाला बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trumps-big-decision-supported-the-construction-of-the/article-141651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/donald-trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राजधानी वॉशिंगटन, डीसी में दुनिया के सबसे बड़े ट्रायम्फल आर्च (स्मारक द्वार) के निर्माण के प्रस्ताव का समर्थन किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि आर्च सबसे बड़ा हो और उन्होंने अमेरिका को दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बताया। उन्होंने कहा, 200 वर्षों के लिए वह एक आर्च बनाना चाहते थे और राजधानी के स्वरूप को बदलने के अपने दृष्टिकोण के बारे में बताया।</p>
<p>उन्होंने प्रस्ताव को वैश्विक नजरिए से देखते हुए कहा कि दुनिया भर के लगभग 57 शहरों में पहले से ही ट्रायम्फल आर्च हैं। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन, जिसे उन्होंने एकमात्र बड़ा शहर कहा जहां यह नहीं है, अब यहा ट्रायम्फड आर्च बनाने में कोई अपवाद नहीं होना चाहिए। </p>
<p>यह बात ट्रंप की जनवरी में की गई घोषणा पर आधारित है, जब उन्होंने बताया था कि वॉशिंगटन डीसी में ट्रायम्फल आर्च पर काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। अमरीकी राष्ट्रपति ने अक्टूबर में एक भोज में दानदाताओं से कहा था कि यह स्मारक लिंकन मेमोरियल के पास बनाया जाएगा, जो अर्लिंग्टन मेमोरियल ब्रिज के साथ देश की राजधानी में एक औपचारिक प्रवेश को परिभाषित करेगा। </p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, भोज में उन्होंने प्रस्तावित ढांचे के मॉडल दिखाए और कई डिजाइन विकल्प बताए। इस प्रस्तावित स्मारक की तुलना पेरिस के आर्क डी ट्रायम्फ से की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 11:54:40 +0530</pubDate>
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