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                <title>बारिश में हर जिले को 756 लाख के जख्म : सड़कें टूटीं, पुल धंसे, अब बदलेगा हुलिया; पुनर्निर्माण की रफ्तार तेज</title>
                                    <description><![CDATA[पीडब्ल्यूडी ने अधिकारियों और इंजीनियरों को फील्ड में तैनात करते हुए टाइमलाइन तय की है ताकि नए साल से प्रदेश में सड़क नेटवर्क का हुलिया बदला जा सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/every-district-gets-injured-due-to-rains-worth-756-lakhs/article-131211"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/6622-copy8.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। इस साल मानसून की रिकॉर्ड बारिश ने राज्य के सड़क नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचाया। प्रदेश में 13 हजार किलोमीटर लंबाई से अधिक सड़कें टूट गई, जबकि छोटे-बडेÞ 1200 से अधिक पुल क्षतिग्रस्त हुए। औसतन प्रति जिला 336 किलोमीटर लंबाई में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई अर्थात करीब 756 लाख रुपए का नुकसान हुआ। भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित सड़कों और पुलियाओं के पुनर्निर्माण की दिशा में अब तेजी से काम चल रहा है। जिलों के लिए राशि स्वीकृत कर दी गई है। पीडब्ल्यूडी ने अधिकारियों और इंजीनियरों को फील्ड में तैनात करते हुए टाइमलाइन तय की है ताकि नए साल से प्रदेश में सड़क नेटवर्क का हुलिया बदला जा सके।</p>
<p><strong>एसडीआरएफ 2025 के तहत भेजे प्रस्ताव के अनुसार स्थिति</strong><br />क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और भवनों की मरम्मत को लेकर राज्य सरकार को 41 जिलों का एसडीआरएफ 2025 के अन्तर्गत प्रेषित किए गए प्रस्ताव के अनुसार राज्य में सड़कों के 13781 कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें क्षतिग्रस्त सड़कों की लंबाई 31969.19 किमी बताई गई है, जबकि इसके लिए 31005.99 लाख रुपए की डिमांड की गई है। इसी तरह 1262 क्षतिग्रस्त पुलों के लिए 4442.50 लाख रुपए और 290 भवनों की मरम्मत के लिए 1041.8 लाख रुपए अर्थात कुल 36490.37 लाख रुपए की डिमांड़ की गई। इसमें से 13378 सड़क कार्यों के लिए 28082.58 लाख रुपए स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही पुलों और भवनों सहित कुल 29492.26 लाख रुपए स्वीकृत हुए।</p>
<p>बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। पेच रिपेयर का कार्य 15 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में विगत दो वर्षों में 24,976 करोड़ की लागत से 36,140 कि.मी. लंबाई की सड़कों का विकास करवाया गया हैं।<br /><strong>-प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Nov 2025 09:46:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश से तबाही : राहुल गांधी की प्रधानमंत्री से मांग, बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए विशेष पैकेज घोषित करें सरकार  </title>
                                    <description><![CDATA[ सरकार को प्रभावित राज्यों के लिए और विशेषकर किसानों के हित में विशेष राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/disruption-due-to-heavy-rains-in-kashmir-himachal-and-uttarakhand/article-125689"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/rahul-gandhi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड में भारी बारिश से मची तबाही पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इन राज्यों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने की मांग की है। गांधी ने कहा कि इन राज्यों की स्थिति आपदाओं के कारण अत्यंत वीभत्स हो गई है और वहां जन जीवन संकट में आ गया है। इसलिए सरकार को प्रभावित राज्यों के लिए और विशेषकर किसानों के हित में विशेष राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सोशल मीडिया एक्स पर बुधवार को एक पोस्ट में प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा मोदी, पंजाब में बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में भी स्थिति बेहद चिंताजनक है। ऐसे मुश्किल समय में आपका ध्यान और केंद्र सरकार की सक्रिय मदद अत्यंत आवश्यक है। हजारों परिवार अपने घर, जीवन और अपनों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं आग्रह करता हूं कि इन राज्यों के लिए खासतौर पर किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज की तत्काल घोषणा की जाए और राहत एवं बचाव कार्यों को तेज किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Sep 2025 14:32:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गांव से बदतर हुई शहर की सड़कें</title>
                                    <description><![CDATA[ई रिक्शा व दो पहिया वाहनों पर मंडरा रहा हादसों का खतरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/city-roads-have-become-worse-than-villages/article-125573"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1ne1ws-(630-x-400-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । प्रदेश में इस बार हुई भारी बारिश से जहां फसलों व स्कूलों व जर्जर भवनों को तो नुकसान हुआ ही है,वहीं सड़कों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। शहर की सड़कें गांव से भी बदतर हो गई है। छावनी में तो सड़क कम रह गई और गड्ढ़े अधिक हो गए हैं। जिससे यहां से गुजरने वाले ई रिक् खा और दो पहिया वाहन चालकों क पर हादसों का खतरा हमेशा मंडरा रहा है। इस बार जून से ही बरसात का दौर शुरु हो गया था जो अभी भी जारी है। अगले करीब एक सप्ताह तक तो भारी से अति भारी बारिश होने का अनुमान है। बरसात में सबसे अधिक डामर की सड़कों को नुकसान हुआ है। शहर में जहां-जहां भी डामर की सड़कें हैं वे इन दिनों चलने लायक ही नहीं बची है।  शहर में किसी भी मुख्य मार्ग पर हो या गली मौहल्ले की सड़कें। उन से गुजरना मतलब जान जोखिम में डालने से कम नहीं है। स्टेशन से महावीर नगर व रंगबाड़ी से दादाबाड़ी तक। नयापुरा से रामपुरा हो या गुमानपुरा से छावनी की सड़क। सभी जगह एक जैसी स्थिति है। डीसीएम मेन रोड से लेकर सीएडी रोड तक पर इतने बड़े-बड़े और खतरनाक गड्ढ़े हो रहे हैं कि इन रास्तों से गुजरने वाले वाहन चालकों को पता ही नहीं चल रहा है कि वे सड़क पर चल रहे है। ऐसा लग रहा है मानो गड्ढ़ों के बीच सड़क को तलाशते हुए आगे बढ़ रहे हैं। एक गड्ढ़े से बचने का प्रयास करते हैं उतने में दूसरा गड्डा आ जाता है। उससे बचते हैं तो पूरी गाड़ी ही गड्ढ़े में कूद पड़ती  है। ऐसे में पीछे से आने वाले वाहनों से टकराने व हादसों का तो खतरा बना हुआ है। वहीं गड्ढ़ों के कारण हल्के व दो पहिया वाहनों का तो दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा हमेशा मंडरा रहा है।   </p>
<p><strong>सबसे अधिक ई रिक् शा सवारियों को खतरा</strong><br />शहर में इन दिनों सवारी वाहन के रूप में सबसे अधिक इ रिक्शा व आॅटो चल रहे है। छावनी चौराहे से रामचंद्रपुरा तक अधिकतर लोग ई रिक् शा से ही आवागमन कर रहे है। ये हल्के होने से इनके गड्ढ़ों के कारण हादसों का शिकार होने का खतरा हमेशा बना हुआ है।  चौराहे से मुख्य बाजार से होते हुए पुलिस चौकी से लेकर आगे तक पूरी सड़क इतनी जर्जर हो रही है कि उसमें सड़क तलाशने पड़ रही है। </p>
<p><strong>लाखों लोगों का आवागमन</strong><br />छावनी में नगर निगम कोटा दक्षिण के 5 वार्ड है। इन वार्डों में तो करेब एक लाख से अधिक की आबादी रहती है। इनके अलावा सूर सागर, थेगड़ा, कंसुआ, डीसीएम व जयश्री विहार और रायपुरा तक के लोग छावनी बाजार व सब्जीमंडी में खरीदारी करने आ रहे है। ऐसे में लाखों लोगों के  लिए गड्ढ़े परेशानी के साथ ही हादसों का भी कारण बने हुए हैं। </p>
<p><strong>जिम्मेदार बेखबर</strong><br />छावनी निवासी महेश जोशी का कहना है कि चौराहे से रामचंद्रपुरा तक का मुख्य मार्ग इतना अधिक जर्जर हो रहा है कि उससे गुजरना जान जोखिम में डालना है। परिवार के लोग ई रिक्शा से आते-जाते हैं कई बार गड्ढ़ों के कारण रिक् शा पटलते  हुए बचा। सड़क की हालत सही करने के बारे में जिम्मेदार विभागों के अधिकारी बेखबर हैं। जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। छावनी फ्लाई ओवर से लेकर स्लीप लेन तक पर इतने अधिक गड्ढ़े हैं कि यह वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। </p>
<p><strong>विरोध प्रदर्शन तक कर चुके</strong><br />छावनी के कांग्रेस पार्षद मोहम्मद इसरार का कहना है कि छावनी मेन रोड की सड़क का काम नगर निगम कोटा दक्षिण को करना है। इस संबंध में अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। कांग्रेस पार्षद तो छावनी में विरोध प्रदर्शन तक कर चुके हैं लेकिन अभी तक भी सड़कों को सही नहीं किया जा रहा है। जिससे लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों को चाहिए कि बड़े गड्ढ़ों को तो सही करवा दिया जाए।</p>
<p>छावनी समेत नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र के वार्डों में बरसात से खराब हुई सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर जारी हो चुका है। लेकिन अभी भी बरसात जारी होने से डामर का पेचवर्क नहीं किया जा सकता। बरसात थमने के बाद ही काम होगा। बरसात रूकते ही सबसे पहले छावनी की सड़कों को सुधारा जाएगा। <br /><strong>-ए.क्यू कुरैशी, अधिशाषी अभियंता नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 16:34:16 +0530</pubDate>
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                <title>इस बार औसत से अधिक व भारी बारिश बनी बैरन</title>
                                    <description><![CDATA[मकान, सड़क, सरकारी भवन व बिजली के पोल तक हुए क्षतिग्रस्त ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/this-time--above-average-and-heavy-rains-became-a-burden/article-125042"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(630-x-400-px)-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही इस बार कोटा संभाग में भी मानसून की अच्छी बरसात हुई है। औसत के काफी अधिक व भारी बारिश होने से बांध व जलस्रोत तो लबालब भर गए लेकिन भारी बारिश बैरन भी बन गई। संभाग के सभी जिलों में भारी बारिश से न केवल कच्ची पक्के मकान वरन् सड़क, पुलिया, सरकारी कार्यालय, स्कूल व आंगनबाड़ी तक के भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली के पोल व जीएसएस तक क्षतिग्रस्त होने से बिजली तंत्र गड़बड़ाया हुआ है। हालांकि सरकार व प्रशासन के स्तर पर बारिश से हुए नुकसान के सर्वे की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन अभी तक के सर्वे के अनुसार संभाग में बारिश से करीब एक हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। संभाग में भारी बारिश का एक दौर तो जुलाई तक रहा। उसके बाद 15 अगस्त से हुई दूसरे दौर की भारी बारिश में भी काफी नुकसान हुआ है। बिजली तंत्र को करीब 20 से 25 करोड़ का नुकसान  होने व फसलों में खराबा करीब 100 करोड़ से ज्यादा आंका गया है. पशुधन और मकानों को भी करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।</p>
<p><strong>दर्जनों रास्ते बंद, गांवों का संपर्क टूटा</strong><br />वर्तमान में कोटा संभाग में करीब एक दर्जन से ज्यादा रास्ते बंद हैं। इसमें मेगा हाईवे, स्टेट हाईवे, मेजर डिस्टिक रोड शामिल हैं. कोटा-दौसा-लालसोट मेगा हाईवे पर बूंदी जिले के बंबोरी के पास सड़क पूरी तरह उखड़ गई है, जिससे यातायात डायवर्ट करना पड़ा है। इसी हाईवे पर मेज नदी की पापड़ी की पुलिया भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। बूंदी जिले में मेंडोली-झालीजी का बराना, खटखट-नैनवा, बंबोरी-नंदपुरा और श्यामपुरा-हरिपुरा जैसे कई रास्ते बंद हैं. बारां जिले में जलवाड़ा-बराना और रामगढ़-मांगरोल का रास्ता बंद है।</p>
<p><strong>दूसरे फेज में हुआ अधिक नुकसान</strong><br />एडीएम सीलिंग कृष्णा शुक्ला ने बताया कि पहले फेज में जुलाई के अंतिम सप्ताह में भारी बारिश से बाढ़ आई थी। इसके बाद दूसरे फेज में 15 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश ने और तबाही मचाई। इस दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पानी पहुंच गया।  एनएचएआई, आरएसआरडीसी, रिडकोर, पीडब्ल्यूडी, स्थानीय निकायों और पंचायत राज विभाग की करीब 1000 किलोमीटर सड़कें प्रभावित हुई हैं व दो दर्जन पुलियाएं भी क्षतिग्रस्त हो गईं।  एडीएम शुक्ला ने बताया कि दूसरे फेज में निमोदा हरिजी में अधिक नुकसान हुआ है। अभी तक नुकसान के सर्वे की प्रक्रिया चल रही है। नुकसान के जो प्रस्ताव अभी तक प्राप्त हो चुके हैं उन्हें सरकार को भेजा जा चुका है। सर्वे की प्रक्रिया अभी भी जारी है। </p>
<p><strong>25 करोड़ का बिजली तंत्र प्रभावित</strong><br />इधर जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कोटा के मुख्य अभियंता  जी. एस. बैरवा ने बताया कि  अतिवृष्टि से करीब 450 से अधिक विद्युत पोल टूट गए। इनमें ्33 केवी व 11 केवी और एलटी लाइन के पोल शामिल हैं। 76 सिंगल फेज, 62 थ्री फेज लाइनें और 2 पावर ट्रांसफार्मर खराब हुए। 8 से अधिक जीएसएस में पानी भरने से सप्लाई ठप है। घाट का बराना, नौताड़ा, गेंडोली, पापड़ी और बड़ा खेड़ा जीएसएस में पानी भरा होने से 15 से 20 हजार आबादी में बिजली सप्लाई बंद है। उनमें से कुछ को तो सही करवा दिया है। शेष को सही करने का काम किया जा रहा है। </p>
<p><strong>मरम्मत के प्रस्ताव हो रहे तैयार</strong><br />पीडब्ल्यूडी कोटा के अतिरिक्त मुख्य अभियंता निशु गुप्ता ने बताया कि बारिश से संभाग में सड़कों को काफी नुकसान हुआ है। उनकी तत्काल मरम्मत के लिए एसडीआरएफ के तहत प्रस्ताव भेजे गए हैं। पहले 750 करोड़ रुपए के स्थाई मरम्मत प्रस्ताव भेजे गए थे। अब दोबारा  आंकलन किया जा रहा है ताकि खराब सड़कों की संख्या जोड़ी जा सके। वहीं  हाड़ौती संभाग में करीब  कई लोगों की मौत जलजनित हादसों और आकाशीय बिजली से हुई है। 100 से ज्यादा पशुधन की हानि और करीब 1 हजार मकानों को क्षति पहुंची है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 15:10:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>प्रदेश में फिर शुरू बारिश का दौर : दौसा में 6 इंच से ज्यादा बारिश, जयपुर, सीकर सहित कई जिलों में हुई बारिश </title>
                                    <description><![CDATA[ प्रदेश में एक बार फिर से मानसून एक्टिव होने से बारिश का दौर शुरू हो गया है। जयपुर, दौसा सीकर सहित कई जिलों में आज बारिश हुई है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rains-of-rain-started-again-in-the-state-more-than/article-121703"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/rain2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में एक बार फिर से मानसून एक्टिव होने से बारिश का दौर शुरू हो गया है। जयपुर, दौसा सीकर सहित कई जिलों में आज बारिश हुई है। मौसम विभाग ने आज 9 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के कारण अगले तीन दिन भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी है। इसके असर से जयपुर, अजमेर, दौसा, सीकर में शुक्रवार देर रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। अजमेर में शहर के एक मंदिर का भी हिस्सा तेज बारिश के कारण ढह गया। वहीं, सीकर में एक पुलिस चौकी डूब गई। जयपुर में भी शनिवार सुबह तक रुक-रुककर बारिश हुई। परकोटे के इलाके में एक पुराना पेड़ गिरने से मंदिर और मकानों को नुकसान हुआ है। वहीं, दौसा शुक्रवार देर रात हुए मूसलाधार बरसात में 6 इंच पानी बरसा है। दो दिन से उमस झेल रहे राजधानी के लोगों को शुक्रवार देर रात से हो रही बारिश ने राहत पहुंचाई है। शनिवार सुबह भी हल्की बारिश का दौर जारी है। लगातार बरसात के कारण शहर के कई इलाकों में पानी भर गय 26 जुलाई कोटा, उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश व अजमेर, जोधपुर, जयपुर, भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।</p>
<p><strong>आज से कैसा रहेगा मौसम</strong><br />आज कोटा, उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश व अजमेर, जोधपुर, जयपुर, भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी व पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में 27 से 28 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं भारी, अतिभारी बारिश व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। भारी से अति भारी बारिश का दौर पूर्वी राज में 29-30 जुलाई को भी जारी रहने की प्रबल संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 18:54:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शिक्षा का मंदिर बदहाल: बारिश में टपकता है पानी</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के समय पांच कक्षों की छत टपकने की समस्या एक हॉल सहित बरामदे की छत जर्जर हालत में है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-temple-of-education-is-in-a-bad-state--water-drips-during-the-rains/article-91991"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer9.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र में सादेड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल भवन जर्जर हो रहा है। बरसात में कक्षाओं में छतों से पानी टपकता है। ऐसे में पढ़ाई करना मुश्किल हो रहा है। कक्षा कक्षों की कमी के चलते तीन कक्षाएं खुले में बैठकर शिक्षा ग्रहण करवाने की मजबूरी बनी हुई है। इनमें से भी बारिश के समय पांच कक्षों की छत टपकने की समस्या एक हॉल सहित बरामदे की छत जर्जर हालत में है। शाला में चल रही कक्षा-कक्षों की समस्या को लेकर संबंधित विभाग को समय-समय पर अवगत भी करवाते आ रहे है। शाला परिवार की समस्या जस की तस बनी हुई है। जानकारी के अनुसार सादेड़ा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 1-12 तक कक्षाएं संचालित है। पर कक्षा-कक्ष सात है। इनमें भी बारिश के समय पांच कक्षों की छत टपकती है। कक्षों की दीवारों में सीलन आ रही है। एक हॉल व कक्ष के सामने बरामदे की छत जर्जर हालात में है। छत में लगा आरसीसी का सरिया तक गला हुआ नजर आ रहा है। प्लास्तर गिर जाने से सरिया भी गलने से कुछ जगह सरिए ही नजर आने लगे है। यहां पर हर समय स्कूली बच्चों सहित शालाध्यापकों का आवागमन बना रहता है। जो शाला परिवार खतरे के साए शिक्षण कार्य कर रहे है। शालास्तर पर समय-समय पर  संबन्धित विभाग को अवगत करवाया जा रहा है। पर संबंधित जिम्मेदार इस समस्या को गहनता से नही ले रहे है। जो यहां पर कभी भी दुर्घटना दस्तक दे सकती है। गनीमत है कि शाला परिवार की सतर्कता के चलते अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई है।</p>
<p><strong>खुले में अध्ययनकी मजबूरी</strong><br />शाला में जिम्मेदार की सतर्कता से जर्जर छत के कारण कक्षा-3 व कक्षा-6 व कक्षा-7 वीं को खुले में एवं परिसर के पेड़ों की छाया में बैठकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। खुले में शिक्षा ग्रहण के समय बारिश आने पर अन्य कक्षाओं के साथ शामिल करके व्यवस्था बिठाई जाती है। जिससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित होता है। संबंधित विभाग शाला परिवार की समस्या को लेकर चिंतित नहीं है। जो स्कूली बच्चों सहित स्टॉफ को भी शैक्षिक प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ता है। मजबूरन कुछ कक्षाओं को खुले में बैठकर शिक्षण करना पड़ता है।</p>
<p><strong>इनका कहना हैं </strong><br />मुझे यहां पर आए तीन माह ही हुए है। एक हॉल व बरामदे की छत जर्जर होने से कही कोई अनहोनी घटना घटित नही हो। उसे लेकर दोनों जगहों पर छात्र-छात्राओं को नही बिठाते है। मैं यहा पर आई हूँ, तभी से संबंधित विभाग को समस्या से अवगत करवाया गया है। संबंधित विभाग से कक्षाकक्षों की कमी को लेकर मांग की गई है। पर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।<br /><strong>-राजकिरण मीणा, प्रधानाचार्या राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सादेड़ा </strong></p>
<p>मरम्मत की जरूरत वाले विद्यालयों की सेक्शन आ गई। दो-दो लाख रुपए वितरण करेंगे। इनसे जल्द भवन की मरम्मत करवाई जाएगी। <br /><strong>-राजेंद्र व्यास, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक शिक्षा विभाग बूंदी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Sep 2024 16:44:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खराब सड़कों को ठीक करने के लिए चलेगा मेंटीनेंस कैंपेन, दीया कुमारी ने दिए अधिकारियों को निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[उपमुख्यमंत्री और सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दिया कुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कैंपेन के दौरान कार्यों की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए और कामों को निर्धारित अवधि में पूरा करवाया जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/road-maintenance-campaign-will-be-conducted-for-the-poor-condition/article-88793"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/diya-kumari.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में बरसात से ख़राब हुई सड़कों को ठीक करने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से एक सितम्बर से 25 अक्टूबर तक रोड मेंटीनेंस कैंपेन चलाया जाएगा। उपमुख्यमंत्री और सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दीया कुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कैंपेन के दौरान कार्यों की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए और कामों को निर्धारित अवधि में पूरा करवाया जाए। उन्होंने बताया की कैंपेन के दौरान सड़क मरम्मत कार्यों के साथ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने का काम प्राथमिकता से किया जायेगा। उन्होंने कहा है  कि सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वालों के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>कैंपेन के दौरान यह प्रमुख काम होंगे<br /></strong></p>
<ul>
<li>बारिश के दौरान जहाँ सड़कें टूट गई है, वहाँ यातायात को तुरंत बहाल किया जाएगा।</li>
<li>जिन क्षेत्रों में भारी बारिश /बाढ़ के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई है ,उनको आपदा राहत कोष से ठीक करवाने के प्रस्ताव बनाकर जिला कलेक्टर को भिजवाए जाएंगे।</li>
<li>जेईएन और एईएन द्वारा सड़कों के गड्ढों/पैच का प्रारंभिक स्थिति निरीक्षण किया जाएगा।</li>
</ul>
<p><strong>पैच मरम्मत के लिए संबंधित अधिकारी अभियन्ता<br /></strong>उपखंड  या निर्धारित क्षेत्र के लिए 30 अगस्त तक दर अनुबंध करेंगे।पेच मरम्मत का कार्य एक सितंबर से शुरू किया जाएगा जो कि हर हाल में 25 अक्टूबर तक पूरा करना होगा।</p>
<p><strong>काम शुरू करने और पूरा करने के बाद की फोटोग्राफ़ी/ वीडियोग्राफ़ी करनी होगी<br /></strong>ठेकेदारों को काम शुरू करने से पहले और काम पूरा होने के बाद सड़क की डिजिटल फ़ोटो और वीडियोग्राफी करवानी होगी।ठेकेदार द्वारा पैचिंग से पहले पैच की मार्किंग और नंबरिंग करवाना अनिवार्य है। गारंटी अवधि की सड़कों का रख रखाव न करने वाले ठेकेदारों को एक अगस्त  से नोटिस जारी किए जा चुके हैं ,जिनका कार्य एक सितंबर से शुरू कर पाँच अक्टूबर तक पूरा करना है। इस दौरान मूल ठेकेदार द्वारा नोटिस का उचित जवाब नहीं दिया जाता है तो मूल अनुबंध की दर पर उक्त काम किसी अन्य एजेंसी से करवाया जाएगा।</p>
<p>गारंटी अवधि की सड़कों की मरम्मत उसी गुणवत्ता और सामग्री से की जानी है,जो निर्माण के दौरान उपयोग में लायी गई है।अधिशासी अभियन्ता कोल्ड्रिंक सामग्री से पेंच मरम्मत की अनुमति दे सकते हैं। इस कैंपेन के दौरान सड़क सुरक्षा कार्य जैसे किलोमीटर स्टोंस पर पेंटिंग,रोड साइनेज,स्पीड ब्रेकर मार्किंग आदि का कार्य भी किया जाएगा।</p>
<p>इसके अतिरिक्त विभाग के स्तर पर लेबर के माध्यम से सड़क किनारे पेड़ पौधों की साफ़-सफ़ाई,व्हाइटवाश ,पेड़ों पर पेंटिंग आदि कार्य करवाए जाएंगे। पैचेस कि गुणवत्ता का निरीक्षण संबंधित अधीक्षण अभियन्ता और अतिरिक्त मुख्य अभियंता द्वारा मौक़ा निरीक्षण के दौरान किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Aug 2024 18:25:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश शुरू होने के साथ ही बीमारियों ने पैर पसारे</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल में रोगियों की संख्या में हो रहा इजाफा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/with-the-onset-of-rains--diseases-have-spread/article-84061"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/42.png" alt=""></a><br /><p>पेच की बावड़ी। कस्बे सहित क्षेत्र में इन दिनों बरसात होने के साथ साथ ही मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ गया है। क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में लगातार मौसमी बीमारियों के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। कस्बे में स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी मौसमी  बीमारियों के मरीजों का आना जाना हो रहा है। वही इन दिनों अस्पताल में  उल्टी दस्त ,नजला झुकाम ,बुखार के मरीज आ रहे है। जिससे अस्पताल के आउटडोर में मरीजों का इजाफा होने लगा है। जानकारी के अनुसार मौसम बदलने के साथ साथ जल जनित रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है जिनमे फूड पॉयजनिंग ,डेंगू,मलेरिया ,चिकनगुनिया,रोगों का खतरा बना रहता है।  ऐसे में बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी रखनी होगी। अपने घर के आसपास बारिश का पानी इकट्ठा नही होने दे । साथ ही घर में उपयोग होने वाले कूलर, पानी टंकी को समय पर साफ सफाई का ध्यान रखे । वही आसपास झाड़ झंखाल साफ करे नहीं तो इनकी वजह से स्क्रब तायफस का खतरा बना रहता है। चिकित्सालय में इन दिनों रोगियों की संख्या में इजाफा होने लगा है। पूर्व में आउटडोर 30से 40 रोगी आते थे अब करीब 50 से 60 रोगी प्रतिदिन इलाज के लिए  आ रहे है।  </p>
<p><strong>खान पान में रखे विशेष ध्यान </strong><br />चिकित्सा अधिकारी प्रभारी चिकित्सक गौतम यादव ने बताया कि इन दिनों ताजा भोजन और तरल पदार्थ का सेवन अधिक से अधिक करे। जिसमे मौसमी फलो का ज्यूस ,पानी ,नारियल पानी का अधिक से अधिक सेवन करे और संतुलित आहार लेवे। साथ ही फल एवं सब्जियों को शुद्ध पानी से धोकर काम में लेवे ।अन्यथा उल्टी दस्त का खतरा बढ़ जाता है। आशा सहयोगिनी एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा  बरसात के दिनों में गंदे पानी से भरे हुए गड्ढों  में क्रूड आॅयल एवं साफ पीने योग्य पानी में एमएलओ डालने का कार्य किया जाता है। साथ ही घर-घर जाकर बुखार के रोगियों की स्लाइड बनाई जाती है।  </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />पेच की बावड़ी कस्बे के आसपास करीब आधा दर्जन ग्राम पंचायत आती है जिसमे हजारों की संख्या में ग्रामीण निवास करते है। सबको स्वास्थ्य सुविधा चाहिए जिसके लिए राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए । जिससे मौसमी बीमारियों के चलते ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ मिल सके ।<br /><strong>- चेतन राठौर, कालामांल</strong></p>
<p>ग्राम पंचायत द्वारा मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिय नालियों , गड्ढों आदि में आॅयल डाला जाता है। साथ ही मच्छरों के लिय फॉगिंग करवाई जाती है।<br /><strong>- सीमा मीना, सरपंच ग्राम पंचायत पेच की बावड़ी </strong></p>
<p>बरसात होने के साथ साथ जलजनित रोग का प्रकोप बढ़ता है। लोगो को तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए एवं पानी भी अधिक मात्रा में पीना चाहिए ।<br /><strong>- अर्पित जैन, युवा व्यवसायी,पेच की बावड़ी</strong></p>
<p>बारिश के मौसम में लोगों को अपने आसपास गंदगी नही होने देना चाहिए । जिससे मच्छर पैदा न हो । जिससे बीमारियों से बचा जा सके ।<br /><strong>- जगनारायण सोनी, व्यवसायी,पेच की बावड़ी</strong></p>
<p>लोग अपने आसपास गंदगी के ढेर नही लगाए, जिससे स्क्रब टायफस का खतरा रहता है।<br /><strong>- अनिल माली, व्यवसायी,पेच की बावड़ी</strong></p>
<p><strong>बीमारियों से बचाव के लिए चिकित्सा विभाग चलाता है अनेक कार्यक्रम</strong><br />मौसमी बीमारियों को लेकर चिकित्सा विभाग द्वारा अनेक कार्यक्रम चलाए जाते है जिसमें अभी मुख्यतया एंटी लार्वा एक्टीवीटी है जिसमे पानी की टंकियों में एमएलओ और गंदे पानी के गड्ढों,नालियों में क्रूड आॅयल डाला जाता है। वही बुखार के रोगियों की स्लाइड ली जाती है। चिकित्सालय में मौसमी बीमारियों के इलाज के लिय आवश्यक दवाइयां उपलब्ध होती है। आमजन को इन दिनों में साफ सफाई एवं खान पान में विशेष ध्यान रखना चाहिए ।<br /><strong>- डॉ गौतम यादव, चिकित्साधिकारी प्रभारी ,राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,पेच की बावड़ी।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/with-the-onset-of-rains--diseases-have-spread/article-84061</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 17:30:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टोंक बना पानी का टांका, जयपुर में दोपहर बाद बारिश, अन्य जिलों में भी मानसून मेहरबान</title>
                                    <description><![CDATA[जिले के डिग्गी थाना क्षेत्र के भीपुर गांव में 10 कच्चे घर ढह गए। यहां बाढ़ से हालात हो गए। मालपुरा में सहोदरा नदी में अचानक पानी बढ़ने से तीन युवक फंस गए, जिन्हें मुश्किल से बाहर निकाला गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tonk-becomes-water-tank/article-83805"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(2)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में मानसून अब लगभग सभी जिलों में छा गया है। मानसून की सक्रियता के बीच जयपुर, टोंक-सवाई माधोपुर, बीकानेर सहित कई जिलों में हल्की से तेज बारिश हुई। इस कारण नदी-नाले उफान पर हैं और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। टोंक में सुबह से ही तेज बारिश का दौर शुरू हुआ जो कई घंटों तक चला। इसके चलते सड़कों, घरों और स्कूलों तक में पानी भर गया। जिले के डिग्गी थाना क्षेत्र के भीपुर गांव में 10 कच्चे घर ढह गए। यहां बाढ़ से हालात हो गए। मालपुरा में सहोदरा नदी में अचानक पानी बढ़ने से तीन युवक फंस गए, जिन्हें मुश्किल से बाहर निकाला गया। </p>
<p><strong>बीकानेर में फैक्ट्री की दीवार ढही, तीन की मौत</strong><br />बीकानेर में शाम को आए अंधड़ बारिश के शोभासर में एक फैक्ट्री की दीवार ढहने से एक बच्चे समेत तीन जनों की मौत हो गई। ये सभी आंधी-बारिश से बचने के लिए दीवार का सहारा लेकर बैठे थे तभी ये हादसा हो गया। जयपुर में झोटवाड़ा इलाके में मुख्य सड़कों को जोड़ने वाली 80 फीट लिंक रोड का कुछ हिस्सा धंस गया। शास्त्री नगर थाने के पास राणा कॉलोनी में बारिश के कारण बिजली का ट्रांसफर्मर नाले पर गिर गया जिससे नाला ढह गया। नाला ढहने से आसपास रहने वाले करीब 100 मकानों पर गिरने का खतरा मंडरा रहा है। <br /><strong>टोंक में कक्षा 1 से 12 तक की स्कूलों में छुट्टी<br /></strong>जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने टोंक जिले में अत्यधिक भारी बारिश एवं बाढ़ की सम्भावनाओं को देखते हुए रेड़ अलर्ट जारी कर दिया है, साथ ही कक्षा 1 से 12 तक के समस्त विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। </p>
<p><strong>अब आगे क्या?</strong><br />मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को भी पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने व कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं 7-8 जुलाई को भारी बारिश की गतिविधियों में कमी होने और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में बारिश दर्ज होने की संभावना है। इसके बाद 9-10 जुलाई से फिर पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग में आगामी 2-3 दिन दोपहर बाद मेघगर्जन, आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। जोधपुर संभाग के पूर्वी व उत्तरी भागों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है।</p>
<p><strong>यहां बरसे मेघ</strong><br />पिछले 24 घंटे के दौरान राजस्थान के जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, नागौर, चित्तौड़गढ़, बारां, कोटा, बूंदी के अलावा पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, चूरू और दक्षिण राजस्थान के उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ के एरिया में बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी करते हुए प्रदेश में 18 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 10:28:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>भैय्या जीरे या सौंफ की बजाय तो बादाम या किशमिश खा लेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[मार्च एवं अप्रैल की बारिश के चलते गर्मी से भले ही लोगों ने राहत महसूस की थी, लेकिन अब रसोई का पूरा बजट बिगड़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/brother--instead-of-cumin-or-fennel--he-will-eat-almonds-or-raisins/article-52981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । मार्च-अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश के चलते सिर्फ टमाटर या नींबू ही नहीं बल्कि मसालों पर भी महंगाई का रंग चढ़ने लगा है। फिर चाहे चाय का मसाला (सौंठ, लोंग, इलायची या डोडा) हो गया फिर सब्जी का तड़का (जीरा, सौंफ)। सभी महंगाई के चलते रसोई से दूर हो रहे हैं। गरीब या आम ही नहीं अपितु सामान्य वर्ग की भी पहुंच से बाहर हैं। लोग भाव सुनकर ही कहने लगे हैं भैय्या जीरे या सौंफ की बजाय तो बादाम या किशमिश ही खा लेंगे, जिनसे कम से कम दिमाग को बढ़ेगा। मार्च एवं अप्रैल की बारिश के चलते गर्मी से भले ही लोगों ने राहत महसूस की थी, लेकिन अब रसोई का पूरा बजट बिगड़ गया है।</p>
<p><strong>मसाले हो गए ड्रायफू्रट से महंगे</strong><br />शहर के मसाला एवं ड्रायफ्रूट व्यापारी रवि व ताराचंद के अनुसार भावों की बात करें तो सबसे ज्यादा 620 रुपए किलो बादाम बिक रहा है, लेकिन जीरा, लोंग, काली मिर्च, इलायची के भाव इससे भी ज्यादा हैं। मार्च अप्रैल में अब जुलाई में भावों में दुगुना अंतर हो गया है। चाय एवं सब्जी के मसालों के भाव इस समय ड्रायफ्रूट से भी महंगे हो गए हैं। मसाले व्यापारियों का कहना है कि अभी की स्थिति को देखकर लग रहा है कि इस वर्ष भावों में कमी के आसार कम ही हैं। क्योंकि जिस तरह तीन-चार महीने में इनके भाव दुगुने से भी ज्यादा हो गए हैं। ऐसे में आधे भाव कम होना आसान नहीं है।</p>
<p><strong>बारिश से हो गया उत्पादन कम</strong><br />प्रगतिशील किसान लक्ष्मीनारायण के अनुसार फसल पकने के समय मार्च-अप्रैल में हुई बारिश के चलते एक तो उत्पादन प्रभावित हुआ, साथ ही निर्यात भी बढ़ गया है। दूसरी ओर कुछ किसानों ने भी भाव को देखकर उत्पादन बेचने की बजाय घर में ही स्टॉक कर लिया है। जिसके कारण एक साथ ही इतने भाव बढ़ गए हैं। आगामी दिनों में भाव कम होने के आसार कम ही हैं। कुछ वस्तुओं का आयात भी कम हो गया है। जिसके कारण भाव लगातार बढ़ रहे हैं। अब नई फसल आने तक भाव गिरने की उम्मीद कम ही है।</p>
<p><strong>मसाला भाव</strong><br />सौंठ    250 380<br />जीरा    280 680<br />सौंफ    220 320<br />डोडा    800 1100<br />लोंग    800 1000<br />साबूदाने    60 75<br />कालीमिर्च    600 700<br />धनिया    90 110<br />अजवायन    200 280<br />ड्रायफ्रूट भाव<br />बादाम    600<br />किशमिश    180<br />मखाने    520<br />अखरोट    550</p>
<p><strong>भाव प्रति किलो रुपए में</strong><br /><strong>280 से 680 पर पहुंचा जीरा</strong><br />एक साल पहले जीरा 280 रुपए किलो बिक रहा था, लेकिन अब 680 पर पहुंच गया है। इसी प्रकार सौंफ 220 से बढकर 320 रुपए पर पहुंच गई है। यह तो थोक के भाव हैं। खुदरा में तो जीरा 700 रुपए किलो तक बिक रहा है। ऐसे में लोगों का बजट ही गड़बड़ा गया है। किराना व्यापारियों ने बताया कि जीरा के दाम में तेजी के कारण इसकी ग्राहकी भी काफी कम हो गई है।  जो ग्राहक दुकान पर आ रहे हैं वह भी काफी मात्रा में जीरा खरीद कर ले जा रहे हैं। कुछ माह से जीरे की बिक्री कम हो गई है।</p>
<p><strong>विदेशों में भी जीरे की मांग बढ़ी</strong><br />देश के साथ ही विदेश में भी जीरे की मांग बढ़ने के कारण इसके भाव में लगातार इजाफा होता जा रहा है। विदेशी मांग के चलते जीरे का स्टॉक कम पड़ गया है। इसलिए मांग के हिसाब से आपूर्ति नहीं होने से जीरे की कीमत दिनों दिन नई ऊंचाई की ओर जा रही है। हाल के दिनों में राजस्थान और गुजरात और भारी बारिश हुई थी। इस कारण जीरे की नई फसल प्रभावित हुई है। मंडियों में आवक घटने के कारण इसके दाम में उछाल देखा जा रहा है।</p>
<p>सब्जी में जीरे का छौंक लगाए तो काफी समय हो गया है। इसके दाम अब तो काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में कई माह से जीरा खरीदा ही नहीं हैं। पिछले वर्ष पूरे साल के हिसाब से जीरा खरीदा था। उस समय दाम कम थे, लेकिन अब दाम बढ़ने से जीरा नहीं खरीदा है। <br /><strong>- उर्मिला सारस्वत गृहिणी</strong></p>
<p>जीरा, लोंग, काली मिर्च, इलायची के भाव काफी बढ़ गए हैं। मार्च अप्रैल में अब जुलाई में भावों में दुगुना अंतर हो गया है। चाय एवं सब्जी के मसालों के भाव इस समय ड्रायफ्रूट से भी महंगे हो गए हैं। इस वर्ष भावों में कमी के आसार कम ही हैं। क्योंकि जिस तरह तीन-चार महीने में इनके भाव दुगुने से भी ज्यादा हो गए हैं। ऐसे में आधे भाव कम होना आसान नहीं है।<br /><strong>- पवन अग्रवाल, मसाला व्यापारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jul 2023 16:50:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झूम कर बरसे बदरा, आकाशीय बिजली गिरने से चार की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[आकाशीय बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे तीन लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए। तेज बारिश और हवा से दशहरा मेला बर्बाद हो गया, जिससे काफी नुकसान का अनुमान है। बिन मौसम बरसात से खरीफ की खेतों में खड़ी और पड़ी हुई फसल को काफी नुकसान का अनुमान है। रबी की बोई गई फसलों में भी नुकसान की संभावना है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/badra-rained-with-joy-four-died-due-to-lightning/article-25908"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/rains.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मौसम में आए बदलाव से प्रदेश के अनेक हिस्सों में शुरू हुआ बारिश का दौर दिनभर जारी रहा। चित्तौड़गढ़ में झमाझम बारिश हुई, इससे कई जगह जलप्लावन की स्थिति बन गई। भीलवाड़ा, टोंक, अलवर, पिलानी, सीकर, चूरू और धौलपुर में जमकर मेघ बरसे, इससे कई जगह पानी जमा हो गया। पिछले चौबीस घण्टों में करौली में 118 एमएम बारिश दर्ज की गई। पाली जिले के रोहट क्षेत्र के चोटिला गांव में आकाशीय बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे तीन लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए। जबकि चित्तौड़गढ़ के बेगू में आकाशीय बिजली गिरने से सुंडाराम ने दम तोड़ दिया। मृतकों में प्रेम पत्नी बाबूलाल, रूकमा पत्नी दीपराम और रूपी पत्नी मानाराम शाामिल हैं।  कोटा में तेज बारिश और हवा से दशहरा मेला बर्बाद हो गया, जिससे काफी नुकसान का अनुमान है। बिन मौसम बरसात से खरीफ की खेतों में खड़ी और पड़ी हुई फसल को काफी नुकसान का अनुमान है। रबी की बोई गई फसलों में भी नुकसान की संभावना है। </p>
<p><strong>बांधों के गेट खोले </strong></p>
<p>आमतौर पर मानसून की विदाई के बाद बरसात नहीं होती है, लेकिन तेज बारिश का दौर चलने से कोटा बैराज के आठ गेट खोलकर 95 हजार क्यूसेक और बिसलपुर बांध के दो गेट आधा-आधा मीटर खोलकर पानी की निकासी की गई। </p>
<p><strong>जयपुर में लगी सावन की झड़ी </strong></p>
<p>गुलाबी नगरी में  सावन की झड़ी लगी रही। दिनभर कभी तेज और कभी रिमझिम होती रही। जयपुर में दिन का तापमपन 25.0 और रात का 22.7 डिग्री दर्ज हुआ। </p>
<p><strong> इन हिस्सों में बरसेंगे बादल</strong> </p>
<p>भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौडगढ़, दौसा, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर और टोंक में मेघगर्जन के साथ बारिश की संभावना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Oct 2022 11:18:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुदरत का कहर</title>
                                    <description><![CDATA[जाते-जाते मानसून की भारी बारिश व भूस्खलन ने केरल और उत्तराखण्ड के कई इलाकों में तबाही मचा दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/617145e0426d5/article-1815"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/kudrat-ka-kahar.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जाते-जाते मानसून</strong> की भारी बारिश व भूस्खलन ने केरल और उत्तराखण्ड के कई इलाकों में तबाही मचा दी है। भारी बारिश व भूस्खलन से केरल में 26 और उत्तराखण्ड में 34 लोगों की मौत हो जाने की खबर है। केरल और उत्तराखण्ड के अलावा देश के कई राज्यों में भी तबाही का मंजर मचा है। बाढ़, नदी-नालों में उफान जैसी घटनाओं से भारी नुकसान होने की जानकारी मिली है। केरल में घर नदी में समा गए, पुल और सड़कें पानी में बह गए। केरल में 2018 और 2019 में भी तबाही मची थी, वैसे ही तबाही इस बार भी मचने की आशंका है। उत्तराखण्ड में मौसम विभाग का अलर्ट मिलने के बाद चारधाम यात्रा रोक दी गई है। इस बार उत्तराखण्ड व हिमाचल में भूस्खलन की घटनाएं कुछ ज्यादा ही हुई हैं। इन कारणों का अध्ययन अब जरूरी हो गया है। पहले बारिश होती थी, लगातार होती थी, तब भी इतनी तबाही नहीं मचती थी जबकि आजकल जरा सी देर की मुसलाधार वर्षा से शहरों में तबाही मच जाती है। हर साल बाढ़ का तो नियम ही बन गया है। इससे हर साल जान-माल का भारी नुकसान होता है। सरकारें हर साल जान-माल की क्षति तो सहन कर लेती हैं, लोगों के संतोष के लिए मुआवजा भी घोषित कर देती हैं, लेकिन प्राकृति के प्रकोप से बचने के लिए उपायों पर ध्यान नहीं देती। केन्द्र सरकार भी राष्ट्रीय स्तर की कोई योजना नहीं बनाती है। हमारे देश में ही नहीं दुनियाभर में ग्लोबल वार्मिंग के चलते तापमान बढ़ रहा है। भारत में भी तापमान बढ़ रहा है। इसकी वजह से मानसून में कहीं ज्यादा बारिश होती है तो कहीं सूखा पड़ जाता है। दरअसल ग्र्रीन हाऊस गैसों का ज्यादा उत्सर्जन होने से तापमान तो बढ़ ही रहा है साथ ही हमारे देश में प्राकृतिक संसाधनों का बेहिसा तरीके से दोहन भी किया गया है। पहाड़ों को नष्ट कर दिया गया है तो जंगलों का सफाया भी किया जा रहा है। हरियाली लुप्त होती जा रही है। ऐसा नहीं है जलवायु परिवर्तन अचानक हो गया है। पिछले कई सालों से वैज्ञानिक और पर्यावरण विशेषज्ञ पिछले कई सालों से दुनिया को चेता रहे हैं, लेकिन कोई भी देश मान नहीं रहा है। आज यूरोप में भी तबाही मचती रहती है। भारत की सरकार हो या दुनिया की सरकारें पिछले आपदाओं से कोई सबक नहीं सीख रही हैं। अब भी समय है देश व दुनिया को कुदरत के मिजाज को समझकर ठोस योजनाएं बनाई जाएं, ताकि तबाही से बच सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/617145e0426d5/article-1815</link>
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                <pubDate>Thu, 21 Oct 2021 17:24:57 +0530</pubDate>
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