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                <title>India US Trade Deal - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>India US Trade Deal RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 83,817 और निफ्टी 25,776 अंक पर बंद</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका से व्यापार समझौते के बाद शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी रही। सेंसेक्स-निफ्टी रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचे, जबकि आईटी शेयरों में भारी गिरावट दर्ज हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/stock-markets-rose-for-the-second-consecutive-day-sensex-closed/article-141936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/share-market-.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की घोषणा के बाद घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन तेजी देखी गयी, हालांकि आईटी सेक्टर की कंपनियों में बड़ी गिरावट रही। बीएसई का सेंसेक्स 78.56 अंक (0.09 प्रतिशत) चढ़कर 83,817.69 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 48.45 अंक यानी 0.19 प्रतिशत ऊपर 25,776 अंक पर पहुंच गया। यह दोनों सूचकांकों का 12 जनवरी के बाद का उच्चतम स्तर है। इस बीच, आईटी कंपनियों में भारी दबाव रहा जिसके कारण सुबह प्रमुख सूचकांकों में गिरावट थी और एक समय सेंसेक्स 600 अंक से अधिक टूट गया था।</p>
<p>अमेरिकी शेयर बाजारों में सूचीबद्ध भारतीय आईटी कंपनियों के शेयर सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। बताया जा रहा है कि एक ऐसे एआई टूल के विकास की खबर आने के बाद ये कंपनियां दबाव में आ गयीं जो दस्तावेजों की समीक्षा और आंकड़ों के विश्लेषण का काम कर सकती हैं। ज्यादातर कंपनियां वर्तमान में ये काम भारतीय कंपनियों से आउटसोर्स करवाती हैं। उसी का असर आज बाजार खुलते ही दिखा।</p>
<p>सेंसेक्स में आईटी कंपनियों में ही सबसे अधिक गिरावट रही। इंफोसिस का शेयर सात प्रतिशत से अधिक लुढ़क गया। टीसीएस में भी लगभग सात फीसदी की गिरावट रही। एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा के शेयर चार प्रतिशत से अधिक टूटे। तीस कंपनियों वाले संवेदी सूचकांक में इटरनल का शेयर पांच प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा। ट्रेंट का शेयर पांच प्रतिशत के करीब चढ़ा। एनटीपीसी, अडानी पोर्ट्स और पावरग्रिड में दो से ढाई प्रतिशत की तेजी रही। मारुति सुजुकी, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, टाटा स्टील, आईटीसी और एशियन पेंट्स के शेयर एक से दो प्रतिशत तक की बढ़त में बंद हुए। एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और बजाज फिनसर्व के शेयर भी हरे निशान में रहे।</p>
<p>एक्सिस बैंक का शेयर एक प्रतिशत से अधिक टूटा। कोटक महिंद्रा बैंक भी गिरावट में बंद हुआ। मझौली और छोटी कंपनियों में ज्यादा तेजी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.65 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.27 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। निफ्टी आईटी सूचकांक करीब छह प्रतिशत लुढ़क गया। फार्मा और स्वास्थ्य सेक्टरों में भी गिरावट रही। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, तेल एवं गैस, ऑटो, धातु, रियलिटी, मीडिया, बैंकिंग और रसायन सेक्टरों के सूचकांक तेजी में रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 17:01:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीयूष गोयल का संसद को आश्वासन, कहा भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता में खाद्य, कृषि क्षेत्र की संवेदनशीलता का रखा ध्यान </title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने संसद को आश्वस्त किया कि भारत–अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि और दुग्ध जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हित सुरक्षित रखे गए हैं, जिससे निर्यात और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/piyush-goyals-assurance-to-the-parliament-said-that-india-took/article-141934"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(9)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की जानकारी संसद के बाहर दिये जाने पर विपक्ष के कड़े विरोध के बाद बुधवार को सरकार ने संसद को आश्वस्त किया कि इस समझौते में देश के खाद्य एवं कृषि क्षेत्र की प्रमुख संवेदनशीलताओं का पूरा ध्यान रखा है।     वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संसद के दोनों सदनों में दिये गये वक्तव्यों में कहा कि भारत समझौते में अपने संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर कृषि और दुग्ध क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अमेरिका के भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जो उनके दृष्टिकोण से संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता लघु एवं मध्यम उद्यमों, उद्यमियों, कुशल श्रमिकों और उद्योग के लिए नये अवसर खोलेगा, उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच को सुगम बनाएगा और भारत के मेक इन इंडिया फॉर द विश्व, डिजाइन इन इंडिया फॉर द वल्र्ड और इन्नोवेट इन इंडिया फॉर द वल्र्ड के दृष्टिकोण को साकार करने में सहायक होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पिछले वर्ष फरवरी की अमेरिका यात्रा के बाद से भारत और अमेरिका संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते को संपन्न करने के उद्देश्य से नियमित रूप से चर्चा करते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, दोनों पक्षों के कारों ने पिछले एक वर्ष में विभिन्न स्तरों पर गहन बातचीत की है। दोनों पक्षों के महत्वपूर्ण और विविध हितों को देखते हुए यह स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए सर्वोत्तम संभव परिणाम सुनिश्चित करना चाहेंगे।</p>
<p>पीयूष गोयल ने कहा कि इन के दौरान लगभग एक वर्ष तक चले कई दौर के विचार-विमर्श के बाद, दोनों कार दल द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कई क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे हैं। पीएम मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो फरवरी को द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर फोन पर चर्चा की। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिका को किए जाने वाले भारतीय निर्यात पर टैरिफ की दर घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की।</p>
<p>वाणिज्य मंत्री ने कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि यह अमेरिका द्वारा कई प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाये गये आयात कर से कम है, जिससे अमेरिकी बाजार में भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी। यह समझौता भारतीय निर्यातकों को, विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों और विनिर्माण में, महत्वपूर्ण तुलनात्मक लाभ भी प्रदान करता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक ढांचागत समझौता भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 की दिशा में हमारी यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत जुड़ाव को भी दर्शाता है, जो स्वाभाविक साझेदार हैं और साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।</p>
<p>वाणिज्य मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते से संबंधित आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करने और कागजी कार्यवाही को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे, ताकि इसकी पूरी क्षमता का शीघ्रता से लाभ उठाया जा सके। समझौते की विस्तृत रूपरेखा इन प्रक्रियाओं के समापन के पश्चात तुरंत घोषित की जायेगी।</p>
<p>पीयूष गोयल ने कहा, सदस्यों को भारत के ऊर्जा स्रोतों से संबंधित उन मुद्दों की जानकारी होगी, जो इस समझौते पर हुई चर्चाओं के दौरान उठाये गये हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं, जैसा कि सरकार ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है, कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा आवश्यकताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वस्तुनिष्ठ बाजार स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्यों के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी कार्यनीति का मूल आधार है। भारत की सभी कार्रवाइयां इसी बात को ध्यान में रखकर की जाती हैं। अत: मैं माननीय सदस्यों से इन मुद्दों को समुचित दृष्टिकोण से देखने का आग्रह करता हूं।</p>
<p>उन्होंने कहा, दोनों देशों के बीच भावी व्यापार अवसरों के संदर्भ में सदस्य इस बात को समझेंगे कि भारत और अमेरिका काफी हद तक एक-दूसरे की पूरक अर्थव्यवस्थाएं हैं। जैसे-जैसे भारत विकसित भारत के पथ पर अग्रसर हो रहा है, हमें ऊर्जा, उड्डयन, डेटा केंद्र, परमाणु ऊर्जा आदि सहित कई क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता होगी। अमेरिका इन क्षेत्रों में दुनिया का अग्रणी देश है, इसलिए हमारे लिए इन क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करना स्वाभाविक है, जिससे न केवल हमारी खरीद में बल्कि हमारे अपने निर्यात में भी विस्तार होगा। अत: हमारा अनुमान है कि तुलनात्मक लाभ के परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में भारत का निर्यात अमेरिका में भी काफी बढ़ेगा।</p>
<p>केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ यह ढांचागत समझौता, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास और नवाचार को गति प्रदान करेगा, भारत की जनता एवं राष्ट्र के व्यापक हित में है। यह विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत दोनों को सशक्त बनाता है। सरकार देश के लिए प्रधानमंत्री के इस ²ष्टिकोण को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी। </p>
<p>गौरतलब है कि, विपक्ष इस बात को लेकर हमलावर है कि संसद सत्र के दौरान इस समझौते के बारे में जानकारी संसद से बाहर सार्वजनिक की गयी। गोयल ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इस समझौते के बारे में जानकारी दी थी। इससे पहले विपक्ष के सदस्यों ने संसद के दोनों सदनों में सरकार से समझौते के बारे में वक्तव्य देने की मांग की थी।  </p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को फिर कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता (एजेंसी) के दौरान भारत ने देश के खाद्य एवं कृषि क्षेत्र की प्रमुख संवेदनशीलताओं का पूरा ध्यान रखा है। पीयूष गोयल ने लोक सभा में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संबंध में दोनों देशों की ओर से की गयी घोषणाओं पर अपने एक वक्तव्य में कहा कि भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर कृषि और दुग्ध क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। अमेरिकी पक्ष के भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जो उनके दृष्टिकोण से संवेदनशील हैं।  </p>
<p>गौरतलब है कि, पीयूष गोयल ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में भी कहा था कि अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते में भारत कृषि क्षेत्र की संवदेनशीलता का ध्यान रखेगा। इस बारे में की गयी में यह स्पष्ट भी किया गया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता लघु एवं मध्यम उद्यमों, उद्यमियों, कुशल श्रमिकों और उद्योग के लिए नये अवसर खोलेगा, उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच को सुगम बनाएगा और भारत के'मेक इन इंडिया फॉर द वल्र्ड, डिजाइन इन इंडिया फॉर द वल्र्ड और इन्नोवेट इन इंडिया फॉर द वल्र्ड के दृष्टिकोण को साकार करने में सहायक होगा।     </p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फरवरी 2025 में अमेरिका यात्रा के बाद से भारत और अमेरिका एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते को संपन्न करने के उद्देश्य से नियमित रूप से चर्चा करते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, दोनों पक्षों के कारों ने पिछले एक वर्ष में विभिन्न स्तरों पर गहन बातचीत की है। दोनों पक्षों के महत्वपूर्ण और विविध हितों को देखते हुए यह स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए सर्वोत्तम संभव परिणाम सुनिश्चित करना चाहेंगे।</p>
<p>पीयूष गोयल ने कहा कि इन (एजेंसी)ओं के दौरान लगभग एक वर्ष तक चले कई दौर के विचार-विमर्श के बाद, दोनों (एजेंसी)कार दल द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कई क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे हैं। दो फरवरी 2026 को पीएम मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर फोन पर चर्चा की। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिका को किए जाने वाले भारतीय निर्यात पर टैरिफ की दर घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की।</p>
<p>उन्होंने कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि यह अमेरिका द्वारा कई प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाये गये आयात कर से कम है, जिससे अमेरिकी बाजार में भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी। यह समझौता भारतीय निर्यातकों को, विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों और विनिर्माण में, महत्वपूर्ण तुलनात्मक लाभ भी प्रदान करता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक ढांचागत समझौता भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 की दिशा में हमारी यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत जुड़ाव को भी दर्शाता है, जो स्वाभाविक साझेदार हैं और साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते से संबंधित आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करने और कागजी कार्यवाही को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे, ताकि इसकी पूरी क्षमता का शीघ्रता से लाभ उठाया जा सके। समझौते की विस्तृत रूपरेखा इन प्रक्रियाओं के समापन के पश्चात तुरंत घोषित की जायेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, सदस्यों को भारत के ऊर्जा स्रोतों से संबंधित उन मुद्दों की जानकारी होगी, जो इस समझौते पर हुई चर्चाओं के दौरान उठाये गये हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं, जैसा कि सरकार ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है, कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा आवश्यकताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वस्तुनिष्ठ बाजार स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्यों के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी कार्यनीति का मूल आधार है। भारत की सभी कार्रवाइयां इसी बात को ध्यान में रखकर की जाती हैं। अत: मैं माननीय सदस्यों से इन मुद्दों को समुचित दृष्टिकोण से देखने का आग्रह करता हूं।</p>
<p>पीयूष गोयल ने कहा, दोनों देशों के बीच भावी व्यापार अवसरों के संदर्भ में सदस्य इस बात को समझेंगे कि भारत और अमेरिका काफी हद तक एक-दूसरे की पूरक अर्थव्यवस्थाएं हैं। जैसे-जैसे भारत विकसित भारत के पथ पर अग्रसर हो रहा है, हमें ऊर्जा, उड्डयन, डेटा केंद्र, परमाणु ऊर्जा आदि सहित कई क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता होगी। अमेरिका इन क्षेत्रों में दुनिया का अग्रणी देश है, इसलिए हमारे लिए इन क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करना स्वाभाविक है, जिससे न केवल हमारी खरीद में बल्कि हमारे अपने निर्यात में भी विस्तार होगा। अत: हमारा अनुमान है कि तुलनात्मक लाभ के परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में भारत का निर्यात अमेरिका में भी काफी बढ़ेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ यह ढांचागत समझौता, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास और नवाचार को गति प्रदान करेगा, भारत की जनता एवं राष्ट्र के व्यापक हित में है। यह विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत दोनों को सशक्त बनाता है। हम अपने देश के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी के इस दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 16:47:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सभापति सी पी राधाकृष्णन की विपक्ष को चेतावनी, बोलें-कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस केवल अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे पर ही किया जा सकता है मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा सभापति ने स्पष्ट किया कि नियम 267 के तहत केवल अत्यंत महत्वपूर्ण, आपात मुद्दों पर ही कार्य स्थगन स्वीकार होगा। भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर नोटिस खारिज किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/chairman-cp-radhakrishnans-warning-to-the-opposition-that-the-notice/article-141906"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने बुधवार को स्पष्ट किया कि सदन में नियम 267 के तहत कार्य स्थगन प्रस्ताव के केवल वही नोटिस स्वीकार किये जा सकते हैं जो बेहद अत्यंत महत्वपूर्ण और आपात स्थिति से जुड़े हों। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के डॉ. जॉन ब्रिटास ने शून्यकाल के दौरान सभापति से जानना चाहा कि उन्होंने सभी विधायी कामकाज रोककर भारत अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा कराने के लिए नियम 267 के तहत जो नोटिस दिया था उसका क्या हुआ। सभापति ने कहा कि उनका नोटिस स्वीकार नहीं किया गया है।</p>
<p>सदस्य के बार-बार प्रतिवाद करने पर उन्होंंने कहा कि सदन में नियम 267 के तहत केवल वही मुद्दे उठाये जा सकेंगे जो अत्यंत महत्वपूर्ण और आपात स्थिति से जुड़े हों। उन्होंने कहा कि वह पहले भी इस बारे में व्यवस्था दे चुके हैं। सदस्य की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि वह आसन को चुनौती नहीं दे सकते। </p>
<p>सदस्य के बार बार यह मुद्दा उठाने पर उन्होंने कहा कि आपकी सहायता नहीं की जा सकती। इससे पहले कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने व्यवस्था का सवाल उठाते हुए कहा कि वाणिज्य मंत्री ने संसद सत्र के दौरान भारत अमेरिका समझौते के बारे में मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर जानकारी दी। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह संसद के नियमों और परंपराओं का उल्लंघन है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सदस्य सही कह रहे हैं कि यह संसद की परंपरा है। उन्होंने कहा कि साथ ही इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि सरकार संसद में वक्तव्य देने के लिए तैयार थी लेकिन लोकसभा की स्थिति को देखते हुए ऐसा नहीं किया जा सका और आज दोनों सदनों में इस संबंध में वक्तव्य दिया जायेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 14:14:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>टीकाराम जूली ने बोला केंद्र सरकार पर हमला, कहा-किन शर्तों पर हुई ट्रेड डील, जनता के सामने आना चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए कहा शर्तें जनता के सामने आएं, दबाव में समझौते का आरोप लगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tikaram-julie-attacked-the-central-government-and-said-on-what/article-141773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/tikaram-julee-3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: भारत -अमेरिका ट्रेड डील पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाते हुए कहा कि किन शर्तों पर डील हुई है वो जनता के सामने आनी चाहिए।विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए जूली ने कहा कि अमेरिका ने जो डील फाइनल करवाई है वो अपनी शर्तों पर करवाई है। अमेरिका और भारत में आयात निर्यात होता है और जो स्थिति अमेरिका के आयात की है अगर उस आधार पर ट्रेड डील हुई है तो उन बातों को पूरा होने में 20 वर्ष लगेंगे और इतने साल अमेरिका रुकने वाला नहीं है।</p>
<p>अमेरिका हमेशा से अपने देश का अनाज भारत में भेजना चाहता है जिसका भारत और भारत के किसान विरोध करते रहे हैं। हमें लगता है कि मोदी ने दबाव में कोई समझौता किया है और जो समझौते की शर्त है वो बाहर नहीं आ रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदना होगा और रूस से तेल लेना बंद करना होगा। अमेरिका ने मोदी को डरा कर हमारे ऊपर टैरिफ लगवाया और अब समझौता करवाया है।</p>
<p>अमेरिका बार-बार हम पर टैरिफ लगाने की धमकी देता है तो आखिर अब भारत सरकार को बताना चाहिए कि आखिर किस आधार पर डील हुई है और हम पर किस आधार पर 18 परसेंट टैरिफ किया गया है। भाजपा को बताना चाहिए कि डोनाल्ड ट्रंप जिस तरह से बार-बार नरेंद्र मोदी का कटाक्ष करते रहे हैं प्रधानमंत्री को नीचा दिखाने की कोशिश करते रहे। ऐसे में ट्रंप कह रहे हैं कि नरेंद्र मोदी मेरे दोस्त हैं, अगर नरेंद्र मोदी दोस्त थे तो फिर उन्हें अपने शपथ ग्रहण समारोह में क्यों नहीं बुलाया। यह सब दिखाता है कि बीजेपी घबराई हुई है और डर कर डील की है।</p>
<p>जूली ने शिक्षा और पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर पर भी हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री शिक्षा की बात नहीं करते हैं और सारी बातें करते हैं। राजस्थान में शिक्षा का स्तर बिगड़ा हुआ है हाई कोर्ट भी सरकार पर फटकार लगा चुका है। राजस्थान में 3768 स्कूलों के बिल्डिंग जर्जर है जिस पर एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ है। 41हजार स्कूलों में से केवल 2 हजार  स्कूलों में ही मरम्मत के पैसे मंजूर किए गए हैं और अब शिक्षा मंत्री गोपालन की बात कर रहे हैं। प्रदेश में स्कूलों की स्थिति बहुत दयनीय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 16:03:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जेपी नड़डा ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष के रूख को गैर जिम्मेदाराना करार दिया, कहा-सरकार संसद को देगी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली में राज्यसभा में सरकार ने विपक्षी आलोचना को गैर जिम्मेदाराना बताया। जल्द ही मंत्री अमेरिका-व्यापार समझौते की जानकारी संसद को देंगे। स्वास्थ्य योजनाओं से इलाज का खर्च घटा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jp-nadda-termed-the-oppositions-stand-regarding-the-trade-agreement/article-141786"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर संसद में विपक्ष के रूख को गैर जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा है कि इस संबंध में जल्द ही संसद में एक वक्तव्य दिया जायेगा और संबंधित मंत्री भी समझौते के बारे में संसद को जानकारी देंगे। राज्यसभा में मंगलवार को विपक्षी सदस्यों ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जतायी कि संसद को इस समझौते की जानकारी नहीं दी गयी और अमेरिका की ओर से सोशल मीडिया पर समझौते की बात कही गयी। विपक्षी सदस्यों ने इस पर सरकार से वक्तव्य देने की मांग की। सदस्यों ने इस मुद्दे को लेकर सदन में शोर शराबा किया। </p>
<p>नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा ने इसे विपक्ष का गैर जिम्मेदाराना रवैया बताते हुए कहा कि सरकार जल्द ही संसद को इस समझौते के बारे में जानकारी देगी । उन्होंने कहा कि संबंधित मंत्री भी इस बारे में वक्तव्य देंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष को हताशा में गैर जिम्मेदाराना रूख नहीं अपनाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अच्छाई में भी बुराई खोजना उसकी आदत बन गयी है। उन्होंने कहा कि इस तरह का तरीका प्रजातंत्र के लिए घातक है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि कल देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस समझौते के बारे में ट्वीट कर जानकारी दी थी और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार संसद को भी सब कुछ बताने के लिए तैयार है और विपक्ष को संयम बरतना चाहिए। </p>
<p>इसके आगे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने मंगलवार को कहा कि पिछले 10 साल में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के कारण इलाज पर लोगों का खर्च काफी कम हो गया है। नड्डा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि लोगों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं और दवाइयां मुहैया कराने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इनके परिणाम स्वरूप पिछले 10 साल में लोगों द्वारा अपनी जेब से इलाज पर किया गया खर्च 62.6 प्रतिशत से घटकर 39.4 प्रतिशत रह गया है। इससे आम लोगों को काफी राहत मिली है।</p>
<p>उन्होंने कहा बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सरकार जिला स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है। इसके अलावा, जन औषधि केंद्रों पर जेनरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 80 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गरीबों को साल में पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। सस्ती दवाओं के लिए अमृत फार्मेसी शुरू की गयी है। </p>
<p>स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इन सभी योजनाओं के कारण इलाज पर आम लोगों के खर्च में कमी आयी है। दवाओं की ऊंची कीमतों के बारे में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में जे. पी. नड्डा ने कहा कि दवाओं के मूल्य निर्धारण के तीन उद्देश्य हैं-दवाएं लोगों की पहुंच के भीतर हों, फार्मा उद्योग की वृद्धि बनी रहे और लोगों को रोजगार मिलता रहे।</p>
<p>एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि कैंसर की 63 दवाओं की मूल्य सीमा तय है। इसके साथ ही कैंसर के इलाज में काम आने वाले 132 में 131 शिड्यूल फॉर्मूलेशन के लिए भी अधिकतम कीमत तय है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 14:14:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का दावा: कहा भारत ने टैरिफ में कटौती पूरी तरह से हासिल की; मजबूत मूल्य निर्धारण शक्ति को समर्थन मिलने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली में अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में आयात शुल्क कटौती भारत के संतुलित रवैये का परिणाम है, इससे द्विपक्षीय व्यापार को नई गति मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-senator-lindsey-graham-claims-india-has-fully-achieved-tariff/article-141769"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोमवार को कहा कि भारत ने भारत-अमेरिका के नए व्यापार समझौते के तहत घोषित आयात शुल्क में कटौती पूरी तरह से हासिल की है। उन्होंने इस कटौती को यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर रूस से तेल खरीद को लेकर भारत द्वारा किए गए पुनर्संतुलन से जोड़ा। यूक्रेन युद्ध 24 फरवरी, 2026 को अपने पाँचवें वर्ष में प्रवेश करेगा।</p>
<p>लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति की तारीफ करते हुए कहा कि रूसी ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर आर्थिक दबाव काम करता दिख रहा है। उन्होंने भारत के साथ हालिया व्यापार समझौते की ओर इशारा किया, जिसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर आपसी आयात शुलक को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। </p>
<p>उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ट्रम्प, बहुत बढिय़ा। मुझे लगता है कि इस युद्ध को खत्म करने के बारे में आपका संदेश-पुतिन के उन ग्राहकों से जो उनकी युद्ध मशीन को मदद देने का काम कर रहे थे उन्हें सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा।</p>
<p>सीनेटर ग्राहम ने दावा किया कि भारत के आचरण ने आयात शुल्क में कटौती को पूरी तरह जायज ठहराया है और उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य देश भी इसी राह पर चलेंगे। उन्होंने कहा, अपने व्यवहार के जरिए भारत ने इस कटौती का हक़ उससे कहीं ज्यादा साबित किया है। मुझे उम्मीद है कि रूसी तेल खरीदने वाले अन्य बड़े देश भी भारत की दिशा का अनुसरण करेंगे।</p>
<p>उन्होंने व्यापार निर्णय को व्यापक भू-राजनीतिक उद्देश्यों से जोड़ते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तभी बातचीत की मेज पर आएंगे जब दबाव बढ़ेगा। लिंडसे ग्राहम की यह टिप्पणी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा दिन में पहले यह घोषणा करने के बाद आई है कि अमेरिका और भारत एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति दोस्ती और सम्मान के कारण आपसी आयात शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।   </p>
<p>इस घोषणा ने लगभग 11 महीने की अनिश्चितता को खत्म कर दिया, जिसने द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को दो दशकों से अधिक समय में सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत, अमेरिका भारतीय सामानों पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। भारत और अमेरिका ने कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों को तत्काल राहत प्रदान करेगा। </p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस समझौते की पुष्टि करते हुए कहा, हमने अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापारिक समझौते पर सहमति जताई है, जिसके तहत अमेरिका कम आयात शुल्क लगाएगा, इसे 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा। इसी तरह वे भी अमेरिका के खिलाफ अपने आयात शुल्क और नॉन-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य करेंगे।</p>
<p>आयात शुल्क में कमी से होने से अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों की प्रतिस्पर्धात्मकता बेहतर होने, मांग बढऩे, मार्जिन का दबाव कम होने और निर्यात-उन्मुख क्षेत्र के लिए मजबूत मूल्य निर्धारण शक्ति को समर्थन मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 13:26:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से झूमा शेयर बाजार, जबरदस्त कमाई का मौका, इन शेयरों में दिखेगा जोरदार एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की खबर से मुंबई में शेयर बाजार उछला। सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में जोरदार बढ़त के साथ खुले, सभी सेक्टर हरे रहे, निवेशकों में उत्साह दिखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/stock-market-is-excited-due-to-india-us-trade-agreement-strong/article-141766"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/share-market-.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की खबर से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बीएसई का सेंसेक्स 3,656.74 अंक उछलकर 85,323.20 अंक पर खुला और देखते ही देखते 4,205.27 अंक चढ़कर 85,871.73 अंक पर पहुंच गया। खबर लिखे जाते समय यह 2,227.60 अंक (2.73 प्रतिशत) ऊपर 83,894.06 अंक पर था। </p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक भी 1,219.65 अंक की तेजी के साथ 26,308.05 अंक पर खुला। यह 1,252.80 अंक तक चढ़कर 26,341.20 अंक पर पहुंच गया। खबर लिखे जाते समय यह 677.70 अंक यानी 2.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,766.10 अंक पर था। बाजार में सभी सेक्टरों के सूचकांकों में बड़ी तेजी देखी गयी। सेंसेक्स में आईटीसी को छोड़कर सभी कंपनियों के शेयर फिलहाल हरे निशान में हैं।       </p>
<p>सूचकांक की तेजी में सबसे अधिक योगदान रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा का रहा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 12:07:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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