<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/clean-energy/tag-70720" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Clean Energy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/70720/rss</link>
                <description>Clean Energy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सीईईडब्ल्यू रिपोर्ट में खुलासा: स्वच्छ ऊर्जा की नई लहर, दिल्ली और तमिलनाडु में 17% घरों में ई-कुकिंग</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[एक नए अध्ययन के अनुसार, भारत में इलेक्ट्रिक कुकिंग का चलन बढ़ रहा है। दिल्ली और तमिलनाडु के 17% परिवार इंडक्शन और माइक्रोवेव अपनाकर शीर्ष पर हैं। एलपीजी की बढ़ती कीमतों के बीच ई-कुकिंग एक सस्ता और आधुनिक विकल्प बनकर उभरा है, हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी इसका विस्तार होना बाकी है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ceew-report-reveals-new-wave-of-clean-energy-e-cooking-in/article-146316"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/inden.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत में स्वच्छ ऊर्जा और रसोई के आधुनिकीकरण को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। काउंसिल आन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) के एक अध्ययन के अनुसार, देश के कई राज्यों में इलेक्ट्रिक कुकिंग (ई-कुकिंग) के प्रति रुझान तेजी से बढ़ा है। इस सूची में दिल्ली और तमिलनाडु सबसे ऊपर हैं, जहां तकनीक और जागरूकता के कारण परिवारों ने पारंपरिक ईंधनों के विकल्प के रूप में बिजली से चलने वाले उपकरणों को अपनाया है।</p>
<p>प्रमुख राज्यों का प्रदर्शन: अध्ययन के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली और तमिलनाडु के लगभग 17 प्रतिशत परिवारों ने इंडक्शन कुकटाप, राइस कुकर और माइक्रोवेव ओवेन जैसे उपकरणों को अपनी रसोई का हिस्सा बनाया है। इसके बाद तेलंगाना का नंबर आता है, जहां 15 प्रतिशत परिवार ई-कुकिंग का उपयोग कर रहे हैं। वहीं, केरल और असम में यह दर 12 प्रतिशत दर्ज की गई है।</p>
<p><strong>शहरी बनाम ग्रामीण अंतर</strong></p>
<p>ई-कुकिंग को अपनाने के मामले में शहरी और ग्रामीण भारत के बीच एक बड़ा अंतर स्पष्ट नजर आता है-<br /><strong>शहरी क्षेत्र : </strong>यहां ई-कुकिंग का विस्तार 10.3 प्रतिशत है।<br /><strong>ग्रामीण क्षेत्र : </strong>ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा महज 2.7 प्रतिशत पर सिमटा हुआ है।<br /><strong>राष्ट्रीय औसत : </strong>यदि पूरे देश की बात करें, तो अब तक केवल पांच प्रतिशत परिवारों ने ही ई-कुकिंग को पूरी तरह या आंशिक रूप से अपनाया है।<br /><strong>किफायती विकल्प : </strong>बिजली बनाम एलपीजी<br /><strong>ई-कुकिंग एक सस्ता विकल्प:</strong> सीईईडब्ल्यू का अध्ययन एक महत्वपूर्ण आर्थिक पहलू की ओर भी इशारा करता है। वर्तमान में एलपीजी सिलिंडरों की बढ़ती कीमतों को देखते हुए, ई-कुकिंग एक सस्ता विकल्प साबित हो सकता है। विशेष रूप से उन परिवारों के लिए जिन्हें सब्सिडी आधारित बिजली मिलती है, बिजली पर खाना बनाना गैस की तुलना में अधिक किफायती है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि शहरी भारत में ई-कुकिंग अपनी जगह बना रही है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए ग्रामीण बुनियादी ढांचे और बिजली आपूर्ति में सुधार की आवश्यकता है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ceew-report-reveals-new-wave-of-clean-energy-e-cooking-in/article-146316</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ceew-report-reveals-new-wave-of-clean-energy-e-cooking-in/article-146316</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 11:15:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/inden.png"                         length="604879"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत का शुक्रिया! 300 अरब डॉलर का होगा निवेश, ट्रंप ने टेक्सस में रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ किया 300 अरब डॉलर की तेल रिफाइनरी का ऐलान</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्सास में $300 अरब की भव्य रिफाइनरी परियोजना की घोषणा की है, जिसमें भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज प्रमुख भागीदार होगी। 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे के तहत यह अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा निवेश है। यह रिफाइनरी दुनिया की सबसे स्वच्छ इकाई होगी, जो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक प्रभुत्व को नई दिशा देगी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/thanks-to-india-there-will-be-investment-worth-300-billion/article-146038"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ambani-and-trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है उनके देश में पचास साल बाद बनने वाली 300 अरब डॉलर की पहली तेल रिफाइनरी में भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह साझेदार होगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पेज ट्रुथ सोशल पर यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा, इस जबरदस्त निवेश के लिए भारत में हमारे साझेदार और उनकी सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी, रिलायंस को धन्यवाद।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, अमेरिका असली ऊर्जा प्रभुत्व की ओर लौट रहा है, आज मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि अमेरिका फस्र्ट रिफाइनिंग, ब्राउन्सविले, टेक्सास में 50 साल में पहली नई अमरीकी तेल रिफाइनरी खोल रही है। यह एक ऐतिहासिक 300 अरब डॉलर की डील है - अमरीकी इतिहास की सबसे बड़ी, अमेरिकी लोगों, ऊर्जा और दक्षिण टेक्सास के लोगों के लिए एक बड़ी जीत।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, यह हमारे अमेरिका फस्र्ट एजेंडा, परमिट को आसान बनाने और कर कम करने की वजह से है, जिसकी वजह से हमारे देश में अरबों डॉलर की डील वापस आ रही हैं। उन्होंने कहा कि ब्राउन्सविले पोर्ट पर एक नई रिफाइनरी, अमरीकी बाजार को बढ़ावा देगी, इसकी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगी, अमेरिकन ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाएगी और अरबों डॉलर की अर्थव्यवस्था पर असर डालेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रिफाइनरी दुनिया की सबसे साफ-सुथरी होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अभी इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/thanks-to-india-there-will-be-investment-worth-300-billion/article-146038</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/thanks-to-india-there-will-be-investment-worth-300-billion/article-146038</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 11:51:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/ambani-and-trump.png"                         length="708565"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन ने कृत्रिम सूर्य में 1300 से अधिक सेकेंड तक प्लाज्मा प्रवाह बनाये रखकर रचा इतिहास, कार्बन उत्सर्जन की चुनौतियों से निपटने के लिए एक प्रमुख उपकरण</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[चीन के एचएच70 टोकामक ने 1,337 सेकंड तक स्थिर प्लाज्मा प्रवाह बनाए रखा, एआई और सुपरकंडक्टिंग तकनीक से संलयन ऊर्जा को सस्ती व व्यवहार्य बनाने की दिशा में बड़ी सफलता मिली।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-created-history-by-maintaining-plasma-flow-in-artificial-sun/article-142197"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(14)5.png" alt=""></a><br /><p>शंघाई। चीन के शंघाई शहर में स्थित स्टार्टअप एनर्जी सिंगुलैरिटी ने घोषणा की है कि उसके एचएच70 उच्च तापमान सुपरकंडक्टिंग (एचटीएस) टोकामक (कृत्रिम सूर्य) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस नाभिकीय संलयन उपकरण ने 1,337 सेकंड तक निरंतर, लंबी अवधि के प्लाज्मा प्रवाह को बनाए रखने में सफलता हासिल की है।</p>
<p>सूर्य की नकल करने वाले परमाणु संलयन यंत्र को हमारी उर्जा जरूरतों को पूरा करने और कार्बन उत्सर्जन की चुनौतियों से निपटने के लिए एक प्रमुख उपकरण के तौर पर देखा जाता है।</p>
<p>चीन की पहली निजी संलयन ऊर्जा कंपनी के रूप में 2021 में स्थापित एनर्जी सिंगुलैरिटी ने जून 2024 में दुनिया के पहले एचटीएस टोकामक एचएच70 का निर्माण और संचालन पूरा किया था। इस उपकरण ने अब तक 5,755 प्रयोग किए हैं, जिसमें नवीनतम दौर ने हजार-सेकंड से अधिक तक उर्जा के स्थिर प्रवाह को प्राप्त किया है। इस स्तर तक स्थिर प्रवाह को प्राप्त करना एक शानदार उपलब्धि है क्योंकि प्लाज्मा बहुत गर्म होने के साथ ही बहुत अस्थिर होता है। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि टोकामक से स्थाई उर्जा या बिजली प्राप्त करना तभी संभव है जब प्लाज्मा का प्रवाह लगातार स्थिर बना रहे। कंपनी के अनुसार, यह उपलब्धि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित प्लाज्मा नियंत्रण प्रणाली के निरंतर अनुकूलन से संभव हुई है।</p>
<p>एनर्जी सिंगुलैरिटी के सह-संस्थापक डोंग गे ने कहा, यह सफलता केवल समय के बारे में नहीं है, बल्कि इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह दर्शाती है कि एचटीएस और एआई नियंत्रण प्रौद्योगिकियों का गहरा एकीकरण इंजीनियरिंग स्तर पर व्यवहार्य हो गया है। यह भविष्य के संलयन बिजली संयंत्रों के कम लागत और उच्च दक्षता वाले निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।</p>
<p>डोंग ने कहा कि हमारा लक्ष्य संलयन ऊर्जा से बिजली की लागत को थर्मल पावर (तापीय ऊर्जा) के बराबर या उससे भी कम करना है। वर्तमान में, चीन सक्रिय रूप से खुद को संलयन ऊर्जा के लिए एक वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है और एचटीएस टोकामक एवं लेजर फ्यूजन सहित कई तकनीकों में लगातार प्रयोग कर रहा है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/china-created-history-by-maintaining-plasma-flow-in-artificial-sun/article-142197</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/china-created-history-by-maintaining-plasma-flow-in-artificial-sun/article-142197</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 18:25:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2814%295.png"                         length="1838298"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान गैस हरित ऊर्जा में बनेगी प्रमुख भागीदार: सीएनजी-पीएनजी के साथ एलएनजी, ईवी और सीबीजी नेटवर्क की दिशा में कदम, नीमराणा में एलएनजी प्लांट निर्माणाधीन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[आरएसजीएल सीएनजी-पीएनजी के साथ एलएनजी, सीबीजी और ईवी नेटवर्क विकसित करेगा। नीमराणा में एलएनजी प्लांट निर्माणाधीन, कोटा में सीबीजी पायलट शुरू हुआ।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-gas-will-become-a-major-partner-in-green-energy/article-141835"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(17)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (आरएसजीएल) ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी भूमिका को और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। सीएनजी-पीएनजी सेवाओं के साथ अब आरएसजीएल एलएनजी, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) नेटवर्क विकसित करने की संभावनाएं तलाश रहा है।</p>
<p>प्रमुख सचिव माइंस एवं चेयरमेन आरएसजीएल टी. रविकान्त ने बताया कि राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आरएसजीएल अपने पारंपरिक कार्यक्षेत्र का विस्तार कर रहा है। उन्होंने बताया कि नीमराणा में राज्य का पहला एलएनजी प्लांट निर्माणाधीन है, जो शीघ्र ही तैयार होगा।</p>
<p>टी. रविकान्त मंगलवार को राजस्थान स्टेट गैस की 46वीं संचालक मंडल बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने जानकारी दी कि कोटा में पायलट आधार पर सीबीजी की आपूर्ति प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही जयपुर, कोटा एवं एक्सप्रेस-वे पर एलएनजी आउटलेट स्थापित करने तथा जयपुर के आसपास 300 से 400 किलोमीटर क्षेत्र में ईवी नेटवर्क विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एलएनजी, सीबीजी और ईवी नेटवर्क के विकास से आमजन को सस्ती, स्वच्छ और हरित ऊर्जा की सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।</p>
<p>राजस्थान स्टेट गैस के प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह ने बताया कि नीमराणा में एलएनजी प्लांट के तैयार होने से लंबी दूरी के वाहनों, खनन क्षेत्रों और औद्योगिक इकाइयों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करने अथवा समन्वय के माध्यम से गैस उपलब्ध कराने और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी स्टेशन स्थापित करने की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया गया है। पायलट परियोजनाओं के माध्यम से संभावनाओं के अनुरूप नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।</p>
<p>संचालक मंडल की बैठक में वित्त सचिव (राजस्व) कुमार पाल गौतम, गेल गैस के प्रतिनिधि संजय सिंह तथा आरएसएमएम की प्रबंध निदेशक प्रज्ञा केवलरमानी ने अपने सुझाव दिए। बैठक में उप महाप्रबंधक विवेक रंजन, विवेक श्रीवास्तव, मुख्य वित्त अधिकारी दीप्तांशु पारीक, उप प्रबंधक आईटी गगनदीप राजोरिया एवं कंपनी सचिव विनिता सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-gas-will-become-a-major-partner-in-green-energy/article-141835</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-gas-will-become-a-major-partner-in-green-energy/article-141835</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 17:53:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2817%291.png"                         length="1366733"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        