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                <title>CBI Probe - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>लैंड फॉर जॉब केस : उच्चतम न्यायालय से लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका, निचली अदालत में पेश होने की छूट</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने 'जमीन के बदले नौकरी' मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को निचली अदालत में पेशी से व्यक्तिगत छूट दे दी है। न्यायालय CBI जांच की कानूनी वैधता और अनिवार्य मंजूरी की चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा है। यह मामला 2004-2009 के रेल मंत्री कार्यकाल के दौरान हुई कथित ग्रुप-डी नियुक्तियों से जुड़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/land-for-job-case-big-blow-to-lalu-prasad-yadav/article-150209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/lalu-yadav.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद को 'जमीन के बदले नौकरी' मामले की कार्यवाही के दौरान निचली अदालत में पेश होने से छूट दे दी है। न्यायालय प्रसाद की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के मामले को चुनौती दी गई है। इसमें सक्षम प्राधिकारी से अनिवार्य पूर्व मंजूरी के बिना कथित तौर पर नई पूछताछ और जांच शुरू करने के कदम को भी चुनौती दी गई है।</p>
<p>इससे पहले 24 मार्च को, दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में सीबीआई की प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार कर दिया था। अदालत ने श्री यादव के उस तर्क को खारिज कर दिया था जिसमें कहा गया था कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत पूर्व मंजूरी के अभाव में यह कार्यवाही कानूनी रूप से उचित नहीं है। यह मामला 2004 से 2009 के बीच प्रसाद के रेल मंत्री के कार्यकाल के दौरान मध्य प्रदेश के जबलपुर में भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र में की गई कथित 'ग्रुप डी' नियुक्तियों से संबंधित है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उम्मीदवारों को उन जमीन के टुकड़ों के बदले नियुक्त किया गया था जो लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों या सहयोगियों के नाम पर उपहार में दिए गए थे या स्थानांतरित किए गए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 14:57:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अजित पवार की मौत की हो सीबीआई जांच, पत्नी सुनेत्रा ने उठाई मांग</title>
                                    <description><![CDATA[उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और राकांपा नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने घटना में साजिश का संदेह जताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/wife-sunetra-raised-demand-for-cbi-investigation-into-ajit-pawars/article-143592"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/ajit-pawar.png" alt=""></a><br /><p>मुम्बई। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने अजित पवार की मौत की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। दोनों नेताओं ने इस संबंध में जोर देते हुए कहा कि इस घटना के पीछे की सच्चाई सामने आना जरूरी है। अजित पवार के निधन के बाद उपजे संदेहों को देखते हुए सुनेत्रा पवार और सुनील तटकरे ने जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की जरूरत जताई है। मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए तटकरे ने स्पष्ट किया कि पार्टी और परिवार इस मामले में पारदर्शिता चाहते हैं। उन्होंने राज्य सरकार और केंद्र से अपील की है कि इस उच्च स्तरीय जांच को तुरंत मंजूरी दी जाए, जिससे किसी भी तरह की साजिश की संभावना की पुष्टि हो सके।</p>
<p>फिलहाल, राज्य के राजनीतिक गलियारों में इस मांग के बाद गहमागहमी तेज हो गई है। अजित पवार से जुड़े हादसे की सीबीआई जांच के लिए मंगलवार को नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के जरिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने एक प्रेजेंटेशन दिखाया गया। इस मौके पर नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट एमपी प्रफुल्ल पटेल, डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुनेत्रा पवार, स्टेट प्रेसिडेंट एमपी सुनील तटकरे, मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर हसन मुश्रीफ और यूथ लीडर पार्थ पवार मौजूद थे।</p>
<p><strong>रोहित ने जताया था साजिश का शक</strong></p>
<p>इससे पहले, एनसीपी एमएलए रोहित पवार ने भी आरोप लगाया कि पिछले महीने हुए दुखद प्लेन क्रैश में तोड़फोड़ का शक है, जिसमें उनके चाचा और महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार की मौत हो गई थी। उन्होंने कई एक्सपर्ट एजेंसियों से पूरी जांच की मांग की है।</p>
<p><strong>हादसे के बाद उठे कई सवाल</strong></p>
<p>महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार को ले जा रहे एयरक्राफ्ट के बारामती में क्रैश होने के बाद, इस बात पर सवाल उठे कि इस भयानक हादसे की वजह क्या हो सकती है। 2025 में एयर इंडिया की दुखद घटना के बाद भारत में एविएशन सेफ्टी पर फिर से जांच शुरू हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 11:18:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आई-पैक छापा मामला: ईडी की याचिका पर हाई कोर्ट 10 फरवरी को करेगा सुनवाई, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने आई-पैक कार्यालय तलाशी में बाधा के आरोपों वाली ईडी याचिका पर सुनवाई 10 फरवरी तक टाल दी, पश्चिम बंगाल सरकार के जवाब पर समय दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/high-court-will-hear-the-i-pack-raid-case-on-eds/article-141841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(21).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई 10 फरवरी तक के लिए टाल दी है। ईडी ने अपनी याचिका में पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार और अन्य अधिकारियों पर कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) के ऑफिस में एजेंसी की तलाशी अभियान में बाधा डालने का आरोप लगाया है।</p>
<p>न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने मंगलवार को ईडी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दायर किए गए काउंटर-शपथ पत्र का जवाब देने के लिए समय मांगने पर सुनवाई को 10 फरवरी तक के लिए टाल दिया। </p>
<p>मेहता ने बताया कि ईडी को राज्य सरकार का जवाब आज ही मिला है और उसे इसकी जांच करने तथा जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहिए। अनुरोध स्वीकार करते हुए पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को तय की। </p>
<p>ईडी की याचिका आठ जनवरी को आई-पैक के दफ्तर और इसके सह संस्थापक प्रतीक जैन के घर पर कोयला घोटाले से जुड़े हवाला कारोबार की जांच के सिलसिले में की गई तलाशी से जुड़ी है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि अभियान के दौरान उसके अधिकारियों को रोका गया और मुख्यमंत्री पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मौके पर पहुंची और ईडी अधिकारियों से बहस की।</p>
<p>ईडी ने आरोप लगाया है कि छापे के दौरान मुख्यमंत्री और अन्य नेता कुछ फ़ाइलें लेकर चले गये, जिससे जांच में रुकावट आई और उसके अधिकारियों पर दबाव पड़ा। शीर्ष अदालत में दायर याचिका में ईडी ने मुख्यमंत्री, पूर्व डीजीपी और कोलकाता पुलिस के आयुक्त प्राथमिकी दर्ज करने की इजाजत मांगी है। साथ ही इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से स्वतंत्र जांच की भी मांग की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 18:29:43 +0530</pubDate>
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