<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/kolkata-police/tag-70739" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Kolkata Police - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/70739/rss</link>
                <description>Kolkata Police RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>TMC पार्टी कार्यालय में तोड़-फोड़ पर भड़के अभिषेक, बोले- 'यह लोकतंत्र नहीं, राजनीतिक गुंडागर्दी है' , BJP पर लगाया हमला करवाने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालय में सुबह तड़के हथियारबंद उपद्रवियों ने घुसकर तोड़फोड़ की और पार्टी कार्यकर्ताओं से मारपीट की। टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे भाजपा की साजिश बताया, जबकि पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/angered-by-the-vandalism-in-tmc-party-office-abhishek-said/article-164555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आरोप लगाया है कि गुरुवार तड़के कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी ऑफिस में कुछ उपद्रवी घुस आए, उन्होंने फर्नीचर में तोड़-फोड़ की और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। बताया जा रहा है कि यह घटना सुबह करीब 4:30 बजे हुई। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया है। टीएमसी के अनुसार, हमलावरों ने ऑफिस में मौजूद कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन भी छीन लिए। पार्टी का आरोप है कि एयर प्यूरीफायर, प्रिंटर और टेलीविज़न जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी ले जाए गए। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, जो अभी दिल्ली में हैं, ने इस घटना की निंदा की और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने घटना का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की।</p>
<p>बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं और वकीलों ने फ़ोन और ईमेल के ज़रिए पुलिस से बार-बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन लगभग दो घंटे तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, "यह बेहद निंदनीय है और इसे किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता।" बनर्जी ने घटना की विस्तृत जांच की भी मांग की, जिसमें यह पता लगाया जाए कि हमले की योजना और आयोजन किसने किया और किसके कहने पर इसे अंजाम दिया गया।</p>
<p>उन्होंने सवाल उठाया कि सूचना मिलने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की। बनर्जी ने कहा, "अगर हथियारों से लैस लोगों का एक समूह सुबह 4:30 बजे किसी राजनीतिक पार्टी के दफ़्तर में घुसकर कार्यकर्ताओं पर हमला कर सकता है, फ़ोन छीन सकता है और दफ़्तर में तोड़-फोड़ कर सकता है, और उस समय पुलिस निष्क्रिय रहती है, तो पश्चिम बंगाल में कानून का शासन कहाँ रह जाता है?" टीएमसी ने इस घटना को "सोचा-समझा हमला" बताया और आरोप लगाया कि इसके पीछे भाजपा कार्यकर्ता थे। पार्टी का दावा है कि हमलावरों को ऑफिस के लेआउट और उसके अलग-अलग हिस्सों की जानकारी थी।</p>
<p>टीएमसी ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में सवाल उठाया कि कथित उपद्रवियों को ऑफिस की जानकारी कैसे थी। इन आरोपों पर भाजपा की प्रतिक्रिया तुरंत नहीं मिल सकी। पुलिस ने भी अब तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पिछले कुछ दिनों से कैमक स्ट्रीट स्थित ऑफिस के आसपास काफी हलचल रही है। यह ऑफिस, जहाँ से बनर्जी अपने ज़्यादातर राजनीतिक कामकाज करते हैं, पिछले हफ़्ते तब विवादों में आ गया था जब कोलकाता नगर निगम के अधिकारी पुलिस के साथ वहाँ टीएमसी का बिलबोर्ड हटाने गए थे।</p>
<p>नगर निकाय अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि बिलबोर्ड गैर-कानूनी तरीके से लगाया गया था और खतरनाक ढंग से लटका हुआ था। हालांकि, टीएमसी कार्यकर्ताओं ने इसे हटाने का विरोध किया, जिससे टकराव की स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद आरोप लगाए गए कि श्री बनर्जी और उनके समर्थकों ने नगर निकाय अधिकारियों को उनके काम करने से रोका। अग्निशमन विभाग और पुलिस के अधिकारियों ने सोमवार को उस इमारत का दौरा किया जिसमें श्री बनर्जी का ऑफिस है। उन्होंने यह जांचने के लिए दौरा किया कि क्या मंज़ूर बिल्डिंग प्लान से हटकर कोई निर्माण किया गया है।</p>
<p>अधिकारियों ने बाहरी शेड पर आपत्ति जताई और बेसमेंट पार्किंग एरिया तथा वहां आग से सुरक्षा के इंतज़ामों की जांच की। जगह का निरीक्षण करने के बाद, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कुछ कमियां पाई गई हैं और मौजूदा इंतज़ामों की आधिकारिक दस्तावेज़ों से तुलना करने के बाद नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने फायर अलार्म सिस्टम और आग लगने की स्थिति में निचली मंजिलों से पानी के छिड़काव के इंतज़ामों की भी जांच की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/angered-by-the-vandalism-in-tmc-party-office-abhishek-said/article-164555</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/angered-by-the-vandalism-in-tmc-party-office-abhishek-said/article-164555</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 12:04:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-09/111200-x-600-px%29-%284%295.png"                         length="853123"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोलकाता के पासपोर्ट कार्यालयों और डाकघरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता में ईमेल के जरिए बम की धमकी का सिलसिला जारी। दो पासपोर्ट कार्यालयों और डाकघरों को बनाया निशाना। पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने ली व्यापक तलाशी। कोई संदिग्ध वस्तु नहीं हुई बरामद। जांच एजेंसियां अलर्ट मोड़ में। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/security-agencies-on-alert-after-receiving-bomb-threat-to-kolkatas/article-144747"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/west-bengal.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। कोलकाता में बम धमकी वाले ईमेल का सिलसिला जारी है। गुरुवार को शहर के दो पासपोर्ट कार्यालयों और राज्य के कई डाकघरों को ईमेल के जरिए विस्फोट की धमकी मिली, जिसके बाद एहतियातन इमारतों को खाली कराया गया और व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।</p>
<p>पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोपहर के आसपास ब्रेबोर्न रोड और आनंदपुर स्थित पासपोर्ट कार्यालयों को ईमेल मिला, जिसमें परिसर में विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया था। कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाला गया। पुलिस दल, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे और गहन जांच शुरू की। खबर लिखे जाने तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी।</p>
<p>इसी दौरान राज्य के कई डाकघरों को भी इसी तरह के ईमेल भेजे गए। हावड़ा मैदान डाकघर को गुरुवार सुबह काम शुरू होने के तुरंत बाद धमकी मिली। भवन को खाली कराया गया और बम निरोधक दस्ते ने तलाशी ली। इसके बाद आसनसोल प्रधान डाकघर और बशीरहाट प्रधान डाकघर से भी समान ईमेल मिलने की सूचना है, जिससे आपात सुरक्षा व्यवस्था लागू करनी पड़ी।</p>
<p>यह घटनाक्रम पिछले दो दिनों से पश्चिम बंगाल की अदालतों को भेजे जा रहे बम धमकी ईमेल की श्रृंखला के बीच सामने आया है। मंगलवार को सबसे पहले सिटी सिविल कोर्ट और पश्चिम बर्दवान जिला एवं सत्र न्यायालय को ईमेल भेजे गए थे। इसके अलावा चिनसुरा कोर्ट में भी इसी तरह की धमकी से अफरा-तफरी मच गई थी, हालांकि दिनभर चली तलाशी में कोई विस्फोटक नहीं मिला।</p>
<p>बुधवार को आसनसोल के जिला जज को अदालत परिसर में बम लगाए जाने का ईमेल मिला। लगभग उसी समय सूरी जिला न्यायालय को भी आरडीएक्स रखे जाने की धमकी दी गई। विस्तृत जांच के बाद वहां भी कुछ संदिग्ध नहीं पाया गया। अब पासपोर्ट कार्यालयों और डाकघरों तक धमकी का दायरा बढऩे से जांच एजेंसियां इसे समन्वित साजिश मान रही हैं, जिसका उद्देश्य दहशत फैलाना और सार्वजनिक सेवाओं को बाधित करना हो सकता है।</p>
<p>पुलिस ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल इन ईमेल का स्रोत अज्ञात है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/security-agencies-on-alert-after-receiving-bomb-threat-to-kolkatas/article-144747</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/security-agencies-on-alert-after-receiving-bomb-threat-to-kolkatas/article-144747</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 18:28:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/west-bengal.png"                         length="1189068"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आई-पैक छापा मामला: ईडी की याचिका पर हाई कोर्ट 10 फरवरी को करेगा सुनवाई, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने आई-पैक कार्यालय तलाशी में बाधा के आरोपों वाली ईडी याचिका पर सुनवाई 10 फरवरी तक टाल दी, पश्चिम बंगाल सरकार के जवाब पर समय दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/high-court-will-hear-the-i-pack-raid-case-on-eds/article-141841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(21).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई 10 फरवरी तक के लिए टाल दी है। ईडी ने अपनी याचिका में पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार और अन्य अधिकारियों पर कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) के ऑफिस में एजेंसी की तलाशी अभियान में बाधा डालने का आरोप लगाया है।</p>
<p>न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने मंगलवार को ईडी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दायर किए गए काउंटर-शपथ पत्र का जवाब देने के लिए समय मांगने पर सुनवाई को 10 फरवरी तक के लिए टाल दिया। </p>
<p>मेहता ने बताया कि ईडी को राज्य सरकार का जवाब आज ही मिला है और उसे इसकी जांच करने तथा जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहिए। अनुरोध स्वीकार करते हुए पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को तय की। </p>
<p>ईडी की याचिका आठ जनवरी को आई-पैक के दफ्तर और इसके सह संस्थापक प्रतीक जैन के घर पर कोयला घोटाले से जुड़े हवाला कारोबार की जांच के सिलसिले में की गई तलाशी से जुड़ी है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि अभियान के दौरान उसके अधिकारियों को रोका गया और मुख्यमंत्री पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मौके पर पहुंची और ईडी अधिकारियों से बहस की।</p>
<p>ईडी ने आरोप लगाया है कि छापे के दौरान मुख्यमंत्री और अन्य नेता कुछ फ़ाइलें लेकर चले गये, जिससे जांच में रुकावट आई और उसके अधिकारियों पर दबाव पड़ा। शीर्ष अदालत में दायर याचिका में ईडी ने मुख्यमंत्री, पूर्व डीजीपी और कोलकाता पुलिस के आयुक्त प्राथमिकी दर्ज करने की इजाजत मांगी है। साथ ही इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से स्वतंत्र जांच की भी मांग की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/high-court-will-hear-the-i-pack-raid-case-on-eds/article-141841</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/high-court-will-hear-the-i-pack-raid-case-on-eds/article-141841</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 18:29:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2821%29.png"                         length="1350454"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        