<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/humanitarian-crisis/tag-70846" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Humanitarian Crisis - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/70846/rss</link>
                <description>Humanitarian Crisis RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा समर्थन : 18 देशों ने की तत्काल युद्धविराम की अपील, लेबनान को कूटनीतिक वार्ताओं का हिस्सा बनाना अनिवार्य </title>
                                    <description><![CDATA[लेबनान में शांति के लिए 18 देशों का महा-अभियान शुरू हुआ है। ब्रिटेन और फ्रांस सहित इन देशों ने तत्काल युद्धविराम और मानवीय संकट रोकने की अपील की है। इजरायल और हिज्बुल्ला के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने हेतु उन्होंने संप्रभुता का सम्मान करने और कूटनीतिक वार्ता के माध्यम से स्थायी समाधान निकालने पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/international-support-increased-to-end-the-west-asia-crisis-18/article-150559"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/midil-esat.png" alt=""></a><br /><p>बेरुत। लेबनान में जारी जंग को रोकने के लिए कनाडा-ब्रिटेन समेत 10 देशों की शुरू की गयी शांति पहल अब बड़े वैश्विक अभियान में बदलती नजर आ रही है। मंगलवार को जारी इस साझा बयान का समर्थन करते हुए यूरोप के आठ अन्य देश भी इसमें शामिल हो गये हैं। इससे अब कुल 18 देशों ने एक सुर में लेबनान में तत्काल युद्धविराम की अपील की है। इन देशों ने बढ़ते मानवीय संकट और विस्थापन पर गहरी चिंता जताते हुए स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए लेबनान को कूटनीतिक वार्ताओं का हिस्सा बनाना अनिवार्य है।</p>
<p>बयान में मार्च में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के तीन शांति रक्षकों की हत्या की भी निंदा की गयी है। संयुक्त राष्ट्र ने पिछले हफ्ते तीन इंडोनेशियाई शांति रक्षकों की मौत की शुरुआती जांच रिपोर्ट जारी की थी। इसमें पाया गया कि ये दो हमले संभवतः इजरायली टैंक के गोले और एक आईईडी के कारण हुए थे। मुमकिन है कि वह हिजबुल्ला ने लगाया हो। संयुक्त बयान में कहा गया, "हम ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, क्रोएशिया, साइप्रस, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, ग्रीस, आइसलैंड, लक्जमबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, स्पेन, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम के विदेश मंत्री, क्षेत्रीय तनाव कम करने के प्रयासों में लेबनान को शामिल करने का आह्वान करते हैं और सभी पक्षों से एक स्थायी राजनीतिक समाधान की दिशा में काम करने का आग्रह करते हैं।"</p>
<p>लेबनान में युद्ध जारी रहने से मौजूदा क्षेत्रीय तनाव कम करने की कोशिशों को खतरा पैदा हो गया है, जिसका सभी पक्षों को पूरी तरह से सम्मान किया जाना चाहिए। इन देशों ने इजरायल के साथ सीधी बातचीत शुरू करने की लेबनान की पहल और अमेरिका की मध्यस्थता में वार्ता शुरू करने की इजरायल की स्वीकृति का स्वागत किया है। बयान में कहा गया है, "हम दोनों पक्षों से इस अवसर का लाभ उठाने का आह्वान करते हैं। सीधी बातचीत लेबनान, इजरायल और इस पूरे क्षेत्र के लिए स्थायी सुरक्षा का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। हम उनका समर्थन करने के लिए तैयार हैं। इसलिए हम सभी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे तनाव कम करें और अमेरिका व ईरान के बीच युद्धविराम से मिले इस अवसर का फायदा उठाएं।"</p>
<p>इसमें कहा गया है "हम इजरायल के खिलाफ हिजबुल्ला के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, जिन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। हम आठ अप्रैल को लेबनान पर इजरायल की ओर से किये गये बड़े हमलों की भी सख्त निंदा करते हैं। इसमें लेबनानी अधिकारियों की साझा की गयी ताजा जानकारियों के अनुसार, 350 से अधिक लोग मारे गये और 1,000 से अधिक घायल हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुसार नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की रक्षा की जानी चाहिए।"</p>
<p>इन देशों ने 'लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल' के खिलाफ हमलों की भी कड़े शब्दों में निंदा की और दोहराया कि संयुक्त राष्ट्र के शांति रक्षकों की सुरक्षा और सलामती हर समय सुनिश्चित की जानी चाहिए। नेतृत्व समूह ने लेबनानी जनता और वहां के अधिकारियों के प्रति अपनी पूरी एकजुटता और अटूट समर्थन व्यक्त किया। इसके साथ ही, लेबनान सरकार के साथ समन्वय कर 10 लाख से अधिक विस्थापित लोगों को आपातकालीन सहायता प्रदान करने का संकल्प लिया।</p>
<p>इन देशों ने लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 (2006) को पूरी तरह से लागू करने के महत्व की पुष्टि की। वे अपने क्षेत्र पर पूर्ण संप्रभुता का प्रयोग करने में लेबनान का समर्थन करना जारी रखेंगे।<br />गौरतलब है कि लेबनान में शांति बहाली के लिए यह पहली कोशिश नहीं है। इससे पहले मार्च 2026 के आखिरी हफ्ते में यूरोपीय संघ (ईयू) के नेतृत्व में बेल्जियम, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों ने भी इसी तरह का आह्वान किया था।</p>
<p>इसके अलावा, सितंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भी अमेरिका और फ्रांस ने एक अस्थायी युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था। इसे तब सऊदी अरब और कतर जैसे क्षेत्रीय देशों का भी साथ मिला था। हालांकि, मंगलवार का यह ताजा कदम इसलिए खास है, क्योंकि इसकी शुरुआत भले ही 10 देशों के छोटे समूह ने की थी, लेकिन देखते ही देखते इसमें यूरोप के कई प्रभावशाली राष्ट्र जुड़ते गये, जो इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती एकजुटता को दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/international-support-increased-to-end-the-west-asia-crisis-18/article-150559</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/international-support-increased-to-end-the-west-asia-crisis-18/article-150559</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:28:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/midil-esat.png"                         length="2712704"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इज़रायल का लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला : युद्धविराम समझौता संदेह के घेरे में; 254 लोगों की मौत, संयुक्त राष्ट्र ने की हमलों की निंदा </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बीच इज़रायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे घातक हमला किया है। मात्र कुछ मिनटों में 100 स्थानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 254 लोग मारे गए और 1,100 घायल हुए। 12 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र में शांति की उम्मीदों पर गहरा संकट मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/israels-biggest-ever-attack-on-lebanon-ceasefire-agreement-in-doubt/article-149732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/lebnan.png" alt=""></a><br /><p>बेरूत। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते के कुछ ही घंटों बाद इज़रायल ने लेबनान में अब तक का सबसे भीषण हमला किया है जिसमें भारी विनाश हुआ है और बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। लेबनान के नागरिक सुरक्षा विभाग ने एक बयान में कहा कि बेरूत, बेका घाटी, माउंट लेबनान, सिडोन और दक्षिणी गांवों सहित कई क्षेत्रों में हुए हवाई हमलों में कम से कम 254 लोग मारे गए हैं और 1,100 से अधिक घायल हुए हैं।</p>
<p>इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने तर्क दिया कि इन हमलों का उद्देश्य हिजबुल्लाह से जुड़े बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था। हमलों के मुख्य निशाने लितानी नदी पर बने प्रमुख क्रॉसिंग थे। इजरायल इसे दक्षिणी लेबनान को अलग-थलग करने और अपनी सीमा से लगभग 30 किलोमीटर तक बफर जोन स्थापित करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा बता रहा है। आईडीएफ ने हिजबुल्लाह के अली यूसुफ हर्षी को भी मारने का दावा किया है, हालांकि हिजबुल्लाह ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।</p>
<p>इस अभियान की व्यापकता और तीव्रता ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। इजरायली सेना ने कथित तौर पर कुछ ही मिनटों के भीतर लगभग 100 स्थानों पर हमला किया। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने इस बमबारी को 'विशाल' बताया है। लेबनान के अस्पताल घायलों की बढ़ती संख्या के कारण जूझ रहे हैं और रक्तदान के लिए तत्काल अपील की गई है। संयुक्त राष्ट्र ने इन हमलों की निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यह हिंसा उस समय हुई जब शांति की उम्मीदें उभरने लगी थीं। संयुक्त राष्ट्र की विशेष समन्वयक जीनिन हेनिस-प्लासचार्ट ने जोर देकर कहा कि कोई भी पक्ष बल के माध्यम से जीत हासिल नहीं कर सकता है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों के अनुसार, शत्रुता बढ़ने के बाद से लेबनान की आबादी का लगभग पांचवां हिस्सा, यानी 12 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं। यह संख्या 2024 के इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष के स्तर को भी पार कर गई है। सहायता एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि कमजोर समूह इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) का अनुमान है कि विस्थापितों में 13,000 से अधिक गर्भवती महिलाएं शामिल हैं, जिनमें से कई चिकित्सा देखभाल से वंचित हैं। स्वास्थ्य सेवाएँ ठप होने की कगार पर हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्य सुविधाओं पर 100 से अधिक हमलों की पुष्टि की है।</p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को क्षेत्र को स्थिर करने के एक अवसर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन इजरायली बलों और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष ने शांति वार्ता पर संदेह उत्पन्न कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता फरहान हक ने सभी पक्षों से बातचीत का रास्ता चुनने का आग्रह किया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने गुरुवार को कहा कि लेबनान में इजरायली हमलों को रोकना संघर्ष को समाप्त करने के ईरान के 10-सूत्रीय योजना का एक प्रमुख शर्त है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/israels-biggest-ever-attack-on-lebanon-ceasefire-agreement-in-doubt/article-149732</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/israels-biggest-ever-attack-on-lebanon-ceasefire-agreement-in-doubt/article-149732</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 16:33:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/lebnan.png"                         length="1198837"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेहरान में कोहराम : रात भर चले अमेरिकी-इज़रायली हमलों में छह बच्चों की मौत, 45 दिनों के संघर्ष विराम पर चर्चा की संभावना</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के तेहरान प्रांत पर रात भर हुई अमेरिकी और इजरायली बमबारी ने मानवता को झकझोर दिया है। आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, इस हमले में 10 साल से कम उम्र के 6 बच्चों की जान चली गई। 28 फरवरी से जारी इस भीषण संघर्ष में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने से नागरिक हताहतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/six-children-killed-in-overnight-us-israeli-strikes-in-tehran-possibility/article-149270"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/tehran.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। ईरान के तेहरान प्रांत पर रात भर चले अमेरिकी और इजरायली हमलों में कम से कम छह बच्चों की मौत हो गयी है। प्रेस टीवी ने आपातकालीन सेवाओं के हवाले से बताया है कि तेहरान के आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार चार बच्चियों और दो बच्चों की मौत हुई, जिनकी उम्र 10 साल से कम थी।</p>
<p>गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में कई ठिकानों पर हमले शुरू किये थे , जिसमें तेहरान भी शामिल था। इससे काफी नुकसान हुआ और आम नागरिकों की जानें गयीं। इसके जवाब में ईरान इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/six-children-killed-in-overnight-us-israeli-strikes-in-tehran-possibility/article-149270</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/six-children-killed-in-overnight-us-israeli-strikes-in-tehran-possibility/article-149270</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 16:24:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/tehran.png"                         length="1002271"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अफगानिस्तान में कुदरत का कहर :  मृतकों की संख्या बढ़कर 48 हुई, 73 लोग घायल, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अफगानिस्तान के 33 प्रांतों में भारी बारिश और बाढ़ ने तबाही मचाई है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, अब तक 48 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घर जमींदोज हो गए हैं। आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे हजारों परिवार प्रभावित और बेघर हो गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/death-toll-due-to-floods-in-afghanistan-rises-to-48/article-148845"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/afghanista.png" alt=""></a><br /><p>काबुल। अफगानिस्तान के कई प्रांतों में 25 मार्च से भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है और 73 लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएनडीएमए)के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ हम्माद ने कहा, "अब तक बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण 48 लोगों की मौत हो चुकी है और 73 लोग घायल हुए हैं। पिछले 24 घंटों में छह लोगों की मौत हुई है और सात लोग घायल हुए हैं।"</p>
<p>प्रवक्ता ने बताया कि पिछले 24 घंटों में बाढ़ ने 139 आवासीय भवनों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है और 394 अन्य भवन आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। पिछले 24 घंटों में एक हजार से अधिक परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। अफगानिस्तान के परिवहन और विमानन मंत्रालय के मौसम विज्ञान महानिदेशालय ने घोषणा की है कि आने वाले दिनों में देश के 34 में से 33 प्रांतों में भारी बारिश और बाढ़ की आशंका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/death-toll-due-to-floods-in-afghanistan-rises-to-48/article-148845</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/death-toll-due-to-floods-in-afghanistan-rises-to-48/article-148845</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 17:58:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/afghanista.png"                         length="1031685"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूनिसेफ की चेतावनी: लेबनान में सामूहिक विस्थापन; तीन हफ्ते में 3,70,000 बच्चों समेत 10 लाख लोग हुए बेघर, तत्काल युद्धविराम की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायली पीएम नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान बढ़ाने का निर्देश दिया है, जिससे युद्ध भीषण हो गया है। यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि 20% आबादी विस्थापित हो चुकी है, जिसमें 3.7 लाख बच्चे शामिल हैं। बमबारी से स्कूल और जल प्रणालियां ध्वस्त हैं, जिससे लाखों मासूम बेघर होकर गंभीर मनोवैज्ञानिक आघात और असुरक्षा झेल रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/unicef-warns-of-mass-displacement-in-lebanon-1-million-people/article-148433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/unicef.png" alt=""></a><br /><p>बेरूत। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक ओर सेना को दक्षिणी लेबनान में आक्रमण का विस्तार करने का निर्देश दिया है, वहीं दूसरी ओर यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि लेबनान में तेजी से बढ़ते संघर्ष ने बड़ा मानवीय संकट पैदा कर दिया है। मात्र तीन हफ्तों के भीतर देश की लगभग 20 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो गयी है। प्रभावित लोगों में 3,70,000 से अधिक बच्चे शामिल हैं। यूनिसेफ के अनुसार, हर दिन औसतन 19,000 बच्चे अपना घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।</p>
<p>इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रविवार को नॉर्दर्न कमांड से जारी वीडियो संदेश में कहा है, "मैंने अभी मौजूदा सुरक्षा बफर जोन का और विस्तार करने का निर्देश दिया है। हम इजरायल के उत्तर की स्थिति को मौलिक रूप से बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" इसके साथ ही उन्होंने कब्जे वाले 'गाजा मॉडल' को दोहराने के अपने देश के घोषित प्रयास को आगे बढ़ाया। यूनिसेफ के अधिकारियों का कहना है कि विस्थापन की गति और पैमाना हाल के वर्षों में अभूतपूर्व है। पूरे देश में 10 लाख से अधिक लोग अपने घरों से भागने को मजबूर हुए हैं। इनमें से कई दूसरी, तीसरी या चौथी बार विस्थापित हुए हैं। सहायता समूहों ने इस स्थिति को बेहद अराजक और अस्थिर करने वाला बताया है।</p>
<p>मानवीय सहायता कर्मियों ने बच्चों तक पहुंचने में गंभीर चुनौतियों की सूचना दी है, विशेष रूप से दक्षिणी लेबनान में, जहां लगातार हो रही बमबारी ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। हवाई हमलों ने पुलों और सड़कों को नष्ट कर दिया है, जिससे पूरी की पूरी बस्तियां अलग-थलग पड़ गयी हैं और वहां तक पहुंचना कठिन हो गया है। यूनिसेफ के एक प्रतिनिधि ने बार-बार होने वाले हमलों के बाद बिगड़ते हालात का उल्लेख करते हुए कहा, "ऐसे बच्चे भी हैं, जो उन समुदायों में फंसे हुए हैं, जहां पहुंचना बहुत कठिन है।"</p>
<p>यह संकट न केवल शारीरिक है, बल्कि गहरा मनोवैज्ञानिक भी है। कई बच्चे पिछले संघर्षों के सदमे को दोबारा जी रहे हैं। सहायता कर्मियों ने चेतावनी दी है कि बार-बार विस्थापन और हिंसा के संपर्क में आने से बच्चों को दीर्घकालिक भावनात्मक क्षति हो रही है। बेरूत में एक आश्रय स्थल में शरण लेने वाली 11 वर्षीय ज़ैनब ने अपना अनुभव साझा किया। 18 महीने पहले भी उसी स्कूल में शरण लेने के बाद वह एक बार फिर खुद को अजनबियों से घिरा हुआ पाती है और रात में गोलाबारी की आवाज़ें सुनती है। उसने कहा कि उसकी इच्छा बहुत साधारण है- अपने घर लौटना और अपना सामान्य जीवन व शिक्षा दोबारा शुरू करना।</p>
<p>वर्तमान में 1,35,000 से अधिक विस्थापित लोग 660 से अधिक सामूहिक आश्रय स्थलों में रह रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं, क्योंकि कई परिवार अधूरे बने ढांचों, सार्वजनिक स्थानों और यहां तक कि वाहनों में भी शरण ले रहे हैं। वर्षों के आर्थिक संकट से पहले ही जर्जर हो चुके लेबनान का बुनियादी ढांचा अब ढहने की कगार पर है। बेका और बालबेक जैसे क्षेत्रों में बमबारी ने जल प्रणालियों को नष्ट कर दिया है, जिससे हजारों लोग सुरक्षित पेयजल से वंचित हो गये हैं। शिक्षा भी बुरी तरह बाधित हुई है। लगभग 435 सरकारी स्कूलों का उपयोग अब आश्रय स्थलों के रूप में किया जा रहा है, जिससे 1,15,000 से अधिक छात्रों की पढ़ाई रुक गयी है।</p>
<p>मानवीय क्षति का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। संघर्ष बढ़ने के बाद से कम से कम 121 बच्चे मारे गये हैं और 395 घायल हुए हैं। जीवित बचे लोग अक्सर केवल अपने पहने कपड़ों के साथ भाग रहे हैं और उन्हें अक्सर कुछ ही दिनों के भीतर कई बार विस्थापित होना पड़ रहा है। अस्पतालों, स्कूलों और स्वच्छता प्रणालियों सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे को बार-बार क्षति पहुंचायी गयी है या नष्ट कर दिया गया है, जिससे राहत प्रयासों में और भी मुश्किलें आ रही हैं। इन चुनौतियों के बावजूद यूनिसेफ और उसके सहयोगी आपातकालीन सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं। हाल के हफ्तों में, सहायता टीमों ने 1,67,000 से अधिक विस्थापित लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचायी है। 140 टन से अधिक चिकित्सा सहायता प्रदान की गयी है और 40 मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयां तैनात की गयी हैं।</p>
<p>लगभग 190 आश्रय स्थलों में आपातकालीन जल और स्वच्छता सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जबकि ऑनलाइन शिक्षा और अस्थायी शिक्षण केंद्र स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। लगातार हो रहे हमलों और पहुंच पर प्रतिबंधों के कारण मानवीय अभियान गंभीर रूप से सीमित हो रहे हैं। पैरामेडिक्स सहित सहायता कर्मी भी हमलों की चपेट में आये हैं और कई प्रभावित क्षेत्र अब भी पहुंच से बाहर हैं। यूनिसेफ ने निर्बाध मानवीय पहुंच और तत्काल युद्धविराम के लिए अपील जारी की है। संगठन ने स्कूलों, अस्पतालों और जल प्रणालियों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकने का भी आह्वान किया है। एजेंसी ने चेतावनी देते हुए कहा, "बच्चे इस संघर्ष की सबसे भारी कीमत चुका रहे हैं। उन्हें भागना बंद करने और एक बच्चे की तरह सामान्य जीवन जीने की ज़रूरत है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/unicef-warns-of-mass-displacement-in-lebanon-1-million-people/article-148433</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/unicef-warns-of-mass-displacement-in-lebanon-1-million-people/article-148433</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 17:26:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/unicef.png"                         length="172635"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा: लेबनान पर इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या 1,116 पहुंची, 3,229 अन्य घायल </title>
                                    <description><![CDATA[लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से जारी इजरायली हमलों में अब तक 1,116 लोगों की जान जा चुकी है और 3,229 घायल हैं। पिछले 24 घंटों में 22 मौतें दर्ज हुईं। इजरायल ने हिजबुल्ला के हमलों के जवाब में बेका घाटी और बेरुत सहित दक्षिणी लेबनान में जमीनी सैन्य अभियान तेज कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/health-ministry-claims-death-toll-in-israeli-attacks-on-lebanon/article-148075"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/lebnana-attack.png" alt=""></a><br /><p>बेरुत। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, दो मार्च से लेबनान पर होने वाले इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या 1,116 हो गई है जबकि 3,229 अन्य लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि दो मार्च से शुरू हुए इस आक्रमण के कारण मरने वालों की संख्या 1,116 तक पहुंच गई है और घायलों की संख्या 3,229 हो गई है।</p>
<p>रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान 22 लोग मारे गए हैं और 110 घायल हुए हैं। इजरायल और हिजबुल्ला के बीच यह तनाव दो मार्च, 2026 की रात को शुरू हुआ, जब लेबनानी संगठन ने क्षेत्रीय हालात खराब होने के बाद इजरायली क्षेत्र पर मिसाइल हमले फिर से शुरू कर दिये। इसके जवाब में इजरायल ने लेबनान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले शुरू किये, जिनमें देश के दक्षिणी क्षेत्र, बेका घाटी और बेरुत के बाहरी इलाके शामिल हैं। इजरायली सेना ने 16 मार्च को आधिकारिक तौर पर दक्षिणी लेबनान में जमीनी अभियान शुरू करने की घोषणा की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/health-ministry-claims-death-toll-in-israeli-attacks-on-lebanon/article-148075</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/health-ministry-claims-death-toll-in-israeli-attacks-on-lebanon/article-148075</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:14:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/lebnana-attack.png"                         length="1132989"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एंटोनियो गुटेरेस ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर जताई चिंता: तत्काल युद्ध रोकने का किया आग्रह, युद्ध से वैश्विक बाजार अस्त-व्यस्त</title>
                                    <description><![CDATA[यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पश्चिम एशिया संघर्ष को "बेकाबू" बताते हुए तत्काल युद्धविराम की अपील की है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से तेल, गैस और उर्वरक आपूर्ति बाधित होने पर गहरी चिंता जताई। शांति बहाली हेतु जीन अर्नोल्ट को निजी दूत नियुक्त किया गया है ताकि कूटनीति के जरिए वैश्विक आर्थिक आपदा को रोका जा सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/antonio-guterres-expressed-concern-over-the-west-asia-conflict-and/article-147992"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/antonio-guterres.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध बेकाबू हो गया है, जिससे युद्ध का विस्तार हो जाने से नागरिकों की पीड़ा और वैश्विक आर्थिक संकट गहरा गया है। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए गुटेरेस ने कहा कि युद्ध शुरू होने के तीन सप्ताह से अधिक समय बाद, लड़ाई सबसे खराब आशंकाओं से भी आगे निकल गयी है। गुटेरेस ने कहा कि दुनिया एक व्यापक युद्ध के कगार पर खड़ी है। उन्होंने संबधित पक्षों से युद्ध को तत्काल रोकने और कूटनीति एवं अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने का आह्वान किया।</p>
<p>महासचिव ने कहा कि उन्होंने जीन अर्नोल्ट को अपना निजी दूत नियुक्त किया है, ताकि जमीनी स्तर पर दोनों पक्षों के साथ सीधे तौर पर जुड़ने और चल रही शांति पहलों का समर्थन करने सहित मध्यस्थता प्रयासों में तेजी लायी जा सके। उन्होंने हताहतों की बढ़ती संख्या और आर्थिक दुष्परिणामों का हवाला देते हुए अमेरिका और इज़रायल से युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने ईरान से भी युद्ध में प्रत्यक्ष रूप से शामिल न होने वाले पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का आह्वान किया और कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ऐसे कृत्यों की निंदा की है।</p>
<p>महासचिव ने प्रमुख नौवहन मार्गों, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधानों पर चिंता व्यक्त की और चेतावनी दी कि लंबे समय तक बंद रहने से विश्व भर में कृषि के लिए महत्वपूर्ण समय में तेल, गैस एवं उर्वरकों का प्रवाह बाधित हो सकता है। गुटेरेस ने लेबनान की स्थिति की भी चर्चा की, जहां उन्होंने हाल ही में दौरा किया था और हिजबुल्लाह से इजरायल पर हमले रोकने का आग्रह किया। उन्होंने इजरायल से उन सैन्य अभियानों को रोकने का आह्वान किया, जो नागरिकों को बुरी तरह से प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गाजा मॉडल को लेबनान में नहीं दोहराया जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस युद्ध से वैश्विक बाजार अस्त-व्यस्त हो गये हैं, जबकि मानवीय सहायता अभियान गंभीर बाधाओं का सामना कर रहे हैं और इस संकट का सबसे अधिक खामियाजा सबसे गरीब एवं सबसे कमजोर लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सवालों का जवाब देते हुए गुटेरेस ने कहा कि आगे तनाव बढ़ने के संकेतों के बावजूद, जिसमें कथित सैन्य तैनाती और अमेरिका और ईरान के बीच अस्वीकृत प्रस्ताव शामिल हैं, कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र व्यवहार्य तरीका है। उन्होंने कहा, “ मेरा संदेश यह है कि कूटनीति को ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हमें इस आपदा से निकलने का रास्ता चाहिए और शांति ही एकमात्र रास्ता है। ”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/antonio-guterres-expressed-concern-over-the-west-asia-conflict-and/article-147992</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/antonio-guterres-expressed-concern-over-the-west-asia-conflict-and/article-147992</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 17:06:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/antonio-guterres.png"                         length="1033316"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने की काबुल में अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले की कड़ी निंदा, बताया-कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य, समर्थन का किया ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने काबुल के नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के हवाई हमले को "कायरतापूर्ण और अमानवीय" बताया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नागरिकों और मरीजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा करार देते हुए दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-strongly-condemned-pakistans-attack-on-the-hospital-in-kabul/article-146821"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/india-pakistan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले को कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भारत सोमवार की रात काबुल के ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के बर्बर हवाई हमले की कड़ी निंदा करता है। यह हिंसा का एक कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य है, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों की जान चली गई। इस अस्पताल को किसी भी तरह से सैन्य लक्ष्य नहीं माना जा सकता है।        </p>
<p>उन्होंने कहा, पाकिस्तान अब इस नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम देने की कोशिश कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा किया गया यह घृणित आक्रमण अफगानिस्तान की संप्रभुता पर एक स्पष्ट हमला है और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। यह पाकिस्तान के लगातार लापरवाह व्यवहार और अपनी आंतरिक विफलताओं को सीमा पार हिंसा के बढ़ते हिंसक कृत्यों के माध्यम से छिपाने के बार-बार किए जाने वाले प्रयासों को दर्शाता है। </p>
<p>बयान में कहा गया है कि यह हमला रमजान के पवित्र महीने के दौरान किया गया, जो दुनिया भर के मुस्लिम समुदायों के लिए शांति, चिंतन और दया का समय होता है, जो इसे और भी निंदनीय बनाता है। ऐसा कोई धर्म, कोई कानून या कोई नैतिकता नहीं है जो किसी अस्पताल और उसके मरीजों को जानबूझकर निशाना बनाने को उचित ठहरा सके।    </p>
<p>उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस आपराधिक कृत्य के दोषियों को जवाबदेह ठहराना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा नागरिकों को निशाना बनाने का यह अंधाधुंध हमला तत्काल बंद हो। जायसवाल ने कहा कि भारत शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है और इस दुखद घड़ी में अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने कहा, हम अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपने अटूट समर्थन को भी दोहराते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-strongly-condemned-pakistans-attack-on-the-hospital-in-kabul/article-146821</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-strongly-condemned-pakistans-attack-on-the-hospital-in-kabul/article-146821</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 14:37:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/india-pakistan.png"                         length="932294"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजरायल और ईरान जंग के बीच खलीफा एर्दोगन का इस्लामिक कार्ड, शिया हो या सुन्नी, मुसलमान एक हों </title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने ईरान पर हमलों को बड़ी तबाही बताते हुए दुनिया भर के मुसलमानों से एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने शिया-सुन्नी भेद मिटाने और मानवता के आधार पर पीड़ितों के साथ खड़े होने की अपील की। एर्दोगन ने चेतावनी दी कि इस युद्ध की आर्थिक कीमत पूरी दुनिया को चुकानी होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/khalifa-erdogans-islamic-card-amid-the-war-between-israel-and/article-146318"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/erdogan.png" alt=""></a><br /><p>अंकारा। अमेरिका-इजरायल और ईरान में युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में फैले तनाव के बीच तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन अपने इस्लामी एजेंडा को बढ़ाने में जुट गए हैं। मध्य पूर्व में जंग की आंच के बीच एर्दोगन ने दुनिया के मुसलमानों से एकजुट होने की अपील की है। एर्दोगन ने अपनी एके पार्टी की एक बैठक को संबोधित करते हुए युद्ध रोकने की अपील की और कहा कि हम हथियारों को शांत करने की कोशिश जारी रखे हुए हैं।</p>
<p><strong>ईरान पर हमले को एर्दोगन ने बताया तबाही: </strong>रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की के राष्ट्रगान की 105वीं वर्षगांठ के मौके पर एर्दोगन ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों को याद किया और इसे बड़ी तबाही बताया। तुर्की के राष्ट्रपति की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले जारी रखे हैं। इन हमलों में खामेनेई समेत कई शीर्ष रैंकिंग ईरानी अधिकारियों की हत्या कर दी गई है। ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को बहुत नुकसान हुआ है। ईरानी लोग हर दिन जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।</p>
<p><strong>एर्दोगन ने इस्लामिक एकता पर दिया जोर</strong></p>
<p>तुर्की में इस्लामिक खिलाफत का दौर लाने का सपना देखने वाले एर्दोगन ने इस्लामिक एकता के नजरिए पर जोर दिया। उन्होंने कहा, हमने अपने क्षेत्र के लोगों, जिसमें ईरानी भाई भी शामिल हैं, को शिया, सुन्नी, तुर्क और कुर्द के तौर पर नहीं देखा और हम कभी देखेंगे भी नहीं। एर्दोगन ने कहा कि हम हर उस व्यक्ति के साथ खड़े हैं, जिसके साथ गलत हुआ है या जो पीड़ित है। हम नस्ल, संप्रदाय, धर्म, भाषा या मूल के आधार पर भेदभाव को नकारते हैं।</p>
<p><strong>शिया और सुन्नी का भेद मिटाने की अपील</strong></p>
<p>एर्दोगन ने सभी मुसलमानों से एक होने की अपील की और कहा, हमारा सुन्नीवाद या शियावाद जैसा कोई मजहब नहीं है। हमारा सिर्फ एक ही मजहब है, और वह है इस्लाम। हजरत अली हमारे हैं। हजरत उमर हमारे हैं। हमारी मां हजरत आयशा हमारी हैं और मां हजरत जैनब भी हमारी हैं। एर्दोगन ने ईरान पर हमले के वैश्विक असर के बारे में चेतावनी दी। तेल की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि सिर्फ लड़ाई में शामिल देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया इसकी कीमत चुकाने की तैयारी कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/khalifa-erdogans-islamic-card-amid-the-war-between-israel-and/article-146318</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/khalifa-erdogans-islamic-card-amid-the-war-between-israel-and/article-146318</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 11:23:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/erdogan.png"                         length="564746"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी सरकार का दावा: अमेरिकी-इजरायली हमलों में 1,300 से अधिक नागरिकों की मौत; 9,669 नागरिक ठिकाने हुए नष्ट,  अमेरिका-इजरायल जानबूझकर बुनियादी ढांचे को बना रहे निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राजदूत अमीर सईद इरावानी ने आरोप लगाया कि अमेरिका-इजरायल हमलों में 1,300 नागरिक मारे गए और 7,000 से अधिक घर तबाह हुए। उन्होंने ईंधन डिपो पर बमबारी से फैले जहरीले प्रदूषण और राजनयिकों की हत्या को 'युद्ध अपराध' करार दिया। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मानवीय संकट को रोकने हेतु तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-government-claims-more-than-1300-civilians-killed-in-american-israeli/article-146072"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran3.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने कहा कि गत 28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल के सैन्य हमलों में ईरान में 1,300 से अधिक नागरिक मारे गए हैं और 9,669 नागरिक ठिकाने नष्ट हो गए हैं। इरावानी ने मंगलवार को प्रेस को दिए एक बयान में बताया कि नष्ट किए गए नागरिक ठिकानों में 7,943 आवासीय घर, 1,617 वाणिज्यिक और सेवा केंद्र, 32 चिकित्सा सुविधाएं, 65 स्कूल और शैक्षणिक संस्थान, रेड क्रिसेंट की 13 इमारतें और कई ऊर्जा आपूर्ति सुविधाएं शामिल हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, अमेरिका-इजरायल जानबूझकर और अंधाधुंध तरीके से मेरे देश के नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। वे अंतरराष्ट्रीय कानून का कोई सम्मान नहीं कर रहे हैं और इन अपराधों को करने में कोई संयम नहीं दिखा रहे हैं। इरावानी ने कहा कि घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों और महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यह आंकड़ें वास्तविक नहीं हैं, इनमें बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<p>ईरान के राजदूत ने नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमलों का उल्लेख करते हुए बताया कि शनिवार रात तेहरान और अन्य शहरों में ईंधन भंडारण केंद्रों पर भारी हमले किये गये, जिससे वातावरण में बड़ी मात्रा में खतरनाक और जहरीले प्रदूषक फैल गए हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी का हवाला देते हुए इरावानी ने कहा कि इन विस्फोटों के कारण गंभीर वायु प्रदूषण हुआ और नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर स्वास्थ्य स्थिति वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो गए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ये जघन्य हमले अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय दायित्वों का भी उल्लंघन करते हैं, जिनमें जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन और जैविक विविधता पर कन्वेंशन के तहत आने वाले नियम शामिल हैं। इरावानी ने अन्य उदाहरणों का भी जिक्र किया, जिनमें शनिवार तड़के तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर हुए हमले शामिल हैं, जिससे कई नागरिक विमान और सुविधाएं नष्ट या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा होर्मोजगन प्रांत के केशम द्वीप पर एक मीठे पानी के संयत्र पर हमला किया गया, जिससे 30 गांवों की जल आपूर्ति बाधित हो गई।</p>
<p>प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि रविवार तड़के इजरायल ने लेबनान के बेरूत में रामादा होटल पर जानबूझकर आतंकवादी हमला किया, जिसमें चार ईरानी राजनयिक मारे गए। उन्होंने कहा, किसी अन्य संप्रभु राज्य के क्षेत्र में राजनयिकों की लक्षित हत्या एक गंभीर आतंकवादी कृत्य, युद्ध अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन है। इरावानी ने कहा, ईरानी लोगों के खिलाफ इस खूनी संघर्ष को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब कार्रवाई करनी चाहिए। हम अपने लोगों, अपने क्षेत्र और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करेंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-government-claims-more-than-1300-civilians-killed-in-american-israeli/article-146072</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-government-claims-more-than-1300-civilians-killed-in-american-israeli/article-146072</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 12:58:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/iran3.png"                         length="836514"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस यूक्रेन हमला: शांति बातचीत के बीच रूस ने कीव पर दागे 29 मिसाइलें, 400 ड्रोन, भारी नुकसान की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[जिनेवा में अमेरिका की मध्यस्थता में शांति वार्ता शुरू होते ही रूस ने यूक्रेन पर 29 मिसाइलें और 400 ड्रोन दागे। 12 क्षेत्रों को निशाना बनाने वाले इन हमलों ने राजनयिक प्रयासों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-attacks-ukraine-amid-peace-talks-russia-fires-29-missiles/article-143634"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/russia-war.png" alt=""></a><br /><p>कीव। स्विटजरलैंड की राजधानी जिनेवा में नये सिरे से शुरू हुई शांति बातचीत के पहले ही दिन रूस ने ताकत का प्रदर्शन करते हुए यूक्रेन के 12 क्षेत्रों में 29 मिसाइलें और लगभग 400 ड्रोन दागे, जिससे कई नागरिक घायल हुए और ऊर्जा एवं नागरिक अवसंरचना को भारी नुकसान पहुंचा। यूक्रेन ने इसे ऊर्जा तथा नागरिक ढांचे पर किया गया समन्वित हमला बताया है, जिससे कूटनीतिक प्रयासों की नाजुक स्थिति उजागर होती है। </p>
<p>बातचीत के पहले दिन के बाद, रूसी मीडिया ने मंगलवार को एक अनजान सूत्र के हवाले से बताया कि बातचीत तनावपूर्ण थी और छह घंटे तक चली। बातचीत बुधवार को आखिरी दिन तक जारी रहेगी। यूक्रेन के मुख्य बातचीत कार रुस्तेम उमेरोव ने कहा कि बातचीत व्यावहारिक मुद्दों और संभावित समाधानों की कार्यप्रणाली पर केंद्रित रही। उन्होंने बातचीत से पहले किसी बड़े घटनाक्रम की उम्मीदों को कमतर बताते हुए कहा था कि यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल जिनेवा में अत्यधिक अपेक्षाओं के बिना पहुंचा है। रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सलाहकार व्लादिमीर मेडिन्स्की कर रहे हैं। रूसी मीडिया के मुताबिक पहले दिन की बातचीत छह घंटे चली और माहौल तनावपूर्ण रहा। बताया जा रहा है कि बातचीत का अंतिम सत्र बुधवार को होना है। </p>
<p>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह मॉस्को की वास्तविक मंशा को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि रूस के नवीनतम हमलों में बच्चों सहित नौ लोग घायल हुए हैं। जेलेंस्की के अनुसार यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली ने रूस द्वारा दागी गयी 29 में से 25 मिसाइलों को मार गिराया। </p>
<p>जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर साझा वीडियो संदेश में कहा, जिस दिन जिनेवा में त्रिपक्षीय और द्विपक्षीय नये प्रारूप शुरू हुए, उसी दिन रूस ने हमले किये। लगभग 400 ड्रोन भी छोड़े गये। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि रूस वास्तव में क्या चाहता है। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ चर्चा में इन हमलों का मुद्दा जरूर उठाएगा। उन्होंने कहा, यूक्रेन युद्ध नहीं चाहता। हम अपने राज्य और स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं और हम न्यायपूर्ण समझौते की दिशा में तेजी से आगे बढऩे के लिए तैयार हैं।</p>
<p>इस बीच जेलेंस्की ने बताया कि ओडेसा में हमलों के बाद हजारों लोग पानी और हीटिंग से वंचित हो गये हैं तथा करीब 10 आवासीय इमारतों और रेलवे अवसंरचनाओं को नुकसान पहुंचा है। कुल मिलाकर 12 क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। जिनेवा में अमेरिका के नेतृत्व में चल रहे व्यापक कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य फरवरी 2022 से जारी संघर्ष का समाधान निकालना है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों पक्षों पर युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते का दबाव बना रहे हैं, जबकि जेलेंस्की का कहना है कि कीव पर असमान रूप से रियायतें देने का दबाव डाला जा रहा है। </p>
<p>यूक्रेनी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि स्थायी और न्यायपूर्ण शांति के लिए रूस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव, प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करना और यूक्रेन की वायु रक्षा एवं सैन्य सहायता को मजबूत करना आवश्यक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/russia-attacks-ukraine-amid-peace-talks-russia-fires-29-missiles/article-143634</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/russia-attacks-ukraine-amid-peace-talks-russia-fires-29-missiles/article-143634</guid>
                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 14:08:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/russia-war.png"                         length="1191599"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूनान में भीषण हादसा: तटरक्षक पोत से टकराई प्रवासियों की नाव; 15 प्रवासियों की डूबने से मौत, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[चियोस द्वीप के पास तटरक्षक पोत से टकराई प्रवासियों की नाव डूब गई। हादसे में 15 लोगों की मौत, 25 को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/horrific-accident-in-greece-migrant-boat-collides-with-coast-guard/article-141953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(13)3.png" alt=""></a><br /><p>एथेन्स। यूनान के चियोस द्वीप पर एक तटरक्षक पोत से प्रवासियों की नाव टकराने के बाद 15 प्रवासियों की मौत हो गयी है। रिपोर्ट में बताया कि यह नाव चियोस पहुंचने की कोशिश कर रही थी, ताकि प्रवासियों को यूनान में उतारा जा सके। स्थानीय तटरक्षक बलों ने उनका पीछा किया। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान दोनों नाव टकरा गयीं और समंदर में डूबने से 15 लोगों की मौत हो गयी। </p>
<p>घटना के बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। दो तटरक्षकों और सात बच्चों एवं दो महिलाओं सहित 25 प्रवासियों को दुर्घटना के बाद अस्पताल ले जाया गया। 14 प्रवासियों के शव पानी में मिले, जबकि एक महिला ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि पश्चिमी एशिया, एशिया और अफ्रीका से आने वाले प्रवासी यूनान को यूरोप के एक रास्ते के तौर पर देखते हैं। इनमें से ज्यादातर यहां तुर्की से होते हुए आते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/horrific-accident-in-greece-migrant-boat-collides-with-coast-guard/article-141953</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/horrific-accident-in-greece-migrant-boat-collides-with-coast-guard/article-141953</guid>
                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 18:08:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2813%293.png"                         length="1488607"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        