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                <title>Electoral Process - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Electoral Process RSS Feed</description>
                
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: अंतिम मतदाता सूची सामने आने से पहले हो सकती है चुनावी तारीखों की घोषणा, मतदाता सूची से 58 लाख से अधिक नाम कटे</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा अंतिम मतदाता सूची से पहले भी संभव। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, 28 फरवरी के बाद चरणों में प्रकाशित सूचियां भी मान्य होंगी। बूथ पुनर्गठन की संभावना कम। राज्य में पुराने 80,681 मतदान केंद्रों के साथ ही चुनाव कराए जा सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-assembly-elections-election-dates-may-be-announced-before/article-144520"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/west-bengal-election.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। चुनाव आयोग ने संकेत दिया है कि यदि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जाए तो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा अंतिम और पूर्ण मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले भी की जा सकती है। आयोग के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि तक प्रकाशित सभी मतदाता सूचियों को चुनाव संचालन के लिए मान्य माना जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया कि भले ही अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन चरणबद्ध तरीके से जारी रहे, चुनाव इन्हीं सूचियों के आधार पर कराए जा सकते हैं। </p>
<p>राज्य में अब तक मसौदा मतदाता सूची से 58 लाख से अधिक नाम हटाए जा चुके हैं। अंतिम सूची शुक्रवार को प्रकाशित होनी है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि हटाए गए नामों की तत्काल समेकित गणना संभव नहीं होगी। शीर्ष न्यायालय के आदेश के अनुसार आयोग को 28 फरवरी के बाद भी चरणों में मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति होगी और इन सभी सूचियों को अंतिम माना जाएगा। सभी सूचियों को मिलाकर ही कुल विलोपनों का आकलन किया जाएगा। </p>
<p>मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप हमें चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के लिए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। मतदाता सूची चरणों में प्रकाशित होगी और उसे अंतिम सूची में शामिल किया जाएगा। दोनों प्रक्रियाएं एक साथ चल सकती हैं।</p>
<p>मतदाता सूची के प्रकाशन में देरी के कारण नए मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की योजना प्रभावित हुई है और इस चुनाव में नए बूथ स्थापित किए जाने की संभावना कम मानी जा रही है। इससे पहले आयोग ने घोषणा की थी कि जहां मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक होगी, वहां नए बूथ बनाए जाएंगे। ऊंची इमारतों और अपार्टमेंट परिसरों के भीतर भी मतदान केंद्र स्थापित करने पर विचार किया गया था। आयोग ने पांच जिलों में कई अपार्टमेंट परिसरों की पहचान भी की थी, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा गतिशील मतदाता सूची की स्थिति में बूथ पुनर्गठन संभव नहीं है।  </p>
<p>विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया शुरू होने से पहले मतदाता संख्या के आधार पर लगभग 14,000 अतिरिक्त बूथों की आवश्यकता जतायी गयी थी। मसौदा सूची से 58 लाख से अधिक नाम हटाए जाने के बाद आयोग ने संकेत दिया था कि बूथ पुनर्गठन पर पुनर्विचार किया जा सकता है। एसआईआर प्रक्रिया अभी पूरी न होने के कारण फिलहाल पुराने बूथ विन्यास को ही बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। </p>
<p>अधिकारी ने कहा, हम बहुमंजिला आवास परिसरों में 60-70 अतिरिक्त बूथ स्थापित करने का अंतिम प्रयास कर रहे हैं। सब कुछ राज्य में एसआईआर प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 80,681 ही रहेगी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने मंगलवार को कहा कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी होगी। पीठ ने यह भी अनुमति दी कि यदि तार्किक विसंगतियां या अनमैप्ड श्रेणी के मामलों का सत्यापन उस तिथि तक पूरा नहीं होता है, तो आयोग चरणों में सूची प्रकाशित करता रह सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 13:24:03 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों में इलेक्शन के लिए अगले महीने तारीखों का ऐलान संभव, चुनाव आयोग ने शुरू की तैयारियां</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल समेत इस वर्ष पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग इसी महीने के अंत से इन राज्यों का दौरा शुरू कर सकता है। इन दौरों का उद्देश्य चुनावों की औपचारिक घोषणा से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति, प्रशासनिक तैयारियों और अन्य जरूरी इंतजामों की समीक्षा करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/it-is-possible-to-announce-dates-for-elections-in-5/article-141989"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/election-commission.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल समेत इस साल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव आयोग ने तैयारियां करना शुरू कर दी हैं। सूत्रों का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग इन राज्यों में इसी महीने से कुछ दिनों बाद ही विजिट करना भी शुरू कर देगा। ताकि चुनावों का ऐलान करने से पहले इन राज्यों में कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से लेकर अन्य तरह के इंतजामों की जानकारी ली जा सके। </p>
<p>उम्मीद है कि मार्च के पहले सप्ताह के बाद कभी भी इन राज्यों के लिए चुनावों का ऐलान कर दिया जाएगा। इस साल पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें 294 विधानसभा सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल सात मई 2026 तक है। इसके अलावा 234 सीटों वाले तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई, 140 सीटों वाले केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई, 126 विधानसभा सीटों वाले असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को और 30 सीटों वाले पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल इस साल 15 जून को खत्म हो रहा है। इससे पहले इन राज्यों में नई विधानसभा का गठन होना जरूरी है। जिसे देखते हुए ही चुनाव आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।</p>
<p><strong>चुनाव कराने से पहले विजिट करना शुरू करेगा आयोग </strong></p>
<p>इनमें चार राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल मई में और पुडुचेरी का जून में खत्म हो रहा है। इनमें भी सबसे पहले सात मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसे देखते हुए सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग फरवरी से मार्च के पहले सप्ताह तक इन राज्यों में चुनाव कराने से पहले विजिट करना शुरू करेगा। इसमें इन राज्यों के चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी और सीईओ के अलावा राजनीतिक पार्टियों से भी बैठक की जाएंगी। ताकि अगर किसी राजनीतिक पार्टी को चुनावों को लेकर कोई वैलिड पाइंट भी हो तो चुनावी प्रक्रिया में उसे भी अपनाया जा सके।</p>
<p><strong>मार्च के पहले सप्ताह में घोषणा संभव</strong></p>
<p>सूत्रों का कहना है कि पिछले साल बिहार में हुए विधानसभा चुनावों की तारीख का ऐलान करने से लेकर पूरी चुनावी प्रक्रिया खत्म होने तक 42 दिन का समय लगा था। चुनावों की घोषणा छह अक्टूबर 2025 को की गई थी। दो चरणों में हुए बिहार में चुनावी प्रक्रिया 16 नवंबर को खत्म हो गई थी। जबकि बिहार की विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक था। इसे देखते हुए इन पांच राज्यों में भी मार्च के पहले सप्ताह के बाद ही चुनावों की घोषणा होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 11:24:25 +0530</pubDate>
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