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                <title>Global Supply Chain - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Global Supply Chain RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गुजरात को 20 हजार करोड़ की सौगात: विकास परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, भारत ने संकट में भी मजबूत नीति से हालात संभाले, पीएम मोदी ने बोला कांग्रेस पर जमकर हमला</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में रेलवे, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹20,000 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन किया। साणंद में सेमीकंडक्टर प्लांट और डीसा एयरबेस का जिक्र करते हुए उन्होंने भारत की आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। मोदी ने कांग्रेस पर 'राजनैतिक गिद्ध' होने का आरोप लगाते हुए वैश्विक संकट के बीच देश की एकजुटता की सराहना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/gift-of-rs-20000-crore-to-gujarat-inauguration-and-foundation/article-148670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi-maan-ki-baat.png" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात को 20 हजार करोड़ रुपए की सौगात दी है। उन्होंने मंगलवार को राज्य में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उनका उद्घाटन किया। ये परियोजनाएं बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य, शहरी विकास जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हुई है। इसके अलावा प्रदेश के वाव थराद जिल के नानी गांव में एक जनसभा को संबोेधित करते हुए उन्होंने कहा, ऐस समय में जब दुनिया युद्ध, अशांति और बढ़ती ईंधन कीमतों से जुझ रही है, वही भारत ने अपनी मजबूत विदेश नीति और अपने लोगों की एकजुटता के कारण स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाला है।</p>
<p>इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को जमकर घेरा। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की तुलना राजनीतिक गिद्धों से करते हुए कहा कि वह पश्चिम एशिया युद्ध से पैदा हुए हालात का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए राजनीतिक गिद्ध की तरह घात लगाकर बैठे हुए है। मोदी ने कहा कि मुश्किल समय में भी कांग्रेस सियासी लाभ के लिए जनता को भड़काने और अफवाह फैलाने में लगी है। ताकि देश में डर का माहौल बने और लोग पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी पर लाइन लगाकर खड़े हों। अव्यवस्था फैल जाए और उसका कांग्रेस दुष्प्रचार करे, ये इनका मंशा है।</p>
<p><strong>आज मेरे मन के खुश होने का एक और कारण</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि आज मेरा मन एक और बात से प्रसन्न है। जब मैं यहां आया तो पहली बार मेरा विमान सीधे डीसा एयरबेस पर लैंड हुआ। डीसा का यह एयरबेस अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 130 किमी की दूरी पर है। आप समझ सकते हैं कि यह देश की सुरक्षा के लिए कितना अहम है। डीसा एयरपोर्ट के इस प्रोजेक्ट का विचार आज का नहीं है, बल्कि मैं जब यहां मुख्यमंत्री था, तब से हमने जमीन अधिग्रहीत की। किसान भाइयों ने जमीन दी और हम चाहते थे कि राष्ट्रीय सुरक्षा, पश्चिमी सीमा की सुरक्षा के लिए यह डीसा अत्यंत महत्वपूर्ण है।</p>
<p><strong>सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की ताकत बढ़ी</strong></p>
<p>इस पहले मोेदी ने गुजरात के साणंद में केन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन किया। यह सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह देश का दूसरा ऐसा प्लांट है। उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने प्लांट का जायजा लिया। साथ ही उन्होंने ऑपरेटर्स और इंजीनियरों से बातचीत की। पीएम मोदी ने कहा कि केन्स जैसी भारतीय कंपनी अब वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का मजबूत हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में कई भारतीय कंपनियां दुनिया को एक भरोसेमंद और मजबूत सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन उपलब्ध कराएंगी। </p>
<p><strong>मुश्किलों भरा रहा यह दशक</strong></p>
<p>मुश्किलों भरा रहा यह दशक मोदी ने कहा कि इस दशक में महामारी, संघर्ष और वैश्विक सप्लाई चेन बाधाओं ने दुनिया को प्रभावित किया है, खासकर चिप्स, रेयर अर्थ मिनरल्स और ऊर्जा क्षेत्र में। ऐसे समय में भारत जैसे लोकतांत्रिक देश का इस दिशा में आगे बढ़ना वैश्विक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।</p>
<p><strong>बड़े प्रोजेक्ट्स पर चल रहा काम</strong></p>
<p>पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर मिशन केवल औद्योगिक नीति नहीं, बल्कि देश के आत्मविश्वास का प्रतीक है। इस मिशन के तहत देश के छह राज्यों में 1.60 लाख करोड़ रुपये के 10 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 11:41:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>भारत को कितना खाद निर्यात करता है रूस? तेल पर छूट खत्म की; खाद का निर्यात बंद किया, रूस दे रहा झटके पर झटका</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच रूस ने घरेलू मांग का हवाला देकर भारत को खाद निर्यात एक महीने के लिए रोक दिया है। साथ ही, रूस ने कच्चे तेल पर मिलने वाली रियायतें भी खत्म कर दी हैं। अब भारतीय रिफाइनरियों को प्रीमियम चुकाना होगा, जबकि रूस ने पाकिस्तान को डिस्काउंटेड तेल का ऑफर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/how-much-fertilizer-does-russia-export-to-india-russia-ends/article-147909"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/oil1.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही बंद है। इससे भारत में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। जो इक्का-दुक्का जहाज इस जलडमरूमध्य को पार कर रहे हैं, वो ऊर्जा की भारी डिमांड को पूरा करने में असमर्थ हैं। इस बीच रूस ने भी भारत को बड़ा झटका दिया है। रूस ने घरेलू मांग को प्राथमिकता देते हुए एक महीने के लिए खाद का निर्यात रोक दिया है। रूस भारत का सबसे बड़ा खाद आपूर्तिकर्ता है। जनवरी से जून 2025 तक रूस ने भारत को 25 लाख टन खाद की आपूर्ति की थी।</p>
<p>एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में रूस से भारत को खाद की आपूर्ति में पिछले साल के मुकाबले 20% की बढ़ोतरी हुई। इससे भारत के कुल खाद आयात में रूस की हिस्सेदारी रिकॉर्ड 33% तक पहुंच गई है। रूस के कृषि मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि वह वसंत ऋतु में बुवाई के मौसम से पहले, एक महीने के लिए अमोनियम नाइट्रेट के निर्यात पर रोक लगा रहा है। उन्होंने बताया कि यह कदम रूस में घरेलू खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।</p>
<p><strong>रूसी कृषि मंत्रालय ने क्या कहा?</strong></p>
<p>रूसी कृषि मंत्रालय ने एक बयान में कहा, बढ़ती निर्यात मांग के बीच विदेशों में नाइट्रोजन खाद की खेप भेजना रोकने से हमें वसंत ऋतु में खेतों में होने वाले काम के दौरान घरेलू बाजार को प्राथमिकता देने और काम में कोई रुकावट न आए, यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। रूस से आने वाले अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल खेती में बड़े पैमाने पर होता है। इसका उपयोग विस्फोटक बनाने में भी एक कंपोनेंट के तौर पर किया जाता है। दुनिया में कुल अमोनियम नाइट्रेट के उत्पादन में रूस की हिस्सेदारी एक-चौथाई है। अमोनियम नाइट्रेट बनाने में इस्तेमाल होने वाला मुख्य तत्व अमोनिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से 24 प्रतिशत अमोनिया की आवाजाही होती है, लेकिन इसके बंद होने से उत्पादन पर प्रभाव पड़ रहा है। रूसी कृषि मंत्रालय ने बताया कि उसने नए निर्यात लाइसेंस जारी करना बंद कर दिया है। सिर्फ सरकारी अनुबंधों के तहत होने वाली आपूर्ति को ही इस नियम से छूट दी गई है।</p>
<p><strong>रूस ने भारत को तेल पर छूट खत्म की</strong></p>
<p>रूस ने भारत को मिलने वाली रियायती दरें खत्म कर दी हैं और अब भारतीय रिफाइनरी को ब्रेंट क्रूड के मुकाबले $4-5 प्रति बैरल अधिक प्रीमियम पर तेल मिल रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव (ईरान संकट) के बीच, अमेरिका ने भारत को 30 दिनों की अस्थायी छूट दी थी, जिसके तहत भारत ने अप्रैल के लिए 60 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीदा है, लेकिन यह सस्ता नहीं है।</p>
<p><strong>पाकिस्तान को तेल का ऑफर दे रहा रूस</strong></p>
<p>चंद दिनों पहले इस्लामाबाद में रूस के राजदूत राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने कहा था कि अगर पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर गुहार लगाता है, तो मॉस्को उसकी खाली होती तेल की टंकियों को भरने के लिए तैयार है और वो भी डिस्काउंट वाले दामों पर। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक पाकिस्तान की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक संपर्क नहीं किया गया है। खोरेव ने दावा किया कि अगर पाकिस्तान सरकार हाथ आगे बढ़ाती है, तो रूस पीछे नहीं हटेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 09:29:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जापान को मार्कस द्वीप के पास मिला रेयर अर्थ रिच मड, टोक्यो में खुशी की लहर, गहराई से दुर्लभ खनिजों को निकालने का दुनिया में पहली बार परीक्षण </title>
                                    <description><![CDATA[जापान ने 6,000 मीटर गहराई से रेयर अर्थ युक्त तलछट निकाली। ‘जादुई कीचड़’ खोज से चीन पर निर्भरता घटाने और घरेलू खनन की उम्मीदें बढ़ीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/japan-finds-rare-earth-rich-mud-near-marcus-island-wave/article-142120"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(1)12.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान ने रेयर अर्थ की खोज पर बड़ी सफलता का ऐलान किया है। जापान को अपने एक द्वीप से दुर्लभ खनिज वाले गहरे समुद्र के तलछट को सफलतापूर्वक ड्रिल करके निकालने में कामयाबी मिली है। इसे जापान की रेयर अर्थ रिच मड (जादुई कीचड़) कहा जा रहा है। इसने जापान की रेयर अर्थ से जुड़ी उम्मीदों को बढ़ा दिया है। जापानी सरकार को उम्मीद है कि इससे रेयर अर्थ के लिए उनकी चीन पर निर्भरता कम हो जाएगी। जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, गहरे समुद्र में ड्रिलिंग करने वाले जहाज चिक्यू ने मिनमिटोरिशिमा (मार्कस द्वीप) के पास 6,000 मीटर (19,700 फीट) की गहराई से तलछट सफलतापूर्वक इकट्ठा किया। इतनी गहराई से दुर्लभ खनिजों को निकालने का यह परीक्षण दुनिया में पहली बार हुआ है।</p>
<p><strong>जापान ने द्वीप पर खोजा जादुई कीचड़</strong></p>
<p>ताकाइची ने कहा है कि यह जापान में घरेलू स्तर पर दुर्लभ खनिजों के औद्योगीकरण की दिशा में पहला कदम है। हम किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता से बचने के लिए दुर्लभ खनिजों के लिए मजबूत आपूर्ति श्रृंखला हासिल करने की दिशा में प्रयास करेंगे। इस समय रेयर अर्थ की ग्लोबल सप्लाई पर चीन का प्रभाव है। जापानी आधिकारियों ने बताया है कि उनका रिसर्च जहाज चिक्यू 12 जनवरी को टोक्यो से रवाना होकर 1,900 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में मिनमिटोरिशिमा द्वीप पहुंचा। उसने 30 जनवरी को रिकवरी आॅपरेशन शुरू किया और 1 फरवरी को इनोवेटिव ओशन डेवलपमेंट ने समुद्र तल से दुर्लभ तलछट के सफल निष्कर्षण का ऐलान किया।</p>
<p><strong>कीचड़ में क्या-क्या छुपा है</strong></p>
<p>शुरूआती जांच से पता चलता है कि कीचड़ में डिस्प्रोसियम और नियोडिमियम हैं। ये इलेक्ट्रिक वाहन मोटर्स में इस्तेमाल होने वाले हाई-परफॉर्मेंस मैग्नेट के लिए महत्वपूर्ण हैं। गैडोलिनियम और टर्बियम भी मिले हैं, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल इमेजिंग और रक्षा तकनीक में उपयोग होते हैं। टर्बियम और मोनाजाइट के नमूनों को वैज्ञानिक जांच के लिए पेरिस की लैब भेजा गया है। जापान एजेंसी फॉर मरीन-अर्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रवक्ता ने कहा कि निष्कर्षण तीन अलग जगहों पर किया गया। जहाज के 15 फरवरी को शिमिजु बंदरगाह पर लौटने के बाद रासायनिक और व्यावसायिक विश्लेषण किया जाएगा। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि दुर्लभ पृथ्वी भंडार की कुल मात्रा और उनकी आर्थिक व्यवहार्यता निर्धारित करने के लिए और रिसर्च जरूरी है।</p>
<p><strong>अगले साल शुरू होगा खनन</strong></p>
<p>जापान ने संकेत दिए हैं कि कोई बड़ी तकनीकी बाधा नहीं आती है तो अगले साल फरवरी में बड़े पैमाने पर समुद्री खनन परीक्षण शुरू हो जाएगा। निष्कर्षण से लेकर अलगाव और शोधन तक की पूरी प्रक्रिया व्यवहार्य और लागत प्रभावी साबित हुई तो जापान बहुत बड़े स्तर खनन का काम कर सकता है। चीन इस समय वैश्विक दुर्लभ पृथ्वी आपूर्ति पर पूरी तरह हावी है। चीन ने हाल ही में जापान पर कई निर्यात प्रतिबंध लगाए हैं। ऐसे में जापान को चीन पर निर्भरता कम करने के लिए विकल्पों की तलाश है। जापान ने लगातार मिनमिटोरिशिमा के पास दुर्लभ पृथ्वी भंडारों का सर्वेक्षण किया है। हालिया सफलता से उसकी उम्मीद बढ़ गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 11:33:05 +0530</pubDate>
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