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                <title>नया सवेरा के कैंपेन गरमाहट ने सर्दी में बांटी राहत की मुस्कान</title>
                                    <description><![CDATA[फाउंडेशन के फाउंडर-डायरेक्टर अखिलेश माहेश्वरी ने बताया कि अब तक 500 से अधिक बच्चों, दिहाड़ी मजदूरों, सफाई कर्मचारियों, घरेलू कामगारों, विधवा महिलाओं और बुजुर्गों को टोपी, मफलर, कंबल, स्वेटर और जर्सी बांटी गई हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/naya-saveras-campaign-garmahat-spread-smile-of-relief-in-winter/article-99979"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(10)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कठिन सर्दी में गरीबों और जरूरतमंदों को राहत देने के लिए सामाजिक संस्था नया सवेरा एक प्रयास फाउंडेशन ने  बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ियों, सड़कों, निर्माण स्थलों पर रहने वाले गरीब और वंचित लोगों को न केवल गर्म कपड़े मुहैया कराए हैं, बल्कि उनके चेहरों पर मुस्कान भी ला रहे हैं।</p>
<p>फाउंडेशन के फाउंडर-डायरेक्टर अखिलेश माहेश्वरी ने बताया कि अब तक 500 से अधिक बच्चों, दिहाड़ी मजदूरों, सफाई कर्मचारियों, घरेलू कामगारों, विधवा महिलाओं और बुजुर्गों को टोपी, मफलर, कंबल, स्वेटर और जर्सी बांटी गई हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jan 2025 11:21:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत सेवा संस्थान और एनवाईपी ने भेजी मणिपुर के हिंसा पीड़ितों को मदद</title>
                                    <description><![CDATA[ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर राजस्थान के संयोजक हनुमान शर्मा को राहत सामग्री के साथ इम्फाल भेजा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bharat-seva-sansthan-and-nyp-sent-help-to-the-victims/article-79013"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(6)20.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नेशनल यूथ प्रोजेक्ट (एनवाईपी) और भारत सेवा संस्थान ने मणिपुर की ताजा हिंसा के शिकार लोगों को मदद पहुंचाने के लिए मणिपुर के अनेक जिलों में राहत सामग्री का वितरण शुरू किया है। भारत सेवा संस्थान के सचिव गिरधारी सिंह बापना ने बताया कि पिछले एक वर्ष से जातीय हिंसा की आग में झुलस रहे मणिपुर में हालत बहुत खराब है।</p>
<p>हिंसा के ताजा दौर के बाद संस्थान ने अपने संस्थापक अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर राजस्थान के संयोजक हनुमान शर्मा को राहत सामग्री के साथ इम्फाल भेजा है। एनवाईपी के राष्ट्रीय सचिव रणसिंह मुरैना से भी उनके साथ हैं। ये दोनों वहां एकता परिषद के स्वयंसेवकों के सहयोग से इम्फाल ईस्ट और वेस्ट के साथ विष्णुपुर, थाउबल और काकचिंग के राहत शिविरों में रह रहे लोगों, विशेष रूप से बच्चों को दूध पाउडर, सेरेलैक, लैकटोजन और अन्य सामग्री वितरित कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 May 2024 12:31:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोरोना से असहाय हुए बच्चों के लिए पीएम केयर्स फंड से जारी की सहायता : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फंड को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि इस पैसे से कोरोनाकाल के दौरान अस्पताल तैयार करने, वेंटिलेटर्स खरीदने, ऑक्सीजन प्लांट्स लगाने में मदद मिली और इस वजह से कितने ही लोगों का जीवन एवं कितने ही परिवारों का भविष्य बचाया जा सका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/help-issue-from-cares-fund-for-childrens--says-modi/article-10826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/modi-15.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फंड को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि इस पैसे से कोरोनाकाल के दौरान अस्पताल तैयार करने, वेंटिलेटर्स खरीदने, ऑक्सीजन प्लांट्स लगाने में मदद मिली और इस वजह से कितने ही लोगों का जीवन एवं कितने ही परिवारों का भविष्य बचाया जा सका। मोदी ने उन बच्चों के लिए प्रधानमंत्री केयर्स योजना के अंतर्गत सहायता जारी की, जो कोरोना काल में इस संक्रमण से अपने अभिभावकों या संरक्षक को खोने के कारण असहाय हो गए हैं। जीवन हमें कई बार अप्रत्याशित मोड़ पर लाकर खड़ा कर देता है। ऐसी स्थितियां जिनकी हमने कल्पना भी नहीं की होती हैं। मैं जानता हूं कि कोरोना की वजह से जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके जीवन में आया ये बदलाव कितना मुश्किल है, कितना कठिन है। हर दिन का संघर्ष, पल-पल का संघर्ष, नई-नई चुनौतियां, हर दिन की तपस्या, जो बच्चे हमारे साथ हैं, जिनके लिए ये कार्यक्रम हो रहा है, उनकी परेशानी शब्दों में कहना मुश्किल है। चुनौतियों में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन्स, सभी कोरोना प्रभावित बच्चों की मुश्किलें कम करने का एक छोटा सा प्रयास है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि पीएम केयर्स में हमारे करोड़ों देशवासियों ने अपनी मेहनत और कमाई को जोड़ा है। सेवा और त्याग के कैसे कैसे उदाहरण हमारे सामने आए है। किसी ने अपने पूरे जीवन की कमाई दान कर दी, तो किसी ने अपने सपनों के लिए जोड़ी गई पूंजी इसमें लगा दी। इस कोष ने कोरोनाकाल के दौरान अस्पताल तैयार करने में, वेंटिलेटर्स खरीदने में, ऑक्सीजन प्लांट्स लगाने में मदद की। इस वजह से कितने ही लोगों का जीवन बचाया जा सका। कितने ही परिवारों का भविष्य बचाया जा सका। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 May 2022 16:11:40 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विश्व थैलेसीमिया दिवस आज: प्रदेश में थैलेसीमिया के तीन हजार से ज्यादा रोगी, नहीं मिलती सरकार से मदद</title>
                                    <description><![CDATA[ शहर में कई ऐसे युवा हैं जो थैलेसीमिया के शिकार होने के बावजूद अपने मनोबल को मजबूत बनाकर कामयाबी हासिल कर रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/health-news--world-thalassemia-day-today--more-than-three-thousand-patients-of-thalassemia-in-the-state--do-not-get-help-from-the-government/article-9341"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/18.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। थैलेसीमिया के प्रदेश में तीन हजार से ज्यादा रोगी हैं। थैलेसीमिया में रोगी को खून की कमी होने लगती है औार एक निश्चित अवधि के बाद उसे खून चढ़ाना होता है। थैलेसीमिया पीड़ित लोगों को बीमारी के साथ-साथ दोस्त, सहयोगी और समाज द्वारा नकारे जाने जैसी परेशानियों से भी दो चार होना पड़ता है। इन्हें सरकार से किसी तरह की मदद नहीं मिलती। इन सब के बावजूद थैलेसीमिया पीड़ित लोग इन चुनौतियों का सामना करते हुए सकारात्मक और सामान्य जीवन जी रहे हैं। शहर में कई ऐसे युवा हैं जो थैलेसीमिया के शिकार होने के बावजूद अपने मनोबल को मजबूत बनाकर कामयाबी हासिल कर रहे हैं। <br /><br /><strong>थैलेसीमिया के लक्षण</strong><br />थैलेसीमिया होने पर सर्दी-जुकाम बना रहता है, शरीर बीमार सा लगता है। सांस लेने में तकलीफ महसूस होना, शरीर में कमजोरी और दर्द बना रहना, दांतों का बाहर की ओर निकलना, उम्र के अनुसार शारीरिक विकास न होना, शरीर का पीला पड़ना, उदासी बने रहना। यह सभी थैलेसीमिया के ही लक्षण हैं।<br /><br /><strong>जर्नलिस्ट बनना चाहती है मितुल</strong><br />वैशाली नगर में रहने वाली 21 वर्षीय मितुल टांक बीएससी सैकेंड ईयर में पढ़ती हैं। वह पैरामेडिकल की पढ़ाई भी कर रही हैं। वह थैलेसीमिया चिल्ड्रेन सोसायटी से साढ़े चार साल से जुड़ी हुई हैं। मितुल ने थैलेसीमिया को कभी अपने रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया। वह कला के जरिए खुद को अभिव्यक्त करती हैं। उनके पिता बताते हैं कि मितुल ने कुछ शॉर्ट फिल्मों में काम किया है और इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज के टॉप 16 में भी पहुंची है। वह कविताएं भी लिखती हैं जो अखबारों में प्रकाशित होती रहती है। सोसायटी के कार्यक्रमों में वह अक्सर हिस्सा लेती हैं और खुद को बेहतर करने की कोशिश में रहती है। वह जर्नलिस्ट बनना चाहती है।<br /><br /><strong>खुद का ख्याल रखने में सक्षम हूं: अनीता</strong><br />इंद्रपुरी कॉलोनी में रहने वाली 21 साल की अनिता बासवानी सात वर्ष से थैलेसीमिया चिल्ड्रेन सोसायटी से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की है। पिता किराना की दुकान पर काम करते हैं। अनिता कहती हैं कि वह खुद का ख्याल रखने में सक्षम हैं। उन्हें हर 15वें दिन खून चढ़ता है और वह अकेले ही अस्पताल आती हैं। चार महीने पहले उन्होंने अपने पसंद के लड़के से शादी भी की। अनिता बताती है कि जब वह नवी कक्षा में थी, तब उनकी सहपाठी ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में उनके साथ डांस करने से मना कर दिया था, लेकिन थैलेसीमिया को उन्होंने कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दी। आज वह सोसायटी के डांस प्रोग्राम्स में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती हैं।<br /><br /><strong>हमेशा सकारात्मक बदलाव दिखा</strong><br />पंद्रह वर्षीय भाविका आसवानी न्यू इन्द्रपुरी कॉलोनी में रहती हैं। वह दसवीं कक्षा में है और 8 मई को अंतरराष्टÑीय थैलेसीमिया दिवस पर होने वाले डांस प्रोग्राम में हिस्सा ले रही हैं। मां भूमिका बताती हैं कि भाविका 4 महीने की ही थी जब पता चला कि उसे थैलेसीमिया है। शुरुआत में चिंता हुई और भाविका को दवा से चिड़चिड़ापन भी होता था, लेकिन अब स्कूल में या सोसायटी में दोस्तों और लोगों से घुलने मिलने से उसे एक हौसला मिला है। भूमिका कहती हैं कि उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। भाविका उन्हें कभी भी अलग नहीं लगी। उसके अंदर हमेशा सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।<br /><br />घर की सारी जिम्मेदारियां संभाली<br />18 साल की मुस्कान खान घाटगेट की रहने वाली है। 4 साल की उम्र में मुस्कान की इस लाइलाज बीमारी के बारे में परिवार को पता चला। 6 साल की उम्र में मुस्कान की मां का देहांत हो गया। जिंदगी के थपेड़ों की वजह से मुस्कान पढ़ने से वंचित रह गई। वह अपने इलाज के लिए अकेले सफर करती है और सोसायटी की सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए हमेशा आगे रहती है। घर की सारी जिम्मेदारियां मुस्कान ने संभाली, इन सब के बावजूद वह कभी निराश नहीं रहती। मुस्कान कहती है कि अगर वह पढ़ पाती तो डॉक्टर बनती।<br /><br />ह मने हमेशा सरकार से यह मांग की है कि थैलेसीमिया को लेकर लोगों को जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। अनजाने में लोग जीवनभर की मुश्किले मोल लेते हैं। लोग शादी से पहले थैलेसीमिया की जांच करा ले। थैलेसीमिया माइनर की शादी थैलेसीमिया माइनर से ना हो इसका ध्यान नहीं रखें तो आने वाले बच्चों में यह बीमारी नहीं होगी। -<strong>नरेश भाटिया, अध्यक्ष , थैलेसीमिया चिल्ड्रेन सोसायटी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 May 2022 14:56:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>देशभर में अपनी पहचान बना चुकी गुडली की भिंडी को अब सरकारी मदद की दरकार</title>
                                    <description><![CDATA[केशवरायपाटन उपखंड के गुडली सहित आसपास के गांवों में इन दिनों भारी मात्रा में भिंडी का उत्पादन हो रहा है। यहां की भिंडी देशभर में अपनी पहचान बना चुकी है। भिंडी उत्पादन से किसानों को आमदनी के साथ रोजगार भी मिल रहा है। ऐसे में अब यहां भिंडी मंडी बनाए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/gudli-s-lady-finger--which-has-made-its-mark-across-the-country--now-needs-government-help/article-6899"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/okra.jpg" alt=""></a><br /><p>गामछ। केशवरायपाटन उपखंड के गुडली सहित आसपास के गांवों में इन दिनों भारी मात्रा में भिंडी का उत्पादन हो रहा है। यहां की भिंडी देशभर में अपनी पहचान बना चुकी है। भिंडी उत्पादन से किसानों को आमदनी के साथ रोजगार भी मिल रहा है। ऐसे में अब यहां भिंडी मंडी बनाए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। भिंडी उत्पादक किसानों ने बताया कि सीजन के दिनों में भिंडी बेचने और खरीदने के लिए यहां मेला सा लग जाता है। व्यापारी नवलकिशोर, हेमंत सुमन, दीपक सुमन, त्रिलोक के मुताबिक भिंडी बेचने के लिए रोजाना 50 गांवों के किसान कस्बे के मंडी में पहुंच रहे हैं। दोपहर से ही मेन रोड पर व्यापारी  और विक्रेताओं की भीड़ लग जाती है। यहां के किसानों ने भिंडी उत्पादन को अपना व्यवसाय ही बना लिया है। इस बार भी करीब 200 बीघा में भिंडी उत्पादन किया गया है। किसान भी चाहते हैं कि सरकारी प्रयास हो जाएं तो उनकी तकदीर बदल सकती है।<br /><br /><strong>इन शहरों से आ रहे खरीदार</strong><br />दिल्ली, गुड़गांव, जयपुर, झालावाड़, कोटा, किशनगढ़, आगरा, अंबाला, चंडीगढ़, उदयपुर समेत देशभर के करीब 40 बड़े शहरों से रोजाना खरीदार यहां भिंडी खरीदने रहे हैं। वे ट्रकों में लदान कर यहां की भिंडी का टेस्ट देशभर को चखा रहे हैं। इस बार यहां से रोजाना 8 से 10  टन भिंडी बाहर भेजी जाने की उम्मीद है।<br /><br /><strong>हर घर के लोग करते है उत्पादन</strong><br />गुड़ली कस्बे में भिंडी उत्पादन को लेकर काफी जागरूकता है। आलम यह है कि यहां का हर किसान इसका उत्पादन कर रहा है। लाभ का सौदा होने के कारण भिंडी के प्रति रुझान भी बढ़ने लगा है। किसानों का दावा है कि यहां की भिंडी का स्वाद अन्य जगहों की अपेक्षा टेस्टी है। ऐसे में दूर-दराज से खरीदार पहुंच रहे हैं। यहां प्रत्येक घर में भिंडी उत्पादन होने की वजह से मजदूर बाहर के गांव से लाने पड़ते हैं। <br /><br /><strong>इन गांवों में होता है उत्पादन</strong><br />लाडपुर, गुड़ली, गुडला, पटोलिया, गिरधरपुरा, केशवरायपाटन, देहित, सुवांसा, कापरेन, लाखेरी, गामछ, कणा, भवानीपुरा, चितावा, तीरथ, मेहराना समेत करीब 50 गांवों में भिंडी का उत्पादन किया जा रहा है।  किसान रोजाना गुडली में भिंडी बेचने पहुंच रहे हैं। प्रत्येक गांव का किसान गुडली भिंडी मंडी को पसंद करता है। यहां शुरूआती रेट 40 से 50 प्रति किलो है।<br /><br /><strong>पूर्व मंत्री वर्मा ने मंडी बनाने की थी घोषणा</strong><br />भिंडी मंडी के लिए भाजपा सरकार में मंत्री राज्यमंत्री बाबूलाल वर्मा ने उनके कार्यकाल में मंडी के लिए पैसा उस जमीन स्वीकृत करने के लिए कहा था, लेकिन गुडली में जमीन कम है और जो थोड़ी बहुत है अतिक्रमण के चपेट में है। यदि गुडली गांव में मेन रोड पर कहीं पर जमीन मिल जाए और सरकार द्वारा भिंडी मंडी लग जाए तो यहां के किसान मालामाल हो सकते हैं। यहां के किसान भिंडी के अलावा अन्य सब्जियां हर सीजन में करते आ रहे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Mar 2022 16:05:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>दिल के दौरे की भविष्यवाणी में होगी मदद : वैज्ञानिकों</title>
                                    <description><![CDATA[एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस ऐसे उपकरण बनाने का दावा किया है, जो किसी व्यक्ति में दिल का दौरा पड़ने की संभावना का अनुमान लगा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/will-help-in-predicting-heart-attacks--scientists/article-6690"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/heart-attack.jpg" alt=""></a><br /><p>आधुनिक युग में व्यस्ततम दिनचर्या की वजह से दिल के मरीजों की संख्या में लगातार बढ रही है। एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस ऐसे उपकरण बनाने का दावा किया है, जो किसी व्यक्ति में दिल का दौरा पड़ने की संभावना का अनुमान लगा सकता है। इस अध्ययन के निष्कर्ष द लैंसेट डिजिटल हेल्थ में प्रकाशित हुए हैं। जांचकर्ताओं द्वारा निर्मित उपकरण ने हृदय को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों में प्लाक की मात्रा और संरचना के आधार पर सटीक भविष्यवाणी की कि कौन से रोगियों को पांच वर्षों में दिल का दौरा पड़ेगा। सीडर.सिनाई में बायोमेडिकल इमेजिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट में मात्रात्मक छवि विश्लेषण प्रयोगशाला की निदेशक और अध्ययन की वरिष्ठ लेखक दामिनी डे और उनके सहयोगियों ने विश्लेषण किया। जांचकर्ताओं ने 921 लोगों से कोरोनरी सीटी, छवियों से सीखकर पट्टिका को मापने के लिए एआई एल्गोरिदम को प्रशिक्षित किया, जिसका पहले से ही प्रशिक्षित डॉक्टरों द्वारा विश्लेषण किया गया था।  जांचकर्ताओं ने पाया कि उपकरण का माप कोरोनरी सीटी में देखी गई पट्टिका मात्रा के अनुरूप है। उन्होंने कोरोनरी धमनी पट्टिका और संकुचन का आकलन करने में अत्यधिक सटीक माने जाने वाले दो परीक्षणों इंट्रावास्कुलर अल्ट्रासाउंड और कैथेटर.आधारित कोरोनरी एंजियोग्राफी द्वारा ली गई छवियों के साथ परिणामों का मिलान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/health/will-help-in-predicting-heart-attacks--scientists/article-6690</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Mar 2022 11:39:14 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>﻿विश्व बैंक ने यूक्रेन को 72.3 करोड़ डॉलर की सहायता प्रदान करने को दी मंजूरी </title>
                                    <description><![CDATA[विश्व बैंक समूह के कार्यकारी निदेशक मंडल ने यूक्रेन को 72.3 करोड़ डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान करने को मंजूरी दी है। बैंक ने विज्ञप्ति में कहा कि विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने आज यूक्रेन के लिए 48.9 करोड़ डॉलर के पूरक बजट सहायता पैकेज को मंजूरी दी, जिसे यूक्रेन को आर्थिक आपातकाल से निकलने या फ्री यूक्रेन का वित्तपोषण कहा जाता सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/world-bank-approved-72-3-carore-dollar-of-ukraine/article-5673"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/bank-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। विश्व बैंक समूह के कार्यकारी निदेशक मंडल ने यूक्रेन को 72.3 करोड़ डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान करने को मंजूरी दी है। बैंक ने विज्ञप्ति में कहा कि विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने आज यूक्रेन के लिए 48.9 करोड़ डॉलर के पूरक बजट सहायता पैकेज को मंजूरी दी, जिसे यूक्रेन को आर्थिक आपातकाल से निकलने या फ्री यूक्रेन का वित्तपोषण कहा जाता सकता है। बयान में कहा गया कि बोर्ड द्वारा स्वीकृत पैकेज में 35.0 करोड़ डॉलर का एक पूरक ऋण और 13.9 करोड़ डॉलर की गारंटी भी शामिल है। 13.4 करोड़ डॉलर का अनुदान वित्तपोषण और 10.0 करोड़ डॉलर के समानांतर वित्तपोषण भी जुटाया  रहा है। इस तरह से कुल 72.3 करोड़ डॉलर का होगा।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया कि इस वित्तीय सहायता से यूक्रेन की सरकार को अपने नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने में मदद मिलेगी, जिसमें अस्पताल के कर्मचारियों के लिए वेतन, बुजुर्गों के लिए पेंशन और कमजोर वर्ग लोगों के लिए सामाजिक कार्यक्रम शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Mar 2022 11:26:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जयपुर से रहा है विशेष रिश्ता : व्रत में ना गाने का नियम भी तोड़ा था राजस्थान की जनता की भलाई के लिए</title>
                                    <description><![CDATA[1987 में अकाल पीड़ितों की सहायता के लिए दिया था एसएमएस स्टेडियम में कार्यक्रम :एक करोड़ एक लाख का चेक भेट किया था मुख्यमंत्री को]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE---%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F/article-4300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/lata_haridev-jodhi.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन से पूरा देश स्तब्ध एवं शोक में है लेकिन राजस्थान के लोगों को उनके निधन से सदमा और पीड़ा बेहद है कारण की राजस्थान खासकर जयपुर से उनका विशेष रिश्ता रहा है। 1987 में जब राजस्थान में भीषण अकाल पड़ा और तत्कालीन सरकार के पास अकाल का मुकाबला करने के लिए रूपयों की कमी महसूस हुई तो सरकार के मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने सुर संगम संस्था के अध्यक्ष के सी मालू से स्वर कोकिला का जयपुर में अकाल पीड़ितों की सहायता के लिए चैरिटी कार्यक्रम कराने के लिए आमंत्रित करने को कहा। उस समय लता दीदी फिल्मों के गानों को लेकर बेहद व्यस्त थी लेकिन जब राजस्थान सरकार और के सी मालू ने उन्हें राजस्थान में भीषण अकाल के बारे में बताया तो वे तुरंत जयपुर में आने और अकाल पीड़ित राजस्थान की जनता के लिए अपने गीतो का कार्यक्रम देने के लिए राजी हो गई। लता दीदी अपने वायदे के मुताबिक जयपुर पहुंची और एसएमएस स्टेडियम में चालीस हजार दर्शकों से भी अधिक लोगों की मौजूदगी में अपने गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्वयं मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने टिकट खरीदकर एक उदाहरण भी पेश किया। फिल्म वितरक राज बंसल भी उस कार्यक्रम में बतौर वोलेंटियर व्यवस्था बनाने में शामिल थे। वे बताते है कि लता दीदी ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत ऐ मेरे वतन के लोगों से जैसे ही की तो पूरा एसएमएस स्टेडियम उनके स्वागत में खड़ा हो गया और तालियों की करतल ध्वनि से स्टेडियम गूंज उठा। लता मंगेशकर ने 26 बेहद सुरीले गीत गाएं और राजस्थान की जनता का दिल जीत लिया।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कार्यक्रम का समापन अजीब दास्तां है ये, कहा शुरू कहा खत्म से किया, जबकि आएगा आने वाला और मेरा साया साथ होगा जैसे सदाबहार नगमे भी गाए। उनके साथ मोहमद अजीज एवं उनकी बहन उषा मंगेशकर ने भी गीतों में उनका साथ दिया। लता दीदी ने जनता की डिमांड पर राजस्थानी भाषा में थांये काजलिया गीत नितिन मुकेश के साथ युगल रूप में सुनाया। और  वापस जयपुर आने का वायदा भी किया। उस कार्यक्रम से प्राप्त एक करोड़ एक लाख का चेक लता दीदी ने मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी को अकाल पीड़ितों की सहायता के लिए भेट किया। बंसल बताते है कि उन दिनों लोग सिगरेट खुले आम पिया करते थे स्टेडियम में उस कार्यक्रम के दौरान जब लोग सिगरेट पी रहे थे तो उस धुआं से लता दीदी सहज होकर गा नही पा रही थी जब उन्होंने सिगरेट ना पीने की अपील जनता से की तो सभी ने अपनी सिगरेटे बुझा दी। बंसल कहते है की उस दिन लता दीदी का व्रत था वे अमूमन व्रत के दिन गीत नहीं गाती थी लेकिन राजस्थान की अकाल पीड़ित जनता की भलाई के लिए ना केवल उन्होंने अपना नियम तोड़ा बल्कि जयपुर की उस तारीख को इतिहास में दर्ज कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Feb 2022 12:03:48 +0530</pubDate>
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                <title>मदद के हाथ</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के रुख की अनदेखी करके भारत ने अफगानिस्तान की मदद के लिए अपने हाथ बढ़ा दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%AE%E0%A4%A6%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A5/article-3144"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/32.jpg" alt=""></a><br /><p>अमेरिका के रुख की अनदेखी करके भारत ने अफगानिस्तान की मदद के लिए अपने हाथ बढ़ा दिए हैं। संकट से जूझ रहे वहां के नागरिकों के लिए भारी मात्रा में जीवन रक्षक दवाओं की पहली खेप भेजी है। इसके अलावा अब भारत अफगानिस्तान को 50 हजार टन अनाज और कुछ आवश्यक दवाओं की एक और खेप भेजने वाला है। यह मदद पाकिस्तान के रास्ते से जाने वाली है जिसके लिए पाकिस्तान ने अपनी सहमति दे दी है। दवाओं की पहली खेप उस विमान से भेजी गई, जो अफगान शरणार्थियों को भारत लेकर आया था। भारत अफगानिस्तान में व्याप्त संकट की अनदेखी नहीं कर सकता। अफगानिस्तान भारत का पड़ोसी देश है हालांकि अब वहां तालिबान की सरकार है। तालिबान को भारत सहित दुनिया के अनेक देश खतरनाक आतंकी संगठन मानते हैं, लेकिन वहां के नागरिकों की मदद मानवीय दृष्टिकोण से की जानी चाहिए और यही संदेश देने के लिए भारत ने मदद की पहल की है। तालिबान की सरकार बनने के बाद से भारत ने अपनी गतिविधियां लगभग रोक दी थीं, क्योंकि वह अमेरिका सहित दुनिया का रुख देख रहा था। अमेरिका नहीं चाहता था कि कोई देश अफगानिस्तान की मदद करे। लेकिन तालिबान की सरकार बनने के बाद चीन व रूस ने तालिबान की सरकार को समर्थन देना शुरू कर दिया था। यह भी भारत के लिए एक संकट था,क्योंकि चीन ने अफगानिस्तान में अपने पैर पसारने की पहल शुरू कर दी थी। इससे भारत को बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। पाकिस्तान पहले से ही भारत से दुश्मनी भरे रिश्ते रखता आ रहा है। पाकिस्तान भी तालिबान की सरकार का समर्थक है। यदि अफगानिस्तान का झुकाव पाकिस्तान की तरफ बढ़ता है तो यह भी भारत के लिए एक संकट हो सकता है। इसलिए भारत केवल अमेरिका के रुख के साथ नहीं चल सकता। भारत अफगानिस्तान के खिलाफ खड़ा नहीं हो सकता और यह कूटनीतिक दृष्टि से भी ठीक नहीं रहता। अब भारत-रूस के रिश्ते भी मजबूत हुए हैं और भारत ने अमेरिका के विरोध के बावजूद रूस से हथियारों की खरीद की है। रूस तालिबान के प्रति नरम रुख रखता है। अब भारत ने अफगानिस्तान की मदद की तरफ हाथ बढ़ा दिए हैं और इससे वहां के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और उम्मीद है कि तालिबान की सत्ता भी भारत के हितों का ध्यान रखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Dec 2021 13:07:08 +0530</pubDate>
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                <title>जयपुर एयरपोर्ट पर CM से मिले अरुण वाल्मीकि के परिजन, गहलोत ने दिया हर संभव मदद का आश्वासन</title>
                                    <description><![CDATA[आगरा जिले के जगदीशपुरा थाना के मालखाना से 25 लाख रुपये की चोरी में सफाई कर्मचारी अरुण वाल्मीकि की हिरासत में मौत हो गई थी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-cm-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%A3-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%A8--%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AD%E0%A4%B5-%E0%A4%AE%E0%A4%A6%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8/article-1832"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/whatsapp-image-2021-10-22-at-14.59.45.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> आगरा में पुलिस कस्टडी में जान गंवाने वाले अरुण वाल्मीकि के परिजनों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से शुक्रवार को  सुबह जयपुर एयरपोर्ट पर मुलाकात की। गहलोत ने अरुण वाल्मीकि के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।</p>
<p><br /> दरअसल, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार रात पुलिस हिरासत में जान गंवाने वाले अरुण वाल्मीकि के परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अरुण के परिजनों को 30 लाख रुपए की आर्थिक मदद और केस लड़ने में पूरी कानूनी मदद देने की घोषणा की। इसके बाद इस मामले में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी की जा रही है। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>यह था मामला</strong></span></span><br /> आगरा जिले के जगदीशपुरा थाना के मालखाना से 25 लाख रुपये की चोरी में सफाई कर्मचारी अरुण वाल्मीकि की हिरासत में मौत हो गई थी।बइसी सिलसिले में प्रियंका बुधवार की देर रात अरुण के परिजनों से मिलने आगरा पहुंचीं थीं, जहां परिजनों की पीड़ा सुनने के बाद उन्होंने अरुण के परिजनों को 30 लाख रुपए की आर्थिक मदद और केस लड़ने में पूरी कानूनी मदद देने की घोषणा कर दी। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अरुण की मौत के मामले में घोषणा की है कि मृतक आश्रितों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Oct 2021 15:14:21 +0530</pubDate>
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