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                <title>Global Diplomacy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Global Diplomacy RSS Feed</description>
                
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                <title>सऊदी अरब, कतर और तुर्की की यात्रा पर जाएंगे पाकिस्तानी पीएम शाहबाज शरीफ, राष्ट्रपति ट्रंप ने दिए नए घटनाक्रम सामने आने के संकेत   </title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ सऊदी अरब, कतर और तुर्की की चार दिवसीय यात्रा पर जा रहे हैं। सऊदी अरब से $3 बिलियन की अतिरिक्त सहायता और पुराने कर्ज के विस्तार से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को संजीवनी मिली है। यह दौरा आर्थिक स्थिरता और अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pakistani-pm-shahbaz-sharif-will-visit-saudi-arabia-qatar-and/article-150537"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pak-pm.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सप्ताहांत में सऊदी अरब, कतर और तुर्की की चार दिवसीय यात्रा पर जायेंगे। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह यात्रा अमेरिका-ईरान चर्चा के पहले दौर के बाद हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संकेत दिया था कि 'अगले दो दिनों में' पाकिसतान में कुछ नये घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। यह यात्राएं पाकिस्तान के लिए एक बड़ी वित्तीय मजबूती के साथ हो रही हैं। वॉशिंगटन में विश्व बैंक-आईएमएफ की स्प्रिंग मीटिंग्स के दौरान वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि सऊदी अरब ने 3 अरब डॉलर की अतिरिक्त जमा राशि देने का वादा किया है और पिछली 5 अरब डॉलर की जमा राशि की अवधि भी बढ़ा दी है।</p>
<p>औरंगजेब ने कहा कि इस मदद से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी, उसके बाहरी खाते सुदृढ़ होंगे और आईएमएफ समर्थित कार्यक्रम के अनुपालन में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक लगभग 18 अरब डॉलर का भंडार रखना है, जो 3.3 महीने के आयात कवर के बराबर है। उन्होंने पाकिस्तान की हाल ही में किये गये 1.4 अरब डॉलर के यूरोबॉन्ड भुगतान का उल्लेख किया और इसे 'सामान्य घटना' करार दिया। उन्होंने आगामी विदेशी दायित्वों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। उन्होंने इस सहयोग को सुगम बनाने के लिए क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और वित्त मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल-जदान सहित सऊदी नेतृत्व के साथ-साथ पाकिस्तान की राजनीतिक और आर्थिक टीमों को भी श्रेय दिया।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि सऊदी वित्तीय सहायता और आईएमएफ व विश्व बैंक जैसे संस्थानों से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान का संयुक्त प्रभाव पाकिस्तान को आर्थिक स्थिरता के लिए आत्मविश्वास और गति प्रदान करता है। उन्होंने फंडिंग के स्रोतों में विविधता लाने के लिए जारी पहलों की भी रूपरेखा पेश की, जिसमें 'ग्लोबल मीडियम-टर्म नोट' कार्यक्रम और 'पांडा बॉन्ड्स' जारी करने की योजना शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 17:33:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महमूद कोमाती का दावा : हिज़्बुल्लाह को मध्य पूर्व संघर्ष के समाधान में रूस की भूमिका की उम्मीद, ट्रंप पर लगाया बाधाएँ और रुकावटें खड़ा करने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[हिज़्बुल्लाह नेता महमूद कोमाती ने मध्य पूर्व संकट में रूस की सक्रिय भूमिका की वकालत की है। उन्होंने कहा कि रूस के ईरान और अरब देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध शांति स्थापित कर सकते हैं, लेकिन अमेरिकी बाधाएं समाधान में रोड़ा अटका रही हैं। कोमाती के अनुसार, क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अमेरिका को अंततः रूस के प्रभाव की आवश्यकता होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/mahmoud-komati-claims-hezbollah-expects-russias-role-in-resolving-middle/article-150161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hizbullah1.png" alt=""></a><br /><p>बेरुत। हिज़्बुल्लाह के राजनीतिक परिषद के उप प्रमुख महमूद कोमाती ने बताया कि हिज़्बुल्लाह को उम्मीद है कि रूस, जिसके ईरान सहित मध्य पूर्वी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, इस क्षेत्र में संघर्ष के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कोमाती ने कहा, “आज, रूस, ईरान के साथ अपने संबंधों और क्षेत्रीय स्तर पर कई अरब देशों और लेबनान के साथ अपने निष्ठापूर्ण संबंधों के कारण, एक भूमिका निभा सकता है और हम इसकी उम्मीद करते हैं। लेकिन, दुर्भाग्य से, संयुक्त राज्य अमेरिका रूस की किसी भी भूमिका में बाधाएँ और रुकावटें पैदा कर रहा है।</p>
<p>इस बीच, आज अमेरिका और विशेष रूप से (राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रम्प, ईरान को प्रभावित करने और युद्धविराम हासिल करने के लिए रूस की ओर रुख कर रहे हैं। देर-सवेर, उन्हें रूस की आवश्यकता होगी।” राजनेता के अनुसार, हिज़्बुल्लाह रूस के रुख, क्षेत्र में उसकी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार मानव और राज्य अधिकारों की रक्षा को सकारात्मक रूप से देखता है। उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, दुर्भाग्य से, आज यह क्षेत्र अमेरिकी वर्चस्व, उसकी आक्रामकता, हत्या और विनाश से ग्रस्त है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:08:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जनरल फान वान वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री नियुक्त : राजनाथ सिंह ने दी बधाई, बोले-आने वाले वर्षों में भारत-वियतनाम साझेदारी निरंतर और अधिक सशक्त होगी</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनरल फान वान जियांग को वियतनाम का उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री बनने पर शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सुरक्षा, सैन्य आदान-प्रदान और औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि भारत और वियतनाम की रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में और अधिक सशक्त होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/rajnath-singh-appointed-deputy-prime-minister-and-defense-minister-of/article-149675"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनरल फान वान जियांग को वियतनाम का उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री नियुक्त किये जाने पर बधाई दी है। राजनाथ सिंह ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत वियतनाम के साथ अपने दीर्घकालिक रक्षा संबंधों को और मजबूत करने तथा सुरक्षा, सैन्य आदान-प्रदान और औद्योगिक सहयोग के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने की आशा करता है।</p>
<p>उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-वियतनाम साझेदारी आने वाले वर्षों में निरंतर और अधिक सशक्त होती रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 13:24:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दो हफ्ते का युद्धविराम: शुक्रवार को इस्लामाबाद में शुरू होगी ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता, पढ़ें ईरान के भेजे प्रस्ताव में क्या है खास ?</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम लागू हो गया है। शुक्रवार से इस्लामाबाद में निर्णायक वार्ता शुरू होगी। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा की गारंटी दी है, जबकि अमेरिका ने वहां का नियंत्रण ईरान को सौंपने पर सहमति जताई। विदेश मंत्री अराघची ने इस कूटनीतिक सफलता के लिए पाकिस्तान का आभार जताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/two-week-ceasefire-talks-between-iran-and-america-will-start-in/article-149495"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि ईरान शुक्रवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ वार्ता शुरू करेगा। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने परिषद के हवाले से बुधवार को कहा, "अमेरिकी पक्ष पर अविश्वास के साथ यह वार्ता 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में शुरू होगी। ईरान इसके लिए दो सप्ताह का समय देगा। पक्षों की सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान पूर्ण राष्ट्रीय एकता बनाए रखनी होगी।"</p>
<p>परिषद ने कहा कि इस अवधि के लिए युद्धविराम घोषित किया जाएगा साथ ही यह भी कहा कि वार्ता मतलब अमेरिका के साथ युद्ध का अंत नहीं है। बयान के अनुसार, अगर वार्ता के दौरान अमेरिका जरा सी भी गलती करता है तो ईरान पूरी ताकत से जवाब देगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की ओर से मैं अपने प्रिय भाइयों, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर के क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के अथक प्रयासों के लिए आभार व्यक्त करता हूं।"</p>
<p>इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा किया था कि उन्होंने ईरान के साथ दो सप्ताह के द्विपक्षीय युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा की गारंटी देने पर भी सहमति व्यक्त की है। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण ईरान को सौंपने पर भी सहमति व्यक्त की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 11:21:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूक्रेनी पीएम स्विरिडेनको ने की कनाडाई मंत्री से मुलाकात: ऊर्जा बहाली के लिए लगाई मदद की गुहार, 16 घंटे से भी अधिक हो रही बिजली कटौती</title>
                                    <description><![CDATA[कनाडा ने यूक्रेन के ऊर्जा सहायता कोष में अतिरिक्त 2 करोड़ कनाडाई डॉलर देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिडेनको ने इस सहयोग की सराहना की। भीषण युद्ध के बीच यूक्रेन में 16 घंटे तक बिजली कटौती जारी है, जिससे निपटने के लिए अब कुल कनाडाई मदद 9 करोड़ डॉलर तक पहुंच गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ukrainian-pm-sviridenko-meets-canadian-minister-asks-for-help-in/article-148851"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ukrin.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। यूक्रेन की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिडेनको ने कहा है कि उनके देश को ऊर्जा बहाली के लिए कनाडा से दो करोड़ कनाडाई डॉलर (14 करोड़ 40 लाख रुपये) की मदद मिलने की उम्मीद है। पीएम स्विरिडेनको ने बुधवार को एक्स पर कहा "आज, मैं कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय विकास राज्य मंत्री , रणदीप सराय से मिली... हम अपने देश को मजबूत करने में कनाडा के लगातार समर्थन को बहुत महत्व देते हैं, जिसमें हाल ही में घोषित दो करोड़ कनाडाई डॉलर भी शामिल हैं, जो यूक्रेन ऊर्जा सहायता कोष में दिए गए कुल योगदान को बढ़ाकर नौ करोड़ कनाडाई डॉलर तक पहुंचाता है।"</p>
<p>यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री और प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस श्मिहाल ने 16 जनवरी को देश के ऊर्जा क्षेत्र में आपातकाल की घोषणा कर दी थी। यूक्रेन की ऊर्जा कंपनी यास्नो के प्रमुख सेरही कोवालेंको ने कहा कि यूक्रेन में बिजली कटौती दिन में 16 घंटे से भी अधिक समय तक चल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 16:52:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हमसे खरीदें तेल या होर्मुज पर करें कब्जा: जिनके पास तेल की कमी है, वे होर्मुज जाकर खुद ले लें, ब्रिटेन को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की दो टूक</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेट ईंधन की कमी से जूझ रहे देशों को 'बहादुरी' दिखाने और होर्मुज जलडमरूमध्य से खुद तेल लाने की चुनौती दी है। उन्होंने साफ किया कि ईरान के खिलाफ साथ न देने वाले देशों की अमेरिका मदद नहीं करेगा। ट्रंप ने देशों को अमेरिका से तेल खरीदने या खुद संघर्ष करने की दोटूक नसीहत दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/buy-oil-from-us-or-capture-hormuz-those-who-are/article-148624"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि जो देश जेट ईंधन की कमी से जूझ रहे हैं उन्हें थोड़ी बहादुरी दिखाकर होर्मुज जलडमरुमध्य जाकर ईंधन ले लेना चाहिए। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर जारी एक संदेश में कहा कि ऐसे देशों को अव्वल तो अमेरिका से कच्चा तेल खरीदना चाहिए, क्योंकि उसके पास यह पर्याप्त मात्रा में है। इसके साथ ही इन देशों को थोड़ी बहादुरी दिखाकर होर्मुज़ का रुख करना चाहिए क्योंकि अमेरिका अब इनकी मदद नहीं करेगा।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, "ब्रिटेन जैसे देश जिन्होंने ईरान को हराने में शामिल होने से मना कर दिया और जो देश होर्मुज जलडमरुमध्य बंद होने के कारण जेट ईंधन हासिल नहीं कर पा रहे, उनके लिए मेरे पास एक सुझाव है। पहला, अमेरिका से खरीदें। हमारे पास खूब सारा कच्चा तेल है। दूसरा, थोड़ी हिम्मत दिखाएं और जलडमरुमध्य जाकर तेल ले लें।" उन्होंने कहा, "आपको अपने लिए लड़ना सीखना होगा। अब अमेरिका आपकी मदद नहीं करेगा, जैसे आपने हमारी मदद नहीं की। ईरान को तो हराया जा चुका है। मुश्किल काम हो चुका है। जाइए अपना तेल ले लीजिए।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल आया। ब्रेंट क्रूड फिलहाल 112-115 डॉलर प्रति बैरेल है और इससे बनने वाले जेट ईंधन की कमी से भी कई देश जूझ रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 18:29:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>व्लादिमीर सैफ़्रोनकोव का बड़ा बयान, बोले-ईरान संकट में मदद करने वाले बाहरी पक्षों को सिर्फ़ अपने एजेंडे पर ध्यान नहीं देना चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[रूस के विशेष दूत व्लादिमीर सैफ़्रोनकोव ने चेतावनी दी है कि ईरान संघर्ष का समाधान बाहरी पक्षों की समन्वित कार्रवाई पर निर्भर है। उन्होंने अमेरिका और इज़रायल के हमलों के बीच 'संकीर्ण एजेंडे' को छोड़कर समान वैश्विक नियमों के पालन पर जोर दिया। रूस के अनुसार, खाड़ी में शांति केवल सामूहिक और निष्पक्ष कूटनीति से ही संभव है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/vladimir-safronkovs-big-statement-external-parties-helping-in-iran-crisis/article-148304"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran11.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रुस ने कहा है कि ईरान संकट का समाधान निकालने में मदद करने की कोशिश कर रहे बाहरी पक्षों को सिर्फ़ अपने संकीर्ण एजेंडे पर ध्यान नहीं देना चाहिए। यह बात रूस के विदेश मंत्री के पश्चिम एशिया शांति प्रक्रिया के लिए विशेष प्रतिनिधि व्लादिमीर सैफ़्रोनकोव ने कही है।</p>
<p>सैफ़्रोनकोव ने कहा, "यहाँ मुझे यह बताना ज़रूरी लगता है कि, कुल मिलाकर, खाड़ी में मौजूदा संकट के साथ-साथ अन्य संघर्षों का समाधान बाहरी पक्षों की समन्वित कार्रवाई पर निर्भर करता है। यह ज़रूरी है कि हर कोई 'खेल के एक ही नियम' के अनुसार काम करे और सिर्फ़ अपने संकीर्ण एजेंडे से निर्देशित न हो।"</p>
<p>गौरतलब है कि, 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में, जिसमें तेहरान भी शामिल है, ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए। ईरान, इज़रायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 15:03:52 +0530</pubDate>
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                <title>भारत का बड़ा कूटनीतिक कदम: खामेनेई की मौत पर जताया दुख, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 4 दिन बाद शोक पुस्तिका में दर्ज किया संवेदना संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर औपचारिक दुख प्रकट किया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरानी राजदूत से मुलाकात कर शोक पुस्तिका में संदेश लिखा। तेहरान में तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच हुए इस निधन पर भारत ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की कामना करते हुए ईरान के साथ अपनी एकजुटता जताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-big-diplomatic-step-expressed-grief-over-khameneis-death-foreign/article-145381"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/khamnei.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली में ईरान के राजदूत से मुलाकात की और शोक संवेदना प्रकट की। इस दौरान उन्होंने भारतीय दूतावास में रखी शोक पुस्तिका में संदेश लिखकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p>गौरतलब है कि खामेनेई का निधन रविवार को तेहरान में उस समय हुआ था, जब अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हवाई हमलों के कुछ ही घंटों बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। भारत ने ईरान के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कामना की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 17:03:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति बोर्ड में शामिल होने के प्रस्ताव का मूल्यांकन कर रहा सिंगापुर, रूस और बेलारूस सहित कई वैश्विक नेताओं को भी भेजा गया प्रस्ताव</title>
                                    <description><![CDATA[सिंगापुर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शांति बोर्ड में शामिल होने के प्रस्ताव का मूल्यांकन कर रहा है, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने संसद में जानकारी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/singapore-is-evaluating-us-president-donald-trumps-proposal-to-join/article-142160"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(6)5.png" alt=""></a><br /><p>सिंगापुर सिटी। सिंगापुर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शांति बोर्ड में शामिल होने के प्रस्ताव का मूल्यांकन कर रहा है। यह जानकारी द स्ट्रेट्स टाइम्स अखबार ने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन के हवाले से गुरुवार को दी। </p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया कि संसद के पांच सदस्यों ने बालाकृष्णन से सिंगापुर को शांति बोर्ड में शामिल होने के लिए अमेरिका द्वारा दिए गए स्थायी निमंत्रण के बारे में सवाल किया था।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, 16 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने शांति बोर्ड के गठन की घोषणा की, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और अमेरिकी उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गैब्रियल शामिल हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने रूस और बेलारूस सहित कई वैश्विक नेताओं को भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 15:38:45 +0530</pubDate>
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