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                <title>intervention - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मटन व्यापारियों का उत्पीड़न : महबूबा ने की सीएम भगवंत मान से बात, कार्रवाई का आश्वासन</title>
                                    <description><![CDATA[पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पंजाब के मुख्यमंत्री से माधोपुर और शंभू बॉर्डर पर कश्मीरी मटन व्यापारियों के उत्पीड़न को लेकर बात की। व्यापारियों का आरोप है कि अवैध रूप से ₹15,000–₹25,000 प्रति ट्रक वसूले जा रहे हैं। पंजाब सीएम ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिससे शादी के सीजन में संभावित मटन किल्लत टल सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/accused-of-stopping-kashmiri-mutton-traders-mehbooba-spoke-to-bhagwant/article-157838"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/mahboba-mufti.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि कश्मीरी मटन व्यापारियों को रोके जाने और उन्हें परेशान किये जाने संबंधी रिपोर्टों को लेकर उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात की है। यह बातचीत उन रिपोर्टों के बाद की गई है जिनमें कहा गया है कि माधोपुर और शंभू बॉर्डर पर ठेकेदार पशु मेला अधिनियम के नाम पर कश्मीरी मटन व्यापारियों को रोक रहे हैं और उन्हें परेशान कर रहे हैं।</p>
<p>महबूबा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में जानवरों का परिवहन करने वाले पशु व्यापारियों को हो रही दिक्कतों के बारे में मुख्यमंत्री मान से बातचीत की और सीएम मान ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया है। यह घटनाक्रम जम्मू-कश्मीर में मटन की कमी की बढ़ती आशंकाओं के बीच सामने आया है जब मटन डीलर्स एसोसिएशन की समन्वय समिति ने दूसरे राज्यों से पशुओं के आयात को अनिश्चित काल के लिए रोकने की घोषणा की।</p>
<p>एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि पंजाब में ठेकेदार एवं स्थानीय अधिकारी जम्मू-कश्मीर जाने वाले हर उस ट्रक पर 15,000 से 25,000 रुपये तक का गैर-कानूनी शुल्क लगा रहे हैं जिनमें पशुओं का परिवहन किया जाता है। इसके कारण दिल्ली, राजस्थान, अंबाला, अमृतसर और अन्य जगहों की मंडियों से पशुओं वाले ट्रकों की लोडिंग रोक दी गई है। समिति के सदस्यों ने कहा कि पंजाब से होकर पशुओं को ले जाना जोखिम भरा हो गया है जिससे व्यापारियों को तब तक सप्लाई रोकनी पड़ी है जब तक कि इस समस्या का स्थायी समाधान न हो जाए।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर में हर साल 60,000 टन से ज़्यादा मटन की खपत होती है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब से रोज़ाना लगभग 50 ट्रकों में 5,000 से ज़्यादा जानवर इस केंद्र शासित प्रदेश में लाए जाते हैं। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि इस रुकावट से शादी-ब्याह के मौसम में आपूर्ति पर असर पड़ सकता है क्योंकि इस दौरान मांग में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 16:05:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पांचना बांध विवाद: अशोक गहलोत ने सरकार की चुप्पी और उदासीनता पर उठाए सवाल, जनता में पनप रहा आक्रोश </title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पांचना बांध को लेकर पूर्वी राजस्थान में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों में अविश्वास और आक्रोश बढ़ रहा है, लेकिन सरकार मौन है। गहलोत ने मुख्यमंत्री के क्षेत्र का हवाला देते हुए मांग की कि पंच-पटेलों को बुलाकर तुरंत शांतिपूर्ण हल निकाला जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tension-on-panchna-dam-is-worrying-government-should-intervene-gehlot/article-157623"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ashok-ggehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि पांचना बांध को खोलने को लेकर कई दिनों से पूर्वी राजस्थान में बना हुआ तनाव चिंताजनक है। गहलोत ने कहा है कि यह और भी चिंताजनक है कि राजस्थान सरकार इस मामले को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है और दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत तक नहीं कर रही, जिससे वहां की जनता में अंदर-ही-अंदर आक्रोश पनप रहा है। इसके कारण इन दोनों पक्षों के बीच अविश्वास भी बढ़ता जा रहा है।</p>
<p>सरकार को दोनों पक्षों के पंच-पटेलों को अविलंब बुलाकर बातचीत करनी चाहिए और इस मुद्दे का एक शांतिपूर्ण एवं न्यायसंगत हल निकालने का गंभीर प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री स्वयं पूर्वी राजस्थान से होने के बावजूद इस मुद्दे पर मौन कैसे हैं, यह समझ से परे है। उन्हें जल्द-से-जल्द इस मामले पर सक्रिय रुख अपनाना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 12:03:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीट पुनर्परीक्षा को लेकर केंद्र का बड़ा फैसला: टेलीग्राम एप पर अस्थायी प्रतिबंध, एडिट फीचर भी प्रतिबंधित</title>
                                    <description><![CDATA[नीट-यूजी परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सरकार ने टेलीग्राम ऐप पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। एनटीए की सिफारिश पर उठाए गए इस कदम के तहत 30 जून तक मैसेज एडिटिंग फीचर भी ब्लॉक रहेगा। पेपर लीक के फर्जी दावों और धोखाधड़ी रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/centers-big-decision-regarding-neet-re-examination-temporary-ban-on-telegram/article-157121"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/neet.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) की पुनर्परीक्षा के मद्देनजर इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी पाबंदी लगा दी है। यह कदम राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की सिफारिश पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मैटी) ने उठाया है। सरकार के इस निर्णय के बाद कोई भी उपभोक्ता 22 जून तक इस ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। इसके अलावा 30 जून तक टेलीग्राम पर किसी मैसेज को एडिट भी नहीं कर पाएंगे।</p>
<p>एनटीए ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि धोखाधड़ी करने वाले गिरोह कथित तौर पर नीट उम्मीदवारों को ठगने के लिए टेलीग्राम का इस्तेमाल करते थे और पेपर लीक होने के झूठे दावे करते थे। एनटीए के अनुसार भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने एनटीए और राज्य पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर कई टेलीग्राम चैनलों, ग्रुप्स और बॉट्स को बंद करवाने में मदद की है। एनटीए ने बताया है कि एक-एक करके चैनलों पर कार्रवाई करने से भी खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होने पर प्लेटफ़ॉर्म-स्तर पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया।</p>
<p>एनटीए के मुताबिक 'पेपर लीक' और 'री-एग्जाम 2026' जैसे नामों वाले चैनलों ने कथित तौर पर नकली पेपर के लिए उम्मीदवारों से हज़ारों से लेकर लाखों रुपये की मांग की। एनटीए ने दावा किया है कि टेलीग्राम के एडिटिंग फीचर की वजह से एडमिन पुरानी फाइलों को बदलकर उनकी जगह नयी फाइलें डाल सकते थे, जबकि ओरिजिनल टाइमस्टैम्प वही रहता था। इस वजह से परीक्षा के बाद गुमराह करने वाले सबूत बन जाते थे। एनटीए ने कहा है कि इस निर्णय से असली उपभोक्ता भी प्रभावित होंगे लेकिन यह सिर्फ परीक्षा की अवधि तक ही लागू रहेगी और इसका मकसद परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना है। एनटीए ने इस परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को भरोसा दिलाया है कि 21 जून 2026 को होने वाली पुनर्परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी। इसके साथ ही एनटीए ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे सिर्फ एनटीए की आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।</p>
<p><strong>एनटीए ने किया फैसले का स्वागत</strong></p>
<p>राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) 2026 की पुनर्परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध का स्वागत किया है। एनटीए ने मंगलवार को बताया इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत टेलीग्राम की भारत में पहुंच को 22 जून तक सीमित करने का निर्देश दिया है। साथ ही 30 जून तक प्लेटफॉर्म पर पहले से पोस्ट किये गये संदेशों के संपादन (मैसेज एडिटिंग) फीचर को भी निष्क्रिय करने के निर्देश दिये गये हैं।</p>
<p>एनटीए ने कहा कि यह कार्रवाई उन संगठित गिरोहों के खिलाफ की गई है जो टेलीग्राम के माध्यम से नीट पुनर्परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के झूठे दावे कर अभ्यर्थियों और उनके परिवारों से ठगी कर रहे थे। एजेंसी ने बताया कि गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी), विभिन्न राज्यों की पुलिस तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से ऐसे कई चैनलों, समूहों और बॉट्स पर लगातार कार्रवाई की गई, जो फर्जी और भ्रामक सामग्री प्रसारित कर रहे थे।</p>
<p>एनटीए और उच्च शिक्षा विभाग ने सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था कि केवल अलग-अलग चैनलों को हटाने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके बाद प्लेटफॉर्म स्तर पर सीमित और समयबद्ध प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। एनटीए ने स्पष्ट किया कि यह कदम अंतिम उपाय के रूप में उठाया गया है और इसका उद्देश्य केवल परीक्षा अवधि के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था तथा परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना है।</p>
<p>एनटीए ने आश्वस्त किया है कि नीट(यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी और परीक्षा की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित है। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक वेबसाइट और एनटीए के सत्यापित माध्यमों से ही जानकारी प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर देने की सलाह भी दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 12:29:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उर्वरकों की कालाबाजारी और किसानों के आर्थिक शोषण की उच्चस्तरीय जांच हो : दिग्विजय सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में खाद और उर्वरकों की एमआरपी से अधिक दामों पर बिक्री पर गहरी चिंता जताई है। सीएम मोहन यादव को लिखे पत्र में उन्होंने पुराने स्टॉक को नई बढ़ी कीमतों पर बेचने का आरोप लगाते हुए किसानों से हुई अतिरिक्त वसूली वापस कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/there-should-be-a-high-level-investigation-into-black-marketing/article-156654"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/digvijay_singh_1.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में डीएपी, एसएसपी तथा विभिन्न कॉम्प्लेक्स उर्वरकों के वितरण और बिक्री में कथित अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उच्चस्तरीय जांच कराने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसानों और किसान संगठनों की ओर से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि सहकारी समितियों, विपणन संस्थाओं तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से उर्वरकों की बिक्री मुद्रित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक दरों पर की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने स्टॉक में उपलब्ध उर्वरकों को भी पीओएस और ई-टोकन प्रणाली में प्रदर्शित नई तथा बढ़ी हुई दरों पर बेचा जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 20:20:0:13 उर्वरक की 50 किलोग्राम की एक बोरी, जिसकी पूर्व निर्धारित कीमत लगभग 1450 रुपये थी, उसे कई स्थानों पर 2100 रुपये तक में बेचे जाने की शिकायतें मिली हैं। इससे किसानों पर प्रति बोरी लगभग 650 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसी प्रकार एसएसपी तथा अन्य उर्वरकों के संबंध में भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। सिंह ने कहा कि यह मामला केवल मूल्य वृद्धि का नहीं, बल्कि किसानों के उपभोक्ता अधिकारों, पारदर्शिता और कानून के संभावित उल्लंघन से भी जुड़ा है। उन्होंने उल्लेख किया कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के अनुसार किसी भी उर्वरक की बिक्री उसके मुद्रित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक दर पर नहीं की जा सकती।</p>
<p>उन्होंने मांग की कि प्रदेशभर में उर्वरक वितरण एवं विक्रय व्यवस्था की विशेष और स्वतंत्र जांच कराई जाए, पुराने स्टॉक पर नई दरों की वसूली संबंधी शिकायतों की जिला स्तर पर जांच हो, किसानों से अधिक वसूली गई राशि वापस कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ऐसे समय में जब किसान बढ़ती लागत, प्राकृतिक आपदाओं और बाजार की अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं, तब उर्वरकों की कीमतों और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों के हितों की रक्षा के लिए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/there-should-be-a-high-level-investigation-into-black-marketing/article-156654</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:38:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान, बोले- नेतन्याहू से हुईं गलतियां, हित हमेशा नहीं मिलते</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि इजरायली पीएम नेतन्याहू से कुछ चीजें गलत हुई हैं। लेबनान सैन्य कार्रवाई और ईरान तनाव के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि नेतन्याहू अपने देश के हितों की पैरवी करते हैं, लेकिन जहां टकराव होगा, वहां अमेरिका अपने नागरिकों का हित चुनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-vice-president-jd-vances-big-statement-said-netanyahu/article-156671"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jd-vance.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान के खिलाफ युद्ध में सहयोगी रहे अमेरिका और इजरायल के बीच पिछले कुछ हफ्तों से रिश्तों में तल्खी साफ देखने को मिल रही है। इस बीच, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ‘निश्चित रूप से कुछ चीजें गलत हुई हैं।’ वेंस ने हालांकि इसका कोई खास उदाहरण नहीं दिया, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि नेतन्याहू ‘अपने देश के हितों की आक्रामक रूप से पैरवी करते हैं’, लेकिन उनके हित हमेशा अमेरिका के हितों के अनुकूल नहीं होते। उनका यह बयान दोनों सहयोगियों के बीच हाल के दिनों में उपजे तनाव को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने जैसा है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली नेता के बीच लेबनान में सैन्य कार्रवाई को लेकर तीखी बहस हुई थी। इजरायल की इस कार्रवाई के कारण क्षेत्र में नए सिरे से हमले शुरू हो गए हैं, जिससे ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता खटाई में पड़ती दिख रही है। बीती रात अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन हवाई हमलों हुए जिससे अप्रैल महीने से दोनों देशों के बीच लागू युद्धविराम संकट में आ गया है। यह तनाव तब दोबारा भड़का जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने युद्ध को समाप्त करने का ‘सौदा करने में बहुत लंबा समय ले लिया।’ ताजा संघर्ष की मुख्य वजह लेबनान के घटनाक्रम हैं, जहां इजरायल ईरान-समर्थित सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के खिलाफ अपना सैन्य अभियान लगातार जारी रखे हुए है।</p>
<p>इस साक्षात्कार का प्रसारण आगामी रविवार होगा। इसमें वेंस ने कहा कि नेतन्याहू एक ऐसे देश का शासन चला रहे हैं जो निश्चित रूप से अमेरिका का बहुत करीबी भागीदार रहा है। लेकिन, बेहद करीबी सहयोगी होने के बावजूद, कभी-कभी हमारे हित पूरी तरह एक जैसे होते हैं और कभी-कभी उनमें टकराव होता है। मैंने प्रधानमंत्री के रुख में यही देखा है कि वह अपने देश के हितों को बहुत आक्रामक तरीके से सामने रखते हैं, कभी इसका मतलब यह होता है कि हम दोनों एक ही राह पर हैं, और कभी इसका मतलब होता है कि हम अलग हैं।”अमेरिकी उप राष्ट्रपति ने आगे स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन का मुख्य काम इस बात पर ध्यान केंद्रित करना है कि अमेरिका के सर्वोत्तम हित में क्या है। उन्होंने कहा, "जहां हमारे हितों में टकराव होगा, वहां इजरायलियों के लिए दुर्भाग्य से ही सही हमें अमेरिकी जनता का पक्ष चुनना होगा।” जब वेंस से उन उदाहरणों के बारे में पूछा गया, जहां नेतन्याहू से गलतियां हुईं, तो उन्होंने यह कहकर बात टाल दी कि ‘ऐसी बातचीत को निजी रखना ही बेहतर होता है।’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:29:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन : गेस्ट हाउस, होटल और रेस्टोरेंट पर छापेमारी, नियमों का उल्लंघन करने वाले 72 संस्थानों को नोटिस जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मालवीय नगर रेस्टोरेंट अग्निकांड और साकेत इमारत हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले 72 बार, रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस को सील कर नोटिस भेजे गए हैं। सीएम रेखा गुप्ता ने अतिक्रमण और अवैध ढांचों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-action-by-delhi-revenue-department-raid-on-guest-houses/article-156251"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-guprta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली में मालवीय नगर के एक रेस्टोरेंट में बुधवार को आग लगने की घटना के बाद दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने गैर-कानूनी रूप से चल रहे बार, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ऐसे 72 संस्थानों को नियमों का उल्लंघन करने पर नोटिस भेजे गए तथा तोड़-फोड़ एवं जगह को सील की गयी। इस हादसे में 13 विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की मौत हो गयी थी और 30 से अधिक घायल हुए हैं।</p>
<p>इस बीच साकेत मेट्रो स्टेशन के पास इमारत गिरने की घटना, जिसमें छह लोगों की मौत हो गयी थी, के बाद से एमसीडी भी जांच कर रही है तथा गैर-कानूनी ढांचों और अतिक्रमण की पहचान कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संबंधित विभागों को निर्माण नियमों के उल्लंघन और गैर-कानूनी निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता अवैध निर्माणों पर रोक लगाना और साकेत तथा मालवीय नगर जैसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 13:35:30 +0530</pubDate>
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                <title>सैलजा का केंद्र पर बड़ा हमला: जीडीपी के 60 प्रतिशत से अधिक कर्ज पर पहुंची सरकार, अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र पर जीडीपी से तेज कर्ज बढ़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 2026 तक देश का कर्ज $214$ लाख करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है, जिससे कर्ज-जीडीपी अनुपात 60% हो गया है। उन्होंने प्रचार के बजाय रोजगार और ग्रामीण विकास पर ध्यान देने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/seljas-big-attack-on-the-center-the-government-reached-debt/article-156101"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/selja11.webp" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़। हरियाणा में सिरसा लोकसभा सीट से सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि देश को विकास के नाम पर कर्ज के बोझ तले दबाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार जीडीपी वृद्धि का प्रचार कर रही है, जबकि सरकारी कर्ज उससे कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि वर्ष 2008 में भारत की जीडीपी लगभग एक लाख 20 हजार करोड़ डॉलर थी, जो 2026 तक बढ़कर चार लाख 10 हजार करोड़ डॉलर होने का अनुमान है। केंद्र सरकार का कर्ज 27 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 214 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। उनके अनुसार, 2014 में कर्ज-से-जीडीपी अनुपात करीब 45 प्रतिशत था, जो अब लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भारी कर्ज लेकर विकास का भ्रम पैदा कर रही है तथा विज्ञापनों, प्रचार अभियानों और दिखावटी परियोजनाओं पर खर्च बढ़ा रही है जबकि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी से युवा सबसे अधिक प्रभावित हैं। लाखों सरकारी पद खाली हैं, नये रोजगार के अवसर सीमित हैं और छोटे-मध्यम उद्योग आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर्ज के विरोध में नहीं है, बशर्ते उसका उपयोग रोजगार सृजन, उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण और आर्थिक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाये। उन्होंने केंद्र सरकार से देश की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने तथा रोजगार एवं उत्पादन आधारित आर्थिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:52:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-यूक्रेन संघर्ष: अमेरिका का रूस के साथ संबंध बनाए रखना जरूरी, बोले- मध्यस्थता के प्रयासों को फिर से शुरू करने के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यूक्रेन संघर्ष के बावजूद अमेरिका को रूस के साथ राजनयिक संबंध और बातचीत बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई द्विपक्षीय मुद्दों का यूक्रेन से संबंध नहीं है। रुबियो ने ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता में वापसी की इच्छा जताते हुए कहा कि अमेरिका पूरी तरह यूक्रेन के पक्ष में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-ukraine-conflict-america-needs-to-maintain-relations-with-russia-says/article-155969"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/macro.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यूक्रेन में जारी संघर्ष के बावजूद अमेरिका को रूस के साथ संबंध और बातचीत बनाए रखनी चाहिए। रुबियो ने संसद की विदेश मामलों की समिति की सुनवाई में कहा, “कम से कम, हमें रूसियों के साथ संबंध और बातचीत जारी रखनी ही होगी। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में ऐसे मुद्दे हैं, जिनका यूक्रेन से कोई लेना-देना नहीं है।” अमेरिकी विदेश मंत्री ने विश्वास जताया कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान होने के बाद अमेरिका-रूस संबंध अधिक दोस्ताना और संभालने में आसान हो जाएंगे। उन्होंने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका-यूक्रेन संघर्ष पर मध्यस्थता के प्रयासों को फिर से शुरू करने के लिए तैयार है।</p>
<p>मार्को रुबियो से जब पूछा गया कि क्या मध्यस्थता में ट्रंप प्रशासन फिर से शामिल होने के लिए तैयार है, तो उन्होंने जवाब दिया, “हम ऐसा करने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने हालांकि इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका के अब तक के प्रयास ‘कम फलदायी’ रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन में संघर्ष को सुलझाने की बातचीत में अमेरिका ‘साफ तौर पर’ यूक्रेन के पक्ष में है।</p>
<p>उन्होंने समिति से कहा, “हम उस युद्ध में निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं हैं। हम रूस को हथियार नहीं देते, हम केवल यूक्रेन को हथियार देते हैं। हम यूक्रेन पर प्रतिबंध नहीं लगाते, हम केवल रूस पर प्रतिबंध लगाते हैं, इसलिए हमने स्पष्ट रूप से एक पक्ष लिया है।” मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को आवश्यकता सूची (पर्ल) कार्यक्रम के माध्यम से हथियार बेचना जारी रखे हुए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 17:29:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली होटल ​अग्निकांड : होटल मालिक साकेत अदालत में पेश, पुलिस ने की 5 दिन हिरासत की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण दिल्ली के होटल में 21 लोगों की जान लेने वाली भीषण आग के मामले में गिरफ्तार मालिक लवकेश बजाज को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस 5 दिनों की कस्टडी मांग सकती है। पूछताछ में बजाज ने माना कि होटल के पास फायर NOC नहीं था और अवैध बदलाव किए गए थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/delhi-hotel-fire-hotel-owner-presented-in-saket-court-police/article-155952"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/delhi--hotel.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल के मालिक को गुरुवार को साकेत अदालत में पेश किया जाएगा, जिसे 21 लोगों की जान लेने वाली भीषण आग की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। मामले की आगे की जांच और पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस उसके पांच दिन के पुलिस हिरासत की मांग कर सकती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फ्लोरिश स्टे गेस्ट हाउस के मालिक लवकेश बजाज ने पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को बताया कि वह खुद होटल के रोज़ाना के कामकाज की देखरेख नहीं करता था। उसने कथित तौर पर दावा किया कि बिलिंग, अकाउंट्स और पूरे प्रबंधन सहित संचालन की जिम्मेदारियां किसी और व्यक्ति को दे दी गई थीं।</p>
<p>सूत्रों ने कहा कि बजाज ने पुलिस को बताया कि कमरों का आकार बढ़ाने और दूसरे बदलावों सहित कुछ बुनियादी बदलाव का सुझाव किसी और व्यक्ति ने दिया था, जिसने कथित तौर पर उसे भरोसा दिलाया कि ऐसे काम सामान्य हैं और "दिल्ली में सब कुछ चलता है।" पूछताछ के दौरान बजाज ने यह भी माना है कि उस जगह पर ज़रूरी अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं था। पुलिस ने कहा कि बजाज के दावों को सत्यापित करने, कथित गैर-कानूनी बदलावों के हालात की जांच करने और जगह के प्रबंधन और संचालन से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ की जरूरत है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि बुधवार सुबह दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में मिकासा इन रूम्स के पास एक रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से 17 विदेशी नागरिकों समेत कम से कम 21 लोग जिंदा जल गए, जबकि करीब 35 अन्य घायल हो गए। बचाव अभियान के दौरान दस पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। दिल्ली पुलिस मामले की आगे की जांच करने और इस हादसे के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की पहचान करने के लिए अदालत में आरोपियों की पांच दिन की हिरासत का आग्रह कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 14:45:21 +0530</pubDate>
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                <title>नीट पेपर लीक मामला: दीपक बैज ने की विरोध प्रदर्शन में लाठीचार्ज की निंदा, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बिलासपुर में नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज की तीखी निंदा की है। केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के निवास के बाहर हुए इस बवाल में विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता फटा और कई छात्र घायल हो गए। बैज ने जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/neet-paper-leak-case-deepak-baij-condemns-lathi-charge-in/article-155928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/deepak.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बिलासपुर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की गुरुवार को निंदा करते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि एनएसयूआई के नेता बुधवार शाम बिलासपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास के बाहर आंदोलन कर रहे थे।</p>
<p>दीपक बैज ने आज सुबह जारी बयान में कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ता सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास के घेराव के लिए निकले थे। पुलिस ने सांसद के आवास से पहले बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड पार करने की कोशिश किए जाने पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की तथा विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। घटना के दौरान भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता भी फट गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का प्रयोग किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने लगे, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। घटना में 12 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया गया। वहीं छह से अधिक कार्यकर्ता घायल हुए हैं और उनका उपचार सिम्स अस्पताल में जारी है। पुलिस के अनुसार झड़प में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।</p>
<p>दीपक बैज ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई ने पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे को लेकर शांतिपूर्ण घेराव कार्यक्रम आयोजित किया था, लेकिन सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया।" उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में एक छात्र गंभीर रूप से घायल हुआ है तथा कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। उन्होंने कहा, "आखिर इसका जिम्मेदार कौन है, क्या लोकतंत्र में छात्रों और युवाओं को अपनी आवाज उठाने का अधिकार नहीं है, क्या भाजपा सरकार में पेपर लीक जैसे मुद्दों के खिलाफ लड़ाई भी नहीं लड़ी जा सकती।"</p>
<p>कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाने वालों पर बल प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि उनकी आवाज दबाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलनों के दौरान ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:18:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मुजफ्फरपुर में भीषण अग्निकांड़: निजी अस्पताल के आईसीयू में भीषण आग से चार मरीजों की मौत; 20 से अधिक झुलसे, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार के मुजफ्फरपुर में एक निजी अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में चार गंभीर मरीजों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग झुलस गए। दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया है, और प्रशासन लापरवाही की जांच कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/major-fire-in-muzaffarpur-20-people-burnt-due-to-fire/article-155918"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/74211.png" alt=""></a><br /><p>मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर स्थित एक निजी अस्पताल में गुरुवार तड़के हुए भीषण अग्निकांड में आईसीयू में भर्ती चार मरीजों की मौत हो गई, तथा 20 से अधिक लोग झुलस गए। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू में लगी। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में चार मरीजों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग झुलस हो गए।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि मृतकों में 57 वर्षीय गीता देवी, 57 वर्षीय उदय कुमार और 30 वर्षीय शशांक कुमार की पहचान हो चुकी है, जबकि एक अन्य मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। झुलसे सभी लोगों को शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।</p>
<p>मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार ने चार लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और यदि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। टीम आग लगने के कारणों और अन्य पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 11:18:53 +0530</pubDate>
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                <title>विधानसभा हस्ताक्षर विवाद: गिरफ्तारी से बचने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचे अभिषेक बनर्जी, शुक्रवार को सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने हस्ताक्षर विसंगति मामले में सीआईडी की दंडात्मक कार्रवाई और गिरफ्तारी से सुरक्षा के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन से जुड़े इस पत्र में 14 विधायकों के फर्जी हस्ताक्षरों का आरोप है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/assembly-signature-dispute-abhishek-banerjee-reaches-calcutta-high-court-to/article-155858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/high-court.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से संबंधित पत्र में कथित हस्ताक्षर विसंगतियों की जांच के सिलसिले में गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया। अभिषेक बनर्जी ने आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा जारी नोटिस को चुनौती देते हुए एजेंसी की किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से कानूनी संरक्षण देने की मांग की है, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है।</p>
<p>मामले की सुनवाई शुक्रवार को न्यायमूर्ति अपूर्ब सिन्हा राय की पीठ के समक्ष होने की संभावना है। न्यायालय ने उन्हें याचिका दाखिल करने की अनुमति प्रदान कर दी है। विवाद उस पत्र को लेकर है, जिसे तृणमूल कांग्रेस विधायक दल की ओर से विधानसभा में प्रमुख पदों के लिए पार्टी नेताओं के नाम प्रस्तावित करते हुए प्रस्तुत किया गया था। पत्र में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता, असीमा पात्रा और नयना बंद्योपाध्याय को उपनेता तथा फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक नियुक्त करने की अनुशंसा की गयी थी।</p>
<p>आरोप है कि इस दस्तावेज में कई हस्ताक्षर या तो गायब थे, अथवा उनमें अनियमितताएं थीं। सूत्रों के अनुसार, पत्र में 70 विधायकों के नाम दर्ज थे, लेकिन इनमें से कम से कम 14 नाम केवल बड़े अक्षरों में लिखे गये थे और उनके साथ हस्ताक्षर नहीं थे। कुछ अन्य हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठाये गये हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी। अभिषेक बनर्जी चूंकि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं, इसलिए पत्र पर उनके हस्ताक्षर भी मौजूद थे।</p>
<p>सीआईडी अधिकारियों ने शनिवार को उनके आवास पर जाकर जांच में सहयोग करने के लिए नोटिस दिया था और उन्हें सोमवार को भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा गया था। बनर्जी हालांकि निर्धारित तिथि पर जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए और उन्होंने कथित तौर पर अतिरिक्त समय की मांग की थी। बुधवार को उन्होंने सीआईडी के नोटिस को चुनौती देते हुए तथा गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। इससे पहले भी उन्होंने संकेत दिया था कि एजेंसी की कार्रवाई के खिलाफ वह कानूनी उपाय अपनाएंगे।</p>
<p>विवाद उस समय और गहरा गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने कथित हस्ताक्षर विसंगतियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रथीन्द्र बोस से शिकायत की है। शिकायत मिलने के बाद विधानसभा ने मामले की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी थी। आरोप सार्वजनिक होने के कुछ ही समय बाद तृणमूल कांग्रेस ने ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा दोनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष रथीन्द्र बोस बुधवार को विपक्ष के नेता की नियुक्ति को लेकर उत्पन्न गतिरोध पर चर्चा करने वाले हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:25:30 +0530</pubDate>
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