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                <title>Oman - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Oman RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शांति की अपील: PM Modi ने की मैक्रां, ओमान के सुल्तान हैतम और इब्राहिम से बातए पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस, ओमान और मलेशिया के नेताओं से बातचीत कर पश्चिम एशिया में शांति बहाली पर जोर दिया। भारत ने ऊर्जा ठिकानों और तेल रिफाइनरियों पर हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है। मोदी ने कूटनीति और संवाद के जरिए क्षेत्र में स्थिरता लाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-spoke-to-macron-sultan-haitam-and-ibrahim-of/article-147119"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pm-modi-oman-visit.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में लम्बे खिंच रहे युद्ध और उससे उत्पन्न चुनौतियों के बीच गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति एम्मेनुअल मैक्रां, ओमान के सुल्तान हैतम बिन तारिक और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से फोन पर बातचीत की। प्रधानंमत्री ने इन तीनों नेताओं से पश्चिम एशिया में लड़ाई को रोकने और उसके बाद वहां शांति तथा स्थिरता को पुनर्स्थापित करने के लिए बातचीत और कूटनीति की राह को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत पर बल दिया।</p>
<p><strong>पीएम ने एक्स पर दी जानकारी</strong></p>
<p>मैक्रां के साथ हुई वार्ता के बारे में प्रधानमंत्री ने डिजिटल सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा,‘मैंने उनसे पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता, साथ ही संवाद और कूटनीति के रास्ते पर लौटने पर चर्चा की। ओमान के सुल्तान से बातचीत के बारे में मोदी ने कहा, अपने भाई, ओमान के सुल्तान हैतम बिन तारिक से भी सार्थक बातचीत की और ओमान की जनता को अग्रिम ईद की शुभकामनाएं दीं। ओमान की संप्रभुता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की </p>
<p>मोदी ने कहा कि भारत ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की पुन: कड़ी निंदा की है तथा ओमान में रह रहे भारतीय नागरिकों सहित वहां रह रहे हजारों लोगों बाहरी लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के ओमान के प्रयासों की सराहना की है।</p>
<p><strong>पीएम इब्राहिम के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा </strong></p>
<p>मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम ने बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और क्षेत्र में तनाव कम करने तथा शीघ्र शांति बहाल करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाए जाने के लिए पुन: अपनी प्रतिबद्धता जताई। </p>
<p><strong>खाड़ी क्षेत्र में तेल-गैस कुंओं और रिफाइनरियों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए: भारत</strong></p>
<p>भारत ने खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस के कुंओं तथा तेल रिफाइनरियों पर हमलों को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा है कि इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि भारत ने यह संघर्ष शुरू होने पर ही कहा था कि नागरिक और ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत ने पहले ही पूरे क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना सहित नागरिक अवसंरचना को निशाना बनाने से बचने का आह्वान किया था। इस क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हालिया हमले अत्यंत चिंताजनक हैं और ये पूरे विश्व के पहले से ही अनिश्चित ऊर्जा परिदृश्य को और अस्थिर करते हैं। ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 09:07:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ओमान ने दिया भारतीय निवेशकों को नये एल्युमिनियम जोन में निवेश का न्योता, द्विपक्षीय व्यापार में आएगी तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[ओमान ने नए एल्युमिनियम प्रोसेसिंग जोन में भारतीय निवेशकों को आमंत्रित किया। यह पहल सीईपीए के तहत मूल्य-वर्धित विनिर्माण और बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/oman-invites-indian-investors-to-invest-in-new-aluminum-zone/article-142766"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(8)9.png" alt=""></a><br /><p>ओमान। ओमान अपने प्लास्टिक क्लस्टर की सफलता को दोहराने की कोशिश के तहत भारतीय निवेशकों को नयी योजना वाले एल्युमीनियम प्रोसेसिंग जोन में हिस्सा लेने के लिये आमंत्रित कर रहा है। इससे यह पहल तेजी से बढ़ रही भारत-ओमान आर्थिक साझेदारी के तहत आयेगी।</p>
<p>लादायन कार्यक्रम के प्रमुख मुंधर अल-रवाहि ने यूनी(एजेंसी) से बातचीत में कहा कि ओमान एल्युमिनियम क्षेत्र के इर्द-गिर्द एक संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित करना चाहता है। उनका कहना है कि यह नया औद्योगिक क्लस्टर कच्चे माल के निर्यात के बजाय मूल्य वर्धित प्रसंस्करण और विनिर्माण पर केंद्रित होगा।</p>
<p>तीन वर्ष पहले ओमान ने प्लास्टिक विकास जोन की शुरुआत की थी, जिसमें अब तक 28 परियोजनाओं पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इनमें से करीब 10 परियोजनाओं में उत्पादन शुरू कर चुका है या शुरू होने के करीब हैं, जबकि शेष विभिन्न चरणों में हैं। अल-रवाहि ने कहा, इसी मॉडल को अब एल्युमिनियम क्षेत्र में लागू करने की योजना है, जिसमें देश के स्मेल्टर्स को निचली श्रेणी के उद्योगों के लिए मुख्य आपूर्तिकर्ता बनाया जाएगा। </p>
<p>भारत-ओमान के बीच 2020 से अब तक निवेश प्रवाह तीन गुना बढ़कर पांच अरब डॉलर तक पहुंच गया है। धातु विनिर्माण, हरित इस्पात और अमोनिया जैसे क्षेत्र सहयोग के प्रमुख स्तंभ बनकर उभरे हैं। रक्षा सहयोग के अलावा, दोनों देश अंतरिक्ष, रेयर अर्थ मिनरल्स और साइबर सुरक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी सहयोग पर चर्चा कर रहे हैं।</p>
<p>लादायन कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित एल्युमिनियम जोन इसी व्यापक औद्योगिक सहयोग का हिस्सा है। ओमान का मानना है कि भारतीय कंपनियां उसकी स्थापित एल्युमिनियम अवसंरचना और हरित उत्पादन की संभावनाओं का लाभ उठा सकती हैं। अल-रवाहि के अनुसार, ओमान की राजनीतिक स्थिरता, प्रतिस्पर्धी दरों पर औद्योगिक भूमि, कम बिजली लागत और यूरोप-एशिया के बीच रणनीतिक भौगोलिक स्थिति निवेशकों के लिए बड़े आकर्षण हैं। अरब सागर-खाड़ी क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स हब के रूप में ओमान भारतीय निर्माताओं को खाड़ी, यूरोप और अफ्रीका के बाजारों तक पहुंच प्रदान करता है।</p>
<p>वर्ष 2024-25 में भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार 10.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें एल्युमिनियम वैल्यू चेन की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। हाल ही में हस्ताक्षरित भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के तहत ओमान ने लगभग सभी उत्पादों पर शून्य-शुल्क पहुंच प्रदान की है, जिससे पहले लागू 0-5 प्रतिशत के एमएफएन शुल्क समाप्त हो गए हैं। यह समझौता संयुक्त उपक्रमों और औद्योगिक सहयोग को और मजबूती देगा।</p>
<p>अल-रवाहि ने बताया कि नए एल्युमिनियम जोन में एक भारतीय साझेदार पहले ही जुड़ चुका है-मल्टी-बॉन्ड मेटल  समझौते पर आज हस्ताक्षर होंगे। जिंदल, इफको और कृभको जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियां पहले से ही ओमान में विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। ओमान की यह रणनीति संसाधन-आधारित उद्योगों-प्लास्टिक, एल्युमिनियम, इस्पात और अन्य क्षेत्रों में मूल्य वर्धन को बढ़ावा देने की व्यापक नीति का हिस्सा है, जिससे वह केवल कच्चे माल या हाइड्रोकार्बन निर्यात तक सीमित न रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 15:36:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान ने खोर्रमशहर-4 बैलिस्टिक मिसाइल को किया तैनात, अमेरिका को दिया कड़ा संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने 2,000 किमी मारक क्षमता वाली खोर्रमशहर-4 बैलिस्टिक मिसाइल सैन्य अड्डे पर तैनात की, इसे अमेरिका को कड़ा संदेश माना जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-deployed-khorramshahr-4-ballistic-missile-gave-a-strong-message-to/article-142200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(15)2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) ने अपनी नवीनतम लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल खोर्रमशहर-4 को एक सैन्य अड्डे पर तैनात कर दिया है। सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, यह मिसाइल आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स द्वारा संचालित एक नए सैन्य स्थल के उद्घाटन के दौरान प्रदर्शित की गई। इसकी तैनाती को ईरान की रक्षा नीति में औपचारिक रूप से शामिल किए जाने का संकेत माना जा रहा है।</p>
<p>प्रेस टीवी के मुताबिक, खोर्रमशहर-4 की मारक क्षमता 2,000 किलोमीटर (करीब 1,200 मील) है और यह 1,500 किलोग्राम (लगभग 3,300 पाउंड) तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है। आईआरजीसी के राजनीतिक मामलों के उप कमांडर ब्रिगेडियर जनरल यदोल्लाह जावानी ने कहा कि मिसाइल का प्रदर्शन अमेरिका को यह संदेश देने के लिए था कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं से पीछे हटने का इरादा नहीं रखता। अल मायादीन से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा और युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि दुश्मन कोई गलती करता है तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा।</p>
<p>उप कमांडर जावानी ने यह भी कहा कि ईरानी राजनयिक ओमान में अमेरिका के साथ होने वाली आगामी (एजेंसी) में पूर्ण आत्मविश्वास के साथ शामिल होंगे, और इसके पीछे ईरान की सैन्य शक्ति एक प्रमुख कारक है। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में परमाणु (एजेंसी) के लिए मौजूद हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 18:40:19 +0530</pubDate>
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