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                <title>relations - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>एर्दोगन और रूसी राजदूत वर्शिनिन ने की मुलाकात : तुर्किये-रूस सहयोग के वर्तमान मुद्दों पर हुई चर्चा, लोगों की समृद्धि और कल्याण की कामना की</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन ने रूसी राजदूत सर्गेई वर्शिनिन से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में दोनों देशों ने आपसी संबंधों को मजबूत करने और साझा हितों के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। एर्दोगन ने राजदूत को नई नियुक्ति पर बधाई भी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/erdogan-and-russian-ambassador-vershinin-met-discussed-current-issues-of/article-152285"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/turkey.png" alt=""></a><br /><p>अंकारा। तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने गुरुवार को रूसी राजदूत सर्गेई वर्शिनिन से मुलाकात की और रूस और तुर्किये के बीच सहयोग के वर्तमान मुद्दों पर चर्चा की। यह जानकारी तुर्किये में रूसी दूतावास ने गुरुवार को दी। दूतावास ने टेलीग्राम पर कहा- एर्दोगन ने वर्शिनिन को तुर्किये में रूसी राजदूत के रूप में नियुक्ति पर बधाई दी और उनके काम में सफलता की कामना की।</p>
<p>"बातचीत के दौरान, रूस-तुर्किये सहयोग के वर्तमान मुद्दों पर चर्चा की गई और रूस तथा तुर्किये के लोगों की समृद्धि और कल्याण के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों को मजबूत करने के प्रति रूस और तुर्किये की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 13:03:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत, पाकिस्तान दोनों के साथ हमारे संबंध पहले की तरह ही अच्छे हैं, टैम्मी ब्रूस ने कहा- हमारे राष्ट्रपति हैं, जो सबको जानते</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के विदेश विभाग ने मंगलवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के साथ उसके संबंध पहले जैसे ही अच्छे हैं और वह क्षेत्रीय और वैश्विक भलाई के लिए दोनों के साथ काम करने को प्रतिबद्ध है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/our-relations-with-both-india-pakistan-are-good-as-before/article-123496"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(4)3.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिका के विदेश विभाग ने मंगलवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के साथ उसके संबंध पहले जैसे ही अच्छे हैं और वह क्षेत्रीय और वैश्विक भलाई के लिए दोनों के साथ काम करने को प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैम्मी ब्रूस ने वाशिंटगटन में विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में संवादाताओं से बातचीत के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के सैन्य संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने अमेरिकी नेतृत्व के इस दावे को दोहराया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, उप राष्ट्रपति, जे डी वांस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दक्षिण एशिया के दोनों पड़ोसी देशों के बीच संघर्ष रुकवा कर एक ‘भयावह स्थिति की आशंका’ से बचाव में मदद की।</p>
<p>भारत और पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंधों के बारे में उन्होंने कहा कि “ हमारे संबंध दोनों देशों के साथ पहले की ही तरह अच्छे हैं। मैं कहना चाहूंगी कि इस समय हमारे पास ऐसे राष्ट्रपति हैं, जो सबको जानते हैं। इसीलिए हम इस मामले में मतभेदों के बीच सुलह कराने में सफल रहे। ”</p>
<p>उन्होंने कहा कि अमेरिका के राजनयिक दोनों देशों (भारत और अमेरिका के साथ) क्षेत्रीय और वैश्विक लाभ के वास्ते काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  ब्रूस ने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ द्विपक्षीय बातचीत में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई है। ताजा बातचीत में पाकिस्तान इस मामले में और सहयोग बढ़ाने को तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की यह प्रतिबद्धता उस क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए अच्छी बात है।</p>
<p>ट्रम्प ने ब्रूस को संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के मिशन का उप प्रमुख बनाया है। उन्होंने भारत के साथ संबंधों पर संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि “ निश्चित रूप से हमें पाकिस्तान और भारत के बारे में एक अनुभव है, जब दोनों देशों के बीच संघर्ष छिड़ गया था, जो भयावह हो सकता था। ”</p>
<p>उन्होंने संघर्ष विराम रुकवाने और एक संभावित भीषण स्थिति को रोकने में मदद करने में अमेरिका की भूमिका के बारे में ट्रम्प के दावों के अनुरूप कहा कि तात्कालिक चिंता संघर्ष को रुकवाना थी। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि “ मैं इसी कक्ष में अगले दिन (संषर्घ विराम के अगले दिन की प्रेस वार्ता में) बता चुकी हूं कि उस समय संघर्ष रुकवाने के लिए विदेश मंत्री रुबियो और उप राष्ट्रपति वांस की उस समय फोन पर किस तरह की वार्ताएं हुई थीं, अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व ने संघर्ष रुकवाने के लिए क्या किया? रुबियो, वांस और अमेरिका का शीर्ष नेतृत्व संघर्ष रुकवाने में शामिल था। ”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Aug 2025 16:56:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एनडीए राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू 12 जुलाई को आएगी जयपुर, सांसद विधायकों से करेंगी जनसंपर्क</title>
                                    <description><![CDATA[ जयपुर। भारतीय जनता पार्टी सहित एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुरमू 12 जुलाई को जयपुर आएंगी। वह जयपुर में इस दिन भारतीय जनता पार्टी के विधायकों और सांसदों से सीधा संपर्क करेंगी और खुद के लिए वोट मांगेंगी। उनका जयपुर में निर्दलीय विधायकों और छोटे दलों के विधायकों से भी मिलकर वोट मांगने का कार्यक्रम है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/--nda-presidential-candidate-draupadi-will-come-to-jaipur-on-july-12--will-do-public-relations-with-mp-mlas/article-13639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/draupadi-murmu1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी सहित एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू 12 जुलाई को जयपुर आएंगी। वह जयपुर में इस दिन भारतीय जनता पार्टी के विधायकों और सांसदों से सीधा संपर्क करेंगी और खुद के लिए वोट मांगेंगी। उनका जयपुर में निर्दलीय विधायकों और छोटे दलों के विधायकों से भी मिलकर वोट मांगने का कार्यक्रम है। हालांकि इसे लेकर अभी कोई जानकारी नहीं है कि वह उनसे इसी दिन मिलेगी या अन्य किसी दिन मुलाकात हो पाएगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भाजपा के समस्त विधायकों और सांसदों को 12 जुलाई को जयपुर में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। इसे लेकर उन्होंने सभी विधायकों और सांसदों को पत्र लिखकर पाबंद किया है। सभी विधायकों सांसदों की बैठक 12 जुलाई को सुबह 10:00 बजे प्रस्तावित रखी गई है हालांकि अभी बैठक की जगह फाइनल नहीं की गई है<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Jul 2022 14:25:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> ऑस्ट्रेलिया: भारत से होंगे रिश्ते मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[अल्बनीज ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के साथ अपने चार सदस्यीय मंत्रिमंडल की घोषणा भी कर दी है। विदेश मंत्री के बतौर पेनी वांग को चुना गया जो उनके साथ क्वाड की बैठक में भाग लेने जापान जा रहे हैं। रोजगार एवं उप प्रधानमंत्री के रूप में रिचर्ड मार्लेस, वित्त मंत्री एवं महिला मामलात केटी गेलागर को चुना गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/australia--relations-with-india-will-be-strengthened/article-10341"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/e.jpg" alt=""></a><br /><p>ऑस्ट्रेलिया में संपन्न हुए चुनावों में सत्ता पलट गई है। लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बनीज ने, सत्ता पर पिछले एक दशक से काबिज कंजरवेटिव गठबंधन के नेता मौजूदा प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन को शिकस्त दे दी है। बदले नए समीकरणों के बावजूद ऑस्ट्रेलिया और भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों पर कोई बदलाव नहीं होगा। कारण-अल्बनीज सदैव हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के साथ मजबूत आर्थिक और रणनीतिक संबंधों की पैरवी करते आए हैं। उम्मीद ही नहीं, यह विश्वास है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के संबंध नए आयाम स्थापित करेंगे। इस क्रम में आगामी मंगलवार को जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित होने वाले क्वाड सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी होने जा रही है। जो संबंधों को और गतिशील बनाने में सहायक होगी। खुद अल्बनीज ने मोदी से मिलने की उत्सुकता जाहिर की है।</p>
<p><strong> विदेश मंत्री के बतौर पेनी वांग को चुना गया जो उनके साथ क्वाड की बैठक में भाग लेने जापान जा रहे हैं</strong><br />अल्बनीज ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के साथ अपने चार सदस्यीय मंत्रिमंडल की घोषणा भी कर दी है। विदेश मंत्री के बतौर पेनी वांग को चुना गया जो उनके साथ क्वाड की बैठक में भाग लेने जापान जा रहे हैं। रोजगार एवं उप प्रधानमंत्री के रूप में रिचर्ड मार्लेस, वित्त मंत्री एवं महिला मामलात केटी गेलागर को चुना गया है।यहां बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के समय ही भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को मजबूती देने की बुनियाद खड़ी की जा चुकी है। उनके योगदान को भी नहीं भुलाया जा सकता है। खैर, अल्बनीज, प्रधानमंत्री बनने से पूर्व वर्ष 1991 और 2018 में बाहैसियत संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए भारत की दो बार यात्रा कर चुके हैं। इस दौरान वे दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता जता चुके थे। ऑस्ट्रेलिया में हर तीसरे साल संसद के निचले सदन के चुनाव होते हैं जिसमें नई सरकार का गठन होता है। इसमें 151 सीटों का चुनाव होता है। ऊपरी सदन के चुनाव हर छह साल में होते हैं। वर्ष 2019 के पिछले चुनावों में भी मॉरिसन पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाए थे। उन्होंने कुछ छोटी पार्टियों के साथ मिलकर अपनी सरकार गठित की थी। इस बार के चुनावी मुकाबले में लेबर पार्टी के अल्बनीज सहित कुल छह प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। लेकिन मुख्य मुकाबला मॉरिसन और अल्बनीज के बीच ही था।अपनी हार के बाद मॉरिसन ने अपनी लिबरल पार्टी की हार की जिम्मेदारी ली, प्रधानमंत्री पद भी त्याग दिया। इसके साथ ही अब वहां विपक्षी दल के नेता का चुनाव भी होना है। जल्दी से दिए गए इस्तीफे की मुख्य वजह उन्होंने चौबीस मई को जापान में होने जा रही क्वाड की महत्वपूर्ण बैठक में नए नेतृत्व को शामिल होने, उसकी भूमिका को समझने का अवसर देने की बात कही। वहीं जनता का आभार जताया कि उसने उन पर विश्वास रखते हुए देश सेवा के लिए दस वर्षों का मौका दिया। नए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का जन्म 2 मार्च 1963 में सिडनी के डॉर्लिंग हर्स्ट में हुआ था। माता ऑस्ट्रेलियाई मूल आयरिश मार्याना थेरेस थी और पिता इटली मूल के कार्लो अल्बनीज थे। उनके जन्म के साथ ही माता-पिता ने तलाक ले लिया। माता ने ही उनका लालन-पालन किया। सिडनी विश्वविद्यालय के सेंट मेरीज कैथेड्रल कॉलेज में अर्थशास्त्र की शिक्षा ग्रहण की। मां के प्रति गर्व जाहिर करते हुए वे काफी भावुक भी हो जाते हैं।</p>
<p><strong> छात्र राजनीति में सक्रिय रहे अल्बनीज</strong><br />अध्ययन के दौरान ही वे छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। विश्वविद्यालय में वह स्टूडेंट रिप्रजेंटेटिव काउंसिल के लिए चुने गए थे। वे कट्टर वामपंथी विचारधारा रखते हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ वर्षों तक कॉमनवेल्थ बैंक में काम किया। बाद में मिनिस्ट्री फॉर लोकल गवर्नमेंट एंड एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज में रिसर्च आॅफिसर के तौर पर काम किया। अल्बनीज 1996 से ही ऑस्ट्रेलिया की संसद के सदस्य हैं। वे वर्ष 2013 में देश के उपप्रधानमंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2007 और 2013 के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्रियों केविन रूड और जूलिया गिलार्ड के कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। संचार, शहरी संरचना, शहर और कला मंत्रालयों का कार्यभार भी संभाल चुके हैं। चुनाव में मुख्य रूप से चीन के खतरे, मुद्रा स्फीति के बीच अधिक वित्तीय सहायता और एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा देने का वादा जैसे प्रमुख मुद्दे हावी रहे। लेबर पार्टी जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में तियालीस फीसदी की कमी लाने की पक्षधर है। अपनी जीत पर अल्बनीज ने ऑस्टेलियाई जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी जीत देश में बदलाव के लिए है। हम लोगों को एक साथ लाने का काम करेंगे। हमारी सरकार साहसी, मेहनती और लोगों की देखभाल करने वाली होगी। इसमें कोई दोराय नहीं कि मॉरिसन सरकार की हार के प्रमुख कारक कोराना वायरस के खराब प्रबंधन, धीमी टीका-खरीद प्रक्रिया, जीवन यापन की लागत बढ़ने के प्रति जन आक्रोश प्रमुख रहा। चुनाव अभियान दौरान मॉरिसन ने अपने कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करने और काफी हद तक बेरोजगारी दूरने का दावा किया था। वहीं, उन्होंने चीन के खिलाफ अपनी सख्त छवि बनाने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी थी।  </p>
<p>वहीं जवाब में अल्बनीज ने भी जनता के बीच रहकर चीन के प्रति अपनी सख्त नीति,  एलजीबीटी समर्थक, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुधार जैसे वादे किए थे। अब यह सब वादे पूरे करने के लिए उन्हें कई चुनौतियों से रूबरू होना पड़ेगा। अब आने वाला समय ही बताएगा कि वे इन कड़ी से चुनौतियों से उबारते हुए देश को विश्व-पटल पर चमकाते हैं।</p>
<p>        <strong> महेश चंद्र शर्मा</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong><br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 May 2022 16:34:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शहबाज शरीफ ने पीएम मोदी को लिखा पत्र: भारत से शांतिपूर्ण संबंध की जताई इच्छा लेकिन कश्मीर राग भी अलापा</title>
                                    <description><![CDATA[पत्र में दोनों देशों के बीच सार्थक जुड़ाव पर जोर दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/shehbaz-sharif-wrote-a-letter-to-pm-modi--expressed-his-desire-for-peaceful-relations-with-india--but-kashmir-s-melody-also-struck/article-8077"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/32.jpg" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने भारतीय समकक्ष नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर दोनों देशों के बीच उद्देश्यपूर्ण संबंध की इच्छा जताई लेकिन कश्मीर राग अलापने से भी बाज नहीं आए। इस पत्र में दोनों देशों के बीच सार्थक जुड़ाव पर जोर दिया गया है। शहबाज शरीफ का यह पत्र पीएम मोदी की ओर से बधाई देने वाले पत्र के जवाब में आया है। 11 अप्रैल को शहबाज के प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद पीएम मोदी ने पत्र के जरिए बधाई दी थी। पीएम मोदी ने अपने पत्र में शहबाज शरीफ को पत्र के जरिए अवगत कराया था कि भारत पाकिस्तान के साथ सकारात्मक संबंध चाहता है। मालूम हो कि पाकिस्तान की संसद ने इमरान खान को अविश्वास मत में सत्ता से बेदखल कर दिया था। इसके एक दिन बाद शहबाज शरीफ को पाकिस्तान के 23वें प्रधानमंत्री के रूप में चुना गया था। इसके बाद पीएम मोदी ने एक ट्विटर पोस्ट में शहबाज शरीफ को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी। पीएम मोदी ने 11 अप्रैल को ट्वीट कर कहा था कि पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के रूप में मियां मुहम्मद शहबाज शरीफ को उनके चुनाव पर बधाई। भारत आतंक मुक्त क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है ताकि हम विकास से जुड़ी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित कर सकें और अपने लोगों की भलाई सुनिश्चित कर सकें।<br /><br /><br /> इसके जवाब में शहबाज शरीफ ने कहा है कि पाकिस्तान भारत के साथ शांतिपूर्ण और सहयोगी संबंध चाहता है। सरकारी सूत्रों ने रविवार को बताया कि शहबाज ने शनिवार को पीएम मोदी को लिखे जवाबी पत्र में कहा कि शुभकामनाओं के लिए शुक्रिया प्रधानमंत्री मोदी। पाकिस्तान, भारत के साथ शांतिपूर्ण व सहयोगी संबंध चाहता है। जम्मू-कश्मीर समेत अन्य विवादों का शांतिपूर्ण समाधान जरूरी है। पाकिस्तान ने आतंकवाद से लड़ते हुए काफी कुछ खोया है। आइए, हम अपने लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करें। भारत का कहना है कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी का संबंध रखना चाहता है, लेकिन इसके लिए इस्लामाबाद को आतंक व शत्रुता से मुक्त माहौल बनाना होगा। फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले और उसके बाद भारत की तरफ से पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी शिविर को एयर स्ट्राइक में नष्ट किए जाने के बाद दोनों देशों में तल्खी बढ़ गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Apr 2022 15:09:17 +0530</pubDate>
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                <title>चीन के साथ संबंध सामान्य नहीं: एस जयशंकर </title>
                                    <description><![CDATA[दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/relations-with-china-not-normal--s-jaishankar--contrary-to-the-agreements--a-large-number-of-soldiers-deployed-on-the-borders--india-china-foreign-ministers-meeting/article-6757"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/doval.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को साफ शब्दों में कहा कि भारत और चीन के बीच संबंध सामान्य नहीं हैं क्योंकि समझौतों के विपरीत सीमा पर बड़ी संख्या में सैनिक तैनात हैं।चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ शुक्रवार को वार्ता के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री को देश की भावना से अवगत कराते हुए कहा है कि सीमा पर शांति स्थिर संबंधों के लिए जरूरी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मौजूदा समय में चीन के साथ हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं क्योंकि दोनों देशों के बीच 1993 से 1996 के बीच हुए समझौतों के विपरीत सीमाओं पर बड़ी संख्या में सैनिक तैनात हैं। <br />दोनों देशों के बीच अभी भी टकराव के मुद्दे हैं। कुछ मुद्दों के समाधान की दिशा में प्रगति हुई है जिनमें पेगोंग झील क्षेत्र का मुद्दा भी शामिल है। मुद्दों के समाधान के लिए अब तक 15 दौर की बात हो चुकी है और आज यह बात हुई कि वार्ता को आगे कैसे बढ़ाया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 12:16:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत-फ्रांस संबंध</title>
                                    <description><![CDATA[रूस के राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के बाद अब फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली की भारत यात्रा भी भारत-फ्रांस संबंधों की मजबूती का संकेत देती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7/article-3374"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/putin_modi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रूस </strong>के राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के बाद अब फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली की भारत यात्रा भी भारत-फ्रांस संबंधों की मजबूती का संकेत देती है। राष्ट्रपति पुतिन तो भारत-रूस संबंध को अटूट कह गए थे, तो फ्रांस की रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद एक महत्वपूर्ण बयान में कहा कि जरूरत पड़ने पर फ्रांस भारत को अतिरिक्त राफेल युद्ध के विमान देने को तैयार है। कोविड-19 महामारी के बावजूद फ्रांस ने निर्धारित समय पर 33 राफेल लड़ाकू विमानों की आपूर्ति की है। भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ करीब 59 हजार करोड़ के 36 राफेल विमानों की खरीद का समझौता किया था। फ्रांस भारत के साथ 36 और राफेल विमानों की खरीददारी के लिए वार्ता के लिए इच्छा जता रहा है। इसके अलावा पार्ली ने चीन के बारे में जो बयान दिए हैं इससे स्पष्ट है कि भारत-फ्रांस के विचार समान हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि हिन्द प्रशांत तथा दक्षिण चीन सागर में चीन काफी आक्रामक होता जा रहा है जो उचित नहीं है। नौवहन की स्वतंत्रता एवं अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुपालन की जरूरत है, लेकिन मानने को तैयार नहीं है। माना कि चीन के साथ व्यापारिक साझेदारी हैं लेकिन क्षेत्र में बढ़ती आक्रामकता से उससे कई देश नाराज हैं। भारत भी पार्ली के बयान को सही मानता है। पार्ली ने अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ कई मसलों पर चर्चा की  और बहु ध्रुवीय व्यवस्था बनाने और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में कानून के शासन की रक्षा के लिए भारत की भागीदारी की मांग की। यह मांग अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है। पार्ली ने राजनाथ सिंह के साथ बातचीत में समुद्री सुरक्षा, संयुक्त अभ्यास, राफेल की समय पर आपूर्ति, आतंकवाद से मुकाबला और मेक-इन-इंडिया परियोजनाओं पर चर्चा की। पार्ली की भारत यात्रा से भारत-फ्रांस संबंधों को नया आयाम मिला है। 1980 के दशक की शुरूआत में फ्रांस ने भारत के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश शुरू की थी, जो आज काफी मजबूत हो चली है। इस समय भारत में एक हजार फ्रांसीसी कंपनियां हैं जिनमें तीन लाख भारतीयों को रोजगार मिला हुआ है। फ्रांस में भी 130 भारतीय कंपनियां काम कर रही हैं। बदलती परिस्थितियों में फ्रांस भारत का सच्चा मित्र साबित रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Dec 2021 14:11:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-रूस संबंध</title>
                                    <description><![CDATA[रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी एक दिवसीय भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अकेले में व्यापक बातचीत के बाद सोमवार को अपने बयान में भारत को एक बहुत बड़ी शक्ति, एक मित्र राष्ट्र और वक्त की कसौटी पर खरा उतरा मित्र बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7/article-3036"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/modi_putin1.jpg" alt=""></a><br /><p>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी एक दिवसीय भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अकेले में व्यापक बातचीत के बाद सोमवार को अपने बयान में भारत को एक बहुत बड़ी शक्ति, एक मित्र राष्ट्र और वक्त की कसौटी पर खरा उतरा मित्र बताया। यह बात संभवत: चीनी नेताओं के कान में भी पहुंची होगी, जिन्होंने सालों से भारत से दोस्ती की बातें करते-करते हर वक्त भारत को धोखा दिया और भारत की चिंताओं व दोस्ती की कीमत को नहीं समझा। राष्ट्रपति पुतिन के बयान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-रूस के संबंधों में कभी बदलाव नहीं हुआ और हमें अपनी दोस्ती पर नाज है। दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी प्रगाढ़ हो रही है। भारत-रूस के प्रतिनिधि मण्डलों की बैठक के बाद दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों के साथ कुल 28 समझौतों पर सहमति बनी। सबसे बड़ा समझौता ऐके-203 असाल्ट राइफलें के निर्माण पर हुआ। उत्तर प्रदेश के अमेटी कस्बे में 6 लाख से ज्यादा अत्याधुनिक ऐके-203 असाल्ट राइफलों के निर्माण का कारखाना स्थापित होगा, जिसमें रूस के सहयोग से संयुक्त निर्माण होगा। इसके अलावा आत्म निर्भरता के क्षेत्र में छोटे व बड़े हथियारों पर आधारित सैन्य सहयोग जारी रहेगा और सैन्य सहयोग की अवधि 2021 से बढ़ाकर 2031 तक बढ़ाने का भी समझौता हुआ। इसके अलावा दोनों देशों के बीच सैन्य तकनीक सहयोग जारी रखने पर समझौता हुआ। भारत-रूस के बीच शिखर वार्ता चीन को रास नहीं आ रही है। इस शिखर वार्ता में पूर्व चीन द्वारा बड़ी कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं दी जा रही थीं। पुतिन के साथ रक्षा मंत्री ने भारत के रक्षा मंत्री के साथ वार्ता की और वार्ता में सिंह ने चीन का नाम लिए बिना पूर्वी लद्दाख में चल रही सैन्य गतिविधियों का जिक्र किया। रूस के विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री ने मुलाकात की और उन्होंने रूस से एस 400 मिसाइलें खरीदे जाने के बारे में कहा कि अमेरिका सहित कोई भी देश भारत की सार्वभौमिकता व अपनी रक्षा की तैयारियों से नहीं रोक सकता। बदलते विश्व के घटनाक्रमों के बीच भारत व रूस की दोस्ती मजबूती से आगे बढ़ रही है। भारत-रूस के बीच काफी पुराने रिश्ते हैं और उनमें उतार-चढ़ाव भी आते रहे हैं, लेकिन रूस भारत का सहयोग करने में कभी पीछे नहीं रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Dec 2021 15:53:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनावी मैदान में हनुमान बेनीवाल : वल्लभनगर विधानसभा में RLP प्रत्याशी उदयलाल डांगी के लिए किया जनसम्पर्क</title>
                                    <description><![CDATA[बेनीवाल ने दर्जनों गावों में रालोपा उम्मीदवार उदयलाल डांगी के समर्थन में जनसम्पर्क करके बोतल के चिन्ह पर मतने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%88%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2---%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%AD%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-rlp-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A4%AF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%A1%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95/article-1835"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/hanuman-beniwal.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र के बंबोरा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवार उदय लाल डांगी के साथ पैदल जनसंपर्क करते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि प्रदेश में दोनों पार्टियों को आरएलपी पार्टी चुनौती दे सकती है। ऐसे में वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में इस बार मौका है कि  दोनों पार्टियों को हराकर  एलएलपी के उम्मीदवार विधानसभा पहुंचे, जिससे आने वाले दिनों में राजस्थान की जनता में यह संदेश जाए कि हमारे प्रदेश में तीसरी शक्ति के रूप में तेजी से उभर रही है।</p>
<p>उन्होंने दर्जनों गावों में रालोपा उम्मीदवार उदयलाल डांगी के समर्थन में जनसम्पर्क करके बोतल के चिन्ह पर मतने की अपील की। इस अवसर पर हनुमान बेनीवाल कहा कि वल्लभनगर क्षेत्र में विकास कहीं नजर नहीं आ रहा है और दोनों पार्टियों ने मिलकर यहां की जनता को ठगा है, ऐसे में मत की चोट से भाजपा व कांग्रेस को जवाब देने का अवसर है।</p>
<p><br />  उन्होंने कहा कि उदय लाल डांगी एक सच्चे जनसेवक है और हमेशा जनता के मध्य रहते है और भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेता चुनाव होने के बाद यहां नजर नहीं आते परंतु डांगी हमेशा लोगो के साथ उनके मध्य रहेंगे । सांसद ने ट्रेक्टर चलाकर व गाँवो में पैदल जन सम्पर्क करके पार्टी के पक्ष में मतदान की अपील की। उन्होंने  वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में  उदयलाल डांगी के साथ आकोला,खेड़ी ,बड़ा राजपुरा ,पिथलपुरा (खेड़ी),पीथलपुरा (हवेली ) ,अमरपुरा जागीर,सालेड़ा व टूस डांगीयान आदि स्थानों पर जनसमपक किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Oct 2021 16:17:53 +0530</pubDate>
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