<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/nuclear-deal/tag-71379" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Nuclear Deal - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/71379/rss</link>
                <description>Nuclear Deal RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मिडिल-ईस्ट में जारी जंग के बीच ज़रीफ ने की शांति की अपील: ट्रंप की लापरवाह आक्रमकता का​ दिया हवाला, अमेरिका प्रतिबंध हटा ले, तो ईरान फिर खोल देगा होर्मुज जलडमरूमध्य</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के पूर्व विदेश मंत्री जावेद ज़रीफ़ ने 'फॉरेन अफेयर्स' के जरिए अमेरिका को शांति योजना का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने ट्रंप की आक्रामकता की निंदा करते हुए परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं लगाने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश की। ज़रीफ़ ने जोर दिया कि प्रतिबंध हटने और आपसी सुरक्षा गारंटी से ही क्षेत्रीय स्थिरता संभव है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/zarif-appeals-for-peace-amid-the-ongoing-war-in-the/article-148970"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iranian-foreign-minister-mohammad-javad-zarif.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 'लापरवाह आक्रमकता' का उल्लेख करते हुए उसके साथ शांति स्थापित करने की अपील की है। जरीफ ने कहा कि लंबी अवधि का संघर्ष केवल विनाश और अनिश्चितता को बढ़ाता है और स्थायी समाधान के लिए प्रत्यक्ष और वास्तविक बातचीत ही एकमात्र मार्ग है। उन्होंने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण ढंग से विवाद सुलझाने और क्षेत्रीय तनाव को कम करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा है कि मौजूदा संघर्ष के किसी भी समाधान में ईरान के राष्ट्रीय हितों का ध्यान रखना सबसे जरूरी है।</p>
<p>पूर्व विदेश मंत्री ने इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए अपने प्रस्ताव की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इस शांति योजना को सार्वजनिक करने को लेकर अपने मन में चल रहे द्वंद्व का भी जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "एक ईरानी होने के नाते, मैं डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामकता और उनके अपमानजनक बयानों से गुस्से में हूँ। मुझे अपनी सेना और देश के लोगों पर गर्व है, इसलिए पत्रिका 'फॉरेन अफेयर्स' में इस शांति योजना को छपवाने को लेकर मेरे मन में उलझन थी। फिर भी, मुझे यकीन है कि युद्ध का अंत ईरान के राष्ट्रीय हितों के हिसाब से ही होना चाहिए।"</p>
<p>ईरान के उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री जैसे बड़े पदों पर रह चुके ज़रीफ़ का मानना है कि तमाम मुश्किलों के बाद भी ईरान, अमेरिका-इजरायल के लगातार हवाई हमलों के सामने मजबूती से टिका हुआ है। अमेरिकी पत्रिका 'फॉरेन अफेयर्स' में अपना प्रस्ताव रखने के कुछ घंटों बाद श्री ज़रीफ़ ने कहा, "ईरान ने यह युद्ध शुरू नहीं किया था लेकिन एक महीने से ज्यादा की लड़ाई के बाद यह साफ है कि जीत ईरान की हो रही है। लगातार बमबारी के बावजूद हमने अपने देश को बचाया है और हमलावरों को करारा जवाब दिया है।"</p>
<p>ज़रीफ़ ने अपने लेख में चेतावनी दी कि भले ही ईरान को सैन्य सफलता मिल रही हो लेकिन आगे की लड़ाई से आम जनता और देश के ढांचे का भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि यह हिंसा एक बड़े क्षेत्रीय या वैश्विक युद्ध का रूप ले सकती है। उन्होंने इस बात पर भी दुख जताया कि युद्ध के पहले ही दिन करीब 170 स्कूली बच्चों की मौत पर दुनिया खामोश है। अपनी शांति योजना में ज़रीफ़ ने युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौते का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपनी मजबूत सैन्य स्थिति का फायदा उठाकर बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि अगर अमेरिका प्रतिबंध हटा ले, तो ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं लगाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तैयार हो सकता है।</p>
<p>इसके अलावा, ज़रीफ़ ने अमेरिका और ईरान के बीच एक-दूसरे पर हमला न करने का वादा करने का भी सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश दुश्मनी छोड़कर आर्थिक सहयोग बढ़ाएं, तो ईरान अपनी अर्थव्यवस्था सुधारने और जनता के कल्याण पर ध्यान दे पाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/zarif-appeals-for-peace-amid-the-ongoing-war-in-the/article-148970</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/zarif-appeals-for-peace-amid-the-ongoing-war-in-the/article-148970</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:25:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/iranian-foreign-minister-mohammad-javad-zarif.png"                         length="556823"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान-अमेरिका बातचीत: 26 फरवरी को होगी तीसरे दौर की बातचीत, समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में अतिरिक्त प्रयास</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर अगले दौर की वार्ता इस गुरुवार को जिनेवा में होगी। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने प्रतिबंध हटाने और शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम की मान्यता पर जोर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-us-talks-to-be-held-on-february-26-third-round/article-144320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/america-or-iran.png" alt=""></a><br /><p>काहिरा। अमेरिका और ईरान ने परमाणु समझौते को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण के बावजूद बातचीत जारी रखने का फैसला किया है मगर अमेरिका की ओर से सैन्य तैनाती में उल्लेखनीय वृद्धि ने इस प्रक्रिया की नाजुकता और टकराव के जोखिम को उजागर किया है। ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी ने रविवार को कहा कि अमेरिका-ईरान (एजेंसी) का अगला दौर गुरुवार को जिनेवा में होगा। </p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका-ईरान (एजेंसी) इस गुरुवार को जिनेवा में तय हुई है, और समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, रविवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रोसी के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें रचनात्मक सहभागिता और संवाद के रास्ते को अपनाने के महत्व पर जोर दिया गया, ताकि एक टिकाऊ परमाणु समझौता हासिल किया जा सके। </p>
<p>यह बातचीत अराघची के उस बयान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने शुक्रवार को अमेरिकी मीडिया आउटलेट एमएसएनबीसी को दिए साक्षात्कार में कहा था कि तेहरान दो से तीन दिनों के भीतर संभावित परमाणु समझौते का मसौदा तैयार कर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को सौंपेगा। सीबीएस न्यूज को रविवार को दिए साक्षात्कार में अराघची ने एक बार फिर कहा कि ईरान अमेरिका के साथ मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने को तैयार है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि वह गुरुवार को जिनेवा में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात कर सकते हैं और यह अब भी संभव है कि ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक समाधान निकाला जाए। अराघची ने कहा कि दोनों पक्ष संभावित समझौते के विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहे हैं और गुरुवार को प्रारंभिक मसौदे पर चर्चा हो सकती है।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते में ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को मान्यता मिलनी चाहिए और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय परमाणु कार्यक्रम के तहत यूरेनियम संवर्धन के अधिकार पर ईरान के अडिग रुख को दोहराया। </p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि ईरान और अमेरिका 2015 में हुए समझौते से बेहतर परमाणु समझौता कर सकते हैं। उनके अनुसार, इस बार अत्यधिक बारिकियों में जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि बुनियादी बातों पर सहमति बनाकर यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहे और साथ ही अधिक प्रतिबंध हटाए जाएं। </p>
<p>अराघची ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो ईरान को आत्मरक्षा का अधिकार है। उन्होंने कहा, हमें क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमला करना पड़ेगा। इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार को कहा कि अमेरिका के साथ हालिया एजेंसीओं से उत्साहजनक संकेत मिले हैं, लेकिन ईरान किसी भी संभावित स्थिति के लिए तैयार है। </p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ईरान क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। हालिया (एजेंसी)ओं में व्यावहारिक प्रस्तावों का आदान-प्रदान हुआ और उत्साहजनक संकेत मिले, हालांकि हम अमेरिका की गतिविधियों पर करीबी नजर रख रहे हैं और हर संभावित स्थिति के लिए तैयारियां की गयी हैं।</p>
<p>अमेरिका का कहना है कि किसी भी समझौते में ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन पर प्रतिबंध, समृद्ध सामग्री को हटाना, लंबी दूरी की मिसाइलों पर सीमाएं और क्षेत्रीय सहयोगी समूहों को समर्थन में कटौती शामिल होनी चाहिए। विश्लेषकों का मानना है कि ये शर्तें ईरान के लिए स्वीकार करना बेहद कठिन होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-us-talks-to-be-held-on-february-26-third-round/article-144320</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-us-talks-to-be-held-on-february-26-third-round/article-144320</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 18:48:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/america-or-iran.png"                         length="570943"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी राजदूत अमीर सईद इरवानी ने पत्र लिखकर दी अमेरिका को चेतावनी, कहा-अगर हम पर हमला किया तो...</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अमेरिकी धमकियों के जवाब में उनके ठिकानों पर हमला वैध होगा। ट्रंप की 15 दिवसीय समयसीमा के बाद तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-ambassador-amir-saeed-ervani-wrote-a-letter-warning-america/article-143894"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/iran.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। ईरान ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका अपनी सैन्य धमकियों पर अमल करता है, तो अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों पर ईरानी हमले वैध होंगे। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरवानी ने पत्र में कहा कि ईरान किसी भी हमले का निर्णायक जवाब देगा। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में सैन्य आक्रामकता के गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दी।</p>
<p>यह घटनाक्रम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गयी उस धमकी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने परमाणु मुद्दे पर अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए अधिकतम 10-15 दिन का समय दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहते हैं, तो बुरी चीजें होंगी।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने भी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यह सैन्य आक्रामकता के वास्तविक खतरे का संकेत है, हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता है। पत्र में चेतावनी दी गयी कि किसी भी अप्रत्याशित और अनियंत्रित परिणाम के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका पूर्ण और प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार होगा।</p>
<p>बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य तैनाती पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जतायी है। संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने संवाददाताओं से कहा, महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, अन्य लोगों की तरह, सैन्य जमावड़े, युद्धाभ्यास और चल रहे प्रशिक्षण को लेकर बहुत चिंतित हैं। इसीलिए हम ईरान और अमेरिका दोनों को ओमान की मध्यस्थता में अपनी चर्चा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।</p>
<p>ईरानी परमाणु कार्यक्रम पर ईरान-अमेरिका बातचीत का दूसरा दौर 17 फरवरी को जिनेवा में ओमान की मध्यस्थता में संपन्न हुआ। बातचीत के बाद, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि इसमें प्रगति हुई है और ईरान तथा अमेरिका अब उन मसौदों पर काम करेंगे, जो एक संभावित समझौते का आधार बन सकते हैं। राष्ट​पति? ट्रंप ने अपने तेवर और कड़े कर लिए हैं। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा है कि यदि ईरान समझौता नहीं करने का फैसला करता है, तो अमेरिका को चागोस द्वीप समूह में हिंद महासागर एयरबेस का उपयोग करने की आवश्यकता हो सकती है। उल्लेखनीय है कि हिंद महासागर में चागोस द्वीप समूह पर अमेरिका सैन्य ठिकाना है।</p>
<p>बातचीत का पिछला प्रयास पिछले साल तब विफल हो गया था, जब इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किये थे। इसके बाद 12 दिनों तक चले युद्ध में अमेरिका भी शामिल हो गया था और उसने फोर्डो, नतांज और इस्फहान में तीन ईरानी परमाणु स्थलों पर बमबारी की थी।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर ईरानी कार्रवाई के बाद सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी। ईरान ने इसके जवाब में खाड़ी से निर्यात किये जाने वाले तेल के लिए महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी थी और चेतावनी दी थी कि वह क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-ambassador-amir-saeed-ervani-wrote-a-letter-warning-america/article-143894</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-ambassador-amir-saeed-ervani-wrote-a-letter-warning-america/article-143894</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 12:59:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/iran.png"                         length="713825"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान-अमेरिका वार्ता: ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का दावा, अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत बेहतर और रचनात्मक </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच जिनेवा में हुई दूसरे दौर की अप्रत्यक्ष वार्ता सकारात्मक रही। विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि मार्गदर्शक सिद्धांतों पर सहमति बन गई है और जल्द ही समझौते का मसौदा तैयार किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-seyed-abbas-araghchi-claims-second-round-of/article-143683"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/trump-and-khamnoi.png" alt=""></a><br /><p>काहिरा। अमेरिका के साथ हुई दूसरे दौर की अप्रत्यक्ष बातचीत के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि यह बातचीत ओमान की राजधानी मस्कट में हुई पहले दौर की बातचीत से बेहतर और ज्यादा रचनात्मक थी। विदेश मंत्री अराघची ने मंगलवार को सरकारी प्रसारक इरिब के साथ विशेष बातचीत में कहा कि दिशा देने वाले सिद्धांतों पर दोनों पक्षों के बीच आम सहमति बन गयी है और जल्द ही एक संभावित समझौते का मसौदा तैयार करने की दिशा में बढ़ेंगे। </p>
<p>ओमान की मध्यस्थता में स्विट्जरलैंड की राजधानी जिनेवा में ओमानी दूतावास में हुई इस बैठक के बाद उन्होंने कहा कि एक बार मसौदा तैयार होने पर दोनों पक्ष तीसरे दौर की बातचीत के लिए तारीख निर्धारित करेंगे। इसके आगे विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच की खाई पाटने में समय लगेगा। </p>
<p>विदेश मंत्री अराघची ने बैठक के बाद संयुक्त राष्ट्र के एक निरस्त्रीकरण सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बातचीत से एक टिकाऊ समाधान के लिए एक नया रास्ता खुल गया है जो ईरान के अधिकारों का सम्मान करते हुए पूरे क्षेत्र और सभी पक्षों के हितों की रक्षा करेगे। </p>
<p>बैठक की मध्यस्थता करने वाले ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हम्माद बिन हमूद अलबुसैदी ने कहा कि बातचीत रचनात्मक थी और दोनों पक्षों ने तकनीकी मुद्दों एवं सामान्य उद्देश्य पहचानने में अच्छी प्रगति की है। साथ ही अंतिम समझौते के मार्गदर्शक सिद्धांतों को शक्ल देने के लिए महत्वपूर्ण कोशिशें की गयीं। </p>
<p>इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैन्स ने मीडिया को बताया कि मंगलवार की बातचीत के कुछ पहलू सकारात्मक थे, लेकिन ईरान ने अभी तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कुछ बातों को नहीं माना है, और इनसे पीछे नहीं हटा जा सकता। उन्होंने कहा कि सब कुछ अभी भी टेबल पर है। </p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप अपने पहले कार्यकाल में ईरान के साथ हुए पहले के परमाणु समझौते से हट गए थे। लेकिन दूसरे कार्यकाल में उन्होंने ईरान पर अधिकतम दबाव बनाया है और बार-बार चेतावनी दी है कि वह ईरान की परमाणु कार्रवाई रोकने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल कर सकते हैं। ईरान ने भी इसके जवाब में कहा है कि वह किसी भी हमले का उसी तरह जवाब देगा।</p>
<p>इससे पहले जैसे ही जिनेवा में मिले, तो ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स ने होर्मुज की खाड़ी में स्मार्ट कंट्रोल ऑफ़ द स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज नाम का एक अभ्यास शुरू कर दिया था। इस अभ्यास ने जरूरी शिपिंग लेन के कुछ हिस्सों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया। इसमें तटीय एवं द्वीपीय बिन्दुओं से मिसाइल लॉन्च, त्वरित हमलों और समुद्री लक्ष्यों पर हमलों की नकल करने वाली ड्रोन इकाइयां शामिल थीं। </p>
<p>आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार आउटलेट सेपा न्यूज ने कहा कि इस अभ्यास का मकसद नौसेना की तैयारी का परीक्षण करना और समुद्र में सुरक्षा और जवाबी हमले की योजना का अभ्यास करना था। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन को पश्चिमी एशिया में तैनात किया जा रहा है, जो तीन हफ्ते से इस इलाके में हैं। </p>
<p>ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मंगलवार को कहा कि ईरान अपनी शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक नहीं छोड़ेगा, लेकिन यह साबित करने के लिए किसी भी तरह के सत्यापन के लिए तैयार है कि उसका कार्यक्रम हथियार बनाने के मकसद से नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका और तरराष्ट्रीय समुदाय उन अफवाहों को खारिज कर देगा जिनमें यह दावा किया जाता है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p>सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने ट्रंप की सैन्य हमलों की हालिया धमकियों का जवाब देते हुए कहा कि पूर्व के अमेरिकी राष्ट्रपतियों की तरह ट्रंप भी ईरान के इस्लामिक गणराज्य को हराने में नाकाम रहेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-seyed-abbas-araghchi-claims-second-round-of/article-143683</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-seyed-abbas-araghchi-claims-second-round-of/article-143683</guid>
                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 15:57:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/trump-and-khamnoi.png"                         length="559594"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है, परमाणु समझौता न होने पर भयावह परिणाम भुगतने की दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को सर्वोत्तम विकल्प बताते हुए मध्य पूर्व में दूसरे विमानवाहक पोत की तैनाती की पुष्टि की। उन्होंने चेतावनी दी कि परमाणु समझौता न होना 'भयावह' होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-said-regime-change-in-iran-would-be/article-143210"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है। जो देश के धार्मिक नेतृत्व को हटाने के समर्थन में उनके अब तक के सबसे स्पष्ट बयानों में से एक को दर्शाता है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने ये टिप्पणियां उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में सैनिकों से मुलाकात के तुरंत बाद कीं और इससे पहले दिन में उन्होंने पुष्टि की थी कि वह मध्य पूर्व में दूसरा विमानवाहक पोत समूह तैनात कर रहे हैं।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी कि ईरान के साथ परमाणु समझौता न होने पर बेहद भयावह परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने अतीत के सैन्य हमलों और संभावित परिणामों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा, ईरान के साथ हमें समझौता करना ही होगा, अन्यथा यह बेहद-बेहद भयावह होगा। उन्हें पहली बार में ही समझौता कर लेना चाहिए था लेकिन उन्हें इसके बजाय मिडनाइट हैमर मिला। उन्होंने दशकों की कूटनीति की आलोचना करते हुए कहा, पिछले 47 वर्षों से वे सिर्फ बातें करते रहे हैं। इस बीच हमने बहुत सी जानें गंवाई हैं। पैर, हाथ, चेहरे सब उड़ गए। यह संघर्ष बहुत लंबा चल रहा है।</p>
<p>उन्होंने पुष्टि की कि वे पश्चिम एशिया में दूसरा विमानवाहक पोत भेज रहे हैं और कहा, अगर इस्लामिक गणराज्य के साथ हमारा कोई समझौता नहीं होता। जब उनसे पूछा गया कि ईरान का नेतृत्व कौन संभालेगा, तो उन्होंने कहा, Þकुछ लोग हैंÞ लेकिन कोई विशिष्ट जानकारी नहीं दी। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अभी तक राष्ट्रपति ट्रम्प की टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।</p>
<p>इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उनकी मुलाकात के बाद कोई संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग नहीं हुई, मुलाकात का एकमात्र रिकॉर्ड ओवल ऑफिस में हाथ मिलाना था, जिसे इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा वितरित किया गया। सोशल मीडिया ट्रुथ पर ट्रंप के बयान में निरंतर (एजेंसी) की उनकी इच्छा पर जोर दिया गया, जो प्रधानमंत्री नेतन्याहू के परमाणु समझौते के विरोध और ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर चर्चा करने में उनकी कथित रुचि के विपरीत था।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपनी विदेश नीति के रिकॉर्ड का भी बखान किया, यह दावा करते हुए कि उन्होंने कहा कि 10 महीनों में आठ युद्ध समाप्त किए और रूस-यूक्रेन संघर्ष को सबसे कठिन बताया। उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग के दौरे के दौरान उन्होंने बाइडन प्रशासन द्वारा बेस का नाम बदलने के फैसले की आलोचना की। मूल रूप से एक कॉन्फेडरेट जनरल के नाम पर नामित इस बेस का नाम 2023 में फोर्ट लिबर्टी रखा गया था और फिर राष्ट्रपति ट्रम्प के सत्ता में लौटने के बाद द्वितीय विश्व युद्ध के पैराट्रूपर ब्रैग के नाम पर इसका नाम वापस रख दिया गया।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, हम पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं। रूस-यूक्रेन का मसला बहुत उलझा हुआ है। यह एक भयानक स्थिति है। मुझे लगता है कि हम वहां पहुंच जाएंगे। इसके लिए दोनों पक्षों को सहयोग करने की जरुरत है। हमें विश्व में शांति बनाये रखना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-said-regime-change-in-iran-would-be/article-143210</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-said-regime-change-in-iran-would-be/article-143210</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 18:06:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/trump-big-disi.png"                         length="505194"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान बातचीत: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का दावा, अमेरिका के साथ बातचीत प्रगति पर, इन मुद्दों पर हो रही चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता को प्रगति पर बताया। विदेश मंत्री अराघची ने शांतिपूर्ण संवाद पर जोर देते हुए दबाव की भाषा खारिज की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-talks-iranian-president-masoud-pezeshkian-claims-talks-with-us/article-142420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(6)7.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने रविवार को अपने देश और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई परमाणु (एजेंसी) को प्रगति पर कहा। उन्होंने ये टिप्पणियां एक्स पर एक पोस्ट में कीं जिसमें उन्होंने शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई अप्रत्यक्ष (एजेंसी) पर प्रकाश डाला।</p>
<p>पेजेशकियान ने कहा कि ये चर्चाएं पश्चिम एशिया क्षेत्र में मित्रवत सरकारों द्वारा किए गए अनुवर्ती प्रयासों के परिणामस्वरूप हुईं, और इस बात पर बल दिया कि ईरान की हमेशा से ही संवाद द्वारा मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की चुनी हुई रणनीति रही है। इसी बीच, तेहरान में एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, जिन्होंने शुक्रवार की (एजेंसी) में देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, ने कहा, कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमारे पास क्या होना चाहिए और क्या नहीं होना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने आश्वासन दिया कि ईरान का परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं है, साथ ही उन्होंने किसी भी प्रकार की दादागिरी को दृढ़ता से खारिज कर दिया। अराघची ने कहा, अगर वे ईरानी लोगों से बल प्रयोग की भाषा में बात करेंगे तो हम भी उन्हें उसी भाषा में जवाब देंगे। हालांकि, अगर वे हमसे सम्मान की भाषा में बात करेंगे तो उन्हें भी उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।</p>
<p>शुक्रवार को हुई अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्रीय तनाव बढऩे के बीच हुई, जिसमें मध्य पूर्व में हाल ही में अमेरिका द्वारा सैन्य जमावड़ा और ईरान द्वारा तैयारियों में तेजी शामिल हैं। समाप्त होने के बाद, अराघची ने कहा, कुल मिलाकर, मैं कह सकता हूं कि यह एक अच्छी शुरुआत थी। हालांकि, प्रक्रिया की निरंतरता दोनों पक्षों की अपनी-अपनी राजधानियों में होने वाली बातचीत और इसे आगे बढ़ाने के बारे में उनके निर्णयों पर निर्भर करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-talks-iranian-president-masoud-pezeshkian-claims-talks-with-us/article-142420</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-talks-iranian-president-masoud-pezeshkian-claims-talks-with-us/article-142420</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 13:03:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%286%297.png"                         length="1282090"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        