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                <title>Abbas Araghchi - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Abbas Araghchi RSS Feed</description>
                
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                <title>होर्मुज़ जलडमरूमध्य से भारत को बड़ी राहत: ईरान ने दी जहाजों को आवाजाही की अनुमति, जानिए और किन देशों के लिए खोला गया रास्ता</title>
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                        <![CDATA[ईरान ने भारत, चीन और रूस जैसे मित्र देशों के लिए सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य मार्ग खोल दिया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की कि गैर-आक्रामक देशों के जहाजों को समन्वय के साथ अनुमति मिलेगी। संयुक्त राष्ट्र की अपील के बाद लिया गया यह फैसला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल संकट को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-relief-to-india-from-the-strait-of-hormuz-iran/article-147917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/strait-of-hormuz.png" alt=""></a><br /><p>ईरान। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने भारत समेत कई मित्र देशों के जहाजों को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दे दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को कहा कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए मार्ग खोला गया है। मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह फैसला उन देशों के लिए है जो ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक गतिविधियों में शामिल नहीं हैं। हालांकि, जहाजों को इस रास्ते से गुजरने के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना अनिवार्य होगा।</p>
<p>इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि इस मार्ग के लंबे समय तक बंद रहने से तेल, गैस और उर्वरक की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों पर दबाव बढ़ रहा है।गुटेरेस ने अमेरिका और  इज़राइल से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने की भी अपील की, वहीं ईरान से पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का आग्रह किया।</p>
<p>गौरतलब है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है। ऐसे में भारत के लिए इस रास्ते का खुलना ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बड़ी राहत माना जा रहा है।</p>]]>
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                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 09:53:10 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ युद्धविराम की संभावना को नकारा, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से गहराया ईंधन संकट</title>
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                        <![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि ईरान किसी अस्थायी समझौते के बजाय "युद्ध की पूर्ण और स्थायी समाप्ति" चाहता है। होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी से वैश्विक ईंधन कीमतों में भारी उछाल आया है। इस कड़े रुख ने तनाव कम करने और तेल बाजार को स्थिर करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को बड़ा झटका दिया है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-rejects-possibility-of-ceasefire-with-america-and-israel-fuel/article-147324"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/maztab.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि उनका देश अमेरिका और इजरायल के साथ किसी अस्थायी युद्धविराम के लिए सहमत नहीं होगा। जापान की समाचार एजेंसी 'क्योडो' को दिए एक साक्षात्कार में श्री अराघची ने कहा कि ईरान केवल युद्धविराम नहीं, बल्कि "युद्ध की पूर्ण, व्यापक और स्थायी समाप्ति" चाहता है।</p>
<p>विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला चरमरा गई है। ईरानी नाकाबंदी के कारण फारस की खाड़ी से वैश्विक बाजारों तक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करने वाला सबसे महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य, प्रभावी रूप से बंद हो गया है। इस मार्ग से शिपिंग रुकने के सीधे परिणाम के रूप में दुनिया भर के अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।</p>
<p>अब्बास अराघची के कड़े रुख ने उन कूटनीतिक प्रयासों को झटका दिया है जो तनाव कम करने और वैश्विक तेल बाजार को स्थिर करने की कोशिश कर रहे थे।</p>]]>
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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 14:03:16 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की ब्रिटेन को चेतावनी, बोले ब्रिटिश ठिकानों को ईरान के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत देकर ब्रिटेन खतरे में डाल रहा अपने देशवासियों की जान</title>
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                        <![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका को ब्रिटिश ठिकानों से हमले की अनुमति देकर ब्रिटेन अपने नागरिकों की जान खतरे में डाल रहा है। अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी आत्मरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी हस्तक्षेप का कड़ा जवाब देगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-foreign-minister-abbas-araghchi-warned-britain-that-britain-is/article-147308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/irani.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, ब्रिटिश ठिकानों को ईरान के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत देकर अपने देशवासियों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। अराघची ने कहा ब्रिटेन सरकार ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल ठिकानों पर हमले के लिए अमेरिका को ब्रिटेन के ठिकानों का इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी।</p>
<p>अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ज्यादातर ब्रिटिश लोग, ईरान पर इजराइल-अमेरिका की अपनी मर्जी की जंग में कोई हिस्सा नहीं लेना चाहते। अपने ही लोगों की अनदेखी करते हुए, मिस्टर स्टारमर ब्रिटेन के ठिकानों को ईरान के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत देकर ब्रिटिश लोगों की जान खतरे में डाल रहे हैं। ईरान अपनी आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा।</p>]]>
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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 12:54:50 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान का बड़ा बयान: बिना गारंटी और हर्जाने के युद्ध का अंत संभव नहीं, नुकसान के लिए उठाई मुआवजे के भुगतान की भी मांग</title>
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                        <![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने युद्ध विराम के लिए हमलों की पुनरावृत्ति न होने की गारंटी और मुआवजे की शर्त रखी है। उन्होंने पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए इज़रायल को जिम्मेदार ठहराते हुए संयुक्त जांच समिति का प्रस्ताव दिया। अराघची ने चेतावनी दी कि ऊर्जा केंद्रों पर हमला होने पर क्षेत्र में सक्रिय अमेरिकी कंपनियों को सीधा निशाना बनाया जाएगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-big-statement-end-of-war-is-not-possible-without/article-146581"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-foreign-minister-abbas-araghchi.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मौजूदा युद्ध का अंत तभी संभव है जब इस बात की पुख्ता गारंटी दी जाए कि हमले दोबारा नहीं दोहराए जाएंगे। अराघची ने एक प्रमुख अरबी समाचार पत्र से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि युद्ध का अंत तभी संभव है जब इस बात की पुख्ता गारंटी दी जाए कि हमले दोबारा नहीं दोहराए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने संघर्ष के दौरान हुए नुकसान के लिए हर्जाने या मुआवजे के भुगतान की मांग भी उठाई है। </p>
<p>अराघची ने क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर एक संयुक्त जांच समिति बनाने का प्रस्ताव भी दिया है जो क्षेत्र में हुए हमलों की बारीकी से जांच कर सके। ईरानी विदेश मंत्री ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि तेहरान की सैन्य कार्रवाइयां केवल इस क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों और हितों तक ही सीमित रही हैं। उन्होंने इस बात का पुरजोर खंडन किया कि ईरान ने पड़ोसी देशों के किसी भी नागरिक या आवासीय क्षेत्र को निशाना बनाया है।  </p>
<p>अराघची ने आशंका जताई कि अरब देशों के नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों के पीछे इजरायल का हाथ हो सकता है, जिसका उद्देश्य ईरान और उसके पड़ोसी अरब देशों के मधुर संबंधों में दरार पैदा करना है। अराघची ने यह भी सनसनीखेज दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के शाहिद की तरह ही लुकास नामक एक नया ड्रोन बनाया है, जिसका उपयोग अरब देशों में ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के ऊर्जा केंद्रों या तेल सुविधाओं को निशाना बनाया गया, तो तेहरान इसका कड़ा जवाब देगा। ऐसी स्थिति में ईरान इस क्षेत्र में सक्रिय अमेरिकी कंपनियों की ठिकानों पर सीधा हमला करेगा।</p>
<p> </p>]]>
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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 17:31:03 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान-अमेरिका बातचीत: 26 फरवरी को होगी तीसरे दौर की बातचीत, समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में अतिरिक्त प्रयास</title>
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                        <![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर अगले दौर की वार्ता इस गुरुवार को जिनेवा में होगी। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने प्रतिबंध हटाने और शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम की मान्यता पर जोर दिया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-us-talks-to-be-held-on-february-26-third-round/article-144320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/america-or-iran.png" alt=""></a><br /><p>काहिरा। अमेरिका और ईरान ने परमाणु समझौते को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण के बावजूद बातचीत जारी रखने का फैसला किया है मगर अमेरिका की ओर से सैन्य तैनाती में उल्लेखनीय वृद्धि ने इस प्रक्रिया की नाजुकता और टकराव के जोखिम को उजागर किया है। ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी ने रविवार को कहा कि अमेरिका-ईरान (एजेंसी) का अगला दौर गुरुवार को जिनेवा में होगा। </p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका-ईरान (एजेंसी) इस गुरुवार को जिनेवा में तय हुई है, और समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, रविवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रोसी के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें रचनात्मक सहभागिता और संवाद के रास्ते को अपनाने के महत्व पर जोर दिया गया, ताकि एक टिकाऊ परमाणु समझौता हासिल किया जा सके। </p>
<p>यह बातचीत अराघची के उस बयान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने शुक्रवार को अमेरिकी मीडिया आउटलेट एमएसएनबीसी को दिए साक्षात्कार में कहा था कि तेहरान दो से तीन दिनों के भीतर संभावित परमाणु समझौते का मसौदा तैयार कर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को सौंपेगा। सीबीएस न्यूज को रविवार को दिए साक्षात्कार में अराघची ने एक बार फिर कहा कि ईरान अमेरिका के साथ मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने को तैयार है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि वह गुरुवार को जिनेवा में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात कर सकते हैं और यह अब भी संभव है कि ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक समाधान निकाला जाए। अराघची ने कहा कि दोनों पक्ष संभावित समझौते के विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहे हैं और गुरुवार को प्रारंभिक मसौदे पर चर्चा हो सकती है।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते में ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को मान्यता मिलनी चाहिए और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय परमाणु कार्यक्रम के तहत यूरेनियम संवर्धन के अधिकार पर ईरान के अडिग रुख को दोहराया। </p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि ईरान और अमेरिका 2015 में हुए समझौते से बेहतर परमाणु समझौता कर सकते हैं। उनके अनुसार, इस बार अत्यधिक बारिकियों में जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि बुनियादी बातों पर सहमति बनाकर यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहे और साथ ही अधिक प्रतिबंध हटाए जाएं। </p>
<p>अराघची ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो ईरान को आत्मरक्षा का अधिकार है। उन्होंने कहा, हमें क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमला करना पड़ेगा। इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार को कहा कि अमेरिका के साथ हालिया एजेंसीओं से उत्साहजनक संकेत मिले हैं, लेकिन ईरान किसी भी संभावित स्थिति के लिए तैयार है। </p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ईरान क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। हालिया (एजेंसी)ओं में व्यावहारिक प्रस्तावों का आदान-प्रदान हुआ और उत्साहजनक संकेत मिले, हालांकि हम अमेरिका की गतिविधियों पर करीबी नजर रख रहे हैं और हर संभावित स्थिति के लिए तैयारियां की गयी हैं।</p>
<p>अमेरिका का कहना है कि किसी भी समझौते में ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन पर प्रतिबंध, समृद्ध सामग्री को हटाना, लंबी दूरी की मिसाइलों पर सीमाएं और क्षेत्रीय सहयोगी समूहों को समर्थन में कटौती शामिल होनी चाहिए। विश्लेषकों का मानना है कि ये शर्तें ईरान के लिए स्वीकार करना बेहद कठिन होगा। </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 18:48:51 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान-अमेरिका वार्ता: ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का दावा, अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत बेहतर और रचनात्मक </title>
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                        <![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच जिनेवा में हुई दूसरे दौर की अप्रत्यक्ष वार्ता सकारात्मक रही। विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि मार्गदर्शक सिद्धांतों पर सहमति बन गई है और जल्द ही समझौते का मसौदा तैयार किया जाएगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-seyed-abbas-araghchi-claims-second-round-of/article-143683"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/trump-and-khamnoi.png" alt=""></a><br /><p>काहिरा। अमेरिका के साथ हुई दूसरे दौर की अप्रत्यक्ष बातचीत के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि यह बातचीत ओमान की राजधानी मस्कट में हुई पहले दौर की बातचीत से बेहतर और ज्यादा रचनात्मक थी। विदेश मंत्री अराघची ने मंगलवार को सरकारी प्रसारक इरिब के साथ विशेष बातचीत में कहा कि दिशा देने वाले सिद्धांतों पर दोनों पक्षों के बीच आम सहमति बन गयी है और जल्द ही एक संभावित समझौते का मसौदा तैयार करने की दिशा में बढ़ेंगे। </p>
<p>ओमान की मध्यस्थता में स्विट्जरलैंड की राजधानी जिनेवा में ओमानी दूतावास में हुई इस बैठक के बाद उन्होंने कहा कि एक बार मसौदा तैयार होने पर दोनों पक्ष तीसरे दौर की बातचीत के लिए तारीख निर्धारित करेंगे। इसके आगे विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच की खाई पाटने में समय लगेगा। </p>
<p>विदेश मंत्री अराघची ने बैठक के बाद संयुक्त राष्ट्र के एक निरस्त्रीकरण सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बातचीत से एक टिकाऊ समाधान के लिए एक नया रास्ता खुल गया है जो ईरान के अधिकारों का सम्मान करते हुए पूरे क्षेत्र और सभी पक्षों के हितों की रक्षा करेगे। </p>
<p>बैठक की मध्यस्थता करने वाले ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हम्माद बिन हमूद अलबुसैदी ने कहा कि बातचीत रचनात्मक थी और दोनों पक्षों ने तकनीकी मुद्दों एवं सामान्य उद्देश्य पहचानने में अच्छी प्रगति की है। साथ ही अंतिम समझौते के मार्गदर्शक सिद्धांतों को शक्ल देने के लिए महत्वपूर्ण कोशिशें की गयीं। </p>
<p>इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैन्स ने मीडिया को बताया कि मंगलवार की बातचीत के कुछ पहलू सकारात्मक थे, लेकिन ईरान ने अभी तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कुछ बातों को नहीं माना है, और इनसे पीछे नहीं हटा जा सकता। उन्होंने कहा कि सब कुछ अभी भी टेबल पर है। </p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप अपने पहले कार्यकाल में ईरान के साथ हुए पहले के परमाणु समझौते से हट गए थे। लेकिन दूसरे कार्यकाल में उन्होंने ईरान पर अधिकतम दबाव बनाया है और बार-बार चेतावनी दी है कि वह ईरान की परमाणु कार्रवाई रोकने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल कर सकते हैं। ईरान ने भी इसके जवाब में कहा है कि वह किसी भी हमले का उसी तरह जवाब देगा।</p>
<p>इससे पहले जैसे ही जिनेवा में मिले, तो ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स ने होर्मुज की खाड़ी में स्मार्ट कंट्रोल ऑफ़ द स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज नाम का एक अभ्यास शुरू कर दिया था। इस अभ्यास ने जरूरी शिपिंग लेन के कुछ हिस्सों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया। इसमें तटीय एवं द्वीपीय बिन्दुओं से मिसाइल लॉन्च, त्वरित हमलों और समुद्री लक्ष्यों पर हमलों की नकल करने वाली ड्रोन इकाइयां शामिल थीं। </p>
<p>आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार आउटलेट सेपा न्यूज ने कहा कि इस अभ्यास का मकसद नौसेना की तैयारी का परीक्षण करना और समुद्र में सुरक्षा और जवाबी हमले की योजना का अभ्यास करना था। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन को पश्चिमी एशिया में तैनात किया जा रहा है, जो तीन हफ्ते से इस इलाके में हैं। </p>
<p>ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मंगलवार को कहा कि ईरान अपनी शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक नहीं छोड़ेगा, लेकिन यह साबित करने के लिए किसी भी तरह के सत्यापन के लिए तैयार है कि उसका कार्यक्रम हथियार बनाने के मकसद से नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका और तरराष्ट्रीय समुदाय उन अफवाहों को खारिज कर देगा जिनमें यह दावा किया जाता है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p>सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने ट्रंप की सैन्य हमलों की हालिया धमकियों का जवाब देते हुए कहा कि पूर्व के अमेरिकी राष्ट्रपतियों की तरह ट्रंप भी ईरान के इस्लामिक गणराज्य को हराने में नाकाम रहेंगे। </p>]]>
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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 15:57:27 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका-ईरान बातचीत: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का दावा, अमेरिका के साथ बातचीत प्रगति पर, इन मुद्दों पर हो रही चर्चा</title>
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                        <![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता को प्रगति पर बताया। विदेश मंत्री अराघची ने शांतिपूर्ण संवाद पर जोर देते हुए दबाव की भाषा खारिज की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-talks-iranian-president-masoud-pezeshkian-claims-talks-with-us/article-142420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(6)7.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने रविवार को अपने देश और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई परमाणु (एजेंसी) को प्रगति पर कहा। उन्होंने ये टिप्पणियां एक्स पर एक पोस्ट में कीं जिसमें उन्होंने शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई अप्रत्यक्ष (एजेंसी) पर प्रकाश डाला।</p>
<p>पेजेशकियान ने कहा कि ये चर्चाएं पश्चिम एशिया क्षेत्र में मित्रवत सरकारों द्वारा किए गए अनुवर्ती प्रयासों के परिणामस्वरूप हुईं, और इस बात पर बल दिया कि ईरान की हमेशा से ही संवाद द्वारा मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की चुनी हुई रणनीति रही है। इसी बीच, तेहरान में एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, जिन्होंने शुक्रवार की (एजेंसी) में देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, ने कहा, कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमारे पास क्या होना चाहिए और क्या नहीं होना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने आश्वासन दिया कि ईरान का परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं है, साथ ही उन्होंने किसी भी प्रकार की दादागिरी को दृढ़ता से खारिज कर दिया। अराघची ने कहा, अगर वे ईरानी लोगों से बल प्रयोग की भाषा में बात करेंगे तो हम भी उन्हें उसी भाषा में जवाब देंगे। हालांकि, अगर वे हमसे सम्मान की भाषा में बात करेंगे तो उन्हें भी उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।</p>
<p>शुक्रवार को हुई अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्रीय तनाव बढऩे के बीच हुई, जिसमें मध्य पूर्व में हाल ही में अमेरिका द्वारा सैन्य जमावड़ा और ईरान द्वारा तैयारियों में तेजी शामिल हैं। समाप्त होने के बाद, अराघची ने कहा, कुल मिलाकर, मैं कह सकता हूं कि यह एक अच्छी शुरुआत थी। हालांकि, प्रक्रिया की निरंतरता दोनों पक्षों की अपनी-अपनी राजधानियों में होने वाली बातचीत और इसे आगे बढ़ाने के बारे में उनके निर्णयों पर निर्भर करती है।</p>]]>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 13:03:31 +0530</pubDate>
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