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                <title>judge - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>judge RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हंगामे के बीच जज यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश : लोकसभा में दिनभर नारेबाजी, कार्यवाही दो बार स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[एक बार स्थगन के बाद बारह बजे सदन की कार्यवाही शुरु होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 124(4) के तहत जज के पद से हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/amid-the-uproar-the-impeachment-motion-against-judge-yashwant-verma/article-123354"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(14).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को वापस लेने और चुनावों में मतों की चोरी करने के आरोप लगाते हुए लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दी गई।</p>
<p>एक बार स्थगन के बाद बारह बजे सदन की कार्यवाही शुरु होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 124(4) के तहत जज के पद से हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया और 3 सदस्यों की समिति गठित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद न्यायाधीश यशवंत वर्मा को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने हंगामे के बीच जरूरी कागजात सभा पटल पर रखवाए। उन्होंने सदस्यों से शून्य काल चलाने का आग्रह किया। पीठासीन अधिकारी के आग्रह के बावजूद हंगामा तेज हो गया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही 3 बजे तक स्थगित कर दी गई।</p>
<p>इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे बिरला के प्रश्न काल शुरू कराते ही विपक्षी दलों के सदस्य एसआईआर प्रक्रिया वापस लेने और मतों की चोरी के आरोप लगाते हुये हंगामा करने लगे। कई सदस्य तख्तियां लिए थे, जिन पर एसआईआर के विरोध और मतों के चोरी को लेकर नारे लिखे हुए थे। कुछ सदस्य ऐसे ही नारे लिखी हुई टी-शर्ट भी पहने हुए थे। बड़ी संख्या में सदस्य सदन के बीचों बीच भी आकर शोरगुल और नारेबाजी कर रहे थे। बिरला ने शोरशराबे के बीच ही प्रश्न पूछने के लिए सदस्यों के नाम पुकारे और कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ने जवाब भी दिया, लेकिन शोरशराबे में कुछ सुनाई नहीं दिया। हंगामा बढ़ते देख बिरला ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Aug 2025 14:17:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जज ने सुनाया कोर्ट के बाहर सड़क पर ही फैसला : बुजुर्ग दंपति को मिली राहत, बहू द्वारा दहेज उत्पीड़न के लगाए गए थे झूठे आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना के एक मजिस्ट्रेट ने मानवीय मिशाल पेश करते हुए कोर्ट से बाहर निकलकर सड़क पर फैसला सुनाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-judge-narrated-the-decision-on-the-road-outside-the/article-112920"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news5.png" alt=""></a><br /><p>तेलंगाना। तेलंगाना के एक मजिस्ट्रेट ने मानवीय मिशाल पेश करते हुए कोर्ट से बाहर निकलकर सड़क पर फैसला सुनाया। ये मामला तेलंगाना स्थित निजामाबाद जिले के बोधन नगर का है। </p>
<p>फैसला सुनाकर जज ने बुजुर्ग दंपत्ती की मदद की है, जिसकी हर ओर से तारीफ की जा रही है। बुजुर्ग दंपति दहेज उत्पीड़न के झूठे आरोपों में फंसे हुए थे। फैसले में बहू द्वारा लगाए गए आरोप झूठे बताए है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 May 2025 18:43:00 +0530</pubDate>
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                <title>जज जमानत देकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते: चंद्रचूड़</title>
                                    <description><![CDATA[चंद्रचूड़ ‘तुलनात्मक समानता और भेदभाव-रोधी बर्कले केंद्र के 11वें वार्षिक सम्मेलन के दौरान अपने भाषण के अंत में एक सवाल का जवाब दे रहे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/judge-does-not-want-to-take-any-risk-by-granting/article-86144"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/cji-chandrachud-.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। चीफ  जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि निचली अदालतों में जमानत मिलने में दिक्कत आ रही है, खासकर गंभीर अपराधों के मामलों में। उन्होंने कहा कि कई बार जज शक होने पर भी रिस्क नहीं लेना चाहते और जमानत देने से बचते हैं।</p>
<p>चंद्रचूड़ ने जोर देकर कहा कि हर केस अलग होता है और जजों को अपनी समझ और विवेक का इस्तेमाल करके फैसला लेना चाहिए। जिन लोगों को निचली अदालतों से जमानत मिलनी चाहिए, उन्हें वहां जमानत नहीं मिल रही है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें हमेशा उच्च न्यायालयों का रुख करना पड़ता है। चंद्रचूड़ ‘तुलनात्मक समानता और भेदभाव-रोधी बर्कले केंद्र के 11वें वार्षिक सम्मेलन के दौरान अपने भाषण के अंत में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। यह सवालए मनमाने ढंग से की गई गिरफ्तारियों के बारे में पूछा गया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 09:35:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>'India's Best Dancer - Season 4' में जज के रूप में फिर नजर आयेगे Terence Lewis</title>
                                    <description><![CDATA['इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 4' का प्रीमियर 13 जुलाई 2024 को होगा और यह हर शनिवार और रविवार को रात 8 बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न पर प्रसारित होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/terence-lewis-will-be-seen-again-as-a-judge-in/article-82926"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/terence-lewis.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। जानेमाने डांसर और कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न के शो 'इंडियाज़ बेस्ट डांसर - सीज़न 4' में जज के रूप में फिर नजर आयेगे।</p>
<p>सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न पर 'इंडियाज़ बेस्ट डांसर' ने रियलिटी शो में डांस के नए मानक स्थापित किए हैं, जिससे इस भव्य मंच पर परफॉर्म करने के लिए असाधारण कलाकारों के व्यापक समूह को प्रेरणा मिली है। यह शो अपने हालिया प्रोमो से आग्रह करता है कि ''जब दिल करे डांस कर'', और इसमें डांस की ताकत, इससे पैदा होने वाली भावनाओं और इससे कम होने वाले तनाव को खूबसूरती से दर्शाया गया है।</p>
<p>टेरेंस लुईस एक बार फिर गीता कपूर और इस सीज़न की नई जज करिश्मा कपूर के साथ शो में जज की भूमिका निभाएंगे। जजिंग पैनल में वापस आने से उत्साहित टेरेंस लुईस ने कहा, मैं इंडियाज़ बेस्ट डांसर के चौथे सीज़न में वापसी करने को लेकर रोमांचित हूं। हर सीज़न में, इस मंच पर हम जैसी प्रतिभाएं देखते हैं, वह इस मंच के स्तर को ऊपर उठाती हैं। हमारे प्रतियोगी इस साल मंच पर जैसे लाजवाब डांसिंग स्टाइल और विशिष्टता लेकर आएंगे, मैं उसे देखने और उन्हें बेहतर बनाने के लिए उत्साहित हूं। डांस अभिव्यक्ति का एक दमदार रूप है, और मैं अपने परफॉर्मर के जुनून और तकनीक से पुन: हैरान होने के लिए उत्सुक हूं।</p>
<p>'इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 4' का प्रीमियर 13 जुलाई 2024 को होगा और यह हर शनिवार और रविवार को रात 8 बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न पर प्रसारित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 14:59:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>India's Best Dancer 4 की जज बनेंगी करिश्मा कपूर!</title>
                                    <description><![CDATA[यदि सबकुछ सही रहा तो करिश्मा कपूर को बाकी अन्य दो जज गीता कपूर और टेरेंस लुईस के साथ इंडियाज बेस्ट डांसर 4 को जज करते देखा जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/karisma-kapoor-will-become-the-judge-of-indias-best-dancer/article-81749"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/karishma.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर, इंडियाज बेस्ट डांसर 4 की जज के तौर पर नजर आ सकती हैं।</p>
<p>बॉलीवुड में चर्चा है कि करिश्मा कपूर इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 4 को जज करती नजर आएंगी। इससे पहले इस मंच पर सोनाली बेंद्रे जज के तौर पर दिखाई दे रही थी। वहीं शो के पहले और दूसरे सीजन में मलाइका अरोड़ा जज के तौर पर नजर आयी थी।</p>
<p>मेकर्स करिश्मा कपूर से बातचीत कर रहे हैं हो सकता है उन्हें इसके लिए फाइनल कर लिया जाए। यदि सबकुछ सही रहा तो करिश्मा कपूर को बाकी अन्य दो जज गीता कपूर और टेरेंस लुईस के साथ इंडियाज बेस्ट डांसर 4 को जज करते देखा जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Jun 2024 16:54:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संप्रेषण गृह का न्यायाधीश ने किया अवलोकन</title>
                                    <description><![CDATA[संप्रेषण गृह के अधिकारियों को संप्रेषण गृह की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए जाने के निर्देश दिए ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-judge-inspected-the-communication-house/article-50034"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/whatsapp-image-2023-06-26-at-14.15.59.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोटा के सचिव प्रवीण कुमार वर्मा  एवं  अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रम-4 स्वाति शर्मा ने राजकीय सम्प्रेषण गृह का राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निदेर्शानुसार निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राजकीय सम्प्रेषण गृह, सुरक्षित गृह एवं विशेष गृह में निरूद्ध विधि से संघर्षरत् किशोरों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं जिनमें भोजन व्यवस्था, विधिक सहायता एवं परामर्श, चिकित्सा व मेडिकल सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता इत्यादि की जानकारी ली । निरीक्षण के वक्त गृह के बालकों को दोपहर का भोजन दिया जा रहा था। उन्होंने रसोई घर का निरीक्षण व बच्चों को दिए जा रहे भोजन की भी जांच की। इस दौरान उन्होंने संप्रेषण गृह के अधिकारियों को संप्रेषण गृह की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए जाने के निर्देश दिए । 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर  गृह के किशोरों व बालकों  को हर प्रकार के नशे से दूर रहने व नशे से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में भी बताया। बालको के विधिक अधिकारों, नि:शुल्क विधिक सहायता, किशोर न्याय अधिनियम आदि विधियों की जानकारी प्रदान की। निरीक्षण के समय गृह में कुल 57 बालक निवासरत पाए गए। जिनमें से 2 बालक विशेष गृह, 17 बालक सुरक्षित गृह में एवं 38 बालक सम्प्रेषण गृह में निरूद्ध है।  अपर जिला न्यायाधीश स्वाति शर्मा व सचिव प्रवीण कुमार वर्मा द्वारा पौधे लगाए तथा पर्यावरण को बचाने व अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान 25 पौधे लगाए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jun 2023 15:04:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>न्यायाधीश के घर पेशी के दौरान हंसता रहा हिस्ट्रीशीटर चिश्ती, थम्स अप का भी इशारा किया</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा की गर्दन काटने वाले व्यक्ति को अपनी सम्पत्ति गिफ्ट में देने के विवादित बयान का वीडियो वायरल करने वाले आरोपी हिस्ट्रीशीटर खादिम सलमान चिश्ती के तेवर बता रहे हैं कि उसे पुलिस कार्यवाही से कोई फर्क नहीं पड़ा है। उसके इस अन्दाज का वीडियो भी सोशल मीडिया और टीवी चैनल पर वायरल हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/history-sheeter-chishti-kept-laughing-during-the-appearance-of-the-judge--also-hinted-at-thums-up/article-13846"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/q-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> अजमेर। भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा की गर्दन काटने वाले व्यक्ति को अपनी सम्पत्ति गिफ्ट में देने के विवादित बयान का वीडियो वायरल करने वाले आरोपी हिस्ट्रीशीटर खादिम सलमान चिश्ती के तेवर बता रहे हैं कि उसे पुलिस कार्यवाही से कोई फर्क नहीं पड़ा है। उसके इस अन्दाज का वीडियो भी सोशल मीडिया और टीवी चैनल पर वायरल हो रहा है।  </p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, आरोपी सलमान चिश्ती को जब दरगाह थाना पुलिस बुधवार को पुख्ता सुरक्षा घेरे में लेकर न्यायाधीश के सरकारी आवास पर पेश करने पहुंची तो उस दौरान सलमान के चेहरे पर जरा भी अफसोस नहीं था। इतना ही नहीं उसने मीडिया के सामने हंसते हुए वीडियो बनवाया व फोटोग्राफ खिंचवाए। आरोपी ने हद उस वक्त कर दी, जब उसने हथियारबन्द पुलिसकर्मियों के बीच पुलिस गाड़ी में बैठे हुए भी लोगों को दोनों हाथों से थम्स अप का इशारा किया। मानो वह कह रहा हो कि उसके जोश व इरादों को पुलिस जरा भी कमजोर नहीं कर सकती। वह अभी पुलिस अभिरक्षा में भी स्वस्थ है। इससे साफ है कि उसके इरादे नापाक हैं। वह खुद भी आपराधिक प्रवृति का तो है ही दूसरे लोगों को भी अपराध करने के लिए खुलेआम उकसा रहा है। ऐसे में आरोपी का वीडियो देखने वालों का कहना है कि पुलिस को उससे अब सख्ती से पेश आना चाहिए। जिससे इस तरह की हरकत वह भविष्य में ना करे और लोगों को भी पुलिस कार्यवाही का भय रहे।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 12:44:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाग्यश्री करेंगी डांस रिएलिटी शो डीआईडी सुपर मॉम्स को जज  </title>
                                    <description><![CDATA[ बॉलीवुड अभिनेत्री भाग्यश्री डांस रिएलिटी शो'डीआईडी सुपर मॉम्स को जज करती नजर आयेंगी। भाग्यश्री इस साल जीटीवी के लोकप्रिय डांस रिएलिटी शो'डीआईडी सुपर मॉम्स को जज करने वाली हैं। कहा जा रहा है कि भायश्री के साथ उर्मिला मतोडकर और कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा भी डांस रिएलिटी शो को जज करते हुए दिखाई देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/bhagyashree-to-judge-dance-reality-show-did-super-moms/article-11306"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bhagyashree.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p>मुंबई।  बॉलीवुड अभिनेत्री भाग्यश्री डांस रिएलिटी शो'डीआईडी सुपर मॉम्स को जज करती नजर आयेंगी। भाग्यश्री इस साल जीटीवी के लोकप्रिय डांस रिएलिटी शो'डीआईडी सुपर मॉम्स को जज करने वाली हैं। कहा जा रहा है कि भायश्री के साथ उर्मिला मतोडकर और कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा भी डांस रिएलिटी शो को जज करते हुए दिखाई देंगे।<br /><br />भाग्यश्री को मैं बेसब्री से इंतजार</p>
<p>भाग्यश्री ने शो को जज करने को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर करते हुए कहा, ''मैं इसका बेसब्री से इंतजार कर रही हूं। मैं खुद एक सुपर मॉम हूं, तो मैं इसे जज करना बिलकुल भी नहीं कहूंगी।यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो लोगों को आगे बढ़कर अपने सपनो को पूरा करने का मौका देता है और साथ ही उन्हें ये चांस देता है कि वह अपने लिए एक रास्ता चुन सकें। बताया जा रहा है कि इस डांस रिएलिटी शो की शूटिंग जुलाई में शुरू हो सकती है। यह'डीआईडी सुपरमॉम्स का तीसरा सीजन है। कहा जा रहा है कि जय भानुशाली इस शो की होस्टिंग की कमान संभालेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jun 2022 15:02:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>23,665 मुकदमों का बोझ है हाईकोर्ट के हर न्यायाधीश पर</title>
                                    <description><![CDATA[स्वीकृत 50 न्यायाधीशों में से 25 जज की मौजूद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--burden-of-23-665-cases-is-on-every-judge-of-the-high-court/article-9123"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/hammer-1707735__340.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश की न्यायपालिका के लंबित मुकदमों की संख्या घटाने के प्रयासों के बावजूद हाईकोर्ट में लंबित मुकदमों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। फिलहाल वर्तमान में हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जोधपुर और जयपुर पीठ में कुल पांच लाख 91 हजार 647 मुकदमे लंबित चल रहे हैं। वहीं हाईकोर्ट में एक न्यायाधीश के बीते सोमवार को सेवानिवृत्त होने के बाद अब जजों की संख्या घटकर 25 ही रह गई है। यानि हाईकोर्ट के हर जज पर 23 हजार 665 मुकदमे निस्तारण करने का बोझ है।<br /><br /><strong>आज तक नहीं भरे स्वीकृत पद</strong><br />हाईकोर्ट में वैसे तो जजों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या पचास है, लेकिन आज तक प्रदेश की इस सर्वोच्च अदालत के पूरे स्वीकृत पद कभी भरे ही नहीं गए हैं। वर्तमान में आधे पद खाली चल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि मुख्य न्यायाधीश का पद भी सीजे अकील कुरैशी के गत माह सेवानिवृत्त होने के बाद खाली पड़ा है। हालांकि व्यवस्था सुचारू रखने के लिए वरिष्ठतम जज एमएम श्रीवास्तव को बतौर एक्टिंग सीजेए सीजे का कार्यभार दे रखा है।<br /><br /><strong>759 मुकदमों को तीस साल से न्याय का इंतजार</strong><br />राजस्थान हाईकोर्ट में 759 मुकदमे ऐसे हैं, जो बीते तीस साल से भी अधिक अवधि से लंबित चले आ रहे हैं। इनमें 199 सिविल और शेष 560 केस आपराधिक प्रकृति के हैं।<br /><br />हाईकोर्ट खुद जता चुका है चिंता<br />लंबित मुकदमों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट भी कई बार चिंता जता चुका है। हाल ही में हाईकोर्ट के समक्ष 13 साल पुराने नरेगा कार्य में आठ हजार रुपए के गबन के मामले में आरोपियों पर आरोप तय नहीं होने का मामला आया था। हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि केस की सुनवाई जल्दी नहीं होनाए संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों का हनन है।<br /><br />न्यायपालिका में जजों की संख्या काफी कम है। ऐसे में एक जज को रोजाना सैकडों मुकदमों की सुनवाई करन पडती है। अदालतों में अवकाश भी काफी अधिक रहते हैं। जिसके चलते मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हो रही है।-<strong> राजकुमार गुप्ता, अधिवक्ता, राजस्थान हाईकोर्ट</strong>।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 16:38:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाबालिग के साथ दुराचार मामले में 20 वर्ष का कठोर कारावास</title>
                                    <description><![CDATA[विभिन्न धाराओं में 75 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dholpur/special-court-pocso-act--dholpur-judge-madhusudan-rai-has-convicted-a-convict-for-physical-misconduct-with-a-9-year-old-minor-traveling-in-a-train-and-sentenced-him-to-20-years-of-rigorous-imprisonment/article-6997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/court-hammer-logo.jpg" alt=""></a><br /><p> धौलपुर। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट धौलपुर के न्यायाधीश मधुसूदन राय ने ट्रेन में सफर कर रही एक 9 वर्षीय नाबालिग के साथ शारीरिक दुराचार करने के मामले में एक मुल्जिम को दोषी करार देते हुए उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई हैं। साथ ही विभिन्न धाराओं में 75 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के लोक अभियोजक संतोष मिश्रा ने बताया कि मामला 2 अप्रैल 2015 का है। जब 9 वर्षीय पीड़िता अपनी बहिन और मां के साथ ट्रेन से सफर कर रही थी। </p>
<p><br />ट्रेन में धौलपुर के आस-पास  मौहम्मद दानिश बर्थ पर सो रही 9 वर्षीय नाबालिग के साथ दुराचार करने की कोशिश करने लगा। पीड़ित नाबालिग चिल्लाने लगी तो उसकी मां जाग गई और ट्रेन में सफर कर रहे अन्य यात्रियों ने मौहम्मद दानिश को पकड़ कर ट्रेन रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धौलपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 14:35:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पॉक्सो के तहत जयपुर जिले में पहली बार फांसी के आदेश : ‘इस दरिंदे को गर्दन में फांसी लगाकर तब तक लटकाओ जब तक इसकी मौत नहीं हो जाती’</title>
                                    <description><![CDATA[‘फूल जैसी बच्ची की मानसिक और शारीरिक स्थिति क्या रही होगी और वह दुष्कर्म के दौरान किस सीमा तक तड़पी होगी’]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6---%E2%80%98%E0%A4%87%E0%A4%B8-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%A4%E0%A4%AC-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%B2%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%93-%E0%A4%9C%E0%A4%AC-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80%E2%80%99/article-4345"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/31.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने नरेना थाना इलाके में 11 अगस्त 2021 को साढेÞ चार साल की मासूम के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या करने वाले अभियुक्त सुरेश कुमार बलाई को पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 और आईपीसी की धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर तीन लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>ट्रायल के दौरान चेहरे पर शिकन तक नहीं</strong></span></span><br />अदालत ने कहा कि अभियुक्त को पहली बार रिमांड पर भेजते समय से लेकर आज तक उसके चेहरे पर पश्चाताप के भाव नहीं है। उसे देखने से कभी नहीं लगा कि उसे अपने कृत्य पर लेश मात्र भी पछतावा हो। सजा के बिन्दु पर सुनवाई के दौरान भी अभियुक्त ने वकील के कहने पर माफी मांगी है, जिससे जाहिर है कि उसने अपनी इच्छा से माफी नहीं मांगी है। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>एफएसएल ने राख से निकाला डीएनए, <br />जो सजा में बना अहम सबूत</strong></span></span><br />दुष्कर्म प्रकरण में एफएसएल ने अहम साक्ष्य जुटाए थे। एफएसएल के निदेशक अजय कुमार शर्मा ने बताया कि 16 अगस्त 2021 को डीएनए परीक्षण के लिए सैम्पल लिए। तीन दिन में जांच के लिए गठित टीम ने रिपोर्ट दे दी। प्रकरण में मृतका के स्कर्ट, वेजाइनल स्वाब, स्मीयर एवं एनल स्वाब, स्मीयर पर पाए गए मानव वीर्य के डीएनए का मिलान मुल्जिम के डीएनए से पाया गया। इसके अलावा चड्डा व जले हुए कपड़ों की राख पर रक्त की मौजूदगी पाई गई, जिसका मिलान मृतका के डीएनए से पाया गया। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>एक पशु भी नहीं कर सकता ऐसा कृत्य</strong></span></span><br />पीठासीन अधिकारी संदीप कुमार शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि 25 वर्षीय अभियुक्त ने बच्ची के साथ इतनी बर्बरता की है, वह सामान्यत: किसी पशु द्वारा भी किए जाने की कल्पना नहीं की जा सकती। इतने छोटे बच्चे को कांटा चुभने पर ही कितनी पीड़ा होती है तो घटना के समय फूल जैसी बच्ची की मानसिक और शारीरिक स्थिति क्या रही होगी और वह दुष्कर्म के दौरान किस सीमा तक तड़पी होगी। अदालत ने कहा कि जिस बच्ची को सिर्फ खाने, पीने और सोने के अलावा कोई समझ नहीं थी, अभियुक्त ने उसके साथ ऐसा अपराध किया और साक्ष्य मिटाने के लिए उसे पानी की तलाई में फेंक कर हत्या कर दी। अभियुक्त ने अकल्पनीय वासना के वशीभूत होकर हैवानियत की हद पार कर न केवल उसके साथ दुष्कर्म किया बल्कि इस हद तक अप्राकृतिक कृत्य किया, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। <br /><br /><span style="background-color:#ff0000;"><span style="color:#000000;"><strong>क्या है मामला</strong></span></span><br />विशेष लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत और विजया पारीक ने बताया कि परिवादी ने गत 12 अगस्त की सुबह रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी साढे चार साल की बेटी बीती रात पड़ोस में गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। वहीं थोड़ी देर बाद पुलिस को सूचना मिली की एक बच्ची की लाश तलाई में तैर रही है। इस पर बच्ची के शव की शिनाख्त कराई तो वह लापता हुई बच्ची का ही निकला। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया कि हत्या पूर्व उसके साथ दुष्कर्म व अप्राकृतिक कृत्य भी किया गया था। इस पर पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर अनुसंधान किया और 13 अगस्त को अभियुक्त को गिरफ्तार कर 25 अगस्त को उसके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से 41 गवाहों के बयान दर्ज कराने के साथ ही 139 दस्तावेज भी अदालत में पेश किए गए। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>अब आगे क्या</strong></span></span><br />ट्रायल कोर्ट की ओर से अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाने के बाद सीधे फांसी नहीं दी जाती। अभियुक्त आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकता है, लेकिन यदि अभियुक्त अपील नहीं भी करे तो मामला फिर भी हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए भेजा जाता है। राज्य सरकार ट्रायल कोर्ट के फैसले की पुष्टि के लिए हाईकोर्ट में डेथ रेफरेंस पेश करती है। हाईकोर्ट डेथ रेफरेंस पर सभी पक्षों को सुनकर फैसला देता है। वहीं यदि अभियुक्त भी मामले में अपील करता है तो डेथ रेफरेंस और अपील पर एक साथ सुनवाई होती है। सुप्रीम कोर्ट में अपील और राष्टÑपति के पास दया याचिका भी पेश की जा सकती है। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>पानी से निकाला था शव</strong></span></span><br />प्रकरण में मृतका का शव पानी से बरामद हुआ था। यहां से राखनुमा जले एवं भीगे हुए कपड़ों के अवशेष को पानी से छानकर निकाला गया था। इनमें से एफएसएल टीम ने डीएनए निकाला। ये सबूत मुल्जिम को फांसी तक पहुंचाने में अहम साक्ष्य बने।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>आरोपी को पकड़ने के लिए लगे थे 700 पुलिसकर्मी</strong></span></span><br />दुष्कर्मी को पकड़ने के लिए 700 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने दिन-रात कड़ी मशक्कत कर गिरफ्तार किया था। डीजीपी एमएल लाठर ने बताया कि मासूम बच्चियों के बलात्कार करने के मामलों में पोक्सो के तहत पूर्व में चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। यह पांचवां आरोपी है। आरोपी सुरेश कुमार को पकड़ने के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। <br /><br />इस मामले में कोविड की मुश्किलों के बावजूद केस आॅफिसर स्कीम के तहत आठ कार्य दिवस में चालान पेश किया गया था। आज अभियुक्त को फांसी दी गई। मामले में एसपीपी नियुक्त किया गया था। हमारी सरकार के कार्यकाल में सात दोषियों को फांसी और 123 से अधिक को उम्रकैद दी गई है। पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित करना हमारा ध्यैय है।<br />-<strong>अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री (फैसला आने के बाद किया ट्विट) </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 11 Feb 2022 11:03:04 +0530</pubDate>
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                <title>PM मोदी सुरक्षा चूक मामला, SC के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में होगी जांच, कमेटी गठित</title>
                                    <description><![CDATA[पीठ ने केंद्र और राज्य सरकारों से कहा कि वे अपनी-अपनी जांच नहीं करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A5%82%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE--sc-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A5%80%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A--%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A4%A0%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-3925"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/sc_modi1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  उच्चतम न्यायालय (SC) ने सोमवार को कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के दौरान कथित सुरक्षा चूक मामले की जांच शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली एक कमेटी से कराई जाएगी। मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमना और न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने याचिकाकर्ता एनजीओ'लॉयर्स वॉइस', केंद्र सरकार और पंजाब सरकार की दलीलें सुनने के बाद यह जांच के लिए पैनल गठित करने का आदेश दिया।</p>
<p><br /> मुख्य न्यायाधीश रमना ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक पैनल से जांच कराने का आदेश देता हूँ। पीठ ने जांच पैनल में सदस्य के तौर पर चंडीगढ़ के डीजीपी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी के आईजी,  पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय रजिस्ट्रार जनरल और पंजाब एडीजीपी (सुरक्षा)  नियुक्त करने का संकेत दिया। पीठ ने यह भी कहा है कि वह पैनल से कम से कम समय में अपनी रिपोर्ट उसे सौंपने को कहेगी। पीठ ने केंद्र और राज्य सरकारों से कहा कि वे अपनी-अपनी जांच नहीं करें।<br /> <br /> राज्य सरकार ने इस मामले में 'स्वतंत्र जांच' गठित करने की गुहार पीठ के समक्ष  लगाई थी। पीठ ने सुनवाई के दौरान मोदी के 05 जनवरी के पंजाब दौरे के दौरान कथित सुरक्षा चूक के मामले में राज्य के आला पुलिस अधिकारियों को केंद्र सरकार की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी करने पर नाराजगी व्यक्त की। मुख्य न्यायाधीश  रमना ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, ''अगर आप राज्य के अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करना चाहते हैं तो इस अदालत को क्या करना बाकी है?''<br /> <br /> मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने दिल्ली के एक एनजीओ की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान शुक्रवार को केंद्र और राज्य सरकारों को सोमवार 10 जनवरी तक अपनी ओर से किसी प्रकार की जांच नहीं करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके केंद्र सरकार की ओर से राज्य के आला पुलिस अधिकारियों को कथित सुरक्षा चूक पर कारण बताओ नोटिस जारी कर किये गये थे।<br /> <br /> शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को प्रधानमंत्री की गत 05 जनवरी को भङ्क्षठडा की एक दिवसीय यात्रा से संबंधित सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के आदेश दिए थे। इसके साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को साक्ष्य जुटाने में रजिस्ट्रार जनरल की मदद करने के निर्देश दिए थे। शीर्ष अदालत के समक्ष आज की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से राज्य के एडवोकेट जनरल डी.एस. पटवालिया ने केंद्र सरकार की नोटिस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।<br /> <br /> केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल श्री मेहता ने पीठ के समक्ष कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा चूक पंजाब सरकार के 'खुफिया तंत्र' की विफलता का नतीजा है। इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। न्यायाधीश रमना ने सुनवाई के दौरान कहा,''हमें कल रात 10 बजे अनुपालन रिपोर्ट प्राप्त हुई।''<br /> <br />  याचिकाकर्ता दिल्ली के एनजीओ की ओर से वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह पंजाब के भटिंडा में बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी के दौरान सुरक्षा  चूक से जुड़े मामले को अत्यावश्यक  बताते शीघ्र सुनवाई की गुहार लगाई थी। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को करने के लिए सहमत हुई थी। याचिका में भविष्य में प्रधानमंत्री की 'सुरक्षा चूक' की पुनरावृत्ति से बचने के लिए पूरे प्रकरण की 'कुशल और पेशेवर' जांच की मांग की गई है। याचिका में शीर्ष अदालत से भटिंडा के जिला न्यायाधीश  को सुरक्षा उल्लंघन से संबंधित पूरे रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेने का निर्देश देने की गुहार लगाई थी।<br /> <br /> गौरतलब है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दिन प्रदर्शनकारियों द्वारा नाकेबंदी किए जाने के कारण बुधवार को मोदी का काफिला पंजाब के एक फ्लाईओवर पर फंसा गया था।  इस घटना ने मोदी को अपनी रैली और राज्य में अपने पूर्व निर्धारित  कार्यक्रमों को रद्द करना पड़ा था।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 10 Jan 2022 16:11:59 +0530</pubDate>
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