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                <title>Vienna - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Vienna RSS Feed</description>
                
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                <title>एनपीटी समीक्षा बैठक में पश्चिमी एशिया को परमाणु हथियार मुक्त क्षेत्र बनाने के पुराने वादे को प्राथमिकता मिलेः ईरान</title>
                                    <description><![CDATA[वियना में ईरानी मिशन ने मांग की है कि आगामी एनपीटी समीक्षा सम्मेलन में पश्चिमी एशिया को परमाणु मुक्त बनाने के वादों को प्राथमिकता दी जाए। ईरान ने चेतावनी दी कि इजरायल को संधि के दायरे में लाने में 30 साल की देरी ने एनपीटी की विश्वसनीयता को कम किया है। कार्रवाई न होने पर सम्मेलन विफल हो सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-old-promise-of-making-western-asia-a-nuclear-weapon/article-151230"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran5.png" alt=""></a><br /><p>वियना। संयुक्त राष्ट्र के लिए ईरानी मिशन ने मंगलवार को वियना में कहा कि 2026 में होने वाले परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) समीक्षा सम्मेलन में पश्चिमी एशिया को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने के पुराने वादों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। एनपीटी के 191 हस्ताक्षरकर्ता देशों में से अधिकांश के प्रतिनिधि 27 अप्रैल से 22 मई तक अमेरिका के न्यूयॉर्क में बैठक के लिए एकत्र होंगे। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य परमाणु हथियारों के फैलाव को रोकना और परमाणु ऊर्जा के सुरक्षित इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।</p>
<p>ईरानी मिशन ने सोशल मीडिया पर कहा कि 1995 में पश्चिमी एशिया को लेकर जो प्रस्ताव पास हुआ था, उसे अब पूरी तरह लागू करने का समय आ गया है। इस प्रस्ताव का मकसद इस पूरे क्षेत्र को परमाणु और सामूहिक विनाश के हथियारों से मुक्त करना था। ईरान का कहना है कि इसी वादे पर इस संधि को आगे बढ़ाया गया था, इसलिए जब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं होता, यह प्रस्ताव प्रभावी रहना चाहिए। बयान में 2000 के एनपीटी समीक्षा सम्मेलन के परिणामों का भी उल्लेख किया गया, जिसमें इजरायल से संधि में शामिल होने और अपने सभी परमाणु केंद्रों को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के सुरक्षा घेरे में रखने का आग्रह किया गया था।</p>
<p>ईरान ने कहा कि पश्चिमी एशिया पर एनपीटी प्रतिबद्धताओं को लागू करने में '30 से अधिक वर्षों की अनुचित देरी' ने संधि की विश्वसनीयता को कम किया है और इसकी समीक्षा प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं। मिशन ने चेतावनी देते हुए कहा, "यह अनुचित देरी रुकनी चाहिए।" मिशन ने यह भी कहा कि कार्रवाई करने में विफलता आगामी समीक्षा सम्मेलन को एक 'विफल सम्मेलन' बना देगी।<br />उल्लेखनीय है कि इजरायल परमाणु अस्पष्टता की नीति बनाए रखता है, न तो वह परमाणु हथियार होने की पुष्टि करता है और न ही इससे इनकार करता है। वह एनपीटी का सदस्य भी नहीं है।</p>
<p>हर पांच साल में आयोजित होने वाला एनपीटी समीक्षा सम्मेलन, परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग और निशस्त्रीकरण को बढ़ावा देने वाली संधि के कार्यान्वयन का आकलन करने के लिए सदस्य देशों को एक साथ लाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:25:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दिमित्री पोलियांस्की का दावा: यूक्रेन के लिए रूस ओएससीई विशेष निगरानी मिशन प्रारूप को फिर से शुरू करने के पक्ष में नहीं, सैन्य कार्रवाई बंद होने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[ओएससीई में रूस के प्रतिनिधि दिमित्री पोलियांस्की ने कहा कि यूक्रेन पर एसएमएम प्रारूप दोबारा शुरू करने में मॉस्को की कोई रुचि नहीं है, वियना साक्षात्कार में यह स्पष्ट किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/dmitry-polyansky-claims-russia-is-not-in-favor-of-resuming/article-142604"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>वियना। रूस की यूक्रेन के लिए यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (ओएससीई) के विशेष निगरानी मिशन (एसएमएम) के प्रारूप को फिर से शुरू करने में दिलचस्पी नहीं है। </p>
<p>यह बात ओएससीई में रूस के नये स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पोलियांस्की ने स्पूतनिक को दिए एक साक्षात्कार में कही। उन्होंने कहा कि वियना पहुंचने पर वह पहले ही दूसरे प्रतिनिधिमंडल के प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें कर चुके हैं। कई साथी बातचीत को मना नहीं कर रहे हैं लेकिन, बिना किसी वजह के वे कहते हैं कि पहले सैन्य कार्रवाई बंद होनी चाहिए और उसके बाद ही ओएससीई अवलोकन, निगरानी, विघटन (संघर्षरत पक्षों को अलग करना) और सत्यापन में अपनी क्षमता का एहसास कर पाएगा।</p>
<p>इसके आगे दिमित्री पोलियांसकी ने कहा, असल में एसएमएम  जो कुछ भी कर रहा था। जैसा मैं समझता हूँ, उस मिशन के कुछ बचे हुए हिस्से कहीं न कहीं वह अवशेष हैं, और लोग शायद यह नहीं भूले हैं कि वह कैसा था। जाहिर है, कई लोग इस संसाधन को संगठन के योगदान के तौर पर देखते हैं। हमें एसएमएम के प्रारूप को दोहराने की जरूरत नहीं है। असली समझौते और बातचीत अभी दूसरे प्रारूप में हो रही हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि, पोलियांस्की को 29 दिसंबर, 2025 को रूसी राष्ट्रपति के आदेश से वियना में ओएससीई में रूस का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया था। उन्होंने अलेक्जेंडर लुकाशेविच की जगह ली और 2026 की शुरुआत में अपना काम संभाला। इससे पहले पोलियांस्की न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में में रूस के उप स्थायी प्रतिनिधि के तौर पर काम कर चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 15:38:26 +0530</pubDate>
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