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                <title>martyred - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कांकेर में हादसा : बारुदी सुरंग हटाने के दौरान विस्फोट, 4 जवान शहीद; सीमा पर सुरंगों का पता लगाने गए थे</title>
                                    <description><![CDATA[नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बारूदी सुरंग निष्क्रिय करते समय बड़ा हादसा हुआ। छोटेबेया थाना क्षेत्र में आईईडी विस्फोट से जिला रिजर्व गार्ड के चार जवान शहीद हो गए। निरीक्षक सुखराम वट्टी सहित तीन जवानों ने मौके पर दम तोड़ा, जबकि एक घायल जवान ने रास्ते में दम तोड़ दिया। ऑपरेशन के दौरान यह घटना हुई।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kanker-accident-4-soldiers-martyred-in-blast-while-removing-landmine/article-152503"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/6622-copy17.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शनिवार को बारुदी सुरंग हटाने के दौरान विस्फोट होने से जिला रिजर्व गार्ड के तीन जवान शहीद हो गए, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।<span>  </span>पुलिस के अनुसार, सुरक्षा बल के जवानों को थाना छोटेबेया क्षेत्र में कांकेर-नारायणपुर सीमा पर बारुदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए भेजा गया था। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आईईडी को निष्क्रिय करते समय अचानक विस्फोट होने से चार जवान इसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। निरीक्षक सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढपाले ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को गंभीर अवस्था में उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर ले जाया जा रहा था। उन्होंने भी ले जाते समय दम तोड़ दिया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 11:36:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>हेलीकॉप्टर क्रैश: गुजरात का पायलट राकेश शहीद, 40 दिन बाद अरब सागर में मिला लापता शव</title>
                                    <description><![CDATA[हेलीकॉप्टर गुजरात में भारी बारिश के बीच राहत कार्यों के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/helicopter-crash-gujarat-pilot-rakesh-shaheed-missing-body-found-in/article-92976"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(4)11.png" alt=""></a><br /><p>धर्मशाला। गुजरात के पोरबंदर में देश सेवा के दौरान शहीद हुए हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के पायलट राकेश कुमार राणा का शव 40 दिन बाद बरामद हो गया है। राकेश (38) अरब सागर में देश सेवा के दौरान लापता हो गए थे।</p>
<p>राकेश राणा, कांगड़ा के चढियार क्षेत्र के बरवाल खड्ड गांव के निवासी थे। उनका हेलीकॉप्टर गत दो सितंबर को गुजरात में भारी बारिश के बीच राहत कार्यों के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे के समय हेलीकॉप्टर में चार लोग सवार थे। भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना ने तत्परता से सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसके तहत क्रू मेंबर के एक सदस्य को बचा लिया गया था, जबकि दो अन्य, कमांडर विपिन बाबू और सीनियर सेलर करण सिंह के शव दुर्घटना के बाद बरामद कर लिए गए थे।</p>
<p>राकेश राणा की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया। चालीस दिनों की अथक खोज के बाद, उनका शव पोरबंदर से लगभग 55 किलोमीटर दूर अरब सागर में मिला। राकेश राणा के इस आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। गुजरात में उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 13 Oct 2024 18:27:22 +0530</pubDate>
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                <title>कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ में सेना का कैप्टन शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[मुठभेड़ स्थल पर खून के धब्बे मिले हैं और डोडा जिले के अस्सार बेल्ट में नदी वाले इलाके के पास से तीन बैग भी जब्त किए गए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/army-captain-martyred-in-the-encounter-with-terrorists-in-kashmir/article-87764"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>जम्मू। कश्मीर के डोडा जिले के जंगलों में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच चल रही मुठभेड़ में सेना के एक कैप्टन शहीद हो गए। सेना के व्हाइट नाइट कोर ने इस घटना की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया में कहा कि व्हाइट नाइट कोर के सभी रैंक के जवान बहादुर कैप्टन दीपक सिंह के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करते हैं। व्हाइट नाइट कोर ने कहा कि इस दुख की घड़ी में व्हाइट नाइट कोर गहरी संवेदना व्यक्त करता है और शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है। इससे पहले सुबह सुरक्षा बलों ने जिले के जंगलों में आतंकवादियों के साथ चल रही मुठभेड़ वाले स्थल से एक एम4 राइफल और युद्ध जैसी अन्य सामग्रियां बरामद की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एक एम4 राइफल बरामद की गई है। साथ ही मुठभेड़ स्थल पर खून के धब्बे मिले हैं और डोडा जिले के अस्सार बेल्ट में नदी वाले इलाके के पास से तीन बैग भी जब्त किए गए हैं। </p>
<p>डोडा जिले के अस्सार इलाके में बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर, भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा पटनीटॉप के पास अकर जंगल में  संयुक्त अभियान शुरू किया था। ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही है कि एक आतंकवादी अभियान के दौरान घायल हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 16:33:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>J&amp;K में शहीद झुंझुनूं के दोनों लाड़लों की देह पंचतत्व में विलीन</title>
                                    <description><![CDATA[अंतिम संस्कार से पूर्व दोनों के पैतृक गांवों तक निकाली तिरंगा यात्रा, पार्थिव देह पर पूरे रास्ते पुष्पवर्षा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/in-jk-the-bodies-of-two-martyrs-of-jhunjhunu-merged/article-85027"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer8.png" alt=""></a><br /><p>झुंझुनूं। जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले में 15 जुलाई को शहीद हुए झुंझुनूं जिले के सिंघाना क्षेत्र के खूबा की ढाणी डूमोली कलां निवासी बिजेन्द्र सिंह की पार्थिव देह सैन्य सम्मान के साथ पैतृक गांवों में पंचतत्व में विलिन हो गई। इससे पूर्व शहीद बिजेन्द्र सिंह की अर्थी पर सेना के जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर  गार्ड ऑफ ऑनर दिया। दादा की गोद में बैठे दो मासूम बेटों ने शहीद पिता को मुखाग्नि दी।</p>
<p>उनकी अंतिम यात्रा में प्रशासनिक अधिकारी और मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म सहित बड़ी भारी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। शहीद बिजेंद्र की पार्थिव देह तिरंगा यात्रा के साथ उनके पैतृक गांव डुमोली कलां खुबा की ढाणी पहुंचने पर संख्या में लोग श्रद्धांजलि और अंतिम विदाई देने पहुंचे। बिजेंद्र की पार्थिव देह अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पर रखी गई, उन्हेंं श्रद्धाजलि देने लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।</p>
<p><strong>शहीद के पिता को सौंपा तिरंगा झंडा</strong><br />अन्त्येष्टि से पूर्व सेना के जवानों ने शहीद बिजेंद्र के पिता रामजीलाल दौराता को तिरंगा सौंपा। शहीद बिजेंद्र सिंह के अंतिम दर्शन के बाद परिवार के लोगों ने पार्थिव देह की परिक्रमा की। मां धोलीदेवी और वीरांगना अंकिता का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी अंकिता और मां दोनों ही शहीद के पार्थिव देह से लिपटना चाह रही थी। मां बेटे की देह को छोड़ने को तैयार नहीं थी, मुश्किल से परिक्रमा करवाने के बाद दोनों को घर के अंदर ले जाया गया। शहीद के बच्चे चार वषींय विहान और एक वर्षीय किहान को पता ही नहीं कि अब उनके पिता नहीं रहे। पिता की शहादत से बेखबर मासूम बच्चे घर के बाहर मिट्टी में खेल रहे हैं। </p>
<p><strong>पिता को नहीं दी गई थी बेटे के शहादत की खबर</strong><br />बिजेंद्र के माता-पिता और पत्नी को बुधवार सुबह तक उनके शहीद होने की खबर नहीं दी गई थी। शहीद का छोटा भाई दशरथ सिंह मंगलवार शाम से ही डुमोली पंचायत भवन में अपने साथियों के साथ रुका हुआ था। गांव आने वाले लोगों को भी घर नहीं जाने दिया गया। दशरथ सिंह बुधवार सुबह 10 बजे अंतिम संस्कार की तैयारियों के लिए टेंट का सामान लेकर घर पहुंचे। इस दौरान पिता घर के पास ही खेत में काम कर रहे थे और मां और पत्नी घरेलू काम रही थीं। घर के बाहर टेंट लगा तो पिता ने बेटे दशरथ को पूछा। इस पर दशरथ खुद को रोक नहीं पाया और पिता से लिपटकर जोर-जोर से रो पड़ा बेटे के शहीद होने की जानकारी मिलते ही पिता रामजीलाल दौराता जोर-जोर से बिलखने लगे। पत्नी अंकिता और मां धौली देवी को पता चलते ही घर में कोहराम मच गया। </p>
<p><strong>शहीद अजय की पार्थिव देह सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन</strong><br />झुंझुनूं जिले के ग्राम भैंसावता कलां ग्राम के अजय सिंह की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव में पंचतत्व में विलिन हो गई। उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ सहित सेना के अधिकारियों, ग्रामीणजनों व प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र व पुष्पाजंलि अर्पित की और सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम विदाई के समय आमजन की आंख नम हो गई। शहीद की पार्थिव देह के घर पहुंचते ही पत्नी शालू कवंर बेसुध हो गई। <br />अजय सिंह के पिता ने आखिरी दर्शन करने के बाद सेना के एक जवान ने उन्हें अपनी टोपी दी तो शहीद के पिता कमल सिंह ने आर्मी कैप पहनकर बेटे को सलामी दी। भाई को तिरंगे में लिपटा देखकर अजय सिंह की बहन बेहोश हो गई।</p>
<p><strong>तिरंगा यात्रा में नारे लगाते हुए चल रहे लोग</strong><br />शहीद की तिरंगा यात्रा पहले सिंघाना से आरंभ होने वाली थी लेकिन भारी भीड़ को देख बाद में यह यात्रा ग्राम मुरादपुर से आरंभ हुई व करीब 12 किलोमीटर उनके गावं भैंसावता कलां पहुंची, जिसमें बड़ी भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। स्थान-स्थान पर शहीद पर पुष्पवर्षा कर भारत माता अमर रहे के नारे लगाए गए। शहीद अजय सिंह नरुका के पैतृक गांव के रिटायर्ड सूबेदार रण सिंह ने कहा कि शहीद अजय सिंह गांव का ही बेटा नहीं, बल्कि पूरे देश का बेटा है। उन्होंने कहा की देश के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से प्रार्थना करता हूं कि वे दुश्मन देश को सबक सिखाएं और उसे मुंह तोड़ जवाब दें।</p>
<p><strong>पार्थिव देह से लिपट गई वीरांगना</strong><br />शहीद की वीरांगना शालू कंवर जैसे ही पति की पार्थिव देह के  दर्शन किए वैसे ही वह पार्थिव देह से लिपट गई, उसने सुध-बुध खो दी और जोर-जोर से रोने लगी। इसके बाद वीरांगना को पार्थिव देह की परिक्रमा करवाई गई। इससे पूर्व शहीद अजय सिंह  की तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह के पैतृक गांव भैसावता कलां स्थित घर पहुंची व तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह घर के आंगन में रखा गया, वैसे ही घर में कोहराम मच गया। वीरांगना शालू कंवर को अंतिम दर्शन करवाए गए। वीरांगना बार-बार बेसुध हो रही थी। शहीद के पिता कमल सिंह का भी रो-रोकर बुरा हाल था। </p>
<p><strong>अजय सिंह के दादा और मामा भी शहीद हुए थे</strong><br />शहीद अजय सिंह का परिवार सेना से जुड़ा हुआ है। इनके पिता कमल सिंह भी सेना में 24 राजपूत रेजिमेंट में कार्यरत थे जो 2015 में सेवानिवृत्त हुए, जबकि चाचा कायम सिंह वर्तमान में सेना की 23 राजपूत रेजीमेंट में सिक्किम में सेवाएं दे रहे हैं। बहादुरी पर उन्हें 2022 में सेना मेडल से नवाजा गया था। अजय सिंह के दादा सुजान सिंह बीएसएफ में थे। सुजान सिंह 14 दिसंबर 2021 को शहीद हो गए थे। मामा चांदकोठी निवासी तेजपाल सिंह भी सेना में थे, वे भी 2020 में शहीद हो गए थे। अजय सिंह का छोटा भाई करणवीर सिंह बठिंडा पंजाब के एम्स में डॉक्टर है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झुंझुनूं</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jul 2024 10:08:03 +0530</pubDate>
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                <title>मणिपुर में कुकी उग्रवादियों का हमला, सीआरपीएफ कर्मी शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[ यह पांचवीं बार था जब उसी क्षेत्र से हमले किए गए और क्षेत्र की खोज के प्रयासों को कुकी महिलाओं ने रोक दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/crpf-personnel-martyred-in-manipur-attack-by-kuki-militants/article-84698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>इंफाल। मणिपुर के जिरीबाम में रविवार को संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान शहीद हो गया जबकि सीआरपीएफ का एक जवान और मणिपुर पुलिस के दो जवान घायल हो गए। पुलिस ने शहीद सीआरपीएफ जवान की पहचान अजय कुमार झा के रूप में की है। सभी घायल कर्मियों का इलाज जिरीबाम अस्पताल में किया गया। सेइजांग कुकी गांव के भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने रविवार सुबह एक बड़ा हमला शुरू कर दिया और उन्होंने तीन घंटे से अधिक समय तक मैतेई गांव और सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाया। पुलिस ने कहा कि सीआरपीएफ कर्मी के सिर पर उस समय गोली मारी गई जब वह वाहन चला रहा था। जिरीबाम के एक निवासी ने कहा, जिस सटीकता से हमले किए गए, उससे पता चलता है कि आतंकवादी अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे थे। यह पांचवीं बार था जब उसी क्षेत्र से हमले किए गए और क्षेत्र की खोज के प्रयासों को कुकी महिलाओं ने रोक दिया। संयुक्त टीम ने सीआरपीएफ और पुलिस जवानों पर हमला करने वाले उग्रवादियों की तलाश शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jul 2024 10:11:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बारूद डिपो में विस्फोट में शहीद हुए नंदू सिंह का हुआ अंतिम संस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[लेह-लद्दाख में सेना के बारूद डिपो में विस्फोट में शहीद हुए राजस्थान में झुंझुनू जिले के जवान का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/last-rites-of-nandu-singh-who-was-martyred-in-the/article-77999"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/photo-size-(9).png" alt=""></a><br /><p>झुंझुनू। लेह-लद्दाख में सेना के बारूद डिपो में विस्फोट में शहीद हुए राजस्थान में झुंझुनू जिले के जवान का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया।</p>
<p>जिले के सूरजगढ़ के रहने वाले नंदूसिंह एक साल पहले ही सेना में भर्ती हुए थे। वह सूरजगढ़ गवर्नमेंट कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष भी रहे। गत आठ मई को वह विस्फोट में घायल हो गए थे। सोमवार को चंडीगढ़ में इलाज के दौरान वह शहीद हो गए। आज सुबह उनकी पार्थिव देह उनके गांव पहुंची, तो ग्रामीणों ने उन्हें शहीद का दर्जा देने की मांग की थी। अपनी मांगों को लेकर उनके परिवार एवं ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक सीकर-लोहारू हाईवे भी जाम रखा। प्रशासन से सहमति के बाद करीब चार किलोमीटर की तिरंगा यात्रा निकाली गयी। इसके बाद उनके पैतृक गांव स्यालू कलां में उनका अंतिम संस्कार किया गया।</p>
<p>जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सुरेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि नंदू सिंह आर्मी के एम्यूनिशन डिपो में ट्रेड्समैन थे। यह पोस्ट डिफेंस सिविलियन कैटेगिरी में आती है। इस तरह के हादसों में इन्हें शहीद का दर्जा देने का प्रावधान नहीं है। इसके अलावा सर्विस से जुड़े अन्य सभी परिलाभ नंदू सिंह के परिजनों को मिलेंगे।</p>
<p>एसडीएम दयानंद ने धरने पर बैठे ग्रामीणों को आयुध डिपो से शव के साथ आये सैन्यकर्मी और जिला सैनिक कल्याण अधिकारी से बात की। उन्होंने बताया कि नंदूसिंह राजपूत को नियमानुसार विभिन्न मद से कुल लगभग 90 लाख रुपये का फंड दिया जायेगा, इसके अलावा परिजनों को पेंशन भी मिलेगी। लेह में दर्ज प्राथमिकी के बारे में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी की सेना के अधिकारियों से हुई (एजेंसी) के बाद बताया गया कि वह एक सामान्य प्रक्रिया है, प्राथमिकी नंदूसिंह के विरुद्ध नहीं है। प्रशासन से हुई (एजेंसी) के बाद ग्रामीणों ने धरना वापस ले लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झुंझुनूं</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 May 2024 18:30:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कश्मीर: आतंकी हमलों में शहीद होते सैनिक</title>
                                    <description><![CDATA[5 मई को प्रदेश के राजौरी जनपद के कांडी वन क्षेत्र में आतंकियों द्वारा किए गए विस्फोट में फिर पांच सैनिक बलिवेदी पर चढ़ गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/soldiers-martyred-in-kashmir-terrorist-attacks/article-45044"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/manoj-(630-×-400-px)-(18).jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू एवं कश्मीर का नाम रक्तभूमि कर दिया जाए तो इससे किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। कितना, आखिर भारत कितना सहन करेगा सीमा पार से प्रायोजित- परिचालित आतंक का दंश! देश कितने सैन्यकर्मियों का बलिदान देख-देख कर किंकर्तव्यविमूढ़ व संशयग्रस्त रहेगा! शुक्रवार 5 मई को प्रदेश के राजौरी जनपद के कांडी वन क्षेत्र में आतंकियों द्वारा किए गए विस्फोट में फिर पांच सैनिक बलिवेदी पर चढ़ गए। इस विस्फोट में मेजर रैंक का एक अधिकारी भी घायल हुआ है। सेना के प्रवक्ता के अनुसार, पंद्रह दिन पूर्व पुंछ में हुए आतंकी हमले में संलिप्त आतंकियों को ढूंढ़ने का अभियान तीन मई से प्रारंभ किया गया था, और इसी संबंध में हमें कांडी के जंगलों में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी, प्रात:काल साढे सात बजे सैन्य- दल ने एक गुफा में छिपे आतंकियों को घेर लिया था, लेकिन उन्हें इसकी भनक लग गई, दोनों ओर से गोली वृष्टि प्रारंभ हो गई, इसी समय आतंकियों ने सैनिक-दल जहां खड़ा था वहां उस जगह आईईडी विस्फोट कर दिया, जिसमें सेना के विशेष दल के दो कर्मियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया और मेजर सहित चार सैन्यकर्मी बुरी तरह घायल हो गए और बाद में उधमपुर के एक चिकित्सालय में चिकित्सा के दौरान घायल हुए तीन अन्य सैन्यकर्मी भी जीवित नहीं बच पाए। उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार 20 अप्रैल को भी पुंछ क्षेत्र में एक आतंकी हमला हुआ था। हमले के बाद सेना के वाहन में आग लगी और उसमें बैठे पांच सैन्यकर्मियों की वीरगति हो गई। इस हमले में एक सैनिक बुरी तरह घायल हुआ था। वीरगति प्राप्त सभी सैनिक राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट से थे और क्षेत्र में आतंकरोधी अभियानों के लिए तैनात थे।</p>
<p>सीमा पार से चल रहे आतंक ही नहीं, बल्कि देश के भीतर माओवादियों-नक्सलियों के आतंक में भी सैनिक बलिदान हो रहे हैं। बुधवार 26 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जनपद में बारूदी सुरंग के विस्फोट में जिला रिजर्व गार्ड के 11 सैनिक बलिवेदी पर चढ़ गए। इस तरह गत पंद्रह दिनों में एक के बाद एक हुए तीन आतंकी हमलों में भारत ने अपने 21 सैनिकों के जीवन गंवा दिए हैं। यह स्थिति भयावह है। भारत को यह कदापि स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। हमें इस दंश से पूर्ण मुक्ति के लिए कुछ अप्रत्याशित और नवीन कदम उठाने ही होंगे। पांच मई को राजौरी में हुआ आतंकी हमला तो भारतीय राष्ट्रीय दृष्टि में तब अधिक अस्वीकार्य होना चाहिए जब हमले के ही दिन गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का सम्मलेन भी चल रहा था और पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी मंच पर खड़े होकर आतंक के विरुद्ध सामूहिक दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दे रहे थे। इतना ही नहीं, सम्मेलन से इतर भुट्टो पर तीखा हमला करते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तो उन्हें आतंकवाद उद्योग का प्रवर्तक, आतंक को उचित ठहराने वाला और उसका एक प्रवक्ता बता दिया। जहां बिलावल ने आतंकवाद से निपटने का वक्तव्य दिया, वहां जयशंकर ने प्रत्युत्तर दिया कि इस विषय पर तो पाकिस्तान की विश्वसनीयता उसके विदेशी मुद्रा भंडार से भी तेज गति से गिर रही है।</p>
<p>सीमा पार से चलाए जा रहे अथवा देश के भीतर पसरे हुए आतंक से निपटने और उसके पूर्ण उन्मूलन के लिए केवल कोरे संकल्प लिए जा रहे हैं, केवल बातें की जा रही हैं। देश की प्रतिष्ठा, पद और सम्मान विश्व में बढ़ा है तो आतंक उन्मूलन के लिए इसका सदुपयोग किया जाना चाहिए। अर्थव्यवस्था की दृष्टि से देखें तो भारत की स्थिति संतुलित प्रतीत होती है। वैश्विक राजनीति में भारतीय नेतृत्व का दबदबा कायम है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय कूटनीतियों में भी हमारी भागीदारी प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित हो रही है। अपने अनुकूल बने ऐसे वैश्विक वातावरण में भी यदि भारत, आतंक पर अंतिम और निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम नहीं है, तो इसका क्या कारण है?</p>
<p>केंद्र सरकार को इस बारे में गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए। विश्व में हमारे देश की प्रतिष्ठा ऊंची है। आज हम चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। अमेरिका, चीन और जापान के बाद हमारा क्रम है। यह साधारण उपलब्धि नहीं है। चाहे तो भारत इसका बड़ा लाभ उठा सकता है। सीमा पार से चलाए जा रहे आतंक में पाकिस्तान का हाथ है, यह जानते हुए भी और इस समय पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति बहुत ज्यादा खराब है, इसकी जानकारी होते हुए भी, यदि भारत उसे नहीं घेर पा रहा और उसे आतंक का पोषण करने से नहीं रोक पा रहा, तो कुछ न कुछ कोई न कोई कमी भारत की भी होगी ही। केंद्र सरकार को इसी बिंदु पर ठहर कर आतंक उन्मूलन की रणनीति पर नवदृष्टि जगानी होगी। जिस समय विश्व के उत्तरदायी राष्ट्र और उनका नेतृत्व, जलवायु विकृतियों के कारणों की वैज्ञानिक पड़ताल करते हुए विश्व को जलवायु के संकटों से बचाने की दिशा में काम कर रहे हैं, उस समयावधि में सार्वभौमिक कल्याण के दायित्व भाव से संचित भारत को अपनी भारतीय-राष्ट्रीय शक्ति व ऊर्जा का क्षय आतंकवाद की रोकथाम के लिए करना पड़ रहा है।  </p>
<p><strong>-विकेश कुमार बडोला</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 May 2023 10:41:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के विस्फोट कर वाहन उड़ाने से चालक समेत 11 जवान शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के घुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में गश्त से लौट रहे जवानों के वाहनों को विस्फोट से उड़ाने से सुरक्षा बलों के 11 जवान शहीद हो गए,जबकि कुछ जवान घायल भी हुए है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-chhattisgarh-11-soldiers-including-the-driver-were-martyred-when/article-43924"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manoj-(630-×-400-px)-(630-×-400-px)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के घुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में गश्त से लौट रहे जवानों के वाहनों को विस्फोट से उड़ाने से सुरक्षा बलों के 11 जवान शहीद हो गए,जबकि कुछ जवान घायल भी हुए है।</p>
<p>पुलिस से मिली जानकारी के अऩुसार जिले के अरनपुर क्षेत्र में गश्त से लौट रहे सुरक्षा बलों के जवान आज दोपहर लौट रहे थे कि उनके वाहन को नक्सलियों ने आई ब्लास्ट कर उड़ा दिया जिससे वाहन के चालक समेत 11 जवान मौके पर ही शहीद हो गए। कुछ जवानों के घायल होने की भी सूचना है।</p>
<p>घटना की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों को एम्बुलेंस के साथ घटनास्थल की ओर रवाना कर दिया गया है। घटनास्थल जिला मुख्यालय से लगभग 50 किमी दूर घटना जंगली क्षेत्र बताया गया है। राज्य में लम्बे समय बाद नक्सलियों के हमले में इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों के जवान शहीद हुए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Apr 2023 16:02:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास खाई में गिरने से 3 सैनिक शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[सेना ने कहा कि अग्रिम इलाके में एक नियमित परिचालन के दौरान रास्ते पर बर्फ गिरी होने से एक जेसीओ और दो ओआर (अन्य रैंक) का एक दल गहरी खाई में गिर गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/3-soldiers-martyred-to-falling-into-a-ditch/article-34667"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/w-1-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू। कश्मीर में कुपवाड़ा के माछिल सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास खाई में गिरने से एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) सहित 3 सैनिक शहीद हो गए है। सेना ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह हादसा नियमित परिचालन कार्य के दौरान अग्रिम इलाके में हुआ।</p>
<p>सेना ने कहा कि अग्रिम इलाके में एक नियमित परिचालन के दौरान रास्ते पर बर्फ गिरी होने से एक जेसीओ और दो ओआर (अन्य रैंक) का एक दल गहरी खाई में गिर गया। तीनों के शव निकाल लिए गए हैं। माछिल सेक्टर में पिछले दो माह में यह दूसरा हादसा है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Jan 2023 12:38:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमरनाथ यात्रा में अपनी ड्यूटी समाप्त होने के बाद लौट रही सेना की बस नाले में गिरी: भारत तिब्बत सीमा पुलिस के 7 जवान शहीद, कई घायल</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में अनंतनाग जिले के चंदनवाड़ी में मंगलवार को एक वाहन सड़क से फिसल कर नाले में गिर गया, जिससे भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के छह जवानों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गये ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/army-bus-returning-after-completing-its-duty-in-amarnath-yatra-fell-into-a-drain-7-indo-tibetan-border-police-personnel-martyred--many-injured/article-19224"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/q-34.jpg" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में अनंतनाग जिले के चंदनवाड़ी में मंगलवार को एक वाहन सड़क से फिसल कर नाले में गिर गया, जिससे भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के छह जवानों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गये ।</p>
<p>अधिकारियों ने यहां बताया कि बारिश की वजह से सड़क पर फिसलन थी। इस बीच चालक  ने  नियंत्रण खो दिया और  वाहन नाले  में जा गिरा। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में घायल जवानों को सेना के अस्पताल श्रीनगर ले जाया गया। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के समय वाहन में कम से कम 35 सुरक्षाकर्मी सवार थे। ये लोग वार्षिक अमरनाथ यात्रा में अपनी ड्यूटी समाप्त होने के बाद लौट रहे थे। नागरिक प्रशासन और सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल के पास व्यापक  बचाव अभियान शुरू किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Aug 2022 16:00:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>वतनार मुठभेड़ में सैनिक शहीद, आतंकवादी भागे</title>
                                    <description><![CDATA[आतंकवादियों ने बलों पर भारी मात्रा में गोलियां चलाईं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/soldiers-martyred-in-watnar-encounter--terrorists-flee/article-8061"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/terrorist-.jpg" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। सेना ने रविवार को कहा कि दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के गांव वतनार में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया जबकि आतंकवादी मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।</p>
<p><br />रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस से शनिवार को गांव वतनार के सामान्य क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में प्राप्त खुफिया सूचना के आधार पर, भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 16 अप्रैल को लगभग 15.15 बजे श्रीनगर स्थित रक्षा क्षेत्र की घेराबंदी तथा तलाश अभियान शुरु किया। जब प्रारंभिक घेरा गांव वतनार में किया जा रहा था, आतंकवादियों ने बलों पर भारी मात्रा में गोलियां चलाईं। अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना, लांस नायक निशान सिंह, जो आतंकवादियों पर आरोपित प्रारंभिक घेरा पार्टी का हिस्सा था, ने गोली चला दी और मुठभेड़ में उसके सीने पर बंदूक की गोली का घाव हो गया। घायल सैनिक सिंह को तुरंत 92 बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें चिकित्सा अधिकारियों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के तुरंत बाद, अतिरिक्त बलों को क्षेत्र में भेजा गया। शनिवार और रविवार की सुबह संयुक्त बलों ने मुठभेड़ स्थल के आसपास के एक बड़े इलाके की तलाशी भी ली। <br /><br /><br /><br /><br />निशान सिंह (29) वर्ष 2013 में सेना में शामिल हुए थे। वह हरियाणा के गांव-भौदीन, जिला-सिरसा के रहने वाले थे और उनके परिवार में उनकी पत्नी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Apr 2022 12:28:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>जयपुर का लाल मेजर यादव हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर में गुरेज सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना के चीता हेलिकॉप्टर के शुक्रवार को दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से सेना की विमानन कोर का एक पायलट मेजर संकल्प यादव शहीद हो गए और एक अन्य घायल हो गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/major-sankalp-yadav-of-jaipur-martyred-in-helicopter-crash/article-5997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/yadav02.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में गुरेज सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना के चीता हेलिकॉप्टर के शुक्रवार को दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से सेना की विमानन कोर का एक पायलट मेजर संकल्प यादव शहीद हो गए और एक अन्य घायल हो गया। मेजर यादव जयपुर के रहने वाले थे।  श्रीनगर स्थित रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सेना का एक चीता हेलिकॉप्टर दोपहर बांदीपोरा जिले में गुरेज के बरौब इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलिकॉप्टर एक बीमार सैनिक को एक अग्रिम चौकी से निकालने के लिए नियमित मिशन पर था। हेलिकॉप्टर का गुजरान, बरौब में अग्रिम चौकी से संपर्क टूट गया। भारतीय सेना द्वारा तुरंत खोज और बचाव हेलिकॉप्टरों के साथ पैदल तलाशी अभियान शुरू किया गया। दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर का मलबा बर्फ से ढके गुजरान नाला इलाके में मिला। उन्होंने कहा कि पायलट और हेलिकॉप्टर के सह-पायलट दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत सुरक्षित निकाल लिया गया। 29 वर्षीय मेजर संकल्प यादव, सह-पायलट ने सेना के 92 बेस अस्पताल में दम तोड़ दिया। राजस्थान के जयपुर निवासी मेजर यादव को 2015 में कमीशन दिया गया था। उनके परिवार में उनके पिता हैं।<br /><br /><strong>घायल पायलट की हालत गंभीर</strong><br />उन्होंने कहा कि घायल पायलट की हालत गंभीर है, लेकिन उसकी हालत स्थिर है और फिलहाल वह 92 बेस अस्पताल में आईसीयू में है। हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से जुड़ी घटनाओं का पता लगाया जा रहा है। देश में पिछले पांच सालों में कई चीता हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। चीता हेलिकॉप्टरों का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा किया जाता है। <br /><br /><strong>2015 में ज्वाइन की थी आर्मी</strong><br />जयपुर के सिविल लाइन्स में हवा सड़क स्थित नंदपुरी एक्सटेंशन निवासी मेजर संकल्प यादव का जन्म 29 मार्च, 1993 में हुआ था। 13 जून, 2015 को उन्होंने सर्विस ज्वाइन की थी। यादव की स्कूली शिक्षा जयपुर में 10वीं कक्षा महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय एवं 12वीं की पढ़ाई कपिल ज्ञानपीठ में एवं ग्रेजुएशन वीएससी कम्प्यूटर साइंस में जेएनयू दिल्ली से की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Mar 2022 11:11:04 +0530</pubDate>
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