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                <title>Cancer Research - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Cancer Research RSS Feed</description>
                
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                <title>चीनी वैज्ञानिकों ने विकसित किया ‘मॉलिक्यूलर ब्रिज’, रक्त कैंसर उपचार में मिलेगी बड़ी सफलता</title>
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                        <![CDATA[चीनी वैज्ञानिकों ने ल्यूकेमिया के इलाज में क्रांतिकारी सफलता पाई है। उन्होंने एक 'मॉलिक्यूलर ब्रिज' (Face) विकसित किया है, जो छिपी हुई कैंसर कोशिकाओं को पकड़कर नष्ट कर देता है। प्रयोगशाला परीक्षणों में इस तकनीक ने 100% सफलता दर दिखाई है। यह सरल और किफायती पद्धति उन मरीजों के लिए नई उम्मीद है जिन पर पारंपरिक थेरेपी बेअसर रही।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinese-scientists-developed-molecular-bridge-will-be-a-big-success/article-146056"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cancer.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीनी वैज्ञानिकों ने ल्यूकेमिया (रक्त कैंसर) के उपचार की दिशा में एक क्रांतिकारी सफलता हासिल की है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा मॉलिक्यूलर ब्रिज (आणविक सेतु) बनाया है, जो कैंसर कोशिकाओं के छिपने की स्थिति में भी उन्हें नष्ट करने में सक्षम है। प्रतिष्ठित जर्नल सेल के नवीनतम अंक में प्रकाशित यह शोध भविष्य में कैंसर उपचार की प्रभावशीलता को कई गुना बढ़ा सकता है। चीनी विज्ञान अकादमी के इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोसेस इंजीनियरिंग की शोध टीम ने पारंपरिक सीएआर-टी सेल थेरेपी में सुधार करते हुए एक नया हेल्पर मॉलिक्यूल विकसित किया है, जिसे फेस नाम दिया गया है।</p>
<p><strong>एक मजबूत गोंद या पुल की तरह का जोड़ </strong></p>
<p>सामान्यत: सीएआर-टी सेल थेरेपी में मरीज की टी-कोशिकाओं (इम्यून सेल्स) को लैब में संशोधित कर कैंसर से लड़ने के लिए तैयार किया जाता है। हालांकि, कई मामलों में कैंसर कोशिकाएं अपनी सतह से उन निशानों  (मार्करों) को हटा देती हैं जिन्हें टी-कोशिकाएं पहचानती हैं। इससे कैंसर कोशिकाएं अदृश्य हो जाती हैं और उपचार विफल हो जाता है। प्रमुख शोधकर्ता वेई वेई के अनुसार, उनकी टीम ने पाया कि ल्यूकेमिया और इम्यून कोशिकाओं, दोनों की सतह पर सीडी71 नामक प्रोटीन बड़ी मात्रा में होता है। </p>
<p>उन्होंने फेर्रिटिन से फेस मॉलिक्यूल तैयार किया जो दोनों कोशिकाओं को आपस में एक मजबूत गोंद या पुल की तरह जोड़ देता है। इससे टी-कोशिकाएं छिपी हुई कैंसर कोशिकाओं को भी पकड़कर नष्ट कर देती हैं। प्रयोगशाला में चूहों पर किए गए परीक्षणों के दौरान इस नई तकनीक के चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। जहाँ मानक सीएआर-टी थेरेपी विफल रही, वहीं ‘फेस-सीएआर-टी’ कोशिकाओं ने ल्यूकेमिया कोशिकाओं को ढूंढकर खत्म कर दिया, जिससे जीवित रहने की दर 100 प्रतिशत रही। </p>
<p>वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पद्धति सरल है क्योंकि इसमें शरीर में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले प्रोटीन का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी लागत और जटिलता भी कम होगी। यह तकनीक उन मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है जिन पर मौजूदा ल्यूकेमिया उपचार का असर होना बंद हो गया है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 11:50:46 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>एसएमएस को विश्वस्तरीय संस्थान बनाने के लिए मुख्य सचिव ने किया वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ संवाद, चिकित्सकों से मांगे सुझाव, कई बिंदुओं पर सहमति भी बनी, एसएमएस मेडिकल कॉलेज में हुआ कार्यक्रम</title>
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                        <![CDATA[मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने हेतु संवाद किया। सरकार कैंसर और स्त्री रोग विभागों को विश्वस्तरीय संस्थानों के साथ एमओयू कर अत्याधुनिक बनाएगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/to-make-sms-a-world-class-institute-the-chief-secretary/article-143225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(4)12.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ संवाद  किया। इस अवसर पर चिकित्सा विभाग की प्रिंसिपल सेक्रेट्री गायत्री राठौड़, चिकित्सा विभाग के कमिश्नर नरेश गोयल और सवाई मानसिंह चिकित्सालय के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को बेहतरीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है। इस संदर्भ में वर्तमान बजट में चिकित्सा व्यवस्थाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। </p>
<p><strong>इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा</strong></p>
<ul>
<li>मरीजों को चिकित्सालयों में सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने और उपचार में लगने वाले समय को कम करने पर विस्तृत चर्चा की गई।  </li>
<li>मरीजों में रोगों के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए महाविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा नियमित रूप से जन-शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किए जाने का भी निर्णय लिया गया।</li>
<li>दीर्घकालीन बीमारियों के उपचार की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने के लिए को-होर्ट स्टडी प्रारंभ करने पर विचार किया गया, जिससे की रोगों की जटिलताओं को कम करने और तथ्य आधारित स्वास्थ्य नीति निर्धारण में सहायता मिल सके। इसलिए कोहोर्ट स्टडी के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया।</li>
<li>एसएमएस मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा एवं सेवाओं की गुणवत्ता को विश्व स्तरीय बनाने के लिए नवीनतम तकनीकों एवं उपचार पद्धतियों को अपनाने और उच्च स्तरीय अनुसंधान को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।</li>
<li>इसके लिए देश-विदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के साथ सहयोग एवं समन्वय स्थापित करने के लिए एमओयू किया जाएगा। इसमें विशेष रूप से स्त्री रोग विभाग एवं कैंसर विभाग को विश्वस्तरीय विद्यालयों के सहयोग से अत्याधुनिक बनाने के लिए विशेष जोर दिया जाएगा।</li>
</ul>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 12:25:08 +0530</pubDate>
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